icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बूंदी: मांदलिया छीनने वाले आरोपी बंटी उर्फ डलफा गिरफ्तार—23 जून की वारदात का खुलासा

Noida, Uttar Pradesh:बून्दी बूंदी जिले की नैनवां थाना पुलिस ने मांदलिया छीनकर फरार होने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी बन्टी उर्फ डलफा को गिरफ्तार किया। आरोपी ने 23 जून को एक महिला के गले से सोने का मांदलिया छीनकर फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उससे क्षेत्र में हुई अन्य चोरी और नकबजनी की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
0
0
Report

नर्मदापुरम कॉलेज में खेल सामग्री घोटाला, एफआईआर दर्ज

Narmadapuram, Madhya Pradesh:नर्मदापुरम के शासकीय होम साइंस कॉलेज में खेल सामग्री खरीदी के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज पहुंचे बिना ही खेल सामग्री का करीब साढ़े नौ लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया। तहसीलदार की जांच में अनियमितता उजागर होने के बाद अब प्राचार्य समेत चार लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नर्मदापुरम के शासकीय गृह विज्ञान महाविद्यालय में खेल सामग्री खरीदी का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी सरिता मालवीय की जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन, तत्कालीन भंडार शाखा प्रभारी, तत्कालीन लेखा शाखा प्रभारी और भोपाल की मेसर्स वैष्णवी इंटरप्राइजेज के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में खेलकूद प्रोत्साहन मद से 9 लाख 47 हजार 518 रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि जिस खेल सामग्री का भुगतान हुआ, वह कॉलेज में मिली ही नहीं। आरोप है कि बिना सामग्री प्राप्त किए और बिना भौतिक सत्यापन के स्टॉक रजिस्टर में उसकी एंट्री भी कर दी गई। जांच टीम को मौके पर खेल सामग्री नहीं मिली, लेकिन MP ट्रेजरी के रिकॉर्ड में भुगतान दर्ज मिला। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जून 2026 को दो बिलों के आधार पर पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी, जिसके आधार पर एफआईआर की कार्रवाई हुई。
0
0
Report
Advertisement

आगर मालवा में सीएनजी कार में आग, चालक सुरक्षित बाहर निकलें; बड़ा हादसा टला

Agar, Madhya Pradesh:एंकर- आगर मालवा में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर चलती सीएनजी कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो गई, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वीओ - घटना आगर मालवा जिले में उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे स्थित guru कृपा होटल के सामने की है। जानकारी के अनुसार चलती सीएनजी कार से अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही क्षणों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटों से आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए होटल से पानी की पाइप लाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझ जाने से लपटें सीएनजी टैंक तक नहीं पहुंचीं, जिससे बड़ा विस्फोट होने से बच गया। घटना के कारण कुछ देर तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
0
0
Report

अनूपपुर: मां-बेटी ने पेड़ पर खुदकुशी, सुसाइड नोट बोझ न बनने की बात

Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर में मां-बेटी ने आम के पेड़ से फांसी लगाकर खुदकुशी, सुसाइड नोट बरामद, लिखा हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते. जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के खमरोध गांव में हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां मां बेटी की आत्महत्या के बाद सुसाइड नोट सामने आया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतकों की पहचान 42 वर्षीय मीरा रैदास और उनकी 24 वर्षीय पुत्री पूनम रैदास के रूप में हुई है. मीरा रैदास अपने पति से अलगाव के बाद मायके में रहकर बेटी का पालन-पोषण कर रही थीं. पति से भरण-पोषण राशि दिलाए जाने का मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
0
0
Report

नक्सलगढ़ में बदली तस्वीर: दलदली रास्तों से पुजारीकांकेर पहुंची 108, पेड़ से गिरे युवक की बची जान

