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Bimal KumarBimal KumarFollow4 Oct 2024, 01:47 pm
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झामुमो महासचिव ने नीट परीक्षा वितरण और सरकार पर सवाल उठाए

Ranchi, Jharkhand:झामुमो महासचिव सुप्रiyo भट्टाचार्य की पीसी ... देश के सशक्त भारतीय वायु सेना को बहुत बहुत आभार, भारतीय वायु सेना ने बहुत बड़ा मिशन कल कामयाब किया, जब उनसे नीट की सहायता ली गई अपनी सेवा राष्ट्र को प्रदान किया। भारतीय रक्षा मंत्रालय को धन्यवाद और मानव संसाधन मंत्रालय को धिक्कार करता हूं। एनटीए जब परीक्षा नहीं करवा पाती तो लानत है मानव संसाधन मंत्रालय को भारत सरकार को तैयारी करनी चाहिए जब क्लैट में एनआईए, यूपीएसी में ईडी को लगाया जाए। ज्वाइंट एंट्रेंस में सीबीआई को लगाया जाए। ये कभी किसी देश में हुआ है कि सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल हो। सेना का इस्तेमाल आपदा जैसी स्थिति में होती है। चाहे वो सामरिक, प्राकृतिक या कोई किसी तरह की आपदा हो।।सेना हमारी स्वाभिमान और शौर्य का प्रतीक है। आप इस तरह का व्यवहार करेगें , लगता है भारत सरकार का निर्णय बताता है पूरा सरकारी तंत्र ध्वस्त है। सरकार इकबाल और भरोसे पर चलती है। अभी तो परीक्षा सम्पन्न हुई है। मई में भी परीक्षा के दो तीन दिन बाद खेल समझ में आया था, अगर दो तीन दिन बाद वैसी स्थिति आती है तो अपने सेना को दोष लगा सकते हैं। हमने दांव पर प्रतिष्ठा को लगा दिया। ये है कि कोई सवाल न कर पाए। ये बहुत बड़ा चक्र है, जिसका उद्भेदन नहीं हो पा रहा, हर स्तर पर देश को घीरे धीरे खत्म किया जा रहा। लोगों के हर प्रकार के आस्था के साथ सब पर लगातार प्रहार हो रहा है। ये गंभीर मुद्दे को आज हम लोग यहां बोलने आए हैं। मई से जुलाई तक 17 नीट छात्र हत्या कर चुके, 22 लाख स्टूडेंट ने परीक्षा दिया, मानव संसाधन मंत्री अब तक क्यों बने हैं उनको जाकर इस्तीफा दे देना चाहिए था।
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रतनपुर बॉर्डर पर 30 लाख की अवैध शराब पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

Dungarpur, Rajasthan:रतनपुर बॉर्डर पर कंटेनर से पकड़ी 30 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब, दो तस्कर गिरफ्तार. डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक कंटेनर से प्लास्टिक के बकेट और टेबल की आड़ में तस्करी की जा रही अवैध अंग्रेजी शराब के 252 कार्टन जब्त किए हैं. जब्त शुदा शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त ट्रक कंटेनर को जब्त कर बाड़मेर निवासी दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाने के सीआई कैलाश सोनी ने बताया कि रतनपुर चौकी पुलिस द्वारा एनएच 48 पर राजस्थान गुजरात के रतनपुर बोर्डर पर उदयपुर से अहमदाबाद की तरफ जाने वाले वाहनों की नाकाबंदी कर चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि उदयपुर की तरफ से आ रहे एक बंद बॉडी ट्रक कंटेनर में गुप्त रूप से अंग्रेजी शराब भरकर गुजरात ले जाई जा रही है. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए उदयपुर की तरफ से आ रहे संदिग्ध ट्रक कंटेनर को रुकवाया. कंटेनर के केबिन में दो लोग सवार थे. जब पुलिस ने कंटेनर को खोलकर चेक किया तो शुरुआत में उसमें प्लास्टिक के बकेट और टेबल भरे हुए नजर आए. लेकिन जब जाब्ते की मदद से सामान को हटाकर गहराई से जांच की गई, तो उसके पीछे सफेद रंग के प्लास्टिक के कट्टों और कार्टन में छिपाकर रखी गई विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब बरामद हुई. पुलिस ने गिनती की तो कुल 252 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब पाई गई, जिन पर 'फॉर सेल ओनली इन हरियाणा' और 'फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़' अंकित था. पुलिस ने शराब और तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर को जब्त कर बाड़मेर निवासी कंटेनर चालक गणेश गोदारा और उसके साथी धर्माराम जाट को गिरफ्तार किया. जब्त की गई शराब की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से शराब की खरीद-फरोख्त और तस्करी के इस पूरे नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है.
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चूरू में एएसआई सुमन ने ईमानदारी की मिसाल कायम, नोटों की गड्डी पुलिस को सौंपे रहे चर्चा

