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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow5 Feb 2025, 10:18 am

अमरोहाः 20 महीने पहले लापता युवक का कंकाल हुआ बरामद, भतीजा निकला कातिल !

Amroha, Uttar Pradesh:

थाना सैदनगली क्षेत्र के गांव देहरा मिलक में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। करीब 20 महीने पहले लापता हुए 40 वर्षीय छोटे का कंकाल पुलिस ने बरामद किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि छोटे की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही भतीजे सर्वेश ने की थी। पुलिस के अनुसार, जमीन को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में भतीजे ने चाचा की बेरहमी से हत्या कर शव को तालाब में दबा दिया था। पुलिस ने सर्वेश से गहन पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर कंकाल बरामद कर लिया। गौरतलब है कि छोटे की गुमशुदगी थाना सैदनगली में पहले ही दर्ज थी, लेकिन इतने लंबे समय तक मामला सुलझ नहीं सका था। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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नागपुर में 10 रुपये के चाय के विवाद पर मजदूर की हत्या

AKAMAR KANEJust now
Nagpur, Maharashtra:नागपूर - नागपुरातील कपिलनगर परिसरात १० रुपयांच्या चहाच्या पैशावरून झालेल्या वादतून मजूराचा खून. - राज्याचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रविवारी कपिल नगर जवळील नारी येथील सफाई कामगारांसाठी पीएम आवास योजनेच्या भूमिपूजन कार्यक्रमासाठी आले होते.. त्याकरता उभारलेल्या मंडपावर मनोज यादव कामावर होता. . त्याची याच्या पैशावरून झालेल्या वादातून यांची धारदार शस्त्राने हत्या. - प्राथमिक माहितीनुसार, चहा विक्रेता कैलास लालचंद गणवीर याने वादातून हल्ला केल्याचा आरोप. - घटना कार्यक्रमस्थळापासून काही अंतरावर, सहारे पेट्रोल पंपाजवळ घडली. - कपिलनगर पोलिसांनी आरोपीला ताब्यात घेतले असून पुढील तपास सुरू आहे.
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महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ मंत्री पिंक ऑटो से विधानसभा पहुंचे

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत एक अलग अंदाज में हुई.. महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब आज पिंक ऑटो से विधानसभा पहुंचे.. उनके साथ विधायक ललित चंद्राकर भी इसी ऑटो में सवार होकर विधानसभा के लिए रवाना हुए.. मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से वे पूरे पांच दिन तक विधानसभा आने-जाने के लिए पिंक ऑटो का ही इस्तेमाल करेंगे.. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है..
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फर्रुखाबाद में जमीन कब्जे के विवाद में दो पक्ष भिड़े, महिलाएं भी घायल

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद के शमशाबाद थाना क्षेत्र में जमीन के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। कथित अवैध कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चलने लगे। इस खूनी संघर्ष में महिलाएं भी नहीं बचीं। पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मਾਮला शमशाबाद थाना क्षेत्र के गुटेटी दक्षिण गांव का है, जहां जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों की बारिश होने लगी। गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। पहले पक्ष के जयशरण का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग उनके घर में घुस आए और महिलाओं समेत पूरे परिवार के साथ मारपीट की। इस हिंसक संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 10 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद ले जाया गया, जहां एक घायल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। मारपीट की पूरी घटना गांव के एक बच्चे ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, शमशाबाद थाना प्रभारी सचिन चौधरी का कहना है कि वायरल वीडियो, घायलों के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी。
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मौलाना खालिद रशीद ने कहा: रामदेव के बयान से एकता और सम्मान जरूरी

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ, UP | योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, "मुसलमान न तो डरते हैं और न ही घबराते हैं क्योंकि वे अल्लाह की इबादत करते हैं, और सच तो यह है कि सभी इंसानों के पूर्वज एक ही हैं... हमने हमेशा धर्म के आधार पर भेदभाव का विरोध किया है, और अगर हमें अपने देश की स्थिति बेहतर बनानी है, तो सभी को अपने धर्म का पालन करना चाहिए, दूसरों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे धार्मिक बयान देने से बचना चाहिए... उत्तराखंड में मस्जिदों को गिराने और मदरसा बोर्ड को खत्म करने की वजह से मुसलमानों को काफी परेशानी और तकलीف हो रही है।
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नालंदा के हिलसा में मालगाड़ी बेपटरी, चार डिब्बे पटरी से उतरे; रेल परिचालन रोक

Pariaunna, Bihar:नालंदा के हिलसा में इस्लामपुर की ओर जा रही एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई. हादसे में मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए. राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर राहत और बहाली कार्य में जुट गई है. घटना के बाद हिलसा–इस्लामपुर रेलखंड पर रेल परिचालन फिलहाल बाधित हो गया है. बताया जा रहा है कि मालगाड़ी पटना-दनियावां होते हुए इस्लामपुर की ओर जा रही थी. जैसे ही ट्रेन हिलसा रेलवे स्टेशन के समीप पहुंची, अचानक उसके चार डिब्बे पटरी से उतर गए. घटना के बाद रेल मार्ग पर परिचालन रोक दिया गया है. रेलवे की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर बेपटरी हुए डिब्बों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने में जुटी है. हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. रेलवे अधिकारियों कुंदन कुमार के अनुसार, ट्रैक बहाल होने के बाद ही इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो सकेगा. उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि हादसा कैसे हुआ है.
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वाशीम में बारिश से जलभंडारण बढ़ा, पानी आपूर्ति पर क्या असर?

