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Dharmendra Kumar NigamDharmendra Kumar NigamFollow19 Jul 2024, 01:06 pm
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खूँटी के राजमार्ग पर हाथियों का सड़क पर विचरण, यातायात थमता जीवन बाधित

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - हाथियों का सड़क पर विचरण से प्रतिदिन थम जाता है पहिया , ग्रामीणों को आवागमन में दहशत । एंकर - खूँटी में जंगली हाथियों से भर के कारण प्रतिदिन राजकीय राजमार्ग 03 पर वाहनों का चक्का अक्सर थम जाता है। साथ चाहे सड़क पर हो या सड़क के किनारे । जंगली हाथी के भय से तोरपा थाना क्षेत्र के कुल्डा जंगल जंगली हाथियों का आशियाना बना हुआ है। हाथी जंगल के बीच से बने सड़क पर दिन में चार पांच बार सड़क पर ही विचरण करते नजर आते हैं। बताया जाता है कि जंगल में सतह हाथी और एक हथिनी है। हथिनी एक बच्चे को जन्म दी है । जिसके इर्द-गिर्द सारे हाथी रहते हैं। लेकिन एक या दो हाथी सड़क पर रहता है। जंगल के बीच राजमार्ग 03 पर अलग अलग हाथी सड़क पर बारी बारी से आते हैं। ऐसा लगता है मानो हथिनी और उसके बच्चे की सुरक्षा पर कोई सेंध न मार दे। बताया जाता है कि हाथी अपने परिवार की सुरक्षा का भी ख्याल भली भांति रखते हैं। जिस कारण सड़क पर गुजरनेवाले लोगों में कोई उनके विरोधी न हो इसलिए एक हाथी जंगल के उस जगह पर रहता है जहां से मनुष्य गुजरते हैं। बताया जाता है कि जंगल में बसनेवाले गज समूह को ग्रामीण दौड़ाते हैं और परेशान करते हैं। ऐसे में हाथी भी अपना परिवार की सुरक्षा चाहता है। वहीं मुख्य मार्ग पर विचरण करते हाथी को लोग देखने पहुंच जाते हैं और अपने कैमरे में उसकी सारी करतूतों को कैद कर लेते हैं। हाथी किसी को भयभीत करने की कोशिश भी नहीं करता है। लेकिन handी जिस प्रकार सड़क पर विचरण करता रहता है भारी वाहन हो या बस या छोटी गाड़ियाँ। सारे लोग एक पल के लिए भयभीत हो जाते हैं और वाहनों को रोक देते हैं। क्योंकि हाथी का दौड़ और प्रहार से क्षेत्र के हर कोई परिचित हैं。 इससे न केवल ग्रामीणों को भय के कारण दिक्कत हो रहा है बल्कि विद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों और दूरगामी बसें व भारी वाहनों को समय से गंतव्य तक पहुंचने में भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। जहाँ आज भी एक गजराज को सड़क पर विचरण करते देख लोग भयभीत भाव से उस स्थान से गुजरे।
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उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू, मान्यता नियम समाप्त, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था से राष्ट्र-निर्माण

Dehradun, Uttarakhand:प्रिय प्रदेशवासियों, आज से "उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम" प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम एवं गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा मान्यता नियम समाप्त हो गए हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार प्रदेश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है जो आधुनिक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण, जवाबदेह और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर आधारित हो। नई व्यवस्था सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए समान एवं पारदर्शी मान्यता प्रणाली सुनिश्चित करेगी। हमारा संकल्प स्पष्ट है कि प्रदेश का नौनिहाल आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल और भारतीय जीवन मूल्यों से सशक्त होकर विकसित उत्तराखंड एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी सार्थक भूमिका निभाए। इसी लक्ष्य के साथ हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
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ऋषिकेश में चोरियों ने पुलिस की नाक कटाई, व्यापारी परेशान

