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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow11 Jan 2025, 11:58 am

अमरोहाः पुलिस ने 86 वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में किया पेश

Amroha, Uttar Pradesh:

पुलिस अधीक्षक अमरोहा के निर्देशन में अमरोहा पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम के लिए गैर जमानती वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु के लिए चलाया गया। इस अभियान के दौरान कुल 86 वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया गया। अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए जनपद पुलिस द्वारा निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी त्योहारों के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक अमरोहा अमित कुमार आनंद के निर्देशानुसार और अपर पुलिस अधीक्षक अमरोहा राजीव कुमार सिंह के देखरेख में जनपद के सभी थाना प्रभारियों द्वारा कल रात्रि गैर जमानतियों की वारंटियों की गिरफ्तारी का अभियान चलाया गया।

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शहडोल आबकारी विभाग ने 2025-26 में अवैध शराब पर कार्रवाई और रिकॉर्ड राजस्व बढ़त

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल जिले में आबकारी विभाग ने राजस्व और कार्रवाई दोनों मोर्चाओं पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साल 2025-26 के दौरान अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई करते हुए लाखों की शराब जब्त की गई, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया। खास बात ये है कि इस साल शराब दुकानों की नीलामी में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहडोल जिले में आबकारी विभाग लगातार सख्त मॉनिटरिंग के जरिए अवैध गतिविधियों पर नकेल कसता नजर आ रहा है। वर्ष 2025 से 2026 के बीच विभाग ने करीब 14 लाख 90 हजार रुपए की शराब जब्त की है। वहीं, 1493 आपराधिक प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए करीब 12 लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। इसके अलावा, 776 विभागीय प्रकरणों में 13 लाख 33 हजार 400 रुपए की वसूली की गई। ये कार्रवाई मुख्य रूप से उन 29 शराब दुकानों पर की गई, जहां संचालन में अनियमितता और ग्राहकों को बिल न देने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। अगर बात करें राजस्व की, तो वर्ष 2026-27 के लिए शहडोल जिले में शराब दुकानों की नीलामी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले साल जहां टेंडर करीब 121 करोड़ रुपए में गया था, वहीं इस साल यह बढ़कर एक अरब 35 करोड़ 31 लाख 98 हजार 154 रुपए पहुंच गया है। यानि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में जिले के कलेक्टर केदार सिंह की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में ठेकेदारों की भागीदारी और पारदर्शी प्रक्रिया के चलते शासन को इस बार ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ है। शहडोल में आबकारी विभाग की यह उपलब्धि अब पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बनती नजर आ रही है। सबसे बड़ी बात है कि आबकारी विभाग अपने स्टाफ की कमी से काफी दिनों से जूझ रहा है यहां पर एक जिला आबकारी अधिकारी का पद है उसके बाद तीन असिस्टेंट आबकारी अधिकारी का पद है जिसके में एक ही पद पर एक पदस्थापना हो पाई है वही पांच निरीक्षक होने चाहिए लेकिन दो निरीक्षक ही है नौ कांस्टेबल होना चाहिए तो सात कांस्टेबल है तीन हेड कांस्टेबल होना चाहिए जिसमें एक ही हेड कांस्टेबल है फिर भी आबकारी अधिकारी बड़े स्तर पर कार्यवाही करके एक कीर्तिमान हासिल कर चुका है
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कोटा के महावीर नगर रंगबाड़ी में दिन से पानी नहीं, लोग टैंकर मंगा रहे

Kota, Rajasthan:महावीर नगर इलाके के रंगबाड़ी क्षेत्र में पिछले 3 दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा। रविवार को सुबह 11 बजे लोग पीने के पानी के टैंकर मंगवाए। यह इलाका राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर का क्षेत्र है, जहाँ स्थितियाँ ऐसी हैं कि लोग परेशान हैं। जलदाय विभाग को जानकारी दी गई, पर अभी तक सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने बाजारों से पीने का पानी मंगवाया। गर्मी की शुरुआत में पेयजलापूर्ति की समस्या अत्यंत बनी हुई है। कोटा शहर चंबल नदी के किनारे बसा है। स्थानीय नेता पानी पर बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं, पर हालात इसके विपरीत हैं।
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भटगांव में तांबा केबल चोरी: सात आरोपी गिरफ्तार, 70 मीटर केबल बरामद

