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Satpal GargSatpal GargFollow19 Sept 2024, 10:12 am
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जालौन में चलती ट्रेन से युवक गिरा, हालत गंभीर

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में चलती ट्रेन से अचानक गिरा युवक, चलती ट्रेन से गिरकर युवक गंभीर रूप से हुआ घायल, ट्रेन में दरवाजे के पास बैठा युवक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिरा, सोमई रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक किनारे घायल अवस्था में पड़ा मिला युवक, घायल युवक को देख रेलवे कर्मचारी ने एम्बुलेंस को दी सूचना, एम्बुलेंस की मदद से घायल युवक को सीएचसी कोंच में कराया गया भर्ती, सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी, घायल युवक की पहचान मध्यप्रदेश के सागर निवासी अमान के रूप में हुई, जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र का मामला。
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बाराबंकी स्टेशन पर दर्दनाक हादसा: उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ते समय पति-पत्नी train चपेट में

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ते समय दंपती ट्रेन की चपेट में आए, पति की मौत, पत्नी की हालत नाजुक, दुधमुंहे सहित तीनों बच्चे सुरक्षित बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से पति-पत्नी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे में दंपती के तीनों बच्चे सुरक्षित बच गए हैं और फिलहाल पुलिस की निगरानी व संरक्षण में हैं。 जानकारी के अनुसार मनोज (32 वर्ष) और उनकी पत्नी वंदना (28 वर्ष) मूल रूप से जनपद आजमगढ़ के निवासी थे। वर्तमान में मनोज अपने परिवार के साथ गोमती नगर, लखनऊ में रहकर निजी नौकरी करते थे। वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) तथा दुधमुंहे आंशिक (6 माह) के साथ आजमगढ़ जाने के लिए बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। यहां उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और पति-पत्नी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि मनोज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मनोज के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है। हादसे के बाद स्टेशन पर भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। माता-पिता को घायल अवस्था में देखकर तीनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे। इस दौरान जीआरपी थानाध्यक्ष चंद्रमणि पांडेय, हेड कांस्टेबल रेखा सैनी और उषा कुमारी ने बच्चों को गोद में लेकर दुलारा, पुचकारा और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। मासूम बच्चों की चीख-पुकार और पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता का यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। फिलहाल तीनों बच्चों को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में रखा गया है, जबकि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पूरे घटनाक्रम से स्टेशन परिसर में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है。
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पालमपुर में तूफ़ान से पेड़ गिरने से घर-गाड़ियों को नुकसान, कोई जनहानि नहीं

Palampur, Himachal Pradesh:अनूप धीमान लोकेशन कांगड़ा पालमपुर हिमाचल प्रदेश में के ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में तूफ़ान का कहर, पेड़ उखाड़ कर गिरा घर की छत और गाड़ियाँ दवी हिमाचल प्रदेश में ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में आज मौसम विभाग के अलर्ट के अनुरूप शाम तूफ़ान का कहर देखने को मिला जहाँ आज दोपहर से ही मौसम ने करवट बदली है और लगातार बरसात जारी है इसी बीच शाम एक बड़ा पेड़ तेज तूफ़ान के चलते गिर गया जिस्की चपेट में पार्किंग में खड़ी तीन गाड़ियों आ गई जिसमें से दो को काफ़ी नुकसान हुआ है वहीं इस पेड़ को चपेट में एक रिहायशी घर की छत भी आ गई और वो भी गिर गई वहीं बिजली का पोल भी इस पेड़ की जद में आ गया गनीमत रही को इसमें कोई जनहानि नहीं हुई दूसरी तरफ़ उपमंडल पालमपुर के ही साथ लगते बगौड़ा गांव में एक कच्चे मकान की रसोई पूरी तरह ध्वस्त हो गई। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य कुछ समय पहले ही रसोई से खाना खाकर लौटे थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। पीड़ित चुनी लाल ने बताया कि دوपहर के बाद तेज बारिश हो रही थी तथा परिवार खाना खाने के बाद पक्के मकान में विश्राम कर रहा था। अचानक कच्चे मकान में बनाई रसोई में आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो रसोई का शेड पूरी तरह से गिर गया था। मौसम विभाग के अनुसार कल भी ज़िला कांगड़ा कुल्लू मंडी शिमला व सिरमौर के लिए तेज आंधी तूफ़ान का ऑरेंज अलर्ट करो किया हैऐसे में 12 जून यानी कल भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा और ऐसा जी मौसम
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उज्जैन के कोयला फाटक में विवाहित रिलेशन से शुरू विवाद, मारपीट का वीडियो वायरल

