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RRRAJA REHBER JAMAL2 Sept 2025, 11:15 am

भद्रवाह निवासियों के लिए बड़ी राहत: शाम तक पानी की आपूर्ति बहाल!

Forest Block, Spl Story;Major Relief for Bhaderwah Residents as Water Supply Likely to Resume by Evening, ADC inspects filter plant, raiser wires Slug-0209ZS_BHD_WATER_SUPLY_R By Raja Rehber Jamal Location-Bhaderwah VO: In a major relief to the people of Bhaderwah, the administration has assured that water supply will be restored by this evening. ADC Bhaderwah, Sunil Kumar Bhutiyal, personally reviewed the water supply scenario by visiting filter plants and raiser wires, accompanied by AEE Jal Shakti, Iqbal Singh. The visit was aimed at assessing the ground situation after torrential rains and flash floods last week severely damaged water sources and supply pipes, plunging Bhaderwah town into crisis. It is notable that except Bhaderwah town, water supply was restored in maximum areas on Sunday. After inspecting the Gagal Filter Plant and water raiser wires, ADC Bhutiyal informed that water supply up to the filter plant was successfully completed yesterday. “More than two lakh liters of water has already been stored, and in the next two to three hours, the storage will reach up to three lakh liters. By this evening, we will be able to supply water to households positively and redress the problem,” he said. He also thanked the public for their patience and cooperation during this difficult period triggered by nature’s fury. Feed. Shots Byte of ADC Bhaderwah Sunil Kumar Bhutiyal. Regards Raja Rehber Jamal Chenab Valley E-mail :- rehberjamal12@gmail.com, rehberjamal12@rediffmail.com Mob:- 8803163150, 7006027038 , 7051440613
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सांवले सेठ के दरबार में जन्माष्टमी: ड्रोन शो, फूल सजावट और पारंपरिक कार्यक्रम

