भदराहव में MVD Doda की पूरी डिजिटलीकरण, 450 पेंडिंग स्लॉट क्लियर
Forest Block, In a major push towards transparent and hassle-free public services, the Government continues its commitment to digital governance. In line with this vision, the Motor Vehicle Department Doda has now been fully digitalized, ensuring faster, convenient, and corruption-free services for citizens. To extend these facilities to the doorsteps of people, MVD Doda organized a three-day special trials and fitness camp in Bhaderwah, bringing much-needed relief to license seekers and transporters. VO:Under the supervision of ARTO Doda Kapil Deol, accompanied by MVI Jasbir Singh, MVI Rakesh Singh, and the departmental team, the camp successfully operated for the last three days in Bhaderwah. Officials also held an awareness session on safe driving and strict adherence to traffic rules — a session that saw active participation from drivers, transporters, license applicants, and the general public. ARTO Doda Kapil Deol informed that the camp was primarily aimed at clearing the pendency caused due to administrative gaps. Over 450 pending slots were cleared during the special drive, offering immediate relief to applicants. He further announced plans to conduct similar trials in Gandoh Sub Division, ensuring that aspirants in remote areas also receive timely services. Kapil Deol urged the public to strictly follow road safety norms — including the use of helmets, seat belts, avoiding over-speeding, and abstaining from mobile usage or liquor while driving. He also appealed to citizens not to approach agents for any work related to the ARTO office and assured strict action against any official found demanding bribes. The initiative has earned wide appreciation from the locals. Locals like Amir Sheikh praised the proactive approach of the ARTO, stating that officers like him will take the department to new heights of public service and accountability.0
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उदी सीएचसी में लगातार दूसरे दिन निकला विशाल अजगर
Etawah, Uttar Pradesh:इटावा के उदी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अजगर निकलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन में दूसरी बार सीएचसी परिसर में विशाल अजगर निकलने से मरीजों और अस्पताल स्टाफ में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि बीती रात करीब 9 से 10 बजे के बीच सीएचसी परिसर में अचानक अजगर दिखाई दिया। अजगर को देखते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीज व तीमारदार डर के चलते वार्ड से बाहर निकल आए। खास बात ये है कि एक दिन पहले भी पार्किंग एरिया में अजगर निकला था। लगातार दूसरे दिन अजगर निकलने से अस्पताल की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सफाईकर्मी ने साहस दिखाते हुए अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया और जंगल में छोड़ दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक सीएचसी के आसपास झाड़ियां और खाली प्लॉट हैं, जिसके चलते जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से झाड़ियों की कटाई, नियमित साफ-सफाई और दवा का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।0
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महराजगंज: दो बाइकों की आमने सामने हुई टक्कर में दो की मौत,एक की हालत गंभीर सीएचसी से जिला रेफर।
Chandapur, Uttar Pradesh:महराजगंज, रायबरेली। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के बछरावां मार्ग पर देर रात करीब साढ़े दस बजे दो बाइकों की आमने सामने की टक्कर में दो की मौत हो गई, वहीं एक गंभीर घायल हो गया। राहगीर की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंची एंबुलेंस से तीनों को सीएचसी महराजगंज पहुंचाया गया। जहां परीक्षण के बाद सीएचसी के चिकित्सक ने दो को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर घायल व अचेत युवक को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मृतक में से एक युवक अमित कुमार सिंह बछरावां थाना क्षेत्र के पखनपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। वहीं दूसरे मृतक तथा गंभीर घायल युवक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी। सीएचसी के चिकित्सक की मेमो सूचना पर अस्पताल पहुंची कोतवाली पुलिस हादसे में मृतक व गंभीर घायल युवक की शिनाख्त के प्रयास में लगी है।0
