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Amethi: श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर निकली भव्य शोभायात्रा
Pure Pahlwan, Uttar Pradesh:अमेठी में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गौरीगंज तिराहे से स्टेट बैंक तक शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान श्रीराम की भव्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसी तरह मुसाफिरखाना कस्बे में भी भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें भक्तों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
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बुजुर्ग तीर्थयात्रा योजना में रिकॉर्ड आवेदन, लॉटरी से तय होगी सीटें
Jaipur, Rajasthan:आस्था, उम्मीद और किस्मत...वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना इस बार बुजुर्गों का उत्साह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 56 हजार यात्रियों के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख 92 हजार 313 वरिष्ठ नागरिकों ने तीर्थयात्रा पर जाने की इच्छा जताई हैं। सबसे ज्यादा आकर्षण नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की हवाई यात्रा को लेकर है, जहां 6 हजार सीटों के लिए 1 लाख 10 हजार सीनियर सिटीजन ने आवेदन किया हैं। यानी एक सीट पर करीब 18 बुजुर्गो की नजर हैं। अब लाखों बुजुर्गों की निगाहें लॉटरी पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि किसका तीर्थ यात्रा का सपना पूरा होगा। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना इस बार आस्था के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा की भी कहानी बन गई है। राजस्थान की भजनलाल सरकार जहां 56 हजार बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने की तैयारी में है। 27 मई से 10 जून तक चली आवेदन की प्रकिया में दौरान योजना के लिए 1 लाख 92 हजार 313 से सीनियर सिटीजन ने अलग अलग तीर्थस्थलों पर जाने की इच्छा जाहिर की हैं। सबसे दिलचस्प तस्वीर हवाई यात्रा को लेकर सामने आई है। हवाईजहाज से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के लिए सरकार ने केवल 6 हजार सीटें निर्धारित की हैं। लेकिन 1 लाख 10 हजार 413 वरिष्ठ नागरिकों ने हवाई यात्रा की इच्छा जताई है। इसका सीधा मतलब है कि एक सीट पर करीब 18 बुजुर्गों की नजर हैं। योजना के तहत 50 हजार यात्रियों को एसी ट्रेन के माध्यम से 15 तीर्थस्थलों पर तीर्थ यात्रा कराई जानी है। यानि की कुल आवेदकों के मुकाबले देखें तो ट्रेन की हर सीट पर करीब 4 सीनियर सिटीजन दावेदारी कर रहे हैं। यानी हवाई यात्रा की तुलना में ट्रेन यात्रा में चयन की संभावना ज्यादा है, लेकिन यहां भी सभी आवेदकों को मौका मिलना संभव नहीं होगा। ऐसे में तीर्थ यात्रा का सपना पूरा होना पूरी तरह लॉटरी की किस्मत पर निर्भर रहेगा। प्रदेशभर में सबसे अधिक 13,063 आवेदन जयपुर जिले से आए हैं, जबकि सबसे कम 559 आवेदन फलौदी जिले से प्राप्त हुए हुए। देवस्थान विभाग के आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण भारत का धार्मिक सर्किट इस बार बुजुर्गों की पहली पसंद बना है। ट्रेन यात्रा के लिए रामेश्वरम-मदुरई जाने की इच्छा रखने वाले यात्रियों की संख्या 76 हजार 850 पहुंच गई है। यह कुल आवेदकों का बड़ा हिस्सा है। इसके बाद जगन्नाथपुरी-कोणार्क के लिए 22,269 ने तीर्थयात्रा पर जाने की इच्छा जताई है। वहीं बिहार शरीफ और पटना साहिब यात्रा में सबसे कम रुचि दिखाई गई है……बिहार शरीफ के लिए 138 और पटना साहिब के लिए महज 249 बुजुर्गों ने आवेदन किया हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के लगभग सभी जिलों से बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं, जिससे स्पष्ट है कि बुजुर्गों में धार्मिक यात्राओं को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। देवस्थान विभाग आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद डेटा शीट तैयार कर रहा है। इसके बाद जिलेवार लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी में चयनित वरिष्ठ नागरिकों को तय कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न तीर्थ स्थलों के लिए रवाना किया जाएगा। सबसे ज्यादा किस जिले में यात्रियों की संख्या जयपुर: 13063, जोधपुर: 6422, कोटा: 