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Patiala147105

पातडां पुलिस ने 45 ग्राम हेरोइन समेत कार 3 व्यक्तियों को किया काबु

Aug 03, 2024 12:47:31
Patran, Punjab

पंजाब में नशे पर रोकथाम को लेकर SSP वरूण कुमार के निर्देश पर DSP दलजीत सिंह विर्क के नेतृत्व में पुलिस ने एक कार समेत 3 लोगों को 45 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया। थाना पातड़ा प्रमुख यशपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने गश्त के दौरान 5 एकड़ दाना मंडी के पास खड़े 3 युवकों को संदेह होने पर रोका व पूछताछ की। इस दौरान एक युवक ने अपनी जेब से मोमी लिफाफा निकाल कर फेंक दिया, जिसे जांचने पर 45 ग्राम नशीला मादक पदार्थ मिला। जिसके बाद तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया।

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NSNAVEEN SHARMA
Feb 13, 2026 07:02:20
Bhiwani, Haryana:हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज को लेकर लम्बे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ा कॉलेज की छात्राओं को माइग्रेशन को लेकर विधायक ने दी थी जिम्मेवारी समय सीमा पूरी होने के बावजूद कोई ठोस समाधान न निकलने पर छात्राओं आज पहुंची हांसी में विधायक विनोद भयाना के आवास पर विधायक विनोद भ्याना के आवास स्थान के घेराव के साथ देंगी धरना डीएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात धरने में खापों के पदाधिकारी और किसान नेता भी उनके समर्थन में शामिल पुराने विवादों से घिरा रहा है खुशी नर्सिंग कॉलेज इसके पहले छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न और आंदोलन में सक्रिय छात्राओं को टार्गेट करने के भी आरोप लगाए थे
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ACAshish Chauhan
Feb 13, 2026 07:01:42
Jaipur, Rajasthan:जल जीवन मिशन-अमृत में AI से रुकेंगे घोटाले,पेयजल टैंकरों के फर्जीवाड़े पर भी लगेगी लगाम जयपुर अब जल जीवन मिशन,अमृत जैसी पानी की योजनाओं में AI के जरिए घोटालों पर लगाम लगेगी.भजनलाल सरकार ने पेयजल प्रबंधन के लिए कडा फैसला लिया है,ताकि जनता के पानी की योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके.पिछली सरकार में हुए गड़बड़ी और घोटाले से जनता को अब तक पेयजल योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका.अब सरकार की कोशिश है कि पेयजल स्कीमों का बिना घोटाले लाभ मिल सके. फर्जी रजिस्ट्रेशन,फर्जी प्रमाण पत्र लगाम- भ्रष्टाचार और घोटालों के लिए बदनाम PHED महकमे में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है.जल जीवन मिशन,अमृत,बडे प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार AI के जरिए कडी नजर रखेगी.भ्रष्टाचार,घोटालों और अनियमितताओं पर लगाम लगाने के तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.सरकार 10 करोड की लागत से जल भवन में सेंटर आॅफ एक्सईलेंस की स्थापना करेगी,जिसमें जल सुरक्षा,अनुकूलता के लिए आईटी का इस्तेमाल किया जाएगा.50 करोड की लागत से जल महकमा सॉफ्टवेयर बनाएगा,जिससे स्कीमों और प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग सीधे दफ्तर से होगी पाएगी.साइट पर कितना काम हुआ,कितना नहीं,इसकी पूरी नजर दफ्तर से होगी.इसके साथ साथ फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी रजिस्ट्रेशन की भी पोल खुलेगी.पिछली कांग्रेस सरकार में गणपति और श्री श्याम ट्यूबवेल फर्म के साथ साथ कई फर्मों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर भ्रष्टाचार किया,हाल ही में राठौड़ कंस्ट्रक्शन भी पकडा गया.जिस पर चीफ इंजीनियर तकनीकी राठौड कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई करनी है.महीनों से अब तक फर्म पर गाज नहीं गिरी.