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Basti - अजगर निकलने से मचा हड़कंप
Kalyanpur, Uttar Pradesh:लालगंज थाना क्षेत्र के बैसिया ग्राम पंचायत के जमालपुर में अजगर निकलने से हड़कंप मच गया. थोड़ी ही देर में अजगर देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. अजगर की लंबाई लगभग 7 से 8 फीट आंकी जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि जब धूप निकलती है अक्सर अजगर अपने मांद से बाहर निकल कर धूप सेंकते है. ग्रामीणों के हंगामा करने से अजगर अपने मांद में वापस चला गया।
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अब्दुल के मिशिगन जीत के बाद यूपी में पहचान मजबूत करने की तैयारी: सियासी जंग तेज
Noida, Uttar Pradesh:Asaduddin Owaisi asadowaisi एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मज़बूत करनी होगी। संघियों ने “अब्दुल” को एक तंज़ में बदलने की बहुत कोशिश की है। वक़्त आ गया है कि हम दिखाएँ कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की ग़ुलामी नहीं करता। अब दरी नहीं बिछाएँगे।0
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भिवाड़ी की हवा जहरीली, प्रदूषण रोकथाम के लिए ठोस योजना चाहिए
Bagheri Kalan, Rajasthan:दिल्ली गुरुग्राम से सटी राजस्थान की औद्योगिक नगरी भिवाड़ी जहाँ औद्योगिक विकास की रफ्तार लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसी विकास के बीच इन दिनों आबोहवा पर संकट गहराता जा रहा है। पंजाब में पराली जलने से उठता धुआं हो या भिवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण, दोनों ही प्रदूषण की चुनौती को और गंभीर बना रहे हैं। सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ रही है। भिवाड़ी में औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं भारी वाहनों की आवाजाही, सड़कों पर उड़ती धूल और निर्माण गतिविधियां वायु प्रदूषण के प्रमुख संभावित स्रोत हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर भिवाड़ी की हवा को जहरीला बनाने में किसकी कितनी भूमिका है। भिवाड़ी की पहचान राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में होती है। यहां हजारों औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जो रोजगार और आर्थिक विकास में अहम योगदान देती हैं। लेकिन औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। RIICO के औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, सड़कों पर धूल नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण मंडल की है। डॉक्टर की माने तो प्रदूषण का सबसे बड़ा असर आमजन की सेहत पर पड़ता है जिसमें खासकर अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए प्रदूषित हवा परेशानी बढ़ा सकती है। बच्चे बुजुर्ग और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक भी प्रदूषण के जोखिम के दायरे में हैं। आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से हो सकती हैं। ऐसे में अस्पतालों में सांस के मरीजों के आंकड़ो में बढ़ोतरी हो रही है। अब सवाल RIICO, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी का है, क्या औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण हो रहे हैं, क्या प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है, क्या भिवाड़ी की आबोहवा सुधारने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना जमीन पर दिखाई दे रही है।0
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करौली की कुटेमा गजक: मुंह में घुलने वाली देसी मिठास, विदेशों में भी दीवानगी
Karauli, Rajasthan:मुंह में رکھتے ही घुल जाती है करौली की कुटेमा गजक, स्वाद ऐसा कि सात समंदर पार तक है दीवानगी, जिला करौली आशीष चतुर्वेदी एंकर इंट्रो - सर्दियों के अहसास के साथ ही बाजारों में गजक की मिठास घुलने लगी है लेकिन राजस्थान के करौली की एक खास गजक ऐसी है, जिसका स्वाद सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। खास बात यह है कि यह गजक मुंह में रखते ही घुल जाती है। 