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Satpal GargSatpal GargFollow20 Sept 2024, 12:53 am
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बेगूसराय में अज्ञात वाहन से दुर्घटना: युवक की मौत, परिवार में मातम

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में सड़क हादसे में घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर के पास की है। मृतक की पहचान मल्हीपुर गांव निवासी विनय महतो के पुत्र सुमित कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सुमित कुमार अपने एक दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से किसी काम से बाजार जा रहे थे। इसी दौरान रघुनाथपुर के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सुमित कुमार की मौत हो गई। जबकि दूसरे घायल युवक का इलाज जारी है। सुमित कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही साहेबपुर कमाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं अज्ञात वाहन की पहचान और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
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झारखंड: श्रावणी मेले के लिए 56 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी तेज

Ranchi, Jharkhand:झारखंड सरकार श्रावणी मेले के सफल आयोजन की तैयारी के लिए जुटी है। इस बार 56 लाख श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है और कांवरिया पथ से लेकर देवघर में सुव्यवस्थित इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। 20 जुलाई को मंत्री की अध्यक्षता में आयोजन की फाइनल बैठक आयोजित है। श्रावणी मेले के आयोजन को लेकर झारखंड सरकार के कला संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया, हर वर्ष श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद रहती है इस बार लगभग 56 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है, पिछले साल के श्रावणी मेले से बेहतर तैयारी के लिए कई बैठकें हुई हैं, तैयारी की समीक्षा हो रही है। 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस श्रावणी मेले की फाइनल समीक्षात्मक बैठक 20 जुलाई को आयोजित की गई है। कुछ नई योजनाओं पर काम हो रहा है पर वो इस बार के श्रावणी मेले में धरातल पर नहीं दिखेगा, आने वाले वर्षों में temporary structure में श्रावणी मेला आयोजन को permanent structure पर ले जाने का विचार है, उस दिशा में काम शुरू है। इस बार विभागों का समन्वय है ताकि बाबा नगरी आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देकर वापस भेजना चाहते हैं। हर साल कांवरिया पथ पर बालू बिछाकर यात्रा के बजाए उसके परमानेंट व्यवस्था की दिशा में जाना चाहते हैं। स्थाई व्यवस्था की तरफ जाना चाहीए। सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन में समय लगता है। उम्मीद है आने वाले वर्ष में और बेहतर होगा। बाइट: सुदिव्य सोनू, मंत्री वहीं झारखंड के पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने बताया, जिला प्रशासन डिटेल्ड होमवर्क के साथ तैयारियों में जुटा है, लगातार इसे लेकर जिला प्रशासन काम कर रहा है। मंत्री की अध्यक्षता में कई बैठकें हुई हैं, फिर से बैठकें होगी। डिटेल्ड प्लानिंग पर काम चल रहा है। श्रद्धालुओं को श्रावणी मेले में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो, दिल्लकत नहीं हो। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर व्यवस्था को जा रही है। श्रावणी मेले की भव्यता के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है। बाइट: मुकेश कुमार, पर्यटन सचिव, झारखंड झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, पिछले 6 साल से श्रावणी मेले का स्वरुप बदला है। सीएम के निर्देश पर और उनके देखरेख में व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहती है। खासकर इसको लेकर नगर विकास मंत्री भी बेहतर आयोजन में जुटे हैं। पिछले वर्ष भी मेले की क्लोज मॉनिटरिंग पर्यटन मंत्री ने खुद किया था। सभी से तालमेल बना कर व्यवस्था सुदृढ़ का प्रयास रहा है। बाइट: मनोज पांडेय, प्रवक्ता, झामुमो बीजेपी नेता दीपक बंका ने कहा, श्रावणी मेले सिर्फ झारखंड नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेला है, यह लोकआस्था और जन-जन की भावना से जुड़ा त्योहार है। झारखंड सरकार इसको लेकर पूरी व्यवस्था करे। कानून व्यवस्था की अच्छी रहे, श्रद्धालुओं और पैदल कांवर लेकर सुल्तानगंज से आने वालों के लिए उचित व्यवस्था हो। चिकित्सा व्यवस्था का इंतजाम हो ताकि शिव भक्त को कोई दिलकत न हो। बाइट: दीपक बंका, नेता, बीजेपी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले की तैयारी में झारखंड का कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग जुटा हुआ है। बेहतर आयोजन हो, श्रद्धालु यहां आने वाले नहीं हो इसको लेकर मंत्री से सचिव तक मिनिटिंग कर दिशा-निर्देश दे रहे हैं रांची से कुमार चन्दन की रिपोर्ट
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मानसून आपदा से निपटने के लिए आमेर प्रशासन ने पूरी तैयारी की

