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VishwanathVishwanathFollow28 Dec 2024, 06:06 pm
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अमरनाथ यात्रा से पहले श्रद्धालुओं की मेडिकल जांच तेज, अब तक 1100 से अधिक का परीक्षण

Nitin DixitNitin DixitFollowJust now
Bharthana, Uttar Pradesh:भरथना। आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इटावा जिला अस्पताल में निशुल्क चिकित्सीय परीक्षण लगातार किया जा रहा है। अब तक 1100 से अधिक श्रद्धालु अपनी मेडिकल जांच करा चुके हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में मेडिकल कराने पहुंचे बाबा अमरनाथ बर्फानी सेवा समिति, भरथना के अध्यक्ष व सभासद सुशील पोरवाल ‘नानूबाबा’ ने बताया कि जुलाई माह से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की फिटनेस जांच अनिवार्य है। इसके लिए जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 56 में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को निशुल्क मेडिकल जांच की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा चयनित चिकित्सीय दल में डॉ. बलराज सिंह, फिजिशियन डॉ. अजय शर्मा, डॉ. विकास राजपूत, सर्जन डॉ. अनूप शर्मा, डॉ. मंगल सिंह, आर्थो विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मल्होत्रा, डॉ. दीपक गुप्ता सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दे रहे हैं। शुक्रवार को करीब 128 श्रद्धालुओं ने अपना मेडिकल चेकअप कराया। समिति पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से समय रहते जांच कराकर यात्रा की तैयारियां पूरी करने की अपील की है
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तोरन साहू के कार्यालय में घुसना, पूनम बंजारे ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।छत्तीसगढ़ आवास बोर्ड की सहायक स्टेट मैनेजर श्रीमती पूनम बंजारे ने एक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल 2016 को दोपहर करीब 1 बजे, जब वह अपने कार्यालय में शासकीय कार्य कर रही थीं, तभी तोरन साहू बिना अनुमति उनके कक्ष में प्रवेश कर गए। आरोप है कि उन्होंने कार्यालयीन कार्य में बाधा डालते हुए अभद्र और अपमानजनक व्यवहार किया।श्रीमती बंजारे के अनुसार, आरोपी ने उनकी मेज पर बादाम फेंकते हुए उनका मजाक उड़ाया और फाइल खोजने को लेकर टिप्पणी की, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और अपमान का सामना करना पड़ा।इतना ही नहीं, उन्होंने बिना सहमति के घटना का वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। हाल ही में उक्त वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित कर उन पर रिश्वत लेने का झूठा आरोप लगाया गया, जिससे उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है।पीड़िता ने इसे आपराधिक धमकी, मानहानि और निजता के उल्लंघन का मामला बताते हुए पुलिस से एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई, आपत्तिजनक सामग्री हटाने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। बाइट - पूनम बंजारे पीड़ित
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झिरी के कच्चे मकान में भीषण आग, दो मवेशी झुलसे; प्रशासन ने मुआवजे का भरोसा दिया

Dholpur, Rajasthan:सरमथुरा के झिरी गांव में अज्ञात कारणों से एक कच्चे मकान में भीषण आग लग गई। आगजनी में मकान में रखा करीब 20 मन तूरी, कपड़े और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग ने पास में बंधी दो मवेशियों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गईं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पीड़ित परिवार का सारा सामान जल चुका था। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी एवं सरपंच प्रतिनिधि संजू सिंह जादौन मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार झिरी गांव निवासी हरिज्ञान राजपूत को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग को नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पीड़ित को मुआवजा दिलाया जा सके।
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महिला आरक्षण बिल फेल: निशंक बोले विपक्ष गहरा गड्ढा खोद रहा, महिलाओं का प्रतिनिधित्व ज़रूरी

