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गजरौला में हुआ भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसौदिया का स्वागत
Gajraula, Uttar Pradesh:भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसौदिया ने शुक्रवार को अमरोहा में पार्टी के एक कार्यक्रम में शिरकत की। इससे पूर्व उनका गजरौला में स्थित बीकानेरवाला होटल पर जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी एवं विधिक प्रकोष्ठ के मंडल सलाहकार डा.राजीव शुक्ला ने जोरदार स्वागत किया।0
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एलजी मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के Nunwan बेस कैंप की सुविधाओं का निरीक्षण किया
Aram Pora, Ganderbal, In a Post On X LG Manoj Sinha Said "Ensuring a safe and comfortable journey for pilgrims. Today, I inspected the Nunwan base camp facility with senior officials to review the on-ground arrangements for Shri Amarnath Ji Yatra. We conducted a detailed inspection and review of all amenities to ensure a smooth, comfortable, and welcoming experience for the devotees of Baba Barfani.0
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शराबी दूल्हे के सामने दुल्हन ने शादी से इनकार, बारात बिना दुल्हन लौटी
Taga, Chhattisgarh:स्लग : शराबी दूल्हा मंडप पहुंचा, दुल्हन ने ठुकराई शादी एंकर : शादी का मंडप सजा था... शहनाइयां बज रही थीं... बेटी की विदाई की तैयारियां पूरी थीं... लेकिन तभी बारात के साथ ऐसा नजारा सामने आया जिसने पूरे माहौल को बदल दिया। जांजगीर-चांपा जिले के कोसमंदा गांव में एक दूल्हा अपनी ही शादी में शराब के नशे में धुत होकर पहुंच गया। द्वार पूजा के दौरान वह अपने पैरों पर ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। यह देखकर दुल्हन मुस्कान ने ऐसा फैसला दिया, जिसकी आज पूरे जिले में चर्चा हो रही है। उसने सबके सामने शराबी दूल्हे से शादी करने से इनकार कर दिया। परिवार ने भी बेटी का साथ दिया और आखिरकार बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यह सिर्फ एक टूटी हुई शादी की कहानी नहीं, बल्कि एक बेटी के आत्मसम्मान और साहस की मिसाल बन गई है। कोसमंदा गांव में इन दिनों जिस घटना की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। गांव की रहने वाली मुस्कान की शादी खोखरा निवासी संत कुमार के साथ तय हुई थी। शादी की सभी रस्में पूरे उत्साह और परंपरा के साथ निभाई जा रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था, रिश्तेदारों की भीड़ थी और परिवार बेटी की विदाई के सपने सजा रहा था। लेकिन 23 जून की रात जब बारात कोसमंदा पहुंची, तो खुशियों का माहौल अचानक तनाव में बदल गया। लोगों की नजर दूल्हे पर पड़ी तो उसके हावभाव और चाल देखकर संदेह होने लगा। द्वार पूजा के समय तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। दूल्हा शराब के नशे में इस कदर चूर था कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। बारातियों को उसे संभालना पड़ रहा था। दूल्हे की यह हालत देखकर दुल्हन पक्ष स्तब्ध रह गया। शादी जैसे पवित्र अवसर पर नशे में पहुंचे दूल्हे को देखकर नाराजगी बढ़ने लगी। जब यह बात दुल्हन मुस्कान तक पहुंची और उसने खुद दूल्हे को उस हालत में देखा, तो उसने बिना किसी दबाव के अपना फैसला सुना दिया। मुस्कान ने साफ कहा कि जो व्यक्ति अपनी शादी जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी शराब पीकर पहुंच सकता है, उसके साथ वह अपना भविष्य नहीं जोड़ सकती। उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। वीओ 4 : इस पूरे घटनाक्रम के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने भी दुल्हन मुस्कान के साहसिक फैसले की सराहना की है। आज एसपी कार्यालय में मुस्कान को उसके परिवार के साथ बुलाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान एसपी विजय पांडेय ने मुस्कान के निर्णय को आत्मसम्मान, साहस और जागरूकता का प्रतीक बताया। वहीं परिवार परामर्श केंद्र की महिला सदस्यों ने भी एसपी कार्यालय में मुस्कान का सम्मान कर उसके फैसले को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। पुलिस और परामर्श केंद्र की ओर से कहा गया कि मुस्कान ने जिस तरह नशे में धुत दूल्हे के साथ शादी करने से इनकार किया, वह न सिर्फ एक साहसिक कदम है, बल्कि उन बेटियों के लिए भी मजबूत संदेश है जो सामाजिक दबाव में गलत फैसले लेने को मजबूर हो जाती हैं। अब मुस्कान का यह फैसला सिर्फ गांव या जिले तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में आत्मसम्मान और जागरूकता की मिसाल बनकर देखा जा रहा है。 