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पुराने बस स्टैंड से बसों के दोबारा संचालन के लिए प्रदर्शन, पीआईसी बैठक में उम्मीद
Sidhi, Madhya Pradesh:कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, नगरपालिका अध्यक्ष ने पीआईसी की बैठक में मुद्दा रखने का दिया आश्वासन सीधी। सीधी शहर के पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। पुराने बस स्टैंड को बचाने की मांग कर रहे व्यापारियों और समिति के सदस्यों ने पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला का भी समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर विकास मिश्रा से मुलाकात कर अपनी मांग रखी। इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष काजल वर्मा को भी ज्ञापन सौंपा गया। व्यापारियों के साथ सड़क पर उतरी समिति पुराने बस स्ट Stand से बसों का संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर पुराना बस स्टैंड बचाओ समिति के अध्यक्ष सुनील चौधरी के नेतृत्व में आधा सैकड़ा से अधिक महिला-पुरुष और छोटे व्यापारी एकजुट हुए। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे。 समिति का कहना है कि पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद होने के बाद स्थानीय व्यापारियों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है। ऐसे में पुराने बस स्ट Stand से दोबारा बसों का संचालन शुरू किया जाना चाहिए, ताकि व्यापारियों के कारोबार को राहत मिल सके。 पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला ने किया समर्थन पुराने बस स्ट Stand से बसों के संचालन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला भी शामिल हुए। उन्होंने व्यापारियों की मांग का समर्थन करते हुए उनके पक्ष को अधिकारियों के सामने रखने में सहयोग किया। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर विकास मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पुराने बस स्ट Stand से बसों का संचालन शुरू कराने की मांग रखी। इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष काजल वर्मा से मुलाकात कर उन्हें भी ज्ञापन दिया गया。 नगरपालिका अध्यक्ष ने दिया आश्वासन व्यापारियों और समिति की मांग पर नगरपालिका अध्यक्ष काजल वर्मा ने आश्वासन दिया कि पुराने बस स्ट Stand से बसों के संचालन का मुद्दा पीआईसी की बैठक में रखा जाएगा। उन्होंने इस संबंध में प्रयास करने की बात कही। हालांकि, अभी पुराने बस स्ट Stand से बसों का संचालन दोबारा शुरू करने को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में व्यापारियों को अब आगामी बैठक और जिम्मेदारों के फैसले का इंतजार है。 अब सवाल—कब शुरू होगा पुराने बस स्ट Stand से बसों का संचालन? पुराने बस स्ट Stand से बसों का संचालन बंद होने के बाद व्यापारियों की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही है। अब यह मामला कलेक्टर और नगरपालिका अध्यक्ष तक पहुंच चुका है। पूर्व विधायक के समर्थन के बाद आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला है。 अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पीआईसी की बैठक में व्यापारियों की मांग पर सहमति बन पाएगी? क्या पुराने बस स्ट Stand से बसों का संचालन दोबारा शुरू होगा? या फिर व्यापारियों को अपनी मांग पूरी होने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा? फिलहाल, नगरपालिका अध्यक्ष के आश्वासन के बाद सबकी नजर आगामी बैठक और प्रशासन के निर्णय पर टिकी है。0
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दिल्ली के मेयापुरी इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री में आग, मौके पर 11 दमकल
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: FIRE BREAKS OUT AT A FACTORY IN MAYAPURI INDUSTRIAL AREA. 11 FIRE TENDERS AT THE SPOT. FIRE CONTROL ROOM RECEIVED INFORMATION ABOUT THE INCIDENT AN HOUR AGO0
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भ्रष्टाचार विरोधी जीरो टॉलरेंस: 27 अधिकारियों पर अभियोजन स्वीकृति
Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भ्रष्टाचार पर प्रहार 27 अधिकारियों के खिलाफ 21 मामलों में अभियोजन की मंजूरी भूमि रूपांतरण और खातेदारी में अनियमितता पर 2 उपखण्ड अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति 1 पुलिस उपअधीक्षक, राजस्थान लेखा सेवा के 1 अधिकारी तथा 1 विकास अधिकारी पर एक्शन 8 अन्य विभागों के 15 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ सख्त कार्रवाई करते हुए 27 अधिकारियों के विरुद्ध कुल 21 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कृषि भूमि का अकृषि प्रयोजनार्थ नियम विरुद्ध रूपांतरण एवं भू-उपयोग परिवर्तन कर राज्य सरकार को हानि पहुंचाने के मामलों में संबंधित उपखंड अधिकारी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति दी है। वहीं, पद का दुरुपयोग कर नियम विरुद्ध खातेदारी भूमि का दावा डिक्री करवाने तथा अवैध परितोषण प्राप्त करने के प्रकरणों में एक अन्य उपखण्ड अधिकारी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति का अनुमोदन किया गया है। इसी तरह भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त होने, अवैध राशि प्राप्त कर आय से अधिक परिसंपत्तियां अर्जित करने पर तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति दी गई है। विभिन्न विभागों के मामलों में भी सख्त निर्णय मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के 5, सार्वजनिक निर्माण विभाग के 3, वाणिज्यिक कर विभाग के 2 तथा चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, देवस्थान विभाग, इंदिरा गांधी नहर परियोजना व सहकारिता विभाग के 1-1 प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति जारी की है। इसके अतिरिक्त राजस्थान लेखा सेवा के एक अधिकारी तथा एक विकास अधिकारी के विरुद्ध भी अभियोजन स्वीकृति का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।0
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वाराणसी सज गई IAF Wings Over Ganges शो और मोदी यात्रा के लिए
Noida, Uttar Pradesh:VARANASI (UTTAR PRADESH): KASHI DECORATED AHEAD OF IAF’S ‘WINGS OVER GANGES’ AIR SHOW AND PM NARENDRA MODI’S VISIT / LED LAMPS, SAFFRON AND WHITE CLOTH DECORATIONS, AND DAMRU AND SHANKH LIGHT DISPLAYS0
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राजस्थान ने 34 महीने में बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड वृद्धि हासिल की
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान ने बिजली उत्पादन से लेकर पावर ट्रांसमिशन में हासिल की नई रफ्तार. सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की वृद्धि. ग्रिड सब-स्टेशनों का तेजी से विस्तार, गांव-ढाणियों तक पहुंच रही गुणवत्तापूर्ण बिजली. पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश में अग्रणी. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में भाजपा सरकार ने बिजली उत्पादन क्षमता के क्षेत्र मे 5 गुना तक उपलब्धि हासिल की. कांग्रेस सरकार में विद्युत तंत्र रहा कुप्रबंधन का शिकार, उपभोक्ता बिजली को तरसे. 26 जिलों में दिन के समय में अन्नदाताओं को मिल रही बिजली. बिजली उत्पादन में 10,920 मेगावाट की रिकॉर्ड वृद्धि. प्रदेश में भाजपा की सरकार ने रोडमैप के तहत बिजली, पानी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं पर प्रतिबद्ध होकर कार्य किया है. परिणामस्वरूप गत 34 माह के कार्यकाल में राज्य के उपयोग के लिए बिजली उत्पादन क्षमता में 10,920 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है. पूर्ववर्ती कांग्रेस के पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में यह आंकड़ा 3,958 मेगावाट तक ही पहुंचा था. इस प्रकार भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस की तुलना में पौने तीन गुना बिजली उत्पादन की वृद्धि दर्ज की गई है. अगर कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों की तुलना की जाए तो भाजपा सरकार का आंकड़ा लगभग 5 गुना से अधिक है. राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा का हो रहा तेजी से विस्तार. राजस्थान में सौर ऊर्जा की व्यापक संभावनाएं हैं. इन्हीं संभावनाओं पर कार्य करते हुए भाजपा सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और प्रदेशवासियों की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है. जिसके परिणामस्वरूप 34 माह के कार्यकाल में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की वृद्धि दर्ज हुई है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पहले 34 माह में यह वृद्धि मात्र 3,985 मेगावाट और पूरे पांच वर्ष में 14,878 मेगावाट तक ही सीमित रही. उच्च क्षमता वाले सब-स्टेशनों की हो रही तेजी से स्थापना. भाजपा सरकार के 34 माह के कार्यकाल में 400 केवी क्षमता के 2 ग्रिड सब-स्टेशन, 220 केवी क्षमता के 9 ग्रिड सब-स्टेशन, 132 केवी क्षमता के 51 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित हो चुके हैं. 