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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow8 Nov 2024, 05:39 pm
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मनाली में व्यास नदी के बीच विशाल चट्टान तोड़ने, नियंत्रित ब्लास्ट से खतरा टला

Kullu, Himachal Pradesh:मनाली में विशाल चट्टान पर ब्लास्टिंग, टला बड़ा खतरा व्यास नदी का बहाव सुरक्षित करने की कवायद मनाली में ब्लास्ट से तोड़ी जा रही विशाल चट्टान बाढ़ के खतरे से बचाव, मनाली में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई व्यास नदी के बीच फंसी चट्टान पर चला ब्लास्ट मनाली में व्यास नदी के बीचों-बीच पिछले साल आ गिरी विशाल चट्टान को हटाने का काम शुरू हो गया है। मानसून के दौरान बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन पिछले दो दिनों से नियंत्रित ब्लास्टिंग कर इस चट्टान को तोड़ रहा है। इससे व्यास नदी का प्राकृतिक बहाव सुचारु होगा और रिहायशी इलाकों के साथ-साथ वन विहार के जंगल को भी संभावित नुकसान से बचाया जा सकेगा। आपको बता दें कि पिछले साल मानसून के दौरान भारी बारिश और बाढ़ के चलते यह बड़ी चट्टान ढलान से खिसक कर व्यास नदी के बीचो-बीच आ गई थी जिसकी वजह से व्यास नदी का पानी एक तरफ घने जंगल और दूसरी तरफ रिहाईश इलाकों की तरफ मुड़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा था जिसकी वजह से मनाली प्रशासन द्वारा कंट्रोल ब्लास्टिंग की जा रही है ताकि इस पत्थर को तोड़ने के बाद व्यास नदी का बहाव अपने पुराने कोर्स की तरफ बहता रहे।आइए दिखाते हैं ब्लास्टिंग की ताज़ा तस्वीरें。 R-ब्लास्टिंग की तस्वीरें
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सल्ट विधायक पर अभद्र व्यवहार के आरोप, वीडियो विवाद बढ़ा

Almora, Uttarakhand:Devendra Singh Almora Anchor - स्याल्दे ब्लॉक के मालीखेत में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान सल्ट विधायक महेश जीना पर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सोशल मीडिया प्रभारी भूपेंद्र सिंह मनराल ने अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। मनराल का कहना है कि सोशल मीडिया पर क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े वीडियो को लेकर नाराज विधायक ने सार्वजनिक रूप से उन्हें 'अच्छी वीडियो बनाकर डाला कर, बहुत चर्बी चढ़ गई है, उतार दूँगा' कहा। उनका यह भी आरोप है कि घटना का वीडियो बना रहे ग्राम प्रधान रविंद्र नेगी का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। शिविर के बाद ग्रामीणों के साथ विधायक से बात करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मिलने नहीं दिया। मामले में उन्होंने देघाट थाना और उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है。
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अलवर में क्रेन हादसा: युवक की मौत, तीन दिन बाद पहचान

Alwar, Rajasthan:अलवर में क्रेन की टक्कर से युवक की मौत, 3 दिन बाद हुई पहचान अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित चिकानी के पास बिजली विभाग की क्रेन गाड़ी से हुए सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था। तीन दिन बाद मृतक की पहचान अशोक जाटव पुत्र भागचंद जाटव निवासी उदपूरी, बडौदामेव के रूप में हुई। पुलिस की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। गोविंदगढ़ के डिप्टी प्रधान मोहन लाल के अनुसार, अशोक जाटव निर्माणाधीन मकानों पर सेंटरिंग का काम करता था और किशनगढ़बास में एक साइट पर काम करने गया था। इसी दौरान चिकानी के पास यह हादसा हो गया। बाइट:परिजन बताया गया कि हादसे के समय अशोक अकेला था, जिसके कारण उसकी तुरंत पहचान नहीं हो सकी। मृतक की पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी और वह मानसिक तनाव में भी रहता था। उसकी एक बेटी है, जो उसकी मां के साथ रहती है। फिलहाल पुलिस हादसे में शामिल वाहन की तलाश में जुटी हुई है。
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कांग्रेस बैठक में हंगामा, मुस्लिम प्रतिनिधियों ने उपेक्षा-भेदभाव के आरोप लगाए

