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परिवहन विभाग ने हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और संतुष्टि बढ़ाने के निर्देश दिए

Jaipur, Rajasthan:आमजन की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर राज्य सरकार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा ने सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान देथा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल निस्तारण प्रतिशत बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवादियों की संतुष्टि भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिला स्तर पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित करें। जिन जिलों में निस्तारण दर, संतुष्टि स्तर और औसत समाधान समय कमजोर है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। बैठक के दौरान उन्होंने कुछ जिलों के अधिकारियों से सीधे बातचीत कर फीडबैक लिया और कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सख्ती से सुधार के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने बस स्टैंड पर साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर के व्यवहार से जुड़ी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने उन मामलों की भी जांच की, जिनमें पोर्टल पर संतुष्टि दर्ज हो चुकी थी, और परिवादियों से सीधे संवाद कर वास्तविक स्थिति जानी। देथा ने कहा कि विभाग की आवश्यक सेवाओं से जुड़ी शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए। हर प्रकरण का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के जरिए अधिकारियों की परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि हर 15 दिन में समीक्षा की जाए, ताकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय पर सुधार किया जा सके। उन्होंने गुणवत्ता और गति के संतुलन पर जोर देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में परिवहन विभाग से जुड़े 10,020 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 92.40 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। इन मामलों में औसतन 23 दिन का समय लगा और 63.37 प्रतिशत परिवादियों ने संतुष्टि जताई। वहीं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) से जुड़े 18,035 प्रकरणों में से 93.64 प्रतिशत का निस्तारण हुआ, जिनका औसत समय 17 दिन रहा और 61.11 प्रतिशत परिवादी संतुष्ट पाए गए। हालांकि हाल के महीनों में विभागीय प्रयासों से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। मार्च माह में परिवहन विभाग में संतुष्टि स्तर बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि RSRTC में यह आंकड़ा 69.47 प्रतिशत रहा और औसत निस्तारण समय घटकर 16 दिन हो गया है। निरीक्षण के दौरान देथा ने कंट्रोल रूम में उपस्थित रहकर स्वयं परिवादियों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए.
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जालोर में कांग्रेस का संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान: भाजपा पर चुनाव टालने का आरोप

Jalore, Rajasthan:जालोर जिला मुख्यालय पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार ‘संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत ब्लॉक व नगर कांग्रेस की संयुक्त बैठक राजीव गांधी भवन में जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नेताओं ने भाजपा सरकार पर पंचायतीराज व नगर निकाय चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया। वक्ताओं ने कहा कि अभियान के तहत जिलेभर में वार्ड, ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तर पर बैठकें कर जनजागरण किया जाएगा और आमजन को सरकार की नीतियों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही कार्यकर्त्ताओं से गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया। बैठक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जालोर शहर की सीवरेज, सड़कों सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 195 रुपए बढ़ी, आपूर्ति संकट बना रहा

Jaipur, Rajasthan:महंगाई की मार झेल रहे व्यापारिक उपभोक्ताओं को एक और झटका लगा है। तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद आज से 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर 195 रुपए महंगा हो गया है। नई दरों के अनुसार अब यह सिलेंडर 1911 रुपए की जगह 2106 रुपए में मिलेगा। इस साल में यह पांचवीं बार है जब कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। मार्च में 27.50 रुपए और 114 रुपए की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि जनवरी में 111 रुपए और फरवरी में 49.50 रुपए बढ़ाए गए थे। इस तरह साल 2026 में अब तक कुल मिलाकर करीब 497 रुपए तक कीमतें बढ़ चुकी हैं। किल्लत के बीच बढ़ी कीमतों से बढ़ी परेशानी। गैस की सप्लाई पहले से ही प्रभावित है। अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर ईरान-इजरायैल तनाव के बाद से एलपीजी की उपलब्धता पर असर पड़ा है। मार्च से शुरू हुई किल्लत अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बाजार में कई जगह कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी बनी हुई है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर या ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की नौबत आ रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत। जहां कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 916.50 रुपए पर स्थिर है। हालांकि पिछले महीने किल्लत के चलते इसमें 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। कुल मिलाकर, एक तरफ गैस की कमी और दूसरी ओर बढ़ती कीमतें दोनों ने व्यापारिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
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अधिवक्ताओं के लिए बनेगा आधुनिक चैंबर, 93 लाख की योजना को मिली मंजूरी