Vijayapura, Karnataka:नक्सलगढ़ में बदली तस्वीर: दलदली रास्तों से पुजारीकांकेर पहुंची 108, पेड़ से गिरे युवक की बची जान बीजापुर। कभी नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाकों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से दूर रहने वाला उसूर ब्लॉक अब बदलती तस्वीर पेश कर रहा है। कभी नक्सलियों की राजधानी रहे छत्तीसगढ़ तेलंगाना की सरहदी इलाके पुजारीकांकेर तक एम्बुलेंस दलदली और कठिन रास्तों को पार कर पहुंची। वाहन पेड़ से गिरकर घायल युवक को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार, उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित सिंगनपल्ली गांव निवासी हदमा पोडियाम (31 वर्ष) पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की टीम दुर्गम और दलदली मार्ग पार कर गांव पहुंची। 108 एम्बुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) और पायलट ने कठिन परिस्थितियों में घायल को बाहर निकालकर जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर रेफर कर दिया। बदलते बीजापुर की यह तस्वीर बताती है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और नक्सल प्रभाव घटने के साथ अब स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाएं भी आधी रात में दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही हैं।
0
0
Report
Advertisement

देहरादून के चंदन नगर में दुकान में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

Noida, Uttar Pradesh:राजधानी देहरादून के चंदन नगर इलाके में एक ऐसी सीरीज की दुकान में भीषण आग लग गई जिससे लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया. मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के अधिकारी और कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. बताया जा रहा है कि दुकान बंद हो गई थी और अचानक आग लग गई जिसकी वजह से लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया. मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए दीवार को तोड़कर रास्ता बनाया और कड़ी मशक्कत के बाद कई बार ब्रिगेड की गाड़ियों से आग पर काबू पाया.
0
0
Report

अमरनाथ यात्रा सुरक्षा के लिए ऑपरेशन हॉक्स आई लागू, संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था मजबूत

