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Satpal GargSatpal GargFollow26 Jul 2024, 03:46 am
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बलरामपुर में अपराधी के खिलाफ जिलाबदर लागू, गांव में मुनादी से वातावरण साफ़

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में अपराधी पर जिलाबदर की कार्रवाई, गांव में कराई गई मुनादी बलरामपुर जनपद के महाराजगंज तराई थाना क्षेत्र में प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम ने गांव में मुनादी कराकर आम लोगों को इसकी जानकारी दी। जानकारी के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट बलरामपुर द्वारा 30 मार्च 2026 को शिवनरायन यादव उर्फ ईस्वी यादव उर्फ शिव प्रसाद निवासी रूपनगर, थाना महाराजगंज तराई के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(3) के तहत जिलाबदर का आदेश पारित किया गया था। इसी क्रम में रविवार को पुलिस टीम ने आदेश का पालन सुनिश्चित कराया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर चल रही इस कार्रवाई की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी ललिया देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा की गई। थाना महाराजगंज तराई के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के घर और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर आदेश की प्रति चस्पा की। इसके साथ ही गांव में मुनादी कराकर स्थानीय लोगों और परिजनों को जिलाबदर आदेश की जानकारी दी गई। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया सके। पुलिस के अनुसार, संबंधित आरोपी के खिलाफ हत्या, साजिश, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई न्यायालय में लंबित है। प्रशासन का कहना है कि जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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झांसी मेडिकल कॉलेज में बदहाली: पिता बेटी को पीठ पर ले कर इलाज मांगते रहे

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की बदहाल तस्वीर सामने आई है, जहां वार्ड वॉय का काम खुद तीमारदार करते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में पिता अपनी जख्मी बेटी को पीठ पर लादकर इमरजेंसी वार्ड में ले जा रहा है क्योंकि बेटी पैर में फैक्चर होने की वजह से चल नहीं सकती थी। स्ट्रेचर मांगने पर उपलब्ध नहीं कराया गया। वीडियो वायरल हो गया। तीमारदार महेश कुमार ने कहा कि बेटी का पैर फैक्चर हो गया है; स्ट्रेचर मांगने पर सुनवाई नहीं हुई; रात 10 बजे से मेडिकल कॉलेज में बैठे हैं और बेटी को पीठ पर लादकर इलाज के लिए इधर-उधर भटकते दिखे। रागिनी ने बताया कि देवर और जेठ ने पहले मारा फिर छत से फेंक दिया जिससे पैर में फैक्चर हो गया। इस खतरनाक तस्वीर को देखकर भी मेडिकल कॉलेज का कोई कर्मचारी मदद के लिए आगे नहीं आया; डॉक्टरों ने टोका नहीं।
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कृषि मंत्री के दौरे में महवा अस्पताल का शिलान्यास; सड़क बनाने की घोषणा

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा महवा जिला अस्पताल के नवीन भवन का शिलान्यास कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने समलेटी में किया शिलान्यास क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र मीणा रहे मौजूद 33/11केवी जीएसएस का लोकार्पण किरोड़ी ने कहा महवा से टोडाभीम तक बनेगी 13करोड़ की सड़क गंदे पानी की निकासी के लिए 27करोड़ की स्वीकृति महवा में 80करोड़ की लागत से क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत 6माह में क्षेत्र को लोगों को शुद्ध पेयजल का आश्वासन स्टेडियम में लाइट ओर सीसीटीवी की घोषणा किरोड़ी ने कहा ईमानदारी से करे वोट का उपयोग भ्रष्टाचारी से बनाए दूरी कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा महवा क्षेत्र के दौरे पर रहे जहां उन्होंने समलेटी में महवा जिला अस्पताल के नवीन भवन का शिलान्यास किया साथ ही 33/11 केवी जीएसएस का लोकार्पण भी किया इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र मीणा , सरपंच रचना समलेटी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहे किरोड़ी ने कहा अस्पताल का नवीन भवन बनने से महवा क्षेत्र के नहीं बल्कि आसपास के मरीज को भी बड़ी राहत मिलेगी खासकर सड़क हादसों के शिकार लोगों को त्वरित उपचार मिल सकेगा इस दौरान किरोड़ी ने क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए आपदा से अस्सी करोड रुपए की स्वीकृति दी साथ ही महवा से टोडाभीम तक 13 करोड रुपए की सड़क बनने की बात भी कहीं भी गंदे पानी की निकासी के लिए 27 करोड़ रुपए की घोषणा की भी स्टेडियम में सीसीटीवी कैमरे ओर लाइट लगाने का भरोसा दिया साथ ही कहा आगामी 6 माह में क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल भी मिलेगा वही किरोड़ी ने लोगों से आवाहन किया अपने वोट का ईमानदारी से उपयोग करें राजनीति से भ्रष्टाचारियों को दूर रखें आपका वोट क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा इस दौरान ग्रामीणों ने किरोड़ी का पुष्प वर्षा कर और 101 किलो की माला व चांदी का मुकुट पहनाकर भव्य स्वागत किया तो वही कार्यक्रम स्थल पर आयोजित दंगल में भी किरोड़ी लाल मीणा ने जमकर ठुमके लगाए
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मेरठ दौराला में प्रेमी-बहन ने शराब में जहर मिलाकर डाला भाई की मौत

मेरठ के दौराला कस्बे में शराब पीकर तीन लोगों की मौत से जुड़ा मामला अब साधारण हादसा नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश के रूप में सामने आया है। शुरुआती जांच में जहरीली शराब से मौत की बात कही जा रही थी, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल ने इस केस को पूरी तरह पलट दिया है। अब यह मामला मृतक की बहन के प्रेम प्रसंग से जुड़ गया है। दरअसल मृतक अपनी बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज था। शराब पीकर बहन के साथ मारपीट करता था। यही बात बहन को नागवार गुजर्ी और उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर भाई को मौत के घाट उतारने की प्लानिंग कर डाली। लेकिन भाई ने जहर मिली हुई शराब अपने दोस्तों के साथ बैठकर पी ली और तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। मामला मेरठ के थाना दौराला क्षेत्र का है जहां 2 दिन पहले जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर नाराजगी जाहिर की। लेकिन पुलिस ने इस मामले में जब तफ्तिश की तो हकीकत पर से पर्दा उठ गया। मृतक अंकित उर्फ दौलत की बहन अलका और उसके कथित प्रेमी पवन उर्फ पोली को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे, जो परिवार की नजरों में खटक रहे थे। इस रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा अंकित था, जो दोनों के मेल-जोल का विरोध करता था। यहीं से एक खतरनाक साजिश की नींव पड़ी। पुलिस पूछताछ में मृतक की बहन अलका ने बताया कि उसने घर में रखी शराब में जहर मिला दिया था। योजना यह थी कि अंकित अकेले शराब पीए और उसकी मौत को सामान्य हादसा मान लिया जाए, लेकिन घटनाएं योजना के मुताबिक नहीं चलीं। अंकित शराब लेकर तेल स्पेलर पर पहुंचा, जहां बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र ने भी उसी शराब का सेवन कर लिया। शराब में साइनाइड नाम का जहर मिलाया क्या जो सुनार की दुकान से खरीदा गया था। जहरीले पदार्थ का असर इतना घातक था कि तीनों की चार मिनट में एक-एक कर मौत हो गई। पुलिस ने जब इस मामले में पूछताछ की तो अलका के बयानों से पुलिस का माथा ठनक गया। कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। सबसे