ऐसी सभी मॉनिटरिंग पर पीएचईडी में एआई से होगी. डिजिटलाइजेशन से बदलेगी PHED की पिक्चर- प्रदेश में अब सरकारी पेयजल टैंकरों की मॉनिटरिंग जीपीएस के साथ ही एआई सिस्टम से की जाएगी. ताकि ठेकेदार टैंकरों से पेयजल सप्लाई में फर्जीवाड़ा नहीं कर सके. इसके लिए विभाग में एआई मोबाइल एप्लीकेशन और पीएलसी एंड स्काड़ा सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर टैंकरों से पेयजल सप्लाई को पारदर्शी कुशल बना रहा है. पूरी प्रक्रिया का डिजिटल कंट्रोल,रियल टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी.जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा की पहल पर विभाग ने इसके लिए प्लानिंग की है.जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नई प्रणाली टैंकरों से पानी की सप्लाई को जनता तक सुनिश्चित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगी. टैंकर घोटाले को रोकने के लिए पड़ी जरूरत- हर साल 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बजट टैंकरों से पेयजल सप्लाई पर ही खर्च हो जाता है, लेकिन कई ठेकेदार व इंजीनियर इन पानी के टैंकरों को आम जनता से पहुंचाने के बजाए होटलों, रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियों, आरओ प्लांट, ढाबों परबेच देते है. वहीं पानी के टैंकर जरूरतमंद तक जाने के बजाए दूसरे लोगों को बेच देते है.नई सिस्टम की तकनीक से फर्जीवाड़ा आसानी से पकड़ा जा सकेगा. इसकी यह खासियत है.GIS आधारित विजुलाइजेशन और सरकारी पोर्टलों से एकीकरण. AI छवि और ऑब्जेक्ट पहचान से फर्जीवाड़ा पकड़ना.पानी की टंकियों पर हाइड्रेंट स्थल पर एआई आधारित ओसीआर से युक्त कैमरों का उपयोग करके टैंकरों का प्रमाणीकरण किया जाता है, जो पीएचईडी द्वारा अधिकृत डेटाबेस के विरुद्ध वाहन पंजीकरण को पढ़कर उनका सत्यापन करते हैं. सत्यापन के बाद, चालक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके हाइड्रेंट के नीचे स्थित टैंकर की लाइव तस्वीर अपलोड करता है.
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ACAshish Chauhan
Feb 13, 2026 07:01:01
Jaipur, Rajasthan:जल जीवन मिशन-अमृत में AI से रुकेंगे घोटाले,पेयजल टैंकरों के फर्जीवाड़े पर भी लगेगी लगाम जयपुर-अब जल जीवन मिशन,अमृत जैसी पानी की योजनाओं में AI के जरिए घोटालों पर लगाम लगेगी.भजनलाल सरकार ने पेयजल प्रबंधन के लिए कडा फैसला लिया है,ताकि जनता के पानी की योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके.पिछली सरकार में हुए गड़बड़ी और घोटाले से जनता को अब तक पेयजल योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका.अब सरकार की कोशिश है कि पेयजल स्कीमों का बिना घोटाले लाभ मिल सके.देखे AI से कैसे बदलेगी पानी वाले महकमे की किस्मत..इस खास रिपोर्ट में! फर्जी रजिस्ट्रेशन,फर्जी प्रमाण पत्र लगाम- भ्रष्टाचार और घोटालों के लिए बदनाम PHED महकमे में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है.जल जीवन मिशन,अमृत,बडे प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार AI के जरिए कडी नजर रखेगी.भ्रष्टाचार,घोटालों और अनियमितताओं पर लगाम लगाने के तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.सरकार 10 करोड की लागत से जल भवन में सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की स्थापना करेगी,जिसमें जल सुरक्षा,अनुकूलता के लिए आईटी का इस्तेमाल किया जाएगा.50 करोड की लागत से जल महकमा सॉफ्टवेयर बनाएगा,जिससे स्कीमों और प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग सीधे दफ्तर से होगी पाएगी.साइट पर कितना काम हुआ,कितना नहीं,इसकी पूरी नजर दफ्तर से होगी.इसके साथ साथ फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी रजिस्ट्रेशन की भी पोल खुलेगी.पिछली कांग्रेस सरकार में गणपति और श्री श्याम ट्यूबवेल फर्म के साथ साथ कई फर्मों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर भ्रष्टाचार किया,हाल ही में राठौड़ कंस्ट्रक्शन भी पकडा गया.जिस पर चीफ इंजीनियर तकनीकी राठौड कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई करनी है.महीनों से अब तक फर्म पर गाज नहीं गिरी.