Jaipur, Rajasthan:मानसून की आपदा से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, जिला प्रशासन ने सभी प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश. आमेर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी. भारी बारिश, जलभराव और मिट्टी कटाव से निपटने के लिए व्यापक तैयारी के साथ तैयार रहे, जेसीबी, पोकलेन, ट्रैक्टर, पंपसेट और राहत संसाधन तैयार. मौसम विभाग ने जुलाई माह के शुरुआती दो सप्ताह तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. राजधानी के विभिन्न स्थानों पर आपदा केंद्र और कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. आमेर में कंट्रोल रूम भी बना और आपदा से निपटने की सारी तैयारियां की गई हैं. जिला कलेक्टर के निर्देश पर सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नगर निकायों और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित खतरे वाले स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं के दिशा निर्देश दिए गए हैं. विशेष रूप से आमेर, जमवारामगढ़, चंदवाजी, अचरोल, शाहपुरा और पहाड़ी समेत नदी-नालों से जुड़े क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश हैं. जहां पिछले वर्षों में जलभराव, सड़क धंसने, मिट्टी कटाव या पुलिया क्षतिप्रस्त होनें की घटनाएं सामने आई थीं, वहां विशेष निगरानी रखने और तत्काल कार्रवाई के लिए मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश हैं. आमेर क्षेत्र में पहाड़ी इलाकों, कच्ची ढलानों और बरसाती नालों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. तेज बारिश के दौरान पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने और पुलिस व प्रशासनिक टीमों की तैनाती की योजना है. पर्यटक स्थलों और अधिक आवाजाही वाले मार्गों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. प्रशासन द्वारा आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र पर संसाधनों की सूची: आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र के प्रभारी संजय कुमार मीणा ने बताया कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए आमेर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के तहत संसाधन और सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिसमें 1 टैक्टर ट्राली 04, 2 मड पम्प 04, 3 गैस कटर 01, 4 लाइफ जैकेट 3, 5 रस्सा 200 मी., 6 पिकअप 01, 7 श्रमिक 10, 8 मिट्टी के भरे कट्टे 19,990, 9 मिट्टी के खाली कट्टे 12,700, कुल कट्टे 32,690, 10 जीप/बोलेरो नहीं, 11 जे.सी.बी 1, 12 डमपर नहीं, 13 अन्य/पोर्टेबल पम्प 01. मानसून में बारिश जैसी आपदा से निपटने के लिए अन्य आवश्यक राहत उपकरण तैयार रखे गए हैं. इन संसाधनों को जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं. प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग करने और स्थिति की नियमित रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं. आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को बिना देरी शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं. बाइट— संजय कुमार मीणा, सहायक अभियंता आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र प्रभारी
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तीजन बाई के निधन पर मालिनी अवस्थी: भारतीय लोक कला ने वैश्विक पहचान पाई