Karauli, Rajasthan:कांग्रेस की बैठक में हंगामा, उपेक्षा और भेदभाव के आरोप, जिला करौली पंचायती राज और निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। बैठक के दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने विधायक पर विकास कार्यों में उपेक्षा और भेदभाव के आरोप लगाए। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष पर कार्यकारिणी के गठन में अनदेखी करने का आरोप भी लगाया गया। विवाद बढ़ने पर कई वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। स्टेशन Road स्थित पत्थर वालों की धर्मशाला में आयोजित बैठक में आगामी पंचायती राज एवं निकाय चुनाव की रणनीति पर चर्चा की जानी थी। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम महर, जिला प्रभारी चतर सिंह बांसड़ा, विधानसभा प्रभारी रवि गुर्जर, विधायक अनीता जाटव सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक के दौरान मुस्लिम समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों की अनुशंसा में उनके क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। साथ ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष पर कार्यकारिणी के गठन में भी भेदभाव और अनदेखी के आरोप लगाए गए। आरोपों को लेकर माहौल गर्मा गया और बैठक में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हंगामा बढ़ने पर कई वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए। हालांकि, बाद में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की। बैठक का उद्देश्य आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की रणनीति तैयार करना था, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के कारण संगठनात्मक मुद्दे चर्चा का केंद्र बन गए।
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भजनलाल शर्मा का आरोप-गहलोत शासन में भ्रष्टाचार, युवाओं को धोखा

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर प्रवास पर आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यहां राज्य स्तरीय वन महोत्सव को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जम कर निशाना साधा। उन्होंने कहा आप जादूगर हैं। कांग्रेस के लोग भी कहते हैं कि वे हेरा फेरी अच्छी करते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समय में रोडवेज के कर्मचारियों को 8 से 9 महीने में तनख्वाह मिलती थी। लेकिन आज सभी को समय पर पेंशन और तनख्वाह दी जा रही है। राजस्थान में आज जब भी कोई अच्छा काम होता है तो उनको अपनी पुरानी बातें याद आती हैं। उनके समय में ट्रांसफरों और विकास के कामों में भ्रष्टाचार चलता था। राजस्थान की जनता जानती आप की सरकार के मंत्री और अधिकारी जेल में हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार किया तो जेल की सलाखों में हैं। इन लोगों ने युवाओं को धोखा दिया था। लेकिन हमारी सरकार युवाओं को लगातार नियुक्ति पत्र दे रही है। हमने ढाई साल में 1.78 लाख युवाओं को नियुक्तियां दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में इतने समय में कितनी नियुक्तियां दी। हमारी सरकार लगातार भर्तियां निकाल रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा का जवाब देना चाहिए था लेकिन वे बातों को दूसरी तरफ घुमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता ने हमें बहुमत दिया। हम एक-एक वायदे को पूरा कर रहे हैं। राजस्थान में तेजी से विकास हो रहा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये के काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा विकास का विजन है। इसलिए किसान, महिला, युवा, और मजदूर के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राजस्थान विकास की दौड़ में सबसे आगे है।
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अलवर के कबाड़ी की दुकान पर खतरनाक बायो वेस्ट मिला, अस्पतालों पर सवाल

Alwar, Rajasthan:अलवर में कबाड़ी की दुकान पर छापेमारी के दौरान एक टन से अधिक खतरनाक बायो मेडिकल वेस्ट बरामद हुआ है। यहां खून से भरी थैलियां, इस्तेमाल की गई सिरिंज, निडिल, ग्लूकोज की बोतलें और यूज्ड ग्लव्स खुले में पड़े मिले, जिससे इलाके में संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा बन गया है। शनिवार को बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट की टीम ने सम्राट नाम के कबाड़ी की दुकान पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि शहर के अस्पतालों का कचरा निर्धारित प्लांट में भेजने के बजाय सीधे डंपिंग यार्ड या कबाड़ियों को बेचा जा रहा है। टीम ने मौके से पूरे कचरे को जब्त कर लिया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यहां अक्सर बायो वेस्ट से खून टपकता दिखाई देता है और बदबू के कारण काम करना मुश्किल हो गया है। पड़ोसी दुकानदार राजेश के अनुसार, करीब 15 दिन पहले यहां काम करने वाली एक महिला गंभीर रूप से बीमार हो गई थी, जबकि मच्छरों के कारण त्वचा पर फफोले जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। बायो वेस्ट प्लांट के विशेषज्ञ अरविंद सिंह ने बताया कि यह बेहद खतरनाक स्थिति है। संक्रमित मरीज की इस्तेमाल की गई एक निडिल भी किसी को चुभ जाए तो गंभीर संक्रमण हो सकता है, यहां तक कि अंग काटने की नौबत आ सकती है। वहीं आईटी ऑपरेटर तरुण कुमार ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ऐसे कचरे के संपर्क में रहने से सांस और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि कचरा उठाने वाले वाहन अस्पतालों का बायो वेस्ट सीधे कबाड़ियों तक पहुंचा रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की शिकायत सीएमएचओ और अलवर कलेक्टर को दी गई है, और संबंधित अस्पतालों व कबाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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समस्तीपुर में सेफ्टी सेमिनार: लोको पायलटों की सतर्कता से सुरक्षित रेल परिचालन