5752, उदयपुर: 5078, अजमेर: 4727, बीकानेर: 4727, पाली: 4081. सबसे कम किस जिले में यात्रियों की संख्या फलौदी: 559, जैसलमेर: 618, खैरथल-तिजारा: 715, कोटपूतली-बहरोड: 826, डीग: 865, धौलपुर: 896. पशुपतिनाथ (काठमांडू) नेपाल-हवाईजहाज से 1 लाख 10 हजार 413 यात्रियों ने जताई इच्छा। ट्रेन के जरिए तीर्थयात्रा जाने वाले स्थलों के लिए यात्रियों की संख्या रामेश्वरम मदुरई-76,850, जगन्नाथपुरी–कोणार्क-22,269, तिरुपति-पद्मावती-15,879, हरिद्वार–ऋषिकेश–अयोध्या–वाराणसी–सारनाथ-13,780, गंगासागर–कोलकाता-13,523, कामाख्या–गुवाहाटी-11,393, द्वारकापुरी–नागેશ्वर–सोमनाथ-11,682, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्र्यंबकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा-10,117, वैष्णो देवी-अमृतसर-वाघा बॉर्डर-7132, मथुरा–वृंदावन–बरसाना–आगरा–अयोध्या-6501, गोवा के मंदिर तथा अन्य स्थल चर्च आदि-1431, सम्मेदशिखर–पावापुरी–वाराणसी–सारनाथ-1078, श्री हुजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र-291, पटना साहिब, पटना, बिहार-249, बिहार –शरीफ-138। बहरहाल, पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 15 यात्रियों ने तीर्थयात्रा पर जाने की इच्छा जताई थी। जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 1 लाख 92 हजार 313 पहुंच गई है। आंकड़े साफ बताते हैं कि बुजुर्गों में धार्मिक यात्राओं को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि लॉटरी की किस्मत किसके हिस्से आस्था की यह यात्रा लिखती है।0
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नरसिंहपुर गाडरवाड़ा में मूंग MSP पर किसान विरोध, चक्का जाम
Narsinghpur, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ नरसिंहपुर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा शहर में किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। कृषि जवाहर उपज मंडी में मूंग की फसल के कम दाम लगाए जाने से नाराज किसानों ने मंडी के सामने मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा मूंग का समर्थन मूल्य 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल से अधिक निर्धारित किया गया है, लेकिन मंडी में व्यापारी केवल 6 से 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल की बोली लगा रहे हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आक्रोशित किसानों ने मंडी के बाहर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम किसानों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मंडी परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और किसान उचित मूल्य मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।0
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जिला कलक्टर ने शिविरों का निरीक्षण कर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए
Begun, Rajasthan:राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित शहरी एवं ग्रामीण विकास शिविरों का शुक्रवार को जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने निरीक्षण किया। उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 1 से 4 में आयोजित शहरी शिविर तथा एराल ग्राम पंचायत में लगे ग्रामीण शिविर का जायजा लिया। विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर पहुँचकर योजनाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने शिविर में आए लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर निस्तारण के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। वहीं पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण कर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।0
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मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बैंच के लिए प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात तेज
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर उदयपुर से खबर, मेवाड़ में हाईकोर्ट बैंच की मांग, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मिला प्रतिनिधि मंडल, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी रहे मौजूद, मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की मुलाकात, प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री मेघवाल के समक्ष रखी अपनी बात, संविधान की अनुसूचि-5 के तहत आदिवासी अंचल को शीघ्र मिले हाईकोर्ट बैंच, 44 वर्षो से अधिवक्ता कर रहे है हाईकोर्ट बैंच की मांग,0