100 साल से ज्यादा पुरानी पुश्तैनी कारीगरी और स्वाद का ऐसा मेल है कि पाकिस्तान से लेकर ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अरब देशों तक इसकी मांग है। वीओ-1 सर्दियों का मौसम... ठंडी हवाएं... और साथ में गुड़-तिल से बनी खस्ता गजक का स्वाद। आमतौर पर गजक का नाम आते ही कुछ जगहों की पहचान सामने आती है, लेकिन राजस्थान के करौली की कुटेमा गजक भी अपने खास स्वाद के दम पर अलग पहचान बना चुकी है। यहां की गजक की सबसे बड़ी खासियत है इसकी मुलायम और भुरभुरी बनावट मुंह में रखते ही यह घुलने लगती है। यही वजह है कि इस देसी मिठास के दीवाने सात समंदर पार तक मौजूद हैं। वीओ-2 करौली के बड़े बाजार में स्थित मौला गजक भंडार इस पारंपरिक स्वाद की पहचान बना हुआ है। बताया जाता है कि यहां गजक बनाने की परंपरा 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही कारीगरी और खास तरीके से तैयार की जाने वाली कुटेमा गजक ने इसे आम गजक से अलग पहचान दी है। यहां इस्तेमाल होने वाले बेहतरीन तिल, गुड़ और पुश्तैनी नुस्खे का मेल ही इसके खास स्वाद की वजह माना जाता है। बाइट – पप्पू भाई, संचालक मौला गजक भंडार(आसमानी शर्ट) वीओ-3 करौली की इस गजक का स्वाद अब शहर की सीमाओं में कैद नहीं है। जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, लंदन, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान तक इसकी मांग बताई जाती है। विदेशों में रहने वाले लोग भी सर्दियों का मौसम शुरू होते ही अपने घरों से इस गजक की फरमाइश करने लगते हैं। इतना ही नहीं, यहां शुगर फ्री गजक भी तैयार की जाती है, ताकि स्वाद के शौकीनों को एक और विकल्प मिल सके。 बाइट - राजू , गजक कारीगर( ब्लू चेक शर्ट) बाइट –प्रदीप, ग्राहक( ब्लू टीशर्ट) वीओ-4 इस पारंपरिक कारोबार की खास बात यह भी है कि करौली में करीब 35 से 40 परिवार गजक बनाने के काम से जुड़े हुए हैं। हालांकि इसका निर्माण मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम में ही होता है। कारीगरों के हाथों की मेहनत, तिल और गुड़ का सही तालमेल और बनाने की विधि इस कारोबार को आज भी जिंदा रखे हुए है। यही वजह है कि बाजार में कई तरह की गजक होने के बावजूद करौली की कुटेमा गजक की अपनी अलग पहचान है。 बाइट - रामकेश, ग्राहक(लाल टीशर्ट) फाइनल वीओ एक तरफ बदलते दौर में मिठाइयों के स्वाद और बनाने के तरीके बदल रहे हैं, तो दूसरी तरफ करौली के कारीगर अपनी सौ साल पुरानी परंपरा को आज भी सहेजे हुए हैं। यहां गजक सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत, पुश्तैनी हुनर और करौली की पहचान बन चुकी है। तभी तो इस गजक का एक टुकड़ा मुंह में जाते ही स्वाद ऐसा छोड़ता है कि लोग अगली सर्दी का इंतजार करने लगते हैं।0
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धोद पंचायत में सरपंच चुनाव के नामांकन से राजनीति तेज
Sikar, Rajasthan:धोद पंचायत समिति क्षेत्र में पंच-सरपंच चुनाव को लेकर उत्साह, भीमा में समर्थकों के साथ पहुंचीं सरपंच प्रत्याशी। धोद पंचायत समिति क्षेत्र में पंचायत चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तीसरे चरण के तहत होने वाले सरपंच एवं पंच चुनाव को लेकर प्रत्याशी और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। धोद पंचायत समिति क्षेत्र की 31 ग्राम पंचायतों में पंच एवं सरपंच पदों के लिए कल मतदान होगा। चुनाव को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वहीं, प्रशासन ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न करवाने के लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में धोद पंचायत समिति की भीमा ग्राम पंचायत में सरपंच पद की प्रत्याशी सुनिता कुमारी ने भारी समर्थकों के साथ नामांकन आवेदन प्रस्तुत करने पहुंचीं। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। अब सभी की निगाहें मतदान पर टिकी हैं। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कल मतदाता अपने मताधिकार के जरिए करेंगे।0
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मानगो के खुले नाले: स्लैब नहीं लगाने से दीपावली के मौके पर खतरा बढ़ा
