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Amethi: पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 60 कीमती मोबाइल बरामद
Raj Garh, Uttar Pradesh:अमेठी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 60 गायब हुए कीमती मोबाइल फोन बरामद किए। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने पुलिस ऑफिस सभागार में इन सभी मोबाइल को उनके मालिकों को सौंपा। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर सभी लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
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करहिडीह हत्या मामला: 16 वर्षीय आरोपी ने जुर्म कबूल किया, मां गिरफ्तार
Durg, Chhattisgarh:एंकर-से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पिछले दिनों हुए हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है जिसमें एक महिला और एक नाबालिक को गिरफ्तार किया गया है वही वारदात को दो नाबालिक दोस्तों ने मिलकर अंजाम दिया था वारदात में शामिल दूसरे नाबालिक की तलाश की जा रही है दरअसल 26 अप्रैल को करहिडीह के सांस्कृतिक मंच के पीछे पत्थर से कुचली हुई लाश मिली थी जिसकी सूचना आसपास के लोगों ने पुलिस को दी मौके पर पुलिस पहुंची और विवेचना करने पर मृतक की पहचान नारायण निषाद के रूप में हुई हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई जांच में एक 16 साल के नाबालिग पर शक हुआ तो पुलिस ने नाबालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को बताया कि 25 अप्रैल की रात मृतक नारायण निषाद अपने दोस्तों को साथ बैठकर शराब पी रहा था कुछ देर के बाद सभी वहां से चले गए लेकिन नारायण निषाद नशे में था इसलिए वह वहीं जमीन पर लेट गया इसी दौरान दोनों नाबालिक दोस्त वहां पहुंचे और नारायण निषाद की जेब में पैसे देखकर वह दोनों लालच में आ गए और उसकी जेब से पैसे निकालने की कोशिश कर रहे थे तभी नारायण निषाद को होश आ गया और उसने उन्हें पकड़ लिया इसी वजह से दोनों नाबालिक दोस्तों ने मिलकर पहले तो मृतक के साथ मारपीट की और गमछा से पैर बांध क पत्थर से सर को कुचल कर उसकी हत्या कर दी इतना ही नहीं जांच में यह भी सामने आए की नाबालिक की मां सावित्री देवी निषाद ने साक्षय छुपाते हुए आरोपी बेटे के खून से सने हुए कपड़े और जूते को जला दिया था फिलहाल पुलिस ने नाबालिक बेटे और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया आरोपी मां को सेंट्रल जेल तो वही आरोपी नाबालिक को बाल संप्रेषण सुधार करें भेजने की तैयारी की जा रही है है वहीं दूसरे आरोपी की तलाश जारी है.0
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बलरामपुर के आखिरी गांव में जीवन ठहर गया: बिजली, इंटरनेट और इलाज का डर
Balrampur, Uttar Pradesh:ज़ी मीडिया की ग्राउंड रिपोर्ट मूलभूत सुविधाओं को तरसता बलरामपुर का आखिरी गांव,लोग बोले - “गांव में रहें तो दुनिया से कट जाते हैं, बाहर जाएं तो गांव से…” — आजादी के 78 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसता भुसहर ऊचई जहां देश आज डिजिटल इंडिया, 5G और विकास की ऊंची उड़ान की भर रहा है। शहरों में इंटरनेट की रफ्तार बढ़ रही है, सड़कें चमक रही हैं और सुविधाएं घर-घर पहुंच रही हैं। लेकिन इसी देश के एक कोने में, बलरामपुर जनपद का एक गांव ऐसा भी है जहां आज भी जिंदगी मानो ठहर सी गई है। जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर, नेपाल बॉर्डर से लगभग 5 किलोमीटर पहले स्थित विकासखंड पचपेड़वा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भुसहर ऊचई की हकीकत दिल को झकझोर دینے वाली है। यह ग्राम पंचायत नेपाल बॉर्डर सीमा से महज 5 किलोमीटर पहले है। इसे बलरामपुर का आखिरी गांव भी माना जा सकता है। ज़ी मीडिया की टीम जब इस गांव की सच्चाई जानने के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंची, तो वहां तक पहुंचना ही एक संघर्ष बन गया। टूटी-फूटी, जंगल से जाते हुए रास्ते और ऊबड़-खाबड़ रास्ते इस बात की गवाही दे रहे थे कि यहां विकास अभी तक पहुंचा ही नहीं। कई जगहों पर रास्ता इतना खराब था कि गाड़ी आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया, और टीम को पैदल ही सफर तय करना पड़ा। गांव पहुंचने के बाद जो तस्वीर सामने आई, वह और भी ज्यादा चिंता जनक थी। यहां के लोगों की जिंदगी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में घुट रही है। बिजली के खंभे जरूर खड़े हैं, तार भी जुड़े हैं, लेकिन रोशनी नाम की चीज यहां मुश्किल से ही नसीब होती है। लो वोल्टेज की समस्या इतनी गंभीर है कि पंखा, टीवी, फ्रिज या पानी का मोटर चलाना तो दूर, बल्ब तक ठीक से नहीं जल पाता। लेकिन इस गांव की सबसे बड़ी और सबसे तकलीफदेह समस्या है—मोबाइल नेटवर्क का न होना।