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बरेलीः फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनी सहायक अध्यापक, पाकिस्तानी नागरिक होने का दावा
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली जिले में एक पाकिस्तानी महिला ने फर्जी फर्जी दस्तावेजों के जरिए सहायक अध्यापक की नौकरी पा ली। जांच में पता चला कि उसने जो प्रमाण पत्र जमा किया है, वो फर्जी हैं। आरोप है कि सहायक अध्यापक पाकिस्तान की नागरिक है। ऐसी खबर आने के बाद हड़कंप मच गया।
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उज्ज्वला योजना में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य, 30 जून तक सब्सिडी रुकने की चेतावनी
Jaipur, Rajasthan:एंकर-अब गैस सिलेंडर सिर्फ रसोई का नहीं, पहचान का भी सवाल बन गया है। उज्ज्वला योजना के लाखों लाभार्थियों के लिए सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है। अब हर सात रिफिल के बाद आधार से बायोमेट्रिक वैरिफिकेशन जरूरी होगा, वरना सब्सिडी रुक सकती है। मृत लोगों के नाम पर चल रहे कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थी और फर्जी डेटा पर सरकार की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। राजस्थान के 73 लाख से ज्यादा उज्ज्वला उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। 30 जून तक केवाईसी नहीं कराने वालों की सब subsidiy पर भी संकट मंडरा रहा है।0
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खाटूश्यामजी अलोदा में गैस सिलिंडर से आग, दमकल ने बड़ा हादसा टाला
Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के खाटूश्यामजी सदर थाना क्षेत्र के अलोदा ग्राम के वार्ड संख्या 2 में बुधवार को एक घर में रखे तीन घरेलू गैस सिलेंडरों में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर की बैठक में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। दमकल टीम और सदर थाना के एसआई रूधनाथ सिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बड़ा हादसा होने से टाल दिया। दमकल कर्मी रेखा गुर्जर और दिनेश कुमार की सूझबूझ व तत्परता की ग्रामीणों ने सराहना की। समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आग आसपास के घरों तक फैल सकती थी। आग की चपेट में आने से घर में रखा इन्वर्टर, गेहूं, ग्वार सहित अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग रामेश्वरम लाल कुमावत के घर में लगी थी। घटना के समय परिवार के सदस्य एक वृद्ध महिला की मृत्यु के बाद श्मशान घाट पर तीये की रस्म में गए हुए थे। घर पर केवल कुछ महिलाएं और अन्य लोग मौजूद थे।0
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झारखंड: ग्रामीण विकास के मीटिंग में योजनाओं की प्रगতি और स्वरोजगार पर जोर
Ranchi, Jharkhand:झारखंड सरकार ग्रामीण विकास और ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं को लेकर आज बड़ा मंथन कर रही है। विभागीय मंत्री दीपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक शुरू हो गई है। बैठक दो चरणों में आयोजित की गई है, जिसमें पहले चरण में ग्रामीण विकास विभाग और दूसरे चरण में ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा हो रही है ग्रामीण विकास मंत्री ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि हर छह महीने में विभाग की प्रगति की समीक्षा की जाती है और इस वित्तीय वर्ष की यह पहली बड़ी बैठक थी। बैठक में मनरेगा, आवास योजना समेत कई ऑन-गोइंग स्कीम की स्थिति पर चर्चा हुई। पिछले वित्तीय वर्ष में तय किए गए लक्ष्यों का कितना काम धरातल पर उतरा, कौन से लक्ष्य अधूरे रह गए और उनमें क्या बाधाएं आईं ,इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने और मिली शिकायतों पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने को विभाग की प्राथमिकता बताया。 झारखंड में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में सरकार अब नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी यानी JSLPS के कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि महिलाएं एक स्तर तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब उन्हें अगले पायदान तक ले जाने की जरूरत है। सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण महिलाओं को सिर्फ समूहों तक सीमित न रखकर उन्हें एंटरप्रेन्योर बनाया जाए, ताकि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसर बढ़ सकें।0
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कोटपूतली में ऑनलाइन दवा वितरण के खिलाफ दुकाने बंद, मरीजों को भारी परेशानी
