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ANUPAM MISHRAANUPAM MISHRAFollow23 Nov 2024, 09:44 am
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बड़वानी में युवकों द्वारा महिला को ले जाए जाने का वीडियो वायरल

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-लड़की को ले जाते 25 से 30 युवा चीख पुकार मचाती युवती जी हाँ ये जो विडिओ आप देख रहे हो ये सोशल मीडया पर कल से वायरल हो रहा है विडिओ को लेकर मप्र आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष व सेंधवा जनपद सदस्य राहुल सोलंकी ने एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है जिसमे उनके द्वारा ये विडिओ ​कल राजपुर तहसील अंतर्गत जुलवानिया थाना क्षेत्र के ग्राम मोयदा का होना बताया जा रहा है जिसमे कल दिनदहाड़े युवती को ले रहे युवा का विचलित कर देने वाले विडिओ को लेकर उनके द्वारा कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल उठाया है जानकारी अनुसार वाइरल विडिओ आदिवासी युवती का बताया जा रहा है जिसका बेजा हो गया लेकिन वो ससुराल जाना नही चाह रही थी जिसके चलते उसे युवा लेने आए और खींच कर बाईट पर बैठा कर ले गए मामले में जुलवानिया पुलिस से बात की तो उनके पास किसी प्रकार की शिकायत नही आई वंही राजपुर पुलिस द्वारा मामला ग्राम जलगोन का होना बताया जाकर टीम रवाना करने की बात कही है थाना प्रभारी के अनुसार उनके पास किसी तरह की शिकायत नही आई वाइरल विडिओ मोयदा का बताया जा रहा था जानकारी जुटाने पर मामला जलगोन का सामने आया टीम रवाना की है स्पष्ठ होते ही कुछ कहा जा सकता है
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मंडला के बिछिया में साईं कॉलोनी: सड़क-नाली-बिजली के वादे टूटे, रहवासी निराश

Mandla, Madhya Pradesh:एंकर - मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र की एक कॉलोनी… जहां सपनों का आशियाना तो बना, लेकिन सुविधाओं के नाम पर रहवासी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। मामला है वार्ड नंबर 6 स्थित साईं कॉलोनी का, जहां लोगों ने कॉलोनाइजर पर बड़े आरोप लगाए हैं। वीओ - बिछिया क्षेत्र में कृषि और पड़त जमीनों पर कॉलोनियां काटने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इन्हीं में से एक है साईं नगर कॉलोनी… जहां रहवासियों का आरोप है कि प्लॉट बेचते समय सड़क, नाली, पार्क, सुरक्षा और बिजली जैसी सुविधाओं के बड़े वादे किए गए थे। लोगों ने महंगे दामों में प्लॉट खरीदे, मकान बनाए… लेकिन 6 साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं । कॉलोनी में पक्की सड़क नहीं होने से बारिश के मौसम में कीचड़ और गड्ढों से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। वहीं कॉलोनी की सुरक्षा के लिए न बाउंड्री वॉल है और न ही कोई गार्ड… जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है । रहवासियों का कहना है कि खेतों को पाटकर कॉलोनी बसाई गई, जिसके कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव अक्सर घरों तक पहुंच जाते हैं। कॉलोनी में बना पार्क भी रखरखाव के अभाव में झाड़ियों से भर चुका है। वहीं खराब गुणवत्ता की नालियों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही… जिससे मच्छर, बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। बाईट - कालोनी निवासी बाईट - कालोनी निवासी बाईट - कालोनी निवाड़ी वीओ - अब सवाल सिर्फ साईं कॉलोनी का नहीं… बल्कि जिलेभर में बस रही उन कॉलोनियों का है, जहां कृषि भूमि पर निर्माण कर लोगों को प्लॉट बेचे जा रहे हैं। ऐसे मामलों में टीएंडसीपी, रेरा, पर्यावरणीय स्वीकृति, जल-विद्युत अनुमति, ड्रेनेज सिस्टम, अग्निशमन और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। बाईट - राजेन्द्र सिंह - अपर कलेक्टर - मण्डला । फाइनल वीओ - कॉलोनाइजर अपने मुनाफे में सुरक्षित हैं… लेकिन परेशान हैं वहां रहने वाले लोग, जो आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन ऐसी कॉलोनियों की जांच कर रहवासियों को राहत दिलाता है… या फिर सपनों के घर यूं ही समस्याओं में घिरे रहेंगे।
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राजनांदगांव में मानसून कम, शिवनाथ नदी में पानी घटा