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन के कोयला फाटक क्षेत्र में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ रेस्टोरेंट में मौजूद था। इसी दौरान उसकी पत्नी, साली और ससुर समेत कुछ परिजन मौके पर पहुंच गए और विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कर्मचारी मधुर तिवारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचे थे। पत्नी वंदना को इसकी भनक लगने पर वह परिजनों के साथ वहां पहुंच गई। पत्नी का आरोप है कि उसके पति के उक्त महिला से लंबे समय से संबंध हैं और वह दोनों पर नजर रख रही थी। रेस्टोरेंट के बाहर और अंदर हुए विवाद के दौरान जमकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। वायरल वीडियो में पत्नी, साली और अन्य परिजन मधुर तिवारी व उनकी महिला मित्र के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, आसपास मौजूद लोगों की भीड़ तमाशा देखने के लिए जमा हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या शिकायत की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की सत्यता और आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।
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सांगली में बैलगाड़ी शर्यत: हरिपूर-गेम चेंजर जोड़ी ने मोहन केसरी का किताब जीत लिया

Sangli, Maharashtra:सांगलीच्या मिरज तालुक्यातल्या डोंगरवाडी येथील बैलगाडी शर्यतीचा थरार पार पडला. शिवसेना शिंदे गटाचे नेते मोहन वनखंडे यांच्या वतीने मोहन केसरी बैलगाडी शर्यतीचा आयोजन करण्यात आलं होतं. यात सांगली, कोल्हापूर जिल्ह्यासह शेजारच्या कर्नाटक राज्यातील जवळपास दीडशेहून अधिक बैलगाडी स्पर्धकांनी सहभाग घेतला होता. अत्यंत थरारक, अशा पार पडलेल्या अंतिम स्पर्धेत हरिपूरच्या बुलेट छब्या व लिंगनूरच्या गेम चेंजर हरण्या बैल जोडीने प्रथम क्रमांक पटकावला. मोहन केसरीचा किताब मिळाला. जनसुराज्य शक्ती पक्षाचे प्रदेशाध्यक्ष समिती कदम यांच्या उपस्थितीमध्ये बक्षीस वितरण झाले. बैलगाडी शर्यशांच्या थरार पाहण्यासाठी हजारो बैलगाडी शौकिनांनी गर्दी केली होती.
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Muzaffarpur के प्रसाद अस्पताल में ICU आग: नक्शे के خلاف निर्माण, 7 मौत, निगम नोटिस

Muzaffarpur, Bihar:हादसे वाले प्रसाद हॉस्पिटल का सच आया सामने, जांच रिपोर्ट में हुआ कई बड़े खुलासे, नगर निगम के आदेश को ताक पर रख कर अस्पताल के बिल्डिंग का किया गया है निर्माण, जिस फ्लोर पर चल रहा था ICU उसका नक्शे में नहीं है जिक्र, हॉस्पिटल के प्रबंधक भेजी जाएगी नोटिस। मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल ICU अग्नि कांड में का सच सामने आया गया है और जिस विल्डिंग में चल रहा था अस्पताल वह नगर निगम के नक्शे के अनुसार नहीं बना है. सबसे आश्चर्य की बात है कि जिस फ्लोर पर ICU चल रहा था वह नक्शे में नहीं था, जो नियम के विरुद्ध चल रहा था. अब नगर निगम कानूनी कार्रवाई करते हुए नोटिस भेजने की तैयारी में जुटी है. हालाकी हॉस्पिटल का लाइसेंस को निलंबित किया गया है. दरअसल ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के पांचवे फ्लोर पर स्थित ICU में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के कारण अभी तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि दर्जनों से ऊपर लोग अभी भी अलग-अलग अस्पताल में इलाजरत है. वही इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जांच के लिए एक पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था और उस पांच सदस्य जांच टीम का जांच रिपोर्ट सामने आ गया है. जिसमें अस्पताल प्रबंधन की कई खामियां सामने आई है. घटना के बाद से लगातार जांच में जुटी 5 सदस्यीय जांच टीम के द्वारा बार-बार अस्पताल निर्माण से संबंधित नक्शे की मांग अस्पताल प्रबंधन से की जा रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अस्पताल निर्माण से संबंधित नक्शा जांच टीम को नहीं सौंपा गया, लेकिन अब जांच टीम ने अस्पताल से संबंधित नक्शे को नगर निगम से प्राप्त कर लिया है उस नक्शे के अनुसार बिल्डिंग में कई खामियां मिली है. जांच टीम को नगर निगम से प्राप्त किए गए अस्पताल से संबंधित नक्शे और आदेश के अनुसार वर्ष 2011 में नगर निगम के द्वारा अस्पताल प्रबंधन को, जी+ फोर बिल्डिंग बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन उसके जगह पर नगर निगम के आदेश को ताक पर रख जी प्लस फाइव बिल्डिंग का निर्माण अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कर लिया गया और जिस अस्पताल के ICU में इतना बड़ा हादसा हुआ था, उसका ICU के बिल्डिंग के निर्माण का जिक्र उस नक्शे में नहीं है. मतलब साफ है की अवैध तरीके से उसका निर्माण कराया गया था. आपको बता दें कि इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधक सहित कई लोग पर ब्रह्मपुरा थाना एफआईआर दर्ज किया था, जिसमें ICU बंदरा PHC में कार्यरत डॉक्टर पंकज कुमार समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई और तत्काल जमानत भी मिल गई, लेकिन सरकारी डॉक्टर होते हुए निजी अस्पताल के ICU को संभालने वाले Dr पंकज को निलंबित कर दिया गया है. पूरे मामले पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि प्रसाद हॉस्पिटल के घटना के बाद मामले को लेकर एक पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था, जो जांच करने के बाद अपना जांच रिपोर्ट सौंप दिया है. जिसमें बताया गया है कि प्रसाद हॉस्पिटल के बिल्डिंग के निर्माण में कई अनियमितता पाई गई है और नगर निगम से स्वीकृत नक्शे के अनुसार अस्पताल के भवन का निर्माण नहीं कराया गया और उस में कई खामियां पाई गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है और नोटिस का जवाब मिलते ही आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. बाइट - सुब्रत कुमार सेन जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर
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बहराइच में घर पर हमला, चार घायल, धमकी देकर फरार

