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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow7 Jul 2024, 05:34 pm
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जयपुर सीवर टैंक सफाई हादसे पर सवाल: सुरक्षा नियमों की कमी ने दहला दिया?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में फिर वही कड़वाह सच सामने है… क्या सीवर सफाई अब भी मजदूरों के लिए मौत का सौदा बनी हुई है। झोटवाड़ा के वार्ड-24, शेखावत मार्ग पर दो मजदूर सीवर में उतरे… लेकिन जिंदा बाहर नहीं आ सके। जहरीली गैस ने कुछ ही मिनटों में उनकी सांसें छीन लीं। कानून मना करता है… सुप्रीम कोर्ट रोक लगाता है… फिर भी बिना सुरक्षा, बिना उपकरण, मजदूरों को सीधे मौत के गड्ढे में उतार दिया जाता है। हर बार जांच… हर बार मुआवजा… लेकिन सिस्टम नहीं बदलता। तो सवाल सीधा है ये हादसा है या लापरवाही से की गई हत्या। VO-1-जयपुर में मानसून पूर्व सीवर टैंक सफाई के दौरान एक बार फिर लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। झोटवाड़ा जोन के शेखावत मार्ग, वार्ड नंबर 24 में मानसून से पहले सीवरेज टैंक की सफाई करवाई जा रही थी… लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं था। शेखावत कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार अरविंद शेखावत की ओर से मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतार दिया गया। जैसे ही दोनों कर्मचारी चैंबर में उतरे… जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकालकर कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया… जहां डॉक्टरों ने अजय और रामबाबू को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल लापरवाही पर है। आरोप है कि न मास्क दिया गया, न ऑक्सीजन सिलेंडर और न ही कोई सेफ्टी गियर। यानी मजदूरों को सीधे मौत के मुंह में उतार दिया गया। जबकि देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर साफ तौर पर रोक है और अदालतें भी बार-बार निर्देश दे चुकी हैं कि सीवर सफाई मशीनों से ही करवाई जाए। अगर किसी स्थिति में व्यक्ति को उतारना पड़े, तो पूरी सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य है… लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार और निगम स्टाफ दोनों की भूमिका की जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाइट—ओम कसेरा, आयुक्त, नगर निगम जयपुर VO-2-वहीं संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक यूनियन ने इस घटना को सीधी लापरवाही बताया है। संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ कागजों में नियम पूरे करते हैं… जबकि हकीकत में मजदूरों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। संयुक्त सफाई श्रमिक संघ ने मांग की है कि जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाए… मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान में सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। बाइट—नंदकिशोर डंडोरिया, अध्यक्ष,संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक यूनियन। इस कारण जानलेवा होते हैं सीवर टैंक। जहरीली गैसें-हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन और अमोनिया तेजी से बेहोशी और मौत का कारण बन सकती हैं। ऑक्सीजन की कमी- बंद टैंक में आक्सीजन घटने से कुछ ही मिनटों में चक्कर, घबराहट और बेहोशी होती है। मीथेन का खतरा-यह ज्वलनशील गैस है, जिससे दम घुटने के साथ आग-विस्फोट का जोखिम भी रहता है। खतरे का आभास नहीं-कई गैसें बिना गंध की होती हैं, इसलिए समय रहते पता नहीं चलता। कानूनन सीवर में व्यक्ति को उतारना मना, विशेष परिस्थिति में जीवनरक्षक उपकरण जरूरी। सुरक्षा अनिवार्य-लाइट वाला हैट, गैस डिटेक्टर, एयरफिल्टर वाला मास्क, बॉडी सूट, ऑक्सीजन टैंक, फॉक्स लाइट और सेफ्टी बेल्ट के बिना उतरना बेहद खतरनाक है। सख्त नियम-मैनुअल स्कैवेंजिंग प्रतिबंधित है। ऑक्सीजन मास्क- सीवर में उतरने वाले हर मजदूर के पास ऑक्सीजन मास्क होना चाहिए। क्योंकि सीवर में जहरीली गैसें ऑक्सीजन को खत्म कर देती हैं, जिसकी वजह से बड़े हादसे होते हैं। रबड़ के जूते- सफाई कर्मचारियों के पास रबड़ के जूते होने ही चाहिए। इससे उन्हें सीवर में न सिर्फ नुकीली चीजों से सुरक्षा मिलेगी, बल्कि गंदे पानी में वह गीले भी नहीं होंगे। सेफ्टी बेल्ट- सीवर में उतरने वाला हर कर्मचारी सेफ्टी बेल्ट पहनकर ही नीचे जाए। इसका फायदा यह होगा कि जैसे ही वह बेहोश होगा या प्रतिक्रिया देना बन्द करेगा उसे तुरंत ऊपर खींचा जा सके। टॉर्च- सीवर में उतरने वाले मजदूर के पास टॉर्च होना भी जरूरी है, ताकि वह स्पष्ट रूप से देख सके कि वह किस दिशा में जा रहा है और किस चीज को छू रहा है। एंबुलेंस- जब भी किसी सफाईकर्मचारी को सीवर में उतरने के लिए बाध्य होना पड़े तो सबसे पहले आपातकालीन एंबुलेंस की व्यवस्था वहां होनी चाहिए। ताकि किसी भी तरह की अनहोनी में मजदूर की जान बचायी जा सके। बहरहाल,दो जिंदगियां चली गईं…सवाल फिर जिंदा है। कागजों में सुरक्षा… जमीनी हकीकत में मौत का कुंआ। आदेश हैं, कानून है, मशीनें भी हैं… लेकिन फिर भी इंसानों को सीवर में उतारा जा रहा है।क्या हर बार जिम्मेदारी सिर्फ जांच तक सीमित रहेगी… या इस बार सिस्टम सच में बदलेगा। या फिर अगली त्रासदी का इंतजार किया जाएगा। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर。
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देवगढ़ में दाल-बाटी खाने से एक परिवार के 7 लोग बीमार, हालत स्थिर