Jaipur, Rajasthan:जिला-KOTPUTLI_BAHROR विधानसभा -KOTPUTLI लोकेशन.......KOTPUTLI.... ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (AIOCD) के देशव्यापी आह्वान पर आज कोटपूतली और आस-पास के क्षेत्रों में दवा व्यापारियों ने अपनी दुकानों को पूरी तरह बंद रखा। ऑनलाइन दवा वितरण (ई-फार्मेसी) के विरोध में किए गए इस बंद के कारण शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई और मरीजों व उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। N/A निजी मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहने के कारण सुबह से ही मरीज और उनके परिजन जीवन रक्षक दवाओं के लिए भटकते नजर आए। बंद के दौरान केवल सरकारी अस्पतालों के अंदर स्थित काउंटर और सहकारी उपभोक्ता भंडारों पर ही दवाइयां मिल रही थीं। इसके चलते सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, कई जरूरी और विशिष्ट दवाइयां सरकारी काउंटरों पर उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई। मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय दवा व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन दवा वितरण (E-Pharmacy) की वजह से बाजार का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है। ऑनलाइन के माध्यम से बिना उचित जांच और बिना वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से प्रतिबंधित और नशीली दवाइयां बेची जा रही हैं, जो युवाओं के भविष्य और सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इसके खिलाफ सरकार को तुरंत मजबूत और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। जिसको लेकर हमारे संवादाता अमित यादव ने मरीजों के परिजनों व मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी से बात की.....0
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बाराबंकी पुलिस की मानवीय पहल: लावारिस हालत में भटक रही महिला को परिजनों से मिलाया l
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी जिले की मसौली थाना पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए लावारिस हालत में भटक रही एक महिला को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाकर सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की इस मानवीय पहल की क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार डायल 112 पीआरवी को एक महिला के लावारिस हालत में भटकने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही थाना मसौली की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीम तत्काल सक्रिय हो गई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक शमशाद अली, उपनिरीक्षक राजकरन, अभय गुप्ता, महिला आरक्षी सविता, किरन और ज्योति मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित थाना मसौली लेकर आए। पुलिस टीम ने महिला को भोजन और पानी उपलब्ध कराया तथा बेहद संवेदनशीलता के साथ उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम डिम्पी (37 वर्ष) निवासी डोम चाच, कोडरमा, झारखंड बताया। मसौली पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दूरभाष के माध्यम से महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने पर महिला के रिश्तेदार मनोहर कुमार गुप्ता पुत्र शीतल प्रसाद निवासी कस्बा एवं थाना क्रॉसिंग बाजार, जिला मुंगेर, बिहार अपनी पत्नी निशा गुप्ता के साथ थाना मसौली पहुंचे। परिजनों ने महिला की पहचान करते हुए बताया कि उसके पति की मृत्यु के बाद से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है और वह पिछले 10 से 12 दिनों से लापता थी। पुलिस द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन करने के बाद महिला को सुरक्षित उसके रिश्तेदारों की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। महिला के परिजनों ने मसौली थाना पुलिस की इस मानवीय और संवेदनशील कार्यवाही की खुलकर प्रशंसा की। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की तत्परता और जिम्मेदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करते हैं।0
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अलीगढ़: मुस्लिम धर्मगुरू के बयान को असंवैधानिक करार, समाज में चिंता
Noida, Uttar Pradesh:Aligarh - इफराहीम हुसैन, मुस्लिम धर्मगुरू- ये बयान गैर-संवैधानिक है. ये मुस्लिम धर्मगुरू को ठेस पहुंचाने वाला बयान है. मुस्लिम समाज ध्यान रखता है. शासन की गाइडलाइंस का ध्यान रखा जाता है. वीएचपी नेता का बयान समाज को तोड़ने वाला बयान है.0