बाइट : मुस्कान दुल्हन (पिंक सूट) मुस्कान के इस फैसले के बाद परिवार ने भी उसका पूरा साथ दिया। माता-पिता ने कहा कि बेटी की जिंदगी और सम्मान किसी भी सामाजिक दबाव से ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ता जोड़ना उसकी पूरी जिंदगी को संकट में डाल सकता है। बाइट : मुस्कान की मां (गुलाबी साड़ी) मामले की जानकारी मिलते ही चांपा पुलिस भी मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक समझाइश का प्रयास किया गया। रिश्तेदारों और समाज के लोगों ने भी बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन मुस्कान अपने निर्णय पर अडिग रही। बाइट : विजय पांडेय, एसपी जांजगीर-चांपा घंटों चले विवाद और बातचीत के बाद आखिरकार दूल्हे पक्ष को बैरंग लौटना पड़ा। जिस बारात को दुल्हन लेकर वापस जाना था, वही बारात बिना दुष्क से लौट गई। महिला परामर्श केंद्र की विशेषज्ञों का भी मानना है कि शादी जीवन का सबसे बड़ा फैसला होता है और किसी भी लड़की को अपने सम्मान और सुरक्षा से समझौता करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। बाइट : तानिया अनुरागी, महिला परामर्श केंद्र (नीला साड़ी) आज कोसमंदा की मुस्कान सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और साहस का प्रतीक बन गई है। उसने यह संदेश दिया है कि शादी कोई मजबूरी नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का रिश्ता है। अगर रिश्ते की शुरुआत ही अपमान और गैर-जिम्मेदारी से हो, तो उसे मंडप में ही ठुकरा देना बेहतर है।एक तरफ समाज में बेटियों पर अक्सर समझौते का दबाव बनाया जाता है, वहीं कोसमंदा की मुस्कान ने यह साबित कर दिया कि आत्मसम्मान से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता। यही वजह है कि आज उसकी हिम्मत की चर्चा गांव से लेकर पूरे जिले तक हो रही है।0
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प्रदेश भाजपा संगठन में बढ़ी बरेली की ताकत, ब्रज क्षेत्र की कमान फिर बरेली के हाथ
Bareilly, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में नई टीम की घोषणा के साथ बरेली और ब्रज क्षेत्र का राजनीतिक प्रभाव एक बार फिर मजबूती से सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा घोषित नई संगठनात्मक टीम में बरेली के नेताओं को अहम जिम्मेदारियां देकर पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि पश्चिम और ब्रज क्षेत्र की राजनीति में बरेली की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।अब तक ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे दुर्विजय सिंह शाक्य को संगठन में प्रोन्नति देते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उनकी जगह ब्रज क्षेत्र की कमान बरेली के पूरनलाल लोधी को सौंपी गई है। इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया कि क्षेत्रीय अध्यक्ष का पद बरेली के पास ही बरकरार रखा गया है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव के बाद ब्रज क्षेत्र की कमान आगरा या किसी दूसरे जिले को मिल सकती है, लेकिन भाजपा ने संगठनात्मक संतुलन बनाते हुए बरेली को प्राथमिकता दी।सामाजिक समीकरणों की दृष्टि से भी यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। दुर्विजय सिंह शाक्य जहां शाक्य–मौर्य समाज में प्रभाव रखते हैं, वहीं पूरनलाल लोधी को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने लोध बिरादरी को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने सामाजिक प्रतिनिधित्व को रणनीतिक रूप से साधा है।ब्रज क्षेत्र में पहले से पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, विधायक डीसी वर्मा समेत लोध समाज के प्रभावशाली नेताओं की सक्रिय मौजूदगी रही है। ऐसे में पूरनलाल लोधी की ताजपोशी भाजपा की सामाजिक और संगठनात्मक रणनीति का बड़ा संकेत मानी जा रही है।प्रदेश संगठन में बरेली के दो नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है— “प्रदेश संगठन में बरेली का कद पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर उभरा है।”0
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बेगूसराय के सदर अस्पताल में स्ट्रेचर संकट: मरीजों की जिंदगी सवालों के घेरे में
Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय सदर अस्पताल एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। अस्पताल से सामने आई तस्वीरें स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। एक तरफ अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर सामान ढोया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट में बेहोश हुए एक कैदी को अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी अपनी गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक ले जाने को मजबूर दिखे। यह दृश्य न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करता है, बल्कि मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की भी पोल खोलता है। दरअसल, बरौनी थाना क्षेत्र के मोसादपुर गांव निवासी करण कुमार को गुरुवार को पेशी के लिए बेगूसराय न्यायालय लाया गया था। पेशी के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह कोर्ट में ही बेहोश होकर गिर पड़ा। स्थिति को गंभीर देखते हुए ड्यूटी पर तैनात सिपाही अनिल कुमार ने अन्य पुलिसकर्मियों के सहयोग से उसे कोर्ट की तीसरी मंजिल से नीचे उतारा और इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि इमरजेंसी में मरीज को ले जाने के लिए तत्काल स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका। समय की नाजुकता को देखते हुए सिपाही अनिल कुमार ने किसी प्रकार का इंतजार नहीं किया और बेहोश कैदी को अपनी गोद में उठाकर करीब 200 मीटर तक चलते हुए सीधे इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस समय मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिल रहा था, उसी समय अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर सामान ढोए जाने की तस्वीरें सामने आईं। अब यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मरीजों के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किस प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। अगर स्ट्रेचर मौजूद था तो मरीज को क्यों नहीं दिया गया? और अगर उपलब्ध नहीं था तो अस्पताल प्रबंधन ने इसकी वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की? हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच सिपाही अनिल कुमार की संवेदनशीलता और मानवता की जमकर प्रशंसा हो रही है। एक पुलिसकर्मी ने अपनी ड्यूटी से बढ़कर इंसानियत का परिचय दिया और मरीज की जान बचाने के लिए बिना किसी परवाह के उसे गोद में उठाकर अस्पताल के अंदर पहुंचाया। लेकिन इस घटना ने सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को भी उजागर कर दिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जिला मुख्यालय के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यदि आपातकालीन स्थिति में मरीज को स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो आम मरीजों की स्थिति क्या होती होगी? यह घटना स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। वहीं लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिसकर्मी मानवता नहीं दिखाते, तो मरीज की स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। पुलिस की संवेदनशीलता जहां सराहना बटोर रही है, वहीं अस्पताल की व्यवस्था कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।0
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Tapal में विवाहित महिला पर ससुरालियों का हमला; तीन कारों में तोड़फोड़, वीडियो वायरल
Aligarh, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग अलीगढ़.... टप्पल में विवाहिता के साथ ससुरालियों ने की मारपीट, बेटी की कॉल पर गाज़िआबाद से समझाने आये परिवार को भी पीटा, लड़की और परिजनों ने कमरे में बंद होकर बचाई जान, ससुरालियों द्वारा हमले और बचाव में कमरे में बंद होने की वीडियो वायरल, पति के एक्सीडेंट के बाद मुआवजे की मिली धनराशि को लेकर शुरू होना बताया जाता है विवाद, ससुरालियों द्वारा लड़की वालों की तीन कारों में भी की गई तोड़फोड़, लड़की ने बुलाई पुलिस, उल्टा उसी के परिवार को थाने में बिठाने का आरोप, इस घटना में लड़की के परिवार में चार लोग बताये गए घायल, टप्पल थाना इलाके के गाँव हजियापुर की घटना.0
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बांदा की विधवा ने दैविक आपदा राशि के लिए जिलाधिकारी कार्यालय का दौरा किया