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उदयपुर में बोट से छलांग, लाइफ जैकेट खुलने से युवक की मौत
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर उदयपुर से खबर, बोट में सवार युवक ने लाइफ जैकेट खोल फतहसागर झील में लगाई छलांग, टिकिट खरीद कर बोट में बैठा युवक, घटना के बाद युवक को बचाने बोट संचालक के कर्मचारी भी कूदे झील में, गहराई में जाने से युवक की हुई मौत, सूचना पर पहुंची सिविल डिफेंस और अंबा माता थान पुलिस, सिविल डिफेंस की टीम ने 20 मिनट में रेस्क्यू कर शव को निकाला बाहर, मृतक के हाथ में लगा हुआ हे केनुला, मृतक की अभी नहीं हुई हे पहचान, पुलिस ने शव को रखवाया एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में,0
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12 साल विश्वास के, विकास के: राजस्थान में तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं राष्ट्र निर्माण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों पर आधारित तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रदर्शनी का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी का आयोजन 12 से 14 जून, 2026 तक किया जा रहा है। शुभारम्भ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा विभिन्न प्रदर्शित सामग्री का अवलोकन कर योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण, कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं सुशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों को आकर्षक एवं तथ्यपरक स्वरूप में प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के अवलोकन उपरांत जी राजस्थान से बात करते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने गत 12 वर्षों में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं अंत्योदय के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत निरंतर विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा की दिशा में अग्रसर है तथा अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस मौके पर शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, पूर्व राज्यमंत्री प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर आलोक रंजन जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त उत्साह चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में एनसीसी के छात्र, स्काउट गाइड्स व आमजन उपस्थित रहे。0
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ट्राला की टक्कर: मोटरसाइकिल सवार मासूम की मौत, मां घायल
Panna, Madhya Pradesh:ट्राला ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, 2 साल के मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत। मां घायल, जिला अस्पताल में भर्ती, ट्रक चालक मौके से फरार। कुर्सी मोड़ पर एक तेज रफ्तार ट्राला ने मोटरसाइकिल सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर सवार दो वर्षीय मासूम मुकेश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। विलहटा गांव निवासी गुमान आदिवासी अपनी दीदी सावित्री बाई और दो वर्षीय भांजे मुकेश को बाइक पर बैठाकर अमानगंज की तरफ जा रहा था। तभी कुर्सी मोड़ के पास सामने से आ रहे ट्राला ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मृत बालक की मां सावित्री बाई के दोनों पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी चालक मौके पर ही ट्राला छोड़कर फरार हो गया। अमानगंज पुलिस ने ट्राला को जब्त कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है。0
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असम: रकीबुल हुसैन के कुर्ते पर शिव फोटो, जमीयत उलमा हिंद असम हटाने की मांग