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: पद्म विभूषण से सम्मानित और मशहूर पंडवानी कलाकार तीजन बाई के निधन पर लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा, "आज हमें बहुत दुखद और चौंकाने वाली खबर मिली कि आदरणीय तीजन बाई जी का निधन हो गया है। उन्होंने भारत की सबसे सशक्त परंपराओं में से एक - कहानी कहने और गspatha गायन की कला - को आगे बढ़ाया और हमारी धरती की कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुँचाया। यह उस दौर की बात है जब किसी युवा महिला के लिए अपने गाँव और समाज से बाहर निकलकर सार्वजनिक रूप से प्रस्तुति देना बहुत हिम्मत का काम था। आज भले ही कई कलाकार हैं, लेकिन आदरणीय तीजन बाई जी ने 1980 के दशक में 'फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया' के ज़रिए फ्रांस और अमेरिका में भारतीय लोक संस्कृति का मान बढ़ाया। पंडवानी के ज़रिए उन्होंने गायन और नाटकीय प्रस्तुति का मेल करके महाभारत की कहानी को जीवंत कर दिया। मेरा मानना ​​है कि बहुत कम लोग ही ऐसी महारत हासिल कर पाते हैं कि वे जीते-जी ही किंवदंती (लेजेंड) बन जाते हैं, जिनकी वजह से किसी कला विधा को वैश्विक पहचान मिलती है, और वे इतने विनम्र और स्नेहपूर्ण स्वभाव के बने रहते हैं। उन्हें जानना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है; मैंने उन्हें पहली बार मंच पर तब देखा था जब मैं बहुत छोटी थी, और बाद के वर्षों में हम रायपुर (छत्तीसगढ़) से लेकर भोपाल और दिल्ली तक कई जगहों पर मिले... मेरी बस यही उम्मीद है कि भारतीय संस्कृति में कहानी कहने की यह परंपरा वैसे ही फलती-फूलती रहे जैसा उन्होंने सपना देखा था…
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अरामबाग में साप के काटने से 16 वर्षीय तमोशी पाल की मौत; डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Arambag, West Bengal:আরামবাগঃ০৫ জুলাই ------------------------------------------ সাপে কামড়ের এক রুগীর মৃত্যু। আর এই মৃত্যুর জন্য দায়ी করা হয়েছে চিকিৎসক দেরই।পরিবারের অভিযোগ, কোন রকম চিকিৎসা করেন নি কর্তব্য রত চিকিৎসকদেরা।আর চিকিৎসার অভাবেে তার মৃত্যু হয়েছে।মৃত ঐ রুগীর নাম তমোশি পাল(১৬)।তার বাড়ি আরামবাগ পুরসভার ১০ নং ওয়ার্ড এলাকায়।আর এর জন্য রুগীর পরিবারের পক্ষ থেকে ক্ষোভ দেখানো হয়।আর এর জন্য দায়ী চিকিৎসক ও নার্সদের শাস্তির দাবি করেছেন পরিবারের লোকজন। জানাগেছে,তমোশি পাল নামক ঐ কিশোরীকে সাপের কামড়ের পরেই তারা শনিবার রাত ৯ টা নাগাদ ভর্ত কিরা হয় আরামবাগ মেডিকেল কলেজ ও হাসপাতালে।কিন্তু তার পরে কোন চিকিৎসক ও নার্স আসেন নি। কোন চিকিৎসা করা হয়নি।বিপদ বুঝে বার বার চিকিৎসক ও নার্স দের কাছে যাওয়া হলেও তারা বকাঝকা করেন,দুর্ব্যবহার করেন।পরে তারা চিকিৎসা করলেও তমোশির মৃত্যু হয়।এমনই অভিযোগ মৃতার পরিবারের লোকজনের।আর এর পরেই তারা ক্ষোভে ফেটে পড়েন। যদিও এক চিকিৎসক জানিয়েছেন, যথা রীতি যাবतীয় চিকিৎসা করা হয়েছে।কিন্তু শেষ রক্ষা হয়নি।তার জন্য ক্ষমা প্রার্থী।এদিকে, কর্তব্যরত চিকিৎসক ও নার্স দের শাস্তির দাবিতে তারা বিক্ষোভ দেখান হাসপাতাল চত্বরেই।পরে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রনে আসে।রোগীর পরিবারের লোকজনই শান্ত হন নিজেরাই।তবে শাস্তি যাতে দেওয়া হয় তার দাবি জানান。
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बीड़ के कपिलधार वाड़ी में 200 परिवार भू-स्खलन डर में जी रहे, प्रशासन मौन