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच: हमलावरों ने चार को घायल कर दिया, घर में तोड़फोड़ की और जानमाल की धमकी देकर फरार हो गए. घायलégetों को कोतवाली लाए जाने पर मेडिकल कॉलेज भेजा गया. खबर बहराइच से है; देहात कोतवाली क्षेत्र के हेमरिया ग्राम पंचायत के एकडला गांव में देर रात एक घर पर हमला हुआ. वसीम पुत्र इलियास फिरोज देर शाम अपने घर के बाहर बैठे थे; एक दर्जन लाठी डंडे से लैस हमलावरों ने उन्हें मारपीट की. हमलावर रेहान पुत्र अली हसन के घर पहुंचकर उनके साथ गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दे रहे थे. इसी क्रम में रेहान का भाई औशान आ गया और उसे भी पीटा गया. घर में तोड़फोड़ की गई, और हमलावर धमकी देकर फरार हो गए. घायलों को कोतवाली लाए जाने पर पुलिस ने मेडिकल कॉलेज भेजा है. घायल परिजनों का आरोप है कि शराब के लिए पैसे न देने पर पड़ोस गांव के दबंगों ने हमला किया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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बहराइच के होटलों में सुरक्षा मानकों की कमी, 15 दिनों में सुधार का अल्टीमेटम

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच मानकविहीन होटलों पर प्रशासन सख्त, सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में मिली खामियां, ख़बर बहराइच से है, जहां बीते दिनों दिल्ली के होटल में हुए अग्निकांड की घटना को संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है, जिसके तहत शहर में संचालित होटलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में की जा रही है, इसी कड़ी में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद के साथ फायर विभाग और पुलिस टीम ने शहर के होटल योर्स और शेरान की जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर सुरक्षा मानकों की कमी मिली, छापेमारी टीम द्वारा होटल के नक्शे, फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकासी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की गहन जांच की, जांच में सामने आया कि कई होटल बिना फायर NOC और मानकों को बिना पूरा किए ही संचालित हो रहे थे। सुरक्षा इंतजामों में भारी लापरवाही मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने होटल संचालकों को फटकार लगाई। 15 दिन की मोहलत देते हुए सुरक्षा मानकों की सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने का निर्देश दिया, अन्यथा कड़ी कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है।
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शताब्दी एक्सप्रेस के ई-1 कोच पर पत्थरबाजी, यात्रियों को नहीं लगी चोट

