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नरेला के डीडीए ग्राउंड में विजयदशमी का उत्सव; 120 फीट रावण पुतलों का दहन

New Delhi, Delhi:दिल्ली के नरेला में विजयदशमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। डीडीए ग्राउंड में करीब 120 फीट ऊँचे रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। हजारों लोगों ने बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देखा। तस्वीरें दिल्ली के नरेला डीडीए ग्राउंड की हैं... जहां विजयदशमी के मौके पर आस्था, उमंग और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मैदान में सुबह से ही दशहरा उत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया। शाम होते-होते डीडीए ग्राउंड लोगों की भारी भीड़ से भर गया। आसमान को छूते करीब 120 फीट ऊँचे रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र रहे। रामलीला मंचन के दौरान भगवान राम और रावण के बीच हुए युद्ध का जीवंत प्रदर्शन किया गया। जैसे ही भगवान राम ने रावण का वध किया, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। पुतलों में लगी आग के साथ ही पूरा आसमान आतिशबाजी और रोशनी से जगमगा उठा। नरेला के डीडीए ग्राउंड में आयोजित इस भव्य दशहरा समारोह में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग उत्साह के साथ शामिल हुए। लोगों ने परिवार के साथ रामलीला और रावण दहन का आनंद लिया। विजयदशमी का ये महापर्व एक बार फिर यही संदेश देकर गया कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत निश्चित है।
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केन्द्रीय कारागार में दसवें दिन रावण वध के साथ रामलीला का समापन, जय श्रीराम के नारों से गूंजा परिसर

Mayank Kumar KashyapMayank Kumar KashyapFollowJust now
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी। केन्द्रीय कारागार वाराणसी में चल रही दस दिवसीय रामलीला का मंचन दसवें दिन भव्य समापन के साथ संपन्न हुआ। दसवें दिन की लीला में मेघनाद, अहिरावण, अक्षय कुमार, कुम्भकरण आदि लंका के सभी योद्धाओं के वध के बाद रावण स्वयं भगवान श्रीराम से युद्ध करने की तैयारी करता है। लीला के अनुसार रावण शिव पूजा और रुद्राभिषेक करता है, वहीं भगवान श्रीराम शक्ति की पूजा करते हैं। शक्ति पूजा के दौरान बाहर से आई कथक नृत्यांगना समीक्षा शर्मा शक्ति के रूप में कथक नृत्य प्रस्तुत कर श्रीराम को विजय का आशीर्वाद देती हैं। इसके बाद भगवान श्रीराम युद्धभूमि में पहुँचते हैं और रावण के बीच भीषण युद्ध होता है। विभीषण के कहने पर भगवान श्रीराम रावण की नाभि में तीर मारते हैं और रावण का वध होता है। इसके पश्चात रावण, मेघनाथ और कुम्भकरण के पुतलों का दहन किया जाता है और पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठता है। रामलीला के अंतिम दिन के समापन पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र द्वारा बाहर से आये सभी अतिथिगणों को मंच पर आमंत्रित किया गया। अतिथियों द्वारा राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद और अन्य पात्रों की आरती उतारी गई और पुष्पवर्षा की गई। समापन अवसर पर वरिष्ठ अधीक्षक द्वारा रामलीला के सभी पात्रों, कलाकारों और सह-कलाकारों को बधाई और धन्यवाद दिया गया तथा कथक नृत्य प्रस्तुत करने वाली समीक्षा शर्मा को अंगवस्त्र व प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे एसबी सिंह, आयुष्मान सिंह, अतुल सिंह, कारागार के चिकित्साधिकारी अभिषेक सिंह, जेलर अखिलेश कुमार, जिला कारागार वाराणसी के जेलर एबी सिंह, डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र, अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, अयोध्या प्रसाद, भोजराज, अमिता श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट संदीप खरे सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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उदयपुरवाटी में 31 फीट रावण पुतला दहन के साथ दशहरा उत्सव का समापन

