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Gaurav Shrivastava Gaurav Shrivastava Follow11 Mar 2025, 10:41 am
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पंजाब के किसान भू-जल संकट पर MSP कानूनी गारंटी और विकल्प फसलें मांगते

Moga, Punjab:ਜ਼ੀ ਪੰਜਾਬ ਹਰਿਆਣਾ ਹਿਮਾਚਲ ਦੇ ਖਾਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ “ਪਿੰਡ ਦੇ ਸਾਥ” ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਤੋਂ ਪਹੁੰਚੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿੱਚ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਅੱਜ ਦਾ ਮੁੱਖ ਵਿਸ਼ਾ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਲਗਾਤਾਰ ਘਟ ਰਹੇ ਭੂ-ਜਲ ਪੱਧਰ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਰਿਹਾ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸੂਬੇ ਦੇ ਕਈ ਇਲਾਕੇ ਹੁਣ ਖਤਰੇ ਦੇ ਦਾਇਰੇ ਵਿੱਚ ਆ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਕਦਮ ਨਾ ਚੁੱਕੇ ਗਏ ਤਾਂ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤੀ ਹੋਰ ਵੀ ਗੰਭੀਰ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਜੇ ਮੋਗਾ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਮੋਗਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਤਿੰਨ ਬਲਾਕ—ਮੋਗਾ, ਬਾਘਾ ਪੁਰਾਣਾ ਅਤੇ ਨਿਹਾਲ ਸਿੰਘ ਵਾਲਾ—ਭੂ-ਜਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ “ਡਾਰਕ ਜੋਨ” ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਐਫਿਦੇਵਿਟ ਦੇਣ ਨੂੰ ਵੀ ਤਿਆਰ ਹਨ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਐਮਐਸਪੀ ਨੂੰ ਕਾਨੂੰਨੀ ਗਾਰੰਟੀ ਦੇਵੇ, ਤਾਂ ਉਹ ਇਸੇ ਸੀਜ਼ਨ ਤੋਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਛੱਡਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹਨ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਮੁੱਖ ਸਮੱਸਿਆ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਹੋਰ ਫਸਲਾਂ ਲਈ ਨਾ ਤਾਂ ਪੱਕੀ ਖਰੀਦ ਦੀ ਗਾਰੰਟੀ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਾਜਬ ਭਾਅ ਮਿਲਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਉਹ ਮਜਬੂਰੀ ਵਜੋਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਮੰਨਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜੇ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਵਿਕਲਪਿਕ ਫਸਲਾਂ ‘ਤੇ ਐਮਐਸਪੀ ਦੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਗਾਰੰਟੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਮੰਡੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਉਹ ਖੁਦ ਹੀ ਪਾਣੀ ਬਚਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਵੱਲ ਮੋੜ ਲੈਣਗੇ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਭੂ-ਜਲ ਦੀ ਘਟਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਕਾਫੀ ਹੱਦ ਤੱਕ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਮੰਨਣਾ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਫਸਲਾਂ ਦੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਪੱਕੀ ਨੀਤੀ ਬਣਾਉਣੀ ਪਵੇਗੀ, ਵਿਕਲਪਿਕ ਫਸਲਾਂ ’ਤੇ ਐਮ.ਐਸਪੀ. ਦੀ ਗਾਰੰਟੀ ਦੇਣੀ ਪਵੇਗੀ ਅਤੇ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਢਾਂਚੇਬੰਦੀ ਮਜ਼बੂਤ ਕਰਨੀ ਪਵੇਗੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਮਸਲਿਆਂ ’ਤੇ ਅੱਜ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਹੱਲ ਵੀ ਸੁਝਾਏ。
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दुमका में सड़क सुरक्षा पर सेमिनार, हेलमेट और नियमों के अनुपालन पर जोर

