icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
244221
Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow15 Jan 2025, 11:53 am

Amroha - पुलिस बंदोबस्तों को देखने के लिए सड़क पर उतरे एसपी अ​मित कुमार आनंद

Amroha, Uttar Pradesh:

बुधवार को शीत लहर और कड़ाके की सर्दी के बावजूद एसपी अमित कुमार आनंद अमरोहा शहर की यातायात व्यवस्था और बंदोबस्तों देखने के लिए सड़कों पर उतर पड़े और नगर क्षेत्र के विभिन्न चौराहों पर भ्रमण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया। सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने व यातायात के सुगम व सुचारू रूप से संचालन एवं जाम की समस्या के निराकरण के लिए अधीनस्थों को आवश्यक निर्देश दिए। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने अमरोहा नगर में शाह विलायत चौराहा,अतरासी चौराहा, गुरु गोविन्द सिंह चौक आदि का भ्रमण किया। इतना ही नहीं उन्होंने आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी ली।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

7 माह पुराने सोने की चेन चोरी मामले का खुलासा, पारसोला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चेन बरामद की

Pratapgarh, Rajasthan:7 माह पुराने सोने की चेन चोरी मामले का खुलासा, पारसोला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चेन बरामद की प्रतापगढ़ जिले के पारसोला थाना पुलिस ने करीब सात माह पुराने सोने की चेन चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई सोने की चेन बरामद कर ली है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में पारसोला थानाधिकारी राकेश कटारा के नेतृत्व में गठित टीम और अनुसंधान अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक सोमाराम द्वारा की गई。 पुलिस के अनुसार 6 जून को मुंगाणा निवासी पंकज कुमार लबाना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके नए मकान में फर्नीचर का कार्य चल रहा था। घर की अलमारी में पत्नी के सोने-चांदी के आभूषण रखे हुए थे। 23 दिसंबर 2025 को पारिवारिक कार्यक्रम में जाने के लिए अलमारी खोलने पर करीब 35 ग्राम वजनी सोने की एक चेन गायब मिली। पूछताछ करने पर परिवार के सदस्यों ने अनभिज्ञता जताई, जबकि घर में काम कर रहे कारीगर सुरेश और राहुल ने चेन मिल जाने की बात कहकर लगातार टालमटोल की。 पुलिस में शिकायत की बात करने पर भी दोनों कारीगर शिकायतकर्ता को गुमराह करते रहे और 29 दिसंबर 2025 को काम का हिसाब कर अपने घर चले गए। इसके बाद भी दोनों वापस मुंगाणा नहीं आए। इस पर पंकज कुमार ने दोनों कारीगरों पर चोरी का संदेह जताते हुए पारसोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में प्रकरण के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने अथक प्रयास कर आरोपी राहुल कुमार पिता अशोक कुमार विश्वकर्मा, निवासी बोलिया, थाना नाहरगढ़, जिला मंदसौर (मध्यप्रदेश) को तलाश कर गिरफ्तार किया। पूछताछ और अनुसंधान में आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए जाने पर उसके कब्जे से चोरी गई सोने की चेन बरामद कर ली गई。 पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। मामले में पुलिस की कार्रवाई से सात माह पुराने चोरी के प्रकरण का सफल खुलासा हो गया。
0
0
Report

प्रतापगढ़ ने परिवार कल्याण में राज्य स्तर पर तीसरा स्थान, पीपीआईयूसीडी में द्वितीय

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय परिवार कल्याण प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समग्र परिवार कल्याण कार्यक्रम में राज्य स्तर पर तृतीय स्थान तथा पीपीआईयूसीडी सेवाओं में द्वितीय स्थान हासिल किया है। वहीं व्यक्तिगत श्रेणी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। आयोजित वर्चुअल राज्य स्तरीय समारोह में जिला कलक्टर शुभम चौधरी एवं सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, मिशन निदेशक जोगाराम, निदेशक आईईसी डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रितेश्वर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलक्टर शुभम चौधरी ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, आशा सहयोगिनियों, एएनएम और चिकित्सा अधिकारियों की सामूहिक मेहनत को दिया। वहीं सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में नसबंदी सेवाएं, पीपीआईयूसीडी, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, अंतरा इंजेक्शन तथा जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित परिवार कल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया गया। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राज्य स्तरीय समिति ने प्रतापगढ़ जिले को सम्मानित किया। राज्य स्तरीय पुरस्कारों में धमोत्तर पंचायत समिति को पंचायत समिति श्रेणी में सम्मान मिला। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दलोट एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पारसोला को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा बावड़ी, नाड़, केशरपुरा, बमोत्तर, जाजली और सातमऊड़ी ग्राम पंचायतों को भी परिवार कल्याण कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि जिले में परिवार कल्याण एवं जनसंख्या स्थायित्व कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
0
0
Report
Advertisement