Jhunjhunu, Rajasthan:उदयपुरवाटी, झुंझुनूं उदयपुरवाटी में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन उदयपुरवाटी में परंपरागत तरीके से मनाया गया दशहरा उत्सव दादूपंथी स्वामी समाज की पंचायत पांचों अखाड़ों के तत्वावधान में आयोजन 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का बाण से किया गया वध प्रशासनिक प्रतिबंध के चलते पांच साल से बंदूकों का इस्तेमाल बंद सैकड़ों वर्षों से चली आ रही दशहरा उत्सव की परंपरा का निर्वहन रावण दहन देखने उमड़े लोग, आतिशबाजी के साथ हुआ आयोजन झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे में विजयादशमी का पर्व परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। दादूपंथी स्वामी समाज की सामाजिक संस्था पंचायत पांचों अखाड़ों के पंच भंडारी के तत्वावधान में दशहरा उत्सव के तहत रावण दहन का आयोजन किया गया। इस दौरान 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण वध देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।दादूपंथी स्वामी समाज की ओर से यहां सैकड़ों वर्षों से दस दिवसीय दशहरा उत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है। नवरात्र के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और विजयादशमी पर रावण दहन के साथ उत्सव का समापन होता है। दादूपंथी समाज की परंपरा के अनुसार, पूर्व में रावण वध के दौरान बंदूकों से निशाना लगाया जाता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से प्रशासनिक प्रतिबंधों के चलते बंदूकों का उपयोग बंद है। इस बार भी रावण वध विशेष रूप से तैयार किए गए बाण से किया गया। रावण दहन के साथ कस्बे में दशहरा उत्सव का समापन हुआ।
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खटकयाना की मां काली की विदाई पर रवि शर्मा ने की पुष्पवर्षा

Praveen BhargavPraveen BhargavFollow4m ago
Jhansi, Uttar Pradesh:मां दुर्गा की विदाई यात्रा पर बरसे फूल, विधायक रवि शर्मा ने किया स्वागत खटकयाना की मां काली की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र झांसी। नवरात्रि के समापन पर नगर विधायक रवि शर्मा ने बड़ा बाजार स्थित मुरली मनोहर मंदिर के सामने बनाए गए मंच से मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विदाई यात्रा पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से माता रानी को विदाई देते हुए अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की। विदाई यात्रा में खटकयाना की मां काली की प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिमा की भव्यता और श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनी। विधायक रवि शर्मा ने कहा कि नवरात्रि हमारी आस्था, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। मां दुर्गा की विदाई यात्रा सामाजिक समरसता, एकता और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने मां दुर्गा से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर पूनम शर्मा, सुनीता शर्मा, संतोष सोनी, गोकुल दुबे, अर्पणा द्विवेदी, कल्लू पुरी, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सनी वर्मा, संजीव बुधौलिया, सभासद नीता विकास यादव, मनोनीत सभासद कुसुम कुशवाहा, सुमन पुरोहित, अभय उपाध्याय सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं नगर के सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
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मैनपुरी-करहल विजय दशमी दशहरा के पर्व पर रामलीला मैदान में रावण के पुतले का हुआ दहन ।

Ajay KumarAjay KumarFollow6m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:मैनपुरी/करहल करहल में हर साल की तरह इस साल भी रामलीला का मंचन किया गया राम ने रावण को हराकर असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया । विजय दशमी दशहरा बड़ी धूमधाम से मनाया गया लोगो मे भी उत्साह देखने को मिला । रामलीला मैदान में विजय दशमी के पर्व पर स्थानीम कलाकारों ने रावण वध की लीला का मंचन किया भगवान राम और रावण की सेना लग्जरी कारो से रामलीला मैदान पहुंची जहां पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने रावण का बध कर दिया रावण का बध होते ही पूरे रामलीला मैदान में जय श्नी राम के नारे लगने लगे। मुख्य अतिथि-जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी,ग्रामीण एसपी अभिषेक तिवारी,क्षेत्राधिकारी अजय सिंह चौहान,थाना प्रभारी प्रदीप पांडेय,की मौजूदगी में रावण के पुतले का दहन हुआ।
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जगदलपुर के कालीपुर इलाके में अज्ञात चोरों ने सुने मकान से लाखों के आभूषण चोरी की

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर शहर से लगे कालीपुर इलाके में अज्ञात चोरों ने एक सुने मकान में धावा बोलते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया, बताया जा रहा है कि सुने मकान होने का फायदा उठाते हुए चोरों ने इस घटना को अंजाम दिया, पुलिस के अनुसार 1 लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषण चोरी होने की शिकायत परपा थाने में की गई है, प्राथमिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है आस पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपियों की पहचान करने में पुलिस जुटी हुई है, बता दें कि इसे पहले बीते 10 अक्टूबर को कुम्हरावंड में अज्ञात चोरों ने एक सुने मकान से 6 लाख रुपए कीमत के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिए थे, परपा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों ने चोरी की यह दुसरी घटना है。
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बस्तर ओलंपिक 2026 में रिकॉर्ड प्रतिभागी, पंजीयन 2.92 लाख से अधिक

