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Sanjay Kumar SharmaSanjay Kumar SharmaFollow17 Oct 2024, 04:37 pm
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IMA Pressure Triggers Ayushman Boycott From Oct 8; Private Hospitals On Alert

Narmadapuram, Madhya Pradesh:नर्मदापुरम में आयुष्मान भारत योजना को लेकर निजी अस्पतालों और IMA में नाराजगी है। लंबे समय से लंबित भुगतानों और अस्पतालों के लिए NABH की अनिवार्यता सहित विभिन्न मांगों को लेकर IMA ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर 8 अक्टूबर 2026 से आयुष्मान योजना के प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। IMA के सदस्यों का कहना है कि निजी अस्पतालों के कई भुगतान पुराने और नए पोर्टल पर लंबे समय से अटके हैं। कई क्लेम रिजेक्ट या लंबित हैं, जबकि तकनीकी कारणों से भी भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। संगठन ने सभी लंबित भुगतानों का तत्काल और समयबद्ध निराकरण करने की मांग की है। IMA ने अस्पतालों के लिए NABH की अनिवार्यता खत्म कर इसे स्वैच्छिक और प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लगातार प्रतिनिधित्व के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। इसी के चलते 8 अक्टूबर से प्रदेशभर में आयुष्मान योजना के अनिश्चितकालीन बहिष्कार का निर्णय लिया गया है。 नर्मदापुरम के IMA से जुड़े निजी अस्पताल भी प्रदेशव्यापी निर्णय में शामिल होंगे। संगठन ने कहा है कि 8 अक्टूबर से पहले मांगों का समाधान नहीं हुआ तो निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत नए मरीजों को उपचार के लिए स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं, मांगें पूरी नहीं होने पर मध्य प्रदेश के डॉक्टर करीब 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली कूच करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।
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कटिहार बार एसोसिएशन का फैसला: पेन डाउन स्ट्राइक, आरोपी के पक्ष में पैरवी नहीं

Katihar, Bihar:कटिहार बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला , मंगलवार को वकील रहेंगे पेन डाउन स्ट्राइक, आरोपी के पक्ष में पैरवी न करने का लिया निर्णय मंगलवार को सभी अधिवक्ता पेन डाउन स्ट्राइक पर रहेंगे बुधवार को काला बिल्ला लगाकर करेंगे विरोध अधिवक्ता हत्या के विरोध स्वरूप बार एसोसिएशन डिफेंस में नहीं करेगा काम कटिहार में अधिवक्ता अजीमुद्दीन अंसारी उर्फ गुड्डू अंसारी का हत्या का वीडियो सामने आने के बाद बार एसोसिएशन की एसक्युटिव कमेटी ने आपात बैठक कर कड़ा रुख अख्तियार किया है। कटिहार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय झा नेतृत्व बताया कि पौने ग्यारह बजे वीडियो प्राप्त होने के तुरंत बाद कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई, जो दोपहर एक बजे संपन्न हुई । बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कल मंगलवार को सभी अधिवक्ता पेन डाउन स्ट्राइक के साथ कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। मंगलवार को सभी अधिवक्ता काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे कटिहार का कोई भी अधिवक्ता इस मामले इस हत्याकांड के मुकदमे में आरोपी के बचाव में पैरवी या वकालत नहीं करेगा। शेष अन्य विषयों और आगे की रूपरेखा पर मंगलवार दोपहर 12:30 बजे होने वाली शोक सभा के दौरान विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। वहीं कटिहार बार एसोसिएशन के एसोसिएशन के सहायक सचिव अधिवक्ता भास्कर सिंह ने कहा कि घटना और उनके निधन के मामले को लेकर वकीलों में गहरा रोष व्याप्त है एवं घटना को अत्यंत दुखद, निंदनीय और चिंताजनक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी अधिवक्ता इस निर्णय की अवहेलना करते हुए आरोपी की तरफ से केस लड़ता है, तो अधिवक्ता संघ उसके खिलाफ उचित व सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
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बरसात से बंद सड़क: 6 किमी शव कंधे पर गांव तक पहुंचा, पोल

