Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
194103

Kargil Labour Board Distributes ₹2.98 Crore to 3,700 Workers

Jul 22, 2024 11:23:26
Kargil,

The Assistant Labour Commissioner of Kargil, UT Ladakh, established the first Welfare Board, distributing Rs. 2.98 crore as incentives among 3,700 laborers. At the Conference Hall in Baroo today, the ALC Kargil UT Ladakh provided the first incentive for laborers' financial assistance after forming the Ladakh Building and Other Construction Workers Welfare Board. CEC Kargil LAHDC Dr. Jaffar Akhone attended the event as a special guest.

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Jan 11, 2026 13:17:39
1
comment0
Report
Jan 11, 2026 13:05:55
109
comment0
Report
Jan 11, 2026 12:52:45
0
comment0
Report
Jan 11, 2026 12:49:19
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी जन्मदिन को केवल केक काटने और शुभकामनाएँ लेने तक सीमित न रखकर समाज के नाम समर्पित करने का भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी के पुत्र ऐश्वर्य सरावगी ने अपने जन्मदिन पर समाजसेवा का संकल्प लेते हुए असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन व सर्दी से बचाव हेतु कपड़ों का वितरण किया।इस मानवीय पहल के दौरान ठंड से ठिठुरते बुजुर्गों, बेसहारा लोगों और जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। भोजन पाकर जहां भूखे पेट को राहत मिली, वहीं गर्म कपड़ों ने सर्द हवाओं से सुरक्षा का एहसास कराया। कई बुजुर्गों की आंखें नम हो उठीं—मानो किसी अपने ने उनका हाल पूछ लिया हो।ऐश्वर्य सरावगी ने इस अवसर पर भावुक शब्दों में कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता से हमेशा सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ सीखा है।
1
comment0
Report
Jan 11, 2026 12:44:03
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी कड़ाके की ठंड को देखते हुए मणिकर्णिका वूमेंस क्लब की महिला सदस्यों ने मानवता की मिसाल पेश की। क्लब की महिलाओं ने शहर के विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद और असहाय लोगों को कंबल वितरित किए। इस सेवा कार्य में क्लब की चार्टर प्रेसिडेंट सपना सरावगी, प्रेसिडेंट ओमनी राय, वाइस प्रेसिडेंट नूपुर अग्रवाल, ट्रेज़रर तमन्ना राय, सेक्रेटरी संयुक्ता शर्मा सहित मोनिका कोच्छर, अंजलि अग्रवाल, सिमृत जिज्ञासी और ज्योत्सना शर्मा ने सक्रिय भागीदारी निभाई। महिला सदस्यों ने बताया कि सर्दियों में जरूरतमंदों की सहायता करना उनका मुख्य उद्देश्य है और आगे भी ऐसे सामाजिक कार्य जारी रहेंगे। कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी और उन्होंने क्लब की महिलाओं का आभार व्यक्त किया।
1
comment0
Report
Jan 11, 2026 12:10:02
Reusa, Uttar Pradesh:थानगांव चौराहे पर ई-रिक्शा पलटा, मासूम की मौत थानगांव चौराहे पर सोमवार को उस समय दर्दनाक हादसा हो गया, जब सवारी उतारने के दौरान सड़क किनारे बने गड्ढे में ई-रिक्शा फिसलकर पलट गया। हादसे में रिक्शे के नीचे दबकर एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्ची को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रेउसा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बच्ची की पहचान जुम्मन पुरवा गांव निवासी नूरमा पुत्री निसार के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग चार वर्ष बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार नूरमा अपनी मां के साथ ई-रिक्शा में सवार थी। चौराहे पर सवारी उतारते समय अचानक रिक्शा असंतुलित होकर गड्ढे में जा गिरा, जिससे वह पलट गया और बच्ची उसके नीचे दब गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आस
1
comment0
Report
Jan 11, 2026 12:08:51
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने रविवार को ओवरी स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। सांसद ने दावा किया कि सरकार के नए बदलावों से करोड़ों गरीब मजदूरों का रोजगार छिन जाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। सांसद पुनिया ने विस्तृत दस्तावेज जारी करते हुए मनरेगा में तीन बड़े बदलावों का आरोप लगाया। पहला, पहले हर गांव को काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। दूसरा, पहले साल में 365 दिन काम मिलता था, लेकिन अब न्यूनतम मजदूरी की कोई गारंटी नहीं है। तीसरा बदलाव यह है कि पहले ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों का पूरा अधिकार था, जिसे अब सीमित कर दिया गया है। सांसद ने कहा कि अब राज्यों को मजदूरी का 40% हिस्सा खुद वहन करना होगा, जिससे वे काम देने से कतराएंगी। पुनिया ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान मनरेगा ने 4.6 करोड़ परिवारों को रोजगार प्रदान किया था। वर्ष 2006 से अब तक इस योजना के तहत 180 करोड़ से अधिक कार्य दिवस सृजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि CAG ऑडिट सहित 200 से अधिक अध्ययनों ने मनरेगा को देश की सबसे सफल योजना साबित किया है। हालांकि, किसी को यह अंदेशा नहीं था कि मोदी सरकार इसे खत्म करने का प्रयास करेगी।
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top