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कपासहेड़ा में 3 साल की बच्ची हत्या आरोपी एनकाउंटर में गिरफ्तार, परिजनों में हलचल

New Delhi, Delhi:मृतक बच्ची लपता हुई थी चार दिन बाद डेड बॉडी मिली 3 साल की लापता लड़की की हत्या के मामले हत्या आरोपी को एनकाउंटर के बाद पकडा हत्या के आरोपी के पैर में लगी गोली पुलिस से बचने के लिए पुलिस पर चली गोली कपासहेड़ा 10.07.2026 की शाम को कपासहेड़ा में एक 3 साल की बच्ची के लापता होने की जानकारी मिली BNS रजिस्टर किया गया और जांच शुरू की गई। चार दिन के बाद 14/15.07.2026 की दरमियानी रात को, FIMT कॉलेज के पास कपासहेड़ा नाले से एक बच्ची की लाश मिलने की जानकारी मिली। मरने वाली लड़की की पहचान उसी लापता लड़की के तौर पर हुई। क्राइम टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया और पोस्टमॉर्टम जांच से यह कन्फर्म हो गया कि बच्ची की हत्या की गई थी और लाश को ठिकाने लगा दिया गया था। CCTV फुटेज के एनालिसिस के दौरान, एक संदिग्ध की पहचान हुई, चंदन कुमार (37 साल), जो बलिया, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था, जिसकी हरकतें संदिग्ध पाई गईं। 16.07.26 को, गांव कपासहेड़ा में उसके ठिकाने पर रेड की गई। जब पुलिस टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। प्राइवेट डिफेंस के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए और उसे अरेस्ट करने के लिए, पुलिस टीम ने एक राउंड फायर किया, जिससे उसके बाएं पैर में चोट लग गई। आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया। उसके पास से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। शुरुआती पूछताछ में, आरोपी ने 3 साल की बच्ची की हत्या की बात कबूल कर ली। जांच में आगे पता चला कि वह पीड़िता के साथ ही उसी बिल्डिंग में रहता था और उसका पड़ोसी था। उसे तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। आरोपी, चंदन कुमार (37), पेशे से टेलर है और कपासहेड़ा में रहता था। वह शादीशुदा है, जबकि उसकी पत्नी और पांच साल का बेटा उत्तर प्रदेश के बलिया में उसके पैतृक गांव में रहते हैं। आगे की जांच चल रही है, कानून के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और हत्या के पीछे का मकसद पता लगाने की कोशिश की जा रही है。
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जनकपुरी में जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव: हजारों भक्तों ने दर्शन किए

New Delhi, Delhi:भगवान श्री जगनाथ रथ यात्रा महोत्सव में आलोक कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद सहित हजारों भक्त दर्शन करने पहुँचे। हजारों भक्तों ने रथ यात्रा में रस्सी खींची, भगवान श्री जगन्नाथ धाम जनकपुरी जय जय जगन्नाथ जी के जयकारे से गूंज उठा। लोकेशन: जनकपुरी। ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों पर निकल रहे हैं और दर्शन के लिए लोग लाइन में खड़े रहे। जगन्नाथ पुरी धाम जनकपुरी पहुँच कर दर्शन कर रहे हैं। शरद भारद्वाज नायक-वल्लभ वैष्णव संप्रदायाचार्य आदि ने धार्मिक आह्वान किया। अलोक कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्व परिषद ने भी संबोधन दिया।
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पुरानी दिल्ली SIR ड्यूटी पर महिला टीचर के साथ बदसलूकी, 4 गिरफ्तार