Gaurav PatwaGaurav PatwaFollow1m ago
Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच। पयागपुर से  भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी के प्रयास से प्रदेश सरकार में तहसील पयागपुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं  के लिए एक आधुनिक चैंबर (हाल) के निर्माण को स्वीकृति दी है । यह स्वीकृति स्थानीय विधायक के प्रस्ताव पर दी गई है । प्रस्तावित चैंबर वातानुकूलित  होगा, जिससे अधिवक्ताओं को बैठने और कार्य करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस निर्माण कार्य की अनुमानित लागत लगभग 93 लाख रुपये बताई गई है।  तहसील परिसर में शीतल एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर लगाने की से स्वीकृति भी दी गई है, जिससे आने वाले लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इस योजना के स्वीकृत होने से अधिवक्ता समुदाय में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अधिवक्ताओं को एक सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त स्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने इस पहल के लिए विधायक और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है तथा इसे पयागपुर क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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स्कूल चलो अभियान की शुरुआत, बीएसए के हाथों बच्चों का नामांकन, परिषदीय स्कूलों की बदली तस्वीर- बीएसए

ATAlok TripathiFollow4m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 की शुरुआत के साथ ही ‘स्कूल चलो अभियान’ को गति मिल गई है। नगर क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय रायगंज द्वितीय में आयोजित कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बच्चों का नामांकन कर उन्हें पुस्तकें वितरित कीं और अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में दाखिला दिलाने की अपील की। इस दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। दरअसल नगर क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय रायगंज द्वितीय में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 1 के बच्चों का नामांकन कराया गया और उन्हें नई किताबें वितरित की गईं। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और डिजिटल कक्षा की सुविधाओं की सराहना की। बीएसए ने बताया कि अभियान के तहत सीडीओ संतोष कुमार वैश्य और उनके द्वारा तीन परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें सीडीओ ने स्वयं सात बच्चों का नामांकन कराया। उन्होंने कहा कि अब जिले के परिषदीय विद्यालयों का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह बदल चुका है और अभिभावक भी निजी स्कूलों से नाम कटवाकर अपने बच्चों का दाखिला सरकारी विद्यालयों में करा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान एक अभिभावक ने पास के कान्वेंट स्कूल से अपने बच्चे का नाम कटवाकर परिषदीय विद्यालय में दाखिला कराया, जिसका नामांकन बीएसए के हाथों कराया गया। इस अवसर पर बीएसए ने छह वर्ष की उम्र पूरी कर चुके सभी बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कराने की अपील की और कहा कि अब स्कूलों में लैब सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। बीएसए ने बताया कि सत्र 2026–27 में साक्षरता से समृद्धि अभियान, छात्रों की नियमित उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और अभिभावक-शिक्षक संवाद को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धति के अनुरूप डिजिटल संसाधनों, प्रिंट रिच सामग्री और बाल-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली पर कार्य करने के निर्देश दिए।
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अगवा करने के आरोप में सपा से सदर विधायक जैकिशन साहू के पुत्र अंकुर साहू समेत 4 के खिलाफ FIR दर्ज

