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Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow15 Jan 2025, 11:53 am

Amroha - पुलिस बंदोबस्तों को देखने के लिए सड़क पर उतरे एसपी अ​मित कुमार आनंद

Amroha, Uttar Pradesh:

बुधवार को शीत लहर और कड़ाके की सर्दी के बावजूद एसपी अमित कुमार आनंद अमरोहा शहर की यातायात व्यवस्था और बंदोबस्तों देखने के लिए सड़कों पर उतर पड़े और नगर क्षेत्र के विभिन्न चौराहों पर भ्रमण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया। सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने व यातायात के सुगम व सुचारू रूप से संचालन एवं जाम की समस्या के निराकरण के लिए अधीनस्थों को आवश्यक निर्देश दिए। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने अमरोहा नगर में शाह विलायत चौराहा,अतरासी चौराहा, गुरु गोविन्द सिंह चौक आदि का भ्रमण किया। इतना ही नहीं उन्होंने आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी ली।

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कटिहार शेल्टर होम: 12 फीट दीवार पार कर 5 बच्चों के फरार, प्रशासन सवालों में

Katihar, Bihar:कटिहार बाल आश्रय गृह से बच्चे फरार या लापरवाही का अड्डा 12 फीट ऊंची दीवार को बौना साबित कर फिर भागे 5 मासूम 4 मासूम पकड़ में आएं और एक मासूम अब भी फरार साल में तीसरी बार हुई इस चूक के बाद अब स्थानीय प्रशासन पर उंगलियां उठ रही पुलिस फिलहाल फरार बच्चों की तलाश में जुटी बिहार के कटिहार जिला मुख्यालय पर स्थित बाल आश्रय गृह (शेल्टर होम) की सुरक्षा एक बार फिर पूरी तरह खोखली साबित हुई है। बीती देर रात रविवार को यहां से 5 बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में फरार हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि इस साल (6 महीने के भीतर) यह तीसरी बार है, जब बच्चों ने इस सुरक्षित माने जाने वाले आश्रय गृह को चकमा दिया है । इस घटना ने जिला प्रशासन और शेल्टर होम के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठता है कि आखिर 12 फीट से भी ऊंची कंक्रीट की दीवार को ये छोटे-छोटे बच्चे कैसे पार कर गए ? साल में तीसरी बार हुई इस चूक के बाद अब स्थानीय प्रशासन पर उंगलियां उठ रही हैं । अगर इतनी ऊंची दीवारों के भीतर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और इतनी आसानी से गायब हो जा रहे हैं, तो फिर इस आश्रय गृह की सुरक्षा के क्या मायने रह जाते हैं? पुलिस फिलहाल बच्चों की तलाश में जुटी है, लेकिन जनता के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है ?
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ABVP protests over alleged errors in exam results at Hemchand Yadav University, Durg

Bemetara, Chhattisgarh:हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से संबद्ध पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेमेतरा में परीक्षा परिणामों में कथित गंभीर त्रुटियों, गलत कार्यवाही, अनावश्यक लंबित परिणामों और अंक सुधार में देरी को लेकर छात्रों का आक्रोश उग्र हो गया है. छात्रों का आरोप है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद Absent दर्शा दिया गया है, कुछ छात्रों के परिणाम अब तक जारी नहीं किए गए हैं, जबकि कुछ पर बिना उचित जांच के UFM की कार्रवाई कर दी गई है. इन कथित अनियमितताओं से परेशान छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में प्रदर्शन शुरू कर दिया है और चक्काजाम कर दिया है. प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन मौके पर पहुंचे और बातचीत की. कॉलेज प्राचार्य वीणा त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल भेजने और समाधान कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया और मार्ग बहाल किया. छात्र संगठन ने कुलपति और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि समयबद्ध समाधान नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा.
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SC: शादी से पहले संबंध चरित्र की कसौटी नहीं, निर्णय स्पष्ट

