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Krishan BihariKrishan BihariFollow28 Dec 2024, 09:57 am

महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बलरामपुर पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान

Balrampur, Uttar Pradesh:

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर जनपद में महिलाओं, बालिकाओं, और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला बीट अधिकारियों और नारी सुरक्षा दल ने जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत थाना क्षेत्र के प्रमुख चौराहों, गांवों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चौपाल लगाई गई। महिलाओं को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए बनाए गए कानूनों और नियमों की जानकारी दी गई। साइबर अपराधों से बचाव के लिए OTP शेयरिंग, लकी ड्रॉ फ्रॉड कॉल, स्मार्ट एडिटिंग वीडियो कॉल, और बैंकिंग फ्रॉड की जानकारी भी साझा की गई। पुलिस ने महिलाओं को स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।

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कसरत के लिए लगायें गये बीम खिंचने वाले बांस में बन्दा लगाकर कर लिया आत्म हत्या

Manoj KumarManoj KumarFollow3m ago
Khandwari, Uttar Pradesh:रहस्यमय परिस्थिति में युवक ने किया आत्महत्या चहनियां।बलुआ थाना क्षेत्र के नदेसर मारूफपुर गांव निवासी 28 वर्षीय विकास मौर्या पुत्र अंगद मौर्या मंगलवार की अल सुबह गांव के पूर्वी छोर पर स्थित माँ काली मंदिर के पास युवकों द्वारा बीम खींचने के लिए लगाये गये बॉस नुमा ढांचे पर अपने गमछे से फंदा लगाकर झूल गया। रास्ते पर टहलने गये लोगों की नजर पड़ी तो हो हल्ला मचा और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी। सूचना पाकर मौके पर बलुआ पुलिस पहुँचकर आवश्यक कार्यवाही में जुट गयी। अंगद मौर्य का पुत्र विकास अपने परिजनों संग खेतीं बारी करता था । उक्त घटना के सम्बन्ध में मृत युवक के दादा लालजी मौर्या ने बताया कि विकास प्रतिदिन की भांति अपने घर से टहलने के लिए मंगलवार की अल सुबह करीब 4 बजे खेत की ओर गया। थोड़ी देर बाद परिवार के अन्य लोग भी खेत में लगी सब्जी तोड़ने के लिए गये। लेकिन विकास टहलने के बहाने मंदिर की तरफ चला गया। जहाँ बॉस की झूरमुट आड़ में बच्चों द्वारा बीम खींचने के लिए लगाये गये बॉस के ढांचे पर अपने गमछा से फंदा बनाकर झूल गया। कुछ देर बाद उधर घूमने गये गांव के लोगों की नजर उस पड़ी तो वे लोग चिल्लाये जिस पर पास में ही खेत पर काम कर रहे हम लोग दौड़ कर पहुंचे तो वह मर चुका था। जिसपर पुलिस को सूचना दी गयी। वहीं एसओ बलुआ अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि युवक के मोबाइल पर लगे स्टेटस को देखकर ये मामला आशनाई का लगता है। युवक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार के द्वारा तहरीर मिलने पर आवश्यक जांच और कार्यवाही की जायेगी। मौके पर पहुंची मृतक की माँ बैजन्ती देवी, पत्नी आँकाक्षा, भाई विशाल का रो रोकर बुरा हाल था। मृतक की तीन वर्षीय बेटी आयुषी इन सबसे बेखबर सबका मुंह देख रही थी।
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बरमान घाट पर डूबे युवक की मांझी ने जान बचाई, वीडियो वायरल

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट बरमान रेत घाट बरमान में 25 वर्षीय युवक गहराई में जाने से डूबने लगा; मांझी समाज के युवक ने तत्परता दिखाते हुए नाव से मौके पर पहुँच डूबते हुए युवक की जान बचाई जिसका लाइव वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. रहली जिला सागर निवासी एक परिवार नर्मदा नदी में स्नान करने आये थे. रेत में गहराई में जाने से युवक डूबने लगा जिसे मांझी समझकर सुरक्षित निकाला गया. नर्मदा नदी के वरमान घाट में नर्मदा मंडल युवा मोर्चा माझी समाज 24 घण्टे निशुल्क सेवा दे रही है जिससे नर्मदा नदी में डूबने वालों के लिए वरदान साबित हो रही है
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ट्विशा शर्मा हत्याकांड: सास-न्यायधीश के बयान में नई सफाई, एमटीपी पर उठा सवाल