हाई कोर्ट के आदेश से शहरी सेवा शिविर-2026 की छह राहतों पर रोक, हजारों आवेदक प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:शहरी सेवा शिविर-2026 में जिन पट्टों और जमीन से जुड़े मामलों का लोगों को इंतजार था, उन पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने छह बड़ी राहत योजनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यानी हजारों आवेदकों को अब अगली सुनवाई और अगले आदेश का इंतजार करना होगा। आखिर किन छह कामों पर लगी रोक और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा... देखिए रिपोर्ट। वीओ-1- प्रदेशभर में चल रहे शहरी सेवा शिविर-2026 को राजस्थान हाईकोर्ट के एक आदेश ने बड़ा झटका दिया है। सरकार ने शिविर में दी जा रही जमीन और पट्टों से जुड़ी छह प्रमुख राहतों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसका असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा, जो सरकारी भूमि के नियमन, कच्ची बस्तियों के पट्टों, कृषि भूमि पर विकसित कॉलोनियों के नियमितीकरण और अन्य लंबित प्रकरणों में राहत मिलने की उम्मीद लेकर शिविरों में पहुंचे थे। दरअसल, स्वायत्त शासन विभाग ने 10 जून को आदेश जारी कर 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन को राहत देने के उद्देश्य से विभिन्न मामलों में छूट देते हुए निकायों को 22 प्रकार के कार्य निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इन प्रावधानों को चुनौती देते हुए 24 जून को राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि शिविरों में दी जा रही कुछ रियायतें प्रचलित नियमों और कानूनी प्रावधानों के विपरीत हैं। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 6 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी करते हुए छह श्रेणियों के मामलों में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए। कच्ची बस्ती-कृषि भूमि के नियमितीकरण जैसे काम अटके 1-कॉलोनियों का नियमितीकरण रुका-सरकारी भूमि पर लंबे समय से बसे लोगों को नियमित करने की प्रक्रिया अगले आदेश तक बंद रहेगी। 2-कच्ची बस्तियों के पट्टे अटके डिनोटिफाइड कच्ची बस्तियों में कब्जाधारियों को नियमित करने और पट्टे की प्रक्रिया भी फिलहाल स्थगित रहेगी। 3-कृषि भूमि की कॉलोनियों को राहत नहीं-17 जून 1999 से पहले कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनियों के सुओमोटो ले-आउट प्लान अनुमोदन संबंधी मामलों में भी अब निर्णय नहीं होगा। 4-खांचा भूमि के प्रकरण रुके खांचा भूमि के आवंटन और नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर भी रोक लगा दी गई है। 5-अपंजीकृत इकरारनामों पर पट्टा नहीं मिलेगा-अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अब पट्टा जारी नहीं हो सकेंगे। इससे 17 जून 1999 से पहले और बाद की कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनियों के हजारों संभावित आवेदकों का भी प्रभावित होना तय माना जा रहा है। 6-अतिरिक्त प्रीमियम व स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत तक दी जा रही छूट भी अगले आदेश तक बंद रहेगी। वीओ-2- नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगरपालिकाओं, विकास प्राधिकरणों और आवासन मंडलों को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि न्यायालय के अगले आदेश तक इन छह मामलों में कोई निर्णय या कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन आवेदकों पर होगा, जिन्होंने शिविरों के माध्यम से पट्टा प्राप्त करने, कॉलोनियों के नियमितीकरण, अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर स्वामित्व मान्यता या सरकारी भूमि के नियमन के लिए आवेदन किए थे। ऐसे सभी प्रकरण अब हाईकोर्ट के अगले आदेश तक लंबित रहेंगे। हालांकि, शहरी सेवा शिविर पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। विभाग के अनुसार अन्य स्वीकृत सेवाएं और शेष कार्य पूर्ववत जारी रहेंगे, लेकिन जमीन और पट्टों से जुड़े विवादित छह मामलों में फिलहाल किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। बहरहाल, राजस्थान के शहरी सेवा शिविर-2026 को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जमीन और पट्टों से जुड़ी छह प्रमुख राहत योजनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब सरकारी जमीन, कच्ची बस्तियों, कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमितीकरण और पट्टों से जुड़े मामलों में अगले आदेश तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे हजारों आवेदकों की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है। अब नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के अगले कदम पर रहेगी।
0
0
Report
Advertisement

