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SSHUBHAMBARANWALFollow26 Nov 2024, 06:16 am
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दुमका के बाबा बासुकीनाथ धाम में अक्षय तृतिया पर मुख्य न्यायाधीश ने पूजा की

Dumka, Jharkhand:दुमका सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम में अक्षय तृ्या के विशेष अवसर झारखण्ड के मुख्य न्यायाधीश  महेश शरद चंद्र सोनक ने सपरिवार पहुंचकर भगवान भोलेनाथ बासुकीनाथ की पूजा-अर्चना किये ।वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य न्यायाधीश ने पूरे विधि-विधान के साथ महादेव का अभिषेख किया और वैदिक आरती में भाग लिया। उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूजा संपन्न कराई गई। इस मौके पर दुमका के उपायुक्त अभिजीत कुमार सिन्हा और मंदिर के पंडा पुरोहितों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को बाबा बासुकीनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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अयोध्या के मकबरे परिसर में इमू जोड़ी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या से एक अनोखी और दिलचस्प खबर सामने आई है। अयोध्या के ऐतिहासिक बहू बेगम मकबरा परिसर में विदेशी पक्षी इमू इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक करीब 10 वर्ष पहले मकबरे के देखरेख करने मुत्वल्ली द्वारा इमू का एक जोड़ा यहां लाया गया था, जो तब से यहीं विचरण कर रहा है। बताया गया यह पक्षी शुतुरमुर्ग प्रजाति का है,स्थानीय निवासी शिवकुमार सोनकर बताते हैं कि यह पक्षी इंसानों की तरह लगभग हर तरह का भोजन खा लेता है, जिससे लोगों में इसके प्रति और जिज्ञासा बढ़ गई है। मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया का निवासी इमू दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पक्षी माना जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह उड़ नहीं सकता, लेकिन तेज दौड़ने में बेहद सक्षम होता है। म막बरा परिसर में इमू के दिखाई देने से स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। हर कोई इस अनोखे पक्षी के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाने को उत्साहित नजर आ रहा है। फिलहाल, यह इमू जोड़ा अयोध्या में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों के लिए खास आकर्षण बन गया है।
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बैतूल अतिक्रमण हटाओ अभियान: दुकानदार ने पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल में नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया। एक दुकानदार ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। लल्ली चौक पर चल रही बुल्डोजर कार्रवाई अचानक विरोध और ड्रामे में बदल गई, जहां नगर पालिका की टीम जेसीबी से अवैध दुकानों को हटा रही थी। दरअसल बैतूल नगर पालिका द्वारा शहर में बढ़ते अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में लल्ली चौक पर सड़क किनारे अवैध रूप से लगी दुकानों पर कार्रवाई की जा रही थी, तभी बैग की दुकान लगाने वाले मोहम्मद शेख हाफ़िज़ ने विरोध जताते हुए खुद पर पेट्रोल डाल लिया। यह नज़ारा देख मौके पर मौजूद अधिकारियों और लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि दुकानदार का कहना है कि नगर पालिका द्वारा दी जा रही वैकल्पिक जगह पर उनका व्यापार नहीं चल पाएगा, वह लंबे समय से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। दुकानदारों की माने तो हम यहां सालों से दुकान लगा रहे हैं नई जगह पर ग्राहक नहीं आएंगे हमारा परिवार कैसे चलेगा। फिलहाल स्थिति को संभाल लिया गया है और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रभावित लोगों के पुनर्वास का सही इंतजाम किया गया है या फिर ऐसे ही विरोध के हालात आगे भी देखने को मिलेंगे।
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अक्षय तृतीया पर ठाकुरजी की चंदन-शीतल सेवा शुरू, मंदिरों में नया श्रृंगार