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र से देर शाम एक चिंताजनक मामला सामने आया, जहां एक ही परिवार के सात सदस्य भोजन करने के बाद अचानक बीमार हो गए। सभी लोगों ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में आयोजित एक नोत कार्यक्रम में बने भोजन का सेवन किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में रात को पारंपरिक दाल-बाटी बनाई गई थी। परिवार के सदस्यों ने उसी भोजन को अगले दिन दोपहर में दोबारा खाया। भोजन करने के करीब एक से दो घंटे के भीतर ही सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। बीमार होने वालों में पांच मासूम बच्चे—उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अलावा परिवार के दो वयस्क सदस्य जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल 108 एंबুলेंस की सहायता से सभी मरीजों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में सभी का उपचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने शाम करीब 7 बजे जानकारी देते हुए बताया कि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य और स्थिर है। एहतियात के तौर पर चिकित्सकीय टीम को अलर्ट कर दिया गया है और संबंधित गांव में जांच के लिए टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। प्राथमिक तौर पर मामला खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी रखी जा रही है.
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अजमेर के खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की उदासीनता पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

Ajmer, Rajasthan:अजमेर में अवैध खनन में लिप्त भू माफियाओं को लेकर प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने के आरोप लग रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता किसी बड़े विवाद का इंतजार कर रही है... संभाग मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर गेगल थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा और बूवानिया में बीती रात खासा हंगामा पसर गया... जब अवैध खनन करने आए माफिया के लाव लश्कर को ग्रामीणों ने डंडे के जोर से बाहर भगा दिया... लगभग 1 घंटे चले इस हंगामा के बाद आखिर माफिया की जेसीबी और ट्रैक्टर आदि को बैरंग लौटना पड़ा ...घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस के समक्ष अपनी परेशानी का इजहार करते हुए अवैध खनन को बंद करने की मांग की है.. जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन कर चेतावनी दी है ..यदि प्रशासन ने अवैध खनन नहीं रोका तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा
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राजलदेसर अस्पताल में दवाइयों की कमी पर बड़ा प्रदर्शन, प्रशासन के खिलाफ नाराजगी