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ - एंकर - मेवाड़ के आराध्य देव श्री सांवलिया सेठ का दरबार... जहां कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। चित्तौड़गढ़ जिले के कृष्णधाम सांवलियाजी में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव पहले से कहीं ज्यादा भव्य नजर आया। मंदिर की फूलों से सजी खूबसूरती हो, रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता परिसर हो, भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां हों या फिर आसमान में एक साथ उड़ते 1100 ड्रोन... हर नजारा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता रहा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से श्रद्धालु सांवरे सेठ के दरबार में पहुंचे। दिनभर धार्मिक और पारंपरिक कार्यक्रमों की धूम रही और रात में ड्रोन शो ने पूरे आसमान को कृष्णमय कर दिया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती के साथ जन्माष्टमी महोत्सव अपने चरम पर पहुंचा। वीओ - 1 जन्माष्टमी के लिए सांवलियाजी मंदिर को फूलों से सजाने की खास तैयारी की गई थी। मुख्य मंदिर से लेकर बाहरी चौक, प्रवेश कॉरिडोर, प्रवेश द्वार, मीरा सर्कल और गार्डन तक हर जगह फूलों की आकर्षक सजावट की गई। मंदिर की दोनों छतों की किनारियों पर फूलों की बंदनवार सजाई गई, वहीं अंदर फूलों के गुच्छों और झूमरों से मनमोहक सजावट की गई। फूलों की इस सजावट ने पूरे परिसर को एक अलग ही रूप दे दिया। भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक फूलों की आकृतियां भी तैयार की गईं। मुरלי बजाते कान्हा की आकृति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, वहीं तिरुपति बालाजी के शंख, चक्र, गदा, पद्म और तिलक की फूलों से बनी झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। गेंदा, गुलाब, मोगरा, कनेर, मेरीगोल्ड, एंथोरियम, कारनेशन और हाइड्रेजिया सहित कई तरह के फूलों का इस्तेमाल किया गया। सजावट के लिए बाहर से आए कारीगरों ने लगातार तीन दिन और रात मेहनत की। फूलों की खुशबू और रंगों से पूरा सांवलिया दरबार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। बाइट — हजारीदास वैष्णव ............. मंदिर मंडल अध्यक्ष वीओ-2 सिर्फ फूलों की सजावट ही नहीं, बल्कि सांवलियाजी में तैयार की गई झांकियां और विद्युत सजावट भी जन्माष्टमी महोत्सव का बड़ा आकर्षण रहीं। मंदिर के प्रवेश हॉल में भगवान श्रीकृष्ण, राधा-कृष्ण, भगवान शिव और गणेशजी की चलित झांकियां लगाई गईं। ऑटोमेटिक तकनीक से तैयार इन झांकियों में भगवान के अलग-अलग स्वरूप चलते हुए दिखाई दिए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इन झांकियों को देखने के लिए उत्साहित नजर आया और श्रद्धालु अपने मोबाइल में इन खूबसूरत दृश्यों को कैद करते रहे। रात होते ही सांवलिया दरबार का नजारा पूरी तरह बदल गया। मुख्य मंदिर, प्रवेश कॉरिडोर, मीरा सर्कल और प्रवेश द्वार हजारों रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा उठे। पेड़-पौधों और उनकी शाखाओं पर भी अलग-अलग रंगों की रोशनी की गई। करीब 40 शार्पी लाइट, 800 पार लाइट, 25 हजार सीरिज लाइट, 5 हजार फ्लड लाइट, झूमरों में 10 हजार बल्ब और 200 बर्ड लाइट से परिसर को सजाया गया। सबसे खास बात पहली बार की गई प्रोजेक्शन मैपिंग रही, जिसने मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए। बাইট - राहुल धाकड़ ............/मंदिर मंडल अध्यक्ष वीओ-3 और जब रात का अंधेरा छाया तो सांवलियाजी के आसमान में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे। तीन साल बाद एक बार फिर यहां भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया। रात ठीक 8 बजे एक साथ 1100 ड्रोन ने आसमान में उड़ान भरी और करीब 15 मिनट तक भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की अलग-अलग झलकियां आसमान में उकेरीं। श्रीकृष्ण जन्म से लेकर शेषनाग की छत्रछाया, गोवर्धन पर्वत उठाते कान्हा से लेकर बांसुरी बजाते श्रीकृष्ण, कालिया नाग पर भगवान का नृत्य, माखन खाते बाल गोपाल, राधा-कृष्ण की झलक और महाभारत में अर्जुन के सारथी बने श्रीकृष्ण की आकृतियां एक के बाद एक आसमान में बनती गईं। ड्रोन की रोशनी से श्री सांवलियाजी मंदिर और सांवरा सेठ की आकृतियां भी आसमान में दिखाई गईं। डोम पार्किंग और यशोदा विहार चौक सहित आसपास के इलाकों में शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। जैसे ही ड्रोन ने उड़ान भरी, पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमgea उठा और नीचे मौजूद श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। बाइट — पवन तिवारी .............. मंदिर मंडल सदस्य वीओ-4 सांवरे सेठ के दरबार में जन्माष्टमी का उत्सव सिर्फ आधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिनभर पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों ने भी माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। उज्जैन जिले के पिपलोदा स्थित द्वारिकाधीश की बजरंग व्यायामशाला के कलाकारों ने अखाड़ा प्रदर्शन किया। पहलवान हुकुमचंद गुड्डू के सानिध्य में कलाकारों ने पारंपरिक व्यायाम और हैरतअंगेज करतब दिखाए। कलाकारों ने जुलूस के रूप में गुर्जर चौक, कबूतरखाना, ब्रह्मपुरी, पुराने मंदिर मार्ग और मीरा सर्किल होते हुए यशोदा विहार चौक तक प्रदर्शन किया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने कलाकारों का स्वागत किया। वहीं गुर्जर चौक, कबूतरखाना, जैन मोहल्ला और पुराने मंदिर मार्ग पर मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित हुआ। मटकी फूटते ही श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। वहीं मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर मंडल सदस्यों के अनुसार जन्माष्टमी का यह पर्व हर वर्ष की तुलना में इस बार और भव्य तरीके से आयोजित किया गया। बाइट - कृष्णा लाल अहीर .............. मंदिर मंडल सदस्य विओ - 5 जन्माष्टमी के इस भव्य महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन और मंदिर मंडल की ओर से भी व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। मीरा चौक से मंदिर तक जिगजैग रास्ता बनाया गया, तीन प्रवेश लाइनें संचालित की गईं और प्रमुख स्थानों पर गार्ड के साथ पुलिस जाब्ता तैनात रहा। अलग-अलग पार्किंग स्थलों से मंदिर तक श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था की गई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती हुई और माखन-मिश्री व पंजीरी का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। कुल मिलाकर फूलों की खुशबू, आकर्षक झांकियां, रंग-बिरंगी रोशनी, अखाड़े के करतब, मटकी फोड़ की परंपरा और आसमान में 1100 ड्रोन से साकार होती श्रीकृष्ण की लीलाओं ने सांवलियाजी की जन्माष्टमी को बेहद खास बना दिया। भक्ति और आधुनिक तकनीक के इस अद्भुत संगम के साथ कृष्णधाम सांवलियाजी का जन्माष्टमी महोत्सव संपन्न हुआ, लेकिन इस भव्य आयोजन की तस्वीरें और यादें श्रद्धालुओं के दिलों में लंबे समय तक बनी रहेंगी।
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नेपाल के पानी छोड़ने की आशंका पर कटिहार रेल मंडल अलर्ट, सुरक्षा बढ़ी