ATAlok TripathiFollow7m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के सदर कोतवाली में सपा से सदर विधायक जै किशन साहू के पुत्र अंकुर साहू, ब्रिज मोहन गुप्ता, आनंद गुप्ता समेत 7 से 8 लोगों पर स्थानीय कोतवाली में उद्योगपति रमेश कुमार आर्य को अगवा कर रिवाल्वर सटा कर जान से मारने की धमकी के साथ 5 घंटे तक बंधक बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल उद्योगपति रमेश कुमार आर्य ने विधायक पुत्र अंकुर साहू समेत अन्य पर अगवा कर बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित उद्योगपति का कहना है कि उद्योग बंधु की मीटिंग के बाद उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया और करीब पांच घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की गई। इतना ही नहीं आरोप है कि आरोपियों ने ऑक्सीजन प्लांट से सिलेंडर उठाने की भी कोशिश की। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बता दें कि मामला गाजीपुर के नंदगंज क्षेत्र से जुड़ा है। वाराणसी के चिरईडांगांव निवासी उद्योगपति रमेश कुमार आर्य ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि उनकी आर्या कैटल इंडस्ट्रीज और आर्या मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट नंदगंज इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है। पीड़ित के मुताबिक 9 दिसंबर को वह रायफल क्लब में आयोजित उद्योग बंधु की मीटिंग में शामिल होने गए थे। मीटिंग समाप्त होने के बाद ब्रिज मोहन गुप्ता, आनंद गुप्ता और अंकुर साहू सहित सात से आठ लोगों ने रिवाल्वर सटाकर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें अपनी फैक्ट्री में ले जाकर करीब पांच घंटे तक बंधक बनाकर रखा, इस दौरान मारपीट और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद करीब 25 से 30 लोग पांच से सात गाड़ियों में सवार होकर नंदगंज स्थित उनकी फैक्ट्री पहुंचे और ऑक्सीजन प्लांट से सिलेंडर उठाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान फैक्ट्री के कर्मचारियों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस को सूचना मिलते ही आरोपी बहस करते हुए मौके से भागने लगे और जाते-जाते फायरिंग करते हुए धमकी भी दी। फिलहाल पीड़ित उद्योगपति ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
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डॉ. जितेंद्र सोनी मुख्यमंत्री सचिव बने, ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली

Jaipur, Rajasthan:प्रशासनिक मशीनरी में एक अहम बदलाव हुआ है। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति महज पद परिवर्तन नहीं, बल्कि एक ऐसे अधिकारी पर भरोसे की मुहर है, जिसने फील्ड में रहते हुए प्रशासन को सीधे आमजन से जोड़ा। कम प्रोफाइल लेकिन हाई इम्पैक्ट डॉ. सोनी की पहचान यही रही है। भजनलाल शर्मा सरकार के विजन को उन्होंने जयपुर में जमीन पर उतारकर दिखाया। योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि गांव-ढाणी तक असर दिखा। 1800 रास्ते खुले…और सोच भी ‘रास्ता खोलो’। रास्ता खोलो’ से बदली हजारों गांवों की तस्वीर बदल गई। डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के कार्यकाल की सबसे चर्चित पहल रही ‘रास्ता खोलो अभियान’। 17 महीनों से भी कम समय में 1800 से ज्यादा बंद रास्ते खुलवाना सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने वाली पहल साबित हुई। खेत, स्कूल, अस्पताल तक पहुंच अब कई परिवारों के लिए पहले से ज्यादा सुगम हो गई। यह मॉडल अब दूसरे जिलों के लिए भी रेफरेंस बन चुका है। जब नरेगा मजदूर बने डिजिटल लर्नर ‘नरेगा आखर अभियान’ के जरिए जिला प्रशासन ने शिक्षा को सशक्तिकरण से जोड़ा। 41 हजार से ज्यादा निरक्षर श्रमिकों को साक्षर बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही। अब यही अभियान डिजिटल साक्षरता की ओर बढ़ रहा है—जहां बैंकिंग, यूपीआई, मोबाइल सुरक्षा और सरकारी सेवाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी। सक्षम जयपुर” से सिस्टम में आया ह्यूमन टच। ‘सक्षम जयपुर अभियान’ ने शासन और जनता के बीच दूरी कम की। वहीं ‘नारी चौपाल’ जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं को खुलकर अपनी बात रखने का मंच दिया। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए कबड्डी के हजारों मैदान तैयार कराना भी एक अनोखा प्रयोग रहा, जिसने ग्रामीण युवाओं को नई दिशा दी। अफसरों ने गोद लिए पार्क, बनी भागीदारी की मिसाल। जयपुर में एसडीएम से लेकर ईओ तक अधिकारियों द्वारा पार्क गोद लेने की पहल ने जनभागीदारी का नया मॉडल पेश किया। ओपन जिम, वॉकवे और बुनियादी सुविधाओं के साथ ये पार्क अब सामाजिक गतिविधियों के केंद्र बन रहे हैं। अब नई भूमिका, नई अपेक्षाएं मुख्यमंत्री सचिव के रूप में डॉ. सोनी की भूमिका और व्यापक होगी। फील्ड में किए गए प्रयोग अब नीति स्तर पर असर दिखा सकते हैं। उनकी कार्यशैली संवेदनशीलता, नवाचार और परिणाम उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए खास बनाती है। यह बदलाव संकेत दे रहा है कि अब फोकस सिर्फ योजनाएं बनाने पर नहीं, बल्कि उनके जमीनी असर पर भी होगा.
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गाजीपुर में लटके बिजली के तारों पर मंत्री AK शर्मा का गुस्सा,अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