Firozabad, Uttar Pradesh:सर यह जानकारी रेलवे के ऑफिशियल ग्रुप से प्राप्त हुई है शताब्दी ट्रेन पर पथराव ANC- आज दिनांक 11.06.2026 को श्री मोहन भागवत -सर संघचालक राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) ट्रैन न0-12003 शताब्दी एक्सप्रेस के ई-1 कोच में बैठकर कानपुर की तरफ से दिल्ली जा रहे थे, समय लगभग 19ः25 बजे रेलवे स्टेशन मक्खनपुर से रेलवे स्टेशन फिरोजाबाद के मध्य किलोमीटर सं0-1230/5 निकट पेमेश्वर गेट थानाक्षेत्र दक्षिण फिरोजाबाद पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उक्त टैªन में पत्थर मार दिया, जिससे शताब्दी एक्सप्रेस के ई-1 कोच की दूसरी तरफ खिडकी का शीशा टूट गया। स्थानीय पुलिस/आपीएफ/जीआरपी पुलिस द्वारा उक्त ट्रैन को रेलवे स्टेशन टूण्डला पर रोककर जांच पडताल /विधिक कार्यवाही करते हुए समय 19ः40 बजे गन्तव्य को सकुशल रवाना कर दिया गया। ज्ञात हुआ है कि किसी अवांछनीय तत्व/शराबी किस्म के अज्ञात व्यक्ति द्वारा उक्त टैªन में पत्थर मार दिये जाने से ई-1 कोच का शीशा क्षत्रिग्रस्त हो जाने की जनचर्चा है। कोच में सवार किसी भी यात्री को कोई क्षति हानि नहीं है। अभी तक तहरीर अप्राप्त है। स्थानीय पुलिस/आपीएफ/जीआरपी पुलिस द्वारा जांच पडताल जारी है。 पुलिस व रेलवे विभागजांच में जुटा है हालांकि अभी कमरे पर कोई भी कुछ नहीं कह रहा है लेकिन सोशल मीडिया पर खबर तेजी से वायरल हो रही है
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Zone-O: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों पर लागू डिमार्केशन, क्या नए मकान रुकेंगे?

Delhi, Delhi:दिल्ली में 'ओ-जोन' (Zone-O) यमुना नदी के बाढ़ वाले क्षेत्रों को कहा जाता है. दिल्ली मास्टर प्लान के तहत इसे पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है. हाल ही में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा ओ-जोन के बोर्ड लगाए जाने के बाद जगतपुर एक्सटेंशन (बुराड़ी) में तोड़फोड़ की कार्रवाई (डिमोलिशन) शुरू हो गई थी. तो वहीं अब बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के हरीनगर, मीठापुर और जैतपुर के लोग भी Zone_O का बोर्ड लगाए जाने के बाद चिंतित है कि कहीं अब अगला नंबर उनके बनाए गए मकान का तो नहीं है. दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि ओ-जोन में शामिल 91 अनधिकृत कॉलोनियों और एक दर्जन से अधिक पुराने गांवों के मौजूदा घरों को नहीं तोड़ा जाएगा. Badarpur जैसी विधानसभाओं में लोगों का आरोप है कि उनकी कॉलोनियां यमुना से काफी दूर (3-5 किलोमीटर) हैं, फिर भी उन्हें कागजों में ओ-जोन में डालकर गलत तरीके से डिमार्केशन किया गया है. वही इस पर जब बदरपुर के विधायक राम सिंह नेताजी से बात किया गया तो राम सिंह नेताजी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देखिए जो बदरपुर विधानसभा क्षेत्र का नहर पार का इलाका है हरीनगर, मीठापुर, जैतपुर इसमें तकरीबन 52 कालोनियां है जिसमें 2008 में ओ-जोन लग गया था फिर इसे F-Zone में कर दिया गया था लेकिन फिर हाई कोर्ट में कंप्लेंट करने के बाद फिर इस पर ओ-जोन लग गया 2013 के चुनाव के दौरान इसे F-Zone किया गया था लेकिन उसका नोटिफिकेशन नहीं जारी होने की वजह से ओ-जोन में यह क्षेत्र रह गया हालांकि यह यमुना से बहुत दूर है इसलिए यहां Zone-O का बोर्ड तो लगा हुआ है लेकिन उसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि नया निर्माण इस क्षेत्र में नहीं हो सकता इसलिए जो अब तक मकाने बन चुकी है उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी कोई तोड़फोड़ नहीं होगा सिर्फ नई कालोनियां नहीं बसेगी नए मकान नहीं बनेंगे. इसलिए लोगों को किसी भी बात की चिंता नहीं करनी है लोगों को पैनिक नहीं होना है ओ-जोन से नहीं डरना है क्योंकि ओ-जोन का जो बोर्ड लगा है सिर्फ इसलिए लगा है की नई कालोनियां या नए मकान का निर्माण यहां ना हो.
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राजस्थान HC: खीचन विस्तार ग्राम गठन पर याचिका खारिज, प्रक्रिया कानूनसम्मत