बड़ा शक तब गहराया जब अलका ने पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बयान बदले। शुरुआत में उसने खुद को पूरी घटना से अनजान बताया और इसे एक सामान्य हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन उसके बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आते रहे। इस मामले में करीब 100 लोगों के घर जाकर पुलिस ने जांच की। सख्ती से पूछताछ के बाद कुछ अहम सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर पुलिस ने मृतक की बहन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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जालौन में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से न्यायालय गुमराह, जमानतदार समेत कई के विरुद्ध एफआईआर

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन जिले के नदीगांव थाना क्षेत्र से न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय को गुमराह करने के उद्देश्य से आरोपी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल करने के आरोप में पुलिस ने जमानतदार समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मामला माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) जालौन, उरई की अदालत में विचाराधीन आपराधिक वाद संख्या 92/2023 से जुड़ा हुआ है। इस मामले में आरोपी राजीव कुमार पुत्र रामप्रसाद राय, निवासी वैशाली (बिहार) के विरुद्ध न्यायालय द्वारा गैरजमानती वारंट जारी किया गया था। वारंट की तामील के लिए थाना नदीगांव के उपनिरीक्षक हीरालाल राजपूत आरोपी के घर पहुंचे और वहां जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी की मृत्यु नहीं हुई है और वह पिछले लगभग छह महीनों से घर नहीं आया है। इस संबंध में आरोपी के परिजनों ने भी लिखित रूप से बयान दिया, जिसकी रिपोर्ट दिनांक 12 मार्च 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत की गई। इसके बावजूद आरोपी के जमानतदार राज पचौरी, निवासी ग्राम बंगरा थाना माधौगढ़ ने न्यायालय में आरोपी का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिया। जब इस प्रमाण पत्र की जांच की गई तो वह फर्जी और कूटरचित पाया गया। आरोप है कि जमानतदार ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर यह फर्जी दस्तावेज तैयार कराया और न्यायालय में प्रस्तुत किया, ताकि मुकदमे को समाप्त कराया जा सके और आरोपी को लाभ पहुंचाया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में थाना नदीगांव में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। वही उपनिरीक्षक हीरालाल राजपूत ने इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के साथ तहरीर प्रस्तुत की। वहीं, थाना नदीगांव के हेड मोहर्रिर मनोज कुमार दीक्षित ने पुष्टि की कि एफआईआर नियमानुसार दर्ज कर ली गई है। क्षेत्राधिकारी सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने बताया कि दिनांक 03 अप्रैल 2026 को थाना नदीगांव में अभियुक्त के जमानतदार द्वारा अभियुक्त के संबंध में मिथ्या साक्ष्य तैयार करने और न्यायालय में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र की छायाप्रति दाखिल करने के मामले में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में अन्य लोगों की संल्ल्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद न्यायालय में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई है।
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राजस्थान के जलमार्ग से अरब सागर तक पहुंचेगा नया उद्योगिक और निर्यात का मार्ग