Banda, Uttar Pradesh:बांदा में आज एक विधवा महिला अपने बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची जहां उसने जिलाधिकारी से दैविक आपदा राशि दिलाने की मांग की है। बांदा शहर मुख्यालय के निवासी गायत्री का कहना है कि उसके पति बिंदा घर से निकले थे और उनकी केन नदी डूबकर मौत हो गई। घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। मेरा वह बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था; मैं बेसुध थी, तभी लेखपाल मेरे घर बयान लेने पहुंचे और चले आए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मेरे पति को सुसाइड घोषित कर दिया गया। श्रीमान जी से निवेदन है कि मेरे पति की मौत की जांच कराकर मुझे सहायता प्रदान करें।0
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1930 हेल्पलाइन से साइबर फ्रॉड पर लगाम: शिकायत से रकम लौटती है
Jaipur, Rajasthan:साइबर ठगी हुई है तो घबराइए मत... बल्कि तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए, एक घंटे में फोन तो बच सकती है रकम बैंकिंग से लेकर शॉपिंग... निवेश से लेकर सरकारी सेवाओं तक... आज लगभग हर काम इंटरनेट के जरिए हो रहा है। इस दौरान लोग जाने अनजाने में साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में आपके साथ साइबर ठगी हुई है तो घबराइए मत बल्कि तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए। अगर साइबर अपराध के बाद आपने समय पर सही कदम उठा लिया... तो आपकी मेहनत की कमाई वापस भी मिल सकती है। राजस्थान पुलिस का दावा है कि साइबर फ्रॉड के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार हेल्पलाइन 1930 है। मोबाइल पर एक लिंक... सोशल मीडिया पर एक मैसेज... या फिर बैंक अधिकारी बनकर आया एक फोन कॉल... और देखते ही देखते आपकी पूरी जमा पूंजी किसी अनजान खाते में पहुंच जाती है। डिजिटल अरेस्ट... फर्जी इन्वेस्टमेंट... यूपीआई फ्रॉड... केवाईसी अपडेट... ओटीपी और स्क्रीन शेयरिंग जैसे नए-नए हथकंडों से ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। लेकिन अब सवाल यह है? कि अगर आपके साथ ठगी हो जाए? तो क्या किया जाए? क्या पैसा हमेशा के लिए चला जाता है? राजस्थान पुलिस का जवाब है—नहीं... अगर आप समय रहते कार्रवाई करें। देशभर की तरह राजस्थान में भी साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। राजस्थान में रोज करीब 6 हजार कॉल साइबर ठगी से जुड़ी आती हैं। हर दिन लगभग 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होती हैं। हालांकि समय पर कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में रकम होल्ड भी कराई जा रही है। राजस्थान पुलिस के मुताबिक अब तक करीब 26 प्रतिशत राशि पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है। इसके लिए मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के जरिए बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कर रकम वापस कराई जाती है। साइबर फ्रॉड में सबसे महत्वपूर्ण होता है "गोल्डन आवर"। साइबर फ्रॉड में पहले 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय सबसे निर्णायक है। अगर इस दौरान पीड़ित 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा देता है... तो पुलिस का API आधारित सिस्टम तुरंत संबंधित बैंक को अलर्ट भेज देता है। जिस खाते में पैसा पहुंचा है, वहां ट्रांजैक्शन रोकने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अगर रकम दूसरे खाते में भेज दी गई हो... तो वहां भी तत्काल सूचना पहुंचाई जाती है। यानी जितनी जल्दी शिकायत... उतनी ज्यादा रकम बचने की संभावना。 साइबर फ्रॉड के बाद क्या करें? सबसे पहले 1930 पर कॉल करें बैंक खाते की जानकारी दें ट्रांजैक्शन डिटेल साझा करें जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराएं साइबर पोर्टल पर भी शिकायत करें बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए राजस्थान पुलिस भी अपने सिस्टम को मजबूत कर रही है। अब तक जहां साइबर हेल्पलाइन के लिए 32 कॉल लाइनें थीं... उन्हें बढ़ाकर 60 कॉल लाइनें किया जा रहा है ताकि कोई भी कॉल मिस न हो। फिलहाल पुलिस मुख्यालय, जयपुर कमिश्नरेट और चार रेंज मुख्यालयों पर कॉल टेकर और डिस्पैचर तैनात हैं... जो शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर देते हैं। राजस्थान में फिलहाल 46 साइबर पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं... जिन्हें जल्द बढ़ाकर 49 किया जाएगा। वहीं 5 लाख रुपये से अधिक के डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट स्कैम जैसे मामलों में स्वतः एफआईआर दर्ज की जाती है। डिजिटल दौर में साइबर अपराध शायद पूरी तरह खत्म न हो... लेकिन जागरूकता और समय पर शिकायत से इस का नुकसान जरूर कम किया जा सकता है।0
