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Sitapur: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेरवा के सरकारी आवास खंडहर में तब्दील
Dharauli, Uttar Pradesh:सीतापुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेरवा के सरकारी आवासों में कोई भी रहने को तैयार नहीं है। देखरेख के अभाव में करोड़ों की लागत से बनी इमारतें खंडहर बनती जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते अस्पताल और आवासीय परिसर में जंगल और झाड़ियां उग आई हैं। गोंदलामऊ विकास खंड के तेरवा गांव में 15 वर्ष पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया गया था।
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ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका: कांग्रेस-बीजेपी के बीच टकराव तेज
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल ओबीसी आरक्षण को लेकर सत्ता और संगठन के बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिक दाखिल करने को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल विवेक तंखा ने ट्वीट कर कहा था सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से सरकार की दूरी समझ बाहर भाजपा मीडिया प्रभारी ब्रज गोपाल लोया का बयान सुप्रीम कोर्ट में याचिका सरकार ही दायर करेगी कांग्रेस जो पहले कहती थी सरकार नहीं जा रही अब वह सवाल उठा रहे हैं संगठन सरकार के साथ मामले में खड़ा रहेगा कांग्रेस मीडिया प्रभारी मुकेश नायक का बयान ओबीसी वाले मुद्दे को बीजेपी जानबूझकर लेट कर रही है चुनाव के समय फेस सेविंग के लिए इस मुद्दे को उठाएंगे अपनी वाह वही लेंगे कि हम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट गए0
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एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के लिए अधिवक्ताओं का अनोखा प्रदर्शन गांधी प्रतिमा के सामने
Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर:- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने की माँग को लेकर अधिवक्ताओ का अनोखा प्रदर्शन, अधिवक्ताओं ने गांधी प्रतिमा के सामने रामधुन गाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया, पूर्व की भांति कार्य बहिस्कार कर विरोध जताया, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित विभिन्न मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत है अधिवक्ता, जिला मुख्यालय के गाँधी पार्क का मामला।0
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बिजरानी जोन 15 अक्टूबर से खुलने के साथ कॉर्बेट में जंगल सफारी फिर से शुरू
Ramanagara, Karnataka:कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का रोमांच एक बार फिर लौटने जा रहा है, मानसून के चलते 30 जून को बंद किया गया कॉर्बेट का प्रसिद्ध बिजरानी पर्यटन जोन 15 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा, बुधवार से पर्यटक एक बार फिर बिजरानी के घने जंगलों में वन्यजीवों के दीदार के साथ प्रकृति की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे, खास बात यह है कि जोन खुलने के पहले ही दिन सुबह और शाम की दोनों पालियों में सफारी के लिए सभी जिप्सियों की बुकिंग फुल हो चुकी है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का बिजरानी पर्यटन जोन जैव विविधता और प्राकृतिक खूबसूरती के लिहाज से बेहद खास माना जाता है,यहां घने जंगलों, विभिन्न प्रजातियों की वनस्पतियों और रंग-बिरंगे पक्षियों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है, मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और जंगल की परिस्थितियों को देखते हुए इस पर्यटन जोन को 30 जून को बंद कर दिया गया था, अब मानसून के बाद परिस्थितियां अनुकूल होने पर 15 अक्टूबर से इसे دوबारा खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है. बिजरनी जोन में पर्यटकों की जंगल सफारी के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम की दो पालियों में जिप्सियों का संचालन किया जाएगा, प्रत्येक पाली में 30 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल सफारी पर लेकर जाएंगी, इस तरह प्रतिदिन दोनों पालियों में कुल 60 जिप्सियों के माध्यम से पर्यटक जंगल की सैर कर सकेंगे. जोन खुलने से पहले ही पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, पहले दिन सुबह और शाम की दोनों पालियों की बुकिंग फुल होने से पर्यटन कारोबारियों को भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है. बिजरानी जोन के खुलने से रामनगर के पर्यटन व्यवसाय को भी गति मिलने की संभावना है. पार्क वार्डन बिंदरपाल सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर की सुबह बिजरानी पर्यटन जोन को विधिवत रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा, उन्होंने बताया कि पहले दिन सुबह और शाम की दोनों पालियों में सफारी की सभी जिप्सियों की बुकिंग पूरी हो चुकी है, प्रत्येक पाली में 30 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल सफारी पर लेकर जाएंगी. कुल मिलाकर मानसून के बाद बिजरानी पर्यटन जोन के दोबारा खुलने से कॉर्बेट में वन्यजीव पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, अब पर्यटक एक बार फिर इस प्रसिद्ध जोन के जंगलों में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार की उम्मीद लेकर पहुंचेंगे.0
