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फिरोजपुर में 2 नौजवानों से 148 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद!
Firozpur, Punjab:फिरोजपुर के घलखुर्द एरिया सोढी नगर के पास 2 नौजवानों से 148 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। बता दें पकड़े गए युवकों पर पहले से कई मामल दर्ज हैं। SP रणधीर कुमार ने जानकारी दी कि नशे को लेकर पुलिस की तरफ से अलग-अलग टीमें बनाकर कार्रवाई जारी है। वहीं घलखुर्द एरिया सोढी नगर के पास जो 2 तस्कर पकड़े गए, पुलिस ने उनके पास से 148 ग्राम नशीला मादक पदार्थ जब्त किया। साथ ही उनसे पूछताछ की जा रही है कि वह ये कहां से लेकर आते थे और कहां आगे बेचते थे।
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लटककर पुलअप्स: नया फिटनेस ट्रेंड क्या है?
Noida, Uttar Pradesh:लटककर पुलअप्स0
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पलामू के मेदिनीनगर में भाजपा-नेतृत्व तिरंगा यात्रा निकली, देशभक्ति का जोश
Babhandih, Jharkhand:पलामू के मेदिनीनगर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाजपा नेता सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, चतरा सांसद कालीचरण सिंह, विधायक आलोक चौरसिया, विधायक शशि भूषण मेहता, भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया। यात्रा के दौरान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। तिरंगा यात्रा को लेकर शहर में लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। भाजपा नेताओं ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है और प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए。0
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15 अगस्त के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान से देशभर में उत्साह बढ़ा
Delhi, Delhi:15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को लेकर लोगों में काफी उत्साह नजर आ रहा है लोग अपने घरों पर तिरंगा लगने के लिए तिरंगा खरीदने के लिए दुकानों पर जा रहे हैं देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हर घर तिरंगा अभियान को लेकर लोगों में भी गजब का उत्साह और जोश दिखाई दे रहा है बड़े से लेकर बच्चों तक लोग तिरंगा खरीदते हुए नजर आये0
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स्कूलों में स्क्रीन टाइम घटाकर 30–60 मिनट, निर्णायक फैसला लागू
Lucknow, Uttar Pradesh:स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस के जरिए बच्चों की डिजिटल पढ़ाई पर स्क्रीन टाइमिंग को लेकर बड़ा फैसला किया गया है अब स्कूलों में प्राथमिक स्तर पर अधिकतम 30 मिनट और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए अधिकतम 60 मिनट तय किया गया है। विद्यालयों में आमतौर पर 4 से 5 घंटे बच्चे स्क्रीन पर पढ़ाई करते हैं जिससे उनकी आंखों और दिमाग पर गलत असर पड़ता है जिसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई और अब यह बड़ा फैसला लिया गया है। बच्चों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि मोबाइल लैपटॉप और स्कूल में बड़ी स्क्रीन पर पढ़ाई से उनकी आंखों पर चश्मे लग रहे हैं दिमाग पर गलत असर पड़ रहा है और भी तमाम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता है ऐसे में यह फैसला हम बच्चों के लिए बहुत अच्छा है। टीटी - स्कूल के बच्चे वही बच्चों के अभिभावकों ने भी इसका स्वागत किया उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद से पढ़ाई का तरीका बदल गया जिससे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है मोबाइल टीवी की जगह फिजिकल और प्रैक्टिकल पढ़ाई ज्यादा बेहतर है हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। बाइट - अभिभावक वही स्कूल के प्रबंधकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद से पढ़ाई का जो डिजिटल युग आया इससे बच्चों में स्वास्थ्य संबंधित तमाम समस्याएं देखने को मिली