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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow9 May 2025, 02:27 pm
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जालौन में आटा थाना पुलिस ने 24 घंटे में चोरी का पर्दाफाश, 135 ग्राम सोना-97 हजार बरामद

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में एक बड़ी चोरी की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। थाना आटा पुलिस व स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को चोरी के सोने के टुकड़े (थपिया) और नकदी के साथ गिरफ्तार किया। बरामद सोने का कुल वजन 135 ग्राम है, जिसकी कीमत लगभग 21 लाख रुपये आंकी गई है, साथ ही 97 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। वहीं कालपी कोतवाली सभागार में पूरे मामले का सीओ कालपी राजेश कमल ने खुलासा कर दिया है। 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने थाना आटा में तहरीर देकर बताया कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर में रखे सोने के टुकड़े (थपिया) चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण एवं अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवान भी शामिल थे। 24 जून को चेकिंग के दौरान संदिग्ध अवस्था में दो व्यक्ति मिठ्ठू और अंकित द्विवेदी शामिल हैं। दोनों ग्राम आटा के ग्राम पिपरांया के निवासी है। पुलिस ने सोने के टुकड़े (थपिया) 135 ग्राम (दो टुकड़े) लगभग 21 लाख रुपये नकद रुपये ₹97,000 बरामद किए हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है。
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आपातकाल के 50 साल पर अंबाला में BJP प्रदर्शनी: लोकतंत्र पर चर्चा

Ambala, Haryana:देश में आपातकाल यानी इमरजेंसी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अंबाला शहर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए साल 1975 में नागरिकों के अधिकारों के हनन और लोकतंत्र की हत्या की पूरी दास्तां को बयां किया गया। इस ऐतिहासिक और विचारणीय प्रदर्शनी के अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री असीम गोयल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मनदीप राणा और अंबाला की मेयर अक्षिता सैनी मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रदर्शनी का उद्देश्य आज की पीढ़ी को उस दौर के संघर्ष से रूबरू कराना है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज जो लोग संविधान बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं, उन्हें इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। गोयल ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें अपनी दादी इंदिरा गांधी और अपने परनाना जवाहरलाल नेहरू के इतिहास को जरूर पढ़ना चाहिए कि किस तरह उन्होंने देश के लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटा था। असीम गोयल ने कहा आज भारत की Gen-Z यानी आज की युवा पीढ़ी को यह जानना बेहद जरूरी है कि आपातकाल क्या था। आज के युवाओं को लगता है कि यह महज़ एक सामान्य घटना थी, जहाँ कोर्ट के किसी फैसले के बाद दंगों को रोकने के लिए सरकार ने इमरजेंसी लगा दी। लेकिन हकीकत यह नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि केवल अपनी सत्ता और अपनी कुर्सी बचाने के लिए, कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पूरे देश को 21 महीनों के लिए एक काले अध्याय में झोंक दिया गया था। युवाओं और महिलाओं को इस संघर्ष की सच्चाई का पता होना चाहिए। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने आपातकाल के दौरान मीडिया पर लगी पाबंदियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे अखबारों के बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद भी ट्रैक्टरों के जरिए प्रिंटिंग मशीनें चलाकर खबरें लोगों तक पहुंचाई गईं। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इस संविधान हत्या दिवस के विरोध में हरियाणा के तीन प्रमुख शहरों रोहतक, फरीदाबाद और पंचकूला में बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।
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जालोर मेड़ा पुरोहितान स्थित उमेद पेट्रोल पंप से डीजल भरवाकर फरार, आरोपी गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:जालोर, बागोड़ाबागोड़ा पुलिस ने मेड़ा पुरोहितान स्थित उमेद पेट्रोल पंप से डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 जून को सुबह करीब 4:20 बजे हुई थी। एक काले रंग की बिना नंबर वाली स्कॉर्पियो पेट्रोल पंप पर पहुंची। चालक ने गाड़ी में लगभग 6,300 रुपये का डीजल भरवाया और फिर बिना पैसे दिए मौके से फरार हो गया। पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत पर बागोड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। थानाधिकारी बलदेवराम के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए फरार चालक अनोप पुत्र कालूराम विश्नोई (18) निवासी सिवाड़ा, थाना चित्तलवाना को गिरफ्तार किया। इस वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, जिसका पंजीकरण संख्या जीजे-08-सीएम-8777 है, उसे भी जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी बलदेवराम, एएसआई राजूराम, कांस्टेबल प्रभुराम और हेड कांस्टेबल त्रिलोकसिंह की विशेष भूमिका रही।
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भरत तिवारी की पोस्टमार्टेम रिपोर्ट क्यों अभी सार्वजनिक नहीं, सरकार पर सवाल

