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अमेठी में दबंगो ने दम्पति को पीटकर किया लहूलुहान
Musafirkhana, Uttar Pradesh:अमेठी में देर शाम वाइक सवार दम्पत्ति पर दबंगों ने हमला किया, दम्पत्ति सब्जी लेकर बाजार से घर जा रहा थे तभी पति पत्नी को गांव के ही दबंगों ने लाठी डंडे से पीटकर लहूलूहान कर दिया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल पति पत्नी को अस्पताल पहुचाया। जंहा डाक्टरों ने पति की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं पुलिस मामले को दर्ज कर जांच पडताल में जुटी।
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लखनऊ नगर निगम ने 8 जोनों में जनगणना नियंत्रण कक्ष स्थापित, हेल्पलाइन शुरू
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ नगर निगम ने 8 जोनों में स्थापित किए 'जनगणना नियंत्रण कक्ष', त्वरित समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी\n\nलखनऊ, 22 मई। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकान गणना' के सफल संचालन हेतु लखनऊ नगर निगम द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर के सभी 8 जोनों में 'जनगणना नियंत्रण कक्ष' स्थापित किए गए हैं।\n\nअपर नगर आयुक्त/नगर जनगणना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के क्रम में, ये नियंत्रण कक्ष दिनांक 22 मई, 2026 से 20 जून, 2026 तक क्रियाशील रहेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य से संबंधित जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण, सूचनाओं का आदान-प्रदान एवं प्रगणकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।\n\nप्रत्येक जोनल नियंत्रण कक्ष में एक वरिष्ठ लिपिक को प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। लखनऊ की जनता अपनी जनगणना संबंधी किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए सुबह 8:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक सीधे संबंधित जोन के प्रभारी अधिकारी से संपर्क कर सकती है।\n\nजोनवार नियंत्रण कक्ष प्रभारी एवं हेल्पलाइन नंबर: \n*जोन*\t* *नियंत्रण कक्ष प्रभारी*\t* *हेल्पलाइन नं०*\nजोन-01 आरिफ नकवी, लिपिक 9415026695\nजोन-02 अर्चना, लिपिक 9044477306\nजोन-03 Asiś Chandra, लिपिक 9305888263\nजोन-04 विरेन्द्र कुमार, लिपिक 7905873935\nजोन-05 मनोज कुमार, लिपिक 8318903325\nजोन-06 मिर्जा इरसाद बेग, लिपिक 8576067280\nजोन-07 प्रवीन सिंह, लिपिक 8299778548\nजोन-08 आशुतोष गुप्ता, लिपिक 9919476939\nनगर आयुक्त, आई.ए.एस. गौरव कुमार ने जनता से अपील की है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। यदि किसी भी नागरिक को प्रगणक के संबंध में कोई शंका हो या कोई समस्या आए, तो वे तत्काल अपने जोन के नियंत्रण कक्ष पर संपर्क करें। सभी प्रगणकों के पास नगर निगम द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान-पत्र होना अनिवार्य है तथा जनगणना का कार्य पूर्णतः निःशुल्क है।0
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लखनऊ: गोमती नगर में नया विधानभवन कॉम्प्लेक्स बनना तय, टेंडर जारी
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ लखनऊ के गोमती नगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर अब नई विधानसभा बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर शुक्रवार को मुहर लग गई, जब एलडीए ने विधानभवन कॉम्प्लेक्स की डिजाइन और प्लानिंग के लिए कंसल्टेंट व आर्किटेक्ट चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया। एलडीए की ओर से जारी आरएफपी के अनुसार कंपनियां 23 मई से 21 जून तक आवेदन कर सकेंगी। कंसल्टेंट चयन के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण अवधि तय की जाएगी। जिस जमीन पर नया विधानभवन प्रस्तावित है, उसका कुल क्षेत्रफल 245 एकड़ है। इसमें 170 एकड़ जमीन नगर निगम की और 75 एकड़ एलडीए की है। यह वही जमीन है, जो पहले सहारा इंडिया को लीज पर दी गई थी। बताया जा रहा है कि केवल विधानसभा ही नहीं, बल्कि यहां सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और अन्य सरकारी दफ्तरों को भी विकसित करने की तैयारी है। इसी वजह से टेंडर में "विधानभवन कॉम्प्लेक्स" शब्द का इस्तेमाल किया गया है। सरकार लंबे समय से नई विधानसभा के लिए बड़े भूखंड की तलाश में थी। मगर शहर में इतनी बड़ी और उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही थी। गोमती नगर की यह जमीन लोकेशन और कनेक्टिविटी दोनों लिहाज से बेहतर मानी जा रही है। शासन स्तर पर फैसला होने के बाद