Rajnandgaon, Chhattisgarh:राजनांदगांव में इस बार मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है. जिले में औसत से कम बारिश होने का असर अब साफ तौर पर शिवनाथ नदी पर भी दिखाई देने लगा है. बीते शनिवार और रविवार को हुई तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव जरूर हुआ और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन शहर की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी में उस बारिश का खास असर नजर नहीं आया. आम तौर पर जुलाई के इस दौर में शिवनाथ नदी उफान पर रहती है और नदी का जलस्तर इतना बढ़ जाता है कि छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है. लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है. नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है और छोटे पुल से करीब तीन फीट नीचे पानी बह रहा है. हालात यह हैं कि नदी पर बने एनीकट के गेट खोलने की नौबत भी नहीं आई है. एनीकट के नीचे घुटनों तक ही पानी है, जहां मछुआरे आराम से मछली पकड़ते दिखाई दे रहे हैं. यह दृश्य इस बात की गवाही दे रहा है कि जिले में अब तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है. दरअसल, मोहला-मानपुर के वनांचल क्षेत्र में भी अपेक्षित बारिश नहीं होने से वहां बने बैराजों में पर्याप्त जलभराव नहीं हुआ है. इसी वजह से बैराजों के गेट नहीं खोले गए हैं. सामान्य तौर पर बैराजों के गेट खुलने के बाद शिवनाथ नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है और कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति अभी तक नहीं बनी है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजनांदगांव जिले में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है. यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो इसका असर न सिर्फ नदियों और जलाशयों पर पड़ेगा, बल्कि खेती-किसानी और पेयजल व्यवस्था पर भी चिंता बढ़ सकती है.
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आगर-मालवा के बगलामुखी मंदिर दान-चढ़ावे मामले में जांच शुरू

Agar, Madhya Pradesh:आगर-मालवा के विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर में दान और चढ़ावे को लेकर विवाद उठा है। करोड़ों की आस्था से जुड़े इस मंदिर में वित्तीय गड़बड़ियों और निजी खातों में दान लेने के आरोपों के बाद कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है। अब सात दिनों में पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं। प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में मिली शिकायतों के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति द्वारा शासकीय प्रबंधन समिति से अलग श्रद्धालुओं से नकद और सोना-चांदी के रूप में दान लेने, निजी बैंक खातों के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। समिति में जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिन्नी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। जांच दल मंदिर परिसर का निरीक्षण करेगा, दान और चढ़ावे की व्यवस्था की पड़ताल करेगा, रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो संदिग्ध नहीं है। कलेक्टर ने जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी साक्ष्य जुटाकर अपनी रिपोर्ट, अभिमत और अनुशंसाओं के साथ सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। अब सबकी नजर इस जांच पर टिकी है कि आखिर आस्था के इस बड़े केंद्र में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है।
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दौसा में निजी स्लीपर बस अनियंत्रित, पेट्रोल पंप से टकराने पर छह घायल