Churu, Rajasthan:चूरू. विधानसभा-चूरू. लोकेशन--चूरू. ईमानदारी की मिसाल पेश की चूरू पुलिस की महिला एएसआई सुमन ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने सोमवार को कोर्ट परिसर में ड्यूटी के दौरान मिली नोटों की गड्डी को एसपी निश्चय प्रसाद एम को सौंपा। एसपी ने उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाते हैं, जो पुलिस के ध्येय वाक्य 'आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर' के अनुरूप है। ड्यूटी के दौरान जमीन पर पड़े मिले थे नोट- एएसआई सुमन ने बताया कि वह कोर्ट परिसर में अपनी ड्यूटी कर रही थीं, तभी उनकी नजर जमीन पर पड़ी नोटों की गड्डी पर गई। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर नोटों के मालिक की तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया को सूचना दी और फिर एसपी कार्यालय पहुंचीं।
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चाकसू में भतीजे ने नदी में हत्या कर चाँदी लूटने का किया प्रयास

Dudu, Rajasthan:चाकसू (जयपुर)\n\nबीना देवी हत्या कांड का खुलासा\n\nजेवरात लूटने के लिए भतीजे ने नदी में ले जाकर किया महिला की हत्या।\nपेर को आरी से काटकर लूटे चांदी के कड़े, चांदी के कड़े को जमीन में छिपाया।\nमृतका बीना देवी का भतीजा सूरज बैरवा और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले विनोद बैरवा को किया गिरफ्तार।\nआरोपियों से मृतका का मोबाइल किया जब्त, करीब 200 लोगों से पूछताछ के बाद हुआ खुलासा।\nमहिला की बेहरमी से हत्या कर ढूंढ नदी के अन्दर बने कुँए में डाला था शव।\nमृतका का शव सात दिन बाद कुएं में मिलने के बाद गांव में फैली थी सनसनी।\nआरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव के पत्थर बांधकर डाला था 60 फीट पानी से भरे कुँए में।‌\nपुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज के निर्देशन में पुलिस ने किया पर्दाफाश।
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बेगूसराय गैंगरेप मामले पर सियासत तेज, विपक्ष सरकार से जवाब मांगे

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय के चर्चित गैंगरेप मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। सोमवार को जन सुराज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में पीड़िता के गांव सिमरिया पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली, आर्थिक सहायता दी और सरकार, पुलिस तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि पीड़िता के साथ दो-दो बार हैवानियत हुई।, लेकिन पुलिस हर बार उसकी मदद करने में नाकाम रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली घटना के बाद एफआईआर दर्ज करने में भी पुलिस ने देरी की और पीड़िता को न्याय नहीं मिला, जिसके कारण आरोपियों का मनोबल बढ़ा। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद मेडिकल जांच और इलाज में भी भारी लापरवाही बरती गई। उनके मुताबिक अस्पताल से पीड़िता को समुचित इलाज के बिना ही भेज दिया गया, जो प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।वहीं जन सुराज के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि यह निर्भया कांड से भी बड़ी घटना है। उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल चलाकर फांसी की सजा देने तथा पीड़िता को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और अस्पताल की लापरवाही के कारण पीड़िता की हालत और गंभीर हुई है।पार्टी के वरिष्ठ नेता आरएन सिंह ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने सरकार से पीड़िता को आर्थिक सहायता, रोजगार और 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। साथ ही कहा कि जन सुराज इस मुद्दे को लगातार जनता के बीच उठाती रहेगी।फिलहाल गैंगरेप मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच का दावा कर रही है, वहीं विपक्षी दल कानून व्यवस्था और पीड़िता को मिली चिकित्सीय सुविधाओं पर सरकार को घेर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं。
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CBI ने धनबाद SBI घोटाले के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के बहुचर्चित SBI मुख्य शाखा बैंक घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 20 साल पुराने इस मामले में फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा धनबाद ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचते फिर रहे थे और इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। मामला वर्ष 2005 का है। CBI ने RC-11(A)/2005-D के तहत 31 अगस्त 2005 को प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा, बैंक मोड़ धनबाद से करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन किया गया था। इस मामले में BNS की धारा 61, 318 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच के दौरान CBI को पता चला कि मामले के आरोपी बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह केस दर्ज होने के बाद नेपाल भाग गए थे। वही दोनों आरोपियों को बाद में अदालत ने अपराधी घोषित किया था। गिरफ्तारी के लिए इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और इनकी सूचना देने पर इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को CBI एसीबी धनबाद की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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CID इंटेलिजेंस ने जासूस मुस्ताक को तीन दिन की रिमांड पर भेजा; पाक हैंडलर्स से लिंक

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के जैसलमेर के नाचना क्षेत्र से गिरफ़्तार हुए जासूस मुस्ताक को पांच दिन की रिमांड खत्म होने के बाद आज एक बार फिर CID इंटेलीजेंस ने कोर्ट में पेश किया। आगे की पूछताछ के लिए CID इंटेलीजेंस ने कोर्ट से तीन दिन का रिमांड माँगा जहाँ से कोर्ट ने जासूस मुस्ताक को तीन दिन की रिमांड पर भेजा है। जासूस मुस्ताक को अब 25 जून को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि जासूस मुस्ताक पिछले करीब दो साल से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था। पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर उसने नाचना की मुख्य सड़क पर एक चाय की दुकान खोली थी। वहां लाइव फीड कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा था। आरोपी सेना और बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रखता था। गूगल मैप और कैमरे की मदद से संवेदनशील स्थानों की सटीक लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजता था। उसके मोबाइल फोन से दो ऐसे नंबर भी मिले हैं, जो खालिद और नजीर अहमद के नाम से सेव थे जो पाक हैंडलर्स है। ये दोनों पाकिस्तान में रहकर एजेंटों को ट्रेनिंग देने का काम करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के नेटवर्क, संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही हैं तथा इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी है।
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मृत युवक के परिजनो रैली निकाल कर दिया ज्ञापन,आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने 25 को उग्र आंदोलन,,,

Avinash Babu PatelAvinash Babu PatelFollow13m ago
Dabhara, Chhattisgarh:सक्ती जिले के डभरा में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवा छात्र देव कुमार चन्द्रा को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। घटना के पांच दिन बाद भी अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता नहीं चल पाने से परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए चक्का जाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। नगर पंचायत डभरा के निवासी 25 वर्षीय देव कुमार चन्द्रा की 18 जून की सुबह ग्राम पुटीडीह पुल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। घटना स्थल पर चार पहिया वाहन के टायरों के निशान भी मिले थे, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी वाहन तक नहीं पहुंच सकी है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच के नाम पर उनसे सीसीटीवी डीवीआर की मांग कर रही है, जबकि डभरा-पुटीडीह मुख्य मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गंभीरता से जांच नहीं की जा रही है। इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और समाज के लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दशकर्म कार्यक्रम से पहले आरोपी वाहन और चालक की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 25 जून तक दोषी की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की होगी।
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जळगाव में महायुती उमेदवार की जीत पर शिंदे गट के कार्यकर्ता शांत रहे

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव ब्रेक जळगाव मध्ये महायुतीच्या उमेदवाराच्या जल्लोष कार्यक्रमांमध्ये शिवसेना शिंदे गटाचे कार्यकर्ते पदाधिकारी सहभागी झाले नाहीत.. नाशिकमध्ये जो दगाफटका झाला, त्यामुळे शिवसेनेच्या शिंदे कार्यकर्त्यांमध्ये प्रचंड संताप असल्याने जळगावात जल्लोषात सहभागी झालो नाही नाशिकमध्ये आमच्या उमेदवाराचा पराभव झाल्याने मोठे दुःख आमच्या पदाधिकारी कार्यकर्त्यांमध्ये आहे त्यामुळे आम्ही जळगाव मध्ये जल्लोषात सहभागी झालो नाही.. जळगाव मध्ये महायुतीच्या उमेदवारासाठी आम्ही प्रचंड मेहनत घेतली आणि नाशिक मध्ये आमच्या सोबत जे घडलं त्यामुळे आमच्या मनात प्रचंड संताप.. अशी प्रतिक्रिया शिवसेना शिंदे गटाचे जळगावचे जिल्हाप्रमुख विष्णू भंगाळे यांनी व्यक्त केली आहे शिवसेनेचे जिल्हाप्रमुख विष्णू भंगाळे, शहराध्यक्ष गणेश सोनवणे, तसेच गटनेते हे विष्णू भंगाळे यांच्या कार्यालयात बसून असून त्यांच्यासोबत कार्यकर्त्यांनी जल्लोषात देखील पाठ फिरवली आहे. जळगावमध्ये एकीकडे महायुतीच्या उमेदवाराच्या विजयाचा जल्लोष सुरू असताना दुसरीकडे मात्र शिवसेना शिंदे गटाचे कार्यकर्ते त्यापासून लांब असल्याचा पाहायला मिळत आहे.. यांच्याशी संवाद साधला आमच्या प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी.
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अकोला में पालखी उत्साह के साथ गजानन महाराज की पंढरपूर पालखी का आगमन