33 केवी के 532 सब-स्टेशन स्थापित हो चुके है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के 34 माह में 33 केवी के मात्र 477 सब-स्टेशन ही स्थापित हो पाये थे. राजस्थान के विद्युत उत्पादन, सौर ऊर्जा क्षमता, विद्युत सब-स्टेशनों के विस्तार से जुड़े आंकड़े राज्य की ऊर्जा क्षेत्र की दिशा और विकास की संभावनाओं को सामने रखते हैं. ये सकारात्मक तस्वीर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योगों, निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण है. इन उपलब्धियों के साथ राजस्थान विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. डिस्कॉम्स अब लाभ की स्थिति में. पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है. पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 5.57 गीगावॉट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है जो कि देश में सर्वाधिक है. इस योजना से 3 लाख 78 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं. वहीं, राजस्थान डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति इस सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है. अजमेर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 825 करोड़ रूपये एवं वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम ने 931 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है.0
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Jamia Millia Islamia विरोध पर Imran Masood ने स्पष्ट बयान
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: IMRAN MASOOD (CONGRESS) ON JAMIA MILLIA ISLAMIA UNIVERSITY PROTEST नहीं डिटेन नहीं गया था। उन्होंने वहां से मुझे गाड़ी में बैठा करके आगे मेरी गाड़ी तक छोड़ दिया था ला करके। तो लेकर के गए थे वो अपनी गाड़ी में बैठा करके उन्होंने आगे से थाने से ला करके हमें छोड़ दिया। कश्मीर फ्री का कोई नारा वहां नहीं था। कश्मीर फ्री का एक भी नारा नहीं था। मैंने स्ट्रॉन्गली कंडम किया खड़े हो कर के सबके बीच में कि कश्मीर भारत का अभिनंग है और कश्मीर के लिए जिन्होंने पोस्टर लगाए हैं वो इस आंदोलन को कमजोर करना चाहते हैं। तो उनका कोई लेना देना उस आंदोलन से नहीं है। और जो लगा रहे हैं उनके खिलाफ पुलिस को सख्त एक्शन लेना चाहिए। कश्मीर भारत का अभिन हिस्सा है और अभिन हिस्सा रहेगा।0
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धर्मांतरण के खिलाफ फिर उभरी धर्मरक्षा समिति, कलेक्ट्रेट पहुँचकर ज्ञापन सौंपा
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी। जिले में कथित धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। धर्मांतरण की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर धर्मरक्षा समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के पदाधिकारियों और समर्थकों ने पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में जनपद अध्यक्ष, आदिवासी महिला सरपंच सहित एक सैकड़ा से अधिक महिला-पुरुष शामिल हुए। बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी धर्मरक्षा समिति के नेतृत्व में निकले पैदल मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और विभिन्न नारों से लिखी तख्तियां लेकर कथित धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जिले में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से मामले की जांच कराने और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि धर्मांतरण से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी। नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद धर्मरक्षा समिति के प्रतिनिधियों ने नायब तहसीलदार परमसुख बंसल को ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार ने ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने और नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीधी सिटी कोतवाली और जमोड़ी थाने का पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। इनकी रही मौजूदगी प्रदर्शन में धर्मरक्षा समिति के अध्यक्ष शेखर भारती, जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह और बरगांव की सरपंच फूलकली सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कथित धर्मांतरण के मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। धर्मरक्षा समिति की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर अधिकारी क्या कदम उठाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा。0
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आज मौसम बदला-बदला, तेज बारिश की संभावना!