आज जब दुनिया एक क्लिक पर सिमट गई है, यहां के लोग एक कॉल के लिए तरस रहे हैं। गांव के निवासी हेमेंद्र कुमार कहते हैं, “अगर हमें किसी से बात करनी हो तो हमें ऊंचे पेड़ पर चढ़ना पड़ता है या 4-5 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांव में कोई नेटवर्क नहीं आता।” पेड़ पर चढ़कर बात करना हमेशा डर और खतरा बना रहता है। दिल बहादुर की आवाज में दर्द साफ झलकता है, “हम लोग देश-दुनिया से कटे हुए हैं। कोई जानकारी नहीं मिल पाती। किसी से संपर्क करना हो तो घंटों भटकना पड़ता है।” वहीं, महिला रामकली बताती हैं, “अगर घर का सामान लाना हो तो 5-6 किलोमीटर पैदल जाना पड़ता है। तब कहीं जाकर कोई साधन मिलता है।” इन सबके बीच सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। ऑनलाइन शिक्षा का दौर चल रहा है, लेकिन इस गांव के बच्चों के लिए ‘ऑनलाइन’ सिर्फ एक शब्द है, हकीकत नहीं। नेटवर्क न होने के कारण वे पढ़ाई में पीछे छूटते जा रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में यहां हालात और भी भयावह हो जाते हैं। एंबुलेंस बुलाना तो दूर, किसी को फोन तक नहीं किया जा सकता। कई बार मरीज को खाट या साइकिल के सहारे कई किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिलने से जान का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीण बताते हैं कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया। गांव की टूटी सड़कें, अंधेरे में डूबे घर और नेटवर्क के लिए पेड़ों पर चढ़ते लोग—ये तस्वीरें आजादी के 78 साल बाद भी एक कड़वी सच्चाई बयां कर रही हैं। ग्रामीणों के शब्दों में उनकी पीड़ा साफ झलकती है—“अगर गांव में रहें तो दुनिया से कट जाते हैं, और अगर बाहर जाएं तो अपने गांव से कट जाते हैं।” यह सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि वो तमाम गांवों की आवाज है जो आज भी विकास की राह देख रहे हैं। ज़ी मीडिया की यह ग्राउंड रिपोर्ट प्रशासन और जिम्मेदारों के सामने एक आईना है—जिसमें साफ दिख रहा है कि विकास की चमक अभी भी कई गांवों तक पहुंचनी बाकी है।0
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चास थाना के पास 16 वर्षीय छात्र का अपहरण प्रयास, बच्चा सुरक्षित बचा
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के चास मुफस्सिल थाना के पास से छात्र के अपहरण की कोशिश, बाल-बाल बचा किशोर; पुलिस महकमे में हड़कंप. बोकारो जिले में बेखौफ अपराधियों ने पुलिस को सीधी चुनौती देते हुए थाने के ठीक पीछे ही अपहरण की एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की कोशिश की है। घटना चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र की है, जहां मंगलवार शाम करीब 6:30 / 7 बजे अपराधियों ने एक 10वीं के MGM स्कूल सेक्टर 4 का छात्र को अगवा करने का प्रयास किया। ट्यूशन से लौटते वक्त हमला. जानकारी के अनुसार, कालापत्थर स्थित नगर निगम सोसाइटी निवासी संजीव कुमार सिन्हा का 16 वर्षीय पुत्र, सर्वज्ञा सिन्हा, चास से ट्यूशन पढ़कर साइकिल से घर लौट रहा था। इसी दौरान NH-32 स्थित मुफस्सिल थाना के समीप पहले से घात लगाए बैठे एक काली रंग की स्कॉर्पियो में सवार बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश की। संघर्ष कर बचाई जान करिश्मा नहीं हारी और अपराधियों के चंगुल से छूटने के लिए कड़ा संघर्ष किया। छीना-झपटी के दौरान छात्र के हाथ में चोट भी आई है, लेकिन वह किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंचने में सफल रहा। घटना के बाद से ही छात्र गहरे सदमे और दहशत में है। परिजनों ने तुरंत स्थानीय थाने को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। छात्र के पिता ने मांग की है कि पुलिस क्षेत्र के CCTV फुटेज खंगाले और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे। पुलिस का पक्ष: मामले की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है; पुलिस जांच में जुटी है। थाना के इतने करीब हुई इस वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस संदिग्ध वाहन की तलाश कर रही है।0