Noida, Uttar Pradesh:भोपाल, एमपी | ट्विशा शर्मा हत्याकांड के संबंध में पीड़िता की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह कहती हैं, "पांच महीने के भीतर ही मुझे एहसास हो गया था कि उनके विचार काफी उदार थे... 17 तारीख को जैसे ही उन्हें अपनी गर्भावस्था की पुष्टि मिली, उनका पूरा व्यवहार बदल गया; उन्होंने घोषणा कर दी कि वह इस बच्चे को नहीं रखना चाहतीं... उसी शाम जब मैं दफ्तर से घर लौटी, तो मैंने देखा कि वह बहुत buri हालत में थीं; वह खुद को पीट रही थीं। वह लगातार रो रही थीं, 'मैं इस तरह नहीं जी सकती!'... मैंने उनसे कहा, 'अगर आप सचमुच जाना चाहती हैं, तो हम कल के लिए आपका टिकट बुक करा सकते हैं ताकि आप सम्मानपूर्वक जा सकें'... हमें नहीं पता कि वह रात में कहां चली गईं... उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता... वह पूरी तरह से अपनी मर्जी से काम करती हैं, ऐसे कदम उठाती हैं जो पूरी तरह से लापरवाह और आवेगपूर्ण होते हैं... उस घटना के बाद, उनकी मां 23 तारीख को यहां आईं। वह रुकी भी नहीं; उन्होंने बस इतना कहा कि वह 30 तारीख को वापस आ जाएंगी... 30 तारीख को वह वापस आईं और एक बार फिर जाने पर अड़ियल हो गईं। अस्पताल में एमटीपी (गर्भावस्था का चिकित्सकीय समापन) कराने के लिए... वह आगे कहती हैं, "समर्थ के बारे में, लड़के अक्सर आंसुओं के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाते... मेरा बेटा इसलिए परेशान है क्योंकि शुरू से ही उसका व्यवहार ऐसा था... उसने कोशिश की, लेकिन सुधार का कोई संकेत नहीं मिला... कोई खास झगड़ा नहीं हुआ। लेकिन इस एमटीपी के बाद, मन में एक तरह की बेचैनी घर कर जाती है... उसकी ज़िद और उसका यह कहना कि 'आप मुझे नियंत्रित नहीं कर सकते'... अगर किसी के मन में दो परस्पर विरोधी आवाज़ें हों, तो आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?... समर्थ उपस्थित होगा... हालांकि, उसे अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने का भी अधिकार है... यह मूल रूप से एक ऐसा मामला है जिसे खारिज किया जाना चाहिए, और एक ऐसा मामला जिसमें वास्तव में हमें जनता की सहानुभति मिलनी चाहिए। स्वाभाविक रूप से, वह अपने अधिकारों का पूरी तरह से प्रयोग करेगा, और उसका वकील निस्संदेह उसके लिए प्रभावी ढंग से पैरवी करने का प्रयास करेगा।
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चारामा में अज्ञात वाहन की टक्कर से दो दोस्तों की मौत

Dhamtari, Chhattisgarh:चारामा इलाके में एक अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर ने दो दोस्तों की जिंदगी छीन ली... हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है... पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है... जानकारी के मुताबिक चारामा निवासी मुजीब खान अपने दोस्त इंदर गिरी के साथ बीती रात स्कूटी में सवार होकर घर लौट रहे थे... इसी दौरान चारामा के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी... टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और वाहन चालक मौके से फरार हो गया... वहीं हादसे मे स्कूटी सवार इंदर गिरी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल मुजीब खान को फौरन धमतरी जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया... घटना की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी... वहीं पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं.
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AIOCD ने ऑनलाइन फार्मेसी और डीप डिस्काउंट के खिलाफ ऐलान, मरीजों की सुरक्षा पर खतरा?