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने फलोदी जिले में नए राजस्व गांव खीचन विस्तार के गठन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने माना कि राज्य सरकार ने गांव के गठन की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार पूरी की और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए लिया गया निर्णय कानून सम्मत है। खीचन निवासी सत्यनारायण सिंह राजपूत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राजस्व विभाग की 13 दिसंबर 2025 की अधिसूचना को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि खीचन विस्तार गांव का गठन निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं है और पहले की प्रक्रिया में इसे रद्द किया जा चुका था। इसलिए दोबारा अधिसूचना जारी करना गलत है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि नए गांव के गठन से पहले अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट में सामने आया कि खीचन और खीचन विस्तार के बीच दूरी निर्धारित मानकों के अनुसार है। अलग-अलग रास्तों से दोनों गांवों के केंद्र बिंदुओं की दूरी 1 किलोमीटर से अधिक पाई गई। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल कुछ खसरो के आपस में जुड़े होने के आधार पर गांव गठन को गलत नहीं माना जा सकता। नए गांव बनाने के लिए दूरी, प्रशासनिक सुविधा, विकास की संभावना और स्थानीय जरूरतों जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। याचिकाकर्ता की ओर से राजनीतिक दबाव में अधिसूचना जारी होने का आरोप भी लगाया गया था। इस पर कोर्ट ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा मांग या सुझाव दिए जाने मात्र से प्रशासनिक फैसला अवैध नहीं हो जाता। इसके लिए ठोस दुर्भावना या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण जरूरी हैं। कोर्ट ने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों के गठन और सीमाओं में बदलाव का अधिकार राज्य सरकार के पास है। पर्याप्त आधार नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और खीचन विस्तार गांव के गठन को बरकरार रखा।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने नगरपालिका वित्तीय अधिकारों पर रोक बरकरार रखी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने नगर निकायों में वित्तीय अधिकारों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक बरकरार रखी है, जिसमें नगरपालिका के कई वित्तीय अधिकार अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को अकेले देने की व्यवस्था की गई थी। कोर्ट ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक सुविधा के नाम पर कानून में तय व्यवस्था और जवाबदेही के सिद्धांत को दरकिनार नहीं किया जा सकता। मामला पाली जिले की खुडाला-फालना नगरपालिका से जुड़ा है। पूर्व पार्षद भारत कुमार चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार के 7 फरवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश के जरिए नगरपालिका के वित्तीय अधिकारों को ईओ के स्तर पर केंद्रित करने की कोशिश की गई थी। इससे पहले 29 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने इस आदेश के अमल पर अंतरिम रोक लगा दी थी। राज्य सरकार ने अंतरिम रोक हटाने के लिए आवेदन पेश किया, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 226(3) के तहत रोक हटाने की प्रक्रिया तभी लागू होती है जब प्रभावित पक्ष को याचिका की जानकारी और सुनवाई का अवसर नहीं मिला हो। इस मामले में सरकार को पहले ही पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन उस समय कोई उपस्थित नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने कहा कि सुनवाई का अवसर देना और उस अवसर का उपयोग करना अलग-अलग बातें हैं। यदि किसी पक्ष को मौका दिया गया और उसने इसका लाभ नहीं उठाया तो बाद में यह दावा नहीं किया जा सकता कि उसे सुनवाई से वंचित किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिविक माथुर ने तर्क दिया गया कि नगरपालिका का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किया गया था। ऐसे में वित्तीय फैसलों में प्रशासक और ईओ की संयुक्त भूमिका जरूरी है। ईओ को अकेले अधिकार देने से वित्तीय नियंत्रण और पारदर्शिता प्रभावित होगी। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि नियमों में वित्तीय मामलों के लिए संतुलन और निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। केवल कार्य सुविधा के आधार पर इस व्यवस्था को बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने कहा कि स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप अधिकारों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। हाईकोर्ट ने सरकार की दलील भी स्वीकार नहीं की कि आदेश केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर जारी किया गया था। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई आदेश वैधानिक ढांचे से मेल नहीं खाता तो उसे अस्थायी कहकर लागू नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने अंतरिम रोक को याचिका के अंतिम निस्तारण तक जारी रखते हुए मामले को अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
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