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर रेल मंडल में सेफ्टी पर विशेष जोर. डीआरएम ने कहा लोको पायलटों की सजगता ही सुरक्षित रेल परिचालन की सबसे बड़ी गारंटी. सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन और नियमित काउंसलिंग पर दिया गया विशेष बल. समस्तीपुर जंक्शन परिसर में आयोजित सेफ्टी सेमिनार में मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने लोको पायलटों को सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने और हर परिस्थिति में सतर्क रहने का संदेश दिया. इस दौरान उन्होंने स्टेशन का निरीक्षण कर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया. समस्तीपुर जंक्शन पर आयोजित सेफ्टी सेमिनार में बड़ी संख्या में लोको पायलट और रेल अधिकारी शामिल हुए. मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि सुरक्षित और निर्बाध रेल परिचालन में लोको पायलटों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने कहा कि तकनीकी जिम्मेदारियों के साथ मानसिक और सामाजिक दबाव के बावजूद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना हर लोको पायलट का दायित्व है. डीआरएम ने लोको पायलटों से ड्यूटी के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने, किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने और बेहतर समन्वय बनाए रखने की अपील की. सेमिनार में लोको पायलटों की समस्याओं और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम के बाद डीआरएम ने समस्तीपुर जंक्शन का निरीक्षण किया और स्टेशन के भोजनालय, प्लेटफॉर्म तथा विभिन्न कार्यालयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. रेल मंडल ने बताया कि इसी तरह के सेफ्टी सेमिनार दरभंगा, सहरसा और नरकटियागंज सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके. समस्तीपुर रेल मंडल का बताना है कि सुरक्षा जागरूकता और नियमित काउंसलिंग के माध्यम से लोको पायलटों को हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराई जा सके. बाइट: ज्योति प्रकाश मिश्रा, मंडल रेल प्रबंधक
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रादौर में थार गाड़ी डिवाइडर से टकराई, तीन घायल; दो की हालत गंभीर

Yamuna Nagar, Haryana:रादौर के एसके मार्ग पर एक थार गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिससे उसमें सवार तीन लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें रादौर के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद यमुनानगर रेफर कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार पलवल के गांव पचारी निवासी रामशरण, उदयवीर व एक अन्य व्यक्ति थार में सवार होकर रादौर से गुजर रहे थे. इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया. स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. वहीं एक स्थानीय चालक अनूप ने बताया कि डिवाइडर की शुरुआत में चेतावनी बोर्ड और स्पीड लिमिट संकेतक न होने के कारण यहां अक्सर हादसे होते हैं. उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की.
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76 कॉलोनियाँ अब होंगी नियमित, यमुनानगर में नोटिफिकेशन की तैयारी तेज