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा निजी स्लीपर बस हुई अनियंत्रित पेट्रोल पंप की दिवार से टकराईं आधा दर्जन यात्री हुए चोटिल मानपुर थाना पुलिस मौके पर घायलों को भेजा सिकराय अस्पताल नेशनल हाईवे 21 सवास के पास मानपुर थाना क्षेत्र की घटना दौसा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में एनएच 21 पर जयपुर से आगरा जा रही एक निजी स्लीपर बस और अनियंत्रित होकर सवांस गांव के समीप एक पेट्रोल पंप की तरफ पहुंच गई और सुरक्षा दीवार तोड़कर खेत में जाकर में बस में सवार आधा दर्जन लोग चोटिल हो गए घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची जहां से घायलों को सिकराय अस्पताल पहुंचाया गया घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है जिसमें बस अनियंत्रित होकर पेट्रोल पंप की तरफ जाती हुई दिखाई दे रही है गनीमत रही सीएनजी डिस्पैचिंग मशीन से बस नहीं टकराई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था बस सीधे हाईवे से जा रही थी और अचानक लहराते हुए पेट्रोल पंप की तरफ घूम गई हादसे की वजह क्या रही यह तो अभी तक साफ नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि स्टेरिंग फेल होने की वजह से हादसा हुआ अब पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है
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कोरबा में बारिश के बाद परसाखोला जलप्रपात दूधधारा बनकर पर्यटकों को आकर्षित

Korba, Chhattisgarh:कोरबा में बारिश थमने के बाद प्रकृति ने अपनी सबसे अनुपम छटा बिखेर दी है। जिससे पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों में नया उत्साह भर गया है। कोरबा जिले के तमाम वाटरफॉल शबाब पर नजर आ रहे हैं, लेकिन बालको से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पहाड़ी और जंगल के बीच परसाखोला वाटर फॉल की खूबसूरती देखते ही बन रही है। करीब 60 फीट ऊंचाई से गिरता झरना वातावरण में एक अलग ही संगीत घोल रहा है दरअसल पिछले कुछ दिनों से जिले मूसलाधार बारिश हुई है। जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र भी तरबतर हो गए है। पहाड़ी इलाकों में हुई जोरदार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। वही दूसरी तरफ प्रकृति की खूबसूरती पर भी चार चांद लग गई है। परसाखोला इलाके में बादलों ने पहाड़ों को अपनी आगोश में ले लिया है। घने जंगल से घिरे खेत एक अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं। खासकर, परसाखोला का यह झरना इस बार सालों बाद ‘दूधधारा’ के स्वरूप में नजर आया है जिसे देखने पर्यटक पहुंच रहे हैं लेकिन वॉटरफॉल देखना निश्चित रूप से सुकून देता है, पर ज़रा सी लापरवाही या अति-उत्साह इसे पल भर में जानलेवा बना सकता है. पहाड़ों या ऊपरी इलाकों में बारिश होने पर झरने का बहाव अचानक कई गुना बढ़ सकता है, जिससे चट्टानों पर बैठे लोग फंस जाते है साथ ही फिसलन, और गहराई का अंदाजा न होना जान पर भारी पड़ जाता है.
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आगर-मालवा के बगलामुखी मंदिर में दान-चढ़ावे चोरी मामले की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

बंगलामुखी मंदिर में चंदा चोरी का मामला,जांच कमेटी का गठन आगर-मालवा के विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी का मामला... आस्था से जुड़े इस मंदिर में वित्तीय गड़बड़ियों और निजी खातों में दान लेने के आरोपों के बाद कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन सदस्यीय जांच दल गठित की... अब सात दिनों में पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं। विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में मिली शिकायतों के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर प्रीति यादव के जारी आदेश में कहा गया है कि मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति द्वारा शासकीय प्रबंधन समिति से अलग श्रद्धालुओं से नकद और सोना-चांदी के रूप में दान लेने, निजी बैंक खातों के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए जिला पंचायत के प्रमुख कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। समिति में जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिन्नी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। जांच दल मंदिर परिसर का निरीक्षण करेगा, दान और चढ़ावे की व्यवस्था की पड़ताल करेगा, रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो संदिग्ध नहीं है। कलेक्टर ने जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी साक्ष्य जुटाकर अपनी रिपोर्ट, अभिमत और अनुशंसाओं के साथ सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। (कलेक्टर का जांच वाला आदेश)
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