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वाशिम में अनुदानित खाद की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई, 4 लोगों पर मामला दर्ज
Washim, Maharashtra:वाशिममें अनुदानित रासायनिक खतांची ई-पॉस प्रणालीविना बेकायदेशीर विक्री होत असल्याची माहिती मिळाल्यानंतर कृषी विभागाने धाड टाकून कारवाई केली. या प्रकरणी चार जणांविरुद्ध वाशिम शहर पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. ज्ञानेश्वर देवळे, मनोज कोरतकर, अमोल राठोड आणि पूजा राठोड यांच्यावर अत्यावश्यक वस्तू अधिनियम १९५५, खत नियंत्रण आदेश १९८५ आणि खत वाहतूक नियंत्रण आदेश १९७३ अंतर्गत गुन्हा नोंदविण्यात आला. ही कारवाई कृषी विकास अधिकारी अभिजित देवगिरकर यांच्या पथकाने केली असून, पुढेही बेकायदेशीर खत विक्रीविरोधात कठोर कारवाई सुरू राहणार असल्याचा इशारा प्रशासनाने दिला आहे.0
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निवृत्त न्यायधीश के बंगले में अवैध गर्भपात केंद्र का पर्दाफाश; 4 गिरफ्तार
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजी नगरातील रशीदपुरा भागात एक निवृत्त न्यायाधीशांचा बंगला भाड्याने घेऊन चालवण्यात येत असलेल्या अवैध गर्भपात केंद्राचा पोलिसांनी छापा टाकून पर्दाफाश केला. केंद्र चालवणारी शाहेदा परवीन गर्भपातानंतर गर्भथेट खिडकीतून पाठीमागच्या नाल्यात फेकत होती. तेथे टपून बसलेली भटक्या कुत्र्यांची टोळी गर्भाचे लचके तोडून विल्हेवाट लावत असल्याची माहिती एक महिलेने पोलिस आयुक्तांना फोन करून दिल्यानंतर पोलिसांनी ही कारवाई केली. या प्रकरणी ४ जणांना अटक केली असून त्यांना ७दिवसांची पोलिस कोठडी सुनावली आहे. धक्कादायक म्हणजे एक महिलेचा गर्भपात प्रयत्न केल्यानंतर ती महिला अस्वस्थ झाली तिला सरकारी रुग्णालयात दाखल करण्यात आले, त्या अवैध गर्भपात करण्यात आलेल्या महिलेच्या पोटात मुलगा होता, पण मुलगी असल्याचे सांगून तिचा गर्भपात करण्यात आला ही बाब सुद्धा आता पुढे आली आहे...0
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बाराबंकी गैस संकट के बीच शादी बनी मिसाल, दूल्हे की शर्त पर दुल्हन का जवाब
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी में भीषण गर्मी और रसोई गैस की किल्लत के बीच जिले में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई है। Here सात फेरे लेने से पहले दूल्हे ने दुल्हन के सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन दुल्हन ने समझदारी दिखाते हुए न सिर्फ शर्त स्वीकार की, बल्कि रिश्तों में सहयोग और समझ की एक मिसाल भी पेश कर दी। जिससे एक बार फिर साफ हो गया कि रिश्तों की मजबूती बड़े वादों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे हालात में एक-दूसरे का साथ निभाने से तय होती है। मामला बाराबंकी में थाना लोनी कटरा क्षेत्र के खैरा बीरू गांव का है, जहां रहने वाले दूल्हे अशोक की शादी लक्ष्मी से तय हुई थी। शादी की तैयारियों के बीच दूल्हे को रसोई गैस सिलेंडर लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दिनों तक गैस एजेंसी के चक्कर लगाने, लंबी लाइन में खड़े रहने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया। इसी से प्रभावित होकर दूल्हे ने जयमाल से ठीक पहले दुल्हन के सामने एक शर्त रख दी। उसने पूछा कि यदि भविष्य में गैस सिलेंडर की ऐसी ही किल्लत हो जाए, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी? यह सवाल सुनकर कुछ पल के लिए वहां मौजूद बाराती और घराती चौंक गए। लेकिन दुल्हन लक्ष्मी ने बिना हिचकिचाए जवाब दिया कि वह न सिर्फ चूल्हे पर खाना बना सकती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर खेत में काम करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। दुल्हन के इस आत्मविश्वास भरे जवाब ने माहौल को सहज कर दिया। दूल्हा संतुष्ट हुआ और इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाल की रस्म संपन्न हुई। शादी समारोह खुशी और उत्साह के साथ आगे बढ़ा। ग्रामीणों के अनुसार, भले ही यह शर्त सुनने में अलग लगे, लेकिन इसमें एक गहरा संदेश छिपा है। आज के समय में जहां छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दरार आ जाती है, वहीं इस जोड़े ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और एक-दूसरे का साथ निभाने की मिसाल पेश की है। यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे एक दिलचस्प और प्रेरणादायक घटना के रूप में देख रहे हैं। यह कहानी साफ तौर पर दिखाती है कि घरेलू समस्याएं कितनी भी बड़ी क्यों न हों, आपसी समझ, सहयोग और विश्वास से हर चुनौती को आसानी से पार किया जा सकता है。0
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अमरोहा में आधी रात बदला मौसम का मिजाज, तेज हवाओं के बाद मूसलाधार बारिश से गर्मी से मिली राहत
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा में आधी रात बदला मौसम का मिजाज, तेज हवाओं के बाद मूसलाधार बारिश से गर्मी से मिली राहत अमरोहा में बुधवार आधी रात के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। देर रात तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज हवा और बारिश के चलते कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज हवाओं के कारण कुछ जगहों पर पेड़ की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आईं। देर रात हुई इस बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।0
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चरखी दादरी में बारिश से अनाज मंडियों की फसल भारी नुकसान, करोड़ों क्विंटल भीगी
Charkhi, Haryana:जिला चरखी दादरी में अल सुबह हुई तेज बारिश के कारण नई अनाज मंडियों में रखी गेहूं और सरसों की लाखों क्विंटल फसल भीगी सरकार को लाखों का नुकसान। बारिश के कारण गेहूं और सरसों की ढ़ेरिया पानी में तैरती नजर आई जिला चरखी दादरी की अनाज मंदिरों में करीब 3 लाख 40 हजार क्विंटल अनाज भीगा। प्रशासन बार-बार कर रहा था दावे बारिश के बाद दावे हुए फेल कर्मचारी और आढ़तियों की बैठक लेकर निर्देश देने के बावजूद नहीं हुई आदेशों की पालना एक भी ढ़ेरी पर नजर नहीं आया0
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अराबुल इस्लाम के क्षेत्र में मतदान से पहले डराने-धमकाने के आरोप, सुरक्षा चाक-चौबंद
Kolkata, West Bengal:ওয়ার রুমে সারারাত জেগে বসে আছেন ক্যানিং পূর্ব বিধানসভা কেন্দ্রের ইন্ডিয়ান সেক্যুলার ফ্রন্ট প্রার্থী আরাবুল ইসলাম। তার অভিযোগ সারারাত এলাকার ভোটার এবং তার বুথ এজেন্ট দের ক্রমাগত ভয় দেখানো হচ্ছে। এতদিন ক্যানিং পূর্বের মানুষ সেইভাবে ভোট দিতেই পারেননি। এবার নির্বাচন কমিশনের অভূতপূর্ব নিরাপত্তা ব্যবস্থাায় মানুষ ভোট দেওয়ার জন্য এককাট্টা। তাই ভোট শুরু হওয়ার আগে তাদের ভয় দেখিয়ে বুথ থেকে দূরে রাখার অপচেষ্টা চলছে।0
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ISF उम्मीदवार ने TMC पर बूथ एजेंटों को धमकाने का आरोप, भांगर में तनाव बढ़ा
Bausahar, West Bengal:ISF उम्मीदवार ने TMC पर अपने बूथ एजेंटो को धमकाने का आरोप लगाया भांगौर में बम बाजी करती है TMC... ISF उम्मीदवार नौशाद सिद्दकी का आरोप... भांगौर में TMC केंडिडेट शौकत मुल्ला वोटरों और ISF बूथ एजेंटो को धमका रहे है... आज भी चुनाव प्रभावित करने की आशंका..0
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सूचना उपलब्ध नहीं: सामग्री में समाचार नहीं मिला
Balotra, Rajasthan:0
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बैतूल के आठनेर में नरवाई आग, कई एकड़ खेत जले, दमकल ने बुझाई आग
Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले में आठनेर थाना क्षेत्र में कई एकड़ में नरवाई जली। देर रात अज्ञात कारणों से लगी आग ने लिया विकराल रूप। कुछ ही समय में आग ने इलाके के कई खेतों को लिया चपेट में। आग की लपटें कई किमी दूर से दिखाई दी। खेतों में रखे कृषि उपकरण और मवेशियों का चारा भी आगजनी में जला। बैतूल और आठनेर की फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया。0