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छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष बदलाव की चर्चा, TS सिंहदेव का बयान
Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में क्या प्रदेश अध्यक्ष का बदलाव होगा? इस सवाल के जवाब में पूर्व उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बयान, कहा- मैंने ये कहा था कि प्रशिक्षण शिविर तक बदलाव की संभावना नहीं है, आगे क्या होगा ये तो समय ही बताएगा. कोई चर्चा नहीं है कि यहां प्रदेश अध्यक्ष चेंज हो रहा है. जो राज्य चुनाव में जाने वाले हैं 2027 में वहां बदलाव की चर्चा चल रही है, वहां पहले फैसला होगा0
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वेणुगोपाल Raipur पहुंचे, संगठन सृजन प्रशिक्षण पर बयान; भाजपा पर विपक्षी दल तोड़ने का आरोप
Raipur, Chhattisgarh:कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल पहुंचे रायपुर. आज जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में होंगे शामिल. एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं ने किया वेणुगोपाल का स्वागत. कांग्रेस संगठन सृजन ट्रेनिंग पर के सी वेणुगोपाल का बयान, कहा- संगठन सृजन के तहत बने अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. समय समय पर प्रशिक्षण से संगठन को मजबूती मिलती है विभिन्न पार्टियों में सांसदों की टूट पर केसी वेणुगोपाल का बयान, कहा- भाजपा लगातार क्षेत्रीय पार्टियों को तोड़ रही है. आप, टीएमसी, शिवसेना के सांसदों को तोड़ दिया गया. यह भाजपा के अलोकतांत्रिक चरित्र को दिखाता है. भाजपा के अलोकतांर्तिक कामों के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से लड़ रही है आपातकाल को एनसीआरटी सिलेबस में शामिल किए जाने के मसले को लेकर वेणुगोपाल ने कहा- भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है, भारत के इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, इन्हें नीट और सीबीएसई परीक्षा की धांधली में भी बात करनी चाहिए. इस देश के विद्यार्थियों को साफ-सुथरी परीक्षा व्यवस्था नहीं भाजपा सरकार मुहैया करवा पा रही है और दूसरी और इतिहास के साथ खेल रही है, ये सही नहीं है, हम इसके खिलाफ लड़ेंगे. भाजपा के मंत्री, नेता लोगों को बर्गलाने का काम कर रहे हैं बाईट- के सी वेणुगोपाल, महासचिव, एआईसीसी......0
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गांव में मस्जिद गिराने के मुद्दे पर राजनीति तेज, मुआवजे की मांग उठी
Noida, Uttar Pradesh:कसेरुआ इलाक़े में मस्जिद तोड़ी गई है. कांग्रेस के नेता दानिश अली का कहना है कि वक़्फ़ व रिकॉर्ड में दर्ज है मस्ज़िद, जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में भी दर्ज है. वही गाँव के लोगों का कहना है कि उन्हें कुछ न बोलने के लिए डराया जा रहा है. गाँव वालों ने कहा कि हम किसी भी राजनीतिक दल को गाँव में राजनीति नहीं करने देंगे. उनका कहना है कि मस्ज़िद गलत तरीके से गिरायी गई है लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों का नुकसान हुआ है उसका मुआवज़ा दे सरकार. यहाँ के पूर्व प्रधान जो भाजपा से जुड़े हैं उनके साथ बहुत से लोगों ने नेताओं का विरोध करना शुरू किया।0
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JSCA भगदड़ पर भाजपा ने स्टेडियम सुरक्षा व्यवस्था और फ्री एंट्री पर सवाल उठाए
Ranchi, Jharkhand:रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने JSCA स्टेडियम में हुए भगदड़ मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी झारखंड की चर्चा होती है, तो राज्य की पहचान क्रिकेट और JSCA से भी जुड़ती है, लेकिन हाल की घटना ने पूरे राज्य की छवि को धूमिल किया है। अजय शाह ने कहा कि स्टेडियम में हजारों लोग मैच देखने पहुंचे थे, लेकिन भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी और फ्री एंट्री की घोषणा के बावजूद लोगों को लंबे समय तक बाहर रोका गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि आयोजकों को पहले से फ्री एंट्री की जानकारी थी, तो संभावित भीड़ का आकलन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि स्टेडियम में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस और राहत प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। अजय शाह ने JSCA पदाधिकारियों, विशेषकर अजय नाथ शाहदेव की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच कराने, जांच समिति गठित करने, अजय नाथ शाहदेव के इस्तीफे तथा घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।0
