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AKAmit Kumar SinghFollow30 Jan 2025, 09:40 am

Basti: बसंत पंचमी पर्व को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, DM और SP ने किया निरीक्षण

Basti, Uttar Pradesh:

मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी पर्व को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट पर है। डीएम रवीश कुमार और एसपी अभिनंदन ने रूट डाइवर्जन का निरीक्षण करने के लिए कलवारी और छावनी सीमा तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान, वाल्मीकि इंटर कॉलेज और पचवस डिग्री कॉलेज को चिन्हित किया गया। अयोध्या और प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहराव की व्यवस्था की जाएगी। DM और SP ने भारत समाचार को जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न जगहों पर चेक पोस्ट बनाकर आने-जाने वालों से जानकारी ली जा रही है। अयोध्या पुलिस से संवाद स्थापित कर स्थिति की जानकारी के बाद डायवर्जन किया जा रहा है, ऐसा SP अभिनंदन ने कहा।

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खीरी पुलिस पर FIR नहीं, CO के नाम हटाने का आरोप

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:एक तरफ जहां पुलिस को कानून की रक्षा की जिम्मेदारी है वहीं खीरी पुलिस अपने सीओ को बचाने के लिए इस कानून को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में लगी है। मामला कल हुए हादसे से जुड़ा है। इसमें मोहम्मदी सीओ अरुण कुमार सिंह की गाड़ी से हुए हादसे में मामा, भांजे की मौत हो गई थी। 24 घंटे बीच जाने के बाद भी पुलिस को मन माफिक शिकायत कॉपी ना मिलने के चलते अभी तक FIR दर्ज नहीं की है। पुलिस परिजनों पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटी है ऐसा परिजनों ने आरोप लगाया है। सीओ का नाम हटाकर अज्ञात लिखकर देने के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज कर लेने का दावा पुलिस द्वारा किया जा रहा है। मामले में परिजनों ने दावा किया है कि गाड़ी में ड्राइवर नहीं था सीओ अरुण कुमार सिंह खुद गाड़ी ड्राइव कर रहे थे। तेज रफ्तार के चलते बाइक पर टक्कर लगी है। मामले में दोषी आरोपी सीओ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि वही पूरे मामले के जिम्मेदार है। मामले में परिजनों ने बताया है कि तहरीर से मोहम्मदी सीओ का नाम हटाने के बाद मामला दर्ज किया जाने की बात पुलिस द्वारा कही जा रही है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम चल रहा है पोस्टमार्टम हाउस छावनी में तब्दील है।
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अमरोहा के बीलना में विवाहिता की मौत पर पति पर हत्या का आरोप

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के बीलना गांव में 26 वर्षीय विवाहिता गुलसिताब उर्फ नन्ही की संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर फांसी पर लटककर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। मृतका के परिजनों ने पति साहिल पर गुलसिताब की फांसी पर लटकाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि विवाहिता की मौत सामान्य नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सूचना पर पहुंची नौगांवा सादात थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी पति साहिल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद मृतका के परिवार में कोहराम M मचा हुआ है, जबकि गांव में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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बिलासपुर के चकरभाठा में प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी ने पति हसिए से हमला

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के चकरभाठा बस्ती क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ शराब पीने के आदी और रोज-रोज मारपीट करने वाले पति राजेश कौशिक से तंग आकर उसकी पत्नी द्रोपती कौशिक ने देर रात सोते समय उस पर धारदार हसिया से जानलेवा हमला कर दिया। महिला ने प्रताड़ना से परेशान होकर पति के प्राइवेट पार्ट पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों और पड़ोसियों ने लहूलुहान हालत में राजेश को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची चकरभाठा पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने घरेलू हिंसा से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाने की बात कबूल की, जिसके बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
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ऑपरेशन त्रिनेत्र: जलमंडी से अवैध अफीम 6 किलो 5 ग्राम जब्त