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर ओलंपिक 2026 में इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है, अब तक 2 लाख 92 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए अपना पंजीयन करवाया हैं, खेल विभाग के अनुसार, पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है, वहीं, राज्योत्सव और दीपावली को देखते हुए ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगություններ अब 4 से 6 नवंबर तक आयोजित होंगी, इसके बाद जिला स्तर पर एवं जिला स्तर के बाद संभाग स्तरीय प्रतियोगाओं का आयोजन होगा, साल 2024 में 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लेने के लिए पंजीयन करवाया था वहीं साल 2025 में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लेने के लिए पंजीयन करवाया था इस वर्ष संभाग के 7 जिलों के साथ ही 500 आत्म समर्पित माओवादी भी हिस्सा लेंगे。
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औरैया में दशहरा: 60 फीट रावण दहन से बजी जय श्री राम की गूंज

Auraiya, Uttar Pradesh: auraiya में विजयादशमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया।औरैया नगर के नुमाइश मैदान में 60 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया.इस दौरान पुतला दहन से पहले राम-रावण का जमकर युद्ध भी हुआ।यह तस्वीरें औरैया के नुमाइश मैदान की हैं, जहां हर साल की तरह इस साल भी रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। मैदान में 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला लगाया गया था। जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। रावण दहन से पहले मैदान पर भगवान राम और रावण की सेना के बीच जमकर युद्ध का मंचन किया गया।रामलीला के कलाकारों ने जब युद्ध का दृश्य दिखाया तो पूरा मैदान जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। जैसे ही भगवान राम ने अग्नि बाण चलाया... वैसे ही 60 फीट का रावण धू-धू कर जल उठा,रावण को जलता देख लोगों ने जमकर आतिशबाजी की, बुराई पर अच्छाई की जीत के इस प्रतीक को देखने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, मैदान में भारी पुलिस बल तैनात रहा...फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद रहीं... ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके... कुल मिलाकर औरैया में दशहरा का त्योहार शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
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कोंच रामलीला का इतिहास: 174 साल में रावण-मेघनाथ के 45 फीट पुतलों के साथ जीवंत दशहरा जश्न

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में विजयदशमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। यहाँ कोंच नगर में राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ का सजीव युद्ध देखने को मिल रहा है। यहाँ 45 फीट ऊंचे रावण-मेघनाथ के पुतलों के साथ राम-लक्ष्मण और हनुमान सजीव युद्ध करते हैं। यह युद्ध रामानंद सागर की रामायण की तरह देखने को मिलता है। कोंच नगर की 174 साल पुरानी ऐतिहासिक मैदानी रामलीला में लोग भारी भीड़ देखते हैं। धनु तालाब के मैदान पर आयोजित राम-रावण और मेघनाथ-लक्ष्मण के युद्ध का सजीव मंचन किया गया, जिसमें 45 फीट ऊंचे पुतलों को मैदान में दौड़ाया जाता है। पीछे मान्यता है कि बुराई कितनी भी हावी हो जाए, मगर अच्छाई उसे दौड़ा-दौड़ा कर खत्म कर देती है। देश में रावण और मेघनाथ के पुतलों को एक बटन दबाकर जलाया जाता है, लेकिन कोंच नगर में ऐसा नहीं होता। यहाँ 174 वर्षों से चली आ रही परंपरा को कोंच के लोग जीवित रखे हुए हैं। राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध परम्परागत तरीके से होता है और इस युद्ध को सजीव चित्रण किया जाता है। जिसे देखने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों से लोग आते हैं। यहाँ रावण और मेघनाद के 45 फीट ऊंचे पुतलों को बड़े-बड़े पहियों वाले रथ में बांधा जाता है और इन पुतलों को पूरे मैदान में दौड़ाया जाता है। यह युद्ध मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और उनके अनुज भ्राता लक्ष्मण द्वारा किया जाता है। इस युद्ध में मेघनाथ और रावण के पुतले कई बार नीचे गिरते हैं, जिन्हें लोग पुनः खड़ा कर मैदान में दौड़ाते हैं। यह वही दृश्य है जैसा रामानंद सागर की रामायण में दिखाया गया है। इस युद्ध में लक्ष्मण को शक्ति लगती है और हनुमान जी संजीवनी बूटी लाते हैं, जिससे लक्ष्मण उठ जाते हैं। जब राम और रावण का युद्ध होता है तो पुतों को रस्सियों की सहायता से मैदान में दौड़ाया जाता है। परम्परा के दौरान पुतले कई बार जमीन पर गिरते हैं, जिन्हें लोग फिर से उठाकर मैदान में दौड़ाते हैं। रावण-मेघनाथ के पुतलों को रथों में रखकर दौड़ाने के पीछे तर्क है कि बुराई चाहे कितनी भी भागे, उसका अंत निश्चित है। इस तरह का रावण-वध 174 वर्षों से चला आ रहा है। इस राम-रावण युद्ध को देखने के लिए माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन और डीएम-एसपी सहित कई राजनैतिक हस्तियाँ मौजूद रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा युद्ध उन्होंने कहीं नहीं देखा। यह देशभर में अनोखा राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध है। कोंच की रामलीला का नाम गिनीज बुक में दर्ज है; यह मैदानी रामलीला कर्मकांडी है। राम-लक्ष्मण-भरत-शत्रुघ्न और सीता के किरदार छोटे-छोटे बालक निभाते हैं, जिन्हें भगवान ही माना जाता है। सभी युद्ध सजीव होते हैं और बाहरी कलाकार नहीं बुलाए जाते। लंका अशोक वाटिका में सीता और अयोध्या का दृश्य भी दिखता है, जहां भरत और शत्रुघ्न दिखाई देते हैं। रावण-मेघनाध के 45 फीट ऊंचे पुतलों को मुस्लिम कारीगर वहीद मकरानी और मुकीम अहमद के द्वारा तैयार किया गया है, और इन्हें रामलीला समिति के कार्यकर्ता दौड़ाते हैं।
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जौनपुर में जय श्रीराम के जयघोष के साथ रावण दहन का उत्साह