Jaipur, Rajasthan:यह खबर केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से कांडला पोर्ट से जालौर तक इनलैंड वाटरवे बनाने की योजना पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य अरब सागर को राजस्थान की चौखट तक पहुँचाते हुए Inland Waterways के जरिए माल परिवहन, आयात-निर्यात और उद्योगों को लाभ पहुँचाना है। जलमार्ग approximately 262 किलोमीटर लंबा कैनाल-नुमा होगा और इसपर 10,000 करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है, जिससे राजस्थान सीधे अरब सागर से जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस प्रोजेक्ट की नियमित रूप से बैठकें ले रहे हैं और इसे विकसित राजस्थान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस जलमार्ग के निर्माण से पश्चिमी राजस्थान के उद्योगों और व्यापारियों को सुगम माल ढुलाई का लाभ मिलेगा तथा नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। IND व IWAI और IIT मद्रास को技नीकी एवं वित्तीय पहलुओं के आकलन की जिम्मेदारी दी गई है, और DPआर तैयार करने के निर्देश दे चुके हैं। 27 अक्टूबर 2025 को IWAI के साथ MoU साइन किया गया था; IIT मद्रास के प्रोफेसर के. मुरली ने DPआर पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया है। इसके अस्तित्व में आने से राजस्थान के अलावा नजदीकी राज्यों के उद्योगों को भी फायदा मिलेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत में कमी और व्यापार गतिविधियाँ बढ़ेंगी। राजस्थान के फायदे include माल ढुलाई, औद्योगिक रसद और निर्यात के लिए पश्चिमी क्षेत्र में सुविधाएं, अरब सागर तक निर्बाध पहुँच, पेट्रोकेमिकल्स, खनिज, सीमेंट, केमिकल्स आदि का सरल परिवहन, और लॉजिस्टिक हब के रूप में राज्य की स्थिति मजबूत होना। इसके साथ ही हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, ग्रेनाइट, मार्बल, हैंडीक्राफ्ट, मसाले और फलों के निर्यात में भी सहायता मिलेगी; किसानों की आय व निवेश के जरिए क्षेत्र की तीज-तर्रार वृद्धि की उम्मीद है।
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दिल्ली ग्रीन बजट: 22,236 करोड़ से राजधानी हरी-भरी, 17 विभागों के पास जिम्मेदारी

Delhi, Delhi:रेखा गुप्ता सरकार के 22,236 करोड़ रुपये के ग्रीन बजट में दिल्ली ऐसे बनेगी हरी-भरी मुख्यमंत्री ने ग्रीन लक्ष्य और पर्यावरण सुधार के लिए प्रमुख विभागों को दिया विशेष ‘हरित कोष’ ‘ग्रीन क्रांति के लिए 17 विभागों को मिली जिम्मेदारी, यमुना सफाई और ई-बसों पर सबसे ज्यादा जोर ग्रीन बजट को ध्यान में रखते हुए हर विभाग के खर्चों की मैपिंग की जाएगी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026 दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने राजधानी की आबो-हवा सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण-मुक्त भविष्य देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हाल में ‘ग्रीन बजट’ का व्यापक और संतुलित खाका प्रस्तुत किया था। इस बजट में कुल 1,03,700 करोड़ रुपये के राज्य बजट में से 22,236 करोड़ रुपये (21.44 प्रतिशत) विशेष रूप से हरित योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो सरकार की पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस ग्रीन बजट के तहत दिल्ली को हरा-भरा बनाने की जिम्मेदारी अब अलग-अलग विभागों को सुनियोजित तरीके से सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 17 प्रमुख विभागों को चरणबद्ध रूप से धनराशि आवंटित की गई है ताकि हर क्षेत्र में समन्वित तरीके से काम हो सके। ग्रीन बजट का आकार और प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री के अनुसार ग्रीन बजट का सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 6,485 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड को दिया गया है, जिसका उपयोग यमुना की सफाई और जल उपचार परियोजनाओं में किया जाएगा। इसके बाद परिवहन विभाग को 