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Bulandshahr203395

'वीना रतन शिक्षा द्वार' का उद्घाटन, छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति

Jul 23, 2024 04:33:41
Hazaratpur, Uttar Pradesh

बुलंदशहर के त्यौरी गांव में कंपोजिट विद्यालय में 'वीना रतन शिक्षा द्वार' का उद्घाटन हुआ। यह द्वार रतनलाल गुप्ता ने अपनी पत्नी की स्मृति में बनवाया है। खंड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार गुप्ता ने फीता काटकर द्वार का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में छात्रों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष अनिल तोमर ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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ASABHISHEK SHARMA1
Jan 22, 2026 11:37:35
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APAnand Priyadarshi
Jan 22, 2026 11:37:18
Chaibasa, Jharkhand:सारंडा के घने जंगलों से इस वक्त की एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। गुरुवार सुबह से जारी भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक करोड़ रुपए के इनामी हार्डकोर माओवादी नेता पतिराम माझी उर्फ ‘अनल दा’ को ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। पातीराम माझी उर्फ अनल दा, सारंडा जंगल में सक्रिय शीर्ष नक्सली कमांडरों में शुमार था। उसके खिलाफ पश्चिम सिंहभूम समेत कई जिलों में दर्जनों नक्सली हिंसक वारदातों को अंजाम देने के आरोप थे। वर्षों से पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए वह एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी या मुठभेड़ को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे थे। मुठभेड़ में कई नक्सली ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस मुठभेड़ में पतिराम माझी के साथ कई अन्य नक्सलियों के भी मारे जाने की सूचना है। सुरक्षाबलों द्वारा पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुठभेड़ स्थल से हथियार और नक्सली सामग्री बरामद होने की भी संभावना जताई जा रही है। ऑपरेशन पूरी तरह समाप्त होने के बाद पुलिस की ओर से आधिकारिक और विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। गिरिडीह का रहने वाला था पतिराम माझी बताया जा रहा है कि पतिराम माझी मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले का निवासी था। वह लंबे समय से सारंडा के दुर्गम इलाकों में छिपकर नक्सली गतिविधियों को संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कई बार मौका दिया था। गिरिडीह स्थित उसके पैतृक गांव में इश्तिहार चिपकाकर आत्मसमर्पण की अपील भी की गई थी, लेकिन उसने हथियार डालने से इनकार कर दिया। CRPF की रणनीति लाई रंग गौरतलब है कि दो दिन पहले ही CRPF के डीजी ने चाईबासा में उच्चस्तरीय बैठक कर सारंडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की रणनीति तैयार की थी। आशंका जताई जा रही है कि उसी रणनीति के तहत सुरक्षाबलों ने पतिराम माझी को चारों ओर से घेरकर मुठभेड़ में ढेर कर दिया। नक्सलवाद के खिलाफ “अंतिम लड़ाई” की ओर बढ़ते कदम हालांकि सारंडा और आसपास के जंगलों में अभी भी कुछ नक्सली नेता सक्रिय बताए जा रहे हैं, जो समय-समय पर हिंसक घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देते रहे हैं। लेकिन पतिराम माझी के मारे जाने से यह साफ संकेत मिल रहा है कि सुरक्षाबल अब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक और अंतिम लड़ाई की ओर बढ़ चुके हैं। सारंडा की इस मुठभेड़ को न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश में नक्सल विरोधी अभियान के लिए एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है。
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IKIsateyak Khan
Jan 22, 2026 11:36:31
Patna, Bihar:पटना- बिहटा एवं आईआईटी अमहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बालू घाट संख्या-12 और स्थानीय किसानों के बीच हुए रास्ते विवाद का मामला है। आरोप है कि जिस रास्ते को जमीन मालिकों से नियमानुसार भुगतान कर लेकर तैयार किया गया, उसी रास्ते पर अब प्रशासन ने कथित तौर पर “दबाव” में आकर अजीबो गरीब आदेश दिया है। घाट-12 के संचालकों का कहना है कि इससे न केवल उनका काम पूरी तरह बाधित हो जाएगा बल्कि टेंडर में किए गए भारी निवेश और किसानों को दिए गए मुआवजे पर भी सीधा असर पड़ सकता है हाल में हुई घटनाओं के अनुसार, रास्ते का परिचालन तकरीबन 2 महीने से शांतिपूर्वक हो रहा है जिसे जानबूझकर घाट