Jaunpur, Uttar Pradesh:जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा जौनपुर, जगह-जगह हुआ रावण दहन; उमड़ा जनसैलाब जौनपुर। जिले भर में विजयदशमी का पर्व परंपरागत रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में विभिन्न स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदानों और प्रमुख चौराहों पर हजारों की संख्या में लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं, युवक-युवतियां रावण दहन के रोमांचक दृश्यों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। नगर क्षेत्र में रामनगर भड़सरा बड़े हनुमान मंदिर पर सबसे पहले रावण दहन का आयोजन किया गया। इसके बाद राजा साहब के पोखरे पर गोसाई रामलीला, पंडितजी रामलीला और राजा जौनपुर की ओर से एक साथ तीन रावण के पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच जैसे ही पुतलों में आग लगी, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और लोगों ने इस दृश्य का आनंद लिया। वहीं, जेसीज चौराहे पर हुसेनाबाद रामलीला समिति की ओर से रावण दहन का आयोजन किया गया। इससे पहले हुसेनाबाद रामलीला मैदान से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की झांकी युद्ध के दृश्य के साथ जेसीज चौराहे तक पहुंची। राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘जय लंकेश’ के नारों से वातावरण गूंजता रहा। रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी और पटाखों की आवाज दूर तक सुनाई देती रही। उधर, शाहगंज में 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर करीब 185 वर्ष पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया गया। यहां भी आयोजन को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने भगवान श्रीराम की विजय के प्रतीक इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी क्रम में वाजिदपुर तिराहे और رامनगर भड़सरा गांव स्थित बड़े हनुमान मंदिर परिसर में भी राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया। इसके बाद रावण के पुतले का दहन हुआ। इन स्थानों पर भी दर्शकों की भारी भीड़ जमा रही और पूरा माहौल धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आया। जिले के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विजयदशमी का पर्व सामाजिक सहभागिता और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। रावण दहन के साथ लोगों ने बुराइयों का त्याग कर सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश लिया.
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छाता चीनी मिल पर पुतला दहन: किसान-पुलिस में घमासान, चालू कराने की मांग तेज