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के मानगो डिमना रोड स्थित संजय पथ से राजस्थान धर्मशाला तक फैला बड़ा नाला इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए परेशानी और खतरे का सबब बना हुआ है। नाले पर कई जगहों से स्लैब गायब हैं और करीब 25 से 30 स्थानों पर नाला पूरी तरह खुला हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई के बाद स्लैब नहीं लगाए गए, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, विगत दुर्गा पूजा से पहले टाटा स्टील यूआईएसएल की ओर से नाले की सफाई कराई गई थी। सफाई के दौरान नाले के स्लैब हटाए गए, लेकिन सफाई के बाद आज तक उन्हें दोबारा नहीं लगाया गया। इसके चलते संजय पथ से राजस्थान धर्मशाला तक कई जगहों पर नाला खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार टाटा स्टील के अधिकारियों से शिकायत की गई और स्लैब लगाने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों के मुताबिक, खुले नाले में गिरकर कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। अब दीपावली का त्योहार नजदीक है। बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने वाली है। ऐसे में खुले नाले किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय लोगों ने टाटा स्टील यूआईएसएल से जल्द से जल्द सभी खुले स्थानों पर स्लैब लगाने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। फिलहाल, लोगों को इंतजार है कि टाटा स्टील यूआईएसएल इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करती है और खुले नालों को ढकने का काम कब शुरू होता है।0
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दुमका में MSME के लिए TReDS से भुगतान जल्दी, महिला उद्यमिता को मिलेगा प्रोत्साहन
Dumka, Jharkhand:दुमका भारत सरकार और राज्य सरकार की पहल से छोटे और मध्यम उद्योगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने उसके भुगतान प्रक्रिया को सरल करने और कागजी कार्रवाई को कम कर कारोबारियों के लिए आसान वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध कराने को लेकर दुमका के इंडोर स्टेडियम में जिला उद्योग केंद्र द्वारा MSME से संबंधित कार्यशाला कर आये उद्धमियों को जानकारी दी गईं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में आये उप विकास आयुक्त ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से TReDS के फायदे और इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिसमें जानकारी देते हुए कहा गया कि ऐसा साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म जिसके तहत जहां विक्रेता, खरीदार और वित्तीय संस्थान एक साथ जुड़ सकते हैं। इसके माध्यम से MSME कारोबारियों को भुगतान में होने वाली देरी की समस्या से राहत मिलेगी। इस व्यवस्था की खासियत यह है कि इसमें एक बार ही दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। साथ ही बिना किसी अतिरिक्त गारंटी के वित्तीय सहायता प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध है। कारोबारी अपने इनवॉइस यानी बिल को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से डिस्काउंट पर भुनाकर समय से पहले भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। सरकार की चल रही योजना के माध्यम से MSME में महिला को सशक्तिकरण करने के उदेश्य से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है जिससे महिला उधमी आगे बढ़ सकें।0
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राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181: 97.98% शिकायतें निस्तारित, औसत 13 दिन
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर。 राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 पर शिकायतों की समीक्षा。 च सचिव PC किशन ने किया हेल्पलाइन-181 का निरीक्षण。 श सचिवालय स्थित राजस्थान सम्पर्क नियंत्रण कक्ष पहुंचे पूर्ण चन्द्र किशन。 श्रम विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े परिवादों की समीक्षा。 श्रमिक पंजीयन, छात्रवृत्ति और प्रसूति सहायता से जुड़े मामलों की जांच。 दवाओं की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा。 कुल 11 परिवादों की समीक्षा कर निस्तारण की स्थिति जानी。 श्रम विभाग के 97.98 प्रतिशत परिवादों का हुआ निस्तारण。 शिकायतों के निस्तारण में औसतन 13 दिन का लग रहा समय。 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी कर रहे नियमित समीक्षा。0
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कुदरा में डकैती: 3 नकाबपोश ने बंद घर से पिस्टल और चेकबुक उड़ाईं