Churu, Rajasthan:चूरू. जिले के राजलदेसर के राजकीय अस्पताल में बदहाल व्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया. अखिल भारतीय किसान सभा और भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनों के आरोप हैं कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. स्थिति इतनी खराब है कि मरीजों को सामान्य बीपी की दवाइयां तक नहीं मिल पा रहीं. दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं. अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील अध्यक्ष कामरेड भादर भामू ने कहा कि अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम चरम पर है. उन्होंने कांग्रेस के विधायक, सांसद और भाजपा के पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को आमजन की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा प्रभारी डॉ. कपिल धाबाई समय पर अस्पताल नहीं आते, घर पर मरीज देखते हैं और बाहर की दवाइयां लिखते हैं. साथ ही विशेष कंपनियों की दवाइयां लिखने के भी आरोप लगाए गए. भामू ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 5 दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी. वहीं, मेघवाल महासभा के तहसील अध्यक्ष कालूराम तंवर ने भी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में तीन दवा वितरण केंद्र होने के बावजूद केवल एक केंद्र चालू रहता है। इसी तरह पर्ची काउंटर भी दो होने के बावजूद एक ही काउंटर पर काम किया जा रहा है, जिससे मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी और निराशा देखने को मिली. कई मरीजों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं मिलने और दवाइयों की अभाव के कारण उनकी हालत खराब हो जाती है. प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा से भी वार्ता कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराया. उन्होंने जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया. प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, सभी दवा काउंटर चालू करने, पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी. इस मौके पर भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष श्रवण बारुपाल सहित अनेक किसान सभा व भीम आर्मी के सदस्य मौजूद थे.
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अलवर के नंगली सर्किल पर विरोध, लव जिहाद के आरोपों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

Alwar, Rajasthan:अलवर के नंगली सर्किल पर विरोध प्रदर्शन, लव जिहाद का पुतला दहन कर कड़ी कार्रवाई की मांग अलवर के नंगली सर्किल पर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कथित “लव जिहाद” के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई और प्रशासन से इस तरह के मामलों में कठोर कदम उठाने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को लेकर समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कानूनों का सख्ती से पालन आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारुओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध जताया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही। बाइट: विजेंद्र खंडेलवाल, जिला मंत्री ,विश्व हिन्दू परिषद
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गोविन्दगढ़ CHC में प्रसव के बाद मिठाई के नाम पर वसूली, धमकी उजागर

Alwar, Rajasthan:गोविन्दगढ़ CHC में प्रसव के बाद ‘मिठाई’ के नाम पर वसूली का आरोप, पैसे नहीं देने पर अभद्रता और रेफर की धमकी गोविन्दगढ़ कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि नवजात लड़के के जन्म पर नर्सिंग स्टाफ द्वारा ‘खुशी’ या ‘मिठाई’ के नाम पर प्रसूताओं और उनके परिजनों से 500 से 1000 रुपये तक जबरन वसूले जा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर न केवल अभद्र व्यवहार किया जाता है, बल्कि मरीजों को अलवर रेफर करने की धमकी भी दी जाती है। गुरुवार रात सीएचसी में वासमीना, रुकैया, रीना, सरजीना, दीपा, रफीसा और काजल सहित कई महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया। आरोप है कि जिन महिलाओं के यहां लड़का हुआ, उनसे नर्सिंग स्टाफ ने प्रति परिवार 1000 रुपये तक की मांग की। एक प्रसूता ने बताया कि पैसे नहीं देने पर स्टाफ बार-बार दबाव बनाता है। “हमने 500 रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी 200-300 रुपये और मांगे गए। कहा गया कि अगर अलवर रेफर कर देते तो ज्यादा खर्च होता,” उसने बताया。 एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर परिजनों को डराया गया कि रात में रेफर करने पर 1200 रुपये तक खर्च आ सकता है। प्रसूताओं का यह भी आरोप है कि जिन परिवारों ने अतिरिक्त पैसे दिए, उन्हें अगले दिन जल्दी छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य को जानबूझकर रोका गया। जबकि नियमों के अनुसार, प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में रखना अनिवार्य है。 गौरतलब है कि इससे पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से हालात जस के तस बने हुए हैं। मामले में जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल लिखित शिकायत का इंतजार करने की बात कह रहे हैं, जिससे कार्रवाई में देरी पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सेवाओं के दावों के बीच इस तरह के आरोप स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहे हैं。 बाइट महिलाएं “पैसे नहीं देने पर नर्सें बुरा-भला कहती हैं और बार-बार मांग करती हैं। हमें डराया जाता है कि अलवर भेज देंगे, जहां ज्यादा खर्च होगा।”
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खाम्बल में बाबा साहेब की प्रतिमा खंडित, पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार

Sirohi, Rajasthan:एंकर - सिरोही के खाम्बल गांव में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा खंडित करने के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया, जहां पूछताछ में घटना का खुलासा होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार 12 अप्रैल को खाम्बल निवासी मेघवाल समाज विकास संस्थान के अध्यक्ष छगनलाल मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि रात के समय असामाजिक तत्वों ने गांव में बाबा साहेब की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी रोष फैल गया। मामलो की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर तकनीकी जांच शुरू की। आसपास के गांवों में पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कुछ लोगों पर संदेह हुआ। लगातार पूछताछ के बाद पुलिस ने खाम्बल निवासी बालुराम उर्फ डाकू पुत्र मनाराम मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों में आक्रोश, निकाली पदयात्रा घटना के विरोध में ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गांव से जिला मुख्यालय तक कई किलोमीटर की पदयात्रा निकाली। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। तत्परता से हुई पुलिस कार्रवाई गौरतलब है कि 11 अप्रैल की रात को हुई इस घटना की जानकारी सुबह ग्रामीणों को लगी, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के दो दिन बाद बाबा साहेब की जयंती का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन इस घटना से लोगों में मायूसी छा गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया। बाइट: घनश्याम सिंह, थानाधिकारी, सिरोही सदर थाना
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झाझा में लूट: बदमाशों ने दो लाख रुपये छीने, सीसीटीवी से अपराधी तलाश शुरू