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य ई-बसों को बढ़ावा देना और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 3,350 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिनसे धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। समन्वित विकास की दिशा योजना विभाग को 2,350 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं ताकि विभिन्न हरित परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की जा सके। शहरी विकास विभाग और डूसिब को मिलाकर 2,273 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिनका उपयोग विशेष पर्यावरणीय अभियानों में होगा। वहीं, बिजली विभाग को 1,410 करोड़ रुपये सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए आवंटित किए गए हैं। हरित कोष के जरिए व्यापक कवरेज इसके अतिरिक्त, अन्य विभागों को भी ‘हरित कोष’ के तहत महत्वपूर्ण राशि दी गई है। पर्यावरण विभाग को प्रदूषण नियंत्रण की प्रमुख योजनाओं के लिए 558 करोड़ रुपये, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को जल संरक्षण कार्यों के लिए 305 करोड़ रुपये, और विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए 258 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शिक्षा, पर्यटन और उद्योग तक फैला हरित एजेंडा वन विभाग को वृक्षारोपण और वन्यजीव संरक्षण के लिए 181 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग को पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 102 करोड़ रुपये और शिक्षा विभाग को विद्यालयों में हरित पहलों के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी क्रम में, उद्योग विभाग को औद्योगिक प्रदूषण कम करने के लिए 42 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में पर्यावरणीय सुधार के लिए 31 करोड़ रुपये, और राजस्व विभाग को आपदा प्रबंधन एवं हरित सर्वेक्षण के लिए 23 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कौशल और शोध के जरिए भविष्य की तैयारी प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को हरित कौशल विकास के लिए 7 करोड़ रुपये तथा उच्च शिक्षा विभाग को शोध और पर्यावरण अध्ययन के लिए 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह, ग्रीन बजट-2026-27 के जरिए दिल्ली सरकार ने एक समग्र, विभागवार और चरणबद्ध रणनीति अपनाते हुए राजधानी को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर में बदलने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है। ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’- नारे से नीति तक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’ अब महज एक चुनावी नारा नहीं, बल्कि जहरीली हवा और बढ़ते तापमान के खिलाफ सरकार का एक ठोस व निर्णायक प्रहार है। दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी राजकोषीय नीति का केंद्र बनाने के लिए ‘ग्रीन बजटिंग’ की शुरुआत की है। यह पहल केवल सरकारी खर्च का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ जंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा है मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार पर्यावरण के लिए ‘नैतिक जिम्मेदारी’ है। सरकार मानती है कि पर्यावरण अब सरकारी नीति की प्राथमिकता है क्योंकि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का कम होना एक गंभीर चुनौती है। इस ‘ग्रीन बजट’ के माध्यम से सार्वजनिक खर्च और निवेश को इस तरह दिशा दी जाएगी कि वह सतत विकास और जैव विविधता की रक्षा में सहायक हो सके विभाग-वार बजट का आवंटन • दिल्ली जल बोर्ड: 6,485 करोड़ रुपये • परिवहन विभाग: 4,758 करोड़ रुपये • लोक निर्माण विभाग: 3,350 करोड़ रुपये • योजना विभाग: 2,350 करोड़ रुपये • शहरी विकास-डूसिब: 