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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow9 May 2025, 02:27 pm
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बिलारी में मिट्टी ढहने से तीन महिलाएं दबीं, दो की मौत

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र में मिट्टी की ढांग गिरने से 3 महिलाएं मिट्टी में दबीं। दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गयीं, जबकि एक महिला की हालत गम्भीर है। घर की लिपाई के लिए खदान से मिट्टी खोदने गयी तीनों महिलाएं थीं। मिट्टी खोदते समय हादसा हुआ और मिट्टी की ढांग गिर गयी। आसपास के लोगों ने दबी महिलाओ को बचाने के लिए रेस्क्यू किया। इलाज के लिए सामुदायिक केंद्र भेजी गयी जहाँ दो को मृत घोषित किया गया। हादसे में घायल तीसरी महिला को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया। मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र स्थित समाथल गांव की घटना। बाइट:- विनय कुमार (बिलारी एसडीएम)
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हरदोई में दंपत्ति से लूट: एक बदमाश पकड़ा गया, दूसरा फरार

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में बाइक सवार दंपति से बदमाशों ने की लूटपाट। महिला के शोर मचाने पर बाइक सवार बदमाश मौके से भागने लगे इस दौरान वहाँ मौजूद मजदूरों ने साहस दिखाते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए बदमाश को हिरासत में लेते हुए उसके कब्जे से लूटी गई माला और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। दंपति के साथ मारपीट कर हुई लूट की यह घटना सांडी थाना क्षेत्र के चचरापुर मोड के पास की है यहाँ चचरापुर गांव निवासी रविकांत मिश्रा उर्फ प्रभाकर अपनी पत्नी शांति मिश्रा के साथ मंगलवार रात लगभग 9:30 पिहानी कोतवाली क्षेत्र के भेरिया गांव से अंतिम संस्कार में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही दंपति सांडी रोड पर चचरापुर मोड़ के पास पहुंचे, तभी दूसरी बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाश मारपीट करते हुए शांति मिश्रा के कानों से सोने के कुंडल माला और ₹3000 लूटकर भागने लगे। महिला के शोर मचाने पर वहां पर मौजूद मजदूरों ने बाइक सवार बदमाशों का पीछा करते हुए एक बदमाश को दबोच लिया जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए बदमाश को हिरासत में लेते हुए उसके कब्जे से माला और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद करते हुए दूसरे बदमाश की तलाश शुरू कर दी है।
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ई-फार्मेसी और कॉरपोरेट डिस्काउंट के विरोध में केमिस्टों का राष्ट्रव्यापी बंद; हरियाणा सहित देशभर में असर

Sonipat, Haryana:सोनीपत न्यूज़ देशभर में आज मेडिकल स्टोर बंद हैं। केमिस्ट संगठनों ने ई-फार्मेसी, कॉर्पोरेट डिस्काउंट और कथित अवैध दवा बिक्री के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया है। केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन दवा कारोबार से छोटे व्यापारियों की आजीविका और मरीजों की सुरक्षा दोनों पर खतरा बढ़ रहा है। यह बंद हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर किया गया। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते उन्हें राष्ट्रव्यापी बंद का रास्ता अपनाना पड़ा। सोनीपत जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी इस बंद को समर्थन दिया है। संगठन का दावा है कि देशभर में करीब 12 लाख 40 हजार से ज्यादा केमिस्ट और डिस्ट्रीब्यूटर इस आंदोलन से जुड़े हैं, जबकि 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका इस व्यापार पर निर्भर करती है। संगठन का प्रधान सुरेश कादियान ने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसी तेजी से बढ़ रही है और इससे पारम्परिक मेडिकल स्टोर कारोबार प्रभावित हो रहा है। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना वैध डॉक्टर पर्ची के दवाइयों की बिक्री हो रही है, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा बड़े कॉर्पोरिट ग्रुप द्वारा भारी डिस्काउंट और प्रिडेटरी प्राइसिंग को भी केमिस्टों ने बड़ा खतरा बताया है। उनका कहना है कि बड़ी कंपनियाँ भारी छूट देकर छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों के कारोबार को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं, जिससे निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। केमिस्ट एसोसिएशन ने मरीजों की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दे भी उठाए हैं। इनमें बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाइयों की बिक्री, एंटीबायोटिक और नशे की आदत बनाने वाली दवाओं तक आसान पहुंच, फर्जी पर्चियों का इस्तेमाल और नकली दवाइयों का खतरा शामिल है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि ई-फार्मेसी पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, प्रिडेटरी प्राइसिंग रोकी जाए और छोटे मेडिकल व्यापारियों की आजीविका तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम
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चंडीगढ़ में दवा विक्रेताओं की हड़ताल, ऑनलाइन फार्मेसी पर विरोध तेज