Washim, Maharashtra:अँकर: जून अखेरीस झालेल्या पावसामुळे वाशिम जिल्ह्यातील जलसाठ्यात काहीशी वाढ झाली आहे. गेल्या आठवड्यात 131 मिमी पावसाची नोंद झाल्याने जिल्ह्यातील 162 जलप्रकल्पांतील पाणीसाठ्यात 2.40 टक्क्यांची वाढ झाली आहे. मात्र, मागील वर्षाच्या तुलनेत यंदा आतापर्यंत सुमारे 100 मिमी कमी पाऊस झाला आहे. सध्या जिल्ह्यात सरासरी 10 टक्के जलसाठा असून, वाशिम शहराला पाणीपुरवठा करणाऱ्या एकबुर्जी प्रकल्पात केवळ 8 टक्के पाणीसाठा शिल्लक आहे. त्यामुळे शहरात आठ दिवसाआड पाणीपुरवठा केला जात आहे. आगामी काळात चांगला पाऊस होणे अत्यावश्यक असून, नागरिक, शेतकरी आणि प्रशासनाच्या नजरा पावसाच्या प्रतीक्षेत आकाशाकडे लागले आहेत。
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7 माह पुराने सोने की चेन चोरी मामले का खुलासा, पारसोला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चेन बरामद की

Pratapgarh, Rajasthan:7 माह पुराने सोने की चेन चोरी मामले का खुलासा, पारसोला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चेन बरामद की प्रतापगढ़ जिले के पारसोला थाना पुलिस ने करीब सात माह पुराने सोने की चेन चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई सोने की चेन बरामद कर ली है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में पारसोला थानाधिकारी राकेश कटारा के नेतृत्व में गठित टीम और अनुसंधान अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक सोमाराम द्वारा की गई。 पुलिस के अनुसार 6 जून को मुंगाणा निवासी पंकज कुमार लबाना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके नए मकान में फर्नीचर का कार्य चल रहा था। घर की अलमारी में पत्नी के सोने-चांदी के आभूषण रखे हुए थे। 23 दिसंबर 2025 को पारिवारिक कार्यक्रम में जाने के लिए अलमारी खोलने पर करीब 35 ग्राम वजनी सोने की एक चेन गायब मिली। पूछताछ करने पर परिवार के सदस्यों ने अनभिज्ञता जताई, जबकि घर में काम कर रहे कारीगर सुरेश और राहुल ने चेन मिल जाने की बात कहकर लगातार टालमटोल की。 पुलिस में शिकायत की बात करने पर भी दोनों कारीगर शिकायतकर्ता को गुमराह करते रहे और 29 दिसंबर 2025 को काम का हिसाब कर अपने घर चले गए। इसके बाद भी दोनों वापस मुंगाणा नहीं आए। इस पर पंकज कुमार ने दोनों कारीगरों पर चोरी का संदेह जताते हुए पारसोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में प्रकरण के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने अथक प्रयास कर आरोपी राहुल कुमार पिता अशोक कुमार विश्वकर्मा, निवासी बोलिया, थाना नाहरगढ़, जिला मंदसौर (मध्यप्रदेश) को तलाश कर गिरफ्तार किया। पूछताछ और अनुसंधान में आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए जाने पर उसके कब्जे से चोरी गई सोने की चेन बरामद कर ली गई。 पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। मामले में पुलिस की कार्रवाई से सात माह पुराने चोरी के प्रकरण का सफल खुलासा हो गया。
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प्रतापगढ़ ने परिवार कल्याण में राज्य स्तर पर तीसरा स्थान, पीपीआईयूसीडी में द्वितीय

