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क Kashmir घाटी में भारी बर्फबारी जारी, यातायात और बिजली सेवाएं प्रभावित
BABASHIR AHMED MIR (Sagar)
Jan 27, 2026 07:46:10
Gulmarg,
Heavy snowfall continued across the Kashmir Valley, affecting normal life in several districts and leading to challenging weather conditions, especially in higher reaches. According to reports, intense snowfall is ongoing in Shopian, Kulgam, Qazigund, Anantnag–Pahalgam belt, Gulmarg and Tangmarg, where snow accumulation has increased significantly. The heavy snowfall has impacted road connectivity, electricity supply, and daily activities in these areas. Meanwhile, moderate snowfall is being recorded over the plains of Kupwara, Baramulla, Budgam, and Pulwama, causing slippery roads and reduced visibility. Residents have been advised to remain cautious while travelling. In Srinagar city, Tral, Awantipora, and Pampore, the snowfall intensity has decreased, and light snowfall is presently being witnessed. Although conditions have slightly improved in these areas, cold weather and low temperatures persist. Authorities have pressed snow clearance machinery into service and are closely monitoring the situation. People, especially in snow-bound and hilly areas, have been advised to avoid unnecessary travel and follow advisories issued by the administration.
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KKKRISNDEV KUMAR
Jan 27, 2026 09:15:53
Noida, Uttar Pradesh:
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KKKRISNDEV KUMAR
Jan 27, 2026 09:15:25
Noida, Uttar Pradesh:
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NTNagendra Tripathi
Jan 27, 2026 09:12:47
Gorakhpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में UGC कानून के विरोध की आग तेज होती नजर आ रही है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट पर आज छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर गोला तहसील परिसर में भी लोगों ने UGC बिल के खिलाफ नारेबाज़ी की। छात्रों और आम लोगों का आरोप है कि नया UGC कानून उच्च शिक्षा को महंगा बनाएगा, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करेगा और शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देगा। देशभर में UGC बिल को लेकर विरोध के स्वर तेज हो चुके हैं। UGC कानून के विरोध में आज गोरखपुर विश्वविद्यालय का परिसर छात्र आंदोलनों का केंद्र बन गया। विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे और धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और UGC कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नया कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करेगा, शिक्षा का निजीकरण बढ़ाएगा और आम व गरीब छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को मुश्किल बना देगा। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद की गोला तहसील परिसर में भी UGC बिल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से बिल को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाज़ी की। लोगों का कहना है कि यह कानून देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा। हालांकि दोनों ही जगहों पर प्रशासन मौजूद रहा और शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने UGC बिल वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। देश के अलग-अलग हिस्सों में शुरू हुआ यह विरोध अब तेज होता जा रहा है जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल बढ़ने के आसार हैं।
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Jan 27, 2026 09:12:31