Noida, Uttar Pradesh:शादी से पहले संबंध खराब चरित्र की निशानी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा? सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर दो बालिग अविवाहित लोग अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाते हैं तो केवल इसी आधार पर उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि हर प्रेम संबंध शादी में तब्दील नहीं होता। ऐसे में सिर्फ इसलिए कि शादी नहीं हुई, यह नहीं माना सकता कि एक व्यक्ति ने दूसरे को धोखा ही दिया। अभी कोई ऐसा कानून नहीं है जो शादी से पूर्व संबंधों को प्रतिबंधित करता है। SC के सामने मामला क्या था सुप्रीम कोर्ट में यह टिप्पणी तेलंगाना पुलिस कांस्टेबल भर्ती में गजुला तिरुपति नाम के उम्मीदवार के चयन को खारिज करने वाले फैसले को रद्द करते हुए की। तेलंगाना स्टेट लेवल पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड ने गजुला तिरुपति के चयन को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि 2013 में उसके खिलाफ शादी का झांसा देकर रेप का केस दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और 2015 में यह मामला लोक अदालत में खत्म हो गया था। अहम बात यह रही कि गजुला तिरुपति ने यह जानकारी भर्ती फॉर्म में छिपाई भी नहीं था, बल्कि खुद इसकी जानकारी दी थी। हाई कोर्ट का फैसला बोर्ड की ओर से सेलेक्शन को रद्द करने के फैसले के खिलाफ गजुला ने तेलंगाणा हाई कोर्ट का रूख किया। हाई कोर्ट की एकल बेंच ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए उनकी नियुक्ति का आदेश दिया लेकिन हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस फैसले को पलट दिया। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि दो पक्षों के बीच समझौते का यह मतलब नहीं है कि गजुला को क्लीन चिट मिल गई है। पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड ही यह तय कर सकता है कि कोई उम्मीदवार उस पोस्ट के लिए उपयुक्त है या नहीं। मौजूदा दौर के शादी पूर्व संबंध आम बात-SC गजुला तिरुपति ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए उनकी नियुक्ति का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा दौर में शादी से पूर्व संबंध आम बात है।ऑथरिटी को बदलते वक़्त के साथ ऐसे रिश्तों को लेकर ज़्यादा संवेदनशील होना होगा। तिरुपति और महिला कई सालों से पड़ोसी थे और एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे।यदि कोई रिश्ता कई साल तक चला हो, तो यह माना जा सकता है कि दोनों की सहमति से संबंध था। महिला ने ख़ुद केस आगे नहीं बढ़ाया सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मुख्य सवाल यह था कि क्या महिला को शादी का झूठा वादा करके धोखा दिया गया था या नहीं।यह बात केवल महिला खुद ही बता सकती है, कोई तीसरा व्यक्ति नहीं।लेकिन महिला ने मामला आगे नहीं बढ़ाया, कोई गवाही नहीं दी और समझौते के लिए अपनी सहमति दे दी।इसलिए भर्ती बोर्ड को अपनी तरफ से अनुमान लगाकर यह नहीं मान लेना चाहिए था कि तिरुपति का चरित्र खराब है। कोर्ट ने कहा कि यदि यह साबित होता कि तिरुपति ने महिला पर दबाव डाला था या धमकी देकर समझौता कराया था तो पुलिस भर्ती बोर्ड उसके चरित्र और नौकरी के लिए उपयुक्तता पर सवाल उठा सकता था।
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करपगांव में सरकारी जमीन पर बुलडोजर के विरोध के बीच प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर के करपगांव में सरकारी जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई उस वक्त विवादों में घिर गई जब प्रशासन की टीम एक निर्माणाधीन मकान को तोड़ने पहुंची और ग्रामीणों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि एक किसान जेसीबी मशीन के सामने खड़ा हो गया और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगा। नायब तहसीलदार चंदन तिवारी राजस्व अमले के साथ मौके पर मौजूद थीं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की सरकारी जमीन पर कई मकान बने हुए हैं, फिर भी प्रशासन सिर्फ एक परिवार को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत पहले ही इस जमीन को आबादी क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव शासन को भेज चुकी है, इसके बावजूद बिना नोटिस मकान तोड़ने की कोशिश की गई। वहीं मौके से सामने आए कुछ वीडियो में नायब तहसीलदार और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी दिखाई दे रही है। बढ़ते विरोध और हंगामे के बीच आखिरकार प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी।
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सम्राट कैबिनेट ने बकाया भुगतान, रोजगार मिशन और योजनाओं को मंजूरी दी