Paonta Sahib, Himachal Pradesh:धगेड़ा पंचायत में विकास के सरकारी दावों की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बरसात के कारण करीब ढाई-तीन महीने से सड़क बंद होने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला के शव गांव तक पहुंचाना एक अग्निपरीक्षा बन गया। स्थानीय लोगों ने परमा देवी के शव को कंबल और डंडे से बांधकर लगभग 6 किमी दूर गांव तक पहुंचा। जब विकास के दावे जमीनी हकीकत से टकराते हैं, तो उसकी तस्वीर कितनी दर्दनाक हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण धारटीधार इलाके की धगेड़ा पंचायत में देखने को मिला। यहां सिस्टम की लापरवाही और लोगों की मजबूरी की यह तस्वीर विकास के दावों को मुंह चिढ़ा रही है। मजबूरी ऐसी कि परिजनों और ग्रामीणों को शव को डंडे से बांधना पड़ा और उबड़-खाबड़ रास्ते पर करीब छह किलोमीटर तक पैदल चलकर गांव पहुंचना पड़ा। इसके बाद ग्रामीण शव को श्मशानघाट ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार धगेड़ा पंचायत के टीना गुलरवाला गांव की रहने वाली परमा देवी लंबे समय से बीमार चल रही थीं। शनिवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नाहन से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां रविवार सुबह करीब चार बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को चंडीगढ़ से रामा धगेड़ा मुख्य सड़क तक वाहन में लेकर पहुंचे। उनके गांव तक जाने वाली सड़क बंद होने के कारण वाहन आगे ले जाना नामुमकिन था, लेकिन अपनों को अंतिम सफर तक पहुंचाने की तड़प में ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को डंडे में बांधा और उसे कंधों के सहारे करीब छह किलोमीटर तक पैदल लेकर गांव पहुंचे। मृतका के बेटे रामेंद्र के साथ बीडीसी सदस्य एवं पूर्व पंचायत प्रधान वीरेंद्र सिंह ठाकुर, रोहित, अनिल, सुरेंद्र और पिंकू ने यह पूरा रास्ता तय किया। गांव पहुंचने के बाद शव को श्मशानघाट तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक करीब आठ किलोमीटर लंबी टीना गुलरवाला सड़क वर्ष 2014 में बनी थी। तत्कालीन विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने सड़क का उद्घाटन किया था। यह सड़क रामा-धगेड़ा मुख्य मार्ग से पीना गुलरवाला सहित बेंदली, रोज काटली और आसपास के कई गांवों को जोड़ती है। आगे यह मार्ग जलमूसा और कोलर के समीप कटासन मंदिर के पास पांवटा साहिब-काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है। बीड़ीडीसी सदस्य वीरेंद्र सिंह ठाकुर समेत ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बंद होने का खमियाजा सिर्फ मौत के बाद ही नहीं, बल्कि जीती-जागती जिंदगी में भी भुगतना पड़ रहा है। बीमारों को समय पर अस्पताल पहुंचाना जंग जीतने जैसा है और किसानों की फसलें मंडियों तक न पहुँच पाने से बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सड़क बंद होने से ग्रामीण आए दिन भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये सड़क अभी पंचायत के अधीन है। हर साल लोक निर्माण विभाग बंद सड़क को बहाल करता है, लेकिन इस बार अभी तक सड़क बंद है। ग्रामीणों ने इस सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है। उधर, पंचायत प्रधान नरेंद्र ने माना कि सड़क बंद है। इस बारे विभाग को पहले ही अवगत करवा दिया है। सड़क को जल्द बहाल किया जाएगा।
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PMGSY घोटाले की जांच: चार अधिकारी निलंबित, FIR व वसूली की प्रक्रिया तेज