ऐसी सभी मॉनिटरिंग पर पीएचईडी में एआई से होगी. डिजिटलाइजेशन से बदलेगी PHED की पिक्चर-प्रदेश में अब सरकारी पेयजल टैंकरों की मॉनिटरिंग जीपीएस के साथ ही एआई सिस्टम से की जाएगी. ताकि ठेकेदार टैंकरों से पेयजल सप्लाई में फर्जीवाड़ा नहीं कर सके. इसके लिए विभाग में एआई मोबाइल एप्लीकेशन और पीएलसी एंड स्काड़ा सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर टैंकरों से पेयजल सप्लाई को पारदर्शी कुशल बना रहा है. पूरी प्रक्रिया का डिजिटल कंट्रोल,रियल टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी.जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा की पहल पर विभाग ने इसके लिए प्लानिंग की है.जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नई प्रणाली टैंकरों से पानी की सप्लाई को जनता तक सुनिश्चित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगी. बाइट-कन्हैयालाल चौधरी,जलदाय मंत्री बाइट-कन्हैयालाल चौधरी,जलदाय मंत्री टैंकर घोटाले को रोकने के लिए पड़ी जरूरत-हर साल 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बजट टैंकरों से पेयजल सप्लाई पर ही खर्च हो जाता है, लेकिन कई ठेकेदार व इंजीनियर इन पानी के टैंकरों को आम जनता से पहुंचाने के बजाए होटलों, रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियों, आरओ प्लांट, ढाबों परबेच देते है. वहीं पानी के टैंकर जरूरतमंद तक जाने के बजाए दूसरे लोगों को बेच देते है.नई सिस्टम की तकनीक से फर्जीवाड़ा आसानी से पकड़ा जा सकेगा. GIS आधारित विजुलाइजेशन और सरकारी पोर्टलों से एकीकरण. AI छवि और ऑब्जेक्ट पहचान से फर्जीवाड़ा पकड़ना.पानी की टंकी पर हाइड्रेंट स्थल पर एआई आधारित ओसीआर से युक्त कैमरों का उपयोग करके टैंकरों का प्रमाणीकरण किया जाता है, जो पीएचईडी द्वारा अधिकृत डेटाबेस के विरुद्ध वाहन पंजीकरण को पढ़कर उनका सत्यापन करते हैं. सत्यापन के बाद, चालक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके हाइड्रेंट के नीचे स्थित टैंकर की लाइव तस्वीर अपलोड करता है.
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RMRam Mehta
Feb 13, 2026 07:00:36
Baran, Rajasthan:बिना अनुमति व फायर एनओसी चल रहे मैरिज गार्डन व हॉल बारां शहर में करीब दो दर्जन से ज्यादा मैरिज हॉल , गार्डन व रिसोर्ट संचालित हैं, लेकिन इनमें से गिने-चुने ही नगर परिषद, बारां में पंजीकृत हैं। अधिकांश संचालक बिना फायर एनओसी और बिना स्वीकृति के धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कई बहुमंजिला इमारतों में संचालित होटलों ने अग्निशमन विभाग से अनुमति तक नहीं ली है। ऐसे में शादी या बड़े समारोह के दौरान आग लगने जैसी घटना होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। पूर्व में प्रदेश में मैरिज गार्डन में आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लापरवाही और नियमों की अनदेखी सामने आई थी। बावजूद इसके बारां में हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर परिषद को भी इससे हर साल करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यूडी टैक्स और अन्य शुल्क बकाया होने के बावजूद वसूली नहीं हो पा रही。 नियमों के मुताबिक मैरिज गार्डन में दो गेट, चौड़ा मार्ग, पार्किंग, कचरा निष्पादन, आतिशबाजी के लिए अलग स्थान और फायर एनओसी अनिवार्य है। लेकिन ज्यादातर संचालक इन शर्तों का पालन नहीं कर रहे। वहीं जिम्मेदार नगर परिषद भी शायद किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रही है ।
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Feb 13, 2026 06:54:30
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NSNAVEEN SHARMA
Feb 13, 2026 06:52:20