बीते कुछ महीनों में जमीन की पैमाइश और तकनीकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं, हालांकि तब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। नगर निगम ने 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को 170 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दी थी। शर्त थी कि यहां आवासीय कॉलोनी और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। नगर निगम का आरोप था कि कंपनी ने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया। इसको लेकर वर्षों तक विवाद चलता रहा। पिछले साल 30 साल की अवधि पूरी होने के बाद नगर निगम ने लीज आगे नहीं बढ़ाई और जमीन वापस अपने कब्जे में ले ली। वहीं एलडीए ने भी अपनी 75 एकड़ जमीन पहले ही वापस ले ली थी। इसके बाद से यहां विधानसभा निर्माण की चर्चा तेज हो गई थी। एलडीए वीसी बोले-आर्किटेक्ट चयन के लिए टेंडर जारी एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन निर्माण के लिए कंसल्टेंट औ0
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आजमगढ़ में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज बना ठगी, तीन गिरफ्तार
Azamgarh, Uttar Pradesh:अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार। आजमगढ़ जिले के थाना रानी की सराय पुलिस ने अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिलौरी खेल मैदान के पास से आरोपियों को दबोचते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई में जुटी है। आजमगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष रानी की सराय के द्वारा कार्रवाई की गई। मामले में 20 मई 2026 को थाना रानी की सराय में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस संबंध में मुकदमा सं. 123/2026 के तहत धारा 3(5), 319(2), 318(4), 336(4), 340(2), 61(2), 351(3) एवं 352 बीएनएस के तहत आरोपी विद्यासागर, राहुल कुमार, वीरेन्द्र यादव, राकेश यादव, प्रदीप यादव एवं मुन्ना शर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। संबंधित थाने की पुलिस क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि इस मामले से जुड़े आरोपी दिलौरी खेल मैदान के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल कुमार निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय, राकेश यादव निवासी अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर थाना गंभीरपुर तथा प्रदीप यादव निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।0
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बाराबंकी में बाबा के वेश में झाड़-फूंक के बहाने अश्लील हरकत, गर्भवती महिला से मामला
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी की रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में एक गर्भवती महिला के साथ कथित रूप से बाबा के वेश में आए व्यक्ति द्वारा गलत काम करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के पति ने आरोप लगाया है कि झाड़-फूंक और बेटे के जन्म का झांसा देकर यह घटना अंजाम दी गई, जिससे गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पीड़िता के पति के अनुसार उनके परिवार में पहले से छह बेटियां हैं और वर्तमान में उनकी पत्नी गर्भवती है। आज सुबह दो व्यक्ति, बाबा के वेश में, गांव पहुंचे और घर-परिवार के बारे में जानकारी लेने लगे। इसी दौरान कथित तौर पर उन्होंने दावा किया कि उनकी ‘भभूति’ लगाने से इस बार बेटा पैदा होगा। आरोप है कि बेटा होने के लालच में महिला उनकी बातों में आकर भभूति लगाने के लिए राजी हो गई। इस दौरान कथित बाबा के साथ आया दूसरा व्यक्ति महिला के पति को घर के बाहर बातचीत में उलझाए रहा, जबकि घर के अंदर कथित बाबा ने महिला के साथ गलत काम किया। विरोध करने पर उसका मुंह दबाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने तत्काल इसकी जानकारी अपने पति को दी, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण आरोपियों की तलाश में जुट गए। काफी प्रयास के बाद एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि दूसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को कोतवाली ले आई। हालांकि, बाद में उसके गृह जनपद से सत्यापन के आधार पर उसे छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि वह व्यक्ति भिक्षा मांगने का कार्य करता है। कोतवाली प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी के अनुसार, मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा बेटे के जन्म के नाम पर एक बोरी गेहूं लेने की बात कही गई थी, हालांकि महिला के साथ अश्लीलता की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।0