पीपलखूंट में भाजपा मंडल बैठक पंचायत राज चुनाव रणनीति पर चर्चा शुरू

Pratapgarh, Rajasthan:पीपलखूंट में भाजपा मंडल की बैठक पंचायत राज चुनाव की रणनीति पर मंथन, कई लोगों ने थामा भाजपा का दामन प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट में भारतीय जनता पार्टी मंडल की बैठक मंडल अध्यक्ष कचरूलाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आगामी पंचायत राज चुनाव को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को गति देने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के मुख्य अतिथि घाटोल विधानसभा के पंचायत राज चुनाव प्रभारी लालूराम डागी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद मानशंकर निनामा, भाजपा जिला अध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष पायलट बुज, पूर्व मंडल अध्यक्ष मानजी भाई निनामा, उपाध्यक्ष हीरालाल, पीपलखूंट सरपंच प्रभुलाल निनामा, हसमुख दोसी, एडवोकेट सतीश निनामा, हीरालाल रोहनिया तथा एडवोकेट गणेश सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आगामी पंचायत राज चुनाव में अधिकाधिक सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन की एकजुटता, मजबूत बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक घर तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। बैठक के दौरान पृथ्वीपुरा जीएसएस की स्वीकृति पर खुशी व्यक्त करते हुए कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए इसे संगठन के विस्तार और आगामी चुनावों के लिए सकारात्मक संकेत बताया। बैठक में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पंचायत राज चुनाव को लेकर संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया।
0
0
Report

सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम नौगई तिहरा हत्याकांड के स्थल पर पहुंची

Muju, Jeonbuk State:कोरिया ब्रेक। नौगई तिहरा हत्याकांड मामला । जांच करने सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम पहुंची । चरचा के पंचवटी रेस्ट हाउस में रुकी है टीम । घटनास्थल जाकर करेगी घटना की जांच । 30 जून को छत्तीसगढ़ सरकार ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश । 16 जून को सोनहत के नौगई में हुई थी घटना । 12 आरोपी अब तक हो चुके है गिरफ्तार । कोरिया जिले के नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम आज मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और मामले से जुड़े दस्तावेजों व साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और अन्य पक्षों से पूछताछ भी की जा रही है। जांच के बाद ही सीबीआई मामले में आगे की कार्रवाई करेगी。
0
0
Report

बाल संप्रेक्षण गृह में 4 नाबालिग बंदियों ने सुरक्षा गार्ड की हत्या कर दी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा गार्ड की नृशंस हत्या से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात ड्यूटी पर तैनात गार्ड की हत्या के बाद 4 नाबालिग बंदी मौके से फरार हो गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है।सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में 42 वर्षीय सहायक सह रात्रि चौकीदार नरेंद्र कुमार खाण्डे ड्यूटी कर रहे थे। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार, हमलावरों ने पहले नरेंद्र के हाथ-पैर गमछे से बांधे, फिर बेरहमी से मारपीट की, गला दबाया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उनकी जान ले ली। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित जिले के आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि गार्ड लंबे समय से अपना तबादला मांग रहे थे, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हुआ।जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड को बाल संप्रेक्षण गृह में बंद 4 नाबालिग बंदियों ने अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें से 3 बंदी रायगढ़ और 1 बंदी कोरबा जिले के गंभीर अपराधों के मामलों में वहां निरुद्ध था। वारदात को अंजाम देने के बाद ये चारों आरोपी बाल संप्रेक्षण गृह से फरार होने में सफल रहे। इस घटना ने सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहाँ सुरक्षा गार्ड को ही निशाना बना लिया गया। फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर फरार नाबालिगों की तलाश तेज कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों की तलाश मे जुट गई है।इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं और उन्होंने अपना तबादला कराने के लिए बार-बार विभाग से गुहार भी लगाई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने उनकी एक न सुनी। यदि विभाग ने समय रहते उनकी सुरक्षा या तबादले को गंभीरता से लिया होता, तो आज एक घर का चिराग नहीं बुझता। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने पूरे गृह परिसर को सील कर दिया है और वहां मौजूद अन्य बंदियों से भी पूछताछ की जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

