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डोंगरगाव कालवा प्रकल्प पूरा, किसानों ने डीजे के साथ खुशी मनाई

Yeola, Maharashtra:सन 1978 पासून अपूर्ण राहिलेला मांजरगाव पुणेगाव डोंगरगाव पोहोच कालवा प्रकल्प मंत्री छगन भुजबळ यांच्या प्रयत्नाने पूर्ण झाला यावेळी दरसवाडी धरणातून डोंगरगावच्या दिशेने कालव्याच्या माध्यमातून पाणी सोडण्यात आले हे पाणी डोंगरगाव धरणात दाखल होताच शेतकऱ्यांनी डीजेच्या तालावर नाचून आनंद व्यक्त केला. यावेळी नाशिकचे माजी खासदार समीर भुजबळ यांनी जलपूजन केल्यानंतर शेतकऱ्यांसोबत नाचण्याचा आनंद लुटला. येवल्याच्या उत्तर पूर्व भागाला नव संजीवनी देणारा हा प्रकल्प असून नेहमीच दुष्काळी भाग अशी ओळख देखील पुसली जाईल असा विश्वास माझे खासदार समीर भुजबळ यांनी व्यक्त केला यावेळी माजी खासदार समीर भुजबळ यांच्यासोबत बातचीत केली आहे आमचे प्रतिनिधी सुदर्शन खिल्लारे यांनी
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शेखपुरा में पहाड़ की लीज प्रक्रिया शुरू, 11 क्षेत्रो का सर्वे पूरा

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा में जल्द ही पहाड़ की लीज की प्रकिया शुरू होगी इससे पहले जिला प्रशासन और खनन विभाग ने 11 खनन क्षेत्र का सर्वे कराया है।जिला प्रशासन और खनन विभाग के सर्वे के अनुसार नगर थाना क्षेत्र के मटोखर,सूरदासपुर और जमुआरा के कई पहाड़ी भूखण्ड को लेकर सर्वे रिपोर्ट विभाग को समर्पित कर दिया गया है और खान एवं भूतत्व विभाग ने पहाड़ी क्षेत्र के लीज कराए जाने की अनुमति भी दिया है।जिसके बाद एसडीओ स्तर पर पहाड़ के उत्खनन को लेकर जांच पूरी कर लिया गया है।इस संबंध में डीएम शेखर आनंद ने कहा कि 11 प्लॉट पत्थर उत्खनन को लेकर (डीएसआर) जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट कराई गई है।डीएम ने कहा कि पर्यावरण विभाग से रिपोर्ट के बाद जल्द ही खनन पट्टा की प्रकिया शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन पट्टा को लेकर नीलम पत्र बाद को लेकर कमिटी का गठन किया गया है।विभाग के सभी प्रकिया पूरी होने के बाद तुरंत ही निविदा निकाल खनन की प्रकिया शुरू होने की बात कही है।गौरतलब है कि जिला में पहले से कई बड़ी कंपनी पत्थर उत्खनन कार्य कर चुकी है।पांच वर्ष का कार्य पूर्ण होने के बाद सभी कंपनी का काम बंद है ऐसे में एक बार फिर से पत्थर कार्य उत्खनन होने से स्थानीय लोगो को रोजगार के साथ सरकार को खनिज राजस्व में बड़ी आय मिलेगा।
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OMBI: जरांगे बनाम लाड-हाके के बीच ओबीसी आरक्षण पर राजनीतिक घमासान

