Back
आजादी के सपने अधूरे: महिला उत्थान, शिक्षा व रोजगार के लिए ठोस कदम जरूरी
ASAshok Singh Shekhawat
Jan 25, 2026 08:30:21
Sikar, Rajasthan
आजादी के सपने अभी अधूरे, सरकारों को महिला उत्थान, शिक्षा व रोजगार पर और ठोस कदम उठाने चाहिए : स्वतंत्रता सेनानी कालीदास स्वामी
देश को आजाद हुए भले ही 78 वर्ष हो चुके हों, लेकिन आजादी के समय देखे गए कई सपने अब भी अधूरे हैं। काम जरूर हुआ है, लेकिन महिला उत्थान, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह कहना है सीकर जिले के एकमात्र जीवित स्वतंत्रता सेनानी कालीदास स्वामी का।
94 वर्षीय कालीदास स्वामी आज भी गुलामी के उस दौर को याद कर सिहर उठते हैं। वे बताते हैं कि देश की आजादी के लिए उन्होंने अपने जवानी के दिनों में तीन साल जेल की कठोर यातनाएं सहीं। उस दौर में जनता को चार प्रकार की दासता झेलनी पड़ती थी—अंग्रेजों की, राजाओं की, जागीरदारों की और ठिकानेदारों की
स्वतंत्रता सेनानी कालीदास स्वामी का जन्म 31 जनवरी 1931 को ढाणी केवलदास वाली, ग्राम जैतुसर (सीकर) में सैनी समाज के किसान परिवार में हुआ। पिता गिरधारी लाल स्वामी और माता पार्वती देवी थीं। सामान्य व गरीब परिवार में जन्मे कालीदास स्वामी ने प्रारंभिक शिक्षा जैतुसर के सरकारी विद्यालय से तथा मैट्रिक शिक्षा रींगस की श्री रामानंद पाठशाला से प्राप्त की। मात्र 13 वर्ष की आयु में वे स्वतंत्रता सेनानी रामभजन स्वामी, बालूराम सैनी और बंशीधर शर्मा से प्रेरित होकर प्रजामंडल आंदोलन व चरखा संघ से जुड़ गए। आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण जागीरदारों द्वारा उन्हें दो दिन की काठ की सजा दी गई, पुश्तैनी घर जला दिया गया और 1942 में परिवार सहित गांव से निष्कासित कर दिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अगस्त 1942 में रींगस क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन व जुलूस निकालने के आरोप में अंग्रेजों और जागीरदारों द्वारा लाठीचार्ज व पत्थरबाजी की गई, जिसमें कालीदास स्वामी के आंख के ऊपर गंभीर चोट आई, जिसका निशान आज भी मौजूद है। उन्हें 11 चाबुकों की सजा, जुर्माना और लंबा उत्पीड़न झेलना पड़ा। लगभग 8 माह भूमिगत रहने के बाद 19 मार्च 1946 को तत्कालीन सीकर ठिकाने द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया गया। जेल में चक्की पिसाई, भूख-प्यास और अमानवीय यातनाएं दी गईं, लेकिन माफी मांगने से इनकार करने पर भी वे अपने संकल्प से डिगे नहीं। 13 अप्रैल 1946 को उन्हें जेल से रिहा किया गया। जेल से रिहाई के बाद वे और अधिक सक्रियता से आंदोलन में जुट गए। 24 जून 1946 को दिल्ली में प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी से उनकी मुलाकात हुई, जहां गांधी जी ने उनके योगदान की सराहना की। 15 अगस्त 1947 को रींगस में आजादी का जुलूस स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों और ग्रामवासियों के साथ निकाला गया। स्वतंत्रता के बाद कालीदास स्वामी ने समाज सुधार को जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए रींगस में हरिजन पाठशाला चलाई, जब उन्हें अन्य बच्चों के साथ बैठने तक की अनुमति नहीं थी। 1958 में ग्राम जैतुसर में ज्ञानोदय विद्यापीठ की स्थापना कर शिक्षा के प्रसार में अहम भूमिका निभाई। साहित्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने शोषण एकांकी नाटक, बालक बोध, श्री दादू चालीसा, श्री दादू पंचधाम महात्म्य, दादूनाम और शताबली जैसी पुस्तकों की रचना की। साथ ही महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी कई प्रेरणादायी कार्य किए। कालीदास स्वामी 1954 से 1963 तक सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक के संचालक रहे। दिसंबर 1960 में वे ग्राम पंचायत जैतुसर के सरपंच निर्वाचित हुए और करीब 28 वर्षों तक इस पद पर सेवाएं दीं। इसके अलावा वे नगरपालिका रींगस में मनोनीत पार्षद रहे तथा अनेक सामाजिक व राजनीतिक संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वर्तमान में वे सैनी विकास समिति, श्रीमाधोपुर के संरक्षक हैं। आज भी सादा जीवन और स्पष्ट विचारों वाले कालीदास स्वामी देश के लिए प्रेरणा हैं। उनका कहना है कि सच्ची आजादी तभी पूरी होगी, जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी शिक्षा, सम्मान और रोजगार से सशक्त होगा।
बाइट - स्वतंत्रता सेनानी कालीदास स्वामी
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Advertisement
0
Report
ASArvind Singh
FollowJan 25, 2026 12:02:180
Report
ANAJAY NATH
FollowJan 25, 2026 12:02:020
Report
RKRaushan Kumar
FollowJan 25, 2026 12:01:380
Report
KAKapil Agarwal
FollowJan 25, 2026 12:01:150
Report
VKVINOD KANDPAL
FollowJan 25, 2026 12:00:480
Report
PSPramod Sharma
FollowJan 25, 2026 12:00:250
Report
0
Report
Pilibhit, Uttar Pradesh:
अपेक्स ओवरसीज, गुरप्रीत सिंह, मझोला (पीलीभीत) की ओर से समस्त जनपदवासियों, प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
0
Report
Amethi, Uttar Pradesh:
अवध हॉस्पिटल, निकट पी.एन.बी. बैंक, धम्मौर रोड, अमेठी की ओर से समस्त जनपदवासियों, प्रदेशवासियों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एंव शुभकामनाएं....
0
Report
HSHarish Sharma2
FollowJan 25, 2026 11:55:430
Report
0
Report
0
Report
BKBRAJESH KUMAR
FollowJan 25, 2026 11:55:100
Report