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ, UP: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर BJP नेता डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, "... विपक्ष ने अपने भविष्य के लिए गहरा गड्ढा खोद लिया है। जब हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, तो इसका मतलब हर लेवल पर प्रतिनिधित्व होना चाहिए। इसके बिना, सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा है। कांग्रेस और विपक्ष ने यह मौका रोका — और अगले चुनाव में, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे। महिलाएं उन्हें माफ नहीं करेंगी। और याद रखें, यह सिर्फ महिलाओं के बारे में नहीं है — यह उनके भाइयों, बेटों और पतियों के बारे में भी है। नारी शक्ति की ताकत छोटी नहीं है; यह बहुत बड़ी है। वह शक्ति भविष्य तय करेगी, और वह धोखा बर्दाश्त नहीं करेगी।"
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झल्लारा-सलूंबर के सांस्कृतिक भवन से कब्जा हटाकर 272 कट्टे गेहूं जब्त

Udaipur, Rajasthan:सलूंबर के झल्लारा से बड़ी खबर सांस्कृतिक सभा भवन से हटाया अतिक्रमण, 272 कट्टे गेहूं जब्त अमलोदा पंचायत के काइयों का गुड़ा में प्रशासन की बड़ी और अनोखी कार्रवाई एसीओ दिनेश चंद्र पाटीदार वीडीओ भानु प्रताप सिंह प्रशासक भगवती लाल एसएसआई गंगाराम की टीम ने की कार्यवाई चार ट्रैक्टरों में भरकर पंचायत भवन पहुंचाया गेहूं सुरक्षित रखवाया सुबह से शाम तक चला अभियान, पूरी कार्रवाई की गई वीडियोग्राफी ग्रामीणों की शिकायत पर एक्शन नोटिस और समझाइश के बावजूद नहीं माना अतिक्रमी लंबे समय से सांस्कृतिक सभा भवन में कर रखा था कब्जा दर्जनों ग्रामीण ने कट्टों में गेहूं भरने में किया सहयोग
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ईरान-US शांति talks: 10-पॉइंट प्लान से बातचीत फेल, अमेरिका की शर्तों पर संशय

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ, UP: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान-US शांति बातचीत पर, भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के रिप्रेजेंटेटिव डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही कहते हैं, "हमने US को बातचीत का बेस बनाने के लिए 10-पॉइंट प्लान ऑफर किया था और इसे US ने मान लिया था, और उन्हें इसी प्लान के आधार पर आकर बातचीत करनी थी। जब वे पाकिस्तान आए और बातचीत शुरू की, तो उन्होंने कुछ और मांगना शुरू कर दिया और उन्होंने 10-पॉइंट प्लान के आधार पर बातचीत करने से मना कर दिया। इसलिए, बातचीत फेल हो गई और अब ईरान को भी US से कुछ और प्रपोज़ल मिला है और शायद वे बाद में बातचीत करेंगे। लेकिन अब तक, उस बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है।
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दशर महाकुंभ: कश्मीर शादीपोरा में 85 साल बाद शुरू होगा धार्मिक संगम मेला

