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महर्षि महेश योगी विश्व में ने आध्यात्मिक ,भारतीय योग और ध्यान की शिक्षा के साथ जोड़ा
Banda, Uttar Pradesh
बांदा जनपद के अंतर्गत ग्राम भवानी पदारथपुर भगवती ध्यान के प्रणेता महर्षि महेश योगी जी का 109 वां जन्मोत्सव समारोह 'ज्ञान योग दिवस' के रूप में मनाया गया अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया गया तत्पश्चात आश्रम के बटुको द्वारा गुरु परंपरा पूजन, भवति ध्यान का सामूहिक अभ्यास, वेद पाठ, पुरुष सूक्त का पाठ, हनुमान चालीसा वा रुद्राभिषेक पूजन किया गया आश्रम प्रभारी राज नारायण निगम ने बताया कि महर्षि महेश योगी विश्व के एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने भारतीय योग और ध्यान की परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित कियाउन्होंने 'भावातीत ध्यान' की एक सरल और वैज्ञानिक तकनीक विकसित की, जिसे दुनिया भर के लाखों लोगों ने अपनाया। इसे किसी भी धर्म या संप्रदाय का व्यक्ति आसानी से कर सकता हैमहर्षि जी ने ध्यान को केवल अध्यात्म तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आधुनिक विज्ञान से जोड़ा। उन्होंने ध्यान के शारीरिक और मानसिक लाभों को सिद्ध करने के लिए सैकड़ों वैज्ञानिक शोध ।
वैश्विक शांति उन्होंने 'महर्षि प्रभाव' की अवधारणा दी, जिसके अनुसार यदि समाज का एक छोटा सा हिस्सा (लगभग 1%) नियमित ध्यान करे, तो पूरे समाज में अपराध दर कम हो सकती है और शांति स्थापित हो सकती है।उन्होंने आयुर्वेद, गंधर्व वेद, स्थापत्य वेद (वास्तु) और ज्योतिष जैसे प्राचीन भारतीय शास्त्रों को पुनः जीवित किया और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।उन्होंने 'महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय' और 'महर्षि विद्या मंदिर' जैसे संस्थानों की स्थापना की, जहाँ आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ चेतना पर आधारित शिक्षा दी जाती है।महर्षि जी ने पश्चिमी देशों में बीटल्स (The Beatles) जैसे प्रसिद्ध बैंड्स को योग की ओर प्रेरित किया, जिससे 60 और 70 के दशक में भारतीय संस्कृति का पश्चिम में अभूतपूर्व प्रसार हुआ। उन्हें आज भी "शांति का दूत" और "आधुनिक युग का पतंजलि" माना जाता है।ध्यान के माध्यम से पूरे विश्व में सुख शांति एवं समृद्धि स्थापित करने का संदेश दिया है पूरे भारत में सनातन धर्म के उत्थान हेतु गुरुकुल स्थापित कर ब्राह्मणों को निशुल्क वेद पुराण आदि की शिक्षा का कार्य महर्षि जी ने किया है क्योंकि स्वस्थ मस्तिष्क से कार्य करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है महर्षि जी ने पूरे यूरोप में राम मुद्रा चलाई है। महर्षि जी के परम शिष्यों में श्री श्री रविशंकर जी, विटल्स ग्रुप, दीपक चोपड़ा, डॉक्टर टोनी निडर जैसे व्यक्ति शामिल हैं।
कार्यक्रम में बटुक छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न किया गया कार्यक्रम के उपरांत प्रसाद वितरण
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