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा। राधानंद गिरी के आश्रम में संत समाज की बैठक हुई, बैठक में सभी साधु संतों ने कहा है कि शंकराचार्य के समर्थन में तीनों शंकराचार्य हैं तो अधिकारी किस बात का सबूत मांग रहे हैं, स्वामी अविमुक्तेश्वरा जी महाराज ही ओरिजिनल शंकराचार्य हैं ,शासन प्रशासन से उन्होंने अनुरोध किया है कि शंकराचार्य जी से माफी मांगे और उन्हें सम्मान सहित स्नान कराएं। श्रीकृष्ण जन्म भूमि मंदिर मस्जिद केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा है कि शंकराचार्य पीठ भगवान शिव की गद्दी होती है ,यह हमारे सनातनी हिंदुओं के प्रधानमंत्री हैं । प्रशासन को इनसे माफी मांगनी चाहिए। आचार्य मधुसूदन दास जी महाराज ने कहा कि योगी जी हमारे राज्य के मुखिया हैं उनको इस प्रकरण को समाप्त करने के लिए पहल करनी चाहिए, आचार्य अनमोल दास जी महाराज ने कहा कि शंकराचार्य तो गुरु परंपरा के आधार पर बनते हैं, तीनों शंकराचार्य भी उनको शंकराचार्य मानते हैं तो आप कौन होते हैं उनसे प्रमाण मांगने वाले, क्या आपने उनको शंकराचार्य बनाया है, साध्वी इंदुलेखा जी ने कहा है कि जैसे मोदी जी हमारे लिए पूजनीय है ,उसी प्रकार हिंदुओं के लिए शंकराचार्य जी भी पूज्यनीय हैं ,वह हमारे हिंदुओं के गौरव हैं ।
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JPJai Pal
Jan 27, 2026 09:12:25
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VSVIPIN SHARMA
Jan 27, 2026 09:12:06
Kaithal, Haryana:कैथल: रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नगर परिषद की पोल! कैथल में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नगर परिषद के बाहर बने गड्ढों को और गहरा कर दिया है। इन खतरनाक खड्ढों ने आम लोगों की जिंदगी को दुष्कर बना दिया है – वाहन फिसलते हैं, दुर्घटनाएं होती रहती हैं, और राहगीरों को हर कदम पर खतरा महसूस होता है। नगर परिषद के ठीक बाहर बने ये गड्ढे प्रशासन की लापरवाही की nangi तस्वीर पेश कर रहे हैं। बारिश का पानी भरते ही सड़कें तालाब बन जाती हैं, जिससे शहरवासी परेशान हैं। क्या प्रशासन शहर की बुनियादी व्यवस्था पर हमेशा मौन साधे रहेगा? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि तुरंत मरम्मत कराई जाए, वरना बड़ी दुर्घटना का इंतजार तो नहीं हो रहा!
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ASArvind Singh
Jan 27, 2026 09:11:36
Noida, Uttar Pradesh:उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सभी भक्तों को (वीआईपी और आम जनता के भेदभाव के बिना) दर्शन , पूजा और जलाभिषेक के सामान अधिकार की मांग वाली याचिका पर SC ने सुनवाई से इंकार किया वकील विष्णु शंकर जैन के ज़रिये दाखिल इस याचिका में कहा गया था कि मंदिर की प्रशासनिक समिति VIP भक्तों को पूजा के लिए अनुमति दे रही है जबकि सामान्य भक्तों को 2023 से ही इजाज़त नहीं है।समिती को इस तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं दी जा सकती। SC ने सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि महाकाल के सामने कोई वीआईपी नहीं है।पर गर्भगृह में कौन जाएगा या नहीं, यह कोर्ट तय नहीं कर सकता ।यह तय करना मंदिर की प्रशासनिक समिति का काम है कोर्ट के रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता ने अर्जी वापस ली। कोर्ट ने इस बात की इजाज़त दी कि वो इसको लेकर मंदिर की प्रशासनिक समिति के सामने ज्ञापन दे सकते है।
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ASArvind Singh
Jan 27, 2026 09:10:35
Noida, Uttar Pradesh:उज्जैन महाकाल के गर्भगृह में दर्शन के लिए 'वीआईपी कल्चर' के खिलाफ याचिका, SC ने सुनवाई से किया इंकार उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में सभी भक्तों को बिना किसी भेदभाव के पूजा,दर्शन और जलाभिषेक की इजाज़त दिए जाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार किया। याचिका में कहा गया था कि मंदिर में भक्तों के साथ 'वीआईपी स्टेटस' के आधार पर भेदभाव हो रहा है। मंदिर की प्रशासनिक समिति वीआइपी लोगों को पूजा के लिए अनुमति दे रही है जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को 2023 से ही इसकी इजाज़त नहीं है। कोर्ट का काम नहीं सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि मंदिर के गर्भगृह में किसको जाने की इजाज़त दी जाए या नहीं, यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है। मंदिर की प्रशासनिक समिति ही इस बारे में फैसला ले सकती है HC के आदेश को चुनौती उज्जैन के रहने वाले दर्पण अवस्थी ने यह याचिका दायर की थी। उन्होंने मन्दिर के गर्भगृह में कुछ लोगो को मिल रहे वीआईपी ट्रीटमेंट के खिलाफ पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। गर्भगृह में प्रवेश के लिए एकसमान नीति की मांग आज याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि गर्भगृह में प्रवेश के लिए एक समान नीति होने चाहिए।