Akola, Maharashtra:आषाढ़ी एकादशी निमित्त पंढरपूरच्या विठुरायाच्या दर्शनासाठी निघालेल्या शेगावच्या संत श्री गजानन महाराजांच्या पालखीचे आज अकोला जिल्ह्यात आगमन झाले. Yंदा पालखी सोहळ्याचे ५७ वे वर्ष असून सुमारे ७०० वारकरी या दिंडीत सहभागी झाले आहेत. टाळ-मृदंगाच्या गजरात आणि "गण गण गणात बोते"च्या जयघोषात पालखीचे अकोला जिल्ह्यात उत्साहात स्वागत करण्यात आले. आज पालखीचा मुक्काम भौरद येथे असून उद्या पहाटे पालखी अकोला शहरात दाखल होणार आहे. अकोला शहरात दोन दिवस पालखीचा मुक्काम राहणार असल्याने भाविकांमध्ये उत्साहाचे वातावरण आहे.
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जयपुर: फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सीज भवनों की डी-सीज 30 दिन, कारोबार नहीं चलेगा

Jaipur, Rajasthan:फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी कर सीज किए गए भवनों को सरकार ने राहत तो दे दी है… लेकिन इस राहत के साथ एक बड़ा पेंच भी जोड़ दिया है। अब सीज भवन तीन दिन में डी-सीज हो सकेंगे… जुर्माना जमा कराकर मालिकों को 30 दिन का वक्त मिलेगा फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के लिए… लेकिन इस दौरान ना रेस्टोरेंट चलेगा, ना होटल, ना कोई व्यावसायिक गतिविधि। दरअसल पहले आदेश के बाद कुछ प्रतिष्ठानों ने डी-सीज होते ही काम शुरू कर दिया… जिसके बाद सवाल उठे कि अगर इस दौरान कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी होगी। सवालों के बीच स्वायत्त शासन विभाग को दोबारा एक आदेश निकालना पड़ा…अब डी-सीज सिर्फ सुरक्षा इंतजाम पूरे करने के लिए होगा, कारोबार के लिए नहीं। फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर सीज किए गए भवनों को राहत मिली है, लेकिन शर्तें भी कड़ी हैं। स्वायत्त शासन विभाग के नए आदेश के मुताबिक अब फायर एनओसी या फायर सेफ्टी उपकरण नहीं होने के कारण सीज भवन जुर्माना जमा कराने के साथ फायर सेफ्टी उपकरण के साथ फायर एनओसी लेने के लिए आवेदन के तीन दिन में डी-सीज हो सकेंगे, लेकिन इस दौरान वहां कोई भी व्यवसायिक गतिविधि नहीं चल सकेगी। हाल ही में फायर सेफ्टी को लेकर जयपुर समेत प्रदेश के बड़े शहरों में नगर निकायों ने कई रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थान, होटल, क्लब और बार सीज किये हैं। अब विभाग ने रास्ता निकाला और तय किया कि जुर्माना जमा कराने के बाद भवन को 30 दिन के लिए अस्थाई रूप से डी-सीज किया जा सकता है। जयपुर में एक रेस्टोरेंट संचालक ने तो भवन डी-सीज होते ही संचालन भी शुरू कर दिया। इसके बाद सवाल खड़े हुए कि अगर फायर सिस्टम लगाए बिना ही गतिविधियां शुरू हो गईं और कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी होगी। इस बीच विभाग ने दूसरा आदेश जारी किया और कहा कि डी-सीज अवधि केवल फायर सेफ्टी इंतजाम लगाने के लिए होगी, व्यापार चलाने के लिए नहीं। नए प्रावधान के तहत भवन मालिक या संचालक को नगरीय निकाय में आवेदन करना होगा। निर्धारित पेनल्टी 10 रुपए प्रति वर्गफीट या अधिकतम 50 हजार रुपए जमा कराने के बाद निकाय को तीन दिन में डी-सीज की कार्रवाई करनी होगी। अगर तीन दिन में डी-सीज की कार्रवाई नहीं होती है तो आवेदक स्वायत्त शासन निदेशालय में अपील कर सकेगा। डी-सीज भवन मालिक को 30 दिन का समय मिलेगा। इस अवधि में फायर फाइटिंग सिस्टम, उपकरण और जरूरी सुरक्षा इंतजाम लगाने होंगे। इसके बाद नगरीय निकाय की फायर विंग निरीक्षण करेगी और फायर एनओसी जारी होने के बाद ही व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। बहरहाल, आदेश में साफ किया गया है कि डी-सीज अवधि में रेस्टोरेंट, होटल, क्लब, बार या किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि संचालित मिली तो भवन को तुरंत दोबारा सीज किया जाएगा। यानी सरकार ने सीज भवनों के लिए दरवाजा तो खोला है। लेकिन कारोबार के लिए नहीं… सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए। अब निगाह रहेगी कि निकाय इन 30 दिनों में फायर सेफ्टी नियमों की पालना कितनी सख्ती से करवाते हैं। दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर
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