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Amethi227413

अमेठी में 'कैच द रेन' अभियान में लोगों ने ली जल संरक्षण की शपथ

Jul 20, 2024 17:42:14
Bhetuwa, Uttar Pradesh

अमेठी जिले में राष्ट्रीय जल शक्ति मिशन के तहत 'कैच द रेन' अभियान चलाया जा रहा है। 16 से 22 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में लोगों को जल बचाने की शपथ दिलाई जा रही है। भेटुआ विकासखंड के ब्लॉक परिसर में शनिवार को लघु सिंचाई विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एडीओ आईएसबी, समाज कल्याण एडीओ अमरीश मिश्रा, अवर अभियंता सुनील कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने जल संरक्षण और उसके समुचित उपयोग की शपथ ली। जिले के सभी विकास खंडों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए।

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Jan 29, 2026 13:13:50
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Jan 29, 2026 13:12:01
Saraiya, Uttar Pradesh:लखनऊ में स्वर्ण samaj के कार्यकर्ताओं द्वारा हजरतगंज चौराहे पर किया गया प्रदर्शन बड़ी संख्या में स्वर्ण समाज के कार्यकर्ता पहुंचे हजरतगंज चौराहे ugc बिल के विरोध में किया प्रदर्शन वही प्रदर्शन कर रहे स्वर्ण समाज के लोग यूजीसी को लेकर कर किया ज़ोरदार प्रदर्शन हाथों में बैनर पोस्टर लिए स्वर्ण समाज के कार्यकर्ता हजरतगंज चौराहे पर किया प्रदर्शन यूजीसी में छात्रों को समानता का अधिकार होना चाहिए सरकार समानता को खत्म करना चाहती है स्वर्ण समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा समान वर्ग के लोगों को अपराधी घोषित किया जा रहा है पुलिस प्रदर्शन कर रहे सभी स्वर्ण समाज के समझा बुझाकर गांधी पार्क के अन्दर किया। बाइट राजेश
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Jan 29, 2026 13:07:24
Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के दिबियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ककोर बंबा के पास 18 जनवरी को अज्ञात बदमाशों द्वारा की गई युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। औरैया पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने कोतवाली औरैया पहुंचकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि मोटरसाइकिल क्रॉस करने को लेकर हुई मामूली बहस के बाद आरोपियों ने युवक की निर्मम हत्या कर दी थी। 18 जनवरी को हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिबियापुर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने बूढ़ादाना की पुलिया के पास वाहन चेकिंग के दौरान इन आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के पास से दो अवैध तमंचे, कारतूस और हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद की गई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन वे ककोर बंबा रोड के पास एक भट्टे पर अपने साथियों के साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान मृतक अनुज उर्फ छोटू तेज रफ्तार बाइक से आगे निकलने लगा, जिस पर आरोपियों से उसकी कहासुनी और गाली-गलौज हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने मौके पर पड़ी लोहे की रॉड से युवक पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान अनुज उर्फ छोटू के रूप में हुई है, जो फफूंद थाना क्षेत्र के तुलसीपुर गांव का निवासी था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। इस हत्या की वारदात में अन्य आरोपी भी शामिल थे, जिनकी तलाश की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा रहा है। हत्या की घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल था, लेकिन पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और खुलासे के बाद लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है। एसपी ने कहा कि ऐसे आपराधिक मामलों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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RKRishikesh Kumar
