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Abhijeet DaveAbhijeet DaveFollow24 Jul 2024, 01:11 pm
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खैरथल नगर परिषद के सभापति पर 10-15 करोड़ रिश्वत के आरोप

Alwar, Rajasthan:खैरथल नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति विक्रम उर्फ विक्की चौधरी ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की वजह बताते हुए मुंडावर विधायक ललित यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विक्की चौधरी का आरोप है कि सभापति पद का प्रत्याशी बनाए जाने के लिए उसे 10 से 15 करोड़ रुपये की मांग की गई, विक्की के मुताबिक, खैरथल नगर परिषद चुनाव को लेकर जब कांग्रेस में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया चल रही थी, उस दौरान विधायक ललित यादव का उनके पास फोन आया। विक्की का दावा है कि उन्हें कहा गया कि अगर सभापति का चुनाव लड़ना है तो 10 करोड़ से लेकर 15 करोड़ रुपये तक देनी होगी, विक्की ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में टिकट मिलने के बाद भी उन्हें लगातार दबाव में रखा गया, दबाव के बीच विक्की चौधरी बीजेपी में शामिल हो गए, बीजेपी में शामिल होने के बाद विक्की चौधरी को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया गया और चुनाव में बराबर वोट आने के बाद पर्ची से फैसला हुआ। पर्ची में नाम निकलने के बाद विक्की चौधरी खैरथल नगर परिषद के सभापति निर्वाचित हुए, वहीं इन आरोपों पर मुंडावर विधायक ललित यादव ने सफाई देते हुए 10 से 15 करोड़ रुपये मांगने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फोन पर बातचीत में 10 से 15 पार्षदों को लेकर थी, ललित यादव के मुताबिक कांग्रेस के पास 12 सदस्य थे और इसी संख्या को लेकर चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष में जाने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने मन मुताबिक आरोप लगा सकता है। वही कांग्रेस विधायक ललित यादव और खैरथल निर्वाचित सभापति विक्की चौधरी की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, हालांकि जी मीडिया इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इस ऑडियो ने पूरे चुनाव पर सवाल जरूर खड़े कर दिए है।
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बूंदी नगर परिषद के नए सभापति-उपसभापति का भव्य विजय जुलूस, समर्थकों का उत्साह

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी नगर परिषद से नवनिर्वाचित सभापति भरत शर्मा और उपसभापति संजय भूटानी का मंगलवार को भव्य विजय जुलूस निकाला गया। जुलूस नगर परिषद से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरा। इस दौरान समर्थकों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में जमकर नारे लगाए। जगह-जगह विभिन्न संगठनों और शहरवासियों ने सभापति व उपसभापति का फूल-मालाओं से स्वागत किया। विजय जुलूस में समर्थकों का उत्साह देखते ही बना। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ लंका गेट स्थित सभापति भरत शर्मा के निज आवास पहुंचा, जहां समर्थकों ने जमकर खुशी मनाई।
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शाजापुर में डोल ग्यारस उत्सव में अखाड़ों ने दिखाए रंगारंग करतब

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर शहर में डोल ग्यारस पर्व बुधवार को धार्मिक आयोजनों के साथ पूरे उत्साह से मनाया गया। शहर में कई स्थानों पर फरियाली खिचड़ी का भंडारा हुआ। भगवान श्री कृष्ण डोल में बैठकर अखाड़ों के साथ निकले। भक्तों ने जगह-जगह प्रभु की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक संगठनों ने डोल के स्वागत के लिए जगह-जगह पंडाल और मंच सजाए। सरकारी डोल से आयोजन की शुरुआत हुई। इसके बाद नगर के विभिन्न क्षेत्रों से कई समाजों के झिलमिल करते डोल अखाड़ों के साथ निकलना शुरू हुए। नगर में डोल के साथ विभिन्न समाजों के अखाड़े शामिल हुए और अखाड़ों के कलाकारों ने एक से एक करतब दिखाकर सभी को अचंभित कर दिया। महिलाओं ने डोल का पूजन कर ग्रहण किया अन्न डोल ग्यारस पर्व पर दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाओं सहित अन्य भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के डोल का इंतजार था और शाम को जैसे ही डोल निकले महिलाओं ने डोल में विराजे भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की और मनोकामना पूरी होने व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। नगर के मुख्य मार्गों से रातभर निकले समस्त डोल धानमंडी स्थित भगवान ओंकारेश्वर मंदिर में एकत्रित हुए। जहां सभी की एकसाथ पूजा की गई। सांफा बाँधकर किया स्वागत नगर में ढोल-ढमाके व बैंडबाजे के साथ निकले अखाड़ों के उस्तादों का विभिन्न संगठनों और ग्रुपों के पदाधिकारियों ने सांफा बांधकर स्वागत किया गया। साथ ही शील्ड भी प्रदान की गई। वहीं विभिन्न धार्मिक संगठनों ने मंच बनाकर फलाहारी खिचड़ी और लड्डू का वितरण किया।
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कवर्धा में ट्रकों की भिड़ंत: स्टेरिंग में फंसे चालकों को डायल-112 ने बचाया