पुरानी दिल्ली SIR ड्यूटी पर तैनात महिला टीचर से बदसलूकी और काम में बाधा, 4 आरोपी गिरफ्तार दिल्ली के चांदनी महल इलाके में चुनाव आयोग की विशेष ड्यूटी (BLO) पर तैनात एक महिला टीचर के साथ बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली सरकार की एक PGT (स्पेशल एजुकेशन टीचर) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) हैं। आरोपी मोहम्मद सबरीन (44), अतीक उर रहमान (58), मोहम्मद आसिफ (50) और मोहम्मद आफताब (44) हैं, जो तुर्कमान गेट के निवासी हैं। पीड़िता के साथ बदसलूकी की गई, जबरन उनके रजिस्टर पर दस्तखत किए गए, गाली गलौज की गई और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई। यह घटना पुरानी दिल्ली के पाठक तेलियां चांदनी महल थाना क्षेत्र में हुई। 5 जुलाई 2026 को SIR अभियान के दौरान घटी। पुलिस को इसकी सूचना 15 जुलाई 2026 को दी गई। आरोपी चुनाव आयोग के विशेष SIR फॉर्म को स्वीकार करने से इनकार कर रहे थे और जबरन महिला अधिकारी पर दबाव बना रहे थे। जब महिला अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रही थीं, तब एक आरोपी ने उनकी आपत्ति के बावजूद जबरन BLO रजिस्टर को उनके पैर गोद पर रखकर हस्ताक्षर कर दिए। विरोध करने पर वहां मौजूद अन्य लोगों ने गाली गलौज की और उन्हें अपमानित किया। घटना 5 जुलाई की थी, लेकिन इसकी शिकायत 15 जुलाई को दर्ज कराई गई। पीड़िता ने बताया कि विभागीय senior अधिकारियों से उचित कानूनी कार्रवाई और परामर्श की प्रक्रिया के कारण रिपोर्ट दर्ज कराने में देरी हुई। एडीएम ओल्ड दिल्ली के हस्तक्षेप के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा。 यह मामला केवल एक महिला कर्मचारी से बदसलूकी का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के काम में सीधे तौर पर बाधा डालने का है। दिल्ली पुलिस ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत धारा 221, 132, 79, 74 और 3(5) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि महिला और ऑन ड्यूटी सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है。 पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब मामले की गहन जांच कर रहा है ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। इस घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में BLO और चुनाव कर्मियों की सुरक्षा को और मजबूत किए जाने की मांग उठ रही है。 बाइट डी सी पी सेंट्रल रोहित राजबीर
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हाईकोर्ट ने पंचायत-निकाय चुनाव शेड्यूल 20 जुलाई तक पेश करने के निर्देश दिए

Jaipur, Rajasthan:हाई कोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के वकील प्रेमचंद देवंदा की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कराने के जुड़े मामले में 20 जुलाई तक चुनाव शेड्यूल अदालत में पेश करने को कहा है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और आयोग आपस में तय कर अदालत में जानकारी दें की आरक्षण को लेकर आयोग कब तक अपनी रिपोर्ट देगा। इसके अलावा राज्य सरकार कब तक लॉटरी निकालेगी और उसके बाद आयोग चुनाव की तारीख घोषित करेगा। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह आदेश गिरिराज देवंदा और संयम लोढ़ा की याचिका में राज्य सरकार की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि आगामी सुनवाई को सभी संबंधित अधिकारी अदालत से जुड़ेंगे। बॉडी- सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालना में राज्य निर्वाचन आयुक्त और ओबीसी आयोग राजनीतिक के सचिव-सलाहकार वीसी के जरिए अदालत में hाजिर हुए। अदालत ने चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह को कहा कि पहले भी कोर्ट की ओर से तय तारीख गुजरने के बाद आयोग ने कार्यक्रम जारी किया था। क्या आप चाहते हैं कि हम आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आरंभ करें। आपसे काम नहीं हो रहा तो हम हाईकोर्ट जज से भी यह कार्य करवा सकते हैं। वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता अमित कुडी ने शपथ पत्र पेश कर कहा कि हमें ओबीसी, एससी, एसटी और महिला आरक्षण को लेकर सरकार से वर्गीकरण मिल जाता है तो हम दो दिन में चुनाव प्रक्रिया आरंभ करने की स्थिति में हैं। अदालत ने ओबीसी आयोग को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने मई, 2025 में आयोग का तीन माह के लिए गठन किया था तो उन्होंने रिपोर्ट क्यों नहीं दी। इसके साथ ही अदालत ने 20 जुलाई को चुनाव शेड्यूल पेश करने को कहा है। バックग्राउंड- गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने गत 14 नवंबर को आदेश जारी कर 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर चुनाव कराने की समय सीमा बढ़ाने की गुहार की थी। जिस पर गत 22 मई को सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव कराने की समय सीमा 31 जुलाई तक बढ़ा दी थी। इस बीच चुनाव प्रक्रिया आरंभ नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने अदालत में अवमानना याचिका दायर की। वहीं राज्य सरकार ने एक बार फिर प्रार्थना पत्र पेश करते हुए नवंबर माह के बाद चुनाव कराने की अनुमति मांगी है। कथ्य- प्रेमचंद देवंदा, याचिकाकर्ता के वकील
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अजमेर में अवैध बांग्लादेशी प्रवास रोकथाम अभियान में गिरफ्तार महिला