Guwahati, Assam:कांग्रेस के सांसद रकीबुल हुसैन ने अपने कुर्ते में भगवान शिव की फोटो और हर-हर महादेव लिखकर घूमने के बाद यह विषय चर्चा बन चुकी है जमीयत उलेमा हिंद असम के वाइस प्रेसिडेंट है रकीबुल हुसैन इसी बात पर जमीयत उलेमा हिंद असम के महासचिव मौलाना फजलुल करीम कासमी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जल्द से जल्द रकीबुल हुसैन को जमीयत ulema ए हिंद असम के वाइस प्रेसीडेंट पद से हटाया जाए क्योंकि यह एक धार्मिक संगठन के पद में रहते हुए क्यों भगवान शिव की फोटो कुर्ते में प्रिंट कर हर हर महादेव लिखकर पहन कर घूम रहे हैं जो सरासर गलत है मैं इसे करी भाषा से निंदा करता हूं देखा जाए तो असम के विभिन्न लोग अभी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं रातीबुल हुसैन के इस काम के बाद देखा जाए तो रकीबुल हुसैन को जल्द से जल्द वाइस प्रेसिडेंट से हटाने की मांग पूरी तरह से जोरों से चल रही है पूरे असम में0
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नियाज़ खान के नसबंदी ट्वीट पर सियासत गरम, पार्टियों के नेता बहस में
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल पूर्व IAS नियाज़ खान के नसबंदी वाले ट्वीट पर गरमाई सियासत बीजेपी प्रवक्ता योगेंद्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास लेकर चलती है. ऐसे में पूर्व IAS नियाज़ खान ने अपने समाज को लेकर जो बात कही है उस पर सभी को चिंतन मंथन करना चाहिए. अगर एक पढ़ा लिखा व्यक्ति इस तरीके की बात कर रहा है तो जरूर उनके समुदाय को विचार करना चाहिए. बाइट योगेंद्र गुप्ता, बीजेपी प्रवक्ता कांग्रेस प्रवक्ता डॉ विक्रम चौधरी ने कहा जनसंख्या नियंत्रण पुरानी अवधारणा हो गई है, अब जनसंख्या प्रबंधन होना चाहिए. मुस्लिम समाज के प्रबुद्धजन भी मानने लगे हैं कि जनसंख्या प्रबंधन करना चाहिए. गरीब राज्यों में जनसंख्या बढ़ रही है तो वहीं जो शिक्षित राज्यों में है वहां घट रही है. ऐसे में सरकार से ज्यादा समाज इसके लिए आगे आ रहा है जो एक अच्छी पहल है. बाइट डॉ विक्रम चौधरी, कांग्रेस प्रवक्ता0
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विष्णु देव साय के इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट: उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा
Raipur, Chhattisgarh:हैदराबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अलग अलग उद्योगपतियों से मुलाकात की.... इस दौरान उन्होंने सरवाना मिल्स के प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णासामी से मुलाकात कर राज्य में वस्त्र उद्योग की संभावनाओं और निवेश अवसरों पर चर्चा की... इसी तरह उन्होंने रामकी ग्रुप के चेयरमैन अयोध्या रामी रेड्डी से भेंट कर औद्योगिक और इंफ्रा में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की... सीएम साय ने क्लीन हार्बर्स इंडिया के अविनाश सम्रित से मुलाकात की.....इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने सीएसआर एस्टेट्स लिमिटेड के CMD सी. शेखर रेड्डी से मुलाकात कर रियल एस्टेट एवं शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की.....इसके बाद विष्णु देव साय ने डिनशॉज़ डेरी फूड्स प्रा. लि. के वाइस प्रेसिडेंट खुशरू बुहारिवाला से मुलाकात कर डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश अवसरों पर चर्चा की....0
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आगरा में 3 बाल अपचारियों के साथ मोबाइल छिनैती करने वाला शातिर गिरफ्तार
Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग मोबाईल छीनेती की घटना का पुलिस ने किया खुलासा एक शातिर लुटेरे को किया गिरफ्तार 3 बाल अपचारियों के साथ मिलकर छिनैती की घटना को देता था अंजाम कब्जे से 16 मोबाइल फोन बरामद बरामद मोबाईल फोनों की कीमत लगभग 3.50 लाख रुपए थाना शाहगंज पुलिस ने की कार्रवाई0
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मोदी के नेतृत्व में भारत विश्वगुरु बनने की राह पर, मंत्री का बड़ा दावा
Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर दौरे पर पहुंचे उत्तराखण्ड सरकार के प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान कैड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे भगवान की तरह हैं, जिनके नेतृत्व में भारत तेजी से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी देश के सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक बार निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं तथा उनकी नीतियों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है。 इस दौरान कैड़ा ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में विकास योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं और एक रुपया भेजने पर लाभार्थी तक महज 25 पैसा पहुंचता था। जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के माध्यम से योजनाओं का पूरा लाभ जनता तक पहुंचा रही है। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।0