Mathura, Uttar Pradesh:छाता चीनी मिल पर सुलगता आक्रोश: पुतला दहन को लेकर पुलिस और किसानों के बीच हुई तीखी नोकझोंक (मथुरा), छाता शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन अब और अधिक तल्ख होता जा रहा है। मिल परिसर में पिछले 69 दिनों से भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किसानों ने ‘कालनेमि’ रावण का प्रतीकात्मक पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुतला दहन को लेकर मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन और किसानों के बीच जमकर खींचतान और तीखी नोकझोंक हुई। पूर्व निर्धारित घोषणा के तहत भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसान छाता चीनी मिल पर पुतला दहन करने के लिए एकजुट हुए थे। जैसे ही किसानों ने पुतले में आग लगाई, वहां मुस्तैद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए जलते हुए पुतले को छीनने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई खींचतान में पुतले का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पुलिस के हाथ लग गया, जिसे वे छुड़ाकर ले जाने में सफल रहे। हालांकि, इसके बावजूद किसानों ने बाकी बचे 50 प्रतिशत हिस्से के साथ अपना विरोध जोरदार तरीके से दर्ज कराते हुए पुतला फूंक दिया। घटना के बाद किसानों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। किसानों ने कहा कि किसान भाइयों ने अपना फर्ज निभाया है और प्रशासन ने अपनी ड्यूटी पूरी की है। किसान नेताओं का सीधा आरोप है कि प्रशासन हमेशा उनकी जायज आवाज को दबाने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और जब तक चीनी मिल के संचालन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। घटना के बाद से क्षेत्र में चीनी मिल से जुड़े मुद्दों को लेकर सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एडीएम अमरेश सिंह, एसडीएम अखिलेश सिंह, तहसीलदार नितिन, नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, सीओ छाता भूषण वर्मा और सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे। आंदोलनकारियों के तेवर और प्रशासन की सख्ती को देखते हुए क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और अधिकारी लगातार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
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डभरा में आरक्षक दिलीप साहू की लाश तलाब से बरामद, जांच जारी

Sakti, सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र खम्हार खैया तलाब में आरक्षक दिलीप साहू की लाश मिली है, आरक्षक छत्तीसगढ़ आर्म फोर्स दंतेवाड़ा में तैनात था, मोहल्ला वासियो ने शव के देखने के बाद दी पुलिस को सुचना दिया मौके पर डभरा पुलिस टीम पहुंच कर बारीकी से जांच की है, फॉरेंसिक टीम से भी जांच कराया गया है, इसके पूर्व ससुराल पक्ष द्वारा डभरा थाना में गुमसुदगी की जानकारी दी गई थी, लाश तीन दिन पुरानी है, जिसका बाहरी चमड़ी खराब हो चुका है, तलाब मे शव मिलने से नगर मे फैली सनसनी, डभरा पुलिस शव को तलाब से बाहर निकालने का कर पोस्टमार्टम करके परिजनों को सौंपा गया है, फिलहाल डभरा पुलिस आरक्षक के मौत के हर बारिक पहलुओं की जांच मे जुटी है.
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ओंकारेश्वर बंद: एक महीने में विस्थापन रोक, संसद करेगा हल

Khandwa, Madhya Pradesh:ओंकारेश्वर बंद... जिला प्रशासन झुका । एक महीने तक फिलहाल कोई एक्शन नहीं होगा, संसद की मध्यस्थता में हल निकाला जाएगा। ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत बनने वाले प्रोजेक्ट्स से प्रभावित हो रहे स्थानीय लोगों की ओर से किए गए दो दिनों ओंकारेश्वर बंद के बाद जिला प्रशासन ने अपने कदम पीछे खींच लिए। अब अगले एक महीने तक ओमकारेश्वर और ममलेश्वर प्रोजेक्ट के तहत किसी भी तरह का विस्थापन नहीं होगा। संसद के नेतृत्व में स्थानीय रवासियों के साथ प्रत्येक मुद्दों पर चर्चा होगी जिसके लिखित निर्णय सभी लोगों को बताए जाएंगे और एक सर्वमान्य हल निकाला जाएगा। खंडवा सांसद के नेतृत्व में समिति बनेगी और नागरिकों के साथ हर मुद्दे पर मिनट 2 मिनट चर्चा होगी जिसकी पूरी कार्यवाही ओंकारेश्वर प्रभावितों को लिखित में दी जाएगी। नागरिकों की हर मांग का समुचित और विश्वसनीय हल निकाला जाएगा। सिंहस्थ 2028 को लेकर ओंकारेश्वर का विस्तार किया जा रहा है। जिसमें ओमकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर के आसपास उन भवन, मकान और दुकानों को अधिग्रहीत किया जाना है जो प्रोजेक्ट के निर्माण में बाधा बन रहे हैं। ओंकारेश्वर नगरी क्षेत्र में रोजगार धंधा करने वालों को 5 किलोमीटर दूर दुकिया गांव में विस्थापित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने यहां लगभग सात एकड़ क्षेत्र में प्लान बनाया है। जिसको लेकर लोगों में विरोध है। इन लोगों का कहना है कि उनका धंधा रोजगार और आजीविका ओंकारेश्वर से चलती है अतः उनका पुनर्वास ऐसा किया जाए जिससे उनकी रोजी-रोटी पर प्रभाव नहीं पड़े।
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