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नीट पेपर लीक के बाद कांग्रेस ने देशभर में गूंज अभियान शुरू किया
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। नीट, सीबीएससी प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लीक होने के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा नहीं देने और केंद्र सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज राष्ट्रव्यापी छात्रों की गूंज अभियान का शुभारंभ किया। यह 40 दिनों का अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों जिसमें बिलासपुर न्यायधानी भी शामिल है, में छात्रों, अभ्यर्थियों कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच चलाया जाएगा; उक्त जानकारी देते हुए हुए मप्र सरकार के पूर्व मंत्री और राघौगढ़ के विधायक हर्षवर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह अभियान उन छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है जिनकी मेहनत बार बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, यह अभिपदरी, भर्ती अटकने और एनटीए की नाकामी के कारण बर्बाद हो रही है. छात्र कोई एहसान नहीं मांगते. वे सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा और तय समय पर भर्ती मांग रहे हैं। उन्होंने कहा नीट यूजी 2026 ने परीक्षा व्यवस्था पर भरोसे का संकट और गहरा कर दिया है. भाजपा सरकार ने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को पारदर्शिता और सुधार के नाम भारत के छात्रों पर थोपा था, लेकिन यह संस्था आज करोड़ों छात्रों के लिए बन चुकी है. देशभर में पिछले वर्षों में लगभग 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए, लेकिन आज तक किसी बड़े सरगना, राजनीतिक संरक्षण देने वाले व्यक्ति या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ। गिरफ्तार हुए तो सिर्फ छोटे दलाल और मोहरे, जबकि असली किंगपिन और भाजपाई संरक्षक हमेशा बचते रहे। उन्होंने कहा कि NEET UG 2026 का पेपर लीक इस बेकार व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है. लाखों छात्रों ने वर्षों की मेहनत, करोड़ों परिवारों ने अपनी जीवन भर की कमाई दांव पर लगाई, लेकिन परीक्षा फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस घोटाले के बाद देशभर में 15 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली। कई छात्रों ने अपने सुसाइड नोट में व्यवस्था से टूटने और भविष्य के अंधकार का उल्लेख किया। फिर भी देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न तो नैतिक जिम्मेदारी ली और न ही इस्तीफा दिया। अगर 20 से अधिक छात्रों की मौत, लाखों युवाओं का भविष्य और पूरे देश का भरोसा टूटना भी किसी मंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करता, तो जवाबदेही का अर्थ क्या रह जाता है? उन्होंने कहा सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अपने आप को चौकीदार कहने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पूरे मुद्दे पर एक शब्द बोलना जरूरी नहीं समझा। जब छात्र सड़कों पर हैं, परिवार बर्बाद हो रहे हैं, आत्महत्याएं हो रही हैं. और परीक्षाएं मज़ाक बन चुकी हैं, तब सत्ता की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि युवाओं की पीड़ा उनकी प्राथमिकता नहीं है. यह लड़ाई केवल NEET की नहीं है. यह लडाई उस पूरी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की है जो आज ICU में पहुंच चुकी है. पेपर देश का सबसे युवा आज सबसे ज्यादा असुरक्षित भविष्य का सामना कर रहा है। हर्षवर्धन सिंह ने कहा केंद्र सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित स्रोत और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया. अगर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति तक कथित रूप से पेपर की पहुंच थी, तो यह बाहरी शरारत नहीं, अंदरूनी नाकामी है। शिक्षा मंत्री और एनटीए इस संकट की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में छात्रों का भरोसा टूटता है, तो जवाबदेही भी राष्ट्रीय स्तर पर तय होनी चाहिए।0
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बारिश से जयपुर में जलभराव, स्मार्ट सिटी दावों पर सवाल