Noida, Uttar Pradesh:अब तक क्यूँ नहीं सार्वजनिक की गयी है भरत तिवारी की पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट ? भरत तिवारी फर्जी मुठभेड़ मामले में सरकार के गठित न्यायिक जाँच से त्वरित कुछ स्पष्ट व् उजागर नहीं होने वाला है, न्यायिक जाँच की प्रक्रिया लंबी चलने की संभावना है और इस वजह से इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों का दोष साबित होने में काफी वक्त भी लगने वाला है .. मेरी राय में न्यायिक जाँच का ये आदेश जनाक्रोश को ठंडा करने की सरकार की एक कवायद का हिस्सा है .. दलितों - वंचितों - शोषितों - पिछड़ों - हाशिए पर खड़ी आबादी के अधिकारों , उनकी सहूलियतों , उनकी समस्याओं के निवारण एवं समाधान के लिए संघर्ष करते हुए अपनी जान गंवाने वाले भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जमीन पर गंभीरता से संघर्ष कर रहे , आवाज उठा रहे लोगों के साथ - साथ सरकार से मेरा भी ये सीधा सवाल है कि भरत तिवारी की पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट कहाँ है ? क्यूँ अब तक सार्वजनिक नहीं की गयी है पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट ? पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में की जा रही देरी की आड़ में किसे बचाना चाह रही है हत्यारी सम्राट सरकार व् पुलिस ? मामले से जुड़ीं कई याचिकाएं कई माननीय न्यायालयों / अदालतों में दायर हैं और याचिकाओं की कानूनी मजबूती के लिए पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट का होना निहायत ही जरूरी है .. फर्जी मुठभेड़ में किस - किस की संलिप्तता है , इसे उजागर करने के लिए भरत तिवारी के परिजन मृतक के मोबाइल फोन के डिटेल्स को भी सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रहे हैं , मृतक का मोबाइल फ़ोन पुलिस के कब्जे में है , मगर इस बारे में सम्राट सरकार की पुलिस ने चुप्पी साध रखी है , .. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि मोबाइल फ़ोन में फर्जी मुठभेड़ का आदेश देने वाले असली व् बड़े गुनाहगारों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य - सबूत व् जानकारियाँ हैं .. ऐसे में सहज ही सवाल उठता है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि अपनी काली करतूत पर पर्दा डालने के मकसद से पुलिस द्वारा मोबाइल फोन , मोबाइल में मौजूद डेटा और व्हाट'स एप्प चैट को नष्ट कर दिया गया है ?
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सSingrauli के मूकबधिर दिव्यांगों ने कलेक्टर से मांगें रखीं: शिक्षा और रोजगार

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली जिले के मूकबधिर दिव्यांगजन ने कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। शिक्षा, रोजगार, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कराने की मांग की गई। दिव्यांगजनों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के ठोस कदम उठाए जाएं। राहुल शाह ने बताया कि उन्हें मूकबधिर व्यक्तियों से जुड़े मामलों में न्यायिक सहयोग के लिए सुप्रीम कोर्ट से अधिकृत किया गया है। उन्होंने दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि देशभर में मूकबधिरों से जुड़े मामलों में न्यायालयों को सहयोग देने के उद्देश्य से उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व में मूकबधिर छात्रों के लिए एक विशेष विद्यालय था, जो वर्तमान में बंद है। उन्होंने पुनः शुरूाए जाने की मांग की ताकि सैकड़ों बच्चों को शिक्षा मिले। साथ ही उन्होंने सीएसआर के माध्यम से कौशल विकास, स्वरोजगार प्रशिक्षण, खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग रखी। बैठक में मौजूद अन्य दिव्यांगजनों ने रोजगार, प्रशिक्षण, बेरा टेस्ट, संवाद सुविधा और सरकारी योजनाओं के लाभ सरलता से उपलब्ध कराने की मांग की। कलेक्टर ने सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।
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पिलानी रोड की खराब हालत पर सादुलपुर में प्रदर्शन, यातायात बाधित