Jan 29, 2026 13:06:57
CHANDI, Harnaut, Bihar:नालंदा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो शादियों के विवाद ने एक महिला और उसकी मासूम बच्ची की जान ले ली। यह मामला रहुई थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का बताया जा रहा है। मृतका की पहचान पतुआना गांव निवासी मालो देवी और उनकी 6 वर्षीय बेटी प्रिया कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मालो देवी की शादी वर्ष 2017 में रामपुर गांव निवासी पिंटू कुमार से हुई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद पिंटू कुमार ने मालो देवी की छोटी बहन रुसी कुमारी, जो उसकी साली भी लगती है, से दूसरी शादी कर ली। परिवार का आरोप है कि पिंटू कुमार ने रुसी कुमारी को बहला-फुसलाकर घर से भगाया और उससे विवाह कर लिया। इस दूसरी शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्ते में गहरी दरार आ गई। आरोप है कि इसके बाद पिंटू कुमार और उसके ससुराल पक्ष के लोग मालो देवी के साथ लगातार मारपीट करते थे और उसे ससुराल में रहने नहीं दिया जाता था। मृतका के परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने ही मालो देवी और उसकी बच्ची प्रिया कुमारी को जहर देकर हत्या की है। परिवार वाले इसे मर्डर मान रहे हैं क्योंकि परिवार वालों ने पति पर मुकदमा किया था और इस मुकदमे को वापस लेने की धमकी ससुराल वालों द्वारा दिया जा रहा था। फिलहाल इस मामले में ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। रहुई थाना पुलिस प्रथम दृष्टि में इस घटना को आत्महत्या मान रही है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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JPJAY PRAKASH KUMAR
Jan 29, 2026 13:06:30
Gaya, Bihar:यूजीसी पर रोक को लेकर पूर्व कृषि मंत्री सह राजद विधायक कुमार सर्वजीत का बड़ा बयान, कहा हमने कल ही भविष्यवाणी कर दिया था कि इक्वलिटी रेगुलेशन पारित नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी इक्वालिटी रेगुलेशन एक्ट पर रोक लगाए जाने पर कुमार सर्वजीत ने साफ साफ कहा कि यह मुझे पहले से पता था। भारत सरकार के एक मंत्री ने कहा कि डिबेट सदन में होने दीजिए; सदन उनका बहुमत उनका। हमने कल भविष्यवाणी कर दिया था कि इक्वालिटी रेगुलेशन पारित नहीं होगा। यह कोई नहीं बात नहीं है। न्यायालय से लेकर कॉलेज के वीसी है महादलित है क्या? पूरे देश में जोड़कर बताइए कि कौन सा केंद्रीय विश्वविद्यालय में कोई दलित का बेटा वीसी हो बताए। अगर कोई है तो भारत सरकार बताए। जिस संस्था जहां से शिक्षा प्राप्त होती हो वहां दलित महादलित को देखने वाला कोई वीसी नहीं हो तो कानून बनाना पड़ेगा। देश में कौन सा ऐसा कानून बना है जिसका दुरुपयोग नहीं होता है; सीबीआई या ईडी, थाना नहीं कर रहे हैं। कौन दुरुपयोग नहीं करता है। लोगों ने कहा कि बोर्ड में शामिल करिए। जब कोई यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर दलित नहीं है तो ऊंची जाति के वीसी है तो वह बोर्ड के सदस्य हो ही गये। फिर मांग किस बात की है। दलित और महादलित को आह्वाहन करते हुए कहा कि हिंदुत्व का नारा देने वाले लोग 5 मिनट में अपने विचार में देश में प्रकट कर दिया। दलित पिछड़ा कभी हिंदू हो ही नहीं सकता है। जब हिंदुत्व की बात होती है तो सारे जात एक है जब शिक्षा की बात होती है तो एक क्यों नहीं है। हम भी हिंदू हैं। इसलिए हमने देश के पिछड़ों और दलितों को आगाह किया था। अगर देश में रहना है तो अधिकार के लिए लड़ो नहीं तो जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के चक्कर में पड़ोगे तो सड़क पर भीख मांगनी पड़ेगी। क्योंकि सत्ता के सुख भोगने वाले लोग कभी दलित और पिछड़ों की बात नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने जब रोक लगा दी है तो क्या कोर्ट ने कहा है कि चिराग पासवान के जुबान पर ताला लगाना है? न्यायालय ने कभी आदेश दिया है कि जीतन राम मांझी के जुबान में ताला लगानी