वीआईपी और आम लोगों में फर्क करना संविधान के अनुच्छेद 14 यानी समानता का अधिकार के खिलाफ है।अगर कलेक्टर की सिफारिश से कोई गर्भगृह में जा सकता है, तो फिर आम भक्त को भी भगवान को जलाभिषेक का अधिकार मिलना चाहिए 'मंदिर समिति को तय करने दीजिए' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने वकील से कहा कि आप सही हो सकते है, पर यह तय करना कि किसे गर्भगृह में प्रवेश मिले और किसे नहीं, यह कोर्ट का काम नहीं है।ऐसे फैसले मंदिर प्रशासन को लेने चाहिए। यह कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात होगी। चीफ जस्टिस ने कहा अगर कोर्ट गर्भगृह के अंदर समानता के अधिकार का लागू करने लगा तो कल को कोई आगे जाकर यह भी मांग कर सकता है कि उसे आर्टिकल 19 के तहत वही पर मंत्र जाप का अधिकार है। बहरहाल कोर्ट के रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता ने अर्जी वापस ली। कोर्ट ने इस बात की इजाज़त दी कि वो इसको लेकर मंदिर की प्रशासनिक समिति को ज्ञापन दे सकते है。
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BPBHUPESH PRATAP
Jan 27, 2026 09:10:17
Greater Noida, Uttar Pradesh:बीटेक छात्र आत्महत्या के मामले में हॉस्टल के दो वार्डन गिरफ्तार ग्रेटर नोएडा की थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने बीटेक छात्र उदित सोनी की आत्महत्या मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है ।Girlfriend? नहीं, गिरफ्तारी की जानकारी दी गयी है। गैरेज? नहीं। नोलेज पार्क के हॉस्टल में रहने वाले बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र उदित सोनी ने शुक्रवार रात हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उदित और उसके कुछ दोस्त शराब पीकर हॉस्टल लौटे थे, इस दौरान वार्डन व अन्य लोगों ने उनसे भारी जुर्माना वसूला और उनके साथ मारपीट भी की। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से उदित मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया और इसी तनाव में उसने रात में अपने कमरे से बाहर निकाल कर चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उदित के पिता की तहरीर के आधार पर इस मामले में होस्टल प्रबंधक व वार्डन सहित सात लोगों के मुकदमा दर्ज किया गया । रविवार को पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में फरार चल रहे दो आरोपियों सत्यनारायण पांडे और धर्म सिंह सिकरवार को शारदा गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया ।यह दोनों ही आरोपी इस हॉस्टल में वार्डन का कार्य करते थे। वहीं, पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, बाकी फरार चल आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है ,उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा。
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ASABHISHEK SHARMA1
Jan 27, 2026 09:09:44
Chittorgarh, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ में आज आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाईज एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी आज रोडवेज कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर रोडवेज मुख्य प्रबंधक चित्तौड़गढ़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ईपीएस हायर पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, जून 2025 से बकाया ग्रेच्युटी और उपार्जित अवकाश भुगतान, सातवें वेतनमान में पेंशन निर्धारण और एरियर भुगतान की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही जीपीएफ पेंशनर्स की रोकी गई महंगाई राहत देने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि यदि मांगों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