Raipur, Chhattisgarh:0
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श्याम सिंह राणा: पावर कर्मचारियों की हड़ताल पर इस्तीफा मांग, वोट चोरी आरोप
Noida, Uttar Pradesh:CHARKHI DADRI (HARYANA): AGRICULTURE MINISTER SHYAM SINGH RANA ON POWER EMPLOYEES’ STRIKE, SIR AND DEMAND FOR CEC GYANESH KUMAR’S RESIGNATION / CRITICISES CONGRESS AND RAHUL GANDHI OVER VOTE CHORI ALLEGATIONS लंबा नहीं चलाना चाहिए। टोकन स्ट्राइक कर सकते हैं, लंबी ना करें। लंबी करने से तो बहुत नुकसान होता है। देखिए एसआईआर ये हर बार 25 साल के बाद, 20 साल के बाद होता है ये। पहली सरकारों में भी हुआ। तो ये तो नहीं अभी कोई नया आया, ये इलेक्शन कमीशन करता है ये और इंडिपेंडेंट संस्था है वो। उसमें ज्यादातर ये होता है जो मान लो जैसे हमारे गांव के अंदर 1000 वोट है और इलेक्शन आ गया लोकसभा का, विधानसभा का। उसमें पोल हुए 700। तो 300 वोट रह गये तो ये कहेंगे भई डेमोक्रेसी के अंदर लोगों का विश्वास कम है जितने लोग नहीं आ पाए लेकिन उसमें सच्चाई कुछ और है कुछ एक्सपायर हो गए सी नब्बा लोग और कुछ बेटियां शादी थी जिनकी वो ससुराल चली गई कुछ लड़के विदेश चले गए कुछ कर्मचारी थे वो रिटायर हो के चले गए तो उन लोगों की वोट को दुरुस्त करना होता है ये लंबा इतना गैप ना पड़े भई इतनी ज्यादा वोट गैरा झर रहे इलेक्शन के अंदर इलेक्शन में।0
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दिल्ली पर्यावरण मंत्री कपाशेहरा बॉर्डर प्रदूषण-यातायात समस्या के समाधान की बैठक कर रहे हैं
Noida, Uttar Pradesh:हम सभी डिस्ट्रिक्ट्स में जिससे पोल्यूशन को कंट्रोल में लाने के लिए डिस्ट्रिक्ट लेवल पर बैठक करते हैं। आज हमारे एम एल ए साहब और हमारे डी एम, डी सी एम सी डी, पी डब्ल्यू डी, मेट्रो, रेलवेज और आई एन एफ सी सभी डिपार्टमेंट्स एम सी डी के ऑफिसर्स के साथ उस पर्टिकुलर डिस्ट्रिक्ट के अंदर जितने हॉटस्पॉट्स हैं जितने क्रिमेटोरियम्स हैं, जितने ट्रैफिक जहां पर जाम कहीं लग रहे हैं या मूवमेंट में कहीं स्लो हो रहा है, कोई इंक्रोचमेंट है और क्या-क्या चैलेंजेस हैं, उनको जमीन पर जाकर उस डिस्ट्रिक्ट लेवल में बैठ के हम डिसाइड करते हैं कि उसको ठीक करने के लिए क्या काम अब तक हो पाए। ये लगातार हमारी बैठकें हर महीने होती हैं और आज हमारी ये साउथ वेस्ट और वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की बैठक यहां पर थी। काफी चीजों के ऊपर काम हुआ है, काफी होना बाकी है और आज हमारे दिल्ली पुलिस। कि जो कमिश्नर ट्रैफिक हैं, स्पेशल कमिश्नर ट्रैफिक, उनके माध्यम से हमारे आसपास के सभी डिस्ट्रिक्ट्स के बात करके यह इंश्योर किया गया कि जो बाहर की ट्रैफिक है, खासतौर पर जो दिल्ली आने वाली नॉन दिल्ली की डेस्टिन जो हैवी ट्रैफिक है, उसको दिल्ली में बिल्कुल घुसने ना दिया जाए। दिल्ली के अंदर हैवी ट्रैफिक जो है, वह दिल्ली के लिए भी जो डेस्टिन है, वह भी उसके भी शाम को रात को लेट नाइट में ही उसको अंदर आने दिया जाए और दिल्ली की ट्रैफिक0
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कोडाइकनाल घाट रोड पर भारी बारिश से भूस्खलन, तीन घंटे ट्रैफिक बाधित
Noida, Uttar Pradesh:DINDIGUL (TAMIL NADU): HEAVY RAIN TRIGGERS LANDSLIDES AT THREE LOCATIONS ON KODAIKANAL GHAT ROAD / TRAFFIC DISRUPTED FOR AROUND THREE HOURS, HIGHWAYS DEPARTMENT CLEARS DEBRIS / ROAD EROSION AND LARGE POTHOLES REPORTED NEAR SILVER CASCADE FALLS.0
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गुरुग्राम के साईं कुंज में बिजली आपूर्ति बाधित, सुबह 9 बजे से आउटेज, अभी जानकारी नहीं
Noida, Uttar Pradesh:गुरुग्राम (हरियाणा): साईं कुंज में बिजली आपूर्ति बाधित है। अभी तक बिजली नहीं आई है; कल सुबह 9 बजे से लटका हुआ है। बताया गया है कि बिजली आने वाली है, पर अभी तक कोई information नहीं मिली है।0
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पुलिस मुख्यालय की चूक: मंत्री नाम के स्थान पर गैंगस्टर का नाम लिखा गया