Dumka, Jharkhand:दुमका के कन्वेंशन सेंटर में जिला प्रशासन की ओर से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह के तहत एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संथाल परगना के कमिश्नर संजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, प्रखंड पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सेमिनार को संबोधित करते हुए संथाल परगना के कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि विश्व में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सड़क हादसों को कम करने के लिए नई तकनीकों के उपयोग की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने खास तौर पर युवाओं में बढ़ती दुर्घटनाओं और मौतों पर चिंता जताते हुए इसे सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बताया। वहीं दुमका के उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे याताय交通 नियमों का पालन करें, हेलमेट का उपयोग करें और ओवरटेकिंग से बचें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं, जिन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा। दुमका के पुलिस अधीक्षक ने भी लोगों से अपील की कि सड़क पर चलते समय नियमों का पालन करें और अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें। सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित इस सेमिनार में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सुरक्षित यातायात के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।
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बलरामपुर के सावित्री पुर में बिना अनुमति पेड़ काटे, जप्ती कार्रवाई शुरू

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर जिले में वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के सावित्री पुर गांव में बिना परमिशन के साल के विशाल काय पेड़ो को काटने का मामला है, जिसकी सूचना मिलने पर वन विभाग और राजस्व की टीम ने मौके पर जाकर लकड़ी को जप्ती करते हुए आगे की कार्यवाही में जुटी हुई है. दरअसल सावित्री पुर गांव के सीतल कुमार सिंह के निजी भूमि पर साल के पेड़ लगे हुए थे लेकिन उनके द्वारा बगैर कोई अनुमति के ही साल के तीन बड़े पेड़ काट दिए गए, वहीं जब मामले की जानकारी वन विभाग को मिली तो DFO आलोक बाजपेई ने तत्काल मौके पर वन अमला को भेजकर बिना परमिशन के काटी गई लकड़ियों को जप्ती करवाते हुए आगे की वैधानिक कार्यवाही में विभाग जुटा हुआ है.
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फारबिसगंज के दोहरे हत्याकांड के बाद अवैध दुकानों पर कार्रवाई और स्मैक कारोबार सुस्त

Forbesganj, Bihar:अररिया के फारबिसगंज में 9 अप्रैल को हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोड़ दिया था जहां स्मैक के नशे में धुत्त रवि चौहान ने पिकअप ड्राइवर नबी हुसैन की गला काट हत्या कर दी थी जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने रवि चौहान की भी पीट पीट कर हत्या कर दी थी, जिसके पुलिस प्रशासन ने काफी मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे मामले को शांत करवाया था और नशे के कारोबारियों समेत मार्केटिंग यार्ड के अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की बात कही थी लेकिन महीने के अंत तक अब तक कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है, मार्केटिंग की जमीन पर करीब 200 अवैध दुकानें बनी हुई है जिनपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है साथ ही इस महीने अब तक फारबिसगंज थानाक्षेत्र के स्मैक कारोबारियों पर भी कार्रवाई न के बराबर है, मौके का जायजा लिया।
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नवादा में केंद्रीय विद्यालय निर्माण का रास्ता साफ, शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

Nawada, Bihar:नवादा में केंद्रीय विद्यालय निर्माण का रास्ता साफ सांसद विवेक ठाकुर ने दी जानकारी नवादा जिले में केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा नेता और नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सांसद ठाकुर ने इस निर्णय को जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति नवादा की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। सांसद विवेक ठाकुर के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से नवादा के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण मिलेगा। इससे छात्रों के शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा और उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। यह संस्थान जिले के हजारों परिवारों के लिए नई आशा और अवसरों का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार सराहनीय कार्य हो रहे हैं। सांसद ठाकुर ने नवादा के विकास, शिक्षा के विस्तार और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने "विकसित भारत, विकसित नवादा" के संकल्प को भी व्यक्त किया।
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रोशनी खलखो के बयान से महिलाओं के आरक्षण पर सियासत तेज, कार्रवाई की आहट