वह माइग्रेन का शिकार हो रहे हैं आंखें खराब हो रही हैं पहले हमारे स्कूल में 3 से 4 घंटे तक स्क्रीन टाइमिंग रहती थी लेकिन अब इस फैसले के बाद इसे हम 1 घंटे से कम कर देंगे। Wt+tt - अनिल अग्रवाल स्कूल प्रबंधक अध्यक्ष स्कूल एसोसिएशन। वही इस मामले पर लखनऊ के लोहिया अस्पताल के बच्चों के डॉक्टर शशांक सिंह ने कहा कि यह बहुत अच्छा फैसला है हमारे हिसाब से स्क्रीन टाइम बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए लेकिन आज के आधुनिक युग में पढ़ाई में इसकी आवश्यकता है लेकिन समय सिर्फ आधा घंटा ही होना चाहिए ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल करके बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं उनकी ग्रोथ अच्छी नहीं होती मानसिक विकृतियों आ जाती हैं आंखें खराब होती हैं और शरीर में तमाम दुष्प्रभाव पड़ते हैं बच्चों के अभिभावक उनके स्कूल टीचर और खुद बच्चों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। बाइट - डॉक्टर शशांक सिंह बच्चों के डॉक्टर लोहिया अस्पताल0
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JAISALMER के सरकारी अस्पताल में 16 घंटे बिजली कट, मरीज डॉक्टर गर्मी से जूझते रहे
Noida, Uttar Pradesh:JAISALMER (RAJASTHAN): GOVERNMENT JAWAHAR HOSPITAL WITHOUT POWER FOR 16 HOURS, PATIENTS AND DOCTORS STRUGGLE AMID HEAT0
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13 हजार करोड़ के ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा: भारत से UAE, पाकिस्तान तक नेटवर्क
Noida, Uttar Pradesh:13 हजार करोड़ के ड्रग्स सिंडिकेट की पूरी कहानी... भारत से दुबई तक कैसे फैला नेटवर्क... महिपालपुर से शुरू हुई कहानी, पहुंच गई दुबई और पाकिस्तान तक... दिल्ली में अक्टूबर 2024 में ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद जिस नेटवर्क का खुलासा हुआ, उसकी जड़ें सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थीं। जांच आगे बढ़ी तो इसके तार गुजरात, पंजाब, मुंबई, गोवा और दूसरे शहरों के साथ-साथ विदेशों तक जुड़े मिले। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क में वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू की भूमिका सबसे अहम थी। लंबे समय से विदेश में रह रहे बसोया को अब UAE से भारत लाया गया है। 1 अक्टूबर 2024 को मिला पहला बड़ा सुराग... 1 अक्टूबर 2024 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को महिपालपुर एक्सटेंशन में ड्रग्स की बड़ी खेप होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने छापा मारकर तुषार गोयल, हिमांशु कुमार और औरंगजेब सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। शुरुआत में करीब 16 किलो कोकीन जैसा पदार्थ मिला, लेकिन जब पुलिस ने पूरी जगह की तलाशी ली तो करीब 547 किलो कोकीन और 39.7 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। यहीं से पुलिस को अंदाजा हो गया कि मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। दिल्ली के बाद पंजाब और गुजरात तक पहुंची जांच... महिपालपुर की कार्रवाई के बाद जांच लगातार आगे बढ़ती गई। 3 अक्टूबर को अमृतसर एयरपोर्ट से जतिंदर सिंह गिल उर्फ जस्सी को गिरफ्तार किया गया। इसके दो दिन बाद पंजाब में उसकी इस्तेमाल की जा रही फॉर्च्यूनर की तलाशी ली गई, जिसमें करीब 1.096 किलो ड्रग्स मिली। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक यह गाड़ी वीरेंद्र बसोया के भाई रविंदर बसोया की थी। 