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बाराबंकी में अघोषित बिजली कटौती पर ग्रामीणों ने किया धरना, घंटों सड़कों पर जाम
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- अघोषित बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, पावर हाउस पर सड़क जाम कर घंटों किया प्रदर्शन बाराबंकी में भीषण गर्मी और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर फूट पड़ा। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के फतेहपुर–सूरतगंज मार्ग स्थित करनपुर विद्युत उपकेंद्र के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर वाहन खड़े कर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में कई दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती और अत्यधिक रोस्टिंग की जा रही है। दिन-रात बार-बार बिजली गुल होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण उमस और गर्मी में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की हालत खराब हो रही है। लोगों ने बताया कि रातभर बिजली न रहने से लोगों को जागकर रात बितानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। बिजली संकट के चलते पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है और घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे चुके हैं। किसानों ने भी सिंचाई बाधित होने से फसलों पर संकट गहराने की बात कही। धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मोहम्मदपुर खाला कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सूरतगंज चौकी इंचार्ज उमेश कुमार वर्मा भी दलबल के साथ मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे बाद रामनगर तहसील के नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी और विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को एक सप्ताह के भीतर विद्युत व्यवस्था में सुधार कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। लिखित भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात दोबारा सुचारू हो सका.0
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CBI ने पुष्प विहार में सहायक आयुक्त को रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया
New Delhi, Delhi:दिल्ली के पुष्प विहार में सीबीआई ने दस हजार के साथ सहायक आयुक्त को रंगे हाथ गिरफ्तार राशन कार्ड को लेकर की गई थी 50 हजार की डिमांड सीबीआई रेड के बाद फूड एंड सप्लाई विभाग में मचा हड़कंप दिल्ली के पुष्प विहार में सीबीआई ने 21 मई को रेड मारी और फूड एंड सप्लाई विभाग के सहायक आयुक्त विनोद कुमार को दस हजार रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पीड़ित उचित दर दुकान के दीपक कुमार के वकील राहुल अग्रवाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से राशन शॉप कीपर को सहायक आयुक्त द्वारा राशन कार्डों को लेकर परेशान किया जा रहा था।यही नहीं राशन शॉप पर राशन कार्ड बढ़ाने को लेकर प्रति कार्ड के 100 रुपये मांग की गई थी जिसमें 475 कार्ड की बात हुई जिसमें 50 हजार की डिमांड की गई थी।लेकिन दीपक देने में असमर्थ था और उसने इस बारे में अपने वकील से बात की और शिकायत सीबीआई में की।सीबीआई की टीम ने अपना जाल बिछाया और पुष्प विहार में सहायक आयुक्त को दस हजार के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया।काफी देर तक सीबीआई पूछताछ की और उसके बाद उसे गिरफ्तार कर ले गई।फूड एंड सप्लाई विभाग में भ्रष्टाचार का कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप में कई अधिकारी गिरफ्तार हो चुके है।यही नहीं राशन शॉप कीपर ने अपना नाम सामने ना आने पर बताया कि सहायक आयुक्त ऑफिस में ही नहीं बल्कि सभी राशन दफ्तरों में पैसो का खेल खुले आम चल रहा है।बताया जा रहा है कि नीचे से लेकर उच्च अधिकारी तक राशन शॉप कीपर को राशन का लाइसेंस कैंसिल कराने के नाम पर डरा धमकाकर उगाई की जाती है।और दीपक कुमार ने हिम्मत जुटाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई में शिकायत की और फूड एंड सप्लाई विभाग के सहायक आयुक्त को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।0
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सहारनपुर के चौराहों पर ग्रीन नेट और मिस्ट स्प्रे से ताप घटेगा