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Surajpur, Chhattisgarh:एंकर — सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है,शिवानी कोयला खदान से तांबा केबल चोरी करने वाले सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है,यह वारदात 20 अप्रैल को हुई थी, जब अज्ञात चोर हथियारों के साथ खदान के अंदर घुसे और करीब 70 मीटर तांबे का केबल काटकर ले गए थे, पूरी घटना खदान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसमें आरोपी तलवार, तब्बल और टांगी जैसे घातक हथियारों के साथ नजर आए,जिसके बाद भटगांव पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए कुम्दा बस्ती निवासी नरेंद्र सिंह उर्फ पण्डा को हिरासत में लिया, पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों के नाम उजागर किए, जिनमें रवि उर्फ चरण अगरिया, कमलेश सिंह, घुलू उर्फ घुल्लू पैंकरा, बल्लू सिंह और दिनेश सिंह शामिल हैं, जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की पूरी साजिश खदान में काम करने वाले निजी ठेकेदार के कर्मचारी धनु सिंह ने रची थी, जिसने केबल की सटीक जानकारी आरोपियों को दी थी, पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर जंगल के किनारे छिपाकर रखा गया 70 मीटर कॉपर केबल बरामद कर लिया गया है, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी जब्त कर लिए गए हैं, फिलहाल इस मामले में कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है,
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पिपलोन में मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटनाग्रस्त, बड़ी जनहानि टली

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच जिले के मनासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पिपलोन में रविवार को एक मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। चालक रामलाल पिता मांगीलाल भील ट्रैक्टर को तेज गति से पोखरदा की ओर से मनासा की तरफ ले जा रहा था, तभी पिपलोन निवासी उदयराम माली के मकान के समीप वाहन असंतुलित हो गया। अनियंत्रित ट्रैक्टर सीधे मकान के बाहर बने चबूतरे से जा टकराया, जिससे मिट्टी से लदी ट्रॉली पलट गई और पूरी मिट्टी सड़क पर बिखर गई। हादसे के वक्त जोरदार धमाके से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। ट्रैक्टर चालक भी सुरक्षित बाहर निकल आया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही बताई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा की दृष्टि से तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने हेतु सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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अनियंत्रित ट्रैक्टर ने पलसूद में बाइक सवार परिवार को चपेट में लिया; पति-पत्नी की मौत, बच्ची घायल

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-पलसूद थाना क्षेत्र की घटना अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार परिवार को अपनी चपेट में लिया हादसे में पति-পत्नी की मौके पर ही मौत जबकि उनकी मासूम बेटी गंभीर रूप से घायल VO-जानकारी अनुसार, लऐसराम पिता सुपिया निवासी वेदपुरी, अपनी पत्नी ललिता और दो वर्षीय बेटी अक्षिता के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जलखेड़ा गया था कार्यक्रम से लौटते समय जलखेड़ा के समीप उनकी बाइक को एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी हादसा इतना भीषण था कि ऐसराम (उम्र 26 वर्ष) और उनकी पत्नी ललिता (उम्र 24 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई हादसे में उनकी दो वर्षीय मासूम बेटी अक्षिता गंभीर रूप से घायल हो गई घायल बच्ची को तत्काल पलसूद उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया घटना की सूचना मिलते ही पलसूद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है
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गुना में ट्रांसफार्मर आग: तापमान बढ़ने से लोड बढ़ा, फ़ायर ब्रिगेड ने बुझाई आग

Morena, Madhya Pradesh:गुना से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भीषण गर्मी के चलते एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि तापमान बढ़ने के कारण बिजली का लोड ज्यादा हो गया था, जिससे ट्रांसफार्मर ओवरहीट होकर धधक उठा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई
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मधेपुरा में यातायात नियमों की कड़ाई: चार दिन में 5.74 लाख जुर्माना

Madanpur, Bihar:मधेपुरा शहर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ रही है। यातायात पुलिस ने महज चार दिनों में 305 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई कर 5.74 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। यह सख्त अभियान यातायात उपाधीक्षक चेतनानंद झा के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शहर में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना हेलमेट चलने वालों पर हुई। 143 वाहन चालकों से 1.43 लाख रुपये वसूले गए। बिना इंश्योरेंस 66 वाहनों से 66 हजार और बिना सीट बेल्ट 26 मामलों में 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर 44 वाहनों से 48 हजार रुपये वसूले गए, जबकि बिना अनुज्ञप्ति 19 वाहनों से 95 हजार रुपये की वसूली हुई。 नो एंट्री तोड़ने वाले 8 वाहन चालकों पर 40 हजार और नो पार्किंग में खड़े 139 वाहनों से 69,500 रुपये का जुर्माना किया गया। काले शीशे वाले 22 वाहनों पर भी 11 हजार रुपये का चालान काटा गया। डीएसपी चेतनानंद झा ने साफ कहा है कि नियम तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय है। हेलमेट, सीट बेल्ट और जरूरी दस्तावेज न सिर्फ कानूनी बाध्यता हैं, बल्कि जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी भी हैं। अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाइट - चेतनानंद झा, यातायात डीएसपी, मधेपुरा
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मरकाबेड़ा में नारायणपुर-ओरछा मार्ग का गुस्सा सड़कों पर, चक्काजाम जारी