Vijayapura, Karnataka:बीजापुर- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बीजापुर जिले में सड़कों के निर्माण में सामने आई कथित अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में चार लोगों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। PMGSY के ई ने कहा कि अधिक रुपयों की भुगतान व सड़कों में अनियमितता को लेकर हमारे विभाग के चार अधिकारियों - कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई सरकार के तरफ से की गई है, और अभी इस पूरे मामले पर जाँच की जा रही है, और जो निलंबन किए गए लोगों से विभाग द्वारा पूछताछ की जा रही है। और मामले पर जो भी ठेकेदार संलिप्त है,उन पर पैसा रिकवरी व FIR कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। जानकारी के अनुसार तत्कालीन ईई सुरेश नागेश, एसडीओ मुविष लहरे, सुरेश बांदे एवं संतानंद महिकवार के खिलाफ विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। पीएमजीएसवाय की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं कार्यों में गुणवत्ता, भुगतान और अन्य अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। शिकायतों एवं जांच के बाद विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई को मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि जिन निर्माण कार्यों में अनियमितताएं सामने आई हैं, उनमें जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली और संबंधित ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। पीएमजीएसवाय में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर चार लोगों पर निलंबन की कार्रवाई के बाद विभागीय कार्रवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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दमोह में हिंदू संगठनों का बड़ा प्रदर्शन; गौकशी मामले पर आंदोलन फिर शुरू

Damoh, Madhya Pradesh:कल दमोह में हिंदुवादी संगठनों का बड़ा प्रदर्शन। दमोह के बीते दिनों हुई गौकशी का मामला शांत नहीं हो रहा है, इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है तो आरोपियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्यवाही भी की है लेकिन इन तमाम कार्रवाहियों से हिन्दूवादी संगठन नाखुश हैं और कल मंगलवार को एक बार फिर जिला मुख्यालय पर एक बड़ा आंदोलन की घोषणा की गई है। विभिन्न हिन्दू संगठन धार्मिक सामाजिक संस्थाओं के साथ गौ भक्तों ने ऐलान किया है कि आंबेडकर चौक पर धरना प्रदर्शन के साथ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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EOW ने 6वाँ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया; 12 आरोपी, सूर्यकांत तिवारी नेटवर्क का किंगपिन

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले का मामला. मामले में ईओडब्ल्यू ने विशेष अदालत में 9500 पन्नों का छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया. पूरक आरोप पत्र में कई हैरान करने वाले खुलासे. जांच एजेंसी के अनुसार अवैध वसूली से जुटाए गए 104.20 करोड़ रुपये प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के पास पहुंचाए गए. अवैध कमाई को छिपाने के लिए शेल कंपनियों, बेनामी संपत्तियों और विभिन्न नेताओं में बांटा गया. 500 करोड़ से ज्यादा के कोयला लेवी घोटाले में EOW ने 12 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है. जिसमें 25 रुपये प्रति टन कोयला परिवहन लेवी वसूली और घोटाले का नेटवर्क सामने आया. तत्कालीन खनिज संचालक IAS जयप्रकाश मौर्य की भूमिका भी शामिल. सूर्यकांत तिवारी को बताया गया नेटवर्क का किंगपिन. कांग्रेस नेता राम गोपाल अग्रवाल, कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह यादव, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी, आरपी सिंह , कांग्रेस के विधायक रहे चंद्रदेव राय के नामों पर करोड़ों के लेन-देन का जिक्र. सीएम हाउस के नाम से रेस्ट हाउस बुक करने और सीक्रेट मीटिंग करने के दावे...
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इटावा के पक्का ताल बेम्बे में युवक का शव, पहचान की कोशिश जारी

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा जनपद के पक्का ताल में स्थित बंबे में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है। इटावा जनपद के थाना भरथना इलाके के अंतर्गत पक्का ताल के पास स्थित बंबे में एक करीब 25 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, मामले की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई वहीं शव मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई तो मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है हालांकि मृतक युवक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है जिसकी शिनाख्त के लिए पुलिस लगातार जुटी हुई है हालांकि मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच रिपोर्ट के बाद यह सामने आ पाएगी。
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जालौन: कमरे में बंद कर पेट्रोल डाल आग लगाने का आरोप, मौत