2,273 करोड़ रुपये • बिजली विभाग: 1,410 करोड़ रुपये रुपये • पर्यावरण विभाग: 558 करोड़ रुपये • सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण: 305 करोड़ रुपये • विकास विभाग: 258 करोड़ रुपये • वन विभाग: 181 करोड़ रुपये • पर्यटन विभाग: 102 करोड़ रुपये • शिक्षा विभाग: 100 करोड़ रुपये • उद्योग विभाग: 42 करोड़ रुपये • स्वास्थ्य विभाग: 31 करोड़ रुपये • राजस्व विभाग: 23 करोड़ रुपये • प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा: 7 करोड़ रुपये • उच्च शिक्षा: 2 करोड़ रुपये
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रतलाम में अपराध नियंत्रण: 22 आरोपियों को गिरफ्तार करने वाला पुलिस अभियान जारी

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार सख्ती बरत रही है। शहर में कानून व्यवस्था मजबूत रखने के लिए रातभर कॉम्बिंग गश्त की जा रही है। विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने सक्रिय होकर आदतन अपराधियों, गुंडा-बदमाशों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाया。 शनिवार रात विशेष कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी विभिन्न आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और क्षेत्र में इनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं। रविवार को पुलिस ने इन सभी आरोपियों का जुलूस निकालते हुए सख्त संदेश दिया कि अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: इसके साथ ही आरोपियों की परेड करवाई गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की कड़ी चेतावनी दी गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे
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कृष्णगंज सीमा पर वृद्धा की रक्तरंजित हत्या, इलाके में हलचल

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Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস বৃদ্ধার ক্ষতবিক্ষত রক্তাক্ত দেহ উদ্ধার, নদীয়ার কৃষ্ণগঞ্জের ভারত বাংলাদেশ সীমান্তবর্তী এলাকায় গেদে দক্ষিণপাড়ায় এক বৃদ্ধার মৃতদেহ উদ্ধার কে কেন্দ্র করে এলাকায় ব্যাপক চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। ঘটনার প্রসঙ্গে প্রতিবেশী বসুদেব মন্ডল বলেন, গতকাল রাত্রে বেলায় স্থানীয় মেলায় কৌশল্যা বিশ্বাস (৭০) কে বাড়িতে রেখে তার ছেলে রবীন্দ্রনাথ বিশ্বাস ও বৌমা স্থানীয় এক মেলায় গিয়েছিলেন। আজ সকাল ৭ টা নাগাদ কৌশল্যা বিশ্বাস ঘর থেকে না বেরোনোই ছেলে মায়ের ঘরের ভিতরে গিয়ে দেখেন মেঝের ওপরে রক্তাক্ত অবস্থায় পড়ে রয়েছেন কৌশলা বিশ্বাস। এরপর তিনি চিৎকার চেঁচামেচি শুরু করলে প্রতিবেশীরা ছুটে আসেন। রক্তাক্ত এবং ক্ষত বিক্ষত দেহ থাকায় সঙ্গে সঙ্গে পরিবারের পক্ষ থেকে কৃষ্ণগঞ্জ থানায় খবর দেওয়া হয়। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌঁছায় কৃষ্ণগঞ্জ থানা police। কৃষ্ণগঞ্জ থানার পুলিশ কৌশল্যা বিশ্বাসকে কৃষ্ণগঞ্জ গ্রামীণ হাসপাতালে নিয়ে যান। কর্তব্যরত চিকিৎসকেরা কৌশল্যা বিশ্বাসকে মৃত ঘোষণা করেন। বর্তমানে মৃতদেহটি কৃষ্ণগঞ্জ থানার পুলিশ ময়নাতদন্তের জন্য কৃষ্ণনগর শক্তিনগর জেলা হাসপাতালে পাঠানো হয়, পাশাপাশি কৃষ্ণগঞ্জ থানার পুলিশের পক্ষ থেকে বয়স্ক মহিলার গেদেদের বাড়িতে গিয়ে তদন্ত নেমেছেন। পরিবারের সদস্যদের জিজ্ঞাসাবাদ শুরু করেছে। কিভাবে এই ঘটনা বা মৃত্যু হয়েছে তার জানার চেষ্টা করছে কৃষ্ণগঞ্জ থানার পুলিশ। পুলিশের পক্ষ থেকে জানা গেছে ময়নাতদন্তের রিপোর্ট আসলেই বোঝা যাবে কিভাবে মৃত্যু হয়েছে এই বৃদ্ধার। যদিও প্রতিবেশীদের দাবি এটি আসলে মার্ডার বলে মনে করছেন তারা। এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে এলাকায় ব্যাপক চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। বসিত বাসুদেব মন্ডল প্রতিবেশী, ছবি বাইট একত্রে 2সি তে 050426ZG_NAD_MURDER_GEDE নামে 1 ফাইল