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पंजाब व्यापारियों को बड़ा तोहफा: सरकारी दुकानों की मालिकियत मिलने की तैयारी
Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:ਟਰੇਡਰਸ ਕਮਿਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਾਈਸ ਚੇਅਰਮੈਨ ਅਨਿਲ ਠਾਕੁਰ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਕੰਪਲੈਕਸ ਵਿਖੇ ਵਪਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਅਤੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਵਪਾਰੀਆਂ opposition ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਸਬੰਧੀ ਯੋਜਨਾ ਬਣਾਈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਅਨਿਲ ਠਾਕੁਰ ਵੱਲੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਭਗਵਂਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵਪਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਤੋਹਫਾ ਦੇਣ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਦੁਕਾਨਾਂ ਤੇ ਕਿਰਾਏ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਵਪਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੀ ਮਲਕੀਅਤ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਦਾ ਵੀ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ ਜਿਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਟਰੇਡਰਸ ਕਮਿਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ 40 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਫੰਡ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਆ ਰਹੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰ ਸਕਣ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਡਾਰਕ ਸਪੋਰਟ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਲਗਵਾਉਣੀਆਂ ਕੋਈ ਹੰਪ ਬਣਵਾਣਾ ਅਜਿਹੇ ਲਈ ਕਿਸੇ ਦਾ ਮੂੰਹ ਦੇkhਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਪਵੇਗੀ ਕਿਉਂਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਫੰਡਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਦੋ ਦੋ ਕਰੋੜ ਰੁਪਆ ਹਰ ਇੱਕ ਜਿਲ੍ੇ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ है।0
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रोहतक में संयुक्त किसान मोर्चा की तालाबंदी, सरकारी-व्यवस्था पर किसान लूट के आरोप
Rohtak, Haryana:रोहतक ब्रेकिंग किसानों के समर्थन में उतरा संयुक्त किसान मोर्चा, मार्केट कमेटी कार्यालय पर तीन घंटे जड़ा ताला : नमी और भावांतर भरपाई के नाम पर किसानों के शोषण का आरोप, किसानों ने तालाबंदी का किया समर्थन : पुलिस की मौजूदगी में संयुक्त किसान मोर्चा ने 3 घंटे के लिए की तालाबंदी : नमी और भावांतर भरपाई के नाम पर किसानों को लूटने का लगाया आरोप कहा: पूरे हरियाणा में किसान की फसल की हो रही है बेकद्री : समय रहते खरीद शुरू न होने पर प्राइवेट एजेंसी कर रही है किसानों के साथ खुली लूट : किसान मोर्चा के पदाधिकारी बोले, बाजरा और धान की खरीद के नाम पर किसानों को लूट रही है सरकार : पंजाब में झूठी वाहवाही लूटने वाले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी हरियाणा में किसानों को कर रहे हैं बर्बाद कहा: चंद आदमियों के कहने से कुछ नहीं होता, समाज करता है किसी भी व्यक्ति का बहिष्कार : बोले, अन्य मंडियों की तुलना में रोहतक के अंदर हो रही है किसान के साथ ज्यादा लूट : सुमित ने लगाया सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप : डीसी को तो यही नहीं पता कि पोर्टल खुलता कैसे हैं, किसानों को सबसे ज्यादा भाव देने वाला मैं अकेला आढती, मुझसे भी नहीं की डीसी ने बात कहीं जल्दी ही कुछ खाप की पंचायत बुलाने की बात0
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Noida, Uttar Pradesh:0
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चकराता में गुलदार का आतंक: दो दर्जन बकरियाँ मरीं, मुआवजे की मांग
चकराता क्षेत्र में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, आज सुबह भी बायला गांव में करीब दो दर्जन बकरियों को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। बताया जा रहा है कि सुबह सवेरे ग्रामीणों की बकरियां चरने के लिए निकली थी, जहां गुलदार ने उन पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों के मुताबिक उनकी करीब दो दर्जन बकरियां सड़क किनारे मृत अवस्था में मिली, जबकि कुछ बकरियां गायब थी। जिसके चलते ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की सूचना देते हुए उनसे मुआवजे की मांग की है।0
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मानसा में हत्या के बाद भीड़ ने मेडिकल स्टोर जलाया, दमकलों ने आग बुझाई
Noida, Uttar Pradesh:MANSA मानसा में, परविंदर सिंह झोटा की हत्या करने वाले अश्वनी कुमार का घर गिराए जाने के बाद, उसका मेडिकल स्टोर भी ढहा दिया गया; इसके बाद वहाँ जमा भीड़ ने मेडिकल स्टोर में आग लगा दी। पुलिस भीड़ को काबू करने में नाकाम रही और अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें पीछे हटना पड़ा। दमकल की गाड़ियाँ बुला ली गई हैं और आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं।0
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दिल्ली में SFI-DYFI का प्रदर्शन, जंतर मंतर और इस्तीफे को लेकर हंगामा