Chaka, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आने वाली अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन हॉक्स आई' (Operation Hawk's Eye) शुरू किया है। श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान भगवान शिव के भक्तों को आसमान से लेकर ज़मीन तक सुरक्षा कपच दिया जाएगा। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से लेकर नुनवन पहलगाम और बालटाल बेस कैंप तक कई स्तरों वाली संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जो 2026 की अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा करेगी। नेशनल हाईवे NH44 पर सेना, BSF और JKP की कड़ी निगरानी है। जैसे ही तीर्थयात्री न्युग सुरंग (Navyug tunnel) से कश्मीर में प्रवेश करते हैं, वे जम्मू-कश्मीर पुलिस के ऑपरेशन हॉक्स आई के दायरे में आ जाते हैं। यह ऑपरेशन इस साल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से चलाया जा रहा है। काज़ीगुंड से नुनवन बेस कैंप और बालटाल बेस कैंप तक BSF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की तैनाती के साथ दर्जनों नए सुरक्षा बंकर बनाए गए हैं। ये बंकर आधुनिक हथियारों से लैस हैं और हर बंकर की निगरानी आधुनिक CCTV कैमरों से की जा रही है। पहलगाम के रास्ते में बने एक नए सुरक्षा बंकर के दृश्य और सुरक्षाबलों की तैनाती। Anantnag से पहलगाम और बालटाल जाने वाली मुख्य सड़क पर कड़ी सुरक्षा है। बंकर-दर-बंकर लगातार गश्त की जा रही है। दोनों रास्तों पर अचानक चेकिंग और तलाशी ली जा रही है; गाड़ियों को सड़क पर बेवजह रुकने नहीं दिया जा रहा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्य यात्रा मार्ग से जुड़ने वाली हर छोटी सड़क (बाय-लेन) पर एक चेकपॉइंट बनाया गया है। यहाँ हाथ से तलाशी लेने के अलावा एक हाई-टेक सर्विलांस ग्रिड भी लगाया गया है। बाय-लेन जंक्शन चेकपॉइंट से दृश्य। इन सभी चेकिंग पॉइंट्स को पार करने के बाद, तीर्थयात्री श्री अमरनाथ यात्रा के दो मुख्य बेस कैंप - नुनवान और बालटाल - तक पहुँचते हैं। इन दोनों जगहों पर एक बड़ा सुरक्षा ग्रिड लगाया गया है, जिसकी देखरेख JKP और CRPF कर रहे हैं। ये जगहें CCTV, ड्रोन, स्नाइपर और X-रे मशीनों जैसे बड़े सर्विलांस ग्रिड की निगरानी में हैं; यहाँ तीर्थयात्रियों और उनकी गाड़ियों की भी जाँच की जाती है। वहाँ एक तीर्थयात्री RFID कार्ड दिखा रहा है। यह कार्ड बिना छुए काम करने वाला (कॉन्टैक्टलेस) स्मार्ट कार्ड है जो रेडियो तरंगों के ज़रिये वायरलेस तरीके से रीडर को डेटा भेजता है। जिन तीर्थयात्रियों के पास ये स्मार्ट कार्ड होंगे, वे ही पवित्र यात्रा कर सकेंगे। नुवान बेस कैंप से एक्स-रे, सीसीटीवी कैमरे और गाड़ियों की तलाशी लेने के दृश्य दिखाए जा रहे हैं। पवित्र गुफ़ा के दोनों रास्तों पर लगभग 1 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें इंटेलिजेंस विंग के लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रा की सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने विशेष रूप से CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की 670 अतिरिक्त बटालियन और SFF (स्पेशल फ्रंटियर फ़ोर्स) की एक विशेष बटालियन भेजी है। ये सभी एक जॉइंट कंट्रोल रूम के तहत मिलकर काम कर रहे हैं। तालमेल बनाए रखने और सक्रिय रहने के लिए, NH44, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, बाज़ारों, सुरक्षा ठिकानों और तीर्थयात्र्री कैंपों जैसी सभी संवेदनशील जगहों पर संयुक्त रूप से दर्जनों मॉक ड्रिल की जा रही हैं। सिर्फ कस्बों में ही तलाशी या गश्त नहीं हो रही है, बल्कि कोई जोखिम न लेते हुए और बैसारन आतंकी हमले को ध्यान में रखते हुए जंगलों में भी गश्त, तलाशी और निगरानी की जा रही है। श्री अमरनाथ यात्रा से पहले, तैनात संयुक्त सुरक्षा बलों ने आज स्टैंड-ऑफ फायर रिस्पॉन्स (दूर से गोलीबारी की स्थिति में जवाबी कार्रवाई) का अभ्यास किया। अनंतनाग पुलिस ने आज पीर पंजाल पहाड़ों के पहलगाम वन क्षेत्र में स्टैंड-ऑफ फायर रिस्पॉन्स मॉक ड्रिल की। इसका मकसद आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षा इंतजामों और जवाबी कार्रवाई के तरीकों की प्रभावशीलता को परखना था। यह JKP, CAPF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का एक संयुक्त अभ्यास था। इसमें एक ऐसी हाई-रिस्क स्थिति का अभ्यास किया गया जिसमें दूर से गोलीबारी हो रही हो और QRT व QAT को तुरंत टैक्टिकल दखल और तालमेल के साथ कार्रवाई करनी पड़े। मॉक ड्रिल के दौरान 2 WT साथ में सुरक्षाबलों के शीट्स हथियार के शॉट्स भी हैं। IGपी कश्मीर वी. कुमार बिरधी का बाइट। सुरक्षाबलों का संदेश साफ है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए न केवल कस्बों, बाजारों और सड़कों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, बल्कि बेस कैंप और पवित्र गुफा के पास के घने जंगलों और तीर्थयात्रियों के रास्ते में आने वाले इलाकों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

38 साल बाद प्रयागराज शहर पश्चिमी में माफिया अतीक के बिना चुनाव: नया राजनीतिक मोड़