Bhiwani, Haryana:भिवानी -कैंसर मरीजों को बड़ी राहत -जिला नागरिक अस्पताल में डे केयर सेंटर शुरू -मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन -अस्पताल के वार्ड नंबर 10 को बनाया गया डे केयर सेंटर -डे केयर सेंटर में मरीजों के साथ ऑक्सीजन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध मरीजों के समय के साथ पैसे की भी होगी बचत:सीएमओ -कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए रोहतक स्थित पीजीआई , दिल्ली तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी:सीएमओ रघुवीर शांडिल्य भिवानी जिले के कैंसर मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्चुअल माध्यम से जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए स्थापित डे केयर सेंटर का उद्घाटन किया है। चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में शुरू किए गए इस डे केयर सेंटर से अब जिले के मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए रोहतक स्थित पीजीआई तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पहले कैंसर से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। नई सुविधा के शुरू होने से मरीजों को अपने ही जिले में बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। यह सेंटर स्वास्थ्य विभाग की राज्यव्यापी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत हर जिले में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर सुविधा विकसित की जा रही है। इसी कड़ी में भिवानी को भी यह सौगात मिली है। अस्पताल के वार्ड नंबर 10 को इस उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। यहां तीन कमरों में कुल छह बेड लगाए गए हैं, जिन्हें विशेष रूप से कैंसर मरीजों की देखभाल के लिए व्यवस्थित किया गया है। सेंटर में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और निगरानी की समुचित व्यवस्था की गई है। यहां सेवाएं देने के लिए दो चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये चिकित्सक कीमोथेरेपी देने के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ भी मरीजों की निगरानी और देखभाल करेगा। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जिन मरीजों का उपचार पहले से पीजीआई रोहतक में चल रहा है, उन्हें आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर ही इस सेंटर में रेफर किया जाएगा। इससे मरीजों को बार-बार दूसरे शहर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। खासतौर पर बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सुविधा बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। डे केयर सेंटर पूरी तरह से तैयार है और यहां अब नियमित रूप से कीमोथेरेपी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर बीमारियों का इलाज जिला स्तर पर ही सुलभ कराया जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। जिला नागरिक अस्पताल में डे केयर सेंटर की शुरुआत को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अहम कदम है। इससे न केवल मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिलेगी। अब भिवानी जिले के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बाइट डा. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन
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MCManish Chaudary
Feb 13, 2026 06:50:56
Pithoragarh, Uttarakhand:पिथौरागढ़ जनपद में मानस खंड से जुड़े दो मंदिर करोड़ों की लागत से होगा इन मंदिरो का सौंदर्य करण उत्तराखंड सरकार द्वारा मानस खंड माला योजना चलाई जा रही है जिसमें उत्तराखंड देवभूमि में स्थित मंदिरों को सुंदर और अट्रैक्टिव बनाने के लिए इस योजना के अंतर्गत धनराशि दी जाती है जिससे इन मंदिरों का सौंदरीकरण होता है पिथौरागढ़ जनपद में भी जिला प्रशासन के द्वारा मंदिरों को मानस खंड माला योजना से जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहे हैं जिसके तहत दो मंदिरों गांगुली हाथ में स्थित हट कालिका और पाताल भुवनेश्वर मंदिर को मानस खंड योजना से जोड़ लिया गया है, और तीन मंदिरों कोट गाड़ी मंदिर, मोस्टमानु मंदिर और थल केदार मंदिर जो स्वयं केदार बाबा को समर्पित माना जाता है को भी मानस खंड माला योजना से जोड़ने की चल रही है तैयारी जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि पिथौरागढ़ जनपद