Churu, Rajasthan:सादुलपुर में पिलानी रोड पर लोगों का फूटा गुस्सा, सड़क की बदहाली को लेकर लगाया जाम। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें, क्षतिग्रस्त सड़क से रोजाना हादसों का आरोप। सादुलपुर - पिलानी सड़क मार्ग की जर्जर हालत से परेशान लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। शोभराम ने बताया कि सड़क लंबे समय से टूटी हुई है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों ने मजबूर होकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। जाम की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी मनोज खेमादा, थाना प्रभारी राजेश सिहाग तथा अधिशासी अधिकारी कृष्ण छाबा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन और लोगों के बीच वार्ता का दौर जारी है। स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम भी मौके पर तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और यातायात सुचारু किया जा सके।
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हरियाणा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, चुनावी भ्रष्टाचार खुलासा: सीबीआई ने अधिकारी गिरफ्तार

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ जब राज्यसभा चुनाव हुआ था । तब हमने कहा था कि रिटर्निंग ऑफिसर की मंशा ठीक नहीं थी। कल उनको सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। राज्यसभा चुनाव में उनका जो व्यवहार था। उसको देखकर लग रहा था वो भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जिताना चाहते थे। भाजपा सरकार को पता होते हुए उनपर कोई कार्रवाई नहीं की। यानी भाजपा सरकार वोट चोरी कर के अब सासंद बनाने की कोशिश की। हमारे विधायक परमवीर सिंह की वोट को दो घंटे बाद रद्द की गई। हम इन सारे मामलों पर चुनाव आयोग से भी मिले। लेकिन तब भी कार्रवाई नहीं हुई। यमुनानगर में खनन बंद हैं लेकिन सिर्फ कागजों में। वहां अवैध खनन चल रहा है। प्रदेश में हर रोज गोलियां चल रही हैं। कुरुक्षेत्र में पहले एक डॉक्टर ने एक बच्ची से रेप किया। फिर पुलिस कर्मियों ने एक लड़के के साथ दुष्कर्म किया। हरियाणा सरकार राजस्थान के पानी देने का समझौता किया है। सरकार के पास हरियाणा के किसानों के लिए पानी नहीं है लेकिन राजस्थान के लिए है। सरकार अब तक एसवाईएल का नहीं पानी नहीं ले सकी। जबकी इस पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ चुका है।‌ आफताब अहमद ने कहा कि हमने राज्यसभा चुनाव का मुद्दा इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में भी शिकायत की थी। हमने कहा था कि जिस अधिकारी का बैंक घोटाले में नाम शामिल है उसे सरकार रिटर्निंग ऑफिसर बना रही है। लेकिन फिर भी उसे ही रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया। और चुनाव में धांधली की गई। अब उसी अधिकारी को सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है।‌ इससे साफ होता है कि सरकार किस तरह भ्रष्टाचारी लोगों के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो गई है। आज अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं है। प्रदेश के लोगों को धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। एक विधायक के दफ्तर में गोलीबारी होती है। कल हम मुख्यमंत्री से मिले थे। हमने उनसे आग्रह किया था कि वे प्रदेश की क़ानून व्यवस्था की ओर ध्यान दें। अशोक अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि आपकी चिंता जायज है। हम इस पर कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।
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चाचा-भतीजे विवाद में नरेंद्र नाथ कोरी बरी, हार्ट अटैक से मौत की वजह साबित नहीं