Ranchi, Jharkhand:4 मई को कांग्रेस द्वारा लोक भवन के सामने प्रस्तावित धरना नारी शक्ति अधिनियम 2023 को लागू करने की मांग को लेकर है, इस पूरे मामले पर रांची की महापौर रोशनी खलखो ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा में प्रमुख तौर पर केवल कल्पना सोरेन ही महिला चेहरा हैं, जबकि कांग्रेस में भी सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी तक ही नेतृत्व सीमित दिखाई देता है। उन्होंने सवाल उठाया ,क्या ये दल सच में महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं, या फिर सिर्फ अपने परिवार तक ही नेतृत्व को सीमित रखना चाहते हैं? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस दोहरे चरित्र की राजनीति कर रही है और ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अब जनता जागरूक हो चुकी है खासकर महिलाएं। आने वाले दिनों में महिलाएं इस राजनीति का जवाब देंगी और चुनाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा। रोशनी खलखो ने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं को समाज की आवाज बनने से रोका गया है और उन्हें उनका हक देने में देरी की गई है, जिसका परिणाम राजनीतिक रूप से सामने आएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, असली परिणाम अभी बाकी है。 कांग्रेस के धरना प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर पार्टी वास्तव में महिला आरक्षण के पक्ष में थी, तो संसद में उसी समय इस बिल को पास करवाया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 16, 17 और 18 तारीख को चर्चा का समय होने के बावजूद, चर्चा पूरी नहीं हो सकी, जिसके लिए कांग्रेस भी जिम्मेदार है。 अंत में उन्होंने कहा कि अब महिलाएं पूरी तरह जाग चुकी हैं और अगर उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया गया है, तो इसका परिणाम गंभीर होगा。 बाइट:रोशनी खलखो ( महापौर रांची)
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गोंडा में सड़क हादसे से पांच वर्षीय शिवानी की मौत, शव रखकर प्रदर्शन

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहाँ गोंडा जिले में देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गोंडा लखनऊ हाईवे पर तिवारी पुरवा बालपुर जाट के पास उसे समय हड़कंप मच गया। जब एक कार की चपेट में आने से 5 वर्षीय शिवानी सिंह की मौत हो गई मौत होने के बाद नाराज परिजन शिवानी सिंह के शव को रखकर गोंडा लखनऊ हाईवे को जाम करके विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान परिजनों को समझाने पहुंचे देहात पुलिसकर्मियों के साथ परिजनों की और स्थानीय लोगों की धक्का मुक्ति हुई है और हल्की-फुल्की झड़प भी परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई है। जिसका वीडियो भी सामने आया है जिसमें परिजन और स्थानीय लोग विवाद करते हुए नजर आ रहे हैं पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की कर रहे हैं। किसी तरीके से पुलिसकर्मी इस विवाद को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं घण्टों तक चले इस बवाल और विवाद के बाद देहात कोतवाली पुलिस द्वारा पांच वर्षीय शिवानी सिंह के शव को पंचायत नामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका शिवानी सिंह के पिता का नाम सुनील सिंह है जो जगन लाला पुरवा बालपुर जाट के रहने वाले हैं किसी काम को लेकर कहीं जाने वाले थे। परिवार के लोग सड़क के किनारे खड़े हुए थे उसी दौरान गोंडा से लखनऊ की तरफ जा रही एक चार पहिया वाहन ने रावण दिया जिससे शिवानी की मौत हो गई है।
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शादी में दूल्हे की हंसी पर रिश्तेदार ने गोली मारने की धमकी दी

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में आयोजित एक शादी समारोह में रिश्तेदार के गनर लेकर पहुंचने पर दूल्हे का हँसना उसके लिए मुसीबत हो गया,रिश्तेदार ने दूल्हेराजा की हँसी को अपना अपमान समझकर दुल्हे को गोली मारने की धमकी दे डाली।दूल्हे की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी रिश्तेदार के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। वीओ- दरअसल यह मामला माधवगंज थाना क्षेत्र का है। जहां रहने वाले डॉ जीशान खान की बीती 24 अप्रैल को शहर के एक रिसोर्ट में थी। इस शादी में आमंत्रण मिलने पर उनका रिश्तेदार साजिद शेख भी शादी में शामिल होने पहुँचा। साजिद मुम्बई में बिल्डर है और मूल रूप से भिंड जिले के आलमपुर का रहने वाला है। साजिद जब शादी में पहुंचा तो उसके साथ चार गनर भी थे। वह दुल्हा दुल्हन के साथ स्टेज पर फ़ोटो खिंचवाने भी जब पहुंचा तब भी वह गनर्स को अपने साथ ले आया। जिस पर दूल्हे ने कहा कि यहाँ इतनी सुरक्षा की जरूरत नही है,इस दौरान दूल्हे की हँसी भी फूंट बैठी। जिसे साजिद अपना अपमान मानते हुए स्टेज से उतर कर शादी से चला गया। इसके बाद साजिद ने सोशल मीडिया पर शादी वाला अपने गनर्स के साथ वाला वीडियो अपलोड कर दुल्हे जीशान के लिए अपशब्द लिखे। जब डॉ जीशान ने उसे फोन किया तो उसने गाली गलौज के साथ गोली मार देने की धमकी भी दे डाली। जिसके बाद सबूतो के साथ डॉ जीशान ने आरोपी साजिद की थाने में शिकायत की।पुलिस ने मामले में FIR दर्ज आगे की जांच शुरू कर दी है।
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जनगणना 2027: स्व-गणना 1–15 मई, डोर-टू-डोर सत्यापन 16 मई शुरू