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के फिरोज़शाह रोड पर SFI और DYFI का प्रदर्शन - जंतर मंतर रिक्लेम और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर निकाला गया प्रदर्शन। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोड ब्लॉक किया, दंगा नियंत्रण वाहन और RAF के साथ तैनात सुरक्षा बल भी मौजूद। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ कर नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों से बातचीत की गई।0
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मकुंदा ओपन कास्ट परियोजना: 41 साल बाद मुआवजे-नियोजन की मांग तेज
Dhanbad, Jharkhand:कोयला खनन के लिए बीसीसीएल की मकुंदा ओपन कास्ट परियोजना के तहत वर्ष 1985 में 16 गांवों की 44 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन करीब 41 साल बीत जाने के बाद भी परियोजना शुरू नहीं हो पाई है। वहीं जमीन देने वाले सैकड़ों रैयत आज भी मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर जिला प्रशासन और बीसीसीएल मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस मुद्दे पर समय-समय पर रैयतों का आंदोलन भी होता रहा है। मकुंदा सुरंगा, गोलमारा, बैलगड़िया, करमाटांड़ समेत 16 मौजा की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। हालाँकि, सैकड़ों रैयतों को जमीन के बदले मुआवजा और नियोजन मिल चुका है, लेकिन अब भी कई परिवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने RNI नीति के तहत उपायुक्त कार्यालय में बैठक बुलाई। पहली और दूसरी बैठक में भी सहमति नहीं बन पाई। बैठक में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो, उपायुक्त आदित्य रंजन और रैयतों के बीच वार्ता हुई। ढुल्लू महतो ने कहा कि गांव के लोग अपनी जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनी जबरन जमीन लेना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रंगदारी या दबाव के जरिए ग्रामीणों की जमीन नहीं ली जानी चाहिए। अगर प्रशासन जबरन जमीन लेने की कोशिश करता है, तो वह खुद मौके पर धरने पर बैठ जाएंगे। उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि RNI नीति के तहत रैयतों के साथ बैठक की गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। मामले में बीसीसीएल से बातचीत की जा रही है और अगली बैठक में सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। फाइनल भीओ --- अब देखना होगा कि दशकों से मुआवजा और नियोजन की मांग कर रहे रैयतों की समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।0
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BKTC के अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण: उत्तराखंड सरकार पर बढ़ता दबाव
Karnaprayag, Uttarakhand:बदरी-केदार मंदिर समिति में पिछले 20 से 30 सालों से सेवाएं दे रहे अस्थाई कर्मचारियों ने अब प्रदेश सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से नियमितीकरण की राह देख रहे इन कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, धाम में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और भी व्यापक रूप पर किया जाएगा। उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ दोनों ध dhamो में विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों और विषम मौसम के बीच देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे BKTC के अस्थाई कर्मचारियों ने अब आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। बदरीनाथ धाम में आज BKTC में बाबू, वेधपाठी, स्वयंसेकक, स्थिर वेतन, पर्यावरण मित्र, बाजीगर, पदों पर तैनात 50 से अधिक अस्थाई कर्मचारियों ने सिंहद्वार के सामने 2 घंटे क्रमिक अनशन किया जिसमें सरकार और मंदिर समिति के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि वे 20, 25 और 30 सालों से पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया। दशकों से सेवा दे रहे कर्मचारी आज भी अपने हक के लिए भटक रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में उन्हें स्थाई कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं देने का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों ने साफ़ कर दिया है कि यदि BKTC प्रबंधन और सरकार ने जल्द ही नियमितीकरण और समान वेतन को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही बद्रीश पंडा पंचायत भी अनशन स्थल पर पहुँच कर अस्थाई कर्मचारियों का समर्थन किया। BKTC के सदस्य धीरज मोनू पंचभैया व रजनीश मोतीलाल अनशन स्थल पहुँच कर कर्मचारियों से उनकी माँगो को जाना और जल्द ही शुभ समाचार के आश्वासन दिए। मंदिर समिति की अस्थायी कर्मचारी जयश्री पंवार का कहना है कि श्री बदरीनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य समान वेतन और वन टाइम सेटलमेंट लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं और आज हम सभी अस्थायी कर्मचारी क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। हम कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर और 18-18 घंटे की लंबी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिल रहा है। जयश्री पंवार ने भावुक होते हुए बताया कि उनका रिटायरमेंट नजदीक (जनवरी) है, लेकिन वे खाली हाथ आई थीं और खाली हाथ ही रिटायर होने जा रही हैं। कर्मचारियों ने दुख जताया कि वे भगवान के दरबार में आकर भी निराश लौटने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जाए, वन टाइम सेटलमेंट लागू किया जाए और उनकी सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी का कहना है कि बीकेटीसी (BKTC) के अस्थायी कर्मचारी अपनी कुछ जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, और 'श्री बद्रीश पंडा पंचायत' भी इन मांगों से जुड़कर उनका समर्थन कर रही है.0