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कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र वीरेन रंगा की मौत, परिवार दुखी
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र जिले के एक स्टूडेंट की कनाडा में मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिवार ने सरकार से बेटे की डेडबॉडी मंगवाने की गुहार लगाई है। युवक करीब 2 साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। जहां सुबह उसका शव कमरे से बरामद हुआ。 मृतक स्टूडेंट की पहचान लाडवा के गजलाना गांव के वीरेन रंगा के रूप में हुई है। वीरेन मार्च 2024 में कनाडा गया था और वहां के सरे शहर में अपनी पढ़ाई कर रहा था। वीरेन की मौत की वजह सामने नहीं आई। परिवार ने उसे हाई एजुहेशन लेने के लिए कनाडा भेजा था。 दोस्तों ने की उठाने की कोशिश परिवार के मुताबिक, वीरेन हर रोज की तरह रात को अपने कमरे में सोने गया था। सुबह काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आया। इसके बाद साथ रहने वाले दोस्तों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई मूवमेंट नहीं मिली। जब करीब जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई。 पुलिस जांच में जुटी फिलहाल वीरेन की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कनाडा पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक मौत की वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा。 बड़े सपने लेकर गया था कनाडा वीरेन बेहतर भविष्य और पढ़ाई के सपने लेकर कनाडा गया था। वीरेन शांत स्वभाव का और पढ़ाई में अच्छा था। उसकी अचानक मौत की खबर से पूरे इलाके में दुख का माहौल है। परिवार लगातार कनाडा में उसके दोस्तों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। पिता बिजली बोर्ड में फॉरमैन वीरेन के पिता राजेद्र रंगा बिजली निगम में फॉरमैन हैं और बाबैन बिजली बोर्ड में तैनात है। वीरेन का बड़ा भाई आदित्य हिमाचल प्रदेश की यूनिवर्सिटी से वैटनरी सर्जन का कोर्स कर इंटरशिप कर रहा है, जबकि वीरेन की मां सुनीता हाउस वाइफ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वर्क परमिट के लिए किया था अप्लाई पिता राजेद्र रंगा ने बताया कि वीरेन ने शाहाबाद के खरींडवा गांव की ITI से इलेक्ट्रीशियन का 2 साल डिप्लोमा किया था। आगे पढ़ने के लिए वीरेन विदेश जाना चाहता था। कनाडा के वैंकूवर से वीरेन इलेक्ट्रिकल का डिप्लोमा कर रहा था। उसका डिप्लाेमा कंप्लीट हो चुका था। अभी उसने अपना वर्क परमिट अप्लाई किया था。 शुक्रवार मिली सूचना राजेंद्र रंगा ने बताया कि गुरुवार रात को उनकी वीरेन के साथ वीडियो काॅल पर बातचीत हुई थी। उसका बड़ा भाई आदित्य भी वीडियो कॉल पर जुड़ा था। उन्हें ऐसा कुछ नहीं लगा कि वीरेन को कोई परेशानी थी। बातचीत के बाद वीरेन सोने के लिए अपने कमरे में चला गया। शुक्रवार रात मिली सूचना उनको रात करीब 8 बजे वीरेन की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। वीरेन के ताया के बेटे गुरमीत और गौरव भी उसके साथ ही रहते थे। उन्होंने ही रात को वीरेन की मौत सूचना दी। हालांकि अभी तक मौत की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस ने उसका ब्लड सैंपल लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है。 वीरेन के साथियों ने बनाया ग्रुप राजेंद्र ने बताया कि वीरेन की बॉडी को वापस भेजने के लिए चचेरे भाई और मेरे मामा धर्मबीर कोशिश कर रहे हैं। बॉडी के लिए कागजी कार्रवाई की गई है। गुरुवार या शुक्रवार तक बॉडी मिलने की उम्मीद है। वीरेन के साथी भी मदद करने में लगे हैं। उन्होंने वीरेन के नाम से ग्रुप बनाया है, जिसमें फंड इकट्ठा किया जा रहा है।0
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गुरुग्राम में महँगाई विरोध के साथ NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन
Gurugram, Haryana:गुरुग्राम- महंगाई को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस महंगाई और NEET पेपर लीक को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस “चुनाव खत्म, लूट चालू” के नारों के बीच सोहना चौक पर उग्र प्रदर्शन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई का पुतला फूंका राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन देश में बढ़ती महंगाई और NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले को लेकर आज कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़के पर उतरे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और महंगाई का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। बाइट- पंकज डावर,शहरी जिला अध्यक्ष, कांग्रेस गुरुग्राम बाइट – पर्ल चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस बाइट- महंगाई के अलावा कांग्रेस नेताओं ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।0