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय परिवार कल्याण प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समग्र परिवार कल्याण कार्यक्रम में राज्य स्तर पर तृतीय स्थान तथा पीपीआईयूसीडी सेवाओं में द्वितीय स्थान हासिल किया है। वहीं व्यक्तिगत श्रेणी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। आयोजित वर्चुअल राज्य स्तरीय समारोह में जिला कलक्टर शुभम चौधरी एवं सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, मिशन निदेशक जोगाराम, निदेशक आईईसी डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रितेश्वर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलक्टर शुभम चौधरी ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, आशा सहयोगिनियों, एएनएम और चिकित्सा अधिकारियों की सामूहिक मेहनत को दिया। वहीं सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में नसबंदी सेवाएं, पीपीआईयूसीडी, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, अंतरा इंजेक्शन तथा जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित परिवार कल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया गया। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राज्य स्तरीय समिति ने प्रतापगढ़ जिले को सम्मानित किया। राज्य स्तरीय पुरस्कारों में धमोत्तर पंचायत समिति को पंचायत समिति श्रेणी में सम्मान मिला। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दलोट एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पारसोला को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा बावड़ी, नाड़, केशरपुरा, बमोत्तर, जाजली और सातमऊड़ी ग्राम पंचायतों को भी परिवार कल्याण कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि जिले में परिवार कल्याण एवं जनसंख्या स्थायित्व कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
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हाई कोर्ट के आदेश से शहरी सेवा शिविर-2026 की छह राहतों पर रोक, हजारों आवेदक प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:शहरी सेवा शिविर-2026 में जिन पट्टों और जमीन से जुड़े मामलों का लोगों को इंतजार था, उन पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने छह बड़ी राहत योजनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यानी हजारों आवेदकों को अब अगली सुनवाई और अगले आदेश का इंतजार करना होगा। आखिर किन छह कामों पर लगी रोक और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा... देखिए रिपोर्ट। वीओ-1- प्रदेशभर में चल रहे शहरी सेवा शिविर-2026 को राजस्थान हाईकोर्ट के एक आदेश ने बड़ा झटका दिया है। सरकार ने शिविर में दी जा रही जमीन और पट्टों से जुड़ी छह प्रमुख राहतों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसका असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा, जो सरकारी भूमि के नियमन, कच्ची बस्तियों के पट्टों, कृषि भूमि पर विकसित कॉलोनियों के नियमितीकरण और अन्य लंबित प्रकरणों में राहत मिलने की उम्मीद लेकर शिविरों में पहुंचे थे। दरअसल, स्वायत्त शासन विभाग ने 10 जून को आदेश जारी कर 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन को राहत देने के उद्देश्य से विभिन्न मामलों में छूट देते हुए निकायों को 22 प्रकार के कार्य निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इन प्रावधानों को चुनौती देते हुए 24 जून को राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि शिविरों में दी जा रही कुछ रियायतें प्रचलित नियमों और कानूनी प्रावधानों के विपरीत हैं। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 6 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी करते हुए छह श्रेणियों के मामलों में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए। कच्ची बस्ती-कृषि भूमि के नियमितीकरण जैसे काम अटके 1-कॉलोनियों का नियमितीकरण रुका-सरकारी भूमि पर लंबे समय से बसे लोगों को नियमित करने की प्रक्रिया अगले आदेश तक बंद रहेगी। 2-कच्ची बस्तियों के पट्टे अटके डिनोटिफाइड कच्ची बस्तियों में कब्जाधारियों को नियमित करने और पट्टे की प्रक्रिया भी फिलहाल स्थगित रहेगी। 3-कृषि भूमि की कॉलोनियों को राहत नहीं-17 जून 1999 से पहले कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनियों के सुओमोटो ले-आउट प्लान अनुमोदन संबंधी मामलों में भी अब निर्णय नहीं होगा। 4-खांचा भूमि के प्रकरण रुके खांचा भूमि के आवंटन और नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर भी रोक लगा दी गई है। 5-अपंजीकृत इकरारनामों पर पट्टा नहीं मिलेगा-अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अब पट्टा जारी नहीं हो सकेंगे। इससे 17 जून 1999 से पहले और बाद की कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनियों के हजारों संभावित आवेदकों का भी प्रभावित होना तय माना जा रहा है। 6-अतिरिक्त प्रीमियम व स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत तक दी जा रही छूट भी अगले आदेश तक बंद रहेगी। वीओ-2- नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगरपालिकाओं, विकास प्राधिकरणों और आवासन मंडलों को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि न्यायालय के अगले आदेश तक इन छह मामलों में कोई निर्णय या कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन आवेदकों पर होगा, जिन्होंने शिविरों के माध्यम से पट्टा प्राप्त करने, कॉलोनियों के नियमितीकरण, अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर स्वामित्व मान्यता या सरकारी भूमि के नियमन के लिए आवेदन किए थे। ऐसे सभी प्रकरण अब हाईकोर्ट के अगले आदेश तक लंबित रहेंगे। हालांकि, शहरी सेवा शिविर पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। विभाग के अनुसार अन्य स्वीकृत सेवाएं और शेष कार्य पूर्ववत जारी रहेंगे, लेकिन जमीन और पट्टों से जुड़े विवादित छह मामलों में फिलहाल किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। बहरहाल, राजस्थान के शहरी सेवा शिविर-2026 को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जमीन और पट्टों से जुड़ी छह प्रमुख राहत योजनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब सरकारी जमीन, कच्ची बस्तियों, कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमितीकरण और पट्टों से जुड़े मामलों में अगले आदेश तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे हजारों आवेदकों की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है। अब नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के अगले कदम पर रहेगी।
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