है? जब कानून पर रोक लगा तो इनका बयांन क्यों नहीं आ रहा है। यह नहीं चाहते हैं कि दलित पिछड़ा का बेटा कॉलेज में पढ़े। हिंदुत्व की बात करने वाले लोगों को दलित पिछड़ा का बेटा रामायण और महाभारत के किताब पढ़ लेगा तो भटकेगा। राष्ट्रवाद के बात करने वाले लोगों को तुरंत समझ में आ गया और यह दिल में उनके बैठा है कि रामायण, महाभारत का किताब पढ़कर पंडित नहीं हो जाए। हो जायेगा तो उनके धर्म की बात करेगा? जब कोई दलित का बेटा ज्ञानी बन जाएगा तो वह धर्म के ठीकदार बनेंगे? इतिहास गवाह है कि आरएसएस के बड़े पद पर कोई दलित का बेटा नहीं बैठ सकता है यह उसके संविधान में लिखा हैं। आरएसएस के मोहन भागवत की जगह कोई दलित नहीं बन सकता है यह उनके संविधान में है। उसी तरीके से सेंट्रल यूनिवर्सिटी या कोई यूनिवर्सिटी में दलित का बेटा एक साथ नहीं बैठ सकता है यह भी उनके धर्म में लिखा है।
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Jan 29, 2026 13:06:07
Narsinghpur Khurd, Uttar Pradesh:चंदौली जनपद में जिलासूचना अधिकारी एवं मीडियाकर्मियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हाल में मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के आयोजन के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डा० इन्दु रानी, सिविल जज (सी.डी.) / पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपरोक्त मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन दिनांक 22.02.2026 को सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई।इस मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य निर्बल वर्गों जैसे दिव्यांगजन, बच्चे, महिलाएं, निर्धन वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। साथ ही विभिन्न विभागों की लक्षित योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण, जनसामान्य एवं निर्धन बीमा योजनाएं, संगठित विभागों की योजनाएं तथा जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं—का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना है।
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ASAshok Singh Shekhawat
Jan 29, 2026 13:05:19
Sikar, Rajasthan:खंडेला, सीकर ग्यारहवें राष्ट्रीय तेजा दर्शन महोत्सव का आगाज प्रतापपुरा के तेजाजी घाम पर हो रहा आयोजन भव्य कलश यात्रा के साथ निकाली जीवंत झांकियां हाथी, घोड़े व पालकियां रही विशेष आकर्षक का केंद्र साध्वी सूरज बाईसा ने किया कथा वाचन तेजाजी महाराज के जीवन चरित्र पर डाला प्रकाश एंकर लोक देवता तेजाजी महाराज की 953 वीं जयंती पर शेखावाटी की धरा पर ग्यारहवें राष्ट्रीय तेजा दर्शन महोत्सव का शुभारंभ पिपलोदा का बास के शिव मंदिर से तेजाजी धाम प्रतापपुरा तक भव्य कलश यात्रा निकालकर किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में महिलाओं पुरुषों व बच्चों ने भाग लिया। शोभायात्रा में हाथी घोड़े व बैंड बाजे व पालकियां शामिल हुई और जीवंत झांकियां सजाई गई। कलश यात्रा प्रतापपुरा धाम स्थित तेजाजी मंदिर पहुंचने के बाद तेजा दर्शन महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। ग्यारहवें तेजा दर्शन महोत्सव की सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस बार सीकर जिले में खंडेला क्षेत्र को मिली है। इस महोत्सव में तेजाजी महाराज के जन्म से लेकर अंत तक के चरित्र का चित्रण किया जा रहा है। जिसमें मुख्य भूमिका कथा वाचिका साध्वी सूरज बाईसा निभा रही हैं। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रीय शैलियों को एक मंच पर लाया जाना है, जिसमें किशनगढ़ शैली, उज्जैन शैली, मारवाड़ शैली, मेवाड़ और हाडोती शैली का चित्रण किया जाएगा। तेजाजी महाराज के गौरक्षार्थ, अबालाओं की सुरक्षा, कृषि वैज्ञानिकता व सनातनी परंपरा जिसमें प्राण जाए पर वचन न जाए का चित्रण करते हुए "हर घर तेजा, घर-घर तेजा" शिक्षा हेतु शैक्षणिक सेमिनार और जहां देवालय वहां पुस्तकालय के ऊपर विशेष जोर जा रहा है। उक्त कार्यक्रम में हिंदुस्तान के कोने-कोने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के साढे तीन सौ से चार सौ लोक कलाकार भाग ले रहे हैं। आज महोत्सव के पहले दिन कथा वाचिका सूरज बाईसा के द्वारा तेजाजी महाराज की कथा वाचन के दौरान खाटू नरेश बाबा श्याम व भगवान शंकर की विशेष झांकियां सजाई गई। कथा सुनने पंडाल में हजारों की संख्या में महिलाओं पुरुषों व बच्चों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई और तेजाजी के भजनों पर झूमते नजर आए। तेजा दर्शन महोत्सव के तीसरे दिन 31 जनवरी को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक शैक्षणिक सेमिनार होगा तथा 2 फरवरी को जसनाथी संप्रदाय द्वारा विश्व प्रसिद्ध अग्नि नृत्य का भी आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय तेजा दर्शन महोत्सव की खास बात यह है कि इस महोत्सव के द्वारा आध्यात्म के साथ शिक्षा को जोड़कर युवा पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान शैक्षणिक सेमिनार का आयोजन भी किया जा रहा है। शैक्षणिक सेमिनार को देश व प्रदेश के शिक्षाविद संबोधित करेंगे। लोगों की मान्यता के अनुसार लोक देवता तेजाजी महाराज को गायों की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों के लिए पूजा जाता है।
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SKSumit Kumar
Jan 29, 2026 13:03:59
Hathras, Uttar Pradesh:हसायन क्षेत्र के गांव सिकतरा में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हाथरस जनपद के थाना हसायन कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर मार्ग पर स्थित गांव सिकतरा में घर के बरामदे में संदिग्ध परिस्थितियों में विधवा बुजुर्ग महिला का शव मिला। सूचना मिलने पर हसायन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची। सिकंद्राराऊ क्षेत्राधिकारी जेनेन्द्र नाथ अस्थाना, फारेंसिक टीम, डाग स्क्वायड टीम भी मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उक्त मामले में महेंद्र पाल सिंह सिकतरा निवासी ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ पड़ोसी अलाव पर ताप रहे थे। बुधवार को रात नौ बजे तक गेट खुला हुआ था। और दूध गर्म कर रही थी.. पड़ोसीयो ने देखा कि बाहर का दरबाजा भिड़ा हुआ था लेकिन अंदर से कुंदी नहीं लगी हुई थी। और अंदर का दरवाजा खुला हुआ था। तो देखा कि मालती देवी उर्फ मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय केंद्रपाल सिंह उम्र करीब 60 वर्ष बरामदे में मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। और उनके कान नाक से कुंडल, लोंग सोने के आभूषण गायब थे और कान से खून निकला हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने लूट पाट कर हत्या कर दी है। जानकारी के अनुसार मृत महिला के पति केंद्रपाल सिंह की पथरी होने के कारण अस्पताल में उपचार के दौरान करीब नौ साल पहले निधन हो चुका है। मृत महिला मालती देवी पर कोई संतान नहीं थी। और उनके नाम पर करीब पच्चीस बीघा जमीन थी... मृतक महिला के पति तीन भाई थे। मृतक महिला के पति का नौ वर्ष पहले निधन हो चुका है। हसायन कोतवाली पुलिस छानबीन में जुटी।
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Jan 29, 2026 13:03:38
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NTNagendra Tripathi
Jan 29, 2026 13:03:30
Gorakhpur, Uttar Pradesh:UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, छात्रों में खुशी—गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने SC के फैसले का स्वागत किया। देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। देश की शीर्ष अदालत ने इन नियमों पर अंतरिम रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि मौजूदा नियमों की भाषा स्पष्ट है और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। इधर इस फैसले का असर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में भी देखने को मिला जहां UGC कानून के विरोध