Jaipur, Rajasthan:पुलिस मुख्यालय की बड़ी चूक, गैंगस्टर की जगह लिख दिया मंत्री का नाम, रोहित गोदारा की जगह लिखा ''सुमित गोदारा'' जयपुर राजस्थान पुलिस मुख्यालय का एक आदेश इन दिनों चर्चा में है। गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क पर निगरानी रखने के निर्देश जारी करते समय पुलिस मुख्यालय से ऐसी चूक हुई कि कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा की जगह मंत्री ''सुमित गोदारा'' का नाम लिख दिया गया। पांच पन्नों के इस आदेश में हुई गलती सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय में हलचल मच गई। इसके बाद देर शाम संशोधित आदेश जारी करना पड़ा。 मामला डीजीपी की क्राइम मीटिंग के बाद जारी निर्देशों से जुड़ा है। 14 अक्टूबर को डीजीपी ने प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों और रेंज आईजी के साथ ऑनलाइन क्राइम मीटिंग की थी। बैठक में दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए क्राइम ब्रांच ने 21 अक्टूबर को एडीजी क्राइम के हस्ताक्षर से पांच पन्नों का परिपत्र जारी किया था। यह आदेश प्रदेश के सभी एसपी और रेंज आईजी को भेजा गया。 लॉरेंस बिश्नोई के साथ गैंगस्टर रोहित गोदारा की जगह लिखा सुमित गोदारा। आदेश में गैंगस्टरों और उनके गिरोह के सदस्यों की सक्रियता पर निगरानी रखने से संबंधित बिंदु में लॉरेंस बिश्नोई के साथ रोहित गोदारा का नाम शामिल किया जाना था, लेकिन आदेश में रोहित गोदारा की जगह सुमित गोदारा लिख दिया गया। राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री हैं सुमित गोदारा। इस तरह निगरानी से जुड़े आधिकारिक निर्देशों में ही नाम की गंभीर चूक सामने आ गई。 सबसे अहम सवाल यह है कि आदेश तैयार होने से लेकर जारी होने तक यह गलती किसी की नजर में क्यों नहीं आई। सरकारी आदेश आमतौर पर नोटशीट और अधिकारियों की स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरते हैं। इसके बावजूद पांच पन्नों के परिपत्र में नाम की यह त्रुटि अंतिम स्तर तक बनी रही。 सीकर, अजमेर और जोधपुर समेत कई जिलों में गैंग की सक्रियता का जिक्र आदेश के संबंधित हिस्से में गैंगस्टरों और उनके गिरोह के सदस्यों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए सीकर, अजमेर और जोधपुर सहित प्रभावित जिलों में संभावित वारदातों की आशंका के मद्देनजर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में गैंगस्टरों के नाम से जुड़ी गलती ने पुलिस मुख्यालय के आदेश की जांच और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं。 PCC चीफ डोटासरा ने सरकार को घेरा... इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। डोटासरा ने लिखा कि एक तरफ राजस्थान की बेटी रितु बराला न्याय के लिए भटक रही है और तीन दिन सत्याग्रह पर बैठने के बावजूद उसकी एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप है, वहीं दूसरी ओर पुलिस के आदेश में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री का नाम गैंगस्टरों के साथ जोड़ दिया गया। डोटासरा ने इसे पुलिस मुख्यालय के आदेश में गंभीर चूक बताते हुए सवाल किया कि डीजीपी की क्राइम मीटिंग के बाद जारी निर्देशوں में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए。 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आदेश, फिर जारी करना पड़ा संशोधित परिपत्र पाँच पन्नों के आदेश में नाम की गलती सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने संशोधित आदेश जारी किया। इस घटनाक्रम ने आधिकारिक दस्तावेजों को जारी करने से पहले उनकी जांच और तथ्यात्मक सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस अफसर इसे टाइपिंग एरर बता रहे हैं, पुलिस अफसर का कहना है कि इतनी बड़ी गलती नहीं है, ऐसी मिस्टेक कोई भी कर सकता है । गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए जारी निर्देशों में नाम की ऐसी चूक सामने आना पुलिस मुख्यालय के लिए असहज स्थिति बन गया.0
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