संख्या-17A के संचालक द्वारा विवादित बनाया जा रहा है गौरतलब है कि आज तक इस रास्ते से संबंधित किसी तरह का कोई FIR संबंधित थाने में दर्ज नहीं है एवं रास्ता सुचारू रूप से परिचालन में है। जिसके बाद प्रशासन ने विधि-व्यवस्था की आशंका जताते हुए घाट संख्या-12 के उपयोगकर्ताओं को वर्तमान मार्ग को छोड़ पुराने रास्ते से आवागमन करने का लिखित निर्देश दे दिया। बालू व्यवसायियों का कहना है कि यह निर्णय न सिर्फ व्यावहारिक रूप से कठिन है, बल्कि सरकार के अपने ही नियमों की भावना के खिलाफ भी है। जैसे सरकार ने अपने गाइडलाइन में ये साफ कर दिया है कि आवाजाही संबंधित मुद्दा घाट संचालक एवं रैयत खुद समझबुझ के तय करेंगे, फिर प्रशासन के ओर से इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना आदेश क्यों? बालू घाट-12 से जुड़े संचालकों का स्पष्ट आरोप है कि जिस नए मार्ग पर वे फिलहाल आवागमन कर रहे हैं, वह मार्ग नियमों के तहत जमीन मालिकों से बातचीत कर लिया गया है। किसानों को रास्ते के एवज में समुचित धनराशि दी गई, समझौते किए गए और उसके बाद ही वहां से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। अब जब टेंडर धारकों ने टेंडर की रकम, मशीनरी, मजदूरी और रास्ते पर मिलाकर लाखों रुपये का निवेश कर दिया, तो बीच में आकर रास्ता पर दबाव में आकर इस प्रकार का आदेश पारित करना न तो न्यायसंगत है और न ही नियमानुकूल। इससे टेंडर में लगाया गया पैसा, किसानों को दिया गया पैसा और मजदूरों की रोजी-रोटी – सब पर चोट पड़ सकती है।स्थानीय किसान ने भी कहा कि “रास्ता के लिए हमको पैसा मिल रहा, हमारे एवं घाट संचालक के बीच शांतिपूर्ण तरीके से अनुबंध स्थापित है फिर इसमें प्रशासन का बे-वजह हस्तक्षेप क्यों? अब अगर रास्ते पर इस प्रकार का कोई आदेश पारित होगा तो उसमें हमारा भी तो नुकसान है। जो काम नियम से हुआ, उसे बीच में रोकना ठीक नहीं है।” दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर से यह तर्क दिया जा रहा है कि दो पक्षों के बीच तनाव और संभावित टकराव को देखते हुए यह कदम केवल ‘विधि-व्यवस्था बनाए रखने’ के लिए उठाया गया है। बालू घाट-12 से जुड़े प्रतिनिधियों ने खुलकर मांग की है कि बिहार सरकार इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में ले और अपने ही बनाए गए नियमों के अनुरूप रास्ते की वैधता पर स्पष्ट फैसला करे। उनका कहना है कि जब जमीन मालिकों से नियमानुसार सहमति और भुगतान के आधार पर रास्ता लिया गया है, तो केवल स्थानीय दबाव या झूठे विवाद के नाम पर वैध मार्ग से आवाजाही में बाधा अनिश्चितकाल के लिए उत्पन्न करना उचित नहीं है। संचालकों और किसानों की संयुक्त अपील है कि सरकार संबंधित विभागों और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर, तथ्यात्मक स्थिति की जांच कराए और नियमों के अनुसार जिस रास्ते पर वैध अधिकार स्थापित हो चुका है, उस रास्ते से इस प्रकार के अनुचित आदेश वापस लेने का आदेश दे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते इस मसले पर हस्तक्षेप कर, नियमानुकूल व्यवस्था बहाल नहीं करती, तो भविष्य में किसी भी विकास या खनन परियोजना के लिए जमीन देने को लेकर किसान और जमीन मालिक संदेह में पड़ जाएंगे, जिससे निवेश और रोजगार – दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। फ presently? अब सभी की नजरें राज्य सरकार और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। घाट-12 के प्रभावित पक्षों ने संकेत दिया है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो वे कानूनी विकल्पों का भी सहारा ले सकते हैं। वही दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि विवाद को देखते हुए सरकार के द्वारा आदेश निकल गई है जिसमें कहा गया है की क्लस्टर 17 नए रास्ते से चलेंगे और क्लस्टर 13 का रास्ता क्लस्टर 12 के पुराने रास्ते से चलेंगे इसमें यदि किसी भी प्रकार की किसी के द्वारा विवाद उत्पन्न करने की कोशिश की गई तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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AMAsheesh Maheshwari
Jan 22, 2026 11:35:59