में दो मंदिर मानस खंड से जुड़ चुके हैं जिनमें उत्तराखंड सरकार द्वारा इन मंदिरों के सौंदर्यकरण और साज सज्जा के लिए पैसा अवमुक्त किया जाएगा जिससे इनका सौंदर्य करण होगा और श्रद्धालुओं के लिए जो व्यवस्थाएं हैं वह सजक की जाएगी और लगातार जिला प्रशासन के द्वारा और भी ऐसे मंदिर हैं जो मानस खंड योजना के अंतर्गत आ सकते हैं उसको चिन्हित किया जा रहा है और उनको भी मानसखंड योजना से जोड़ने की तैयारी कर रहे है जिसके लिए आज एक बैठक भी आहूत की गई है जिसमें तीन से चार ऐसे मंदिर हैं जिनका मानसखंड से जोड़ने के लिए मंदिर कमेटियों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन कि गयी है जिसमें उनसे वार्तालाप कर एक कोई ऐसी नीति बनाई जा रही है जिससे यह मंदिरों को मानस खंड योजना से जोड़ा जाए जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यह जो सरकार के द्वारा योजना चलाई जा रही है वह बहुत महत्वपूर्ण योजना है इससे हमारे प्रदेश और जनपद में जितने भी मंदिर हैं उनको सुंदर बनाया जाएगा उनके वहां जो भक्त आते हैं उनके लिए व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएगी इस योजना से मंदिरों को चार चांद लगेंगे और वहां पर आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी अच्छी फैसिलिटी प्रोवाइड हो सकेगी वहीं डीएम ने यह भी बताया कि मंदिरों को सुंदर और अच्छा बनाने से वहां पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेगी और वहां दूर-दूर से पर्यटक भी आएंगे जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार में भी मदद मिलेगी
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MSMrinal Sinha
Feb 13, 2026 06:50:00
Koderma, Hazaribagh, Jharkhand:नगर निकाय चुनाव ईवीएम की जगह वैलेट पेपर से कराने के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की मंशा पर उंगली उठाया है। शुक्रवार को गिरिडीह में पत्रकारों से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वैलेट पेपर की जगह ईवीएम से चुनाव ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग होता है, बावजूद इसके राज्य सरकार द्वारा वैलेट पेपर से निकाय चुनाव कराने ka फैसला लेना सरकार की मंशा को जाहिर करता है। कहा पहले तो राज्य सरकार चुनाव कराने से ही डरती रही। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद चुनाव की घोषणा की गई तो दलगत आधार पर नहीं की गई। ऐसे में सरकार की नीयत पर सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की है केंद्रीय गृह मंत्रालय से वार्ता कर झारखंड के 48 निकाय क्षेत्रों के हर बूथों पर पारा मिलिट्री फोर्स की तैनाती करे ताकि मतदाता निर्भीक हो कर अपना मताधिकार का प्रयोग कर सकें और चुनाव निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो। निकाय चुनाव को लेकर बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य की हेमंत सरकार निकाय चुनाव कराने से डरती रही। भाजपा ने चुनाव की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। यहां तक कि भाजपा से जुड़े वार्ड पार्षद उच्च न्यायालय तक पहुंचे और जब उच्च न्यायालय का दबाव बना तो सरकार बैकफुट पर आई और चुनाव की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि इस चुनाव को लेकर राज्य सरकार की मंशा शुरू से ठीक नहीं है। चुनाव निष्पक्ष हो इस बात को लेकर उन्हें झारखंड सरकार की पुलिस पर भरोसा नहीं है। इस लिए राज्य निर्वाचन आयोग वह चुनाव के दौरान हर बूथों पर वह केंद्रीय पारा मिलीट्री फोर्स को तैनात करने की मांग करते हैं। संगठन से बागियों की करवाई के सवाल पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अभी समय है। संगठन के अंदर कोई फुट नहीं है, चुनाव लड़ने की इक्षा रखने वाले मैदान में अगर हैं तो उन्हें अंत समय तक समझा लिया जाएगा। भाजपा नेता नागेश्वर दास के आरोप को लेकर बाबूलाल ने कहा लोग कभी कभी गुस्से में आकर बहुत कुछ बोल जाते हैं, सब ठीक हो जाएगा।
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