Pandharpur, Maharashtra:Anchor- मनोज जरांगे यांचे आंदोलन रद्द झालेली प्रमाणपत्र मंजूर करण्यासाठी सुरू आहे. प्रसाद लाड हाच जरांगे यांचा मास्टर माईंड, रिश्वतखोर आहे. ओबीसी नेते लक्ष्मण हाके यांचा हल्ला बोल प्रसाद लाड हाच रिश्वतखोर हरामखोर माणूस आहे. एक लाख नोकऱ्या त्याच्या क्रिस्टल ग्रुप कंपनीला गेल्या. तिथे आरक्षण पाळलं जात नाही. तिथे कामगार कायदा पाळला जात नाही. पगार वेळेवर दिला जात नाहीत. त्या नोकऱ्या राज्य शासनाच्या आहेत 100% महसूल त्याला सर्च देतो. प्रसाद लाड नावाचं बांडगुळ सरकारने पाळले का ? मनोज जरांगेचं आंदोलन उभं आहे त्याला सगळा पैसा प्रसाद लाडने पुरवला आहे. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांना शिव्या प्रसाद लाड यांनी द्यायला लावल्यात. मुख्यमंत्र्यांचे आई माई काढली तेव्हा प्रसाद लाड कोठे जातो. प्रसाद लाडणे जरांगेला फीडिंग केलेला आहे. लक्ष्मण हाकेने टीका केली की मला ठोकून काढायची भाषा बोलतो त्याच प्रसाद लाडला सवाल आहे जरांगे उठ सूट मुख्यमंत्र्यांचे आई-बहीण बद्दल अपशब्द काढत असताना तू काय करतोय नक्की आम्ही सुद्धा आता ओबीसी एकजुटीसाठी पुन्हा दौरा करणार जिथे जिथे मनोज जरांगेच्या सभा होणार तिथे आमच्या सभा होणार आमच आरक्षण संपलेला आहे. मुख्यमंत्र्यांना आमच्या शुभेच्छा दोन्ही राष्ट्रवादी एकच आहेत अजित पवारांचा पक्ष सत्तेत सामील आहे तर शरद पवारांचा पक्ष दिल्लीमध्ये नरेंद्र मोदी आणि अमित शहा यांच्यासोबत सामील आहे त्यामुळे राज्यात सुनेत्रा पवार तर राज्य केंद्रात सुप्रिया सुळे हे बघायचं काम चालू आहे. पवार प्रायव्हेट लिमिटेड कंपनी आहे. ते सत्ते शिवाय जगू शकत नाही ज्या गोष्टी ओबीसी ने करायला हव्यात ही गोष्ट आता जरांगे करू लागले आहेत आमच आरक्षण संपलेला आहे. यावर सत्तेतला कोण बोलत नाही विरोधातलं कोण बोलत नाही समाजातलं कोण बोलत नाही यापुढे ओबीसी नेत्यांना सुद्धा याबाबतचा जाब विचारला जाईल. जरांगे यांनी अशांतता निर्माण करण्याचा प्रयत्न केला आहे. शिवराळ भाषा वापरली जात आहे. जरांगे कडून ओबीसी नेता निवडायचा, त्याची जात निवडायची ,त्याच आडनाव निवडायचं त्याच्या आईपर्यंत कुटुंबापर्यंत जायचा आणि शिवराळ भाषण टीका करायची यातून काय साध्य होणार आहे त्या समाजाला वाईट वाटणार नाही का ? एका बाजूला छत्रपती शिवाजी महाराज, माँसाहेब जिजाऊ म्हणायचं दुसऱ्या बाजूला मुख्यमंत्र्यांच्या आईवर बोलायचे ही कोणती पद्धत आहे. जरांगे ना अटेंशन सेटिंग हा रोग आहे. ग्रामीण भागात गेले की पछाडले सारखं काहीही तो बडबडत असतो. सरकारचा चन्नाटांना काढतो कधी भुजबळांची आई माई काढतो कधी मुंडे बंधू-भगिनींना करतो कधी भुजबळांना करतो कधी बावनकुळे ना करतो कधी नारायण राणेंना टार्गेट करतो कोणताही मंत्री प्रमाणपत्र रद्द करू शकत नाही त्यासाठी न्यायिक संस्था आहे त्यांच्यात हस्तक्षेप होऊ शकत नाही सर्वजण म्हणतात ओबीसी आरक्षणाला धक्का न लावता मराठा समाजाला आरक्षण देणार मग आता धक्का लागला नाही का. याचे उत्तर कोण देणार ओबीसी आरक्षण संपलेला आहे. खरंतर शिव्या आम्ही द्यायला पाहिजेत आम्ही शिवराळ बोलायला पाहिजे पण आरक्षण ज्यांनी घेतलं तेच आता दिशाभूल करत आंदोलन करत आहेत . शिव्या देत आहेत असा महाराष्ट्र कधी पाहिला नाही. आचार्य अत्रे प्रबोधनकार ठाकरे असे अनेक लोक होते पण अशा पद्धतीची टीका कोणी केली नाही. महिलांच्या मनामध्ये लज्जा उत्पन्न होईल असं मंत्र्यांबद्दल बोलल जातं bu भाजपचे आमदार मंत्री काय करतायेत हाके बोलला की लगेच माझ्यावर टीका केली जाते
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कोटपूतली के घर बाथरूम में काला कोबरा घुसा; बच्ची ने हादसा टाला

Jaipur, Rajasthan:इंट्रो: कोटपूतली शहर की सरकारी आईटीआई मोहल्ला बड़ाबास में एक मकान में उस समय हड़कंप मच गया जब घर के स्नान घर (बाथरूम) में एक खतरनाक काला कोबरा सांप घुस गया। गनीमत यह रही कि समय रहते एक छोटी बच्ची की नजर सांप पर पड़ गई जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार सरकारी आईटीआई के पास स्थित एक आवासीय मकान में अचानक एक काला कोबरा सांप घुसकर बाथरूम में चला गया। घर की एक छोटी बच्ची ने सांप को देखते ही तुरंत जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्ची की आवाज सुनकर घर के अन्य परिजन और तुरंत आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। घर में जहरीला सांप होने की खबर मिलते ही परिजनों में दहशत फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बानसूर से स्नेक रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने अपनी सूझबूझ और विशेष उपकरणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद काले कोबरा सांप का सफलतापूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू किया। सांप को पकड़ने के बाद टीम ने उसे सुरक्षित दूर घने जंगल में छोड़ दिया, जिसके बाद परिवार के लोगों और स्थानीय निवासियों ने चैन की सांस ली।
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Snake fear grips Chandosi village as family faces four attacks; daughter's death

Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल टॉपलाइन .... संभल जिले की चन्दौसी तहसील मे गणेश पुर गाँव में रहने वाले ग्रामीण नन्हे का परिवार श्रावण मास में नागराज के कोप के खौफ से दहशत में है । सांप का खौफ नन्हे के परिवार पर यू ही नहीं है ... दरअसल 1 सांप पिछले 1 महीने में नन्हे के परिवार पर 4 वार हमला कर 4 लोगों को अब तक डस चुका है .. सांप के डसने से नन्हे की 5 साल की पोती सुनहरी की मौत हो चुकी है ... जबकि बीते रविवार को सांप के डसने से नन्हें की विवाहित बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है .. नन्हे की विवाहिता बेटी का सरकारीHospital में इलाज चल रहा है .. हैरान करने वाली बात यह है ... सांप सिर्फ रविवार के दिन ही नन्हे के परिवार पर हमला कर डसता है .. यही नहीं .. सांप के हमलो से सतर्क परिवार ने किशोर को डस कर भाग रहे साँप को पकड़ भी लिया .. जिसे पकड़ने के बाद वन विभाग को सौंप दिया गया है .. लेकिन इसके बाद एक दूसरे सांप ने बीते रविवार की सुबह नन्हे की विवाहिता बेटी को घर के बाहर डस लिया .. जिसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है .... फिलहाल परिवार के लोग साँप के खौफ से घर में लाठी डंडे लेकर परिवार की पहरेदारी कर रहे है ... मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है ...पीड़ित परिवार ने वनविभाग के अफसरों से सांप के खौफ से निजात दिलाए जाने की गुहार लगाई है ।
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मानसून में हिमालयी गांवों की बदहाल सड़कें, मतदाता सत्यापन खतरे में

Bageshwar, Uttarakhand:कपकोट के उच्च हिमालयी गांवों में मानसून के बीच बदहाल सड़कें ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई हैं। SIR के जरूरी दस्तावेज जमा कराने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों से तहसील और ब्लॉक पहुंच रहे ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि समय पर सत्यापन नहीं कराने पर उनका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। सड़क पर जगह-जगह बड़े बोल्डर और मलबा आने से आवागमन मुश्किल है। कई जगह ग्रामीण खुद बोल्डर हटाकर रास्ता बनाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग की है।
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रामगंगा पुल बहने के दो साल बाद भी कपकोट के गांव में सुविधाएं नहीं पहुँचीं

Bageshwar, Uttarakhand:विकास के दावों के बीच कपकोट का दूरस्थ कालापैर कापड़ी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव तक न सड़क पहुंची है और न ही सुरक्षित पैदल रास्ता। सबसे बड़ी परेशानी रामगंगा नदी पर बने झूला पुल के बहने के बाद बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक पुल को बहे करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक इसके पुनर्निर्माण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। पुल के अभाव में स्कूली बच्चों को मुश्किल और जोखिम भरे रास्तों से स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर राशन समेत जरूरी सामान गांव तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के वादे तो होते हैं, लेकिन उनकी समस्या सुनने के लिए नेता और अधिकारी गांव तक पहुंचने से कतराते हैं। उनका आरोप है कि कई बार जनप्रतिनिधि और अधिकारी पिथौरागढ़ जिले की सीमा से ही लौट जाते हैं। अब ग्रामीणों का सवाल है—जब आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव तक सड़क और सुरक्षित रास्ता नहीं पहुंचा, तो आखिर विकास की योजनाओं का लाभ उन तक कब पहुंचेगा?
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मराठा आरक्षण पर मनोज जरांगे-पाटील का बड़ा इशारा, मंत्रियों से चूक सुधार का दबाव

Sangli, Maharashtra:स्लग - चूक मान्य करा,अन्यथा तुम्ही आणि तुमचा पक्ष संपून जाईल - मनोज जरांगे-पाटलांचा इशारा अँकर - चंद्रशेखर बावनकुळे तुम्ही चूक केली आहे,मान्य करा अन्यथा तुम्ही आणि तुमच्यामुळे तुमचा पक्ष संपून जाईल,असा इशारा मराठा आरक्षणाचे नेते मनोज जरांगे-पाटील यांनी दिला आहे.तसेच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आणि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी देखील आपल्या मंत्र्यांची चूक झाल्याचं मान्य करावा,वेळ अजून हातातून गेली नाही,असे देखील मनोज जरांगेंनी स्पष्ट केलं आहे, मराठा आरक्षण कुणबी नोंदीवरून जरांगे यांनी हा निशाणा साधला आहे.ते सांगलीच्या आटपाडीत बोलत होते.
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