Chandigarh, Chandigarh:देशभर में दवा विक्रेताओं की ओर से हड़ताल बुलाई गई है । जिसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिला। चंडीगढ़ सेक्टर 11 की केमिस्ट मार्केट में सभी दुकानें बंद रखी गई। दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी के मुद्दे पर सरकार का विरोध भी किया । उन्होंने कहा कि हमारी मांग बहुत पुरानी है लेकिन उसे पूरा नहीं किया जा रहा। दवा विक्रेताओं को कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी मरीजों के लिए सही विकल्प नहीं है। क्योंकि दवाओं को रखने के लिए सही तापमान का होना जरूरी है। ऑनलाइन फार्मेसी से पार्सल दो या तीन दिन में पहुंचता है जिसमें तापमान मैनटेन नहीं होता। जिसे दवाई खराब हो सकती है और लोगों को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा कई लोग ऑनलाइन फार्मेसी से प्रतिबंधित दवाईयां मंगा लेते हैं। जिसे लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है। साथ ही साथ इससे दवा विक्रेताओं भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। दवा विक्रेताओं ने कहा कि हमारी मांग कई साल पुरानी है लेकिन सरकारी से पूरा नहीं कर रही। वहीं दूसरी और इन दुकानों पर दवा लेने आए मरीज को भारी परेशानी करनी पड़ी क्योंकि इस हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी लेकिन जब वह दुकान पर पहुंचे तो उन्हें इस हड़ताल के बारे में पता चला। उन्होंने उन्हें दवाइयां चाहिए ।लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें काफी परेशानी चलनी पड़ रही है।
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नूंह में कांग्रेस का प्रदर्शन, महंगाई और NEET पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

Nuh, Haryana:नूंह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, बढ़ती महंगाई के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन। बढ़ती महंगाई, ईंधन के बढ़ते दामों और NEET परीक्षा का पेपर रद्द होने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नूंह में प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्टी के आह्वान पर कार्यकर्ता पलवल टी पॉइंट से एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए नूंह जिला सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है. पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस के दामों में लगातार हो रही वृद्धि से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने NEET परीक्षा का पेपर रद्द होने के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों और अभिभावकों का भविष्य प्रभावित हुआ है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे. जिला सचिवालय पहुंचने पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में महंगाई पर नियंत्रण करने, ईंधन के दाम कम करने तथा युवाओं और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे.
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दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी, तापमान करीब 45°C; लोग दोपहर में बाहर निकलना मुश्किल

Greater Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली एनसीआर में गर्मी का लगातार प्रकोप देखने को मिल रहा है, सूरज की तपन की वजह से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, वही दिन में लगातार लू चल रही है, जिसकी वजह से और ज्यादा परेशानी बढ़ गई है तापमान भी 45 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। लोग अगर बाहर निकल रहे हैं तो जरूरी काम से ही दोपहर के समय बाहर निकल रहे हैं ऐसे में गन्ने के जूस की दुकान या अन्य लिक्विड की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिख रहीं है। इस दौरान लोगों ने बताया कि वह गर्मी की वजह से काफी परेशान है घर से बाहर निकलने का मन ही नहीं करता लेकिन जब जरूरी काम हो तब निकालना पड़ता है
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दिल्ली गेट मार्केट की दवा दुकानें खुलीं, मरीजों को मिली राहत

Delhi, Delhi:एलएनजेपी हॉस्पिटल के पास दिल्ली गेट की मार्किट में समय के अनुसार सभी मेडिकल स्टोर खुले हुए है, मेडिकल स्टोर के संचालक का कहना है की सभी एक साथ बंद नहीं कर सकते है लोगो को परेशान होगी इसलिए मेडिकल स्टोर खोले गए है। जो लोग दवा खरीदने आ रहे है उनका भी कहना है की दवाई मिलने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। दरअसल ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स द्वारा दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और डिस्काउंटिंग के विरोध में आज 'ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) की तरफ से 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है। हालांकि मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन दवाओं की आपूर्ति के लिए विशेष इंतजाम की बात कही गई थी。
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तरबूज से मौत का राज: नमक में जिंक फास्फाइड मिलाने की जांच तेज