Chaka, 85 साल बाद कश्मीर के शादीपोरा में 'दशर महाकुंभ मेला' आयोजित किया जाएगा। 15 जुलाई से 24 जुलाई तक अपनी ऐतिहासिक कुंभ मेले की परंपरा को फिर से शुरू करने जा रहा है कश्मीर। कश्मीरी कुंभ जिसे दशर कुंभ कहा जाता है देश के उन चार मुख्य अखिल भारतीय कुंभ मेलों में से नहीं है (जो बारी-बारी से प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में आयोजित होते हैं)। इसके बजाय, यह कश्मीर की सदियों पुरानी स्थानीय परंपरा को पुनर्जीवित करता है, जिसे 'दशर महाकुंभ' (या कश्मीर में केवल 'कुंभ मेला') कहा जाता है। यह मेला पहले हर साल एक पवित्र नदी संगम पर आयोजित होता था, लेकिन 1941 के बाद कई कारणों से यह बंद हो गया था। 15 जुलाई से 24 जुलाई, 2026 तक, यह 10-दिवसीय आयोजन उत्तरी कश्मीर के गंदरबल जिले के शादीपोरा में फिर शुरू होगा—विशेष रूप से उस पवित्र संगम पर, जहाँ सिंधु नदी और झेलम नदी (जिसे स्थानीय रूप से 'वितस्ता' के नाम से जाना जाता है) का संगम होता है। कश्मीरी परंपरा में इस स्थान को लंबे समय से पवित्र माना जाता रहा है। उम्मीद की जारी है कि कश्मीर कुंभ मेले में लगभग 2-3 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे। इस मेले का आयोजन स्वामी कालिकानांद सरस्वती और उनके मठ द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इस परंपरा को फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य "यह संदेश देना है कि ईश्वर एक है" और कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत से फिर से जुड़ना है। इस कुंभ का एक छोटा संस्करण 2016 में आयोजित किया गया था। 75 साल के अंतराल के बाद, उसी स्थान पर केवल एक दिन के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 35,000 कश्मीरी पंडित और अन्य लोग शामिल हुए थे। इस उत्सव में पवित्र संगम में स्नान, धार्मिक प्रवचन, कश्मीरी लोक और शास्त्रीय संगीत पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, और सामुदायिक कार्यक्रम शामिल होंगे। प्रयागराज महाकुं‍म को एक शांतिपूर्ण और समावेशी समागम के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसकी जड़ें स्थानीय आस्था और खगोलीय संरेखण में निहित हैं। स्थानीय नागरिक अब्दुल समद ने कहा “ हम अपने बुजुर्गों से सुनते थे की यहाँ मेला लगता था अब इस साल भी मेला लगने वाला है हमे बहुत ख़ुशी है पंडित लोग आयेंगे। यहाँ यह लोग जब कोई मारता है उसकी अस्थियाँ भी डालते है गांधी परिवार की अस्थियाँ भी यहाँ लाई गई थी और अटल बिहारी बाजपाई की भी” कश्मीरी कुंभ को क्या खास बनाता है? दूसरा कुंभ मेलों के विपरीत, जिनके लिए केवल दो चीज़ों की ज़रूरत होती है - सूर्य और चंद्रमा की स्थिति - यह कश्मीरी दशार कुंभ दस खगोलीय पिंडों की एक विशिष्ट और जटिल स्थिति पर निर्भर करता है। 1…जून या जुलाई का महीना, जिसे ज्येष्ठ कहा जाता है। 2. ज़ून पच (जिसे ज़ूनपछ भी लिखा जाता है) का अर्थ है चंद्र महीने का उज्ज्वल पखवाड़ा, जिसे आमतौर पर शुक्ल पक्ष के नाम से जाना जाता है। 3.. तिथि (तारीख): ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष (बढ़ते चंद्रमा) का 10वां दिन। 4… दिन मंगलवार या बुधवार होना चाहिए। 5…नक्षत्र (तारामंडल): चंद्रमा का हस्त नक्षत्र (हाथी) में होना अनिवार्य है। 6… यह व्यतिपात योग होना चाहिए: जब सूर्य और चंद्रमा का देशांतर ठीक 180 डिग्री ke बराबर हो। 7…इसमें आनंद योग का संयोग होना चाहिए। 8…करण: एक विशिष्ट खगोलीय काल (करण) का 'घर करण' के साथ मेल खाना अनिवार्य है। 9 सूर्य का वृषभ (Taurus) राशि में होना अनिवार्य है। 10 चंद्रमा का कन्या (Virgo) राशि में होना अनिवार्य है। ऐसे संयोग, जिनमें ये दस चीज़ें एक साथ आती हैं, केवल हर 10, 12, 36, 75 या 85 वर्षों में ही बनते हैं। "प्रयाग चिनार": इस अनुष्ठान का केंद्र एक रहस्यमयी चिनार का पेड़ है, जो नदी के संगम के बीच एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। इसे 'प्रयाग चिनार' के नाम से जाना जाता है। इस पेड़ के नीचे एक शिवलिंग स्थापित है और कहा जाता है कि यह चिनार का पेड़ 500 साल से भी ज़्यादा पुराना है। ऐसा माना जाता है कि बाढ़ आने पर भी यह पेड़ और इसका द्वीप कभी डूबते नहीं हैं। 