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कोडरमा में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग परेशान, 1000 मेगावाट प्लांट भी ढीली सप्लाई
Koderma, Jharkhand:कोडरमा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। इसके अलावे जिले में 1000 मेगावाट का पावर प्लांट होने के बावजूद बिजली कटौती लोगों को ज्यादा खल रही है। वीओ :- 1 कोडरमा जिले में 1000 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट से उत्पादित बिजली राज्य के अन्य जिलों के अलावे दूसरे प्रदेशों में भेजी जाती है, लेकिन जिस जिले में यह पावर प्लांट अवस्थित है, उस जिले में अगर 24 घंटे में 10 घंटे से भी कम बिजली मिले तो यह बात ज्यादा परेशान करती है। पावर प्लांट के कारण जिले के औसत तापमान में भी तकरीबन 5 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ है। ऐसे में यहाँ के लोग ज्यादा गर्मी झेलने के बावजूद बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। बाइट :- स्थानीय निवासी वीओ :- 2 अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण घर और प्रतिष्ठानों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शोभा की वस्तु बन कर रह गए हैं। इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। आम लोगों की माने तो तार बदलने का कार्य जाड़े के मौसम में भी किया जा सकता है, लेकिन इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती कर मेंटेनेंस का कार्य न्याय संगत नहीं है। बाइट :- स्थानीय निवासी वीओ :- 3 इधर अघोषित बिजली कटौती के कारण सोलर के प्रति लोगों की निर्भरता भी बढ़ी है। सोलर पैनल व्यवसाय से जुड़े लोग भी प्रधानमंत्री सौर्य घर योजना से जुड़कर लोगों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की सलाह दे रहे हैं। बाइट :- स्थानीय व्यवसाई वीओ :- 4 जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 90 मेगावाट की बिजली की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में महत्त्व 60 से 65 मेगावाट ही बिजली की सप्लाई मिल रही है। ऐसे में लोड शेडिंग के जरिए जिले के अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। विभाग के एसडीओ गजेंद्र टोप्पो ने कहा कि शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाके में लोड बढ़ने के साथ बिजली आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में हर तरह के प्रयास किया जा रहे हैं। बाइट :- गजेंद्र टोप्पो, एसडीओ, इलेक्ट्रिक फाइनल वीओ :- एक तरफ पूरे झारखंड में देह झुलसने वाली गर्मी पड़ रही है, तो दूसरी तरफ एसी और फ्रिज के जरिए लोग गर्मी से राहत पाने की जुगत में है, लेकिन बिजली कटौती लोगों को गर्मी से राहत देने में नाकाम साबित हो रहा है।0
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पश्चिम चंपारण के जीएमसीएच में डॉक्टरों की भारी कमी, मरीजों को मिल रहा भारी दबाव
Bettiah, Bihar:पश्चिम चंपारण का जीएमसीएच सरकार की अनदेखी की वजह से आंसू बहा रहा है लाखों की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है पश्चिम चंपारण पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के लाखो की बड़ी आबादी इस बड़े अस्पताल पर निर्भर है लेकिन इस अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मचारियों की भारी कमी है 2019 में एमजेके अस्पताल गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज में तब्दील हुआ . अस्पताल का नाम तो बड़ा हो गया लेकिन इसके दर्शन आज भी छोटे है. ऊंची ऊंची इमारतें है लेकिन कर्मचारी नहीं है। जीएमसीएच में लगभग छह सौ छात्र छात्राएं डॉक्टर बनने का सपना लेकर पढ़ाई कर रहे है लेकिन वो कैसे डॉक्टर बनेंगे यह तो भविष्य के गर्भ में है क्योंकि उनको पढ़ाने वाले प्रोफेसर और प्राध्यापकों की भारी कमी है मेडिकल कॉलेज सिर्फ 21 प्रोफेसर के भरोसे चल रहा है छह सौ छात्र छात्राओं पर मात्र 21 प्रोफेसर है। बतादे की MBBS के 13 विभाग है और PG के आठ विभाग है इसके लिए 57 पद स्वीकृत है लेकिन मात्र यहां पर 20 पदों पर ही बहाली है 37 पद खाली है। कॉलेज में PG MBBS के लिए प्रोफेसर सह प्राध्यापक का 127 पद स्वीकृत है इसमें 86 पद रिक्त है। वहीं कर्मचारियों के लिए 197 पद है लेकिन 133 पद रिक्त