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RSRakesh Saini 27 Sept 2024, 12:24 pm
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भैराणा धाम मामले में संत समाज स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी रखने को तैयार

Noida, Uttar Pradesh:Imran Zee Mohd: भैराणा धाम मामले में साधु-संतों की आवाज अब और आगे तक पहुंचाई जाएगी। जयपुर कलेक्टर से हुई सकारात्मक वार्ता के बाद संत समाज को समाधान की उम्मीद。 संतों का कहना — संघर्ष जारी रहेगा, जब तक स्थायी समाधान नहीं मिलता。 RIICO को आवंटित भूमि को लेकर साधु-संतों में अब भी नाराजगी。 प्रशासन ने जल्द समाधान का भरोसा दिया, संत समाज ने जताया विश्वास。 संतों का दावा — भैराणा धाम की आस्था से कोई समझौता नहीं होगा。 मामले को राज्य स्तर तक पहुंचाने की तैयारी में संत समाज。 साधु-संतों को उम्मीद — न्याय मिलेगा और आंदोलन सफल होगा。 प्रशासन और संत समाज के बीच संवाद से निकले समाधान की उम्मीद बढ़ी。
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कर्नाटक में विधायक जोड़-तोड़ पर भाजपा नेता बोले: भ्रष्टाचार बढ़ रहा है

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, वहां (कर्नाटक) पर कांग्रेस में पहले दिन से ही म्यूजिकल चेयर का खेल चल रहा है। वहां केवल एक काम होता है कि कभी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने 50 विधायकों को लेकर दिल्ली जाते हैं तो कभी डी.के. शिवकुमार अपने 50 विधायकों को दिल्ली भेजते हैं और फिर कभी मल्लिकार्जुन खरगे ऐसा करते हैं। यहां तो वही स्थिति हो गई कि बॉलर भी है, बैट्समैन भी है लेकिन अंपायर कह रहा है कि वो भी खेलना चाहता है। डी.के. शिवकुमार और सिद्धारमैया, मल्लिकार्जुन खरगे के पास जाते हैं और खरगे कहते हैं कि इन दोनों को हटाकर मुझे (मुख्यमंत्री) बना दो। इसका प्रभाव ये पड़ा कि जो कर्नाटक भारत के विकास का इंजन हुआ करता था, आज वहां जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है...
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पेट्रोल पंप निरीक्षण नियमों पर निर्णय लेने को चार सप्ताह कहा

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से उठाए गए निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई के विवाद में राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पेट्रोलियम डीलर्स डिस्ट्रब्यूर्टस ट्रांसफेयर वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका का निस्तारण करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव को 14 मई 2026 को दिए गए प्रतिनिधित्व पर चार सप्ताह में निर्णय लेने को कहा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य के विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा पेट्रोल पंपों पर निरीक्षण के दौरान निर्धारित नियमों और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। संगठन का कहना था कि कई मामलों में पेट्रोल पंप संचालकों को निरीक्षण रिपोर्ट दिए बिना ही दबाव बनाकर मौके पर जुर्माना भरने और कंपाउंडिंग के लिए मजबूर किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की थी कि ईंधन वितरण इकाइयों की जांच और कैलिब्रेशन केवल वैधानिक माप-तौल विभाग के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही कराए जाएं। साथ ही किसी भी पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसे सुनवाई और पुनः परीक्षण का अवसर दिया जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता हिमांशु रंजन सिंह भाटी ने कोर्ट को बताया कि फिलहाल उनकी मुख्य मांग सरकार के समक्ष लंबित प्रतिनिधित्व पर शीघ्र निर्णय कराने की है। इस पर अदालत ने राज्य सरकार को तय समय सीमा में निर्णय लेने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका यह आदेश केवल शिकायत के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से है और इसे किसी विशेष प्रकार का निर्णय देने का निर्देश नहीं माना जाएगा। साथ ही लंबित स्थगन आवेदन भी निस्तारित कर दिए गए।
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हाईकोर्ट ने नरेश बंजारा केस सीबीआई के हवाले AI तस्वीर जारी करने की सिफारिश

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच ने आठ वर्षों से लापता युवक नरेश बंजारा मामले में राज्य पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए प्रकरण की आगे की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के आदेश दिए हैं। नरेश के पिता केतन बंजारा की ओर से अधिवक्ता अशोक जोशी ने याचिका पेश की। कोर्ट को बताया कि नरेश बंजारा 25 नवंबर 2017 को अचानक लापता हो गया था। इसके बाद प्रतापनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि नरेश की तय सगाई को लेकर रंजिश के चलते उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई। शिकायत के आधार पर देवनगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि पुलिस, एसओजी और विशेष जांच दल (एसआईटी) समेत कई एजेंसियों ने जांच की, लेकिन नरेश का कोई सुराग नहीं लग पाया। मामले में कई बार हाईकोर्ट ने निष्पक्ष जांच के निर्देश भी दिए थे। परिवार ने न्याय की मांग को लेकर जयपुर में 122 दिन तक धरना भी दिया।इसके बाद राज्य सरकार ने 2023 में जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया था। सीबीआई की ओर से कोर्ट में कहा गया कि राज्य पुलिस क्लोजर रिपोर्ट पेश कर चुकी है और याचिकाकर्ता के पास विरोध याचिका दायर करने का विकल्प मौजूद है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि जांच अब तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है और केवल युवक का पता नहीं चलने के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक युवक का पता नहीं चलना गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए संबंधित रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने एआई तकनीक की मदद से युवक की संभावित वर्तमान तस्वीर तैयार कर देशभर में प्रसारित करने का सुझाव भी दिया।
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नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी को राजस्थान हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न और पीछा करने के मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने जमानत के साथ आरोपी पर एक वर्ष तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर रोक लगाने जैसी कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। जस्टिस अशोक जैन की बेंच ने आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राहत दी लेकिन सशर्त। मामला बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर थाने में दर्ज एफआईआर का है जिसमें आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(2), 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुकुल कृष्ण व्यास ने कोर्ट को बताया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। पुलिस जांच पूरी कर चुकी है और चार्जशीट भी पेश हो चुकी है, इसलिए अब आरोपी की हिरासत आवश्यक नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी 24 फरवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ केवल एक अन्य मामला लंबित है। वहीं परिवादी पक्ष और लोक अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी लगातार पीड़िता को परेशान कर रहा था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और आरोपी की लंबी हिरासत को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने आरोपी को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं करने तथा किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं करने की शर्त लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शर्तों के उल्लंघन पर जमानत निरस्त कर दी जाएगी।
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टोंक के गहलोंद बनास ब्रिज 26–30 मई तक बंद; वैकल्पिक मार्ग घोषित

Kota, Rajasthan:टोंक जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला गहलोद बनास नदी पर बना हाई लेवल ब्रिज पूरी तरह बंद.... 5 दिनों तक लोड टेस्ट के लिए हाई लेवल ब्रिज पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह की गई बंद, हाई लेवल ब्रिज पर 26 मई से 30 मई तक दोनों और बैरिकेट्स लगाकर किया गया बंद, प्रशासन ने जारी किया वैकल्पिक रूट चार्ट, झिराना-सोहेला मार्ग से निकाले जाएंगे वाहन, ब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस जाब्ता तैनात, करीब 134 करोड़ की लागत से बने ब्रिज से मालपुरा-पीपलू क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को मिलती हैं जिला मुख्यालय से सीधी कनेक्टिविटी
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