Khajuria Khurd, Bihar:कुदरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-19 पर सकरी पेट्रोल पंप के बगल में स्थित एक मकान में बीती रात अज्ञात चोरों ने भीषण चोरी की घटना को अंजाम दिया। यह मकान करमा स्थित पेट्रोल पंप के संचालक कमल कुमार सिंह (उर्फ विनय सिंह) का है। चोरों ने बंद घर का ताला तोड़कर वहां रखी लाइसेंसी पिस्टल, मैगजीन और गोलियां उड़ा लीं। गनीमत रही कि घर में रखी राइफल और सीसीटीवी का डीवीआर सुरक्षित बच गए। पीड़ित मकान मालिक कमल कुमार सिंह ने बताया कि वे अक्सर एक-दो दिन के अंतराल पर यहां रहते हैं और कल शाम करीब तीन बजे ही घर से निकले थे। सुबह जब बाहर स्थित दुकान के मालिक के पिता लाइट बंद करने आए, तो उन्होंने मुख्य द्वार का ताला टूटा देखा। उनके बेटे ने तुरंत फोन कर मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर पता चला कि रात करीब 2 बजकर 5 मिनट पर तीन नकाबपोश बदमाश पीछे के रास्ते से परिसर में दाखिल हुए। तीनों की उम्र लगभग 18 से 30 वर्ष के बीच लग रही है और वे पहचान छिपाने के लिए मुंह बांधकर स्पाइडरमैन की तरह झुककर चल रहे थे। चोर सबसे पहले नीचे से एसी हटाकर अंदर घुसे और फिर ऊपर किचन व उत्तर दिशा के दरवाजे का ताला तोड़कर कमरों में प्रवेश कर गए। बदमाशों ने करीब डेढ़ घंटे तक घर को खंगाला और सुबह 3 बजकर 35 मिनट पर वहां से फरार हो गए। चोरों ने घर की अलमारी तोड़कर सारा सामान और चेकबुक आदि बिखेर दिए हैं। पुलिस ने जांच पूरी होने तक किसी भी सामान को छूने से मना किया है, इसलिए सामान समेटने के बाद ही कुल नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही कुदरा थाना अध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड और एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया जा रहा है।0
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भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान: अराजकता हटाने के लिए कोडरमा में प्रेस वार्ता
Koderma, Jharkhand:लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान के तहत आज कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित शिव वाटिका में भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमें मुख्य रूप से पूर्व विधायक अमर कुमार बाउरी और कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव उपस्थित हुई। एसआईआर और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन को अराजकता करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पत्रकारों को संबोधित करते हुए अमर बावरी ने कहा कि छात्राओं को आगे कर कांग्रेस अपना हित साधने में जुटी है, लेकिन जो स्थिति बांग्लादेश और नेपाल में हुई थी, उससे पूरी तरह से अलग स्थिति भारत में है और यहां के लोग यह जान चुके हैं कि कांग्रेस अराजकता फैलाने के लिए यह सब हथकंडा अपनाया है और इसी बात को लेकर भारतीय जनता पार्टी भी लोगों को लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के लिए जागरूक और प्रेरित करने की मुहिम चला रही है। उन्होंने कहा कि अपने दिल को बहलाने के लिए कांग्रेस ने मॉक पार्लियामेंट चलाने और मॉक आर्डर जारी करने का हक्कंडा अपनाया है, उससे यह साफ जाहिर है कि कांग्रेस भी यह मान चुकी है कि वह सत्ता में कभी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि जो पार्टी आपातकाल पर गर्व करती है, सिख दंगे पर गर्व करती है, उस पार्टी को भारत की जनता कभी पसंद नहीं करेगी।0
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QR कोड विवाद: बदरीनाथ-केदारनाथ मामले में शासन ने जिलों से रिपोर्ट मांगी
Routhiya, Uttarakhand:बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वर्ष 2023 के दौरान सामने आया QR कोड विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की शिकायत के बाद शासन ने मामले में चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। अजेंद्र अजय ने पूरे प्रकरण की नए सिरे से एसआईटी जांच कराने की मांग की है। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में QR कोड लगाए जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वर्ष 2023 में सामने आए इस विवाद को लेकर शासन ने गंभीरता दिखाते हुए दोनों जिलों के प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की शिकायत पर शासन ने यह कदम उठाया है। वहीं, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर पुलिस और संबंधित विभागों को मामले की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। प्राथमिक जांच के तथ्यों के आधार पर जिला प्रशासन शासन को अपनी रिपोर्ट भेजेगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामला गंभीर है और इसे प्राथमिकता के आधार पर देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि दोबारा शुरू हुई जांच में QR कोड विवाद से जुड़े कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और शासन आगे क्या कार्रवाई करता है।0