Patna, Bihar:सम्राट कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले सम्राट कैबिनेट ने सासामूसा और गोपालगंज चीनी मिलों को चालू करने के लिए किसानों के बकाया 42 करोड़ 99 लाख रुपये के भुगतान का निर्णय लिया है। बिहार में रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन योजना, बिहार-2026 को स्वीकृति दे दी गई है। डकरा नाल पंप नहर योजना को जून 2027 तक पूरा करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है। जल संसाधन विभाग के दो अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) के तहत बिहारशरीफ परियोजना के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई है। हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा की परियोजनाओं के लिए भी सरकार ने राशि स्वीकार कर ली है। समस्तीपुर के तत्कालीन जिला अवर निबंधक श्री मनोरंजन की बर्खास्तगी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। सम्राट कैबिनेट ने बिहार स्टांप सेवा अनुज्ञप्ति नियमावली, 2026 को मंजूरी प्रदान कर दी है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन 2.0 योजना को लेकर राज्य कैबिनेट ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। नियुक्तियों को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट स्तरीय परीक्षा के विज्ञापन में वाणिज्य कर विभाग के रिक्त पदों को शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है। राज्य में सॉफ्टवेयर के रखरखाव के लिए 5 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। सम्राट कैबिनेट ने बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सम्राट कैबिनेट ने रबी मौसम 2026-27 के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को राज्य में लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। आईआईटी पटना रिसर्च पार्क की स्थापना को लेकर कैबिनेट ने इसके निर्माण कार्य की जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना को सौंपने की मंजूरी दी है। सम्राट कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन राशि भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही मई, जून और जुलाई माह की पेंशन के भुगतान के लिए 3,662 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है। बिहार राज्य नैदानिक स्थापना (रजिस्ट्रेशन एवं विनियमन) नियमावली, 2013 के तहत अब बिना बेड वाले ओपीडी क्लिनिक, डिस्पेंसरी, डेंटल क्लिनिक और डायग्नोस्टिक केंद्रों को भी नियमावली के दायरे में प्रभावी रूप से शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है। सम्राट कैबिनेट ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। भूमि मापी शुल्क में वृद्धि का निर्णय लिया गया है। नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में रैयती जमीन की मापी के लिए अब प्रति खेसरा 2,000 रुपये तथा अधिकतम 8,000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1,000 रुपये तथा अधिकतम 4,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। शहरी क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 4,000 रुपये तथा अधिकतम 16,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल मापी हेतु प्रति खेसरा 2,000 रुपये तथा अधिकतम 8,000 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
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अजमेर के रामगंज में आबकारी और पुलिस टीम की दबिश: 6 गिरफ्तार, तलाशी जारी

Ajmer, Rajasthan:एंकर - हटाकर रामगंज थाना क्षेत्र की सांसी बस्ती में जिला पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने दबिश की कार्रवाई अंजाम दी। देाकर अनैतिक कार्यों में लिप्त 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है... 120 से ज्यादा पुलिस जवानों के जाब्ते के साथ पहुंचे डिप्टी एसपी मनीष बड़गुर्जर ने अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों को बस्ती के हर एक घर में गहन तलाशी के निर्देश दिए। क्षेत्र में लगातार अवैध शराब बनाने सहित चोरी और नशे की अवैध सामग्री की सूचना मिल रही थी। इस पर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल के निर्देशन में कार्रवाई अंजाम दी गई।
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33 केवी लाइन शटडाउन नहीं होने से तीन युवक गंभीर झुलसे, ग्वालियर रेफर

Datia, Madhya Pradesh:33 केवी लाइन की चपेट में आने से 3 युवक गंभीर झुलसे, ग्वालियर रेफर इंदरगढ़। लांच रोड पर मंटू मास्टर के खेत के पास बुधवार को 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन युवक गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की पहचान पुनीत आदिवासी (30), अंकित आदिवासी (30) और पारस वर्मा (20) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार प्राइवेट कंपनी बीटीएल (BTL) द्वारा 11 केवी विद्युत लाइन की मेंटेनेंस और शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा था। आरोप है कि कार्य के दौरान ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन को शटडाउन नहीं कराया गया, जिससे तार आपस में टच हो गए और तीनों कर्मचारी करंट की चपेट में आ गए। लाइनमैन कालीचरण प्रजापति के मुताबिक ठेकेदार ने केवल 11 केवी लाइन का परमिट लिया था, जबकि 33 केवी लाइन चालू थी। घटना के बाद बिजली विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। बिजली विभाग के अधिकारी नीरज यादव ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि कंपनी और ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।
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रतलाम के नामली में सुकून स्पा केस: तीन गिरफ्तार, फरार संचालक की तलाश जारी

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र में स्थित सुकून स्पा सेंटर मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। तीन दिन पहले पुलिस ने स्पा सेंटर पर दबिश देकर कुछ युवक-युवतियों को हिरासत में लिया था। जांच के बाद होटल संचालक सहित स्पा सेंटर प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस दौरान होटल संचालक फरार हो गया, जबकि प्रबंधन से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिये गए। वहीं थाईलैंड की युवतियों को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। आज पुलिस रिमांड समाप्त होने पर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एएसपी विवेक कुमार के अनुसार पूछताछ के दौरान स्पा सेंटर की गतिविधियों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। फरार संचालक की तलाश अब भी जारी है। जानकारी के अनुसार यह स्पा सेंटर एक वाटर पार्क परिसर में संचालित हो रहा था, जिसे किराये पर दिया गया था। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य स्पा सेंटर भी चर्चा में हैं और लोगों की नजर अब इस बात पर है कि क्या आगे भी ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई सामने आएगी। हालांकि अन्य संस्थानों को लेकर किसी भी प्रकार की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी。
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