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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow7 Jul 2024, 05:34 pm
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फैजुल्लागंज में बाढ़ से घर-घर प्रभावित, राहत अभियान तेज

Lucknow, Uttar Pradesh:फैजुल्लागंज में बाढ़ का कहर... घर छोड़ने को मजबूर परिवार, घरों में कैद जिंदगी एंकर - लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ का पानी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है... कहीं घरों में पानी घुसने के बाद परिवार अपनी पूरी गृहस्थी लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर निकल रहे हैं... तो कहीं बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पिछले करीब 10 दिनों से घरों में फंसे हुए हैं... हालात ऐसे हैं कि घर का किचन हो या बाथरूम... हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है... बाढ़ से घर छोड़कर गए परिवारों को अब एक और डर सता रहा है... सूने पड़े घरों में चोरी का डर... देखिए फैजुल्लागंज से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट... वी ओ - बाढ़ के तेज बहाव और पानी में रिपोर्टिंग के विजुअल ये तस्वीरें लखनऊ के फैजुल्लागंज की हैं... जहां पानी का ऐसा सैलाब आया कि लोगों की जिंदगी उनके अपने ही घरों में कैद होकर रह गई... तेज बहाव के बीच गलियां डूब गईं... रास्ते डूब गए... और देखते ही देखते पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया... लेकिन इस बाढ़ ने सिर्फ घरों को नहीं डुबोया... लोगों की पूरी जिंदगी को संकट में डाल दिया है। वी ओ - घर छोड़कर सामान लेकर जाते परिवार किसी के हाथ में जरूरी सामान है... किसी के साथ बच्चे हैं... तो कोई अपने घर की गृहस्थी समेटकर सुरक्षित जगह की तलाश में निकल पड़ा है... कई परिवारों ने घर छोड़ दिया है... Sालों से जिस घर में अपना संसार बसाया... आज उसी घर को पीछे छोड़कर लोग दूसरी जगह ठिकाना तलाशने को मजबूर हैं... बाइट — घर छोड़कर जा रहा परिवार वी ओ - जिन घरों में कभी चूल्हा जलता था... आज उन्हीं किचन में पानी भरा है... जिस बाथरूम का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी के लिए होता था... वहां भी बाढ़ का पानी जमा है... कमरे... आंगन... रास्ते... हर तरफ पानी ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। वी ओ - नाव से रिपोर्टिंग / नाव में बैठे पीड़ित परिवार जिन इलाकों में पैदल पहुंचना मुश्किल है... वहां नाव ही लोगों का सहारा बनी हुई है... हम भी नाव के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे... नाव में बैठे लोगों से जब उनकी परेशानी पूछी... तो किसी ने राशन की समस्या बताई... किसी ने घर में फंसे परिवार की चिंता... बाइट — नाव में पीड़ित परिवार वी ओ - घर में फंसे बच्चे/परिवार ये सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है... बाढ़ के पानी ने कई परिवारों को उनके घरों में ही रोक दिया है... बच्चे बाहर नहीं निकल पारे... स्कूल नहीं जा पारे... और घर के अंदर फंसे परिवारों के लिए हर दिन किसी परीक्षा से कम नहीं है。 बाइट — बच्चे/परिजन वी ओ - स्कूल नहीं जा रहे बच्चे इन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं... स्कूल जाने की तैयारी होनी चाहिए थी... लेकिन बाढ़ ने इनकी पढ़ाई पर भी ब्रेक लगा दिया है... सड़कों पर पानी है... रास्ते बंद हैं... और स्कूल तक पहुंचना फिलहाल इनके लिए मुश्किल है。 बाइट — बच्चा वी ओ - करीब 10 दिन से घर में फंसे बुजुर्ग/महिलाएं किसी घर में बुजुर्ग हैं... तो कहीं महिलाएं हैं... तो कहीं छोटे बच्चे... कई परिवारों का कहना है कि वह करीब 10 दिनों से इसी हालात में रह रहे हैं... बाहर निकलना मुश्किल... घर छोड़ना मजबूरी... और घर में रहना भी आसान नहीं... वी ओ - घर छोड़ने के बाद चोरी और अब बाढ़ के साथ लोगों के सामने एक नई चिंता खड़ी हो गई है... घर छोड़कर सुरक्षित जगह गए परिवारों को अपने सामान की सुरक्षा का डर सता रहा है लोगों का आरोप है कि जिन घरों को बाढ़ की वजह से खाली करना पड़ा... वहां चोरी की घटनाओं ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है यानी एक तरफ पानी से घर बचाने की जद्दोजहद... तो दूसरी तरफ घर छोड़ने के बाद सामान बचाने की चिंता... बाइट — पीड़ित परिवार वी ओ - प्रशासन की नाव से खाद्य सामग्री वितरण हालांकि प्रशासन की तरफ से भी राहत और बचाव का काम जारी है... नाव के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है... प्रशासन की नाव लोगों के बीच पहुंच रही है... जरूरत का सामान बांटा जा रहा है... ताकि बाढ़ में फंसे परिवारों तक कम से कम जरूरी मदद पहुंच सके。 वी ओ - शेल्टर होम जिन परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है... उनके लिए शेल्टर की व्यवस्था भी की गई है... ये वही जगह है जहां बाढ़ प्रभावित परिवार फिलहाल अपना वक्त गुजार रहे हैं... घर भले पीछे छूट गया हो... लेकिन उम्मीद है कि पानी उतरेगा और लोग एक बार फिर अपने घर लौट सकेंगे。 WT — शेल्टर में रह रहा परिवार वी ओ - नगर निगम का सार्वजनिक शौचालय बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है साफ-सफाई और शौचालय की व्यवस्था... इसी को देखते हुए नगर निगम की तरफ से प्रभावित इलाकों में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था की गई है... क्योंकि जब पूरा इलाका पानी में डूबा हो... तब रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतें भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं。 वी ओ - फैजुल्लागंज की ये तस्वीरें सवाल छोड़ती हैं... कब उतरेगा ये पानी? कब लौटेगी लोगों की सामान्य जिंदगी? कब बच्चे फिर स्कूल जा सकेंगे? और कब इन परिवारों को अपना घर दोबारा सुरक्षित नजर आएगा? फिलहाल... किसी का घर पानी में है... किसी की गृहस्थी नाव में है... और किसी का परिवार शेल्टर में... बाढ़ का पानी धीरे-धीरे भले उतर जाए... लेकिन इन परिवारों की जिंदगी पर छोड़े गए इसके निशान शायद इतनी जल्दी नहीं मिटेंगे।
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नवल किशोर यादव ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन किया; NDA का प्रत्याशी