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर की वर्ष 1996 में अप्रूव्ड हुई और तकनीकी त्रुटि के चलते 2023 में अनअप्रूव्ड की श्रेणी में रह गईं 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कॉलोनियों की सीमाएं निर्धारित करने के लिए उनका सर्वे करने तथा 1996 से पहले बने मकानों व भवनों से संबंधित दस्तावेज जुटाने का निर्णय लिया गया। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि वर्ष 1996 में शहर की विभिन्न कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कराकर रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजी गई थी। हालांकि, विभाग द्वारा अधिसूचना जारी करते समय पोर्टल पर तकनीकी व शाब्दिक त्रुटि के चलते कॉलोनी अप्रूव्ड लिखने के बजाय बिल्डिंग अप्रूव्ड दर्ज कर दिया गया। इस एक चूक के कारण ये कॉलोनियां कागजों में अनअप्रूव्ड रह गईं। 1996 की अधिसूचना के तहत ऐसी कुल 76 कॉलोनियां थीं, जिनमें से 54 जगाधरी और 22 यमुनानगर क्षेत्र की थीं। इनमें से 12 कॉलोनियां पहले ही नियमित की जा चुकी हैं, जबकि शेष 64 कॉलोनियों को मंजूरी मिलने के बावजूद आगे की प्रक्रिया के लिए सरकार से अंतिम नोटिफिकेशन मिलना बाकी है। कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए सीमा निर्धारण हेतु हाल ही में सदन की बैठक में नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई थी। आयुक्त ने बताया कि सीमा निर्धारण के तहत कॉलोनियों के चारों कोनों और बाहरी सीमाओं की पैमाइश व लेआउट पर तेजी से कार्य किया जाएगा। अंतिम प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि हमारी टीमें कॉलोनियों की बाहरी सीमाओं पर 1996 से पहले बने भवनों के प्रमाण जाँचने के लिए सर्वे कर रही हैं। नागरिक 1996 से पहले का बिजली का बिल, पानी का बिल, बिल्डिंग का स्वीकृत सेक्शन प्लान या अन्य कोई वैध दस्तावेज टीम को दिखाकर सहयोग करें, ताकि सीमा निर्धारण का कार्य जल्द से जल्द पूरा कर सरकार को प्रस्ताव भेजा जा सके। कांग्रेस नेता सतपाल कौशिक का कहना है कि सरकार और प्रशासन यमुनानगर की कालोनियों को अप्रूव्ड अनअप्रूव्ड के मामले में फंसा रहा है। वास्तव में सारा शहर अनअप्रूव्ड जैसा है, जहां पानी निकासी का कोई प्रबंध ही नहीं है। सरकार को लोगों की मूलभूत सुविधाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए। यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा का कहना है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यमुनानगर की 76 कॉलोनियों को अप्रूव्ड करने की घोषणा की है। इसके लिए काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नायब सिंह सैनी सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्प है। इन 76 कॉलोनियों के अलावा भी जो अन्य कॉलोनी है उसका भी अप्रूव्ड करने के लिए दस्तावेज और प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इन कॉलोनियों के बारे में सरकार कब पोर्टल पर अप्रूव्ड करेगी यह समय बताएगा, लेकिन लोगों को उम्मीद जरूर जगी है कि वह इन कॉलोनियों के अप्रूव्ड होने के बाद अपने मकान प्लॉट को खरीद और बेच सकेंगे और सरकार इन इलाकों में फिर से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी।
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पश्चिमपुरी में दो जगह पेड़ गिरा; दो कारें क्षतिग्रस्त, एक बच्ची बाल-बाल बची

Delhi, Delhi:पश्चिमपुरी इलाके में दो अलग 3 जगह पेड़ गिरे. दो गाड़ियां हुई क्षतिग्रस्त. वहां से गुजर रही लड़की बाल बाल बची. बड़ी दुर्घटना होने से बची. मदीपुर विधानसभा के पश्चिम पुरी इलाके में दो दिनों में हुई दो बड़ी घटना लेकिन गनीमत रही कि इस घटना में किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दरअसल, पहली घटना पश्चिम पुरी पॉकेट, 3 इलाके में जहां एक विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसके नीचे दो कार दब गई और क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं दूसरी घटना पश्चिमपुरी इलाके में ही हुई जब एक सोसाइटी के बाहर एमसीडी पार्क के साथ की बनी दीवार का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हालांकि उस घटना में एक बच्ची जो वहाँ से गुजर रही थी, उसकी जान जाते जाते बची। स्थानीय लोगों की माने तो लगाता बारिश के कारण दीवार काफी कमजोर हो गया था और झुक भी गया था, जिसकी शिकायत एमसीडी से भी की गई थी, लेकिन किसी भी एजेंसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण आज अचानक दीवार का बड़ा हिस्सा अचानक गिर पड़ा जहाँ दीवार गिरी वहाँ सामने घर है जिससे पार्क का एक पेड़ उस घर पर आकर अटक गया और वहां से हमेशा ही लोग और गाड़ियां आते जाते रहते हैं लेकिन गनीमत थी कि घटना के वक्त कोई इसकी चपेट में नहीं आया। लोग इसे बड़ी लापरवाही मानते हैं।
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Batala गैंगरेप मामले में नया विवाद, पीड़िता ने पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगाए

Amritsar, Punjab:ਬਟਾਲਾ ਗੈਂਗਰੇਪ ਮਾਮਲੇ 'ਚ ਨਵਾਂ ਵਿਵਾਦ, ਪੀੜਤਾ ਨੇ ਪੁਲਿਸ 'ਤੇ ਦਬਾਅ ਹੇਠ ਪਰਚਾ ਰੱਦ ਕਰਨ ਦੇ ਲਗਾਏ ਆਰੋਪ 'ਸੱਤ ਦਿਨ ਬੰਧਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕੀਤਾ ਗੈਂਗਰੇਪ'—ਪੀੜਤਾ ਤੇ ਵਕੀਲ ਨੇ ਇਨਸਾਫ਼ ਲਈ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਦਾ ਖੜਕਾਇਆ ਦਰਵਾਜ਼ਾ ਗੈਂਗਰੇਪ ਕੇਸ ਰੱਦ ਹੋਣ 'ਤੇ ਪੀੜਤ ਪਰਿਵਾਰ ਚ ਨਿਰਾਸ਼ਾ , ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੇ ਲਗੇ ਇਲਜ਼ਾਮ ਬਟਾਲਾ ਦੇ ਚਰਚਿਤ ਗੈਂਗਰੇਪ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਵਿਵਾਦ ਖੜ੍ਹਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੀੜਤਾ, ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਵਕੀਲ ਨੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਕਰਕੇ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਅਤੇ ਐਫਆਈਆਰ ਰੱਦ ਕਰਨ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ 'ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇਕ ਪੱਖੀ ਜਾਂਚ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕੇਸ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ, ਜਦਕਿ ਮਾਮਲਾ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵਿਚਾਰ ਅਧੀਨ ਹੈ. ਪੀੜਤਾ ਦੇ ਵਕੀਲ ਪਰੁਣ ਭਾਗੋਵਾਲੀਆ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 2 ਅਪ੍ਰੈਲ 2026 ਨੂੰ ਬਟਾਲਾ ਸਿਟੀ ਥਾਣੇ ਵਿੱਚ ਗੈਂਗਰੇਪ ਸਬੰਧੀ ਐਫਆਈਆਰ ਦਰਜ ਹੋਈ ਸੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪੰਜ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਾਂਚ ਨਿਰਪੱਖ ਢੰਗ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਹੋ ਰਹੀ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਦਾ ਰੁਖ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਵਕੀਲ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਸਟੇਟਸ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਬਿਨਾਂ ਢੁੱਕਵੇਂ ਕਾਰਨਾਂ ਦੇ ਕੇਸ ਦੀ ਕੈਂਸਲੇਸ਼ਨ ਰਿਪੋਰਟ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਕਰ ਦਿੱਤੀ. ਵਕੀਲ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕੁਝ ਲੋਕ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਅਹੁਦਿਆਂ 'ਤੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਜਾਂਚ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪੀੜਤਾ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਧਮਕੀਆਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਉਹ ਬਟਾਲਾ ਜਾਣ ਤੋਂ ਵੀ ਡਰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਤੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੀ ਏਜੰਸੀ ਜਾਂ ਸੀਬੀਆਈ ਤੋਂ ਕਰਵਾਉਣ ਅਤੇ ਪੀੜਤ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਦੌਰਾਨ ਪੀੜਤਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਸ ਨੂੰ ਝਾਂਸਾ ਦੇ ਕੇ ਘਰ ਬੁਲਾਇਆ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਉਸ ਨਾਲ ਜਬਰ-ਜ਼ਨਾਹ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸੱਤ ਦਿਨ ਤੱਕ ਬੰਧਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਈ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਉਸ ਨਾਲ ਸਮੂਹਿਕ ਦੁਰਵਿਵਹਾਰ ਕੀਤਾ। ਉਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੈਡੀਕਲ ਜਾਂਚ ਵੀ ਹੋਈ, ਪਰ ਹੁਣ ਉਸ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਮਿਲ ਰਿਹਾ। ਪੀੜਤਾ ਨੇ ਪੁਲਿਸ 'ਤੇ ਵੀ ਪੱਖਪਾਤ ਕਰਨ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਉਂਦਿਆਂ ਇਨਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ。 ਪੀੜਤਾ ਦੇ ਪਿਤਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਧਮਕੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਕੇਸ ਵਾਪਸ ਲੈਣ ਲਈ ਦਬਾਅ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰ ਡਰ ਦੇ ਮਾਹੌਲ ਵਿੱਚ ਜੀਵਨ ਬਿਤਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦਾ ਹੈ。 ਫਿਲਹਾਲ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਦੋਸ਼ਾਂ 'ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂ ਨਾਮਜ਼ਦ ਧਿਰ ਵੱਲੋਂ ਕੋਈ ਅਧਿਕਾਰਤ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆ ਸਾਹਮਣੇ ਨਹੀਂ ਆਈ ਹੈ। ਮਾਮਲਾ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਵਿਚਾਰ ਅਧੀਨ ਹੈ ਅਤੇ ਅਗਲੀ ਸੁਣਵਾਈ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।
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