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झज्जर मंडी में बाजरे की खरीद पर JJJP का सरकार के खिलाफ तीखा हमला
Jhajjar, Haryana:झज्जर मंडी में बाजरे की खरीद को लेकर जेजेपी का हल्ला बोल, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कहा गया कि पंजाब को छोड़ हरियाणा के किसानों की सुध लें, मुख्यमंत्री नायब सैनी। भावांतर के ढोंग के बजाय फसल खरीदने पर ध्यान दे सरकार। जिला उपायुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल उठे; भाजपा के कार्यक्रमों के बजाय किसानों की फसल बिकवाने की जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी गई। कहा गया कि भावांतर का ढोंग नहीं करके किसानों की फसल खरीदना चाहिए। जेजेपी नेता बोले, वायदों से कुछ नहीं होता, किसान को उसका हक देने से बात बनेगी। हरियाणा सरकार को चेतावनी दी गई कि किसान को दरकिनार कर यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो किसानों को सड़क पर लाने के लिए मजबूर किया जाएगा। मंडी में बाजरे की भारी आवक के बावजूद खरीद व्यवस्था पर सवाल उठे और लोगों ने प्रशासन से मामले को संभालने की मांग की। प्रशासनic पदाधिकारियों से सलाह दी गई कि किसान की समस्याओं को प्राथमिकता दें और उनकी फसल खरीद के लिए कदम उठाएं। समय रहते खरीद व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी दी गई। झज्जर मंडी में बाजरे की खरीद के हालात पर किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ठोस कदम उठाने की मांग की गई।0
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भरतपुर क्रेशर विवाद के पीछे की हकीकत: पूर्व विधायक के निधन पर जांच की मांग तेज
Faridabad, Haryana:पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने दी श्रद्धांजलि भरतपुर में क्रेशर प्लांट पर हमले में हुई थी मौत, केंद्रीय मंत्री बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा फरीदाबाद। राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना का सोमवार शाम करीब 5 बजे उनके पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी अंतिम संस्कार में पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि अतर सिंह भड़ाना के निधन से उनके समाज के साथ-साथ पूरे गांव को बड़ी क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि रविवार शाम राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव स्थित क्रेशर प्लांट पर अतर सिंह भड़ाना पर हमला किया गया था। बताया गया कि इस दौरान 70 से 80 लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया, जिसमें अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले वैर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। अतर सिंह भड़ाना को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। क्रेशर प्लांट को लेकर पिछले करीब चार साल से ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच विवाद चल रहा था। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, अवैध खनन और रास्ते को लेकर आरोप लगाए थे। वहीं, अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया था कि विवाद के संबंध में पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस फायरिंग के आरोपों समेत पूरे मामले की जांच में जुटी है。0
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 13 वर्षीय छात्रा की मौत, परिजन लापरवाही का आरोप
Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा- लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 13 वर्षीय छात्रा की मौत से हड़कंप मच गया है। रंगड़ा गांव निवासी तीसर लोहरा की पुत्री सुनीता लोहरा कक्षा सातवीं में पढ़ती थी और पिछले दो वर्षों से विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बेटी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद परिजन विद्यालय पहुंचे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे विद्यालय से छात्रा की मां को फोन आया कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है और वे जल्द विद्यालय पहुंचें। इसके बाद परिजन विद्यालय पहुंचे। उनका आरोप है कि छात्रा की हालत गंभीर होने के बावजूद एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई। मजबूरन वे गंभीर हालत में सुनीता को बाइक से ही लोहरदगा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी को बचाने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।परेिजनों ने आशंका जताई कि सुनीता की तबीयत कई दिनों से खराब थी। उनका कहना है कि छात्रा ने पहले भी अभिभावकों से संपर्क कराने की बात कही थी, लेकिन समय पर उन्हें सूचना नहीं दी गई। परिजनों का सवाल है कि यदि छात्रा की तबीयत पहले से खराब थी, तो समय रहते उसका उचित इलाज क्यों नहीं कराया गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं हुई। इन सवालों के बीच परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।0
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