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तेजस्वी यादव ने NDA की दिवалिया वित्तीय नीतियों से बिहार को कंगाल बताया
Patna, Bihar:नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर NDA और बिहार के मुख्यमंत्री पर साधा निशाना एनडीए की दिवालिया राजनीति और नौसिखिए नेतृत्व के कारण बिहार कंगाल होने के कगार पर! जनता के सवालों का जवाब दो! तेजस्वी यादव ने लिखा की हम सभी में लिए अत्यंत चिंता का विषय है कि एनडीए की दिवालिया राजनीति और दिवालिए नेतृत्व के कारण प्रदेश की बिगड़ चुकी वित्तीय स्थिति, घटता राजस्व, बढ़ता राजकोषीय घाटा, अत्यधिक कर्ज, भारी ब्याज अदायगी तथा खोखली व अदूरदर्शी नीतियों के कारण हमारा बिहार कंगाल होने के कगार पर है। खज़ाना खाली होने के कारण प्रदेश में अराजकत वित्तीय हालात है। नौसिखिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का बजटीय प्रबंधन इतना बुरा, वित्तीय स्थिति इतनी बदतर और परिस्थितियां इतनी भयावह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के मात्र तीन महीने ही बीते है और सामान्य मासिक पेंशन दिए जाने वाले जैसे रूटीन भुगतान और कार्यों के लिए भी आकस्मिक निधि से 3662 करोड़ रुपए की निकासी करनी पड़ रही है। सरकार को वित्तीय संकट की सच्चाई स्वीकार कर, आम जनता को गुमराह करने के बदले राज्यवासियों को स्पष्टता से बताना चाहिए कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि रूटीन भुगतान के लिए नियमित बजटीय व्यवस्था की बजाय आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा है ? मेरे तथ्यात्मक, वास्तविक, तर्कपूर्ण सवालों का जवाब देने की बजाय एनडीए सरकार भ्रामक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बचकाने कार्य कर रही है। सरकार में बैठे लोगों को आकस्मिकता निधि के संबंध में सर्वप्रथम संविधान के अनुच्छेद 267(1) एवं (2) में अंकित प्रावधानों का अवलोकन करना उचित होगा। संविधान के अनुसार, “According to article 267(1) Parliament may by law establish a contingency fund, which shall be placed at the disposal of the President, for the purposes of meeting unforeseen expenditure. Similarly, in article 267(2) it is provisioned that the legislature of a state may by law established a contingency fund which shall be placed at the disposal of the governor to enable advances for the purpose of meeting unforeseen expenditure. संवैधानिक प्रावधानों के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि नार्मल और रूटीन मामलों में इस फंड का इस्तेमाल नहीं किया जाना है। राज्य में अचानक आए किसी संकट से निपटने के लिए राज्यपाल इस निधि से अग्रिम राशि की मंजूरी दे सकते हैं ऐसी स्थिति में सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जो दशकों से नियमित तरीके से हर महीने लाभुक के खाते में जाती रही है, अब बिना व्यवस्था परिवर्तन ऐसी क्या विचित्र वित्तीय परिस्थिति उत्पन्न हो गई कि सामान्य मासिक पेंशन दिए जाने के लिए भी आकस्मिक निधि का इस्तेमाल किया गया। अगर सरकार को सामान्य और नियमित खर्च के लिए भी आकस्मिक निधि का उपयोग करना पड़ रहा है तो फिर विकास कार्यों और अन्य परियोजनाओं के लिए धनराशि कहाँ से आएगी? क्या पेंशन कोई आकस्मिक खर्च है? पेंशनधारक और हमारे सम्मानित बुजुर्ग और माता-बहने आपदा नहीं हो सकते जिनके लिए आपको आपदा राशि से भुगतान करना पड़े? सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की जगह मामले को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। बिहार सरकार द्वारा इसे बजटीय प्रबंधन मात्र बताकर इसके सैद्धांतिक पक्ष और मूल कारण बताने से बचने का प्रयास किया गया है। सरकार की आर्थिक स्थिति दयनीय है इसलिए पब्लिक डोमेन में सरकार इसे स्वीकार करने से डर रही है। बिहार के वित्तीय हालात को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं वो चिंताजनक है। वित्तीय