Pratapgarh, Rajasthan:जिला : प्रतापगढ़ विधानसभा : प्रतापगढ़ खबर की लोकेशन : प्रतापगढ़ हेडर/हेडलाईन : ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई, जलमंडी से 6 किलो 5 ग्राम अवैध अफीम जब्त एंकर/इंट्रो : प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र के गांव गागरोल जलमंडी में 6 किलो 5 ग्राम अवैध अफीम जब्त की है। जब्त अफीम की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। कार्रवाई में थाना छोटीसादड़ी, धमोतर, धोलापानी, जलोदा जागीर तथा डीएसटी टीम शामिल रही। पुलिस को 22 मई को सूचना मिली थी कि गागरोल जलमंडी स्थित कुछ मकानों में अवैध मादक पदार्थ छिपाकर रखे गए हैं। सूचना के आधार पर गठित टीमों ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मुकेश पुत्र दौलतराम मेनारिया निवासी जलमंडी के मकान के अंदर रखे दो टिफिनों से कुल 6 किलो 5 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने बरामद अफीम को जब्त कर थाना छोटीसादड़ी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 08/18 के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के समय आरोपी मुकेश मेनारिया घर पर मौजूद नहीं मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
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धनबाद के हरिणा बस्ती में भीषण गर्मी और बिजली आपूर्ति संघर्ष ने माहौल गरमाया

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में भीषण गर्मी से लोग बेहाल है। पारा 40 डिग्री तक पहुँच गया है। तेज धूप तपती गर्मी से हर कोई बेहाल है। वही बिजली की लचर व्यवस्था लोगो के पारा को ओर भी बढ़ा दी है। बरोरा थाना क्षेत्र के हरिणा बस्ती के लोग बीसीसीएल के against मोर्चा खोल दिया है। बीसीसीएल के हरिणा ऑफिसर्स कॉलोनी के मुख्य द्वार पर हरिणा बस्ती के ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। बीसीसीएल द्वारा की जा रही बिजली आपूर्ति में भारी अनियमितता से नाराज ग्रामीणों ने उग्र रूप धारण करते हुए कॉलोनी की घेराबंदी कर दी है और सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। धरना के समर्थन में बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो और गिरिडीह लोकसभा सांसद के प्रतिनिधि सुभाष रवानी भी धरना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों के मांग को लेकर धरना पर बैठ गये। पूरा मामला यह है कि हरिणा बस्ती के निवासी बीसीसीएल द्वारा दी जाने वाली बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति से लंबे समय से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की लो-वोल्टेज के कारण उनका जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब विभागीय अधिकारियों ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। नाराज ग्रामीणों ने आज एकजुट होकर बीसीसीएल की हरिणा ऑफिसर्स कॉलोनी का घेराव किया और मुख्य गेट पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट चेतावनी है कि जब तक उनकी बस्ती में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जाता और बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, वे यहां से नहीं हटेंगे। ऑफिसर्स क्लोनी मुख्य गेट के साथ अन्य रास्तों के घेराबंदी होने से बीसीसीएल अधिकारी बंधक बनकर रह गए। ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुँचे विधायक शत्रुघ्न महतो, सीओ गिरजानंद किस्कू, ब्लॉक दो जीएम कुमार रंजीव, बरोरा थाना प्रभारी साधन कुमार ने वार्ता किया। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था को सुधारने की मांग रखी। घंटो चली वार्ता के बाद एक सप्ताह में नया ट्रांसफॉर्मर देने का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना को स्थगित किया गया। बाघमारा विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की माँग जायज है। ऑफिसर्स क्लोनी हरिणा बस्ती के रैयतो के जमीन पर बनाया गया है। पूर्व से बिजली पानी बीसीसीएल देती आई है। ग्रामीणों की माँग नई नहीं है। केवल व्यवस्था को ठीक करना है। वही बीसीसीएल जीएम ने कहा कि बिजली पानी उनके अधिकार क्षेत्र में नही है। लेकिन स्थिति को देखते हुए वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर समाधान कराया जाएगा।
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योगी सरकार की कड़क तैयारी: गर्मी में निर्बाध बिजली बहाली के कड़े निर्देश