Patna, Bihar:बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद नवल किशोर यादव को फिर से NDA का प्रत्याशी बनाया गया है नवल यादव आज नामांकन कर रहे हैं उन्होंने दावा किया कि इस बार फिर से वह चुनाव जीतेंगे वहीं विपक्ष की उम्मीदवारों को लेकर कहां की विपक्ष का कोई मजबूत नहीं है क्योंकि मैं काम किया है और मेरा काम बोलता है तो शिक्षकों का वोट हमें ही मिलेगा ,नवल किशोर यादव लगातार 30 साल से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत रहे हैं. वह पहली बार 1996 में जीते थे, फिर 2002, 2008, 2014 और 2020 में जीत दर्ज की. शुरुआत में आरजेडी, फिर निर्दलीय और बाद में लगातार दो बार से बीजेपी के टिकट पर जीते हैं. इस बार जीते तो नया रिकॉर्ड बनाएंंग नवल किशोर यादव से बातचीत की जी मीडिया संवाददाता और रूपेंद्र श्रीवास्तव ने
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सीकर के नए एसपी संजीव नैन पदभार ग्रहण, कानून व्यवस्था के लिए सख्त कदम

Sikar, Rajasthan:सीकर एसपी संजीव नैन ने पद भार ग्रहण किया सीकर जिले के नए एसपी संजीव नैन ने सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जिले की कानून व्यवस्था को लेकर जानकारी ली। एसपी संजीव नैन ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकताओं को पूरा करने पर विशेष जोर रहेगा। फिलहाल पंचायत चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार पर भी प्रभावी लगाम लगाई जाएगी। नशे की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना और अपराधों पर नियंत्रण करना भी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
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बल्लभगढ़ में चाकूबाजी: एक की मौत, दूसरा घायल; CCTV से खुली सच्चाई