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर महिला को आग लगाने का आरोप, आग से झुलसी महिला की 11 दिन बाद इलाज के दौरान हुई मौत, हालत में सुधार न होने पर कानपुर से सैफई ले जाते समय रास्ते में महिला ने तोड़ा दम, सैफई पहुंचने पर डॉक्टरों ने 31 वर्षीय रामश्री को किया मृत घोषित, मरने से पहले का महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, वीडियो में महिला ने पैट्रोल डालकर आग लगाने का लगाया आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, जालौन के आटा थाना क्षेत्र के परासन गांव के मजरा मोहरदेवी का मामला।
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महिलाओं के सम्मान की शिक्षा: घर से शुरू होकर समाज बनाएगा सुरक्षित भविष्य

Saharanpur, Uttar Pradesh:दो कचौड़ी, एक समोसा… मर्दों का क्या भरोसा”—इस तरह के नारे इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे नारे सुनकर उन्हें हैरत हुई। उनके मुताबिक़, जब उन्होंने इस मामले के बारे में तहक़ीक़ की तो उन्हें बताया गया कि यह नारा कुछ लड़कियों की ओर से अपनी सुरक्षा और तहफ़्फ़ुज़ से जुड़ी चिंता व्यक्त करने के लिए लगाया जा रहा है। इस नारे की भाषा और अंदाज़ पर अलग-अलग राय हो सकती है और इसे लेकर बहस भी हो सकती है। लेकिन अगर इसके पीछे सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी कोई चिंता व्यक्त की जा रही है, तो उस चिंता को समझने की कोशिश करना भी ज़रूरी है। यहीं से बात सिर्फ़ एक नारे की नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और पारिवारिक तरबियत की भी हो जाती है। हमें अपने बच्चों, खास तौर पर बेटों को यह सिखाना चाहिए कि महिलाओं और लड़कियों के साथ सम्मान, शालीनता और ज़िम्मेदारी के साथ पेश आना कितना ज़रूरी है। उन्हें यह समझाना चाहिए कि किसी भी महिला के साथ ऐसा व्यवहार न हो जिससे उसे असहजता या असुरक्षा महसूस हो। हमें यह भी याद रखना चाहिए कि ख़वातीन में हमारी अपनी बहनें, माँएँ, नानियाँ और दादियाँ भी होती हैं। जिस सम्मान और सुरक्षा की हम अपने घर की महिलाओं के लिए उम्मीद करते हैं, वही सम्मान समाज की दूसरी महिलाओं के लिए भी हमारे व्यवहार में दिखाई देना चाहिए। हम अपने बच्चों को बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ तो दिलाते हैं, लेकिन साथ ही उनकी तरबियत, अख़लाक़, संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी पर भी ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है। क्योंकि तालीम इंसान को क़ाबिल बनाने में मदद करती है, लेकिन अच्छी तरबियत उसे अपने व्यवहार और ज़िम्मेदारियों को समझने वाला इंसान बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए बहस सिर्फ़ इस बात तक सीमित न रहे कि— “यह नारा सही है या ग़लत?” बल्कि हमें यह भी सोचना चाहिए— “हम अपने घरों में अगली नस्ल को महिलाओं के सम्मान, तहज़ीब और इंसानी रिश्तों की क़द्र करना कितना सिखा रहे हैं?” किसी भी समाज में बेहतर माहौल बनाने की शुरुआत केवल नारों या बहसों से नहीं, बल्कि घर से मिलने वाली सही तरबियत और हमारे अपने व्यवहार से भी होती है।
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सांगली में बदमाशों के हमले से युवक गौरव सर्जे की निर्घृण हत्या

Sangli, Maharashtra:सांगली खून का बदला खून, चौघांच्या टोळीकडून तरुणाचा निर्घृण खून अँकर - खून का बदला खून यातून सांगलीमध्ये एका तरुणाचा निर्घृण खूनण्यात आला है. शहरातल्या गोकुळ नगर येथे चौघा जणांच्या टोळीने धारदार शस्त्रांनी हल्ला करत भर वस्तीमध्ये खून केल्याची धक्कादायक घटना घडली आहे. गौरव सर्जे, असं हत्या झालेल्या तरुणाचं नाव आहे. हत्याचा सीसीटीव्ही व्हिडिओदेखील व्हायरल झाला आहे. काही दिवसांपूर्वी सांगली मध्ये कृष्णा नदीच्या काठावर घडलेल्या हत्येच्या बदल्यातून गौरव सर्जे याची हत्या करण्यात आल्याची चर्चा सुरू आहे, दरम्यान खुनाच्या घटने प्रकरणी विश्रामबाग पोलीस ठाण्यामध्ये चौघांच्या विरोधात गुन्हा दाखल करण्यात आला असून नेमका कोणत्या कारणातून करण्यात झाला आहे, त्याचा तपास करण्यात येत असून चौघांना अटक करण्यासाठी पथक देखील रवाना झाल्याची माहिती पोलीस अधीक्षक तुषार दोषी यांनी दिली आहे. बाईट - तुषार दोशी - पोलीस अधीक्षक, सांगली.
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गोरखपुर AIIMS में इमरजेंसी सुविधाओं पर सवाल, मरीज गोद में उठाने पड़े