10 अक्टूबर को दिल्ली के रमेश नगर से करीब 208 किलो संदिग्ध ड्रग्स बरामद हुई। आरोप है कि ड्रग्स को नमकीन के पैकेटों में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को गुजरात के अंकलेश्वर में Aavkar Drug Pvt. Ltd. के परिसर से करीब 518 किलो मेफेड्रोन बरामद हुई। इन बरामदगियों ने इस पूरे नेटवर्क का आकार काफी बड़ा कर दिया। कुल बरामदगी ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया... जाँच में सामने आई प्रमुख बरामदगियों को जोड़ें तो करीब 1,289 किलो कोकीन और मेफेड्रोन तथा करीब 39.7 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा सामने आया। इस मामले में लगातार गिरफ्तारियां होती रहीं और जनवरी 2026 में सिक्किम से तिलक प्रसाद शर्मा की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई। इस केस में कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी और दिल्ली पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। फिर सामने आया वीरेंद्र बसोया का नाम... जाँच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे विदेश में बैठे लोगों की भी भूमिका हो सकती है। इसी दौरान वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू और सैंडिप संसार धुने का नाम कथित किंगपिन के तौर पर सामने आया। जांच एजेंसियों के मुताबिक नेटवर्क के संपर्क UK, मलेशिया, पाकिस्तान, थाईलैंड और दुबई तक थे।... आरोप है कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई के लिए कुछ कंपनियों और कारोबारी ढांचे का इस्तेमाल किया जाता था। जांच में Pharma Solution Services, RM Biochem और Life Saver Pharma जैसी कंपनियों का नाम सामने आया। इनसे जुड़े ई-मेल खातों की लोकेशन पाकिस्तान और मलेशिया से जुड़ने की बात भी जांच में कही गई है। दक्षिण अमेरिका से दुबई और फिर भारत आती थी ड्रग्स... जांच एजेंसियों के मुताबिक इस नेटवर्क की इंटरनेशनल सप्लाई चेन भी थी। आरोप है कि दक्षिण अमेरिका से ड्रग्स पहले दुबई पहुंचाई जाती थी और वहां से उसे भारत लाया जाता था। गुजरात के अंकलेश्वर को इस नेटवर्क का एक अहम पड़ाव बताया गया है, जहां फार्मा और केमिकल कंपनियों की आड़ में ड्रग्स को प्रोसेस करने का आरोप है। इसके बाद ड्रग्स को मेडिकल या केमिकल कंसाइनमेंट के नाम पर अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था। फिर दिल्ली-NCR के अलावा पंजाब, मुंबई, हैदराबाद और गोवा तक इसकी सप्लाई पहुंचने का आरोप है। नमकीन के पैकेट से लेकर केमिकल कंसाइनमेंट तक... इस नेटवर्क में ड्रग्स छिपाने के तरीके भी काफी अलग बताए गए हैं। जांच के मुताबिक कभी ड्रग्स को केमिकल कंसाइनमेंट में छिपाकर भेजा जाता था तो कभी कपड़ों या नमकीन के पैकेटों के बीच रखकर इसकी डिलीवरी की जाती थी। बाहर से यह सामान सामान्य दिखाई देता था, लेकिन उसके अंदर ड्रग्स छिपी होती थी। जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क के लोग सीधे फोन पर बातचीत करने से बचते थे। पेड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए संपर्क और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान किए जाने का आरोप है। डिलीवरी के लिए लोकेशन और पिकअप प्वाइंट साझा किए जाते थे। 970 किलो मेफेड्रोन केस में भी बसोया का कनेक्शन... वीरेंद्र बसोया का नाम इस केस से पहले भी एक बड़े ड्रग्स मामले में सामने आ चुका था। NCB के दस्तावेजों के मुताबिक 21 फरवरी 2024 को पुणे पुलिस ने दिल्ली में कार्रवाई कर दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया को गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब 970 किलो मेफेड्रोन बरामद होने का दावा किया गया है। जांच के मुताबिक यह खेप लंदन भेजी जानी थी। इसी मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और कंपनी के मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि दिवेश भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया कथित तौर पर वीरेंद्र बसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे। बसोया के भाई की गाड़ी से मिली ड्रग्स... इस मामले में वीरेंद्र बसोया के भाई रविंदर बसोया का नाम भी सामने आया। जिस फॉर्च्यूनर से पंजाब में करीब 1.096 किलो ड्रग्स बरामद हुई थी, वह रविंदर की बताई गई। गाड़ी का इस्तेमाल जतिंदर सिंह गिल उर्फ जस्सी कर रहा था। बाद में दिसंबर 2024 में रविंदर को इस ड्रग्स केस में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। बेटे ऋषभ पर भी लगा नेटवर्क से जुड़ने का