Saharanpur, Uttar Pradesh:चौराहों पर भीषण धूप से लोगों को बचायेगी ग्रीन नेट नगर निगम ने लोगों को धूप से बचाने के लिए की नयी पहल सहारनपुर नगर निगम के महापौर डॉ. अजय कुमार व नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर भीषण गरमी से लोगों को राहत के लिए नगर निगम ने एक और नयी व प्रभावी पहल की है। शहर के अनेक प्रमुख चौराहों पर ग्रीन नेट लगायी गयी है, जिससे चिलचिलाती तेज धूप से लोगों को बचाया जा सके। इसके अलावा इन चौराहों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम भी लगाया जा रहा है। जिससे तापमान में न केवल कमी आयेगी बल्कि पानी की हल्की फुहार लोगों को सुखद और शीतलता का अहसास भी करायेगी। बताया कि नगर निगम लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए लगातार ठोस काम कर रहा है। भीषण गरमी को देखते हुए निगम ने एक ऐसी प्रभावी पहल की है जिससे लोगों को निश्चय ही राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर टैªफिक व्यवस्था के चलते लोगों को कुछ देर रुकना पड़ता है। लेकिन तेज धूप और तपिश के कारण थोड़ी देर खड़ा हो पाना भी मुश्किल हो जाता है। इन चौराहों पर प्रतीक्षा के दौरान सिर पर सीधे पड़ने वाली धूप से लोगों को बचाने के लिए मार्गो पर बाई ओर की साइड में ग्रीन नेट लगवायी गयी है।चौराहों पर ग्रीन नेट के साथ ही मिस्ट स्प्रे सिस्टम भी लगवाये जा रहे हैं। मिस्ट स्प्रे से पानी की हल्की फुहार गरमी में लोगों को राहत देने का काम करेगी。 बाईट:-सोनू नगर निगम कर्मचारी बाईट:-वंश कुमार कर्मचारी0
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ग्वालियर में जन्मदिन के मौके पर ताबड़तोड़ फायरिंग, वीडियो वायरल
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर नेताजी ने बर्थडे की खुशी में की ताबड़तोड़ फायरिंग ग्वालियर में फायरिंग का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल ग्वालियर थाना क्षेत्र के घास मंडी इलाके का बताया जा रहा है वीडियो वायरल वीडियो की अभी पुलिस ने नहीं की है कोई पुष्टि वायरल वीडियो में युवक राइफल से फायरिंग करता आया नजर फिलहाल पुलिस द्वारा वायरल वीडियो की जांच पड़ताल की जा रही0
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हरियाणा स्टाफ चयन आयोग ने कांस्टेबल PMT के लिए शॉर्टलिस्ट 5 गुना बढ़ा दी
Noida, Uttar Pradesh:पुलिस कांस्टेबल के PMT के लिए 5 गुना और अभ्यर्थियों की अतिरिक्त शॉर्टलिस्ट जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से लिस्ट को देख सकते हैं। शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट लिस्ट : https://hssc.gov.in/file/ac1f23cd-9d9c-1328-819e-50aabec10022/result व्हाट्सएप चैनल लिंक: https://whatsapp.com/channel/0029VbCckc7LikgCVu7Itp28?utm_source=chatgpt.com0
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राजस्थान हाई कोर्ट ने रात 8 बजे के बाद शराब बिक्री पर कड़ा नियंत्रण निर्देश
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर में निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री के मामलों को गंभीर मानते हुए स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका दायर की है। कोर्ट ने कहा कि शराब का व्यापार सामान्य व्यवसाय नहीं है और इसे सख्त कानूनी नियंत्रण के तहत संचालित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने माना कि नियमों की अनदेखी केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस डॉ. नुपुर भाटी की खंडपीठ ने एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर संज्ञान लिया। समाचार में दावा किया गया था कि रात 8 बजे बाद भी कई शराब ठेकों पर इमरजेंसी विंडो या छोटी खिड़कियों के जरिए शराब बेची जा रही है। रिपोर्ट में जलजोग चौराहा, मिल्कमैन कॉलोनी और अशोक उद्यान क्षेत्र का उल्लेख किया गया, जहां शटर बंद होने के बावजूद शराब बिक्री जारी रहने की बात सामने आई। कोर्ट ने कहा कि यदि बंदी समय के बाद चोरी-छिपे शराब बिक्री हो रही है तो यह कानून के शासन को कमजोर करने वाला मामला है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि इस प्रकार की गतिविधियां पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। खंडपीठ ने माना कि देर रात शराब बिक्री से सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक शांति, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज करते हुए राज्य सरकार, गृह विभाग, आबकारी विभाग, डीजीपी, पुलिस आयुक्त जोधपुर, जिला कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी सहित कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि संबंधित शराब ठेकों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, पिछले तीन वर्षों में कितने निरीक्षण किए गए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। साथ ही कोर्ट ने सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल बिलिंग, ई-पॉस मशीन और रात 8 बजे दुकान बंद होने का फोटो आधारित सत्यापन सिस्टम लागू करने पर भी रिपोर्ट तलब की है। पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त विशेष टीम बनाकर रात में औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को होगी。0