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा खबर स्टेरिंग में फंसे दो ट्रक चालकों को डायल-112 ने किया रेस्क्यू कबीरधाम जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र के ग्राम राजाडार में दो ट्रकों की भिड़ंत में दोनों चालक स्टेरिंग में फंस गए। सूचना मिलते ही डायल-112 चिल्फी पैंथर-1 टीम मौके पर पहुंची और थाना चिल्फी पुलिस की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद स्टेरिंग रॉड काटकर दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में मुकेश सिंह विश्वकर्मा जबलपुर से रायपुर और शिवम चौरसिया रायगढ़ से छतरपुर जा रहे थे। दोनों घायल हो गए थे। मौके पर 108 वाहन के नहीं पहुंच पाने पर डायल-112 टीम ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों घायलों को अपने वाहन से सीएचसी बोड़ला पहुंचाया, जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
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श्रावस्ती में जमीन कब्जे के विवाद के बीच हिरासत में मौत, गांव में तनाव

Shravasti, Uttar Pradesh:जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के दौरान एक व्यक्ति की मौत से मचा हड़कंप。 एंकर - यूपी के श्रावस्ती जिले में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के दौरान एक व्यक्ति की मौत से हड़कंप मच गया। एसडीएम के आदेश पर जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए नायब तहसीलदार के साथ पुलिस फोर्स गांव पहुंची थी। आरोप है कि कब्जे की कार्रवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पांच महिलाओं समेत एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने थाने ले जाते समय सरकारी वाहन से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे सीएचसी ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई。 वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता और लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि व्यक्ति को चलती गाड़ी से धक्का दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है。 मामला श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव का है। बताया जा रहा है कि जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने पांच महिलाओं समेत एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि सभी को सरकारी वाह‌न से थाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने वाहन से छलांग लगा दी। और वाहन से गिरने के बाद व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में घायल व्यक्ति को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। व्यक्ति की मौत की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। वहीं, घटना के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं。 फिलहाल मौत की असली वजह और घटना के पूरे क्रम को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस मामले में हिरासत में लिए गए लोगों, मौके पर मौजूद लोगों और अन्य तथ्यों के आधार पर पड़ताल कर रही है। जमीन विवाद में हुई इस मौत के बाद गांव में तनाव और हड़कंप का माहौल है。 फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर सरकारी वाहन से व्यक्ति के गिरने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और उसकी मौत कैसे हुई。 बाइट - चंद्रकेश सिंह, एडिशनल एसपी。 बाइट - सुनील कुमार, मृतक का भतीजा。
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आजमगढ़ में पूजा स्थल पर विवादित फायरिंग, पत्नी समेत तीन की मौत