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर AIIMS... पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए बेहतर और अत्याधुनिक इलाज की उम्मीद का बड़ा केंद्र। करोड़ों रुपये की लागत से बना ये संस्थान... जहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन अब AIIMS की कुछ तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। तस्वीरों में कहीं मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले जाया जा रहा है, तो कहीं पैर में फ्रैक्चर बताई जा रही बुजुर्ग महिला इमरजेंसी के बाहर लेटी नजर आ रही है। सवाल सीधा है जब मरीज इमरजेंसी में पहुंचता है, तो क्या उसे व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के लिए भी इंतजार करना पड़ेगा? क्या करोड़ों की लागत से बने अस्पताल में मरीजों को इमरजेंसी की बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशान होना पड़ेगा? वीडियो वायरल होने के बाद तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। देखिए गोरखपुर AIIMS की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती ये ग्राउंड रिपोर्ट... ये तस्वीरें हैं गोरखपुर AIIMS की इमरजेंसी के बाहर की। एक तरफ देश के बड़े चिकित्सा संस्थानों की तर्ज पर सुविधाएं विकसित करने का दावा... और दूसरी तरफ मरीजों की ऐसी तस्वीरें, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। तस्वीरों में परिजन एक मरीज को गोद में उठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत है... लेकिन सवाल ये है कि क्या उसे व्हीलचेयर या स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हुआ? अगर तस्वीरों में दिखाई दे रही स्थिति वास्तव में व्हीलचेयर या स्ट्रेचर उपलब्ध न होने की वजह से बनी, तो ये निश्चित तौर पर गंभीर सवाल है। और ये दूसरी तस्वीर... इमरजेंसी के बाहर लेटी एक बुजुर्ग महिला। बताया जा रहा है कि महिला के पैर में फ्रैक्चर है। ऐसे मरीज के लिए अस्पताल की पहली जरूरत क्या होती है? सहारा... व्हीलचेयर... स्ट्रेचर... और तत्काल मेडिकल अटेंशन। लेकिन अगर मरीज को इमरजेंसी के बाहर ही लेटना पड़े, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर अस्पताल की व्यवस्था किसके लिए है? मरीज के लिए या सिर्फ कागजों पर दर्ज सुविधाओं के लिए? गोरखपुर AIIMS की आधिकारिक जानकारी में इमरजेंसी सेवाओं के साथ बेड और रिकवरी ट्रॉली जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया जाता है। लेकिन इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या ये सुविधाएं मरीज की जरूरत के वक्त वास्तव में उपलब्ध रहती हैं? क्योंकि अस्पताल की असली परीक्षा उसके भवन से नहीं... बल्कि इमरजेंसी में पहुंचे मरीज को मिलने वाली तत्काल मदद से होती है। गोरखपुर AIIMS की ये तस्वीरें सिर्फ एक मरीज की परेशानी की तस्वीर नहीं हैं... बल्कि ये सवाल पूछ रही हैं कि करोड़ों रुपये खर्च करके तैयार किए गए इस बड़े चिकित्सा संस्थान में अगर किसी मरीज को इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए परिजनों को उसे गोद में उठाना पड़े... तो फिर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था को लेकर सवाल क्यों न उठें? और अगर किसी बुजुर्ग मरीज को इमरजेंसी के बाहर जमीन पर लेटना पड़े... तो जिम्मेदारी किसकी है? अस्पताल प्रशासन की? व्यवस्था की? या फिर उस सिस्टम की, जो कागजों पर तो मजबूत नजर आता है, लेकिन जरूरत के वक्त कमजोर पड़ जाता है? इमरजेंसी में आने वाला मरीज सुविधा मांगने नहीं आता... इलाज कराने आता है। वो भी ऐसी स्थिति में, जब हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर अगर मरीज के परिजनों को परेशान होना पड़े... तो सवाल सिर्फ सुविधा का नहीं... संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी है। और ये सवाल सिर्फ आज की तस्वीरों तक सीमित नहीं है। AIIMS गोरखपुर में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की उपलब्धता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। अब नई तस्वीरों ने एक बार फिर व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। सवाल ये है कि... क्या अस्पताल प्रशासन को मरीजों की इस परेशानी की जानकारी है? अगर जानकारी है तो कार्रवाई क्या हुई? और अगर जानकारी नहीं है... तो फिर अस्पताल की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल क्यों न उठें? गोरखपुर AIIMS... बड़ा अस्पताल, बड़ी सुविधाएं और बड़े दावे। लेकिन मरीज को अगर इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए परिजनों को उसे गोद में उठाना पड़े... या फ्रैक्चर बताई जा रही बुजुर्ग महिला को इमरजेंसी के बाहर जमीन पर लेटना पड़े... तो तस्वीरें सवाल पूछेंगी ही। सवाल ये नहीं कि AIIMS कितना बड़ा है... सवाल ये है कि मुश्किल वक्त में मरीज के साथ खड़ी व्यवस्था कितनी मजबूत है? अब देखना होगा कि AIIMS प्रशासन इन तस्वीरों और मरीजों की परेशानी पर क्या जवाब देता है और व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।
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आजमगढ़ में फर्जी दस्तावेज़ से शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाला आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

