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Kuldeep ChauhanKuldeep ChauhanFollow27 Sept 2024, 01:24 am
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दुकान के बरामदे में सो रहे अधेड़ की ह"त्या, जांच में जुटी पुलिस

ATAlok TripathiFollowJust now
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में बेखौफ बदमाशों ने एक अधेड़ की सिर पर भारी वस्तु से वार कर निर्मम हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब अधेड़ दुकान के बरामदे में सो रहा था। सुबह जब लोगों ने शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दरअसल मामला करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि नेवादा गांव निवासी रामबचन ठाकुर हरदासपुर गांव में बनी दुकानों के बरामदे में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब आसपास के लोगों की नजर शव पर पड़ी तो इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने मामले की पुष्टि की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के पीछे की वजह व आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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मथुरा में ओलावृष्टि-बारिश से फसलें चौपट, किसान मुआवजे की आस में

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा: ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, मुआवजे की आस में अन्नदाता मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पिछले दिनों हुई भारी ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी और कटी रखी फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कुदरत की मार से फसलें जमींदोज मथुरा के विभिन्न ब्लॉकों और ग्रामीण इलाकों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों ने गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। किसानों का कहना है कि साल भर की मेहनत और लागत चंद घंटों में मिट्टी में मिल गई। * गेहूं: तेज हवा और बारिश से फसल खेतों में बिछ गई है。 * सरसों: पककर तैयार सरसों की फलियां ओलों की मार से टूटकर गिर गई हैं。 * सब्जियां: बेमौसम बारिश ने सब्जियों की खेती को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकारी मुआवजे का इंतजार फसलें बर्बाद होने के बाद अब जिले का किसान पूरी तरह सरकारी मदद पर निर्भर है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है。 > "कर्ज लेकर फसल उगाई थी, लेकिन कुदरत ने सब छीन लिया। अब सरकार से ही उम्मीद है कि वो हमारे नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द सहायता राशि प्रदान करे।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक रुख राजस्व विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि यदि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर इसकी सूचना संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को दें, ताकि क्लेम की प्रक्रिया शुरू की जा सके। मथुरा का किसान फिलहाल आसमान की ओर देख रहा है—कल तक जो बारिश अमृत थी, आज वही उनके लिए आफत बनकर बरसी है। अब देखना यह है कि सरकारी तंत्र कितनी जल्दी इन किसानों के जख्मों पर मरहम लगा पाता है。
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सिंगापुर उच्चायुक्त का कुशीनगर भ्रमण: महापरिनिर्वाण स्थल देखे, एयरपोर्ट पर निवेश संकेत

Noida, Uttar Pradesh:सिंगापुर उच्चायुक्त ने कुशीनगर में किया भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल का भृमण भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल, रामाभर स्तूप, माथा कुँवर श्र Shrine व थाई टेम्पल का किया भ्रमण सीएम से मिलने के बाद वन्दे भारत से की लखनऊ से गोरखपुर की यात्रा कुशीनगर एयरपोर्ट का भी किया अवलोकन, उत्तर प्रदेश और कुशीनगर में निवेश के नए द्वार खोलेगा सिंगापुर कनेक्टिविटी की दृष्टि से कुशीनगर एयरपोर्ट है बेहतर व मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर: सिंगापुर उच्चायुक्त जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने किया उच्चायुक्त का स्वागत
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बेमेतरा में अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, कई वाहन जब्त

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले में अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई हुई है। जी मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त टीम ने छापेमारी कर कई वाहन जब्त किए हैं। थानखम्हरिया क्षेत्र के कुरदा और जेवरा गांव में कार्रवाई करते हुए 1 जेसीबी, 2 हाईवा और 1 मजदा वाहन को जब्त किया गया है। सभी वाहनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें बेरला थाना में सुरक्षित रखा गया है। जी मीडिया में खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध उत्खनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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मैहर के अस्पताल में एक्सपायर्ड दवाइयों की लापरवाही, परिजनों की सचेतना ने दुर्घटना टाली

Maihar, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सिविल अस्पताल में एक मासूम बच्चे को एक्सपायरी डेट की दवाइयां दे दी गईं। समय रहते परिजनों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। मामला सिविल अस्पताल अमरपाटन का है, जहां करौंदी छापना निवासी संदीप साकेत अपने 6 वर्षीय बेटे समीर को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर द्वारा जांच के बाद दवाइयां लिखी गईं, लेकिन अस्पताल में मौजूद फार्मासिस्ट की लापरवाही के चलते उन्हें एक्सपायरी डेट की दवाइयां थमा दी गईं। संदीप साकेत की सतर्कता ने यहां बड़ी भूमिका निभाई। दवाइयों पर एक्सपायरी डेट स्पष्ट नहीं दिख रही थी, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने दवा की जानकारी गूगल पर जांची, जिसमें पता चला कि दवा फरवरी 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी है, जबकि वर्तमान तारीख 4 अप्रैल 2026 है। गनीमत रही कि परिजनों ने बच्चे को वह दवा नहीं दी, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। पीड़ित पिता ने मामले की शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर समय रहते परिजन जागरूक न होते, तो यह मामला गंभीर हो सकता था। फिलहाल देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।
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मोदी की प्रेरणा से असम के मजदूर पहली बार अयोध्या पहुंचे, दर्शन किए