Azamgarh, Uttar Pradesh:स्थान - Azamgarh पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत तीन की मौत, आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस जांच तथा कार्यवाही में जुटी。 जनपद आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में आज मंगलवार को शाम में पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बताया गया कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह के घर पर पूजा हो रही पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि उसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल से फायरिंग कर दी, गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित बताए जा रहे हैं। फिलहाल आरोपी फायरिंग के बाद घर में खुद को बंद कर लिया, जहां कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाने का प्रयास कर रही। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार आज मंगलवार की शाम को अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। घर में चार पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता और उनके बच्चे मौजूद थे। शाम करीब 6-7 बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचे, जहां घर में पूजा होते देखकर उन्होंने पंडितों से जानकारी ली। इसके बाद पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए, जहां कुछ देर बाद तीनों की मौत हो गई। प्रारम्भिक जानकारी में राइफल से भी एक गोली चलाए जाने की बात सामने आ रही है। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच में लगे। बताया जा रहा है कि आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह का 3 साल पहले आपसी रंजीत को लेकर मर्डर हुआ था, जिसके चलते वह डिप्रेशन में चल रहे थे। जहां अरविंद की पत्नी शांतिपाठ व अन्य पूजा करवाना चाह रही थीं, जिसका वह विरोध कर रहे थे। वहीं इस घटना के बाद पुलिस हथियार समेत फायरिंग से जुड़े साक्ष्य संकलन करने में लगी है। घटना के कारणों और मौतों की आधिकारिक स्थिति पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
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AI से जाली RGHS अधिकारी बनकर जयपुर में 40 हजार की रिश्वत पकड़ी गई

Jaipur, Rajasthan:AI से फर्जी RGHS अफसर बना, ऑडिट के नाम पर 40 हजार की ठगी! जयपुर में भ्रष्टाचार के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने खुद को RGHS का अधिकारी बताया, अस्पताल की ऑडिट कराने का झांसा दिया और रिश्वत के नाम पर 40 हजार रुपए वसूल लिए। लेकिन ACB के ट्रैप में खुलासा हुआ कि जिस अधिकारी का पहचान पत्र दिखाया जा रहा था... वो अधिकारी ही फर्जी था। इतना ही नहीं, शुरुआती जांच में सामने आया है कि फर्जी पहचान पत्र और अस्पताल को भेजा गया पत्र AI की मदद से तैयार किया गया था। आराजधानी जयपुर में फर्जी अफसर का खेल, एक फर्जी पहचान...एक फर्जी पदनाम..एक फर्जी सरकारी पत्र... और सरकारी अधिकारी बनकर अस्पताल से रिश्वत मांगने का खेल। ACB ने जयपुर में कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार शर्मा नाम के संदिग्ध को 40 हजार रुपये लेते डिटेन किया है। आरोप है कि मनीष ने खुद को RGHS का अधिकारी बताते हुए डीडवाना के SKI हॉस्पिटल की ऑडिट कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। पहले मांगी -35,000 फिर बढ़ाकर - 45 हजार रुपये... ट्रैप में - 40 हजार रुपए लेते डिटेन AI से तैयार किए फर्जी दस्तावेज!... ACB की प्रारम्भिक जांच में इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू सामने आया। जांच के मुताबिक संदिग्ध मनीष शर्मा AI की मदद से संतोष कुमार शर्मा के नाम से RGHS के डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर पदनाम वाला फर्जी पहचान पत्र तैयार किया। इसके साथ ही SKI हॉस्पिटल, डीडवाना के नाम से 22 अगस्त 2026 का कथित फर्जी पत्र भी तैयार किया गया। यानी डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ पहचान बनाने में नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेज जैसा दिखने वाला पत्र तैयार करने में भी किया गया。 बाइट.. ज्ञान प्रकाश नवल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB ACB के मुताबिक संदिग्ध ने ये दस्तावेज अस्पताल के मैनेजर को दिखाए और ऑडिट के नाम पर रकम की मांग की। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ。 संदिग्ध ने खुद को RGHS में UDC के पद पर होना भी बताया। लेकिन कार्रवाई के बाद जब ACB ने जांच की तो सामने आया कि उसका बताया गया नाम और पदनाम फर्जी था। संदिग्ध लोक सेवक भी नहीं पाया गया。 यानी सरकारी अधिकारी बनकर सरकारी कार्रवाई का डर दिखाना... और फिर उसी डर के नाम पर रकम वसूलना—यही इस पूरे मामले का कथित तरीका सामने आया है। ACB मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर नगर-तृतीय चौकी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। ACB अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल ने कहा कि 40 हजार रुपये प्राप्त करने के बाद संदिग्ध को डिटेन किया गया। प्रारम्भिक जांच में धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और प्रतिरूपण से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद अब ज्योति नगर थाना पुलिस के स्तर पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले में AI का इस्तेमाल जांच का अहम हिस्सा बन गया है। जहां तकनीक सरकारी सेवाओं को आसान बनाने में मदद कर रही है, वहीं इसी तकनीक का इस्तेमाल फर्जी पहचान और दस्तावेज तैयार करने के लिए किए जाने का आरोप सामने आया है。 ऐसे में अस्पतालों और संस्थानों के लिए भी सवाल है— सिर्फ ID कार्ड देखकर किसी व्यक्ति को सरकारी अधिकारी मान लिया जाए...या संबंधित विभाग से उसकी पहचान की पुष्टि भी की जाए?
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जयपुर के मंदिरों में जलझूलनी एकादशी: भक्तों की भीड़ औऱ झांकियाँ