ATAlok TripathiFollow11m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने विद्युत व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। लखनऊ से बलिया जाते समय महड़ौर मार्ग पर सड़क किनारे और आबादी वाले इलाकों में लटके बिजली के तारों को देखकर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और इसे आमजन की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बताया। दरअसल, मंत्री A. K. Sharma बलिया जनपद के रसड़ा स्थित नागा जी सरस्वती विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान गाजीपुर के महड़ौर मार्ग पर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाकर विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार बेहद नीचे झूलते मिले, जिससे कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। मौके पर ही मंत्री ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार से फोन पर बात की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने साफ कहा कि विद्युत व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होगी। मंत्री ने निर्देश दिया कि संबंधित क्षेत्र में लटके, जर्जर और अव्यवस्थित बिजली के तारों को तत्काल ठीक कराया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर आगे भी इस तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जयपुर में दुकानदार पर हमला, 4 घंटे बाद FIR दर्ज, तनाव

Noida, Uttar Pradesh:आपसी कहासुनी में दुकानदार का सिर फोड़ा बजाज नगर थाना इलाके में शहीद का गट्टा टोंक फाटक की घटना दोपहर में मशीनों के पार्ट बनाने वाले दुकानदार सत्यवान सिंह झाड़ू लगा रहे थे पड़ोस में रहने वाले समुदाय विशेष के तीन युवकों ने उन पर हमला कर दिया युवकों ने सत्यवान और उनके सहयोगी का सिर फोड़ दिया इसके बाद घायल युवक बजाज नगर थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की करीब 4 घंटे की जद्दोजहद के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के निर्देश के बाद FIR दर्ज हुई इस बीच बड़ी संख्या में RSS स्वयंसेवक और अन्य लोग थाने पर इकट्ठा हो गए बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नक्शा मुआयना बनवाया पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन दिया, इसके बाद लोग घर रवाना हुए
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मानसून से पहले सभी विकास कार्य पूरे, योगी ने गोरखपुर में कड़े निर्देश दिए

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं की दो तिहाई से अधिक प्रगति हो चुकी हो, उन्हें मानसून से पहले हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही संकेत दिए कि अगले दौरे में घंटाघर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण भी हो सकता है। गोरखपुर में बुधवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले और महानगर की सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हर परियोजना तय समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने विशेष रूप से मानसून को ध्यान में रखते हुए कहा कि बरसात शुरू होने से पहले अधिकतम निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं, क्योंकि बारिश के दौरान खुले में होने वाले कार्य प्रभावित होते हैं। बैठक में जलभराव की समस्या को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने नालों की समय से सफाई सुनिश्चित करने और गोड़धोइया नाला परियोजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि शहर में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विरासत गलियारा, घंटाघर स्थित बंधु सिंह पार्क में बन रहे मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और पांडेयहाता में प्रस्तावित नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की प्रगति की जानकारी ली। नगर आयुक्त को लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने पटरी व्यवसायियों के पुनर्वास पर भी जोर देते हुए कहा कि उन्हें वेंडिंग जोन में सम्मानजनक स्थान और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मानसून से पहले विकास कार्य पूरे करने पर जोर, गुणवत्ता से समझौता नहीं—सीएम योगी
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चमोली में 520 मेगावाट तपोवन परियोजना के खिलाफ ग्रामीण 15 मांगे लेकर प्रदर्शन