Mumbai, Maharashtra:मुंबई के पायधोनी में तरबूज से हुई एक ही परिवार के चार लोगो मौतों का रहस्य गहराता जा रहा हैl पहले विसरा रिपोर्ट में तरबूज पर जिंक फास्फाइड ज़हर के होने की पुष्टि करी थी लेकिन पुलिस को इससे जुड़ा कोई सोर्स या कड़ी नहीं मिल सकी है इसीलिए अब पुलिस ने इस आशंका में नमक के सैंपल दोबारा फोरेंसिक जांच के लिए भेजे है की कही किसी ने नमक में ही तो ज़िंक फॉस्फाइड तो नहीं मिला दिया थाl जांच के दौरान कुछ नई आशंकाएं सामने आने के बाद, मुंबई पुलिस ने अब परिवार के घर से बरामद नमक के सैंपल फोरेंसिक जांच के दूसरे दौर के लिए भेजे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं को शक है कि नमक में जिंक फास्फाइड पाउडर मिलाया गया होगा, और बाद में उसी नमक को परिवार द्वारा खाए गए तरबूज पर छिड़का गया होगा। सूत्रों ने बताया कि पुलिस अब तक इस मामले से जुड़े 100 से ज़्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। पूछताछ के दौरान, जांचकर्ताओं ने इस संभावना की भी जांच शुरू कर दी है कि कहीं परिवार ने ज़हर मिले नमक से उपचारित (treated) तरबूज तो नहीं खा लिया था। जहां एक ओर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की रिपोर्ट में घर से ज़ब्त किए गए खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट नहीं पाई गई, वहीं फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में जांच के दौरान जमा किए गए तरबूज के सैंपल में जिंक फास्फाइड की मौजूदगी का पता चला है। इस मामले में एक और अहम पहलू जुड़ गया है; जेजे अस्पताल से मिली अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित तौर पर मौत की वजह जिंक फास्फाइड का ज़हर ही बताई गई है।पुलिस अब कई अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या परिवार के ही किसी सदस्य ने आत्महत्या की किसी कथित योजना के तहत जान-बूझकर नमक में ज़हर मिलाया था, या फिर यह मामला किसी बड़ी साज़िश की ओर इशारा करता है, जिसमें किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या या कोई अन्य आपराधिक कृत्य शामिल हो सकता है.
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महाकाल मंदिर पार्किंग जमीन विवाद: करोड़ों के नुकसान के आरोप, सियासत गरमाई

Ujjain, Madhya Pradesh:महाकाल मंदिर पार्किंग जमीन विवाद: शिकायतकर्ता ने लगाए करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप, विधायक बोले- “राजनीतिक साजिश” ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त और हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, दोनों पक्ष आमने-सामने उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास की जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। महाकाल मंदिर पार्किंग से जुड़ी बताई जा रही जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर शिकायतकर्ता ने भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय और अन्य लोगों पर सरकारी जमीन का सौदा करने तथा करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। वहीं विधायक चिंतामणि मालवीय ने सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है。 शिकायतकर्ता एवं नगर निगम में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र कुमार “गब्बर” कुंवाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त और अन्य एजेंसियों से की है। साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी भी चल रही है。 गब्बर कुंवाल का आरोप है कि महाकाल मंदिर से लगी पार्किंग में उपयोग हो रही जमीन का सौदा किया गया। उनके अनुसार यह शासकीय जमीन है और कमर्शियल भूमि को कृषि भूमि बताकर उसकी रजिस्ट्री कराई गई, जिससे शासन को करीब 3 से 4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनके पास रजिस्ट्री सहित सभी दस्तावेज मौजूद हैं और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं。 उन्होंने कहा कि लगभग 45 हजार स्क्वायर फीट जमीन का मामला है और इसमें सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की。 वहीं भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी जमीन की खरीद से पहले 50 से 75 वर्षों तक की सर्च रिपोर्ट निकाली जाती है और उसी आधार पर रजिस्ट्री कराई जाती है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित खसरा नंबरों में जमीन निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज थी और उसी आधार पर खरीद की गई। मालवीय ने यह भी कहा कि यदि किसी जमीन पर पार्किंग बना दी जाए तो वह स्वतः सरकारी जमीन नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन महाकाल मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर है और इसे महाकाल मंदिर की जमीन बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कमर्शियल भूमि को कृषि भूमि बताकर रजिस्ट्री कराने के आरोप पर विधायक ने कहा कि वर्तमान रिकॉर्ड में जमीन कृषि भूमि के रूप में दर्ज है, इसलिए उसी के अनुसार शुल्क जमा कराया गया। उन्होंने कहा कि “दस्तावेजों में यदि जमीन कृषि दर्ज है तो व्यवसायिक शुल्क कैसे लिया जा सकता है।” मालवीय ने पूरे मामले को राजनीतिक विरोधियों द्वारा बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि अंतिम निर्णय कोर्ट ही करेगी। उन्होंने कहा कि जमीन की पूरी कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के बाद ही सौदा किया गया है。 फिलहाल मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां और कोर्ट इस मामले में आगे क्या रुख अपनाते हैं。
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