Jaipur, Rajasthan:प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण 1 मई से शुरू होने जा रहा है। इस चरण में अगले 45 दिनों तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। प्रक्रिया की शुरुआत स्व-गणना (Self Enumeration) से होगी, जिसके तहत 1 से 15 मई तक आमजन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना के लिए आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर 1 मई से सक्रिय रहेगा और 15 मई तक खुला रहेगा। इस पोर्टल पर परिवार का कोई भी सदस्य मोबाइल नंबर के जरिए लॉग-इन कर सकता है और लगभग 15 से 20 मिनट में 33 सवालों के जवाब देकर प्रक्रिया पूरी कर सकता है। सही लोकेशन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मैप पर घर मार्क करना होगा, जिसके लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप अधिक सुविधाजनक रहेगा, हालांकि मोबाइल से भी यह कार्य किया जा सकता है। स्व-गणना के लिए एरिया पिनकोड अनिवार्य रहेगा। 16 मई से डोर-टू-डोर सर्वे शुरू। स्व-गणना के बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों की जानकारी का सत्यापन करेंगे। इस दौरान वे मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, परिसंपत्तियां और परिवार की जीवनशैली से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाएंगे। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे प्रगणकों का सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। 1.60 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जुटेंगे। जनगणना के प्रथम चरण इस चरण में प्रदेशभर में 1 लाख 60 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं, जिनमें 1.33 लाख से अधिक प्रगणक (मुख्यतः ग्रेड थर्ड शिक्षक), 22,200 से अधिक पर्यवेक्षक और 15 हजार रिजर्व प्रगणक शामिल हैं। इनके अलावा 51 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 759 चार्ज अधिकारी, 6 नेशनल ट्रेनर, 103 मास्टर ट्रेनर और 2550 फील्ड ट्रेनर भी प्रक्रिया में शामिल हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी राज्य स्तर पर सांख्यिकी विभाग द्वारा की जा रही है। सुरक्षा और सावधानियां -जनगणना से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना के दौरान प्राप्त होने वाला OTP किसी भी स्थिति में साझा न करें। प्रगणक या जनगणना विभाग का कोई भी कर्मचारी OTP नहीं मांगेगा। केवल RGICEN से प्राप्त मैसेज ही मान्य होंगे, अन्य किसी स्रोत से आए संदेश फर्जी हो सकते हैं। -डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान नागरिकों को प्रगणक का अधिकृत परिचय-पत्र अवश्य दिखना चाहिए, जिसमें QR कोड अंकित होगा। इसे स्कैन कर प्रगणक की पहचान की पुष्टि की जा सकती है। डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय जनगणना विभाग ने आश्वस्त किया है कि सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को सुरक्षित रखना जरूरी होगा, जिसे सत्यापन के समय प्रगणक को दिखाना होगा। सुधार का अवसर भी मिलेगा ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्रीव्यू के जरिए जानकारी की जांच कर सुधार किया जा सकता है। फाइनल सबमिट के बाद ऑनलाइन बदलाव संभव नहीं होगा, लेकिन प्रगणक के सत्यापन के दौरान जानकारी में संशोधन कराया जा सकेगा। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। दोनों चरण पूरे होने तक संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक रहेगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आमजन, सामाजिक संगठनों और संस्थानों से अपील की है कि वे स्व-गणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।
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जनगणना 2027: स्व-गणना से घर-घर डेटा सत्यापन 16 मई से शुरू