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कुएं में गिरने के बाद मां-बेटी सुरक्षित बाहर, ग्रामीणों की तत्परता से बची जान
Noida, Uttar Pradesh:आसींद थाना क्षेत्र के मोड़ का निंबाहेड़ा कस्बे में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते एक युवती अपनी डेढ़ वर्षीय मासूम बेटी को लेकर खेत पर बने गहरे कुएं में कूद गई। हालांकि करीब चार घंटे तक मौत और जिंदगी से संघर्ष करने के बाद ग्रामीणों की तत्परता से मां-बेटी दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार कस्बा निवासी हीरालाल माली की 23 वर्षीय पुत्री मंशा अपनी डेढ़ साल की बेटी हर्षिता के साथ मंगलवार देर शाम को अपने खेत पर बने करीब 50 फीट गहरे कुएं में कूद गई। बताया जा रहा है कि कुएं में कूदने से पहले मंशा ने अपने व्हाट्सएप पर मौत से जुड़ा स्टेटस लगाया था। स्टेटस देखने के बाद परिजनों को चिंता हुई और वे उसकी तलाश में जुट गए। खोजबीन के दौरान पिता हीरालाल माली खेत पर पहुंचे, जहां कुएं के बाहर बेटी की चप्पल दिखाई दी। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने ग्रामीणों को बुलाया और कुएं में आवाज लगाई। इस दौरान अंदर से मंशा की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण तत्काल रस्सियों के सहारे कुएं में उतरे तो देखा कि मंशा और उसकी मासूम बेटी कुएं के अंदर एक चट्टान को पकड़कर बैठी हुई थीं। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय पटवारी नारायण कुमावत भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद मां-बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद दोनों को प्राथमिक उपचार दिलाया गया। मासूम हर्षिता को मामूली खरोंचें आई हैं, जबकि कुएं में पानी कम होने से बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंशा का ससुराल निकटवर्ती हरिपुरा गांव में है। उसका विवाह रतनलाल माली के साथ हुआ था। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद और सामाजिक पंचायत में हुए फैसले के बाद वह मानसिक तनाव में थी। मंशा ने आरोप लगाया कि husband और ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने से वह अवसाद में आ गई थी। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। ग्रामीणों के अनुसार एक दिन पूर्व ही दोनों पक्षों के बीच समाज की पंचायत में समझौता हुआ था।0
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मोहन सेतु निर्माण को लेकर सपा का प्रदर्शन, जल्द काम शुरू न होने पर जल सत्याग्रह की चेतावनी
Deoria, Uttar Pradesh:बरहज मोहन सेतु के निर्माण कार्य को शुरू कराने की मांग को लेकर आज समाजवादी पार्टी के नेता विजय रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मोहन सेतु पर प्रदर्शन किया। इसके बाद बरहज तहसील पहुंचकर तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेता विजय रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने जनता को सिर्फ धोखा दिया है और विकास के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मोहन सेतु का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जल सत्याग्रह करने को मजबूर होंगे। वहीं सपा नेता रणविजय सिंह ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। यह सरकार विकास की नहीं बल्कि जाति-धर्म की राजनीति करने वाली सरकार है। उन्होंने लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने की अपील भी की। इस दौरान अमित यादव, सुशील यादव, राधे कुमार, रणविजय सिंह, दिनेश यादव, अनिल निषाद, सज्जन कुमार, विवेक सिंह, अमित तिवारी, अजीत प्रसाद, अनीश शर्मा, सनोज कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।0
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शाहपुर में मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर बंदी, मरीजों को हो रहीं समस्याएं
Thane, Maharashtra:शहापूरात औषधालय बंद...\nरुग्णांनाची औषधांसाठी वणवण..\n\u200d\u200dॲकर...\nसाडेबारा लाखांहून अधिक केमिस्ट आणि औषध विक्रेत्यांनी देशव्यापी बंदची हाक दिली असून ऑनलाइन औषध विक्री आणि बेकायदा औषध विक्रीला विरोध दर्शवण्यात आला आहे. याच पार्श्वभूमीवर शहापूरातील मेडिकल असोसिएशनच्या वतीने देखील बंदची हाक दिल्याने शहापूर तालुक्यातील सर्व मेडिकल बंद ठेवण्यात आले आहेत. मेडिकल बंद असल्याने रुग्णांचे मात्र हाल होत आहेत. मात्र खबरदारी म्हणून मेडिकल असोसिएशन तर्फे रुग्णाचे कुठल्याही प्रकारचे हाल होऊ नये याकरिता शहापूर तहसीलदार कार्यालय , पोलीस स्टेशन, नगरपंचायत व सरकारी रुग्णालयाचे फोन नंबर देण्यात आले आहेत. येथून डॉक्टरांची चिठ्ठी व अत्यावश्यक औषध देण्यासाठी प्रयत्न करण्यात येणार आहेत. \nबाईट- असोसिएशन अध्यक्ष0