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। टिकरापारा मन्नू चौक पर अगस्त 2020 में चाचा-भतीजे के बीच हुए विवाद और मारपीट के मामले में जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्या के आरोप में जेल में पिछले तीन साल से बंद भतीजे नरेंद्र नाथ कोरी को बरी कर उसकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं। दरअसल, मारपीट में घायल चाचा की अस्पताल में 44 दिनों के इलाज के बाद सितंबर में मौत हो गई थी। डाक्टरों और पोस्टमैटम रिपोर्ट के मुताबिक, मौत की वजह मारपीट की चोटें नहीं बल्कि 'हार्ट अटैक' थी। इस रिपोर्ट के कारण पुलिस मारपीट और मौत के बीच सीधा संबंध साबित नहीं कर पाई। रही-सही कसर गवाहों के पलटने से पूरी हो गई। सुनवाई के दौरान मृतक की मां सहित सभी प्रमुख गवाह अपने बयानों से मुकर गए। इसके अलावा, पुलिस पीड़ित के शुरुआती 25 दिनों तक होश में रहने के बावजूद उसका मृत्यु पूर्व कथन (डाइंग डिक्लेरेशन) दर्ज नहीं कर सकी थी, जिससे केस बेहद कमजोर हो गया।आरोप नरेंद्र नाथ कोरी और मृतक आलोक उर्फ लोकनाथ कोरी आपस में सगे चाचा-भतीजा थे। एफआइआर के अनुसार दो अगस्त 2020 की सुबह 11:00 बजे शिव मंदिर के पास आरोपित नरेंद्र नाथ ने अपने चाचा लोकनाथ को वहां बैठने से मना करते हुए गाली-गलौज की। विवाद बढ़ने पर आरोपित ने चाचा को हाथ-मुक्के से पीटा और फिर उसे अपने कंधे पर उठाकर जमीन पर पटक दिवा, जिससे उसके पैर और कमर की हड्‌डी टूट गई। पड़ोसी विष्णु दुबे ने पीड़ित को सिम्स में भर्ती कराया। इलाज के दौरान लगभग डेढ़ महीने बाद 15 सितंबर 2020 को लोकनाथ की अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 302 जोड़कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित नरेंद्र नाथ कोरी 19 सितंबर 2020 से लगातार जेल में बंद था। वाह तीन वर्ष, तीन माह और दो दिन न्यायिक अभिरक्षा में जेल की सलाखों के पीछे बिता चुका था। पुलिस ने इस मामले में मृतक की सगी मां शकुंतला दुबे को इकलौता चश्मदीद बनाया था। पुलिस के अनुसार, मां ने अपने बेटे विष्णु दुबे को पूरी घटना बताई थी। लेकिन जब कोर्ट में गवाही की बारी आई, तो मां शकुंतला दुबे,शिकायतकर्ता विष्णु दुबे और अस्पताल ले जाने वाला पड़ोसी पिंकू उर्फ सुरेश गुप्ता तीनों अदालत में अपने बयानों से पूरी तरह पलट गए। उन्होंने कोर्ट में कहा कि लोकनाथ कहीं बाहर से गिरकर आया था और उसे नरेंद्र ने नहीं मारा। वहीं शव का पोस्टमार्टम करने वाले डा. धर्मेंद्र कुमार और सिम्स के डाक्टर डा. मधु आनंद व डा. नारायण देव ने अदालत में स्पष्ट किया कि मृतक लोकनाथ लंबे समय से बीमार था। उसे पुराना बेडसोर और पैरों में गैंग्रीन जैसी बीमारियां थी। डाक्टरों ने माना कि उसकी मौत हार्ट अटैक के से हुई थी। पुलिस यह साबित करने में नाकाम रही कि मृतक को आया दिल का दौरा, आरोपित द्वारा की गई मारपीट का ही सीधा परिणाम था।अदालत ने विवेचना में एक बड़ी चूक को रेखांकित किया। मृतक लोकनाथ घटना के बाद लगभग 45 दिनों तक अस्पताल में होश में और उपचाराधीन रहा। इस लंबी अवधि के दौरान भी पुलिस ने उसका बयान (कथन) दर्ज नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस पीड़ित का बयान ले लेती, तो शायद कहानी कुछ और होती।
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मण्डला में साइबर अपराध रोकथाम के लिए पुलिस का 15 दिन जागरूकता अभियान शुरू

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामले रोकने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान अगले 15 दिनों तक लगातार चलेगा जिसमें आमजन और पुलिसकर्मियों को साइबर ठगी से बचने और उससे निपटने के तरीके सिखाए जाएंगे। आज से मंडला पुलिस द्वारा जिलेभर में साइबर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। इस विशेष अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, बैंकिंग ठगी और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। साथ ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि साइबर अपराधों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके। एंकर - पुलिस का मानना है कि यह अभियान साइबर अपराधों में कमी लाने के साथ लोगों को जागरूक और सुरक्षित बनाने में काफी कारगर साबित होगा。
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