Ayodhya, Uttar Pradesh:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से असम के डिब्रूगढ़ के मनोहरी चाय बागान के 30 श्रमिकों का दल पहली बार अयोध्या पहुंचा। इस दल में 25 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल रहे, जिनके लिए यह यात्रा किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। श्रद्धालुओं ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी उनके चाय बागान पहुंचे थे, तब उन्होंने पूछा था कि क्या उन्होंने कभी काशी और अयोध्या का दर्शन किया है। जब जवाब ‘नहीं’ में मिला, तो प्रधानमंत्री ने उन्हें इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए प्रेरित किया। उसी प्रेरणा के चलते यह दल अब अयोध्या पहुंच सका। सुबह करीब 6 बजे अयोध्या पहुंचने पर कारसेवक पुरम में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान किया और फिर हनुमानगढ़ी, नागेश्वर नाथ मंदिर, दशरथ महल, कनक भवन और राम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने अपनी इस यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि अयोध्या में उन्हें बेहद बेहतर व्यवस्था और सुविधाएं मिलीं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि उन श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक अनुभव भी साबित हुई, जिन्होंने पहली बार अपने जीवन में अयोध्या धाम के दर्शन किए।
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हांसी के समाधा मंदिर का लटकता बरगद: आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम

Hansi, Haryana:अनिल बंसल, पंकज कुमार, विकास सिंह (भक्तों की), हांसी SD महिला महाविद्यालय प्रोफेसर एवं प्राचार्य सुरेश गुप्ता हांसी हांसी जिला के समधा मंदिर परिसर में स्थित बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज नाम से प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर आस्था का प्रतीक माना जाता यह बरगद का पेड़ वास्तव में चमत्कार नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक घटना सदियों पुराना यह पेड़ हवा में लटका हुआ दिखता,पेड़ की टहनियां फिर भी हरी पेड़ के नीचे के हिस्सा मिट्टी में गहराई से धंसे हुआ सुख चुका एक खास बात हो इसको अगर हिलाओगे तो यह पेड़ हिलता भी लोग इस पेड़ को बहुत पवित्र मान रहे मान्यता है कि यह बाबा जगन्नाथपुरी की तपस्या का स्थान था यह अद्भुत पेड़ जो लोगों के लिए चमत्कार बना हुआ यह पेड़ न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण यह पेड़ हमें प्रकृति की अद्भुत शक्ति का एहसास कराता है मान्यता यह भी मंदिर में जोहड़ से होते है चर्म रोग ठीक प्रोफेसर बोले वैज्ञानिक दृष्टि से बरगद के पेड़ की टहनियां दूसरे बरगद के पेड़ से जुड़ी हुई हवा में झुकता यह पेड़ अपनी जरूरत के अनुसार पोषक तत्व और नमी आसपास के पेड़ों और वातावरण से प्राप्त कर लेता हरियाणा के हांसी जिला के प्रसिद्ध प्राचीन समाधा मंदिर परिसर में बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज की तपस्या स्थली आस्था ओर विश्वास का प्रमुख आकर्षण केंद है। यहा मौजूद एक अनोखा बरगद का पेड़ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विशेष आकर्षण का विषय बना हुआ है। यह पेड़ देखने में ऐसा प्रतीत होता है मानो हवा में लटका हुआ हो। इसकी ऊपरी टहनियां आज भी हरी-भरी हैं, जबकि नीचे का हिस्सा पूरा सूख चुका है। पेड़ की जड़ें न होने के बावजूद हरा हैं। एक खास बात यह कि अगर आप इस पेड़ को हिलाओगे तो यह पेड़ हिलता भी है। भारत देश अनेकों ऋषि-मुनियों रहा है। भारत देश के हर कोने में रहस्य और अनोखी कहानियां भरी हुई है। यहां कई ऐसी जगहें हैं, जिनके रहस्य आज भी अनसुलझे है। कभी-कभी किसी किले की दबी कहानी सामने आती है तो कभी किसी मंदिर का चमत्कारिक इतिहास सुनाई देता है। ऐसे ही एक हांसी के समाधा मंदिर की कहानी है, जो अपने लटकते पेड़ के लिए प्रसिद्ध है। दरअसल टूटे हुए इस पेड़ के साथ कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इस पेड़ को अक्षय वट वृक्ष या बड़का पेड़ के नाम से जाना जाता है। आपको बता दे कि इस अद्भुत स्वरूप के कारण लोग इसे चमत्कार मानते हैं और बड़ी श्रद्धा के साथ इसकी पूजा करते हैं। जो भी बाबा से सच्चे मन से मांगता है। बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज उसकी हर मुरीद पूरी करते है। मान्यता के अनुसार, यह स्थान बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज की तपस्या स्थली रहा है। इसलिए इस पेड़ को बेहद पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु यहां आकर मन्नतें मांगते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।यह अनोखा पेड़ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्रकृति की अद्भुत संरachaना और जीवन शक्ति का भी शानदार उदाहरण है, जो लोगों को आश्चर्यचकित जरूर करता है। ऐसी मान्यता है कि सन 1586 ईसवी में जगन्नाथ पुरी बाबा इस मंदिर में आए थे। लोगों का मानना है कि वो इस पेड़ के नीचे तपस्या करते थे। और उन्होंने यहीं पर समाधि भी ली। इसलिए लोग इस पेड़ को चमत्कारी समझते हैं। इसके चारों ओर लाल कलावा बांध कर पूजा करते करते हैं। इस हवा में लटकते पेड़ का आशीर्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इसके साथ लगते जोहड़ से चर्म रोग ठीक होते है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि प्रकृति की एक अनोखी प्रक्रिया है। यहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में एक अनोखा पेड़ है। जो हवा में लटका हुआ दिखाई देता है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इस पेड़ की कोई भी जड़ जमीन से नहीं जुड़ी है। और ये हवा में झूल रहा है। हमारी इस पेड़ से गहरी आस्था है। यह पवित्र बरगद का पेड़ है। हम इसकी पूजा करने के लिए आते है।पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाबा जगन्नाथपुरी जी इसी पेड़ के नीचे तपस्या करते थे। यही उन्होंने समाधि ली थी। हांसी SD कॉलेज प्रोफेसर एवं प्राचार्य सुरेश गुप्ता ने बताया कि हांसी के समाधा मंदिर परिसर में स्थित यह अनोखा बरगद का पेड़ हवा में झूलता हुआ दिखाई देता है। इसके प्रति लोगों की गहरी आस्था जरूर है। हवा में झूलते हुए इस बरगद की टहनियां पास के दूसरे बरगद के पेड़ की टहनियों से जुड़ी हुई हैं। इसी कारण यह पेड़ अपनी जरूरत के अनुसार पोषक तत्व और नमी आसपास के पेड़ों और वातावरण से प्राप्त कर लेता। वैज्ञानिक दृष्टि से इसे पेड़ों के बीच प्राकृतिक सह-अस्तित्व माना जा सकता है, जहां जड़ें, शाखाएं और हवा में फैली जटाएं मिलकर एक तरह का सपोर्ट सिस्टम बना देती हैं। यही वजह है कि नीचे का हिस्सा सूखने के बावजूद पेड़ की ऊपरी टहनियां हरी-भरी बनी हुई हैं। अगर यह दूसरे पेड़ की टहनियां से जुड़ा नहीं होता तो यह हरा भी नहीं होता। इसके हरा रहने का वैज्ञानिक कारण यही है कि इसकी अपनी जरूरत की सारे पोषक तत्व मिल जाते है। इस तरह यह पेड़ यह दिखाता है कि प्रकृति में जीवित रहने के कई अनोखे तरीके होते हैं। जहां एक ओर लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर यह वैज्ञानिक रूप से पेड़ों की जीवन क्षमता और अनुकूलन का शानदार उदाहरण है.
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CM विष्णुदेव साय का दावा: बंगाल में बीजेपी मजबूत, ममता बनर्जी पर बड़ा हमला