Rishikesh, Uttarakhand:ऋषिकेश में लगातार हो रही चोरियों और पुलिस प्रशासन की सुस्ती स्पेशल पैकेज_ऋषिकेश में लगातार हो रही चोरियों और पुलिस प्रशासन की सुस्ती टॉप: ऋषिकेश घटना ऋषिकेश के श्यामपुर इलाके की हैं। तड़के जब पूरी दुनिया गहरी नींद में सो रही थी, तब खाकी की मुस्तैदी का दावा करने वाली ऋषिकेश पुलिस भी शायद खर्राटे ले रही थी। सुबह के ठीक 3 बजे श्यामपुर की भट्टा कॉलोनी में चोरों का एक शातिर गैंग फिल्मी स्टाइल में हिमांशु सैनी के मेडिकल स्टोर का शटर उखाड़कर अंदर दाखिल हो जाता है और गल्ले में रखी नकदी साफ कर फरार हो जाता है। सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड वीडियो में साफ देखा जा सकता है बेखौफ और शातिर चोरों का ये गैंग किस कदर बेपरवाह है। एक चोर अंदर तिजोरी खंगाल रहा है, तो दो साथी बाहर सड़क पर खड़े होकर बकायदा पहरेदारी कर रहे हैं। इन्हें कोई डर नहीं है कि कोई पुलिस की पीसीआर (PCR) वैन या गश्ती दल यहाँ से गुजरेगा। वहीं पुलिस की इस लापरवाही का नतीजा यह रहा कि सुबह जब पीड़ित दुकानदार अपनी दुकान खोलने पहुंचा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित दुकानदार घटना को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में काफी आक्रोश है, कहना है कि आए दिन चोरियां हो रही हैं। पुलिस सिर्फ आश्वासन देती है। गश्त के नाम पर सड़कों पर सन्नाटा रहता है। हम टैक्स देते हैं, लेकिन हमारी सुरक्षा भगवान भरोसे है. सवाल यह उठता है कि आखिर ऋषिकेश पुलिस कर क्या रही है? अभी महज चार दिन पहले ऋषिकेश कोतवाली की नाक के नीचे ठीक इसी अंदाज में कैलाश मेडिकल स्टोर को निशाना बनाया गया था। वहां भी तीन चोरों ने इसी तरह वारदात को अंजाम दिया था। चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुरानी चोरी का खुलासा होना तो दूर, चोरों ने पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर पुलिस को एक और नई चुनौती दे डाली है। कोतवाली के पास चोरी हो या दूरदराज के इलाकों में, हर जगह पुलिस का इंटेलिजेंस और गश्ती सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। क्या पुलिस का काम सिर्फ वारदात होने के बाद एफआईआर (FIR) दर्ज करना और सीसीटीवी फुटेज खंगालना रह गया है? चोरियों को रोकने के लिए जो नाइट पेट्रोलिंग के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वे दावों की पोल टूटे हुए शटर खुद ब खुद खोल रहे हैं। लालित मोहन मिश्र (अध्यक्ष, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ) फाइनल वी.ओ : मामले में अब पुलिस हमेशा की तरह रटा-रटाया जवाब दे रही है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और चोरों की धरपकड़ शुरू कर दी गई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि व्यापारियों के नुकसान और उनके मन में बैठे इस डर की भरपाई कौन करेगा? क्या ऋषिकेश पुलिस अपनी गहरी नींद से जागेगी या फिर व्यापारी इसी तरह भगवान भरोसे अपनी दुकानें छोड़ते रहेंगे? परमिंदर डोभाल (एसएसपी, देह्रादून)
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महाराष्ट्र TET पेपर लीक: समस्तीपुर के बिजेंद्र गुप्ता फिर चर्चा में