Noida, Uttar Pradesh:AIOCD ने ऑनलाइन फार्मेसी और डीप डिस्काउंट के खिलाफ किया ऐलान 12.40 लाख केमिस्ट और ड्रगिस्ट सड़कों पर उतरेंगे अवैध ई-फार्मेसी से मरीजों की सुरक्षा पर खतरा: AIOCD फर्जी प्रिस्क्रिप्शन से एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की बिक्री का आरोप AI आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर AIOCD ने जताई चिंता ‘डीप डिस्काउंट’ से छोटे मेडिकल स्टोर्स का अस्तित्व खतरे में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की दवा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कोविड काल की G.S.R. 220(E) अधिसूचना रद्द करने की मांग ई-फार्मेसी से जुड़ी G.S.R. 817(E) वापस लेने की मांग कॉरपोरेट कंपनियों पर अनुचित छूट देने का आरोप सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी “यह व्यापार नहीं, मरीजों की सुरक्षा का मुद्दा है” — AIOCD AIOCD ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की
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ईरान-यूएस-इजरायल युद्ध के असर से बांसवाड़ा में पेट्रोल-डीजल की भीड़ और चिंता

Banswara, Rajasthan:ईरान, अमेरिका, इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत में देखने को मिल रहा है, पिछले दो दिन में पेट्रोल डीजल के बढ़ते भाव और पंपों पर लगी भीड़ को इसी बात का डर है कि पेट्रोल, डीजल जल्द पंप पर बंद हो जाएगा. बांसवाड़ा जिले में 105 टोटल पेट्रोल पंप है जिनमें दो दर्जन पंप पर फिलहाल पेट्रोल डीजल नहीं मिल रहा है, जहाँ मिल रहा है वहाँ पंप पर लंबी कतार देखने को मिल रही है. पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डीजल को लेकर भी एक जरूरतमंद आंकड़ा तय कर दिया गया है: जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देखने को मिल रहा है. पेट्रोल डीजल की कीमत के चलते इसका खासा असर ऑनलाइन पार्सल सप्लाई करने वाले वर्कर पर भी देखने को मिल रहा है. जिला रसद अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि जिले में 105 पेट्रोल पंप जिनमें तीन से चार पेट्रोल पंप ही ड्राई चल रहे हैं, ड्राई रहने के पीछे उन्होंने बताया कि संडे के दिन भुगतान नहीं हो पाता है, ऐसी स्थिति में पेट्रोल की बुकिंग नहीं हो पाती है. फिलहाल पेट्रोल, डीजल खत्म होने का पैनिक लेकर लोग पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरवाने पहुँच रहे हैं, हालांकि पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है. वही रसद अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि जितनी जरूरत है उतना ही डीजल और पेट्रोल ले, और जिले में पर्याप्त पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है.
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ज्ञान भारतम् मिशन: मिथिला पांडुलिपियों की सुरक्षा और शोध को नई दिशा

Noida, Uttar Pradesh:नई दिल्ली में आज माननीय केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर मिथिला की समृद्ध पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, शोध, डिजिटलीकरण एवं पुनर्जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्हें एक पत्र सौंप कर दरभंगा स्थित 'मिथिला शोध संस्थान' को राष्ट्रीय स्तर के 'ज्ञान भारतम् मिशन' (Gyan Bharatam Mission) में शामिल करने का आग्रह किया, ताकि वहां संरक्षित दुर्लभ एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। इससे मिथिला में बिखरी पड़ी दुर्लभ, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक रूप से अमूल्य पांडुलिपियों का बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटलीकरण हो सकेगा। साथ ही, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, ज्योतिष, गणित, चिकित्सा एवं दर्शन जैसे विषयों पर शोध को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार के सहयोग से मिथिला शोध संस्थान के बुनियादी ढांचे को पहले से ही मजबूत किया जा रहा है। मुझे विश्वास है, केंद्र सरकार के 'ज्ञान भारतम्' मिशन से जुड़ने के बाद यह संस्थान पांडुलिपि संरक्षण, ज्ञान परंपरा और उन्नत अनुसंधान के एक बड़े क्षेत्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा। मिथिला की अनमोल बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवंत बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के शेल्टरिंग नियम कड़े, हर जिले में सेंटर की योजना