में विश्विद्यालय के गेट पर आंदोलन कर रहे छात्रों की पुलिस से नोंक झोंक हुई। धरनारत छात्रों को पुलिस समझाती नजर आई। तभी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा UGC के नए कानून पर रोक लगाने वाले फैसले की खबर छात्रों के पास पहुंच गई जिसके बाद छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और खुशी जताई। देश में उच्च शिक्षा को लेकर चल रही सबसे बड़ी नीतिगत बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर बड़ा और निर्णायक हस्तक्षेप किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मौजूदा नियमों में स्पष्ट परिभाषाओं का अभाव है मनमानी कार्रवाई की आशंका है और इससे अकादमिक स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है इसी आधार पर कोर्ट ने नियमों के मौजूदा स्वरूप पर तत्काल रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा आजादी के 75 वर्षों बाद भी हमारा समाज पूरी तरह जातिगत विभाजन से मुक्त नहीं हो पाया है। शिक्षण संस्थानों में ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां भारत की विविधता में एकता दिखाई दे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने की जगह नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के केंद्र होने चाहिए। UGC के नए नियमों में क्या था प्रस्ताव UGC के नए नियमों के तहत हर कॉलेज में Equality Opportunity Centre (EOC) अनिवार्य जाति आधारित भेदभाव की शिकायत पर 24 घंटे में बैठक 15 दिन में रिपोर्ट 7 दिन में कार्रवाई हर छह महीने UGC को रिपोर्ट नियम उल्लंघन पर ग्रांट रोकने डिग्री व कोर्स बंद करने मान्यता रद्द करने तक का अधिकार क्यों हुआ देशभर में विरोध इन नियमों को लेकर शिक्षाविदों और छात्रों ने गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराईं भेदभाव की परिभाषा एकतरफा सामान्य वर्ग को शिकायतकर्ता के रूप में स्थान नहीं झूठी शिकायत पर दंड का कोई प्रावधान नहीं कॉलेजों पर अत्यधिक दंडात्मक शक्ति इसी कारण इसे UGC एक्ट 1956 के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया गया। गोरखपुर में दिखा फैसले का असर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे छात्र हित में फैसला बताया।विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे और जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि नया UGC कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करेगा शिक्षा का निजीकरण बढ़ाएगा गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए पढ़ाई महंगी बनाएगा। ST**UDENT BYTE 1** : “यह काला कानून पूरी तरह छात्र विरोधी है। इससे पढ़ाई महंगी होगी और गरीब छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। STUDENT BYTE 2 : “UGC कानून छात्रों के बीच मतभेद पैदा कर सकता है। कोर्ट को इसे पूरी तरह समाप्त करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान क्या रहा माहौल छात्रो ने सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की प्रधानमंत्री से कानून वापस लेने की मांग मौके पर भारी पुलिस बल तैनात पूरे प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेश अदालत ने कहा कि कोई भी शिक्षा नीति संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 19 के अनुरूप हो सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा करे और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखे कोर्ट ने केंद्र सरकार और UGC को निर्देश दिया है कि सभी हितधारकों से परामर्श किया जाए नियमों को दोबारा ड्राफ्ट किया जाए दुरुपयोग रोकने के लिए सुरक्षा प्रावधान जोड़े जाएं फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद देशभर में चल रहा UGC कानून विरोध आंदोलन और तेज होने की संभावना है। अब निगाहें टिकी हैं 19 मार्च की अगली सुनवाई पर जहां यह तय होगा कि भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
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