Samastipur, Bihar:महाराष्ट्र TET पेपर लीक में समस्तीपुर का बिजेंद्र फिर चर्चा में, कई राज्यों में छापेमारी, पटना से पत्नी गिरफ्तार ।पिता बोले- रंजीत डॉन के संपर्क में आकर बना पेपर लीक का सरगना । समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के मऊ शेरपुर गांव निवासी बिजेंद्र गुप्ता एक बार फिर चर्चा में है। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र पुलिस उसकी तलाश में लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में बिजेंद्र का नाम नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में लिया गया है। हालांकि इस दावे की जांच अभी जारी है और इसकी पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। महाराष्ट्र पुलिस इस मामले में अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के आधार पर बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में बिजेंद्र के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसी क्रम में पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र से उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया है। यह पहला मौका नहीं है जब किसी पेपर लीक मामले में बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया हो। इससे पहले बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा, बिहार टीईटी, बिहार पुलिस भर्ती, ओडिशा एसएससी, उत्तर प्रदेश एसएससी तथा नीट यूजी समेत कई चर्चित परीक्षा घोटालों की जांच में भी उसका नाम सामने आ चुका है। वर्ष 2023 में ओडिशा एसएससी पेपर लीक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और फिलहाल वह उस मामले में जमानत पर है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह कथित रूप से विभिन्न राज्यों में सक्रिय नेटवर्क से जुड़ा रहा है। जांच एजेंसियां उसके पुराने मामलों और वर्तमान नेटवर्क के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। दूसरी ओर, उसके पैतृक गांव मऊ शेरपुर में रहने वाले 85 वर्षीय पिता बालेश्वर साह ने बताया कि बिजेंद्र पिछले करीब पांच वर्षों से गांव नहीं आया है। उनकी पत्नी के निधन पर वह अंतिम बार गांव पहुंचा था। पिता का कहना है कि अंतर्जातीय विवाह के बाद उसने परिवार से दूरी बना ली थी। मैट्रिक के बाद वह पढ़ाई के लिए बेगूसराय चला गया और उसके बाद उसकी गतिविधियों की उन्हें कोई जानकारी नहीं रही। बालेश्वर साह ने बताया कि कुछ वर्ष पहले ओडिशा पुलिस उनकी तलाश में गांव पहुंची थी, लेकिन महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में अब तक किसी जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही अपनी बहू की गिरफ्तारी की जानकारी मिली। परिजनों के अनुसार बिजेंद्र बचपन से पढ़ाई में काफी तेज था। वर्ष 2003 में आगे की पढ़ाई के लिए वह बेगूसराय गया, जहां बाद में कोचिंग पढ़ाने लगा। परिवार का दावा है कि इसी दौरान उसका नाम एक हत्या के मामले में सामने आया और वह जेल भी गया। पिता का कहना है कि जेल के दौरान उसकी पहचान चर्चित सॉल्वर गैंग के रंजीत डॉन और अन्य लोगों से हुई, जिसके बाद वह कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ गया। वहीं, गांव में उसके तीनों बड़े भाई आज भी सामान्य जीवन जी रहे हैं। बड़े भाई बमबम साह मऊ बाजार में आटा चक्की और सरसों तेल पेराई का काम करते हैं। दूसरे भाई रामू साह किराना दुकान चलाते हैं, जबकि तीसरे भाई जितेंद्र साह भी आटा चक्की और तेल पेराई का व्यवसाय करते हैं। परिवार का कहना है कि वर्षों से बिजेंद्र का उनसे नियमित संपर्क नहीं है। फिलहाल महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच तेज है और विशेष जांच दल पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटा हुआ है। वही जब 2024 में पेपर लीक मामले में जब उसका नाम आया था तो उसने जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कई पेपर लीक मामले के नेटवर्क के बारे में बताया था ।जिसमें जेल में बंद विशाल चौरसिया का भी नाम लिया था जिसका नाम नीट पेपर लीक से जुदा था ।उस समय जब इंटरव्यू आया था तो पूरा हलचल मचा लेकिन फिर जांच ठंडे बस्ते में चला गया ।
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बोकारो में 9 वर्षीय अंकुर के साथ सड़क हादसा, 5 किमी घसीटा गया

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर है। शादी समारोह में आए 9 साल के मासूम अंकुर को एक पिकअप वैन के द्वारा टक्कर मारने के बाद 5 किलोमीटर तक घसीटा। बच्चा बोकारो जेनरल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। घटना देर रात की है। सबसे शर्मनाक बात ये कि हादसे के बाद पुलिस थानों के बीच परिजनों को दौड़ाती रही। हरला थाना बोला सेक्टर 4 जाओ, जबकि आरोपी इसी थाने में बैठा था। ये 9 साल का अंकुर है जो बोकारो जेनरल अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। देर रात सेक्टर 4 के जगरनाथ मंदिर मैरेज हॉल में शादी थी। राजधनवार से आए अंकुर को सड़क पार करते वक्त पिकअप वैन ने टक्कर मार दी। बच्चा गाड़ी में फंस गया। आरोप है कि ड्राइवर ने इंसानियत को ताक पर रखकर गाड़ी नहीं रोकी। अंकुर को घसीटते हुए सेक्टर 4 जगरनाथ मंदिर के पास से सेक्टर 8 सिवान मोड़ तक करीब 5 किलोमीटर तक ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने पीछा कर ड्राइवर को पकड़ा। गुस्साई भीड़ ने हरला थाना में हंगामा किया। ड्राइवर और गाड़ी पुलिस के कब्जे में है। लेकिन परिजनों का दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। जब वे हरला थाना में FIR कराने पहुंचे तो पुलिस ने कहा - घटना सेक्टर 4 की है, वहीं जाओ। जबकि आरोपी यहीं बैठा था। देर रात तक परिजन न्याय की गुहार लगाते रहे。 बाइट: -- रितेश कुमार, बच्चे के पिता बाइट: -- बच्चे के मामा, ब्लू जैकेट
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नीमकाथाना में 20 दिन से लापता भावेश की खोज जंगलों-गुफाओं में तेज