आरोप... वीरेंद्र बसोया के बेटे ऋषभ बसोया का नाम भी जांच में आया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक ऋषभ की SUV का इस्तेमाल ड्रग्स की खेप लेने के लिए किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उसने अपनी फॉर्च्यूनर जस्सी को उपलब्ध कराई थी। जांच में ऋषभ और जस्सी के संपर्क को लेकर दिल्ली के हुडको प्लेस और पंचशील एन्क्लेव इलाके के एक होटल की CCTV फुटेज का भी जिक्र किया गया है। बाद में ऋषभ के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। नवंबर 2025 में उसके विदेश में होने और गिरफ्तारी से बचने की बात सामने आई थी। शादी के अगले दिन पुलिस की रेड और फिर विदेश निकल गया परिवार... वीरेंद्र बसोया दक्षिणी दिल्ली के पिलांजी गांव का रहने वाला बताया जाता है। 2023 में उसके बेटे ऋषभ की शादी नोएडा से जुड़े एक पूर्व विधायक की बेटी से हुई थी। शादी दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक आलीशान फार्महाउस में हुई थी। बताया जाता है कि शादी के अगले ही दिन पुणे पुलिस ने बसोया के घर पर छापेमारी की थी। जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई से पहले ही वीरेंद्र बसोया परिवार के साथ विदेश चला गया था। इसके बाद वह भारत वापस नहीं आया। Look-Out Circular के बावजूद विदेश में रहा... अक्टूबर 2024 में दिल्ली का ड्रग्स केस सामने आने के बाद पुलिस ने वीरेंद्र बसोया के खिलाफ Look-Out Circular जारी किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि भारत से बाहर रहने के दौरान भी वह इस नेटवर्क को संभालता रहा। अब लंबी अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे UAE से भारत लाया गया है। NCB की कार्रवाई के बाद अब बसोया भारतीय जांच एजेंसियों की सीधी गिरफ्त में है। अब बसोया से पूछताछ में खुलेंगे कई राज... बसोया के भारत आने के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा काम पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर सामने लाना है। एजेंसियां यह जानना चाहेंगी कि दक्षिण अमेरिका से भारत तक ड्रग्स पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कौन संभालता था, दुबई और पाकिस्तान कनेक्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे और अंकलेश्वर में ड्रग्स की प्रोसेसिंग कैसे होती थी। इसके अलावा हवाला और क्रिप्टो के जरिए हुए पैसों के लेन-देन, विदेश में बैठे कथित सहयोगियों और भारत में काम करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के केंद्र में रहेगी। वीरेंद्र बसोया से पूछताछ में उसके बेटे ऋषभ और दूसरे आरोपियों की भूमिका को लेकर भी एजेंसियां कई सवालों के जवाब तलाशेंगी। अब असली नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश... अब तक पुलिस ने इस नेटवर्क की कई कड़ियां जोड़ ली हैं। भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हो चुकी है, कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। लेकिन जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे आखिर कितने लोग थे और इसका पैसा कहां से आता और कहां जाता था। बसोया को भारत लाए जाने के बाद अब पहली बार जांच एजेंसियों को उस शख्स से सीधे पूछताछ का मौका मिलेगा, जिससे इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। यही पूछताछ इस 13 हजार करोड़ रुपये के कथित ड्रग्स सिंडिकेट की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है।0
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गदरपुर में भारी बारिश से सड़कें तालाब बनीं, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Bahara Boj, Uttarakhand:गदरपुर में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सड़कें बनीं तालाब रिपोर्ट- उधम सिंह नगर स्थान- उधमसिंहनगर एंकर- मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में जारी अलर्ट के बीच ऊधम सिंह नगर के गदरपुर में सुबह से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के चलते शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। गदरपुर-गूलरभोज रोड पर हालात ऐसे हो गए हैं कि सड़क मानो तालाब में तब्दील हो गई हो। सड़क पर लगभग 2 फीट तक पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सड़क किनारे स्थित दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकानदारों की परेशानियां बढ़ गई हैं। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाज के लिए घरों से निकले लोगों को भी जलभराव के बीच से गुजरना पड़ रहा है।0