Beed, Maharashtra:बीड: मृत्यूच्या सावटात जगणारे कपिलधार वाडीतील 200 कुटुंब! ANC - चारही बाजूंनी महाकाय डोंगर... आणि पायाखाली भूस्खलनाची वेळोवेळी जाणवणारी चाहूल पाहून बीड जिल्ह्यातील कपिलधार वाडी हे गाव आज जीव मुठीत धरून जगतंय. गेल्या एक वर्षापासून घरांना तडे गेलेत, रस्त्याला भेगा पडल्यात. पण जिल्हा प्रशासन मात्र पूर्णतः उदासीन आहे. यंदा पावसाने जर का रौद्र रूप धारण केलं, तर हे गावही रायगडच्या माळीणसारखं मातीखाली गाडलं जाण्याची भीती ग्रामस्थांना सतावतेय... पाहुयात एक खास ग्राउंड रिपोर्ट! VO 1 चारही बाजूंनी गगनाला भिडणारे महाकाय डोंगर... आणि त्यांच्या कुशीत दोनशे वर्षांपासून वसलेलं कपिलधार वाडी हे गाव. निसर्गाच्या सानिध्यात वाढलेलं हे दोनशे कुटुंबांचं गाव... आज मात्र स्वतःच्याच घरात भीतीच्या सावटाखाली जगतंय. गेल्या वर्षी झालेल्या मुसळधार पावसाने या गावाचं नशीबच बदलून टाकलं. रस्ता तब्बल पाच फूट खचला. अनेकांच्या घरांच्या भिंतींना तडे गेले. आणि एका रात्रीत गावचा संपर्कच तुटला. तेव्हा स्थानिक प्रशासनाने केवळ एका मंदिरात या लोकांना आसरा दिला. पुनर्वसन करू, अशी घोषणा झाली... पण ती घोषणाही आज हवेतच विरून गेली. तब्बल चार महिने वणवण भटकल्यानंतर ग्रामस्थ पुन्हा आपल्या मातीत परतले. पण परत आल्यावरही प्रश्न तेच आहे.. आजही प्रशासनाची एकही हालचाल नाही. ना पाहणी, ना उपाययोजना. त्यामुळे दोनशे कुटुंबं आजही प्रत्येक पावसाचा थेंब मोजतायत... आणि जीव मुठीत धरून दिवस काढतायत. बाईट: दिपाली शिंदे, ग्रामस्थ VO 2 या गावाचं पोट म्हणजे शेती आहे. आणि श्वास म्हणजे पशुधन... कपिलधार वाडीतील प्रत्येक घराचा चरितार्थ आजही शेतीवर आणि गाय-बैलांवरच अवलंबून आहे. प्रशासन पुनर्वसनाचे बोलतंय... पण त्या घरांसोबत शेतीसह आमच्या गाय-गोठ्याचं काय? हाच एक प्रश्न आज प्रत्येक ग्रामस्थाला रात्री झोप येऊ देत नाही. घर हलवता येईल... पण पिढ्यानुपिढ्यांची माती हलवणार कशी? शेती नसेल तर चार्‍यासाठी पोटाला काय लावायचं? आम्हाला फक्त घरं नको, आमच्या शेतीसह आणि गाय गोठ्यासह आमचं पुनर्वसन करा. अशी ग्रामस्थांची एकच आर्त मागणी आहे... बाईट: शांताबाई शिंदे, ग्रामस्थ VO 3 गेल्या वर्षी गावाचा संपर्क तुटला... तेव्हा प्रशासनाने पुनर्वसन करू असं आश्वासन दिलं होतं. त्याला आज तब्बल एक वर्ष झालंय. पण प्रत्यक्षात हालचाल शून्य आहे. हो, काही दिवसांपूर्वी पुनर्वसनासाठी 19 कोटी रुपये मंजूर झाल्याची फक्त घोषणा झाली. पण जमिनीवर एकही वीट हलली नाही. किंवा एकही अधिकारी दिसला नाही. गेल्या वर्षभरापासून इथली एसटी बंद आहे. गावची शाळा दुसऱ्या गावात हद्दपार झाली आहे. आणि इथले ग्रामस्थ फक्त जगण्याची याचना करतायत. आम्हाला कायमचं घर नको... निदान पावसाळ्यापुरतं पत्र्याचं शेड तरी बांधून द्या,अशी आर्त मागणी आता ते करत आहेत. रात्री पावसाचे थेंब पडले की या लोकांची झोप उडते. कारण उद्या घर अंगावर कोसळेल ही भीती त्यांच्या सोबतच झोपते. सगळ्यात संतापाची गोष्ट म्हणजे... पावसाळा सुरू झाल्यावरच प्रशासनाला निधी मंजूर झाल्याचं आठवलं. मग वर्षभर प्रशासन काय करत होतं? हा संतप्त सवाल आज प्रत्येक ग्रामस्थ विचारतोय. बाईट: हनुमंत शिंदे, ग्रामस्थ बाईट: योगेश सवासे, ग्रामस्थ END END PTC :- महेंद्रकुमार मुधोळकर झी 24 तास बीड..
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UP NEWS : सपा के विधानसभा अध्यक्ष शैलेश शर्मा के नेतृत्व में किया गया वृक्षारोपण

Pilibhit, Uttar Pradesh:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीडीए के जननायक अखिलेश यादव के जन्म दिवस के अवसर पर पीलीभीत की तहसील बीसलपुर क्षेत्र में सपा कार्यकर्ताओं ने "पीडीए पेड़ लगाओ,पर्यावरण बचाओ अभियान,, चलाया यह अभियान 1 जुलाई से 07 जुलाई तक चलेगा। 130-विधानसभा क्षेत्र बीसलपुर के ग्राम -फिरसाह चुर्राह,ढकरिया, पुरवा, करनैया सहित कई बूथों पर वृक्षारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष शैलेश शर्मा एडवोकेट,पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह यादव,विधानसभा उपाध्यक्ष मीनाक्षी गंगवार,अवनीश यादव, उमेश यादव,हिमांशु मिश्रा,अविनाश गंगवार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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दिल्ली में मानसून के तेज़ बारिश से जलभराव, यातायात प्रभावित

New Delhi, Delhi:जुलाई की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले दो दिनों से कहीं झमाझम तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी है। मूसलाधार बारिश ने मौसम को सुहाना जरूर बनाया है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं. उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया। कई प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार थم गई और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते राजधानी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली। हालांकि हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस अब भी लोगों को परेशान कर रही है। बारिश के बाद कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की अपील कर रहा है।
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