Jaipur, Rajasthan:Anchor—शंख, घंटा, घडियालों के बीच ठाकुर जी के निकलते डोल, सुख समृद्धि की कामना करते भक्त। भाद्रपद शुक्ल एकादशी जलझूलनी एकादशी के तहत राजधानी के मंदिरों में यही नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा। श्रद्धालुओं ने शालिग्राम जी के दर्शन किए। बड़ी संख्या में गोविंददेव जी मंदिर में सभी झांकियों में भक्तों की भीड़ रही। गोपीनाथ जी, राधादामोदर जी, लाड़ली जी, इस्कॉन सहित अन्य मंदिरों में भक्तों ने दर्शन किए। बड़ी संख्या में महिलाएं लड्डू गोपाल के साथ मंदिर पहुंची। गोविंद देवजी मंदिर में ग्वाल झांकी के बाद मंहत अंजन कुमार गोस्वामी ने शालिग्राम जी को खाट पर विराजमान कर मंदिर के दक्षिण-पश्चिम कोने में स्थित तुलसी मंच तक ले जाया गया। वहां शालिग्राम जी का पंचामृत अभिषेक कर आरती उतारी। ठाकुर जी ने लाल रंग की नटवर वेश धारण कराकर विशेष श्रृंगार किया गया। धार्मिक नगरी गोनेर स्थित लक्ष्मी जगदीशजी मंदिर में अलसुबह से हजारों की संख्या में भक्तों ने मंदिर में दर्शन किए। भगवान लक्ष्मी जगदीश जी को पंचामृत से जलाभिषेक कर नूतन पोशाक धारण करवाई गई। ठाकुर जी को 200 किलो की काष्ठ की पालकी में विराजमान कर गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। मनमोहक झांकियों के साथ व बलवंत व्यायामशाला के कलाकारों ने कलाबाजी का प्रदर्शन किया। शोभायात्रा के साथ ठाकुर जी को नगर भ्रमण कराते हुए मुख्य बाजार से होकर ठाकुर जी को नौका विहार के लिए जगन्नाथ सरोवर ले जाया गया। नाव में विराजमान कर जगन्नाथ सरोवर में जल विहार कराया गया। जल विहार के दौरान ठाकुर जी की आरती की गई। संध्या के समय ठाकुर जी पालकी में विराजित होकर मंदिर के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं व ग्राम वासियों ने जगह-जगह आरती उतार कर पालकी के नीचे से होकर सुख शांति के साथ खुशहाली की मंगल कामना की। जगन्नाथ सरोवर के पास स्थित प्राचीन बावड़ी वाले जगन्नाथेश्वर महादेव मंदिर में भव्य मनमोहन फूलों की झांकी सजाई गई। कार्यवाहक प्रन्यासी हनुमानदास ने बताया कि 450 साल से परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। जलविहार यात्रा जयपुर समेत आसपास में धार्मिक आयोजनों में विशेष महत्व रखती है। अन्य जिलों से भी लोगों ने सवामणी के थाल अर्पित किए।
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