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: GAURI MAULEKHI (ANIMAL ACTIVIST) ON SUPREME COURT REFUSES TO RECALL ORDER ON SHIFTING STRAY DOGS FROM PUBLIC PLACES TO SHELTERS "मुझे लगता है कि यह एक बैलेंस्ड जजमेंट है। नवंबर में पहले, कोर्ट ने कहा था कि कुत्तों को तुरंत उठाकर शेल्टर में रखा जाए, जो भी हो। आज यहां, सबसे ज़्यादा ज़ोर एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों पर दिया गया। यह निर्देश दिया गया है कि हर ज़िले में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर होना चाहिए। ट्रेंड मैनपावर, ट्रेंड वेटेरिनेरियन होने चाहिए, साथ ही एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ़ इंडिया द्वारा बताए गए प्रोसीजर भी फॉलो करने होंगे। रिपोर्टिंग करनी होगी, और कम्प्लायंस रिपोर्ट हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी। इसलिए एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों पर ध्यान देना बहुत, बहुत अच्छा है, और बाकी राज्य अधिकारियों पर छोड़ दिया गया है कि वे सेंसिटिव एरिया से कुत्तों को कैसे हटाना चाहते हैं..."
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नावा शहर की सांभर झील में हजारों मछलियों की मौत, दुर्गंध से السكان परेशान

Nagaur, Rajasthan:खारे पानी की सांभर झील में हजारों मछलियों की मौत, दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल, संक्रमण फैलने की आशंका, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल पहले हो चुकी है झील क्षेत्र में हजारों प्रवासी पक्षियों की त्रासदी कुछ समय पहले विदेशी पक्षियों की मौत का मामला सामने आने के बाद अब झील में हजारों की संख्या में मछलियां मृत अवस्था में तैरती नजर आ रही हैं। लगातार हो रही मछलियों की मौत से झील के आसपास तेज दुर्गंध फैल गई है, जिससे नAVA शहर सहित आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार झील किनारे बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां सड़ रही हैं, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है और संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण आसपास के क्षेत्रों में रहना और निकलना तक मुश्किल हो गया है। इससे पहले वैश्विक स्तर पर इस झील में हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षियों की त्रासदी हो चुकी है उसके बाद भी स्थानीय प्रसाशन सबब नहीं लेते हुए झील संरक्षण के पुख्ता इंतजामात करने के फेल नजर आ रहे है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि झील में जीवित मछलियों के संरक्षण और निकासी के लिए तो टेंडर जारी किए गए, लेकिन मृत मछलियों को हटाने और सफाई व्यवस्था के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने जल्द कार्रवाई कर मृत मछलियों को हटाने, सफाई कराने और बीमारी फैलने से रोकने की मांग की है。
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राजस्थान में भूजल संकट बढ़ा: 88% ब्लॉक डार्क जोन, 150% दोहन