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परादीप में फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पर हमला करने वाला मुख्य आरोपी पकड़ लिया गया

Paradeep, Odisha:Anchor - ଫେରାର ହୋଇଗଲା ଅଭିଯୁକ୍ତ। ପାରାଦୀପ ଆଦର୍ଶ ଥାନା ଅଧିନ ବିଜୟଚାନ୍ଦ ପୁର ଗ୍ରାମର ଏକ ମାମଲାରେ ଜଡିତ ଥିବା ଅଭିଯୁକ୍ତ କୁ ପୋଲିସ ଧରିବାକୁ ଯାଇଥିବା ବେଳେ ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକଙ୍କ ସହାୟତା ରେ ଫେରାର ହୋଇ ଯାଇଛି ଅଭିଯୁକ୍ତ। ଅଭିଯୁକ୍ତ ବିଜୟଚାନ୍ଦପୁରର ମଦନ ରାଉତକୁ ଗିରଫ କରିବା ପାଇଁ ପୋଲିସ ବିଳମ୍ବିତ ରାତିରେ ଚଢଉ କରିବା ବେଳେ ପୁଲିସ ଉପରେ ମରଣାନ୍ତକ ଆକ୍ରମଣ କରିବାର ସୁଯୋଗ ନେଇ ଅଭିଯୁକ୍ତ ଫେରାର ହୋଇଯାଇଥିଲା ।ଘଟଣା କୁ ନେଇ ଆକ୍ରମଣ ର ଶିକାର ହୋଇଥିବା ଆଦର୍ଶ ଥାନା ପୁଲିସ ଏସ୍‌ଆଇ ସୁରେଶ ପ୍ରଧାନ ଥାନାରେ ଲିଖିତ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ଏକ ମାମଲାରେ ଜଡ଼ିତ ଥିବା ଅଭିଯୁକ୍ତ ମଦନ ରାଉତ ବିଜୟଚନ୍ଦ୍ରପୁର ସ୍ଥିତ ହନୁମାନ ମନ୍ଦିର ନିକଟରେ ଥିବା ଏକ ଡଙ୍ଗା ରେ ଲୁଚି ରହିଥିବା ଖବର ପାଇ ପୁଲିସ ଟିମ୍ ସେଠାରେ ଚଢ଼ଉ କରିଥିଲା। ପୁଲିସ ଟିମ୍ ମଦନକୁ ଧରିବା ସମୟରେ ମଦନ ଖୁब ଜୋରରେ ଚିତ୍କାର କରିଥିଲା l ମଦନ ର ପାଟି ଶୁଣି ତାଙ୍କ ପରିବାର ସଦସ୍ୟ, ସମ୍ପର୍କୀୟ ଓ ସ୍ଥାନୀୟ ବସ୍ତି ବସ୍ତି ବାସିନ୍ଦା ପହଞ୍ଚି ପୁଲିସ ର କାର୍ଯ୍ୟ କୁ ବିରୋଧ କରିଥିଲେ। ପୋଲିସ କର୍ମଚାରୀ ମାଦନ ବିରୁଦ୍ଧରେ ରହିଥିବା ମାମଲା ବିଷୟରେ କହିବା ସହିତ ଆଇନ କୁ ତା ବାଟରେ କାମ କରିବାକୁ ଦେବା ପାଇଁ କହିଥିଲେ ମଧ୍ୟ উତ୍ୟକ୍ତ ଲୋକମାନେ ପୋଲିସ ର କଥା ଶୁଣିବା ପରିବର୍ତ୍ତେ ଓଲଟା ପୋଲିସ ଟିମ୍‌କୁ ଗାଳିଗୁଲଜ କରିବା ସହିତ aufspringen ର କାହାଣୀକୁ ନେଇ ପୁଲିସକୁ ଧମକ ଦେଇଥିଲେ। ଲୋକଙ୍କ କଥା ନ ଶୁଣି ପୁଲିସ ଅଭିଯୁକ୍ତକୁ ହେପାଜତକୁ ନେବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରିବାରୁ ଉତ୍ୟକ୍ତ ଲୋକ ପୁଲିସ କାର୍ଯ୍ୟ ରେ ବାଧା ଦେବା ସହ ଆକ୍ରମଣ କରିଥିଲେ। ଫଳରେ ଏକାଧିକ ପୁଲିସ କର୍ମଚାରୀ ଆହତ ହୋଇଥିବା ସୂଚନା ମିଳିଛି । ଯାହାକୁ ନେଇ ଆଦର୍ଶ ଥାନା ପୋଲିସ ଆକ୍ସନ ମୁଡ଼ରେ ରହିଥିବା ବେଳେ ଘଟଣା କୁ ଗୁରୁତର ସହିତ ଗ୍ରହଣ କରି ଅଭିଯୁକ୍ତଙ୍କୁ ଚିହ୍ନଟ କରିବା ସହିତ ଫେରାର ହୋଇଯାଇଥିବା ଅଭିଯୁକ୍ତ କୁ ଖୋଜା ଚାଲିଥିବା ନେଇ କହିଛନ୍ତି ଜଗତସିଂହପୁର ଏସପି ଅଙ୍କିତ କୁମାର ବର୍ମା ।
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मिर्जापुर में 50 लाख के गांजे के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार

Ukhdand, Uttar Pradesh:मिर्जापुर में पड़री थाना और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने करीब 50 लाख रुपये कीमत का अवैध गांजा बरामद करते हुए 5 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह सफलता पड़री थाना पुलिस को मिली। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा सिटी कार को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस लाइन में एसपी सिटी मीरजापुर ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गैंग का खुलासा किया। मुखबिर की सूचना पर थाना पड़री पुलिस और एसओजी सर्विलांस टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका। तलाशी लेने पर कार से करीब 100 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो उड़ीसा के संभलपुर से गांजा लाकर मिर्जापुर, प्रयागराज और आसपास के जिलों में सप्लाई करने जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन और नगद राशि भी बरामद की गई है। इस मामले में हिस्ट्रीशीटर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से एक कार जप्त किया गया है। थाना पड़री में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29 के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी इनमें सत्यम सिंह उर्फ राहुल सिंह, सौरभ मिश्रा उर्फ पुष्कर मिश्रा, विकास तिवारी उर्फ विक्कू, राजन तिवारी उर्फ विश्वजीत तिवारी (प्रयागराज) एवं पवन पाण्डेय (हिस्ट्रीशीटर) शामिल हैं.
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