लोनी बॉर्डर क्षेत्र विवाद में विपिन की गोली मारकर हत्या; सोनू की तलाश जारी

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र में रास्ते पर हुए विवाद के बाद 25 वर्षीय युवक विपिन को गोली मार दी गई। विपिन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया। विपिन अपने रिश्तेदार को छोड़ते हुए घर वापस जा रहा था। रास्ते में सोनू खड़ा हुआ था। उसने होरन बजा कर उसे हटाने के लिए कहा तो वहां दोनों के बीच कहांसुनी शुरू हो गई। कहांसुनी इतनी ज्यादा बढ़ गई कि सोनू ने विपिन को गोली मार दी। विपिन के भाई आजाद की शिकायत पर थाना लोनी बॉर्डर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस सोनू की तलाश में लगी हुई है。
0
0
Report

धनबाद की सड़क पर बार-बार भू-धंसान, लोगों में दहशत, प्रशासन से तात्कालिक समाधान की मांग

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में मुख्य सड़कों की धसने गोफ बनने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जामाडोबा स्थित बड़कीटांड़-जीतपुर रोड पर रविवार देर शाम अचानक भू-धंसान होने से इलाके में दहशत फैल गई। सड़क किनारे बड़ा गोफ बन जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार तक भी स्थिति जस की तस बनी रही। मौके पर केवल बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। बीते देर शाम तेज आवाज के साथ सड़क किनारे जमीन धंस गई और बड़ा गोफ बन गया। यह सड़क हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोफ लगातार चौड़ा हो रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल केवल बैरिकेडिंग कर लोगों को सतर्क किया गया है। ग्रामीणों ने कोलियरी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भूमिगत खनन के बाद नियमानुसार बालू भराव नहीं होने के कारण जमीन के नीचे खाली जगह बन रही है और लगातार भू-धंसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासी मोहम्मद निजाम अंसारी ने बताया कि करीब तीन साल पहले भी इसी स्थान पर जमीन धंसी थी, लेकिन उस समय स्थायी समाधान नहीं किया गया। अब फिर उसी जगह गोफ बनने से लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित कोलियरी प्रबंधन से तत्काल तकनीकी जांच कराने, भू-धंसान वाले हिस्से की मरम्मत करने और भूमिगत खाली स्थानों का सुरक्षित भराव कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो यह सड़क और आसपास की आबादी किसी बड़े हादसे की चपेट में आ सकती है।
0
0
Report
Advertisement

सीबीआई ने क्लोजर रिपोटर दाखिल की; वरिष्ठ MCD अधिकारियों पर कार्रवाई संभव नहीं

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में पानी भरने से तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत के मामले में सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है.... सीबीआई ने अपनी जांच में कहा है कि किसी भी वरिष्ठ MCD अधिकारी की ओर से ऐसी कोई लापरवाही या आपराधिक जिम्मेदारी साबित नहीं हुई...जिसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की सके... सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों से ये साबित नहीं हुआ कि वरिष्ठ एमसीडी अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों में ऐसी चूक की...जिसे इस हादसे का कारण माना जाए... इसलिए उनके खिलाफ मामला चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिला. हालांकि, जांच एजेंसी ने ये भी कहा कि पहले की जांच में जिन अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई थी...उनके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है..वहीं, कुछ एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है... ये मामला 27 जुलाई 2024 का है..जब भारी बारिश के दौरान ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में अचानक पानी भर गया था...इस हादसे में तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की डूबने से मौत हो गई थी...घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई थी... अब सीबीआई की तरफ से दाखिल की गई इस क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत अगली सुनवाई के दौरान विचार करेगी और ये तय करेगी कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या नहीं..
0
0
Report

CBI files closure report; court to decide on next hearing

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में पानी भरने से तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत के मामले में सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है.... सीबीआई ने अपनी जांच में कहा है कि किसी भी वरिष्ठ MCD अधिकारी की ओर से ऐसी कोई लापरवाही या आपराधिक जिम्मेदारी साबित नहीं हुई...जिसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके... सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों से ये साबित नहीं हुआ कि वरिष्ठ एमसीडी अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों में ऐसी चूक की...जिसे इस हादसे का कारण माना जाए... इसलिए उनके खिलाफ मामला चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिला. हालांकि, जांच एजेंसी ने ये भी कहा कि पहले की जांच में जिन अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई थी...उनके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है..वहीं, कुछ एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है... ये मामला 27 जुलाई 2024 का है..जब भारी बारिश के दौरान ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में अचानक पानी भर गया था...इस हादसे में तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की डूबने से मौत हो गई थी...घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई थी... अब सीबीआई की तरफ से दाखिल की गई इस क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत अगली सुनवाई के दौरान विचार करेगी और ये तय करेगी कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या नहीं..
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top