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दिल्ली को ट्रांजिट शहर से टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए चार सर्किट लॉन्च
Delhi, Delhi:दिल्ली को ‘ट्रांजिट सिटी’ से टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम राजधानी में आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चार नए पर्यटन सर्किट लॉन्च किए गए हैं। इनका उद्देश्य दिल्ली को महज एक “ट्रांजिट सिटी” के बजाय ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाना है, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अधिक समय रुककर राजधानी की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देख सकें। दिल्ली सरकार की टूरिज्म विभाग के तहत यह लॉन्च किए गए हैं जिसमें दिल्ली के रिच हेरिटेज कलर और स्पिरिचुअल हेरीटेज को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस हफ्ते मंगलवार को दिल्ली की सरकार ने यह लॉन्च किया था और जिसमें आज पहला ट्रिप के दौरान लोगों को दिल्ली के कुछ टूरिस्ट डेस्टिनेशन दिखाए गए. चारों सर्किट ‘द सोल ऑफ दिल्ली’, ‘द हेरिटेज ऑफ दिल्ली’, ‘दिल्ली सेक्रेड हार्मनी’ और ‘इकोज ऑफ दिल्ली’ के नाम से लॉन्च किए गए। इनका शुभारंभ अक्षरधाम मंदिर में आयोजित स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026 के दौरान किया गया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी मौजूद रहे। ‘दिल्ली: द कैपिटल ऑफ स्पिरिचुअलिटी, हेरिटेज एंड एक्सपीरियंसेज’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में राजधानी के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक एकीकृत पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया। चारों पर्यटन सर्किट में शामिल प्रमुख स्थल: - द सोल ऑफ दिल्ली: अग्रसेन की बावली, लोटस टेंपल, अक्षरधाम मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल। - द हेरिटेज ऑफ दिल्ली: बिरला मंदिर, झंडेवालान माता मंदिर, जंतर-मंतर, योगमाया मंदिर और जगन्नाथ मंदिर। - दिल्ली सेक्रेड हार्मनी: प्राचीन हनुमान मंदिर, दिगंबर जैन लाल मंदिर, डॉ. आंबेडकर मेमोरियल, पुराना किला और हजरत निजामुद्दीन दरगाह। - इकोज ऑफ दिल्ली: बौद्ध मंदिर, चर्च ऑफ रिडेम्पशन, महरौली पुरातत्व पार्क, छतरपुर मंदिर, गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब और लिंग भैरवी सन्निधानम। इन सर्किटों के जरिए दिल्ली की धार्मिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ जोड़कर पर्यटकों के लिए नए अनुभव विकसित करने की कोशिश की गई है। यह जो सर्किट है यह मैप की तरह है जो सरकार द्वारा लांच किए गए हैं जिसमें जो भी आता है दिल्ली घूमने है इसमें से एक सर्किट चूस कर सकता है तो टाइम और डिस्टेंस के हिसाब से पूरा दिन वह दिल्ली के अलग-अलग चीजों को एक्सप्लोर कर सकते हैं. विभाग की तरफ से यह सुविधा भी लोगों को दी जा रही है कि अगर वह टूरिज्म द्वारा बुकिंग कराएंगे तो लोगों की संख्या के हिसाब से उनको गाड़ी दे दी जाएगी और अगर कोई चाहे तो यह मैप इस रूट को फॉलो करके अपनी पर्सनल गाड़ी से भी जा सकता है और फिर इसी पर अगर कोई विभाग की गाड़ी इस्तेमाल कर रहा है तो कास्ट उसे पर डिपेंड करेगी0
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रामदेवरा में संत रविदास की 650वीं जयंती श्रद्धा और देशभक्ति का संगम