Jaipur, Rajasthan:बारिश की कुछ बूंदें…और स्मार्ट सिटी के दावों की खुल गई पोल! कैमरे में चमकते अफसर, पानी में डूबता शहर। बारिश से स्मार्ट सिटी का ‘स्मार्ट’ सच आया सामने कुछ मिनटों की बारिश…और सड़कें बन गईं दरिया नगर निगम के दावों की खुली पोल, शहर में जलभराव का संकट हर साल नालों की सफाई पर करोड़ों खर्च…फिर सड़कों पर पानी क्यों? बारिश आई तो खुल गई साफ-सफाई व्यवस्था की हकीकत नाले साफ या सिर्फ कागजों में सफाई का खेल? निगम के इंजीनियरिंग सिस्टम पर बड़ा सवाल दस करोड़ की सफाई का हिसाब मांग रहा जयपुर शहर अगर नाले साफ थे तो पानी सड़कों पर क्यों उतरा?0
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जी हेल्पलाइन ने रेवाड़ी के टिंट गांव सड़क-नाले की समस्या हल कर दी
Rewari, Haryana:हमारा मकसद उन लोगों की मदद करना है जिनकी लाख कोशिशों के बाद भी सरकारी दफ्तर या सरकार द्वारा संचालित विभाग या गैर सरकारी संस्थान में मौजूद बाबू या अधिकारी काम न करते हो। ऐसा ही कुछ हुआ रेवाड़ी के गांव टिंट के रहने वाले अजनेश के साथ जो लंबे समय से अपने घर के बाहर सड़क लेवलिंग ना होने और गंदे पानी के भराव के चलते परेशान हो रहे थे लगातार अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद उनका काम नहीं हो रहा था।शिकायतकर्ता अजिनेश का कहना हैं की उनके निवास स्थान ग्राम पंचायत टींट, जिला - रेवाडी , हरियाणा , पिनकोड - 123401 में पिछले एक महीने से सड़क पर नाले का पानी फैला हुआ है , जिससे गाँव के लोग काफी परेशान है, शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सरपंच को एक हफ्ते पहले दी थी, सरपंच काम करने की बात बोलते है लेकिन काम नहीं करवाते है। इसके बाद इसकी शिकायत उन्होंने जी हेल्पलाइन में की.... फिर शुरू हुई उनकी समस्या का समाधान निकालने की मुहीम- सरपंच की शिकायत के बाद सबसे पहले हमारी बात सुपरवाइजर रविंद्र यादव से फ़ोन के माध्यम से हुई उन्होंने कहा की कल समस्या का समाधान करा देता हूं। पाईप लीक के वजह से ये समस्या हो रही थी,जिसे कल ठीक करवा देता हूं। फिर हमारी टीम ने जेई प्रविन कुमार से बात की , उन्होंने कहा मैं सारा मामला जान कर समस्या का समाधान करवाता हूं। इसके बाद जो काम लंबे समय से नहीं हो रहा था वह मात्र एक सप्ताह के अंदर हो गया। हमारी टीम ने सरपंच से जब फोन के माध्यम से बात की तो उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान करवा दिया गया है। इसके बाद हमारी टीम ने कमरे पर शिकायतकर्ता से बात की जनन कहां की जो काम लंबे समय से नहीं हो रहा था वह जी हेल्पलाइन के माध्यम से आज हो गया है। जिससे वह संतुष्ट है। उन्होंने जी हेल्पलाइन का धन्यवाद किया वही गांव के पंच ने भी जी हेल्पलाइन का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी शिकायत के बाद यह समाधान करवा दिया गया है。0
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धनबाद IIT ISM में 90 युवाओं को कौशल प्रमाण पत्र, 30 का कैंपस प्लेसमेंट
Dhanbad, Jharkhand:एकर धनबाद के आईआईटी आईएसएम में कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक और पहल की गई है. संस्थान के खनन अभियंत्रण विभाग की ओर से संचालित सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल प्रतिभागियों को गुरुवार को स्किल सर्टिफिकेट प्रदान किया गया. इस कार्यक्रम के तहत 90 युवाओं को प्रमाण पत्र मिला, जबकि 30 प्रशिक्षुओं का कैंपस प्लेसमेंट भी हो चुका है. आईआईटी आईएसएम धनबाद के i2H भवन स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 90 प्रशिक्षुओं को कौशल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के उपनिदेशक डॉ. धीरज कुमार मौजूद रहे. उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. डॉ. धीरज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से चलाया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करने का प्रयास है. उन्होंने बताया कि सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण प्राप्त 90 युवाओं को प्रमाण पत्र दिया गया है, वहीं इनमें से 30 प्रतिभागियों का कैंपस प्लेसमेंट भी हो चुका है. उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी है. कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें खनन क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने में मदद मिलेगी.0
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