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तारक मेहता ka उल्टा चश्मा: महाकाल के आशीर्वाद से मिला चयन
Ujjain, Madhya Pradesh:तारक मेहता’ में सिलेक्शन का किस्सा सुनाया, बोले — बाबा महाकाल का आशीर्वाद है यह लोकप्रियता उज्जैन। मंदार चंदवाडकर ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन से जुड़ा एक खास अनुभव साझा करते हुए बताया कि महाकाल के दर्शन के बाद ही उन्हें मशहूर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा میں काम करने का मौका मिला था। मंदार चंदवाडकर ने कहा कि वह तीसरी बार बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे हैं और यह स्थान उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि महाकाल दर्शन के बाद जब वह इंदौर गए थे, तभी उन्हें ऑडिशन के लिए फोन आया। ऑडिशन देने के बाद उनका चयन हो गया और यहीं से उनके करियर की नई शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और “भिड़े” के नाम से ज्यादा जानते हैं। यह प्यार और पहचान बाबा महाकाल के आशीर्वाद का ही परिणाम है। मंदार ने दर्शकों का आभार जताते हुए कहा कि पिछले 18 वर्षों से लोगों का स्नेह लगातार मिल रहा है। मंदार चंदवाडकर की पत्नी स्नेहल चंदवाडकर ने भी महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था काफी अच्छी बनाई गई है। कहीं भी धक्कामुक्की जैसी स्थिति नहीं दिखी और हर व्यक्ति को सहज तरीके से दर्शन का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि आगे और पीछे खड़े सभी श्रद्धालुओं को बराबरी से दर्शन हो सकें। बाइट - मंदार चंदवाडकर0
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ग्रेटर नोएडा: ऑनलाइन परीक्षा धांधली गैंग का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा से 7 गिरफ्तार, प्रॉक्सी सर्वर से बाहर बैठकर सॉल्वर करा रहे थे पेपर हल ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ नोएडा यूनिट ने नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 50 लाख रुपए नकद, लैपटॉप, मोबाइल, राउटर और अभ्यर्थियों की सूची बरामद हुई है。 गिरफ्तार आरोपी SSC द्वारा आयोजित CAPF और SSF कांस्टेबल (GD) तथा असम राइफल्स में राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल करा रहे थे। STF के मुताबिक आरोपी परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर प्रॉक्सी सर्वर के जरिए स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन से बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करा रहे थे。 सेंटर संचालक निकला मास्टरमाइंड एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान ने बताया कि वह बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र संचालित करता है। उसने मेरठ कॉलेज से एमकॉम किया है और लंबे समय से ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली करा रहा था। उसकी मुलाकात बागपत निवासी अमित राणा से हुई थी, जिसने परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर बाहर से पेपर सॉल्व कराने की तकनीक विकसित की।आरोपी अरुण कुमार परीक्षा केंद्र पर आईटी हेड के तौर पर काम करता था और वही प्रॉक्सी सर्वर लगाने का काम संभालता था। बताया गया कि वह करीब ढाई साल पहले इसी सेंटर पर इनविजिलेटर बनकर आया था और बाद में गिरोह से जुड़ गया。 4 लाख में होता था ‘पेपर सेट’ एसटीएफ जांच में सामने आया कि गिरोह एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए 4 लाख रुपए तक वसूलता था। इसमें 50 हजार रुपए अभ्यर्थी लाने वाले एजेंट को दिए जाते थे, जबकि बाकी रकम प्रदीप चौहान, अमित राणा और सॉल्वर के बीच बांटी जाती थी。 संदीप भाटी नामक आरोपी का काम ऐसे अभ्यर्थियों को तलाशना था जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहते थे। वह विभिन्न कंपनियों में लैब सुपरवाइजर के तौर पर काम कर चुका है。 दो अभ्यर्थी भी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में दो अभ्यर्थियों शाकिर मलिक और विवेक कुमार को भी गिरफ्तार किया है। दोनों परीक्षा देने पहुंचे थे और गिरोह के जरिए पेपर हल कराने की तैयारी में थे。 