Sikar, Rajasthan:20 दिन बाद भी 5 वर्षीय भावेश का नहीं लगा कोई सुराग, जंगलों और गुफाओं में लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन। सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद गांव स्थित हिंगलाज माता मंदिर से लापता हुए 5 वर्षीय मासूम भावेश का 20 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद भावेश का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। मासूम की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग की टीमें और स्थानीय ग्रामीण दिन-रात जुटे हुए हैं। डॉग स्क्वायड की सहायता से भी विभिन्न क्षेत्रों में गहन खोजबीन की जा रही है। आज भी पूरे दिन सर्च ऑपरेशन जारी रहा और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित घने जंगलों, गुफाओं तथा दुर्गम स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई।सदर थाना अधिकारी राजеш डूडी ने बताया कि भावेश की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि घना जंगल होने के कारण सर्च अभियान में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगल में स्थित गुफाओं और दुर्गम स्थानों की लगातार तलाशी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्च ऑपरेशन का दायरा पहले 2 किलोमीटर था, जिसे बढ़ाकर अब 5 किलोमीटर कर दिया गया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। हालांकि, 20 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से क्षेत्रवासियों में चिंता लगातार बढ़ रही है।परिजन अपने मासूम के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि पूरा क्षेत्र भावेश की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहा है।
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औरैया मुठभेड़: 2 बदमाश घायल, 6 गिरफ्तार

Auraiya, Uttar Pradesh:औरैया -पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़। जवाबी कार्रवाई में 2 बदमाश घायल, 6 गिरफ्तार। चोरी के मामले में वांछित थे सभी आरोपी। थाना बिधूना, स्वाट व सर्विलांस टीम का संयुक्त एक्शन। डहरियापुर मोड़ के पास देर रात हुई मुठभेड़। घायल बदमाशों को उपचार के लिए सीएचसी बिधूना भेजा गया। घटना के संबंध में बता दें बिधूना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी के आरोप हिस्सा बटवारा के लिए डहरियापुर मोड के पास मौजूद है, जिसपर पुलिस बल ने उन्हें पकड़ने की योजना बनाकर दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही दो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई जिसमें दो चोरों के पैर में गोली लगी जिससे वह घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जबकि चार अन्य को 경찰 टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो चार पहिया वाहन,2 तमंचे और चोरी का बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। कुल मिलाकर पुलिस चोरी के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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भाणपुर गाँव में हाई वोल्टेज करंट से 8-10 लोग झुलसे, अस्पताल में भर्ती

Udaipur, Rajasthan:भाणपुर गांव में हाई वोल्टेज का कहर, करंट से 8-10 लोग झुलसे सलूंबर ।सलूम्बर क्षेत्र के धारोद के निकट भाणपुर गांव में मंगलवार रात अचानक घरों में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित होने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में घरों में मौजूद 8 से 10 लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए सलूम्बर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि सूचना देने के बावजूद संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। घटना को लेकर क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी
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20 वर्ष के विवाद का समाधान: पांचना बांध से लिफ्ट सिंचाई शुरू

Jaipur, Rajasthan:पांचना बांध जल विवाद का 20 वर्ष बाद हुआ समाधान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर दोनों पक्षों में बनी सहमति, लिखित समझौता संपन्न मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर दोनों पक्षों में 20 वर्ष पुराने विवाद का आज समाधान हो गया। जयपुर के शिक्षा संकुल में हुई समझौता वार्ता के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की उपस्थिति में लिखित समझौता संपन्न हुआ। सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा करते हुए जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सहमति बनाई। 2100 एमसीएफटी क्षमता का बांध, 10 हजार हेक्टेयर में होती है सिंचाई गौरतलब है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के पांचना बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, किंतु वर्ष 2006 के बाद से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह नहीं हो रहा था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए, तभी नहरों में जल प्रवाह की अनुमति दी जाए। 20 वर्ष से चली आ रही इस मांग को पूरा करने के लिए अब तक कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए थे। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा से बदली तस्वीर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम के माध्यम से पानी दिए जाने की घोषणा की थी। इस बजट घोषणा से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। इसके बाद नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया, जो अब पूरा होने की ओर है। आज की चर्चा के दौरान इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित किए जाने के क्रम में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत द्वारा आश्वासन दिया गया। तैय होगी पानी छोड़ने की तारीख, जल्द शुरू होगी टेस्टिंग प्रेस वार्ता के दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक सोच के चलते दोनों पक्षों में संवाद के बाद सहमति बनी। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगें मान ली हैं। साथ ही, बांध का पानी छोड़े जाने को लेकर सात दिन के भीतर विभाग तारीख तय कर लेगा। अब नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन करते हुए इसकी टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों द्वारा सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने तथा कमांड क्षेत्र के भीतर लिफ्ट योजना के माध्यम से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांग को लेकर भी शीघ्र कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया है। गृह राज्य मंत्री और मंत्री डॉ. मीणा ने भी जताया आभार माननीय गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से नहरों में जल प्रवाह शीघ्र प्रारम्भ किए जाने का आग्रह किया। वहीं माननीय मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने इस विवाद को सुलझाने पर माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपस्थित किसानों को आपसी सहयोग, समन्वय और सौहार्द बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।
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