Jaisalmer, Rajasthan:रामदेवरा में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के वातावरण में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा निकाली। यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जहां गुरु रविदास जी के भजनों, जयकारों और धार्मिक नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं और युवतियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान संत रविदास जी की रथ यात्रा भी निकाली गई। रथ यात्रा के साथ महिलाएं और छोटे बच्चे कलश लेकर चल रहे थे। यात्रा का नेतृत्व पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने किया।आयोजन के तहत भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसमें लोक देवता बाबा रामदेव जी और संत रविदास जी के जीवन, भक्ति और सामाजिक संदेशों पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी गई। श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में सराबोर रहे। इसके बाद युवाओं और समाज के लोगों ने भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। हाथों में तिरंगा लेकर निकले युवाओं ने देशभक्ति नारों और भारत माता के जयघोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना बताया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संत रविदास जी के जीवन, उनके समानता, सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानव सेवा के संदेश पर प्रकाश डालते हुए समाज से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, नारी शक्ति एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सामाजिक समरसता, उत्साह और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने रामदेवरा कस्बे को आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।0
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झुंझुनूं पुलिस ने NDPS मामलों में 10 क्विंटल गांजे का नष्ट किया
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं पुलिस ने 5.46 करोड़ के गांजे का किया नष्ट 10 थानों के 16 NDPS प्रकरणों में जब्त गांजा नष्ट 10 क्विंटल 93 किलो 508 ग्राम गांजे का किया गया नष्टीकरण पुलिस लाइन झुंझुनूं में नियमानुसार नष्ट किया गया मादक पदार्थ न्यायालय से भौतिक सत्यापन और निर्णय के बाद हुई कार्रवाई एसपी कावेन्द्र सिंह सागर की अध्यक्षता में गठित समिति ने की कार्रवाई मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से जब्त किए गए गांजे के बड़े स्टॉक का नष्टीकरण किया गया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के 10 थानों में दर्ज 16 NDPS प्रकरणों में जब्त किए गए कुल 10 क्विंटल 93 किलोग्राम 508 ग्राम गांजे को नियमानुसार नष्ट किया गया। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 46 लाख 75 हजार 400 रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए पुलिस महानिदेशक राजस्थान के निर्देश पर जिला स्तरीय औषधी व्ययन समिति का गठन किया गया था। समिति की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने की। समिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत और अपराध सहायक महेन्द्र सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया। जिले के 10 थानों से संबंधित 16 NDPS प्रकरणों में जब्त गांजे का न्यायालय से भौतिक सत्यापन और निर्णय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नष्टीकरण किया गया। समिति ने संबंधित प्रकरणों के रिकॉर्ड का अवलोकन किया और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की। इसके बाद रिजर्व पुलिस लाइन झुंझुनूं में जिला स्तरीय औषधी व्ययन समिति की मौजूदगी में सभी प्रकरणों में जब्त गांजे का निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्टीकरण किया गया।0
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नोएडा मामूरा में बाइक टच को लेकर युवक-युवती के बीच झगड़ा, वीडियो वायरल