75 साल के लंबे अंतराल के बाद, 14 जून 2016 को इस उत्सव को फिर से शुरू किया गया। यह निर्वासित कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए अपनी जड़ों से फिर से जुड़ने और अपनी मातृभूमि लौटने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर था। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ देखने को मिलने वाली ज़बरदस्त सांप्रदायिक सद्भावना है। स्थानीय मुस्लिम निवासी इस उत्सव की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं; वे नावों के ज़रिए तीर्थयात्रियों को नदी पार कराते हैं और उनकी ज़रूरत का सारा सामान उपलब्ध कराते हैं। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर होता है, जब लोग अपने पूर्वजों के लिए विभिन्न अंष्ठान करते हैं और उनके अस्थि-कलशों को नदी में विसर्जित करते हैं। यह प्रथा काफ़ी हद तक प्रयागराज में निभाई जाने वाली प्रथाओं जैसी ही है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं है, बल्कि यह कश्मीरी संस्कृति के पुनरुद्धार, लोगों के अदम्य साहस और 'कश्मीरियत' की भावना का भी एक जीता-जागता प्रतीक है। यह इस बात का प्रमाण है कि कश्मीरी पंडितों का अपनी मातृभूमि (कश्मीर घाटी) के साथ कितना गहरा और अटूट रिश्ता है। शादिपोरा संगम (जहाँ 'कश्मीरी कुंभ' का आयोजन होता है) की विशेष पवित्रता का ज़िक्र कई प्राचीन धर्मग्रंथों में भी मिलता है, जैसे: नीलमत पुराण: कश्मीर का यह प्राचीन ग्रंथ (जो लगभग 6वीं से 8वीं Shatabi के बीच लिखा गया था) 'वितस्ता' नदी की पहचान 'यमुना' नदी के रूप में करता है, और 'सिंध' नदी की पहचान 'गंगा' नदी के रूप में। इस ग्रंथ में इन दोनों नदियों के संगम को स्पष्ट रूप से 'प्रयाग' नाम दिया गया है, और इसे अत्यंत आध्यात्मिक शक्ति वाला स्थान घोषित किया गया। महाभारत: इस महाकाव्य में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति उपवास रखते हुए 'वितस्ता' नदी में पवित्र स्नान करता है, तो उसके सारे पाप धुल जाते हैं और उसे आध्यात्मिक मुक्ति प्राप्त होती है। सतीसर की कथा: पुराणों में कश्मीर घाटी की उत्पत्ति के बारे में एक कथा मिलती है। इसके अनुसार, प्राचीन काल में यह पूरा क्षेत्र एक विशाल झील हुआ करता था, जिसे 'सतीसर' के नाम से जाना जाता था। बाद में, ऋषि कश्यप (एक वैदिक ऋषि) ने इस झील का पानी पूरी तरह से सुखा दिया, ताकि इस ज़मीन को आध्यात्मिक साधना और रहने-बसने के लिए उपयुक्त बनाया जा सके। कश्मीर पंडित विद्वान रतन कौल में कहा “यह कुंभ भी बाक़ी कुंभ की तरह है और असली कुंभ 2030 में होगा और यह जो कुंभ लग रहा है इसका का बड़ा महताव है मगर इस में गैदरिंग थोड़ी कम होगी। तैयारी पूरी चल रही है सरकार की तरफ़ से भी और कम्युनिटी की तरफ़ से भी। कश्मीरी कुंभ का महताव। ऐसा माना जाता है कि इस उत्सव का नामकरण और इसके आयोजन का चक्र (साइकिल) 8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य द्वारा निर्धारित किया गया था। यह उनके उस व्यापक प्रयास का एक हिस्सा था, जिसका उद्देश्य कश्मीर की स्थानीय धार्मिक परंपराओं को प्रयागराज और हरिद्वार में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय 'कुंभ' उत्सवों के चक्र के साथ जोड़ना था। इस उत्सव के नाम में शामिल 'दशर' शब्द, दस (Dash) विशिष्ट खगोलीय और ज्योतिषीय स्थितियों के एक दुर्लभ संयोग को दर्शाता है। 'कश्मीरी कुंभ' का आयोजन केवल तभी किया जा सकता है, जब ये दसों स्थितियाँ एक ही समय पर एक साथ घटित हों। जब ये दसों स्थितियाँ एक साथ घटित होती हैं... यह एक ही दिन होता है, आमतौर पर जून या जुलाई (ज्येष्ठ) के महीने में; इस आयोजन को 'दशर महा कुंभ' के नाम से जाना जाता है।
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नारी शक्ति वंदन संशोधन पर मोदी का साफ संकेत: विपक्ष ने देशहित से खेला?