है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि कॉलेज में डॉक्टर बनने का सपना लिए आए छह सौ छात्र छात्राएं भविष्य में कैसे डॉक्टर बनेंगे उनकी दक्षता कैसी होगी उस पर सवाल खड़े हो रहे है। जीएमसीएच अस्पताल की बात करें तो अस्पताल चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है जीएमसीएच अस्पताल में 972 पद स्वीकृत है लेकिन इस अस्पताल में 653 पद रिक्त पड़े है मात्र 319 चिकित्सकों और कर्मचारियों के भरोसे यह अस्पताल चल रहा है यहां पर 319 चिकित्सक और स्वास्थ कर्मचारी 24 घंटे मरीजों की सेवा दे रहे है लेकिन ये सभी लगातार काम से भारी दबाव और डिप्रेशन में है। जीएमसीएच 2025 में पूरे बिहार में नार्मल डिलेवरी के मामले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था चिकित्सकों और कर्मचारियों के भारी किल्लत के बावजूद 2025 में इस अस्पताल में 11859 प्रसव हुआ था जिसमें 2287 सिजेरियन हुआ था इस अस्पताल में एक दिन में 64 नार्मल डिलेवरी और 26 सिजेरियन डिलीवरी हुआ है जो पूरे बिहार में एक रिकॉर्ड है। बिहार का यह जीएमसीएच जिस पर लाखों की बड़ी आबादी निर्भर है जहां 2025 में 6 लाख मरीजों का इलाज हुआ है उस अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मचारियों की भारी किल्लत सरकार पर सवाल खड़े कर रहे है. अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी 24 घंटे कार्य कर बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रहे है लेकिन सरकारी उदासीनता की वजह से कई विभागों रिक्त पड़े है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर सुधा भारती ने बताया कि कॉलेज में प्रोफेसर प्राध्यापक और कर्मचारी की भारी कमी है लेकिन उसके बावजूद छह सौ छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा दी जा रही है. वही जीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी है इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर सुविधा दे रही है प्रतिदिन हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बिहार के स्वास्थ विभाग को जीएमसीएच को देखना होगा इसकी कमियों को दूर करना होगा कॉलेज में रिक्त पदों को भरना होगा तो अस्पताल में भी रिक्त पदों पर बहाली करनी होगी ताकि लाखों की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ सुविधा मिल सके।0
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उत्तरी दिल्ली में हल्की बारिश से गर्मी में अस्थायी राहत, लू की संभावना
Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली में मौसम ने भले ही राहत की ठंडी फुहार दी हो, लेकिन ये सुकून ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं दिख रहा। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ एक अस्थायी राहत है। एक तरह से गर्मी के लंबे दौर के बीच छोटा सा ब्रेक। बुधवार सुबह की रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी है। जहां पिछले दिनों तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचकर लोगों का जीना मुश्किल कर रहा था, वहीं आज अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री रहने का अनुमान है। सड़कों पर भी मौसम के बदले मिजाज का असर साफ देखने को मिला—लोग सुबह की ठंडी हवा का आनंद लेते नजर आए, बाजारों में हल्की चहल-पहल बढ़ी और माहौल कुछ खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग का साफ कहना है कि दिल्ली में धूप-छांव और हल्की बारिश का ये सिलसिला 4 मई तक जारी रह सकता है। हालांकि इसके बाद एक बार फिर गर्मी अपने तेवर दिखा सकती है। यानी आने वाले दिनों में तापमान दोबारा तेजी से बढ़ने की संभावना है और लू का असर भी लौट सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है, जिसमें हल्की बारिश और आंधी देखने को मिलती है। लेकिन ये मानसून की दस्तक नहीं है, इसलिए इससे स्थायी राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। यानि साफ है, फिलहाल मौसम ने राहत की सांस दी है, लेकिन गर्मी की असली परीक्षा अभी बाकी है। दिल्लीवासियों को आने वाले दिनों में फिर से तपती धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।0
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