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले के सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में कार्य कर रही 520 मेगावाट तपोवन विष्णुगाढ जल विद्युत परियोजना के खिलाफ स्थानीय जनता का सब्र टूट गया है। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आधा दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं के ग्रामीणों ने परियोजना की बैराज साइट पर जोरदार प्रदर्शन किया और काम को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने दो-टूक लहजे में चेतावनी दी है कि जब तक उनके अधिकारों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं होता, परियोजना का एक भी पहिया आगे नहीं घूमने दिया जाएगा। परियोजना के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी ने विकास के नाम पर उनके प्राकृतिक संसाधनों—जल, जंगल और जमीन—को भारी नुकसान पहुँचाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शुरुआत में कंपनी ने स्थानीय लोगों को उचित मुआवजा, चारा-पत्ती का अधिकार और रोजगार देने के लुभावने वादे किए थे, लेकिन धरातल पर कंपनी अपनी तमाम प्रतिबद्धताओं से मुकर चुकी है। आंदोलनकारियों का मुख्य गुस्सा कंपनी के टालमटोल वाले रवैये को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवा दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, जबकि परियोजना में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि पहाड़ की महिलाओं का जीवन पूरी तरह जंगल और जमीन पर निर्भर है, लेकिन परियोजना के कारण पशुपालन के लिए 'चारा-पत्ती' का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
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गाजीपुर: 15 दिवसीय स्कूली वाहन चेकिंग अभियान, 15 चालान, 2 सीज

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर स्कूली वाहनों पर एआरटीओ की सख्ती, 15 दिन का अभियान, 15 वाहनों का चालान, 2 वाहन सीज स्कूली वाहनों की जांच के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू 15 अप्रैल तक चलाया जाएगा चेकिंग अभियान अभियान के पहले ही दिन 15 स्कूली वाहनों का चालान नियमों का उल्लंघन करने पर 2 स्कूली वाहन किए गए सीज अनफिट और कागजातों में कमी मिलने पर हुई कार्रवाई सभी स्कूलों को विभागीय पोर्टल पर कराना होगा वाहनों का पंजीकरण स्कूली वाहनों की पूरी जानकारी अब ऑनलाइन देना अनिवार्य गाजीपुर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एआरटीओ विभाग ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। स्कूली वाहनों की फिटनेस और जरूरी कागजातों की जांच के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले दिन एआरटीओ टीम ने जांच के दौरान 15 स्कूली वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 2 स्कूली वाहनों को सीज भी कर दिया गया। दरअसल गाजीपुर में एआरटीओ विभाग ने स्कूली वाहनों की जांच को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। विभाग की ओर से शुरू किया गया 15 दिवसीय विशेष अभियान 15 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान के तहत स्कूलों में चलने वाले बस, वैन और अन्य वाहनों की फिटनेस, परमिट और जरूरी कागजातों की जांच की जा रही है। अभियान के पहले दिन एआरटीओ टीम ने जांच के दौरान 15 स्कूली वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 2 स्कूली वाहनों को सीज भी कर दिया गया। इन वाहनों में फिटनेस की कमी और जरूरी दस्तावेजों की अनुपलब्धता पाई गई थी। एआरटीओ धनवीर यादव ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई वाहन अनफिट पाया जाता है या उसके कागजात अधूरे मिलते हैं तो उसकेAgainst सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्कूली वाहनों का पंजीकरण विभाग के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराएं और वाहनों से संबंधित पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराएं, ताकि निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
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