Azamgarh, Uttar Pradesh:कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसंस बनवाने का आरोपी मुंबई से गिरफ्तार, SIR प्रक्रिया भी आई संदेह के घेरे में, गांव का निवासी दिखाकर तैयार कराए गए थे परिवार रजिस्टर व विद्यालय अभिलेख। आजमगढ़ के निजामाबाद थाने की पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लायसेंस और अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में नामजद अभियुक्त मो. इबराक खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लाइसेंसी रिवाल्वर, 33 जिंदा व 2 खोखा कारतूस के अलावा आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड बरामद किये गए हैं। आरोपी वर्तमान में ओशिवरा के मुंबई में रह रहा था, जबकि दस्तावेजों में उसे निजामाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाया गया था। पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक को सूचना मिली थी कि ग्राम मिर्जापुर निवासी म mirza अयाज बेग और उसके सहयोगियों द्वारा बाहर रहने वाले लोगों को गांव का निवासी दिखाकर उनके नाम पर फर्जी पता और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए जाते हैं। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस सहित अन्य सरकारी लाभ दिलाए जाते थे और इसके बदले मोटी रकम ली जाती थी। जांच में पुलिस को पता चला कि महाराष्ट्र में मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहने वाले मो. इबराक के नाम पर ग्राम मिर्जापुर के पते से परिवार रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इन्हीं अभिलेखों के आधार पर वर्ष 2010 में रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस संख्या 315/2010 जारी कराया गया था। पुलिस के अनुसार ग्राम मिर्जापुर से संबंधित जूनियर हाईस्कूल के स्थानांतरण प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल सहित कुछ दस्तावेजों के कूटरचित होने की जानकारी जांच में सामने आई है। इस मामले में मुकदमा सं. 245/2026 धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस और 29/30 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति के बाद पुलिस टीम एक अक्टूबर को मुंबई पहुंची। ओशिवरा पुलिस के सहयोग से पुलिस टीम ने आरोपी के वर्तमान पते पर दबिश दी। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम इबराक खान बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड मिले। इसके अलावा मुकदमे से संबंधित लाइसेंसी रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और 2 खोखा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट, बांद्रा, मुंबई के समक्ष पेश किया। वहां से उसे आजमगढ़ न्यायालय में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद अब आरोपी को निजामाबाद थाने लाया गया, जहां मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह अन्य व्यक्तियों को ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए और उनके आधार पर शस्त्र लाइसेंस एवं अन्य सरकारी लाभ दिलाने की बात सामने आई है। जांच में शाहिद मोहम्मद खान, निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई के नाम भी वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते से शस्त्र लाइसेंस संख्या 314/2010 जारी होना पाया गया। पुलिस के अनुसार इस लाइसेंस के संबंध में भी कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। जिसमें मो. इबराक खान और शाहिद मोहम्मद खान के नाम Special Intensive Revision ( Voter List-2026 ) में भी ग्राम मिर्जापुर के पते पर दर्ज पाए गए। वहीं ग्राम प्रधान की वर्तमान रिपोर्ट, परिवार रजिस्टर और अन्य अभिलेखों के अवलोकन में दोनों के गांव का निवासी होने की पुष्टि नहीं हुई। जांच में मिर्जा अयाज बेग की भूमिका भी सामने आई है, पुलिस के अनुसार उसके द्वारा बाहरी व्यक्तियों को ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने तथा शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में सहयोग किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक अयाज बेग, उसकी पत्नी, पुत्र और भाइयों सहित परिवार से जुड़े कुल 8 शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इस मामले में सामने आए अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जायेगी।
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वाराणसी तक जाएगी सेवा संकल्प यात्रा: बिहार-झारखंड से प्रवेश, मंत्री का स्वागत