वर्ष 27-27 बजट में बताया गया है कि वर्ष 25-26 में बिहार का राजकोषीय घाटा 11.8% के चिंताजनक स्तर पर पहुँच चुका है। इस संबंध में यह स्पष्ट करना जरूरी है की राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत राजकोषीय घाटा 3% से अधिक नहीं होना चाहिए परंतु बिहार सरकार का राजकोषीय घाटा लक्ष्य के तीन से पाँच गुना तक अधिक हो रहा है। बिहार में वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल पहले से ही उठ रहे हैं, लेकिन अब एक ऐसा प्रावधान सामने आया है जो केवल वित्तीय अनुशासन ही नहीं बल्कि प्रशासनिक विवेक पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। कुछ माह पूर्व NDA सरकार एक संशोधन लेकर आयी है , जिससे प्रावधान किया गया कि बिहार आकस्मिकता निधि का आकार किसी भी वित्त वर्ष में उस वर्ष के बजटीय व्यय के 10% तक बढ़ाया जा सकता है। पहले बिहार आकस्मिकता निधि का आकार 350 करोड़ रुपये था। सामान्य समझ यही कहती है कि आकस्मिकता निधि का उद्देश्य सीमित होना चाहिए क्योंकि इसका इस्तेमाल केवल अप्रत्याशित और आपात परिस्थितियों में किया जाना है लेकिन बिहार सरकार ने ऐसा प्रावधान कर दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस निधि को हजारों करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है और सदन को अंधेरे में रखकर मनमाने तरीके से खर्च किया जा सकता है। इसे ऐसे समझिए कि वित्त वर्ष 2026-27 के कुल अनुमानित बजटीय व्यय 3,24,925 करोड़ रुपये का 10% अर्थात् 32,492 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है जबकि इस समय भारत की राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि का आकार 30,000 करोड़ रुपए है। दूसरे शब्दों में कहें, तो बिहार सरकार ने ऐसा प्रावधान बना लिया है, जिसके तहत बिहार की आकस्मिकता निधि का आकार पूरे देश की आकस्मिकता निधि से भी बड़ा हो सकता है। यहाँ सवाल केवल आँकड़ों का नहीं है। सवाल उस सोच का है, जो इस तरह के प्रावधान के पीछे काम कर रही है। आकस्मिकता निधि का मूल उद्देश्य क्या है? संविधान में इसका विचार इसलिए रखा गया था ताकि अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों में सरकार तत्काल खर्च कर सके। यह कोई समानांतर बजट नहीं है। यह कोई दूसरा खजाना नहीं है। यह कोई ऐसा साधन नहीं है, जिसके जरिए सामान्य वित्तीय प्रबंधन की खामियों और असफल नीतियों को ढका जा सके? सोचिए, जिस राज्य का राजकोषीय घाटा लगातार लक्ष्य से कई गुना ऊपर जा रहा हो, जिस राज्य को पेंशन जैसे नियमित भुगतान के लिए भी आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा हो, उसी राज्य की सरकार अपने हाथ में 32 हजार करोड़ रुपए से अधिक की आकस्मिक निधि रखने की शक्ति हासिल कर लेती है। सरकार कह सकती है कि यह केवल एक सक्षमकारी प्रावधान है और इसका मतलब यह नहीं कि पूरी राशि का उपयोग किया जाएगा लेकिन फिर सवाल यह है कि ऐसी व्यवस्था की जरूरत ही क्यों पड़ी? और सबसे दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि राज्य की आकस्मिकता निधि राज्यपाल के माध्यम से संचालित होती है। परिणाम यह है कि बिहार सरकार ने ऐसा कानूनी ढाँचा तैयार कर लिया है, जिसमें एक राज्यपाल के नियंत्रण वाली आकस्मिकता निधि का आकार राष्ट्रपति के नियंत्रण वाली राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि से भी ज़्यादा हो सकता है यह बताता है कि बिहार में आकस्मिकता निधि की अवधारणा कितनी असामान्य दिशा में ले जाई गयी है। वास्तव में किसी भी लोकतांत्रिक वित्तीय व्यवस्था का आधार पारदर्शिता और विधायिका की निगरानी होता है। बजट इसलिए बनाया जाता है, ताकि जनता और विधानसभा को पता रहे कि पैसा कहाँ से आयेगा और कहाँ खर्च होगा? बिहार सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन सी संभावित परिस्थितियाँ हैं जिनके लिए 350 करोड़ रुपये की निधि को बढ़ाकर 32,842 करोड़ रुपये तक ले जाने की शक्ति अपने पास रखी गयी है? क्या डबल इंजन सरकार में बिहार ऐसी आपदा का सामना कर रहा है? जिसके लिए राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि से भी बड़ी व्यवस्था की जरूरत पड़े? यदि नहीं, तो फिर इस प्रावधान का औचित्य क्या है। वित्तीय प्रबंधन में एक सिद्धांत होता है कि असाधारण शक्तियाँ केवल असाधारण परिस्थितियों के लिए होनी चाहिए लेकिन बिहार में ऐसा लगता है कि पहले शक्ति हासिल कर ली गयी है और बाद में उसके औचित्य की तलाश की जा रही है। आशा है एनडीए का नौसिखिया और अनाड़ी नेतृत्व मेरे सवालों का जवाब देगा。0