Narayanpur, Jharkhand:एंकर - नारायणपुर–ओरछा मार्ग की जर्जर हालत से परेशान मरकाबेड़ा के ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। जगह-जगह गड्ढों और उड़ती धूल से त्रस्त सैकड़ों महिला-पुरुषों ने गांव में नाका लगाकर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर माइंस के वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से सड़क की खराब स्थिति को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन केवल आश्वासन देकर उन्हें टालता रहा है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आम लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। आए दिन गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, खासकर दोपहिया वाहन चालक माइंस के भारी वाहनों की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। बी.ओ.- ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बीमारों और गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। वहीं, माइंस की गाड़ियों से उड़ने वाली धूल घरों तक पहुंच रही है, जिससे लोगों में सांस और खांसी जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। इन सभी समस्याओं से तंग आकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर “खोखले आश्वासन” देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वे किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए उन्होंने छह महीने में सड़क बनाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आए ढाई साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा。
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बांसवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा: तीन की मौत, दो घायल

Banswara, Rajasthan:जिला - Banswara विधानसभा- Banswara लोकेशन - Banswara हादसा: Banswara जिले के सलोपट थाना क्षेत्र के रोहनवाड़ी गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई, जिससे यह हादसा हुआ। हादसे में रंगलाल पुत्र मजूडा, Nanu पुत्र Geba और लक्ष्मण पुत्र Geba की मौत हो गई। इनमें से दो मृतक आपस में सगे भाई थे, जो भंडारा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि एक मृतक Amaria Pada का रहने वाला था। तीनों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं हादसे में घायल पिता-पुत्र जयेश पुत्र उमेश और उमेश पुत्र रामजी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों बाइकों को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री की विशाल जनसभा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Hardoi, Uttar Pradesh:प्रधानमंत्री की विशाल जनसभा और गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: हरदोई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, एसपी ने जारी किया डायवर्जन प्लान उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाले 'गंगा एक्सप्रेसवे' का बहुप्रतीक्षित उद्घाटन आगामी 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री न केवल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, बल्कि मल्लावां क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रशासन द्वारा जनसभा स्थल पर युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। अनुमान है कि इस सभा में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जनपद और आसपास के क्षेत्रों से 2 से 3 लाख लोगों की भारी भीड़ जुटेगी। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन और सुरक्षा के मद्देनजर जनपद की यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और जनसभा में जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन के लिए एक व्यापक रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। एसपी मीणा ने स्पष्ट किया कि 28 अप्रैल की शाम 6:00 बजे से ही पूरे जनपद में भारी वाहनों का डायवर्जन प्रभावी हो जाएगा, जो 29 अप्रैल को कार्यक्रम की समाप्ति तक जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मुख्य उद्देश्य यह है कि जनसभा में आने वाले आम नागरिकों और अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। डायवर्जन प्लान के तहत, कानपुर और कन्नौज से आने वाले भारी वाहनों को मल्लावां या बिलग्राम की ओर आने के बजाय कन्नौज बक्सीपुरवा से बिल्हौर होकर आगरा एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया जाएगा। इसी प्रकार, शाहजहाँपुर, सीतापुर और लखनऊ की ओर से आने वाले भारी वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों जैसे NH-24 और आगरा एक्सप्रेसवे के जरिए अपने गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सण्डीला, माधौगंज, बिलग्राम और साण्डी जैसे आंतरिक मार्गों पर भी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। इन सभी प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि डायवर्जन का सख्ती से पालन कराया जा सके। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए पुलिस द्वारा जारी किए गए रूट मैप का अनुसरण करें। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह प्रतिबंध केवल भारी वाहनों और कमर्शियल ट्रकों के लिए है, जबकि एम्बुलेंस, आवश्यक सेवाओं और जनसभा में आने वाले छोटे निजी वाहनों को सुगमता से आने-जाने दिया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी उत्साह है और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है。
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अनूपगढ़ स्थापना दिवस: 348 साल पुरानी विरासत और किले की कहानी