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ऑनलाइन दवाओं पर रोक के विरोध में दवा विक्रेताओं की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल
Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर जिले सहित देश भर के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी। इस दौरान केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार की ऑनलाइन दवा बिक्री नीति के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार केसरी और वरिष्ठ पदाधिकारी लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कोरोना काल में आपातकालीन व्यवस्था के तहत ऑनलाइन दवाओं की अनुमति दी गई थी, जिसे सरकार ने अब तक जारी रखा है। इसका दुरुपयोग कर पोर्टल के माध्यम से एक ही प्रिस्क्रिप्शन पर बार-बार दवाएं मंगाई जा रही हैं, जिससे प्रतिबंधित और नशीली दवाओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से बढ़ रहा है। केमिस्टों का आरोप है कि कॉर्पोरेट कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर छोटे खुदरा दवा विक्रेताओं का रोजगार छीन रही हैं, जबकि स्थानीय दुकानदारों को फार्मासिस्ट रखने से लेकर सारे नियम-कायदे पूरे करने पड़ते हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।0
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बूंदी केमिस्ट बंद: मरीजों को दवाइयों की किल्लत, ऑनलाइन बिक्री पर रोक मांग तेज
Noida, Uttar Pradesh:बूंदी में केमिस्ट बंद का असर, मरीजों और तीमारदारों को हुई परेशानी. ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर बुधवार को जिले में केमिस्ट बंद का असर देखने को मिला. बंद के समर्थन में कई मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को जरूरी दवाइयों की उपलब्धता के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर बंद नजर आए, जिसके कारण कई लोग दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई दिए. विशेष रूप से नियमित दवाइयों पर निर्भर मरीजों और अचानक उपचार की जरूरत वाले लोगों को अधिक दिक्कत हुई. केमिस्ट संगठनों ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाते हुए बंद का समर्थन किया. उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और दवाओं की गुणवत्ता व नियंत्रण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.0
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केंद्रीय मंत्री की सख्ती से मुंगेर- जमालपुर जलापूर्ति योजना में सुधार की उम्मीद
Munger, Bihar:प्रशांत कुमार सिंह मुंगेर केंद्रीय मंत्री की फटकार हरकत में आया सिस्टम। जल संकट पर सख्त एक्शन ,बुडको के प्रबंध निदेशक पहुंचे मुंगेर, मुंगेर -जमालपुर जलापूर्ति योजना को लेकर की बैठक मुंगेर : गंगा तट पर बसे मुंगेर शहर में गहराते पेयजल संकट ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के हजारों घरों तक आज भी नियमित जलापूर्ति नहीं पहुंच पा रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह की सख्ती के बाद प्रशासन हरकत में आया है। इसी क्रम में बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने मुंगेर पहुंचकर जलापूर्ति योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।संवाद कक्षा में मुंगेर व जमालपुर जलापूर्ति योजना को लेकर दोनों नगर निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिला समाहरणालय के सभा कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता, जमालपुर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता विजय शील गौतम, मेयर कुमकुम देवी, बुडको के जिला पीडी सत्येंद्र कुमार सहित पीएचडी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में मुंगेर और जमालपुर की जलापूर्ति व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गहन मंथन किया गया। वही बुडको के निदेशक ने बताया की मुंगेर शहरी क्षेत्र में लगभग 15 वार्ड में जलापूर्ति की समस्या है। वहीं कुछ वार्डों में कम प्रेशर की समस्या है। इसको लेकर प्लान तैयार किया गया है तथा अगले वर्ष गर्मी के शुरू होने से पहले योजना को पूर्ण रूप से चालू करने का प्रयास किया जाएगा। दूसरी और शहरी क्षेत्र के जिन घरों को सिवरेज पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया है, उनको भी चिन्हित कर सीवरेज पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। दूसरी और जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के 11 वार्डों में जलापूर्ति की समस्या है। इसको भी लेकर जरूरी प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही दोनों योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा तथा निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। बाइट :अनिमेष कुमार पराशर प्रबंधक निदेशक नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि मुंगेर शहरी क्षेत्र के 13 वार्ड जिसमें पीएचईडी के माध्यम से काम किया गया है, उन क्षेत्रों की समस्या को दूर करने के लिए पीएचईडी को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा अन्य दो वार्ड यहां कम प्रेसर की स्थिति है, उस क्षेत्र में प्राथमिकता के तौर पर ध्यान देते हुए समस्या को उसे दूर किया जाएगा। इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जिन घरों को नहीं जोड़ा जा सका है, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। नगर निगम के माध्यम से शहरी क्षेत्र में कराए गए सर्वे के अनुसार कुल 47 हजार हाउस होल्ड हैं। इसमें से 18 हजार घरों में अभी नल जल का कनेक्शन किया जाना है। निर्धारित अभी तक सभी कार्य को संपन्न कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। बाइट : पार्थ गुप्ता नगर आयुक्त0
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SC ने टेट्रा पैक में शराब बिक्री पर जवाब मांगा; बच्चों तक पहुंच रोकने की मांग
Noida, Uttar Pradesh:बाहर आम-सेब की तस्वीर, अंदर वोडका: टेट्रा पैक में शराब की बिक्री पर SC ने मांगा जवाब\n\nसुप्रीम कोर्ट ने टेट्रा पैक और छोटे पाउच में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है।\nयाचिकाकर्ता का कहना है कि शराब कंपनियां सोची-समझी मार्केटिंग रणनीति के तहत टेट्रा पैक में शराब बेच रही हैं, ताकि शराब को फ्रूट जूस जैसा दिखाया जा सके और कम उम्र के ग्राहकों, खासतौर पर स्कूली बच्चों, को लुभाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि शराब की इस तरह की पैकेजिंग भ्रामक और धोखा देने वाली है। कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों से जवाब मांगा है।\nस्कूली बच्चों को आसानी से मिल रही शराब\nसुप्रीम कोर्ट में यह याचिका 'कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग' नाम के संगठन ने दायर की है। आज सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील विपिन नायर पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि कुछ शराब कंपनियां शराब को ऐसे पैकेट में बेच रही हैं, जिससे वह शराब नहीं बल्कि फलों का जूस लगे।\nउन्होंने कहा कि ऐसे पैकेटों पर बाहर सेब या आम की तस्वीर होती है, लेकिन अंदर वोडका होती है। जूस जैसी दिखने वाली यह पैकेजिंग शराब को छिपाकर ले जाने और आसानी से इस्तेमाल करने में मदद करती है। इससे कम उम्र के बच्चों तक शराब आसानी से पहुंच सकती है। ऐसे पैकेट में शराब होने का अधिकारियों को भी आसानी से पता नहीं चलता। ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने और शराब पीकर गाड़ी चलाने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।\nआबकारी क़ानून में स्पष्टता नहीं\nयाचिका में कहा गया है कि आबकारी कानून के तहत “बोतल” की परिभाषा स्पष्ट नहीं है।ऐसे में 'बॉटलिंग” की एक समान परिभाषा तय होनी चाहिए, जिसमें केवल कांच की बोतलों या साफ तौर पर अलग दिखने वाले कंटेनरों की अनुमति हो।याचिकाकर्ता की मांग है कि केंद्र सरकार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक समान नीति बनाए और टेट्रा पैक में शराब बेचने पर रोक लगाए।\nSC ने पहले भी जताई है चिंता\nइससे पहले, पिछले साल नवंबर में हुई सुनवाई के दौरान भी सुप्रीम कोर्ट ने टेट्रा पैक में शराब बेचने पर चिंता जताई थी। तब मामला दो कंपनियों के बीच ट्रेडमार्क विवाद से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दोनों कंपनियों की बोतलें और टेट्रा पैक कोर्ट में दिखाए थे, जिन्हें देखकर जज भी हैरान रह गए थे।तब कोर्ट ने कहा था कि ऐसे टेट्रा पैक में शराब बेचने से स्कूली बच्चों तक शराब आसानी से पहुंच सकती है। पैकेजिंग देखने में शराब जैसी नहीं लगती, जिससे माता-पिता को भी शक नहीं होता। कोर्ट ने यह भी कहा था कि ऐसा लगता है कि सरकार की चिंता लोगों के स्वास्थ्य से ज्यादा राजस्व कमाने को लेकर है।0
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