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में भूजल संकट बढा, 88 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में, 150 प्रतिशत भूजल दोहन. जयपुर- राजस्थान में भूजल संकट की स्थिति खराब होती जा रही है. प्रदेश में भूजल का दोहन लगातार बढता चला जा रहा है. भूजल विभाग की रिपोर्ट के की माने तो अधिकतर ब्लॉक डार्क जोन में चले गए है. 88 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में- राजस्थान में जमीन के नीचे लगातार पानी सूख रहा है. भूजल संकट से गुजर रहे राजस्थान की स्थिति बिगडती जा रही है. प्रदेश के 88 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में चले गए है. केवल 12 प्रतिशत ब्लॉक ही सुरक्षित बचे है. 3 दशको में बदली ग्राउंड वाटर की तस्वीर बिल्कुल बदल गई है. 299 में से 38 ब्लॉक ही सुरक्षित है. जबकि 216 ब्लॉक में अत्यधिक दोहन हो रहा है. भूजल सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 40 साल में राजस्थान की स्थिति एकदम पलट गई है. साल 1984 में राजस्थान में 236 ब्लॉक्स में से 203 पीने के लिए सुरक्षित थे. 10 सेमी क्रिटिकल, 11 क्रिटिकल और 12 अति-दोहन वाले थे. राजस्थान में जितना पानी रिचार्ज होता था उसका 35.75% ही हम इस्तेमाल करते थे. अब 150 प्रतिशत तक पानी को दोहन हो रहा है. यानि जमीन से जो पानी हम खींच रहे हैं वह भविष्य की सेविंग्स है, जिसे हम आज खर्च कर रहे हैं. 30 साल में ऐसे बदली तस्वीर- 1984 में 35 प्रतिशत दोहन,236 में से 203 सुरक्षित ब्लॉक, 1995 में 58 प्रतिशत दोहन,236 में से 127 सुरक्षित ब्लॉक, 2004 में 125 प्रतिशत दोहन,236 में से 34 ही सुरक्षित ब्लॉक, 2013 में 139 प्रतिशत दोहन,248 में से 44 ही सुरक्षित ब्लॉक, 2020 में 150 प्रतिशत दोहन,292 में से 37 सुरक्षित ब्लॉक बचे, 2025 में से 150 प्रतिशत दोहन,299 में से 38 ही सुरक्षित ब्लॉक, पानी की कीमत समझे- राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, सिरोही जैसे जिलों को हर गर्मी में जलसंकट से स्थिति से गुजरना पड़ता है. इन जिलों में गांव के साथ साथ शहरी हिस्सों में भी हालात खराब है. ऐसे में जमीन के नीचे से पानी निकाला जा रहा है, जिससे स्थिति बहुत खराब होती जा रही है. यदि अभी भी नहीं संभले तो आने वाले दिनों में जल संकट और बढ़ेगा. इसलिए हम सबकों पानी की कीमत को समझना चाहिए.
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राजस्थान में भूजल संकट बढ़ा: 88 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में, 150% दोहन

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में भूजल संकट बढ़ा, 88 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में, 150 प्रतिशत भूजल दोहन। जयपुर- राजस्थान में भूजल संकट की स्थिति खराब होती जा रही है. प्रदेश में भूजल का दोहन लगातार बढ़ता चला जा रहा है. भूजल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर ब्लॉक डार्क जोन में चले गए हैं. 88 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में हैं, 12 प्रतिशत ब्लॉक सुरक्षित बचे हैं. तीन दशकों में ग्राउंड वाटर की तस्वीर बदल गई है. 299 में से 38 ब्लॉक अभी सुरक्षित हैं, जबकि 216 ब्लॉक में अत्यधिक दोहन हो रहा है. पिछले 40 साल में राजस्थान की स्थिति पलट गई है. साल 1984 में 236 ब्लॉकों में से 203 पीने के लिए सुरक्षित थे. 10 सेमी क्रिटिकल, 11 क्रिटिकल और 12 अति-दोहन वाले थे. राजस्थान में जितना पानी रिचार्ज होता था उसका 35.75% ही उपयोग करते थे. अब पानी का दोहन लगभग 150 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जिसका अर्थ है कि जमीन से जो पानी खींचा जा रहा है वह भविष्य के लिए बचत है, जिसे आज खर्च कर रहे हैं. इस खास रिपोर्ट में ऐसे बदलावों का ब्योरा है. पानी की कीमत समझे: राजस्थान के जैसलमेर, बारमेर, जोधपुर, सिरोही जैसे जिलों को हर गर्मी में जलसंकट से गुजरना पड़ता है. इन जिलों में गांवों के साथ-साथ शहरी हिस्सों में भी हालात खराब हैं. जल संरक्षण के बावजूद जमीन के नीचे से पानी निकाला जा रहा है, जिससे स्थिति बहुत खराब हो रही है. आगे आने वाले दिनों में जल संकट और बढ़ सकता है. इसीलिए पानी की कीमत समझना जरूरी है.
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