Noida, Uttar Pradesh:बून्दी में गूंजा वंदे मातरम स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती के अवसर पर दौड़े युवा, दिया स्वदेशी और विकसित भारत का संदेश स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को बूंदी शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। युवाओं में स्वदेशी की भावना जागृत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला एवं ब्लॉक स्तर पर भव्य 'युवा दौड़' का आयोजन किया गया। शहर के पुलिस परेड ग्राउंड से शुरू हुई इस दौड़ में करीब 2000 स्कूली छात्र-छात्राओं ने कदम से कदम मिलाते हुए भाग लिया。 पुलिस परेड ग्राउंड से शुरू हुई यह दौड़ BJP जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने दौड़ (रैली) को हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने के संकल्प को दोहराया गया। वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए युवाओं को स्वावलंबी बनने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस परेड ग्राउंड से शुरू हुई यह विशाल रैली अहिंसा सर्किल, चौगान गेट और इंदिरा मार्केट होते हुए पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। इस अवसर पर 'वंदे मातरम' के सामूहिक गान का आयोजन भी किया गया।
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MGMOHIT Gomat
Jan 22, 2026 11:35:40
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RRRakesh Ranjan
Jan 22, 2026 11:35:24
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AMAbhishek Mathur
Jan 22, 2026 11:35:09
Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में प्रशासन की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. यहां आबकारी विभाग ने करीब 2.50 करोड़ रूपये की शराब और बीयर को बुलडोजर चलाकर नष्ट किया है. बताया जा रहा है कि एक्सपायरी डेट की हो चुकी शराब को आबकारी विभाग की टीम ने गढ़मुक्तेश्वर में गढढ़ा खोदकर नष्ट कर दिया. जिला आबकारी अधिकारी प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न मामलों में पकड़ी गई 6 हजार 188 पेटी बीयर और 92 केग को नष्ट किया गया है. साथ ही 31 पेटियां विदेशी शराब और 23 पेटियां कालबाधित बीयर को नष्ट किया गया है. आबकारी अधिकारी ने बताया कि करीब 250 करोड़ रूपये कीमत की यह शराब एक्सपायरी डेट की हो चुकी थी. ऐसे में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इसे नष्ट कराया गया है.
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KAKapil Agarwal
Jan 22, 2026 11:34:41
Agra, Uttar Pradesh:22 jan आगरा स्लग इनपुट आगरा के SN मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्ज़ा दिए जाने की कवायदें लगातार जारी है,मेडिकल कॉलेज में 200 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंगों के साथ आधुनिक मशीनें लगाई जा रही है,इसी बीच कांग्रेस जिला अध्यक्ष राम नाथ सिकरवार ने मेडिकल कॉलेज की एक बिल्डिंग का वीडियो वायरल कर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है रिपोटर कपिल अग्रवाल लोकेशन आगरा रामनाथ सिकरवार ने बिल्डिंग के नीचे खड़े हो वीडियो बनाते हुए बिल्डिंग में आई दरारें दिखाते हुए इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और लोहे की छड़ दरारों में डालकर दरार की गहराई भी दिखाई जैसे ही वीडियो वायरल हुआ मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी हरकत में आ गया,मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बिल्डिंग में आई दरारों को मरम्मत कर दुरुस्त कराया,कॉलेज के डींग डॉक्टर प्रशांत गुप्ता का कहना था कि इस तरह की बिल्डिंग में डक्ट बनाई जाती है उसी में दरारें आई थी जिन्हें सही कर दिया गया है,कई बार निर्माण के एक दो सालों में इस तरह की दरारें आना स्वाभाविक है बाइट डॉ प्रशांत गुप्ता/डींग SN मेडिकल कॉलेज मामले पर भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध্যाय का कहना था कि उन्होंने लगातार प्रयास कर मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा दिलाए जाने के प्रयास किए ,कॉलेज की सूरत और सीरत बदलने के लिए लगातार प्रयास किए,भ्रष्टाचार का आरोप सरासर गलत है कुछ कारणों से दरारें आ जाती है,फिर भी इस मामले में शिकायत मिलने पर न सिर्फ जांच होगी और दोषियों पर कार्यवाही होगी बल्कि इस मामले में वो मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे बाइट योगेन्द्र उपाध्याय/केबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामनाथ सिकरवार का कहना था कि ये सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के बंदरबांट का न.का है,इसमें सिर्फ अधिकारी और ठेकेदार ही नहीं कुछ नेता भी शामिल है बाइट रामनाथ सिकरवार/कांग्रेस जिलाध्यक्ष इस मामले में भाजपा MLC विजय शिवहरे का भी कहना था कि मोदी योगी सरकार में भ्रष्टाचार कदापि नहीं हो सकता,अगर किसी ने भ्रष्टाचार किया है और दोषी पाया गया तो उसका सलाखों के पीछे जाना तय है बाइट विजय शिवहरे/भाजपा MLC मरम्मत के बाद स्थिति दिखाते हुए वॉक थ्रू