Noida, Uttar Pradesh:आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को... इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। - पीएम नारी सब भूल जाता है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को for granted ले रहे हैं। - पीएम वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। - पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "...नारी सब भूल जाती है अपना अपमान कभी नहीं भूलती। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तब वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था, नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।" वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। - पीएम ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र पर्व था। - पीएम इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दल इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है। - पीएम नारीशक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है- इन परिवारवादी पार्टियों का डर! अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा - पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये लोग विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं क्योंकि बांटो और राज करो ये राजनीति कांग्रेस अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है और कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन सभी राज्यों की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। सब राज्यों की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी, DMK जैसे दल इस भ्रूण हत्या के जिम्मेदार हैं।" महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है कि कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। कांग्रेस के एंटी रिफॉर्म रवैये ने हमेशा country का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियाँ ने भुगता है। - पीएम
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दिवंगत पुलिस कर्मी परिवार को 72 लाख की सहायता

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Etawah, Uttar Pradesh:इटावा-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की गई है। आज 18 अप्रैल 2026 को एसएसपी श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने दिवंगत अनुचर अनिल कुमार पाण्डेय के परिजनों को 72 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह चेक उनकी पत्नी और माता को प्रदान किया गया, जिससे परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके। बताया जा रहा है कि अनिल कुमार पाण्डेय पुलिस लाइन इटावा में अनुचर के पद पर तैनात थे, जिनकी 23 मार्च 2024 को एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच एक एमओयू हुआ है, जिसके तहत ड्यूटी के दौरान या अन्य कारणों से दिवंगत कर्मियों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी योजना के अंतर्गत यह 72 लाख रुपये की सहायता राशि परिवार को दी गई है। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
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इटारसी गोलीकांड: प्रेम प्रसंग के चलते युवक ने पेट में गोली मारी, गिरफ्तार

Narmadapuram, Madhya Pradesh:इटारसी में एक सनसनीखेज गोलीकांड का मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग के चलते युवक पर पहले डंडे से हमला किया फिर पेट में गोली मारकर आरोपी फरार हो गया। घटना देर रात तीन बजे मेहरागांव C केबिन इलाके की है जहां आरोपी शुभम अपनी प्रेमिका के घर पहुंचा था; इस दौरान प्रेमिका के भाई से विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया। इस दौरान आरोपी आकाश शर्मा ने प्रेमिका के भाई पर लाठी से हमला कर दिया और पिस्टल निकाल कर उसके पेट में गोली मार दी जिससे वह घायल हो गया और आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घायल को इटारसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका दो घंटे के ऑपरेशन के बाद गोली रीढ़ की हड्डी के पास से निकाल ली गई है। इटारसी थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला ने जानकारी दी कि घटना देर रात 3 बजे की है। गोली लगने की सूचना पर पुलिस पहुँची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं आरोपी को अल सुबह गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। घटना क्यों हुई इसकी जांच जारी है। घायल की हालत खतरे से बाहर है।
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जबलपुर-NH-45 पर तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को मारी टक्कर, युवक की मौत

Jabalpur, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ | जबलपुर, मध्यप्रदेश जबलपुर-भोपाल NH-45 पर भीषण सड़क हादसा नटवारा बस स्टैंड के पास युवक की दर्दनाक मौत तेज रफ्तार हैरियर कार ने बाइक सवार को मारी टक्कर मौके पर ही युवक ने तोड़ा दम मृतक संतोष राजपूत (34) नटवारा गांव का निवासी गैस सिलेंडर लेकर लौटते समय हुआ हादसा टक्कर इतनी जबरदस्त, करीब 50 फीट दूर जा गिरा युवक हादसे के बाद मौके पर लगी लोगों की भीड़ सूचना पर पुलिस और 108 एंबुलेंस पहुंची मौके पर शहपुरा अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया शहपुरा पुलिस ने कार जब्त कर शुरू की जांच थाना शहपुरा भिटोनी क्षेत्र का मामला NH-45 पर खुले डिवाइडर बने हादसों की बड़ी वजह ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा इंतजाम की मांग
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