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इंदिरा गांधी पर भाजपा विधायक के विवादित बयान से हंगामा, कांग्रेस ने किया धरना
Sheopur, Madhya Pradesh:SHEOPUR (MP) - भाजपा विधायक ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को बताया कुकर्मी, कांग्रेस विधायक भड़के - पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के लिए कहे अपशब्द श्योपुर में इमरजेंसी की बात करते-करते भाजपा के पूर्व विधायक ने कहे... - पूर्व MLA बाबूलाल मेवरा अपनी भाषा की मर्यादा भूल गए... उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। - पूर्व mla बोले इंदिरा गांधी ने अपने पद के लिए पूरे देश को जेल बना दिया था। पूर्व विधायक भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। - भाजपा पूर्व विधायक के बयान पर बवाल कांग्रेस सड़क पर उतर आई। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया और पूर्व विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। - भाजपा ने इन दिनों 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान छेड़ रख रखा है।0
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झुंझुनूं में दिवाली से पहले करंट ने मचाया मातम: 八 परिवार उजड़ें, मदद की मांग
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं— दिवाली से पहले करंट ने उजाड़ दी आठ परिवारों की दुनिया. कहीं छह बहनों का इकलौता भाई, तो कहीं मासूमों ने पिता खोया. मुकेश की मौत से डेढ़ साल की बेटी के सिर से उठा साया. सुरेश की मौत से मूक-बधिर भाई और बुजुर्ग पिता बेसहारा. नितेश की मौत से छह बहनों का इकलौता भाई हमेशा के लिए बिछड़ा. ठेकेदार विष्णु भी छोड़ गया दो मासूम बच्चों का परिवार. मंडावरा, छापोली और उदयपुरवाटी में मातम, परिजनों ने सहायता मांगी. दिवाली से पहले जिन घरों में खुशियों के दीप जलने थे, वहां मातम पसरा है... कभी मां की आंखें पथरा गई हैं, तो कभी पिता जवान बेटे का शव देखकर सुध-बुध खो बैठे हैं... किसी मासूम ने पिता खो दिया, तो कहीं छह बहनों का इकलौता भाई खो गया... झुंझुनूं जिले के मंडावरा, छापोली और उदयपुरवाटी के आठ परिवारों की दुनिया एक झटके में उजड़ गई... करंट ने आठ जिंदगियां छीं लीं और पीछे छोड़ गया दर्द, बेबसी और कभी न भरने वाले जख्म... देखिए, हादसे के बाद अपनों को खो चुके परिवारों की दर्दभरी दास्तां…0
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अकाल के बीच गोवंश के लिए नंदगांव-पथमेड़ा से राहत, सरकार से सहयोग जरूरी
Sirohi, Rajasthan:अकाल की आहट के बीच गोवंश के लिए पथमेड़ा और नंदगांव का सहारा, सरकार से सहयोग की दरकार पशुपालक पश्चिमी राजस्थान में चारे-पानी के संकट गहराने की आशंका जताते हैं। जालौर और सिरोही क्षेत्र में गोवंश को बचाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंदजी महाराजश्री के निर्देशानुसार अभिनव ब्रजमंडल नंदगांव ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। यहाँ 100 से अधिक पशुपालक परिवारों के द्वारा करीब 4 हजार गोवंश के लिए चारे-पानी और आश्रय की व्यवस्था की गई है। बच्चों की निशुल्क शिक्षा और दूध का उचित मूल्य देने की पहल भी की गई है। किन्तु संकट बढ़ने और 15 हजार से अधिक गोवंश के पहुंचने की संभावना के बीच सरकार से सहयोग जरूरी हो गया है。 जालौर और सिरोही में चारे-पानी की कमी की आशंका ने पशुपालकों की चिंता बढ़ाई है। अपने गोवंश को बचाने के लिए कई परिवार गुजरात और हरियाणा तक पहुँचे, पर राहत की उम्मीद पूरी न हो सकी तो अभिनव ब्रजमंडल नंदगांव का रुख किया गया। यहाँ 100 से अधिक पशुपालक परिवारों ने गोऋषि स्वामी के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और गोवंश के लिए चारे-पानी के साथ रहने का आश्रय मांगा। महाराजश्री ने संस्थान को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए。 