Jamui, Bihar:जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र के एकडारा के समीप शुक्रवार दोपहर एक सनसनीखेज छीनतई की घटना सामने आई, जहां बाइक सवार दो बदमाशों ने साइकिल सवार सेवानिवृत्त रेलकर्मी विशुन देव प्रसाद यादव को धक्का देकर गिरा दिया और उनके पास रखे दो लाख रुपये लेकर फरार हो गए।जानकारी के अनुसार पीड़ित विशुनदेव यादव झाझा स्थित एसबीआई शाखा से दो लाख रुपये की निकासी कर थैले में रखकर साइकिल से अपने गांव संसारपुर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से पीछा कर रहे बदमाशों ने एकडारा के पास उन्हें निशाना बनाया। धक्का लगने से वे सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद बदमाशों ने उनका थैला छीन लिया और तेजी से भाग निकले।पीड़ित ने बताया कि उनकी दो पोती की शादी होने वाली है, जिसके लिए उन्होंने बैंक से यह राशि निकाली थी। उन्होंने यह भी बताया कि बदमाशों ने बस स्टैंड के पास ही उन्हें रोकने की कोशिश की थी, जिससे अंदेशा है कि अपराधी पहले से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।घटना की सूचना मिलते ही झाझा थानाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह, एसडीपीओ राजेश कुमार सहित डीआईयू टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है तथा अपराधियों की पहचान में जुटी है。
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जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़: मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को उसके मध्यप्रदेश के मुरैना कोर्ट में सरेंडर करने के बाद प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसे शरण देने वाले दो आरोपियों को भी दबोच लिया गया है।दरअसल 25 मार्च क़ो जवाहर सर्किल क्षेत्र में एक राहगीर गर्भवती महिला के साथ एक मनचले युवक द्वारा छेड़छाड़ की घटना सामने आई थी। पूरे मामले में जवाहर सर्किल थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही देखने क़ो मिली थी और पीड़िता की शिकायत के बाद भी पुलिस द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया था।हालांकि इस लापरवाही पर एक्शन लेते हुए ड्यूटी ऑफिसर और जांच अधिकारी क़ो सस्पेंड किया गया था। आरोपी की तलाश में पुलिस ने करीब 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और टेक्निकल जांच के बाद आरोपी की पहचान राहुल धुरैया उर्फ़ राज के रूप में हुई जो मूल रूप से ग्वालियर (मध्यप्रदेश) का रहने वाला है। पुलिस की लगातार दबिश और पीछा करने के चलते आरोपी राहुल धुरैया ने गिरफ्तारी के डर से मध्यप्रदेश के मुरैना स्थित स्पेशल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद अब जयपुर पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर उसे गिरफ्तार कर लिया है और बदमाश क़ो जयपुर लाया गया है। आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश और जयपुर में आर्म्स एक्ट, लूट, चोरी और छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराधों के करीब 33 मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपी एक शातिर अपराधी है, जो लगातार जगह बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। मुख्य आरोपी को छिपाने और भगाने में मदद करने वाले दो आरोपी शुभम अग्रवाल उर्फ़ सिद्धार्थ और बाबूलाल बराला को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनके साथ आरोपी जयपुर में स्पा सेंटर से जुड़ा हुआ था।दोनों आरोपी जयपुर में स्पा सेंटर चलाते थे और उन्हें मुख्य आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड भी पता था।
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चलती ट्रेन के नीचे आ गिरा युवक, बच गई उसकी जान— अस्पताल में भर्ती

Barh, Bihar:बख्तियारपुर जंक्शन पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। प्लेटफॉर्म नबर दो पर एक युवक अचानक चलती राजरानी एक्सप्रेस ट्रेन के नीचे आ गया। जुदागी यादव घोसवरी थाना क्षेत्र के ताड़तर गांव का रहने वाला था। गनीमत यह रही कि युवक की जान हादसे में बच गई। बताया जा रहा है कि युवक ट्रेन पर चढ़ने के दौरान ही फिसलकर नीचे पटरी पर आ गया था। घटना के बाद RPF और GRP की टीम मौके पर पहुंची और युवक को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को पीएमसीएच रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक यात्री के ट्रेन के नीचे आने की खबर मिलते ही लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लेकिन चलती ट्रेन के कारण किसी की पटरी से खींचकर बाहर निकालने की हिम्मत नहीं हुई। ट्रेन रुक जाने के बाद यात्री को पटरी से निकालकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया। लोगों ने बताया कि यात्री की जान बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
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कैथल ACB ने पंचायत अधिकारी को 5 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

Kaithal, Haryana:कैथल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुहला के पंचायत अधिकारी जगजीत सिंह को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई गांव बदसूई निवासी संदीप सिंह की शिकायत पर की गई। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2000 के एसडीएम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सिविल कोर्ट और कमिश्नर कोर्ट से स्टे मिले होने के बावजूद पंचायत अधिकारी जगजीत सिंह दबाव बनाने के लिए लेटर जारी कर रहे थे। इसमें शिकायतकर्ता के मकान को गिराने की धमकी दी गई थी। एवज में अधिकारी ने 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसकी रिकॉर्डिंग शिकायतकर्ता के पास मौजूद थी। शिकायतकर्ता ने पूरी बात ACB को बताई। इसके बाद एजेंसी ने टीम गठित कर छापेमारी की और जगजीत सिंह को रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में अन्य बड़े अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। ACB ने स्पष्ट किया कि जांच जारी है। रंगे हाथों गिरफ्तारी की गई है और आगे की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।
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