Faridabad, Haryana:बल्लभगढ़ में चाकूबाजी के बाद एक व्यक्ति की हत्या, दूसरा गंभीर घायल; घटना का CCTV आया सामने फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 चौराहे पर देर रात करीब 10 बजे विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है। चाकू लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद झगड़े में बदल गया और इस दौरान चाकू चल गए। चाकूबाजी में दो लोग घायल हुए, जिनमें से एक की मौत हो गई। मृतक और घायल दोनों के शाहपुर गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से साक्ष्य जुटाए। सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेक्टर-62 चौराहे के आसपास कथित तौर पर अवैध तरीके से शराब पीने वालों का जमावड़ा रहता है। लोगों का कहना है कि यहां आए दिन विवाद और झगड़े की घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अवैध शराब गतिविधियों पर सख्ती करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की investigation में जुटी है। हत्या की वजह, चाकूबाजी में शामिल लोगों और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इसका पता लगाने के लिए CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है。
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दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा अब पिंक सहेली कार्ड से

New Delhi, Delhi:दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। 4 अक्टूबर से महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा सिर्फ ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ के जरिए ही मिलेगी। इसके साथ ही अब तक इस्तेमाल किए जा रहे पिंक पेपर टिकट को बंद कर दिया गया है। एलजी तरनजीत सिंह संधू की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, अब तक करीब 19.5 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं। हालाँकि, महिलाओं के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अभी भी जारी है, ताकि जिन महिलाओं के पास अभी कार्ड नहीं है, वे इसे बनवा सकें और मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का लाभ ले सकें।
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बेलगहना में बाघ के आश्रम पहुंचने से दहशत, तलाशी शुरू

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के बेलगहना से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री सिद्ध बाबा आश्रम परिसर में बाघ के पहुंचने की सूचना से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बाघ ने आश्रम में मौजूद एक गाय पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई। फिलहाल घायल गाय का उपचार किया जा रहा है।घटना के बाद आश्रम परिसर के साथ ही आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि गाय पर हमला करने के बाद बाघ जंगल की ओर चला गया, लेकिन उसकी मौजूदा लोकेशन की अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।आश्रम प्रबंधन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। शाम के बाद आश्रम परिसर और जंगल की तरफ अकेले नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने और पालतू जानवरों व مवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है।ग्रामीणों से रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर समूह में बाहर निकलने की अपील की गई है। लोगों को अफवाहों से बचने के साथ सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने की सलाह दी गई है। वन विभाग कार्रवाई में जुट गया है। बाघ की तलाश, उसकी गतिविधियों पर निगरानी और जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इलाके में बाघ की मौजूदगी को लेकर लोगों में भय बना हुआ है।
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गरियाबंद में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, शव वाहन नहीं मिला तो परिजनों ने लाश बांस-बल्ली से पहुंचाई

Majarkata, Chhattisgarh:गरियाबंद में सिस्टम की बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों के बीच मैनपुर क्षेत्र में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद भी परिजनों को शव वाहन नहीं मिला, तो परिजनों ने बांस की बल्ली के सहारे शव को कंधे पर लादकर घर पहुंचाया। बेहराडीह निवासी कमार जनजाति के सुमेर सिंह पांच दिनों से घर से लापता थे; तलाश के बाद बरदुला के जंगल में पेड़ पर बुजुर्ग का शव लटका मिला। पीएम के बाद तीन घंटे तक शव वाहन व एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना नहीं मिलने पर मजबूर होकर शव को कंधों पर लादकर घर पहुंचाया गया। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 108, 102 और शव वाहन की व्यवस्थाएं होती हैं, वहीं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ये सुविधा अभी भी नसीब नहीं हो रही है, जो सिस्टम और स्वास्थ्य विभाग की बदहाली को उजागर करता है।
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