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी तक के लिए निकली ''सेवा संकल्प यात्रा'' का कारवां झारखंड के रास्ते बिहार की सीमा में प्रवेश कर गया।यात्रा में शामिल 25 बाइकर्स औरंगाबाद जिले के संडा बॉर्डर के रास्ते बिहार पहुंचे जहां बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह तथा रमा निषाद ने उनका भव्य स्वागत किया ।यात्रियों ने संडा में पौधरोपण भी किया।उसके बाद यात्रा औरंगाबाद जिला मुख्यालय के लिए निकल पड़ी जहां आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उन सबों ने भाग लिया।पूरे रास्ते उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं।यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओ में खासा जोश देखने को मिल रहा था ।
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जयपुर में 25 प्रकोष्ठ बनाकर चुनावी तैयारी तेज

Jaipur, Rajasthan:एंकर-पंचायती राज आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित होने के बाद जयपुर जिला प्रशासन चुनावी तैयारियों में जुट गया है। जिले में चुनाव प्रक्रिया को सुचारू तरीके से पूरा कराने के लिए 25 अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। इन प्रकोष्ठों के जिम्मे मतदाता सूची से लेकर मतदान केंद्र, पोलिंग पार्टियों की ट्रेनिंग, EVM, चुनाव सामग्री, परिवहन और कानून-व्यवस्था तक की जिम्मेदारी रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर संदेश नायक ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने साफ किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। सभी प्रकोष्ठ निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार समयबद्ध तरीके से काम पूरा करें और आपस में लगातार समन्वय बनाए रखें। बैठक में मतदाता सूचियों के अद्यतन और पुनरीक्षण के साथ ही मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मतदान दलों के गठन और प्रशिक्षण, निर्वाचन सामग्री, EVM, कानून-व्यवस्था, परिवहन और कार्मिक व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मतदाता जागरूकता, सूचना प्रौद्योगिकी और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं की प्रगति भी देखी गई। कलेक्टर ने मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा मतदाता मतदान के लिए बूथ तक पहुंचें, इसके लिए जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने को कहा गया। सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों को अपने हिस्से की जिम्मेदारी के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव से जुड़ी सूचनाओं और रिपोर्टों का नियमित रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी मेघराज मीना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूर्व नरेन्द्र वर्मा, एडीएम प्रथम राजीव द्विवेदी, एडीएम जयपुर दक्षिण युगांतर शर्मा, एडीएम चतुर्थ आशीष कुमार, एडीएम जयपुर उत्तर राजेंद्र सिंह सहित संबंधित प्रकोष्ठों के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।
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