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा मामूरा में बाइक टच होने पर सड़क पर हंगामा नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र स्थित मामूरा में बाइक टच होने को लेकर युवक और युवती के बीच विवाद बताया जा रहा है कि सड़क पर फोन चला रही युवती से बाइक टच होने के बाद दोनों के बीच बहस शुरू हुई विवाद बढ़ने पर युवती ने बाइक गिरा दी और युवक को थप्पड़ मार दिया इसके बाद युवक ने भी पलटकर युवती को थप्पड़ मार दिया पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो वायरल होने के बाद मामले की चर्चा तेज हालांकि वायरल वीडियो कुछ महीने पुराना बताया जा रहा पुलिस मामले की कर रही जांच थाना फेज 3 क्षेत्र की घटना।0
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ओबीसी आरक्षण 60 से सियासत का गणित बदला; अब सामान्य सीटों पर भी दावेदारी तेज
Jaipur, Rajasthan:LOCATION-JAIPUR FEED-OFC :::::::::::::::::::::::::::::: एंकर-निकाय प्रमुख चुनावों की आरक्षण लॉटरी ने सीटों का गणित तो सामने रख दिया है... लेकिन सियासत का गणित इससे कहीं बड़ा है। ओबीसी को इस बार 309 में से 60 सीटें मिली हैं... यानी करीब 19.42 फीसदी। मगर पिछले चुनावों का रिकॉर्ड कहता है ओबीसी की सियासी पहुंच आरक्षित सीटों की हद में नहीं बंधी। हर बार सामान्य सीटों ने भी ओबीसी की ताकत बढ़ाई। अब 2026 में 60 आरक्षित सीटों के साथ 188 सामान्य सीटें वो मैदान हैं, जहां टिकट से लेकर जीत तक ओबीसी की दावेदारी का असली इम्तिहान होगा। आरक्षण की लॉटरी खत्म.. अब शुरू होगा सियासत का असली गणित। :::::::::::::::::::::::::::::: वीओ-1-निकाय प्रमुख चुनावों में ओबीसी आरक्षण की तस्वीर भले ही करीब 20 फीसदी के आसपास रही हो..लेकिन चुनावी नतीजों में ओबीसी की राजनीतिक ताकत इससे कहीं ज्यादा नजर आई है.......2014-15 में 36 सीटें आरक्षित थीं, लेकिन ओबीसी के 63 निकाय प्रमुख जीते... यानी 27 सामान्य सीटों पर भी ओबीसी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। 2019-20 में 39 सीटें आरक्षित थीं, लेकिन ओबीसी के 78 निकाय प्रमुख बने...यानी 39 सामान्य सीटों पर भी ओबीसी ने कब्जा जमाया......अब 2026 में 309 में से 60 सीटें यानी 19.42 फीसदी ओबीसी के लिए आरक्षित हुई हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ 60 आरक्षित सीटों का नहीं, बल्कि उन 188 सामान्य सीटों का भी है, जहां ओबीसी दावेदार अपनी सियासी ताकत दिखा सकते हैं। यानि की निकाय प्रमुखों की सीटों पर अब पार्टियां पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद सभापति और नगर निगम महापौर जैसे पदों पर टिकट वितरण में सामान्य सीटों पर भी ओबीसी चेहरों की दावेदारी मजबूत रह सकती है। :::::::::::::::::::::::::::::: बाइट-झाबर सिंह खर्रा, यूडीएच मंत्री :::::::::::::::::::::::::::::: -2014-15 : 19.25 फीसदी ओबीसी वर्ग का आरक्षण, लेकिन जीत 33.69 फीसदी -2014-15 में कुल 187 निकाय प्रमुख पदों में से 36 पद ओबीसी के लिए आरक्षित थे। इसका आरक्षण प्रतिशत 19.25 फीसदी बैठता है। -इसके मुकाबले ओबीसी वर्ग के 63 उम्मीदवार निकाय प्रमुख बने। यानी कुल 187 में ओबीसी जीत की हिस्सेदारी 33.69 फीसदी रही। -यानी ओबीसी आरक्षित 36 सीटों के अलावा 27 ओपन सामान्य सीटों पर भी ओबीसी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। -सीधी भाषा में कहें तो ओबीसी आरक्षण करीब 19 फीसदी, लेकिन जीत का आंकड़ा करीब 34 फीसदी रहा। :::::::::::::::::::::::::::::: -2019-20 : 19.90 फीसदी ओबीसी आरक्षण, जीत करीब 40 फीसदी। -2019-20 में कुल 196 निकाय प्रमुख पद थे। इनमें 39 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित थीं। आरक्षण प्रतिशत 19.90 फीसदी रहा। -लेकिन चुनाव में ओबीसी वर्ग के 78 उम्मीदवार जीतकर निकाय प्रमुख बने। कुल 196 में ओबीसी की हिस्सेदारी 39.80 फीसदी है। -इसमें 39 आरक्षित सीटों के अलावा 39 ओपन सामान्य सीटों पर भी ओबीसी उम्मीदवार जीते। -यानी आरक्षण जितना था, ओबीसी की वास्तविक चुनावी जीत उसका लगभग दोगुना रही। :::::::::::::::::::::::::::::: 2026 : निकाय प्रमुखों के लिए आरक्षण 19.42 फीसदी, इस बार अब सामान्य सीटों पर नजर। 