Prayagraj, Uttar Pradesh:38 साल बाद प्रयागराज के शहर पश्चिमी में माफिया अतीक नहीं होगा मुद्दा, माफिया अतीक के खात्मे के बाद नए मुद्दों पर इस बार यहां होंगे चुनाव, बीजेपी विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह के लिए इस बार की राह आसान नहीं, सियासी जानकारों की माने तो माफिया के खात्मे के बाद शहर पश्चिमी में नए मुद्दों पर होंगे चुनाव, माफिया मुक्त होने के बाद शहर पश्चिमी में सत्ता और विपक्ष के प्रत्याशी के बीच रोचक होगा मुकाबला। यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी करीब 7 महीने का समय है, लेकिन सभी राजनैतिक दल अभी से 2027 के सियासी जंग की तैयारियों में जुट गए हैं। संगम नगरी प्रयागराज की बात करें तो यहां की शहर पश्चिमी विधानसभा हॉट सीट मानी जाती है। इस सीट पर पिछले 38 सालों से माफिया अतीक अहमद का दबदबा था। शहर पश्चिमी से माफिया अतीक अहमद 5 बार विधायक भी बना। लेकिन 2027 में पहला मौका होगा जब 38 साल बाद इस सीट पर माफिया अतीक अहमद के खौफ़ और रसूख से मुक्त होकर चुनाव होगा। पिछले दो विधानसभा चुनाव से शहर पश्चिमी विधानसभा से बीजेपी के सिद्धार्थनाथ सिंह विधायक हैं, इस बार भी माना जा रहा है कि सिद्धार्थनाथ सिंह को ही बीजेपी यहां से चुनावी मैदान में उतारेगी। लेकिन इस बार यहां बदले हुए माहौल में चुनाव होगा, न माफिया अतीक अहमद चुनावी मैदान में होगा और न ही यहां उसके रसूख और समर्थन से कोई चुनाव में उतरेगा। सीधे तौर पर कहें तो शहर पश्चिमी विधानसभा में इस बार पूरी तरह से बदले हुए सियासी समीकरण के साथ चुनाव होगा। शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पर करीब 4.25 मतदाता हैं। जिसमें मुस्लिम सबसे ज्यादा करीब 85 हजार हैं। 75 हजार पटेल, यादव 35 हजार, मौर्य 35 हजार, 30 हजार पाल समुदाय के मतदाता हैं, अनुसूचित जाति के 65 हजार मतदाता हैं, जिसमें पासी समुदाय की संख्या अधिक है। करीब 35 हजार वैश्य मतदाता भी शहर पश्चिमी विधानसभा में हैं, इसके अलावा ब्राह्मण 25 हजार और 15 हजार के करीब ठाकुर जबकि 15 हजार कायस्थ मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के हिसाब से शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पिछड़ी जाति का पलड़ा भारी है। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ज्यादातर इस सीट पर पिछड़े वर्ग से ही विधायक चुने गए हैं। 1989, 91, 93, 96 और 2002 में माफिया अतीक अहमद ने यहां से जीत दर्ज की। 2004 में जब माफिया अतीक फूलपुर लोकसभा से सांसद बना तो इस सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा के राजू पाल ने 2005 के उपचुनाव में अतीक के भाई अशरफ को चुनाव हरा दिया। बाद में 25 जनवरी 2005 को राजू पाल की हत्या कर दी गई। राजू पाल की हत्या के बाद हुए उपचुनाव में अशरफ ने राजू पाल की पत्नी पूजा पाल को हराकर विधायक बन गया। लेकिन 2007 में आम चुनाव हुए तो बसपा की पूजा पाल ने सपा प्रत्याशी रहे अतीक के भाई अशरफ को चुनाव हरा दिया। 2012 में एक बार फिर से अतीक अहमद ने शहर पश्चिमी विधानसभा से अपना दल के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे पूजा पाल ने हरा दिया। 2012 में एक बार फिर से अतीक अहमद ने शहर पश्चिमी विधानसभा से अपना दल के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे पूजा पाल ने हरा दिया। 2017 में अतीक अहमद सीधे चुनावी मैदान में नहीं उतरा, लेकिन सपा की प्रत्याशी रहीं ऋचा सिंह को उसका खुला समर्थन जरूर मिला। हालांकि शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से बीजेपी के सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सपा की ऋचा सिंह को हराकर विधायक बन गए। 2022 में भी इस सीट पर सपा प्रत्याशी रही ऋचा सिंह को सिद्धार्थनाथ सिंह ने दूसरी बार चुनाव हरा दिया। हालांकि ऋचा सिंह अब सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में इस बार शहर पश्चिमी से सपा किसी नए उम्मीदवार पर दांव खेलेगी। वहीं बीजेपी के मौजूदा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह अभी से चुनावी मैदान में उतर गए हैं। गांव और शहर में वह हर दिन कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहें हैं, क्योंकि उन्हें भी पता है कि इस बार मुकाबला माफिया बनाम बीजेपी नहीं बल्कि विकास बनाम सपा होगा। क्योंकि माफिया राज का अब खात्मा हो चुका है। इस लिए इस बार उनकी लड़ाई आसान नहीं होने वाली है।वहीं बीजेपी विधायक सिद्धार्थनाथ का दावा है कि अगर उन्हें तीसरी बार उम्मीदवार बनाया गया तो उनकी जीत तय है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि जब वह पहली बार यहां आए थे तो उन्होंने शहर पश्चिमी विधानसभा को माफिया मुक्त करने का वादा किया था। सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि अब माफिया का खात्मा हो चुका है, कुछ उसके गुर्गे जरूर अभी बचे हैं, इस बार अगर वह विधायक बने तो माफिया के गुर्गों को पूरी तरह से ख़त्म कर देंगे।
0
0
Report