ये सामान हुआ बरामद आरोपियों से 50 लाख रुपए नकद ,10 मोबाइल फोन ,5 लैपटॉप ,1 राउटर ,अभ्यर्थियों की सूची ,2 एडमिट कार्ड, Eduquity कंपनी के 4 एंट्री/आईडी कार्ड, इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी प्रदीप चौहान, मुजफ्फरनगर अरुण कुमार, मथुरा संदीप भाटी, बुलंदशहर निशांत राघव, बुलंदशहर अमित राणा, बागपत शाकिर मलिक, बागपत विवेक कुमार, बुलंदशहर एसटीएफ ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में बीएनएस, आईटी एक्ट और भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम संबंधी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है。0
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करुक्षेत्र के सुपर-100 स्कूल से छात्राएं भागी, परिजनों का हंगामा; संस्थान पर गंभीर आरोप
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र। जिले के गांव बारना स्थित सुपर-100 स्कूल से बीती 17 मई को एक और वीरवार की शाम को दो छात्राओं के दीवार फांदकर भागने के मामले सामने आए हैं। वहीं छात्राओं द्वारा लिखे गए पत्र और वायरल ऑडियो ने संस्थान की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी छात्रा ने पत्र में अपने परिजनों के नंबर लिखकर उसपर मौत जैसी बात लिखी, तो किसी ने मन नहीं लग रहा और नवोदय वापस भेजो की मांग उठाई। इसके बाद शुक्रवार को कई जिलों से पहुंचे परिजनों ने सुपर-100 परिसर के बाहर हंगामा किया। आरोप है कि करीब चार घंटे तक उन्हें बच्चों से मिलने नहीं दिया गया। बाद में उप जिला शिक्षा अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद अभिभावकों को छात्राओं से मिलवाया गया और तीन बच्चों को उनके साथ घर भेजा गया। वहीं बाहर आई एक छात्रा ने संस्थान में पिटाई किए जाने का भी आरोप लगाया है। 17 मई को करनाल के फफड़ाना गांव के राजन की बेटी परिसर से भागकर घर पहुंची थी। आरोप है कि संस्थान प्रबंधन ने करीब 17 घंटे तक परिजनों को इसकी सूचना तक नहीं दी। बाद में फोन कर पूछा गया कि क्या आपकी बेटी घर पहुंच गई है। वहीं राजन ने बताया कि उनकी बेटी ने पास में लगते किसी डेरे में जाकर रात को करीब 10 बजे वहां से निकलने की सूचना दी और उन्होंने मौके पर जाकर रात को बेटी को घर लेकर आए। साथ ही बताया कि उनकी बेटी पिछले चार दिन के असंध के एक निजी अस्पताल में दाखिल है और वह अभी तक बहुत ज्यादा घबराई हुई है। इसके बाद वीरवार शाम चार बजे के करीब नूंह के तावडू और जींद क्षेत्र की दो अन्य छात्राएं भी दीवार फांदकर परिसर से निकल गईं। तावडू की रहने वाली महिला रजनी ने बताया कि उनकी बेटी शाम को जींद की रहने वाली एक अन्य छात्रा के साथ भाग निकली थी। इससे पहले भी करनाल की भागी छात्रा के परिजनों ने भी उन्हें फोन कर बेटी के परेशान होने की सूचना दी थी। इस पर उन्होंने संस्थान में कई बार फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की थी। परंतु किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। वीरवार की शाम सवा चार बजे के करीब किसी अंजान नंबर से फोन आया और सामने से बेटी ने कहा कि हम भाग आई है। इसके बाद वह मौके पर पहुंची और अपनी बेटी को अपने साथ लेकर नहूं वापस गई। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी को रात को कोई अच्छा इंसान नहीं मिलता तो उसके साथ कुछ भी हो सकता था। साथ ही रजनी ने बताया कि संस्थान ने उन्हें शनिवार सुबह नौ बजे के करीब बेटी के संस्थान से भागने की सूचना दी गई और सवाल करने पर कोई जवाब न देकर फोन काट दिया। परिजनों का आरोप है कि संस्थान बच्चों को मानसिक दबाव में रख रहा है और शिकायत करने पर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट तक देने से इनकार किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि उनसे जबरन लिखित बयान और वीडियो मांगे जा रहे हैं कि वे अपनी मर्जी से बच्चों को ले जा रहे हैं तथा संस्थान से कोई शिकायत नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक का कहना है कि उन्हें हंगामें की सूचना मिली थी। उन्होंने मौके पर उप जिला शिक्षा अधिकारी को भेज कर मामला शांत करवाया और दो से तीन बच्चों को परिजनों के साथ वापस भेजा गया। वहीं संस्थान परिसर ने किसी भी तरह से बात करने से मना कर दिया।0
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ACB traps HOD and Professor in Modi University taking 20 thousand rupees bribe