Sri Ganganagar, Rajasthan:वेबसाइट और टीवी दोनो के लिए खबर जिला-श्रीगंगानगर विधानसभा-अनूपगढ़ लोकेशन-अनूपगढ़ अनूपगढ़ स्थापना दिवस विशेष, अनूपगढ़ के गढ़ का करीब 348 साल पहले का इतिहास अनूपगढ़ में पहली बार मनाया जा रहा है अनूपगढ़ स्थापना दिवस इंट्रो (एंकर) अनूपगढ़ में आज रविवार को अनूपगढ़ धरोहर संरक्षण समिति के द्वारा पहली स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। आज आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इतिहास के जानकार तहसीलदार के पद पर कार्यरत मनजीत सिंह ने बताया कि अनूपगढ़ का इतिहास हड़प्पा कालीन सभ्यता से शुरू होता है। अनूपगढ़ में बसे 4 एमएसआर, 86 जीबी जैसे गांव आज भी प्राचीन इतिहास के साक्ष्य समेटे हुए हैं। शिवालिक की पहाड़ियों से निकली पवित्र सरस्वती नदी भी आकर अनूपगढ़ में विलुप्त हो गई थी। प्राचीनकाल में अनूपगढ़ का नाम चुघेर था। यहां भाटियों का वर्चस्व था, फिर यादवों के बसने से यह भूमि भाटी नाम से प्रसिद्ध हुई। राव राम सिंह के समय से लेकर दलपत सिंह के अधूरे किले तक, भाटियों के विरोध से लेकर 1612 में थाना उठाए जाने तक के इतिहास को अनूपगढ़ अपने अंदर समेटे हुए है। सन् 1677-78 में मुगल सम्राट औरंगजेब ने महाराजा अनूप सिंह को औरंगाबाद का शासक बनाया। महाराजा अनूप सिंह ने चुघेर में किले का निर्माण कर नया इतिहास रचने का निर्णय लिया। भाटियों से निर्णायक युद्ध हुआ और अंत में विजय के साथ वैशाख शुक्ल दशमी 1678 (विक्रम संवत 1735) में अनूपगढ़ में यह नया गढ़ बना और तभी से यह अनूपगढ़ कहलाया। 1929 में महाराजा गंगा सिंह के प्रयासों से मेरे यहां मीटर गेज रेल लाइन बिछी, जो आज ब्रॉड गेज बन चुकी है। पहली बार रेल अनूपगढ़ से स्वरूपसर चली थी। हालांकि, जितना विकास रेल से होना चाहिए था, वह अब भी अधूरा है। लेकिन गंगा सिंह की गंगनहर की सौगात ने अनूपगढ़ को नया जीवन दिया। गंगनहर के बाद फिर आई इंदिरा गांधी नहर परियोजना जिसने अनूपगढ़ की धरती की तस्वीर ही बदल दी। अनूपगढ़ को एक नई पहचान, नई हरियाली और नई उम्मीद दी। राजनीतिक रूप से भी अनूपगढ़ ने अपना सफर तय किया। पहले अनूपगढ़ सूरतगढ़ विधानसभा का हिस्सा था। फिर 2008 के परिसीमन के बाद अनूपगढ़ को स्वतंत्र विधानसभा का दर्जा मिला। बाद में अनूपगढ़ को जिला बनाया गया। सरकार बदलने पर एक साल के बाद सत्ता की राजनीति ने अनूपगढ़ से जिले का दर्जा भी मुझसे छीन लिया।जो गढ़ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनाया गया आज वह गढ़ अपनी बदलाही के आंसू रो रहा है। यह किला सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि इतिहास की जीवित कहानी है। सन् 1678 में ही निर्मित यह किला उस समय रेगिस्तान के बीच एक मजबूत सामरिक चौकी के रूप में खड़ा किया गया था। तब यहां दूर-दूर तक रेत का विस्तार था और यह गढ़ सुरक्षा, प्रशासन और शक्ति का प्रतीक माना जाता था। समय के साथ यह किला सिर्फ शासन का केंद्र ही नहीं रहा, बल्कि संघर्षों और पीड़ा का साक्षी भी बना। अंग्रेजी शासन के दौरान इसे क्रांतिकारियों के लिए काले पानी जैसी सजा के स्थान के रूप में इस्तेमाल किया गया। उसकी काल कोठरियों में बंद स्वतंत्रता सेनानियों ने अमानवीय यातनाएं सही, जिनकी गूंज आज भी इन दीवारों की खामोशी में महसूस की जा सकती है। दाऊ लाल आचार्य और गंगादास कौशिक जैसे क्रांतिकारियों की पीड़ा इस किले के इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। आज यह किला अपने गौरवशाली अतीत के साथ खामोश खड़ा है। कभी जहां सैनिकों की आवाजाही और रियासत की गतिविधियां होती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। फिर भी इसकी दीवारें आज भी उस बीते दौर की कहानी कहती हैं, जो अनूपगढ़ की पहचान और विरासत का आधार है। अगर इस गढ़ की ओर सरकारें ध्यान दें तो इतिहास को भी लंबे समय तक सहेजा जा सकेगा, नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब अवशेष भी नहीं बचेंगे।
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