Lucknow, Uttar Pradesh:गांव हो या नगर, भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सभी इकाइयों को पूरी दक्षता से संचालित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की ऊर्जा विभाग समीक्षा, कहा बिलिंग और कलेक्शन क्षमता बढ़ाने की जरूरत ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत व भरोसेमंद बनाने पर मुख्यमंत्री का जोर फीडर वाइज मॉनीटरिंग करके जवाबदेही तय हो, शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री इस वर्ष 30,339 मेगावाट तक पहुंची प्रदेश की पीक बिजली मांग, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश वर्ष 2026 में बढ़ी बिजली मांग के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था मजबूत रखने पर मुख्यमंत्री का जोर आंधी-तूफान के बावजूद विद्युत व्यवस्था बहाल रखने के लिए त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करें : मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री व राज्य मंत्री को दिए निर्देश आम जन को बिजली आपूर्ति के बारे में सही जानकारी दें, समाधान कब तक, यह भी बताएं: मुख्यमंत्री स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए : मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री लखनऊ 24 मई:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच प्रदेश में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी स्तरों पर सतत मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में ऊर्जा विभाग पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे। मुख्यमंत्री रविवार को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा एवं राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की उपस्थिति में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी डिस्कॉम के अधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने state की विद्युत उत्पादन क्षमता को और सुदृढ़ बनाने तथा गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए उत्पादन इकाइयों की अधिकतम क्षमता का उपयोग किया जाए और सभी संयंत्रों में तकनीकी दक्षता तथा रखरखाव व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है। इसमें अनपरा, ओबरा, हरदुआगंज, परीछा, जवाहरपुर और पनकी जैसे तापीय विद्युत गृहों की 9,120 मेगावाट क्षमता शामिल है, जबकि जल विद्युत परियोजनाओं से 526.4 मेगावाट क्षमता उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मेजा, घाटमपुर और खुर्जा परियोजनाओं से संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से 3,742 मेगावाट क्षमता राज्य को प्राप्त हो रही है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक उत्पादन निगम की स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, गैर पारंपरिक ऊर्जा विकल्पों से लगभग 10 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है. मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली की दक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा को न्यूनतम रखा जाए तथा ट्रांसमिशन नेटवर्क की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के पास वर्तमान में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं। प्रदेश में 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पारेषण हानियां घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह तथा उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाए। उन्होंने फीडर वाइज जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने अथवा शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आंधी-तूफान और अत्यधिक तापमान जैसी परिस्थितियों के बावजूद फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखा जाए। बैठक में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए, लेकिन मरम्मत एवं बहाली कार्य तेजी से कराया गया। मुख्यमंत्री ने भूमिगत केबल वाले स्थलों पर खुदाई से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से विधिवत स्वीकृति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए ताकि विद्युत व्यवस्था बाधित न हो। मुख्यमंत्री ने ट्रांसफॉर्मर क्षति की घटनाओं में कमी को सकारात्मक बताते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022-23 की तुलना में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2022-23 में 429 पावर ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर 87 रह गई। बैठक में यह भी बताया गया कि 100 केवीए से अधिक क्षमता वाले वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2022-23 में जहां 39,177 बड़े ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर 20,292 रह गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा तंत्र की व्यापक स्थापना, समयबद्ध मरम्मत और जवाबदेही तय किए जाने से यह सुधार संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष अप्रैल और मई माह में पिछले वर्ष की तुलना में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके कारण प्रदेश में बिजली मांग में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत डिमांड मेट 501 मिलियन यूनिट प्रतिदिन से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन हो गया, जबकि पीक डिमांड मेट 29,831 मेगावाट से बढ़कर 30,339 मेगावाट तक पहुंच गया। बैठक में बताया गया कि 20, 21 और 22 मई को उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने बढ़ती मांग के अनुरूप विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और आपूर्ति प्रबंधन के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 15 मई से विभिन्न पावर प्लांटों में अलग-अलग कारणों से बिजली उपलब्धता प्रभावित हुई। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा 12 राज्यों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था की गई है। परेशानियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर विशेष बल दिया गया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2015 से 2026 के बीच प्रदेश ने कुल 32,305 मेगावाट की विद्युत क्षमता के लिए टाई-अप किए हैं, जिनमें पिछले तीन वर्षों में लगभग 62 प्रतिशत क्षमता जोड़ी गई है। वर्ष 2029 तक मांग को पूरा करने के लिए 10,719 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसमें विंड, बैटरी एनर्जी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक तकनीक आधारित तथा पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि नवंबर 2025 से नई एकीकृत 1912 कॉलセンター व्यवस्था लागू की गई है। लखनऊ और नोएडा केंद्रों से कॉल लोड बैलेंसिंग के साथ व्यवस्था संचालित हो रही है। नई प्रणाली के तहत कॉल हैंडलिंग क्षमता बढ़ाकर 75 हजार से 90 हजार प्रतिदिन कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के माननीय मंत्री अरविंद कुमार शर्मा एवं राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत को हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आमजन को समयबद्ध और सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर केवल समस्या दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाए कि समाधान कब तक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा तथा शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति पोस्टपेड व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल प्रत्येक माह की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को एसएमएस व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से बिल उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर में विशेष कैंप आयोजित कर स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बिलिंग और कलेक्शन एफिशिएंसी को और बेहतर बनाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आमजन के जीवन, किसानों की सिंचाई, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास से जुड़ा विषय है। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी डिस्कॉम मिलकर इसे पूरा करेंगे।
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