पथमेड़ा महाराजश्री के निर्देश पर लगभग 4 हजार गोवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की गई है। साथ ही संकट से जूझ रहे पशुपालक परिवारों के रहने का प्रबंध भी किया गया है। यह पहल केवल गोवंश को भोजन और पानी तक सीमित नहीं है; बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है। वहीं, गोवंश से प्राप्त दूध को 45 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक संबल मिले。 नंदगांव में मिली राहत के बाद दूसरे प्रभावित पशुपालकों के भी यहां पहुँचने की संभावना बढ़ रही है। अनुमान है कि आने वाले समय में 15 हजार से अधिक गोवंश को सहायता की आवश्यकता पड़ेगी। इस संभावना को देखते हुए अस्थायी राहत शिविर की व्यवस्था शुरू की गई है। संस्थान की ओर से जिला कलेक्टर सिरोही को पत्र लिखकर संकट की स्थिति, गोपालक परिवारों की जरूरतों और गोवंश के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई है。 हरि सिंह राठौड़, महाप्रबंधक गोसेवा ने कहा कि पथमेड़ा की गोसेवा परंपरा से प्रेरित यह पहल संकट के समय मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। जब पशुपालक अपने गोधन को बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हों, उन्हें आश्रय देना, चारा-पानी उपलब्ध कराना, बच्चों की शिक्षा की चिंता करना और दूध का उचित मूल्य सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर गोवंश की संख्या बढ़कर 15 हजार के पार जाती है, तो चारा, पानी, परिवहन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संसाधनों की बड़ी जरूरत होगी। ऐसे में केवल सामाजिक संस्थाओं और गोसेवकों के भरोसे यह संकट का स्थायी समाधान संभव नहीं है। सरकार, जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और स्थानीय निकायों को आगे आकर सहयोग करना होगा。 हरि सिंह राठौड़ ने कहा कि गोवंश हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालकों की आजीविका और राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अकाल जैसी संभावित परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते ठोस कदम उठाने होंगे। नंदगांव में शुरू हुआ अस्थायी राहत शिविर संकटग्रस्त गोपालकों के लिए उम्मीद की किरण है, लेकिन इसे मजबूत बनाने के लिए सरकारी सहयोग बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस अनुकरणीय पहल में किस तरह भागीदारी निभाते हैं, ताकि चारे-पानी के अभाव में कोई गोवंश दम न तोड़े और किसी पशुपालक को अपना गोधन बचाने के लिए दर-दर न भटकना पड़े।0
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शहडोल में बस-ट्रक भिड़ंत, 25 से अधिक घायल; गंभीर स्थिति वाले कई अस्पताल में
Shahdol, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग शहडोल - शहडोल के ग्राम टिहकी में भीषण सड़क हादसा, बस और ट्रक की जोरदार टक्कर, दो दर्जन से अधिक यात्री घायल。 दादू ट्रेवल्स की बस शहडोल से ब्यौहारी की ओर जा रही थी。 ग्राम टिहकी के पास बस सामने चल रहे ट्रक के पीछे जा भिड़ी。 टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में करीब 25 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं。 घायलों में 4 से 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है。 गंभीर घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया。 हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।0
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खान विभाग ने ऑटोमेशन से अवैध खनन रोकथाम में सफल प्रदर्शन किया
Jaipur, Rajasthan:जयपुर में खान विभाग ने तकनीक की मदद से खनन मॉनिटरिंग को चाकचौबंद किया है। अक्टूबर में 39 कांटों को निष्क्रिय किया गया और एक ही वाहन से कई रवन्ना जारी करने जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाई गई। 110 खनिज परिवहन वाहनों पर जुर्माना और जब्ती के साथ कड़ी कार्रवाई की गई। राज्य के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और ऑनलाइन विश्लेषण से अवैध खनन गतिविधियों पर रोक के प्रयास सफल रहे। सितंबर और अक्टूबर के दो महीनों में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के 1308 मामले दर्ज हुए, 114 एफआईआर दर्ज कराई गईं और 93 गिरफ्तारी हुईं। 1 करोड़ 22 लाख का जुर्माना वसूला गया, 11 लाख राजकोष में जमा कराए गए, 47 वाहनों की जब्ती हुई। ऑटोमाइजेशन के साथ 2531 तुलाई कांटे अब तक सक्रिय हैं और 79263 वाहनों को व्हीकल ट्रैकिंग से जोड़ा गया है। विभाग ने नोटिस भी जारी किए और 39 कांटों को डीएक्टिवेट किया गया।0
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