Jaipur, Rajasthan:Anchor-मोबाइल उठाइए..15 मिनट निकालिए…और अपने घर की पूरी कहानी खुद लिख दीजिए। प्रदेश में 1 मई से शुरू हो रही है जनगणना-2027 की बड़ी कवायद, जहां पहली बार आपको मौका मिल रहा है। सरकार से पहले खुद अपनी गिनती करने का। ऑनलाइन फॉर्म भरिए, घर का लोकेशन मैप पर पिन कीजिए और तैयार रखिए अपना SE ID… क्योंकि 16 मई से 14 जून तक प्रगणक आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे, सिर्फ वेरिफिकेशन के लिए। याद रखिए OTP किसी को नहीं देना है… और QR स्कैन करके ही प्रगणक की पहचान करनी है। तो इस बार गिनती सिर्फ सरकार नहीं करेगी… आप भी खुद अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे. स्व-गणना (Self Enumeration) से होगी... 1 मई से 15 मई तक ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं जानकारी दर्ज कर सकेंगे... https://se.census.gov.in पर 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना का मौका है... परिवार का कोई भी सदस्य मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर सकता है और 15 से 20 मिनट में 33 सवालों के जवाब देकर प्रक्रिया पूरी कर सकता है... लोकेशन के लिए डिजिटल मैप पर घर मार्क करना होगा... स्व-गणना के लिए एरिया पिनकोड अनिवार्य रहेगा... 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों की जानकारी का सत्यापन करेंगे... प्रगणकों का सहयोग करें... सत्यापन अधिकारी के पास... मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आमजन, सामाजिक संगठनों और संस्थानों से अपील की है कि वे स्व-गणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें... स्व-गणना के प्रथम चरण में 1 लाख 60 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं... OTP साझा न करें... RGICEN से प्राप्त मैसेज मान्य होंगे... डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान नागरिकों को प्रगणक का अधिकृत परिचय-पत्र अवश्य देखना चाहिए... QR कोड स्कैन कर प्रगणक की पहचान की पुष्टि करें... जनगणना विभाग ने आश्वस्त किया है कि सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी... स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को सुरक्षित रखना होगा... सत्यापन के समय प्रगणक को दिखाना होगा... जनगणना निदेशक विष्णु चरण मलिक, संदेश नायक, कलक्टर जयपुर... ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्रीव्यू के जरिए जानकारी की जाँच कर सुधार किया जा सकता है... फाइनल सबमिट के बाद ऑनलाइन बदलाव संभव नहीं होगा, लेकिन प्रगणक के सत्यापन के दौरान जानकारी में संशोधन कराया जा सकेगा... जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा...
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टाइगर मूवमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर वन क्षेत्र में अतिक्रमण पर कार्रवाई। रामनगर वन प्रभाग के अपर कोसी में रह रहे परिवारों को वन विभाग ने हटाया। एंकर: रामनगर वन प्रभाग से बड़ी खबर सामने आई है जहां वन विभाग ने टाइगर मूवमेंट वाले संवेदनशील क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। अपर कोसी बीट के भावनीगंज इलाके में टेंट लगाकर रह रहे करीब 10 से 12 परिवारों को हटाया गया है जो वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए थे। जानकारी के मुताबिक, ये सभी परिवार मैदानी क्षेत्रों से आकर भावनीगंज इलाके में कुछ दिनों से रहने लगे थे और यहां टेंट लगाकर रहने के साथ-साथ व्यापार करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जिस जगह पर ये लोग रह रहे थे, वह वन विभाग की संरक्षित भूमि है और सबसे बड़ी बात ये कि यह इलाका टाइगर मूवमेंट के लिए जाना जाता है। ऐसे में इन परिवारों का यहां रहना न सिर्फ अवैध था बल्कि उनके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता था। वन विभाग को जैसे ही इस अतिक्रमण की सूचना मिली तुरंत टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की गई। जानकारी देते हुए रेंज अधिकारी शेखर तिवारी ने बताया हमें सूचना मिली थी कि 10 से 15 परिवारों ने अपर कोसी क्षेत्र में अवैध तरीके से टेंट लगाकर अतिक्रमण कर लिया है जिस पर आज सुबह टीम भेजकर सभी को वहां से हटा दिया गया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी टेंट हटवाए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने साफ किया कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर ऐसे संवेदनशील इलाकों में जहां वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर साफ हो गया है कि वन विभाग अब अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में कोई भी व्यक्ति वन भूमि पर कब्जा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी परिवारों को वहां से हटा दिया गया है।
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