Noida, Uttar Pradesh:अजमेर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कृष्णगंज थाना पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम ने संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने जून माह में अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर जयपुर और ब्यावर होते हुए 14 जुलाई को अजमेर आना कबूला है। फिलहाल उसे डिटेंशन सेंटर भेजा गया है。 जून में आई थी भारत पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी-रोहिंग्या नागरिकों की पहचान के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर एवं मुख्यालय) हिमांशु जांगिड़, सीओ (उत्तर) शिवम जोशी के सुपरविजन में कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविन्द सिंह चारण, सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कृष्णगंज क्षेत्र स्थित विनायक होटल से संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया। पुलिस को महिला की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसके दस्तावेज और भारत आने के संबंध में भी जानकारी जुटाई। पुलिस को उसने अपनी पहचान बांग्लादेश ढाका किशोरगंज निवासी मीम अख्तर (28) पुत्री अब्दुल सत्तार बताई। अग्रवाला ने बताया कि पूछताछ में उसने जून माह में अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश अन्तरराष्ट्रीय सीमा पार कर आना स्वीकार किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह काम की तलाश में पहले जयपुर, फिर ब्यावर और उसके बाद 14 जुलाई को अजमेर पहुंची। फिलहाल पुलिस उसके बयान का सत्यापन करने के साथ यह भी पता लगा रही है कि भारत में आने के बाद वह किन-किन लोगों के संपर्क में रही और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
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मारुती नेक्सा वर्कशॉप में करंट से मौत, परिजनों ने मुआवजे की मांग पर धरना

Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित मारुती नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से एक कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर राजकीय BD अस्पताल में हंगामा किया और शव का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया. मुआवजे के लिए पांच घंटे से धरना चल रहा है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. मृतक के परिजन और मोहल्ले के लोग पिछले पांच घंटे से अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे हैं. परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मुआवजे की मांग पूरी नहीं हो जाती, शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे. बयान में कहा गया है कि कई बार बातचीत हुई, परन्तु सभी बार विफल रही. मामले को सुलझाने के लिए कंपनी के प्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक दो-तीन बार वार्ता की जा चुकी है, लेकिन समझौता नहीं हो पाया. मृतक के परिवार और मोहल्ले के लोग चाहते हैं कि मुआवजे की उचित व्यवस्था मिल जाए. अस्पताल परिसर में स्थिति शांतिपूर्ण बनाने के प्रयास जारी हैं. मौके पर पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी पहुंचे और कंपनी के कर्मचारियों से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
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जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने कैटल फीड पर रोक देकर चारा कारोबारियों को राहत दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कृषि उपज मंडी क्षेत्र में पशु चारा (कैटल फीड) का कारोबार करने वाले व्यवसायियों को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ यूजर चार्ज वसूली की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस समीर जैन ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नवनीत सिंह बिर्ख ने कोर्ट को बताया कि यह मामला पहले से लंबित प्रकरण से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। उन्होंने 8 मई 2026 के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए कहा कि मंडी प्रशासन ने कैटल फीड को कृषि उपज मानकर राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम की धारा 17-बी के तहत यूजर चार्ज लगाने की कार्रवाई शुरू की है, जबकि यह उत्पाद कृषि उपज की श्रेणी में नहीं आता। दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए और मामले को दो सप्ताह बाद पूर्व से लंबित याचिका के साथ सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। साथ ही, कोर्ट ने 13 अगस्त 2025 के कारण बताओ नोटिस के आधार पर आगे की समस्त कार्रवाई पर रोक लगाते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के कैटल फीड के विक्रय के संबंध में किसी भी प्रकार की दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे मंडी क्षेत्र के चारा कारोबारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
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राजस्थान HC ने MBM विश्वविद्यालय के कुलपति अजय शर्मा पर अंतरिम रोक लगाई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय कुमार शर्मा को अंतरिम राहत देते हुए राज्यपाल सचिवालय के 3 जुलाई 2026 के आदेश में की गई उस टिप्पणी के प्रभाव पर रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच रिपोर्ट में सही पाए गए हैं। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने मामले में राज्यपाल सचिवालय को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही स्थगन आवेदन पर भी नोटिस जारी किए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं रमित मेहता और तरुण दूदिया ने कोर्ट को बताया कि कुलपति ने कर्मचारी की पुनर्बहाली संबंधी आदेश को चुनौती नहीं दी है। उनकी आपत्ति केवल उन टिप्पणियों पर है, जिनमें कहा गया कि उन्होंने अध्यादेश 327(5) का दुरुपयोग किया और उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच में सही पाए गए। कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि जांच समिति ने केवल मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को सही माना था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए कुलपति के विरुद्ध यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच नहीं की, क्योंकि नियोक्ता के खिलाफ ऐसी जांच उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं थी। प्रथमदृष्टया दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक राज्यपाल सचिवालय के आदेश में यौन उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाने संबंधी टिप्पणी के संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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