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PJPrashant Jha2
Jan 22, 2026 11:34:23
Patna, Bihar:बिहार में सरस्वती पूजा के आयोजन और जुलूस निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का मत मुख्य रूप से शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बिहार पुलिस अधिनियम के दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 107 कहें या भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 के तहत) और स्थानीय पुलिस और प्रशासन के आदेशों पर आधारित है। इस आदेश के मुताबिक पूजा करने वालों को थाना से अनुमति, समय-सीमा का पालन, डीजे और आपत्तिजनक गानों पर प्रतिबंध शामिल हैं। प्रशासन से बिना लाइसेंस लिए कोई भी पंडाल में मूर्ति नही बिठा सकता कर न ही विसर्जन या जुलूस बिना संबंधित थाने के लाइसेंस के बिना नहीं निकाल सकता है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन शांति समिति की बैठकें आयोजित करते हैं, और पूजा आयोजकों को नियमों की जानकारी दी जाती है। पूजा समितियों को लाइसेंस के लिए निर्धारित समय-सीमा में रजिस्ट्रेशन कराना और सदस्यों की सूची प्रशासन को सौंपना होता है। बिना लाइसेंस पूजा का आयोजन करने पर शांति भंग करने के आरोपो पर CrPC की धारा 107 या BNS की धारा 126 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। पूजा के लिए लाइसेंस लेने का आदेश हाल ही में चर्चा में आया है। हालांकि सरस्वती पूजा जैसी सामान्य आयोजनों के लिए थाने से अनुमति लेना एक नया और विवादित पहलू है जो police-प्रशासन के व्याख्या पर आधारित है, जिसे कुछ अधिकारी कानून-व्यवस्था का हवाला देकर लागू करने लगे हैं। बिहार के कुछ जिलों में पुलिस थानों ने सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों के लिए भी थाना स्तर पर निगरानी और अनुमति (लाइसेंस) की प्रक्रिया शुरू की है, खासकर मूर्ति स्थापना के लिए. यह 'लाइसेंस' किसी नए सरकारी आदेश के बजाय, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा 1950 के पुराने अधिनियम की व्याख्या और उसके तहत की जा रही कार्रवाई है. यह व्यवस्था पहले इतनी सख्त नहीं थी, लेकिन अब कुछ पुलिस अधिकारी इसे लागू कर रहे हैं, जिससे विवाद खड़ा हो गया है. बिहार में सरस्वती पूजा के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता हाल ही में 2026 के लिए चर्चा में है। पटना सहित दूसरे जिलों में, जहाँ पूजा समितियों को प्रतिमा स्थापना से पहले लाइसेंस लेना होता है वहां DJ पर रोक और अश्लील गानों पर कार्रवाई के नाम पर धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ है। 2025 में भी इसी तरह के आदेश दिए गए थे जो 2026 में और भी सख्त कर दिये गए। 2026 में सरस्वती पूजा (23 जनवरी) से पहले, जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को लाइसेंस लेने, डीजे न बजाने और अश्लील गानों न चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं, जो कि एक सतत प्रक्रिया है। यह नियम किसी एक साल से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे लागू हुआ है और हर साल पूजा से पहले इसकी समीक्षा और सख्ती होती है। अब आपको दिखाते हैं कि लोग इस लाइसेंस को लेकर क्या कहते हैं। यह पटना का बेली रोड है और सड़क के किनारे रखी सैकड़ों मूर्तियां खरीददार का इंतज़ार कर रही है। बिहार और खासकरके पटना में सरस्वती पूजा की धूम इसबार होती कि पहले ही प्रशासन ने लाइसेंस प्रकिया की घोषणा कर दिया। अब लोग पूछ रहे हैं कि इस पूजा के लिए लाइसेंस क्यों अनुमति क्यों नही。
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AMAsheesh Maheshwari
Jan 22, 2026 11:33:53
Noida, Uttar Pradesh:
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MKManitosh Kumar
Jan 22, 2026 11:33:27
Muzaffarpur, Bihar:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर पहुँचेंगे. मुख्यमंत्री मुजफ्फरपुर के अहियापुर बखरी में हेलीपेड पर उतरेंगे और वहां चल रहे विकासात्मक कार्यों का निरीक्षण करेंगे. इसके बाद बाजार समिति पहुँचकर जिले को 850 करोड़ से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यरम्भ करेंगे, वहीं बाजार समिति के भवन का भी उद्घाटन करेंगे. जीविका दीदियों के स्टॉल का निरीक्षण भी करेंगे. फिर बाजार समिति में जनसंवाद करेंगे, जिसकी तैयारी अंतिम रूप दी जा रही है. जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा के लिए तैयारी पूरी है और कल जिले को बड़ी सौगात मुख्यमंत्री देंगे. सुरक्षा के लिए भी सभी व्यवस्था कर दी गई है.
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