राजस्थान शिक्षक भर्ती 2025: हाईकोर्ट ने बोर्ड से अंतिम उत्तर कुंजी पर जवाब तलब किया

Jaipur, Rajasthan:हाईकोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के वकील रामप्रताप सैनी की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल प्रथम की परीक्षा में विवादित प्रश्न-उत्तर से जुडे मामले में अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका पर चयन बोर्ड से जवाब तलब किया है। जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश ममता यादव व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दिए। बॉडी- याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित इस भर्ती की लिखित परीक्षा के बाद याचिकाकर्ताओं ने भर्ती की प्रथम उत्तर कुंजी पर आपत्ति जताई थी। जिस पर अंतिम उत्तर कुंजी में 11 प्रश्न डिलीट कर दिए थे। इसके अलावा कई उत्तर बदल दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से कई अन्य प्रश्नों पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन उन पर विचार ही नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं के बोर्ड की पुस्तक के अनुसार उत्तर सही हैं, लेकिन फिर भी चयन बोर्ड ने उन्हें सही नहीं किया। ऐसे में विषय विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर विवादित प्रश्नों की जांच कराई या और याचिकाकर्ताओं को बोनस अंक दिए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कर्मचारी चयन बोर्ड से जवाब तलब किया है। जयपुर।
0
0
Report

बरेली के विकास कार्यों पर उठे सवाल, सपा के पूर्व प्रवक्ता मयंक शुक्ला ने मांगा जवाब

Lalit KumarLalit KumarFollow29m ago
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मयंक शुक्ला ने बरेली में विकास कार्यों को लेकर भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में टूटी सड़कें, जाम, अधूरी परियोजनाएं और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं जनता की परेशानी बनी हुई हैं। उन्होंने स्काईवॉक, अमृत सरोवर, नगर निगम कॉम्प्लेक्स, सीएम ग्रिड योजना, किला ओवरब्रिज, आईटी पार्क, 300 बेड अस्पताल और यूनानी अस्पताल सहित कई परियोजनाओं के अधूरे रहने पर जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जनता को केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर विकास चाहिए।
0
0
Report
Advertisement

केतन अग्रवाल मर्डर: सिया गोयल-चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत

Mumbai, Maharashtra:केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल और चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को लोणावला पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी अधूरी है और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जाने बाकी हैं। पुलिस ने कोर्ट में रखे 18 आधार सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से सात दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि जांच कई अहम चरणों में है। पुलिस के अनुसार अभी    दोनों आरोपियों के साथ दोबारा क्राइम सीन रीक्रिएशन किया जाना है।    चेतन चौधरी को लोहगढ़ फोर्ट ले जाकर घटनास्थल पर पूरी घटना दोहरानी है।    सिया गोयल द्वारा कथित रूप से नष्ट किए गए केतन अग्रवाल के पासपोर्ट की बरामदगी करनी है।   यह पता लगाना है कि पासपोर्ट कहां और किस तरह नष्ट किया गया।     हत्या के बाद दोनों आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप कॉल और चैट का डाटा रिकवर करना है। मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डिजिटल सबूतों को फोरेंसिक तकनीक की मदद से वापस लाना है। दोनों अलग-अलग स्थानों पर रहते थे, इसलिए हत्या की योजना कहां बनाई गई, इसकी जांच करनी है।  यह भी जांच की जा रही है कि क्या दोनों ने पहले से धक्का देने की प्रैक्टिस की थी।  क्या घटना से पहले लोहगढ़ फोर्ट की रेकी की गई थी。 घटना वाले दिन चेतन चौधरी द्वारा पहनी गई फुल पैंट अभी बरामद होना बाकी है。 अब तक 13 आर्टिकल जब्त किए जा चुके हैं, लेकिन कई अहम सबूत अभी जुटाए जाने बाकी हैं。 पुलिस ने अदालत में यह भी कहा कि शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि केतन अग्रवाल का पासपोर्ट नष्ट करना भी कथित पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था, ताकि वह विदेश न जा सके। इन सभी तथ्यों को मिलाकर पुलिस ने अदालत के समक्ष कुल 18 आधार प्रस्तुत किए。 बचाव पक्ष ने हिरासत बढ़ाने का किया विरोध सिया गोयल की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत में पुलिस की मांग का विरोध करते हुए कहा कि एफआईआर में केवल इतना उल्लेख है कि घटना के समय दोनों आरोपी मौके पर मौजूद थे और दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। केवल इसी आधार पर गिरफ्तारी और अतिरिक्त हिरासत उचित नहीं ठहराई जा सकती। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि जो भी बरामदगी करनी थी, वह शुरुआती सात दिन की पुलिस हिरासत में की जा सकती थी, इसलिए अतिरिक्त पुलिस कस्टडी की आवश्यकता नहीं है। वहीं, चेतन चौधरी की ओर से पेश अधिवक्ता ने भी अदालत में कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और इस स्तर पर केस के गुण-दोष पर बहस नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि पुलिस अतिरिक्त हिरासत के लिए पर्याप्त और ठोस कारण नहीं बता सकी। हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया。 कोर्ट में दिखा दिलचस्प घटनाक्रम सुनवाई के दौरान अदालत में एक अलग घटनाक्रम भी देखने को मिला। सिया गोयल की ओर से दो अधिवक्ता मौजूद थे और दोनों के वकालतनामे पर उसके हस्ताक्षर थे। लेकिन सुनवाई समाप्त होने के बाद सिया ने अदालत में हाथ उठाकर कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव उसके वकील नहीं हैं, जबकि उनके पास मौजूद वकालतनामे पर भी सिया के हस्ताक्षर थे。 चेतन के पिता का बयान सुनवाई के बाद चेतन चौधरी के पिता बाबูลाल चौधरी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और उन्हें सिया गोयल के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी。 अब जांच का फोकस फिलहाल जांच एजेंसियों का पूरा फोकस डिजिटल सबूतों, व्हाट्अप चैट, कॉल रिकॉर्ड, पासपोर्ट की बरामदगी, क्राइम सीन रीक्रिएशन और हत्या की कथित पूर्व नियोजित साजिश की जांच पर है। 3 जुलाई तक मिली पुलिस हिरासत के दौरान इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है。
0
0
Report

सीबीआई ने खालिद-उज़-जमान को गिरफ्तार किया, 2021 के हसनूर जमान केस में नया मोड़

New Delhi, Delhi:पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के एक चर्चित हत्या मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने करीब पांच साल से फरार चल रहे घोषित अपराधी खालिद-उज़-जমান को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से गिरफ्तार कर लिया है。 सीबीआई के मुताबिक, आरोपी खालिद-उज़-जमान को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के येताला गांव के एक दूरदराज इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी 2021 में मामला दर्ज होने के बाद से लगातार फरार था और जांच या अदालत की कार्यवाही में कभी शामिल नहीं हुआ。 यह मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नॉर्थ कलसारा गांव में 3 मई 2021 को हुई हसनूर जमान की हत्या से जुड़ा है। चुनाव बाद हुई हिंसा के इस मामले की जांच कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर 1 सितंबर 2021 को सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी。 जांच के बाद सीबीआई ने 2021 और 2022 के दौरान इस मामले में खालिद-उज़-जमान समेत 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और पूरक चार्जशीट दाखिल की थी。 गिरफ्तार आरोपी को पहले महाराष्ट्र के धर्माबाद की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया जाएगा। इसके बाद उसे कोलकाता लाकर बारासात की अतिरिक्त सत्र अदालत में पेश किया जाएगा。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top