Tonk, Rajasthan:मोदी यूनिवर्सिटी में ACB ने HOD और प्रोफेसर को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया. शिक्षा के मंदिर में चल रहा रिश्वत का खेल, पीड़ित ने इसकी शिकायत ACB को कर दी और ACB ने सत्यापन के बाद ट्रेप की कार्यवाही को अंजाम दिया. टोंक के निवाई स्थित डॉ. केदार नारायण मोदी यूनिवर्सिटी के बीएड विभाग के HOD मीना गगवाल और प्रोफेसर रमेश मीणा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया. बीएड विभाग के HOD और प्रोफेसर दोनों ने एग्जाम सेटल कराने की एवज में रिश्वत की मांग की थी. यह कार्रवाई ACB के ASP ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में की गई, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया. एडिशनल एसपी ऋषिराज मीणा ने कहा कि टोंक के KN मोदी यूनिवर्सिटी में एक छात्र के कुछ समय अनुपस्थित रहने के कारण उसे एग्जाम में एडमिट नहीं करवाया जा रहा था और एग्जाम में बैठाने के लिए 20 हजार रुपये मांगे गए. परिवादी ने हमारे यहाँ परिवाद दिया और सत्यापन के बाद कार्रवाई की. एक छात्रा के बारे में भी जानकारी मिली है जिसे भी एग्जाम में बैठने से रोका गया था; हमने जी रजिस्टर जब्त किया है और आगे जांच में सभी अनियमितताओं की जांच की जाएगी. आज की कार्रवाई में बीएड विभाग की HOD मीना गंगवाल और प्रोफेसर रमेश मीणा को 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया.0
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राजस्थान हाईकोर्ट सिरोही फैक्ट्री के खतरनाक कचरे के तत्काल हटाने का आदेश देता है
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही जिले में एक फैक्ट्री परिसर में पड़े खतरनाक रासायनिक कचरे के मामले को गंभीर मानते हुए उसके तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए हैं।न्यायाधीश जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने कहा कि आईआईटी जोधपुर और अन्य समिति सदस्यों द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक फील्ड रिपोर्ट आंखें खोल देने वाली है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट पाया गया कि निजी प्रतिवादी द्वारा खतरनाक अपशिष्ट छोड़े जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार फैक्ट्री परिसर में पड़ा यह खतरनाक कचरा आसपास के क्षेत्रों में रिसाव और भूजल प्रदूषण का कारण बन सकता है, इसलिए इसे तुरंत हटाना आवश्यक है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या-7 की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एम.एस. सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि अधिकृत एजेंसी आरएएमकेवाई/मैसर्स री सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड, राजस्थान वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, टीएसडीएफ उदयपुर को यह कार्य सौंपा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी प्रक्रिया राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में करवाई जाएगी। खंडपीठ ने इस पर सहमति जताते हुए आदेश दिया कि प्रतिवादी संख्या-7 अधिकृत एजेंसी के माध्यम से फैक्ट्री परिसर से समस्त खतरनाक कचरा हटवाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री परिसर की जब्ती केवल इस सीमा तक शिथिल की जाएगी ताकि अधिकृत एजेंसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वहां प्रवेश कर कचरा हटाने की कार्रवाई कर सकें। कचरा हटाने का पूरा खर्च भी प्रतिवादी संख्या-7 को ही वहन करना होगा। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि परिसर में पड़े समस्त खतरनाक अपशिष्ट को यथाशीघ्र हटाया जाए और यहकार्य अधिमानतः चार सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशन के तहत अधिकृत स्थान पर ही किया जाए। कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या-7 को तत्काल प्रभाव से ऐसे उपचारात्मक कदम उठाने के लिए भी कहा है, जिससे फैक्ट्री परिसर या आसपास के क्षेत्रों में पहले से मौजूद खतरनाक पदार्थों का और अधिक रिसाव न हो सके। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिकृत एजेंसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस कार्य में पूरा सहयोग दें। खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संबंधित फैक्ट्री को कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना दोबारा संचालित नहीं किया सकेगा। मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता हरिसिंह सोढा की ओर से अधिवक्ता दिग्विजय सिंह जसोल एवं अधिवक्ता राजेश परिहार ने पैरवी की।0
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