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APASHISH PRAKASH RAJA
Jan 27, 2026 09:09:24
Narayanpur, Jharkhand:झारखण्ड का गढ़वा जिला जो पिछले तीन वर्ष पूर्व नक्सल जिला के रूप मे जाना जाता था आज वहां एक नई किरण का उदय हुआ है जिसका थीम दिया गया है पढ़ेगा गढ़वा बढ़ेगा गढ़वा। इसकी शुरुआत गढ़वा के तेज तर्रार आईएएस अधिकारी दिनेश यादव ने की। उनकी पहल से गढ़वा के शिक्षा जगत मे खुशी की लहर देखी जा रही है। गढ़वा शहर के बहुदेशिये नीलाम्बर-पीताम्बर भवन आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा जगत मे नए पहल की। झारखंड शिक्षा परियोजना गढ़वा की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार हेतु "Garhwa Learns, Garhwa Leads" कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। आईएएस अधिकारी सह उपायुक्त गढ़वा दिनेश यादव की अध्यक्षता में टाउन हॉल गढ़वा में किया गया, जिसमें शिक्षा सम्बद्ध सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों समेत अन्य गणमान्य उपस्थित रहें। उपायुक्त ने इस कार्यक्रम की शुरुआत के लिए सभी शिक्षाकर्मियों एवं पदाधिकारी का धन्यवाद किया और बताया कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास हेतु सर्वोत्तम साधन है। आज का कार्यक्रम "Garhwa Learns, Garhwa Leads" की शुरुआत शिक्षा प्रणालियों को नई सकारात्मक के साथ कार्य करने के लिए किया गया है। सकारात्मक ऊर्जा के साथ शिक्षण कर्मियों को कार्य करना होगा तभी वास्तविक विकास हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक प्रगति लाने हेतु गढ़वा जिले में इस कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है जो शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों को और भी प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की महती भूमिका होती है। शिक्षा बाकी सभी चीजों से एकदम अलग है। उन्होने कहा कि शिक्षकों एवं शिक्षण विभाग से सम्बद्ध कर्मियों/पदाधिकारी को नकारात्मकता को त्यागते हुए सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। गढ़वा जिला के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस कार्ययोजना को तैयार किया गया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावी रूप से कार्य करेगा। इसके तहत जिला स्तर पर एक कार्यदल का भी गठन किया गया है। उन्होंने उपस्थित शिक्षा विभाग के संपूर्ण टीम को सकारात्मक सोच के साथ शिक्षक कार्यों में सहयोग करने की अपील की।
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HNHEMKANT NAUTIYAL
Jan 27, 2026 09:07:54
Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में मंदिर समिति ने निर्णय लिया कि धाम में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा. इसके बाद अलग-अलग बयानबाजी शुरू हो गई है. Zee मीडिया ने गंगोत्री मंदिर समिति से बातचीत की तो सचिव सुरेश सेमवाल ने कहा कि गैर हिंदू हमारे सनातन धर्म को बदनाम करते हैं और जबरन धर्म परिवर्तन करवाते हैं; धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है. गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश sewal ने कहा कि गैर हिंदुओं में मुस्लिम, ईसाई, फारसी और सिर्फ सिख धर्म को छोड़कर धाम में प्रवेश वर्जित होगा. इसके लिए कपाट खुलते ही गंगोत्री मंदिर प्रवेश द्वार पर बड़े बैनर पोस्टर चिपकाए जाएंगे जिसमें यह लिखा होगा: गैर हिंदुओं का प्रवेश गंगोत्री धाम में पूर्णतः वर्जित है. वहीं उत्तरकाशी में गैर हिंदुओं ने कहा कि मंदिर समिति ने यह फैसला क्यों लिया, क्योंकि इससे सभी धार्मिक स्थलों पर ऐसे फैसले होंगे जो गलत हैं. तहज़ीद खान ने कहा कि मैं रामलीला से जुड़ा रहा हूँ और राम का भक्त हूँ; कोई मुस्लिम या गैर हिंदू आस्था के आधार पर धाम में जाए तो उस पर रोक नहीं होनी चाहिए; हम इस फैसले का विरोध کرتے हैं.
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