2026 की लॉटरी में कुल 309 निकाय प्रमुख पदों में 60 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हुई हैं। बाकी वर्गों के आरक्षण को अलग रखते हुए 188 पद सामान्य श्रेणी में हैं। अब इन सामान्य सीटों पर ओबीसी दावेदारों की दावेदारी महत्वपूर्ण होगी। क्योंकि पिछले चुनावों में सामान्य सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों का रहा प्रदर्शन। ऐसे में सामान्य सीट का मतलब ओबीसी दावेदारों के लिए दरवाजा बंद होना नहीं है। :::::::::::::::::::::::::::::: निकाय प्रमुख सीट पर अलग अलग वर्ग की आरक्षण की स्थिति... कैटेगिरी0
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आकाश दुबय्या हत्या: एक महीने बाद भी मकोका कार्रवाई नहीं, बेमुदत आंदोलन तय
Shirdi, Maharashtra:श्रीरामपूर शहरातील हॉटेल व्यावसायिक आकाश दुबय्या यांची भरदिवसा हत्या होण्याच्या घटनेला एक महिना उलटून गेलाय.. मात्र आश्वासन देऊन अद्यापही आरोपींना मकोका अंतर्गत कारवाई न झाल्याने दुबय्या कुटुंबियाने पुन्हा एकदा आंदोलनाचा इशारा दिलाय... स्वातंत्र्य दिनापासून शहरातील महात्मा गांधी पुतळ्यासमोर बेमुदत धरणे आंदोलन करण्यात येणार असल्याची माहिती कैलास दुबय्या यांनी दिलीय.. घटनेतील आरोपींवर मकोका अंतर्गत कारवाई करत आरोपींना पाठीशी घालणाऱ्या बेग टोळीवर कारवाईसाठी चार दिवस शहर बंद ठेवत निषेध नोंदविण्यात आला होता.. मात्र घटनेला महिना उलटूनही कारवाई होत नसल्याने पुन्हा एकदा स्वातंत्र्य दिनापासून बेमुदत धरणे आंदोलनाचा एल्गार करण्यात येणार आहे..0
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कोटा में हर घर तिरंगा अभियान और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम
Kota, Rajasthan:कोटा हर घर तिरंगा अभियान एवं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर में हो रहे हे विविध आयोजन जागरूकता कार्यक्रम, प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी, तिरंगा रैली एवं राष्ट्रीय एकता की शपथ का हुवा आयोजन कोटा, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय, कोटा द्वारा हर घर तिरंगा अभियान (9–17 अगस्त) एवं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार, 14 अगस्त को एलबीएस ग्रुप ऑफ एजुकेशन, कोटा में जागरूकता कार्यक्रम, विभाजन विभीषिका पर प्रदर्शनी, मौखिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा तिरंगा रैली का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक रमेश्वर लाल मीणा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा एवं जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल होंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में सैन्य स्टेशन मुख्यालय, कोटा के कर्नल प्रदीप कदम तथा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर बी.सी.एस. शेखावत उपस्थित रहें एलबीएस ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन कुलदीप माथुर एवं निदेशक योगेन्द्र माथुर ने भी कार्यक्रम में लिया भाग श्री मीणा ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, गौरव एवं देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है। वहीं, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस देश विभाजन के दौरान पीड़ित लाखों लोगों के संघर्ष, बलिदान और विस्थापन को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी, मौखिक प्रश्नोत्तरी एवं पुरस्कार वितरण के साथ तिरंगा रैली निकाली गई समापन पर सभी प्रतिभागियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की शपथ दिलाई0
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सीतापुर में पार्टिशन हॉरर्स डे मेमोरेंस पर पांडेय-खेड़ा-राहुल गांधी के बयान
Noida, Uttar Pradesh:SITAPUR (UTTAR PRADESH): MANOJ PANDEY (CABINET MINISTER, UP) ON PARTITION HORRORS REMEMBRANCE DAY/ PAWAN KHERA'S STATEMENT/ RAHUL GANDHI'S REMARKS ON PM0
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