Begun, Rajasthan:रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान अपने विधानसभा क्षेत्र जा रहे है. कई कार्यक्रम मे शामिल होंगे.. बंगाल चुनाव को लेकर कहा- बंगाल मे बीजेपी की अच्छी स्थिति है.. चार विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी के नामंकन मे शामिल हुआ.. ऐतिहासिक रैली थी.. पश्चिम बंगाल मे ममता बनर्जी ने कुछ नहीं किया.. लोगो को रोजगार नहीं मिला, बेटी , महिलाए सुरक्षित नहीं है.. ममता बनर्जी ने किसी भी केंद्रीय योजना का लाभ नहीं दिया.. गुंडारज है पश्चिम बंगाल मे.. लालू राज को ममता पीछे छोड़ दिया है.. बाइट- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
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NC आलोचकों के खिलाफ जेल धमकी: नायेम अख्तर का आरोप

NC targets critics with jail threats, says Nayeem Akhtar Anchor:-Senior Peoples Democratic Party (PDP) leader and former minister Naeem Akhtar on Sunday accused the ruling Jammu & Kashmir National Conference of following a "playbook" of targeting critics by attempting to silence them through jail or intimidation. Akhtar said such practices were not new and alleged that the party had historically acted against those who questioned its leadership. He also drew a parallel with the Bharatiya Janata Party at the national level, claiming that dissenters are often labelled "anti-national" and face action through central agencies. Referring to the recent controversy involving PDP legislator Waheed-ur-Rehman Para, Akhtar alleged that attempts were being made to target him politically. He said that if the National Conference had control over law enforcement, Para would have been arrested. Akhtar also criticised a minister in the government for using "vulgar language," stating that such conduct reflected poorly on governance. He questioned the ability of those holding key portfolios such as education, health and social welfare to discharge their duties effectively if they lacked restraint in public discourse. Describing Para as an "outstanding young leader," Akhtar said he represented not just his party but the wider region of Jammu and Kashmir. He alleged that efforts were underway to "demonise" Para and push him back into jail.
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