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मधेपुरा में तीन थानाध्यक्षों को शौर्यपूर्वक श्रद्धांजलि, गार्ड ऑफ ऑनर
Madanpur, Bihar:सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों को शुक्रवार को पुलिस लाइन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। जैसे ही तीनों पुलिस अधिकारियों के पार्थिव शरीर पुलिस लाइन पहुंचे, पूरा माहौल गमगीन हो उठा। पुलिस पदाधिकारी, जवान, प्रशासनिक अधिकारी और परिजन अपने आंसू नहीं रोक सके। बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार, अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्र ज्ञानेंद्र तथा बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की मौत हो गई थी। हादसे में वाहन चालक की भी जान चली गई थी। सभी पुलिस पदाधिकारी पटना से प्रशिक्षण प्राप्त कर मधेपुरा लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। पोस्टमार्टम के बाद तीनों अधिकारियों के पार्थिव शरीर को मधेपुरा पुलिस लाइन लाया गया, जहां कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह, डीएसपी प्रविंदर भारती, उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार, ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा, प्रशिक्षु डीएसपी नुरुल हक, डीएसपी मुख्यालय सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस कांस्टेबलों ने भी अपने दिवंगत अधिकारियों को नम आंखों से श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान पूरे परिसर में शोक और संवेदना का माहौल व्याप्त रहा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद तीनों दिवंगत पुलिस अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके उपरांत उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक आवास के लिए रवाना किया गया। इस दौरान मौजूद परिजनों की आंखें नम थीं। माता-पिता, भाई और अन्य स्वजन बार-बार भावुक होकर बदहवास हो जा रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इस अवसर पर डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि यह केवल तीन पुलिस अधिकारियों का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस परिवार का अपूरणीय नुकसान है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस महकमा दिवंगत अधिकारियों के परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। हादसे में जान गंवाने वाले रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन के निवासी तथा वर्ष 2018 बैच के अधिकारी थे। अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्रKnowledgeदमKnowledgeेंद्र कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत आजमपुर गोला के निवासी एवं वर्ष 2009 बैच के अधिकारी थे। बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार कैमूर जिले के निवासी एवं वर्ष 2018 बैच के पुलिस पदाधिकारी थे। वही चालक उदाकिशुनगंज के रहने वाले थे। तीनों अधिकारियों के असामयिक निधन से मधेपुरा जिला पुलिस बल में शोक की लहर है। पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने अपने साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित व्यक्तित्व को याद किया। बाइट : डॉ. कुमार आशीष,डीआईजी सहरसा0
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पहाड़गंज के 15 होटल बंद, प्रशासन ने चेकिंग के बाद एक्शन शुरू किया
Delhi, Delhi:ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर पहाड़ गंज में अभी तक 15 होटल बंद दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुई होटल के अंदर अग्निकांड के बाद लगातार जी मीडिया रियलिटी चेक कर रहा है ऐसे में हमने पहाड़गंज में कई होटलों में रियलिटी चेक किया इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जिन होटलों के अंदर अनियमितता पाए कहीं उनको नोटिस दिया गया है जिसमें करीब 15 होटल अभी तक बंद किए गए है पहाड़गंज से निगम पार्षद मनीष चड्ढा के मुताबिक लगातार ऐसे होटल की चेकिंग की जा रही है अगर उनमें कोई अनियमित पाई जाती है तो उनको नोटिस दिया जा रहा है0
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