Jaipur, Rajasthan:अक्षय तृतीया पर कल से ठाकुरजी की सेवा में बदलाव शुरू हो जाएगा। अक्षय तृतीया पर आराध्य देव गोविंद देवजी सहित अन्य वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी की विशेष चंदन सेवा की जाएगी। ठाकुरजी के सभी अंगों पर चंदन का लेप लगाया जाएगा। ठाकुरजी अब जामा-पायजामा के बजाय धोती और दुपट्टा धारण करेंगे। सिर पेच हटाकर कलंगी शृंगार होगा। गर्मी अधिक होने के कारण ठाकुरजी को शीतल व्यंजनों का भोग लगना शुरू होगा। ठंडे इत्रों की सेवा भी शुरू होगी। मिश्री और सत्तु का भोग लगाया जाएगा। गोविंददेव जी, सरस निकुंज के अलावा चांदनी चौक स्थित मंदिर आनंदकृष्ण बिहारीजी में ठंडाई, शरबत, सत्तु, आमरस, खरबूजा, मतीरा आदि ठंडे व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। वहीं ठाकुरजी को नटवर रूप की पोशाक धारण करवाई जाएगी। गोपीनाथ जी, राधा दामोदर जी में,लाड़लीजी मंदिर में ठाकुरजी के पहनावे और भोग राग में बदलाव होगा। आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ ही इस दिन से ठाकुर श्रीजी की दैनिक सेवा-पद्धति में भी बदलाव किया जाता है। परंपरा के अनुसार सुबह ठाकुर श्रीजी को धोती-दुपट्टा धारण कराया जाएगा, वहीं इत्र सेवा में मोगरा, गुलाब और खस का उपयोग कर उन्हें शीतलता प्रदान की जाएगी। मंगला झांकी के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। यह अभिषेक अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में संपन्न होगा। अभिषेक के बाद ठाकुर श्रीजी को विशेष चंदन का लेप लगाया जाएगा, जो चंदन यात्रा का मुख्य आकर्षण होता है। इसके बाद ठाकुर श्रीजी को नवीन केसरिया धोती-दुपट्टा धारण कराया जाएगा और विशेष आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा। साथ ही दिव्य मयूर सिरपेच से अलंकृत कर भव्य झांकी सजाई जाएगी......गर्मी को देखते हुए मंदिर में शीतलता के विशेष इंतजाम भी किए जा रहे हैं। ठाकुर श्रीजी के सम्मुख फव्वारे की सेवा शुरू की जाएगी, वहीं गर्भगृह में कूलर और पंखों की व्यवस्था भी शुरू होगी......ताकि भगवान को गर्मी में आराम मिल सके। भोग में इस दिन ठाकुर श्रीजी को पांच प्रकार के ऋतु फल और विशेष रूप से मोतिया बेसन के लड्डू अर्पित किए जाएंगे।
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वियतनाम विदेश मंत्री की बोधगया महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना, यात्रा की अग्रिम तैयारी

Gaya, Bihar:वियतनाम विदेश मंत्री पहुँचे बोधगया,महाबोधि मंदिर यात्रा के दौरान किया भगवान बुद्ध का दर्शन व पूजा अर्चना। ज्ञान की नगरी बोधगया व विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुँचे ​वियतनाम के विदेश मंत्री, गुयेन मान कुओंग ने भारत में वियतनाम के राजदूत और 14 उच्च स्तरीय अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ 19 अप्रैल, 2026 को बोधगया पहुँचे। बोधगया के विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर का दौरा किया। यह प्रतिनिधिमंडल वियतनाम के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की 7 मई, 2026 को होने वाली आगामी यात्रा के संबंध में अग्रिम तैयारी और निरीक्षण (रेकी) के लिए आगमन हुआ है। ​अपनी यात्रा के दौरान मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित मार्ग, निर्धारित ठहराव बिंदुओं (stoppage points), औपचारिक प्रोटोकॉल, अनुष्ठानों और स्मृति चिह्न भेंट करने की व्यवस्थाओं की सावधानीपूर्वक समीक्षा की। आगामी उच्च-स्तरीय यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। ​महाबोधि मंदिर के गर्भगृह के भीतर, निवासी भिक्षुओं द्वारा विशेष प्रार्थना और मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें विशिष्ट अतिथियों के लिए आशीर्वाद मांगा गया। वहां के शांत और आध्यात्मिक वातावरण ने इस अवसर की गरिमा और गंभीरता को और बढ़ा दिया। ​इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को पवित्र परिसर का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया, जिसमें उन्होंने पूजनीय बोधिवृक्ष के दर्शन किए और इस स्थल के गहन आध्यात्मिक महत्व का अनुभव किया। सम्मान और स्मृति के प्रतीक के रूप में, माननीय मंत्री और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को बोधि पत्र (Bodhi leaf) के स्मृति चिह्न भेंट किए गए। ​इस यात्रा ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और शांति, करुणा एवं ज्ञान के सार्वभौमिक प्रतीक, महाबोधि मंदिर की गरिमा को और अधिक गौरवान्वित किया है।
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