Katihar, Bihar:नेपाल से पानी छोड़े जाने की आशंक के मद्देनजर कटिहार रेल मंडल अलर्ट, पुलों और संवेदनशील स्थानों की बढ़ी निगरानी संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग के साथ पेट्रोलमैन द्वारा लगातार गश्त और पहरेदारी पुलों और नदियों की नियमित मॉनिटरिंग पुलों के पास जलस्तर नियत समय पर रीडिंग किसी भी संभावित खतरे या असुरक्षित स्थिति का पहले ही आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित रहे नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने की संभावना और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कटिहार रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। रेल प्रशासन ने पटरियों और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। कटिहार रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनूप कुमार सिंह ने बताया कि जलभराव या बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए रेलवे का अपना मानक मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय है। कटिहार रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा सुरक्षा इंतजाम की मॉनिटरिंग किया जा रहा है । इंजीनियरिंग विभाग द्वारा चिन्हित सभी संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलमैन द्वारा लगातार गश्त और पहरेदारी कराई जा रही है। कटिहार रेल मंडल के इंजीनियरिंग कंट्रोल रूम द्वारा सभी प्रमुख नदियों और रेलवे पुलों के जलस्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है। नियत समय पर रीडिंग के साथ पुलों के पास जलस्तर की प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे और शाम 8:00 बजे नियमित रूप से जांच और मॉनिटरिंग की जा रही है। सीनियर डीसीएम अनूप कुमार सिंह ने आगे बताया कि किसी भी संभावित खतरे या असुरक्षित स्थिति का पहले ही आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित रहे।
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नालंदा में बाढ़ जैसी स्थिति: तटबंध टूटा, 1200 एकड़ धान पानी में डूबे

Pariaunna, Bihar:नालंदा में लगातार बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। जी मीडिया की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर बाढ़ जैसे हालात का जायजा लिया। अस्थावां के ओंदा पंचायत के नेरूत और उतरथू पंचायत में करीब 1200 एकड़ धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। नेरूत में जीराइन नदी का तटबंध टूटने से सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूब गए हैं और इलाके में बाढ़ जैसे हालात की आशंका बनी हैं। उतरथू गांव के पास तटबंध में आई दरार को बांध दिया गया है। नेरूत में टूटे तटबंध की मरम्मति युद्धस्तर पर चल रही है। जीरिन नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध टूटने के कारण गोंगचक, नेरूत खंधा जबकि गोविंदपुर खाजे अहमदपुर के खेत प्रभावित हो रहे हैं। राहत की बात है कि जिले की कई नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने डीएम, एसपी और एडीएम के साथ मोटर बोट से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। टूटे तटबंध की मरम्मत युद्धस्तर पर कराई जा रही है। प्रशासन के मुताबिक गोइठवा, पैमार, पंचाने, जीराइन, सोइयवा और कुम्हरी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से फिलहाल नीचे है। सांसद ने कहा कि अगले दो दिनों में पानी घटा तो धान की फसल बचाई जा सकती है। वहीं, किसान आशंकित हैं कि जलस्तर नहीं घटा तो महीनों की मेहनत और पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल एवं प्रखंड प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित आबादी तक सूखा राशन, सुरक्षित पेयजल, आवश्यक दवाइयां एवं अन्य जरूरी राहत सामग्री की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाए। आवश्यक परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में देरी नहीं होनी चाहिए。
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नालंदा के मंदिरों में जन्माष्टमी उत्सव में भारी भीड़ और आरती

Pariaunna, Bihar:नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विभिन्न मंदिरों और मठों में श्रद्धालुओं की खासा भीड़ देखी गई। देर रात शहर के विभिन्न ठाकुरबाड़ी में ठाकुर की आराधना में लोगों लीन नजर आए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि 12 बजे हुआ था। इसी को लेकर बिहारशरीफ के विभिन्न मंदिरों और मठों में पूरे दिन विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। रात्रि 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद विशेष पूजा-अर्चना और आरती किया गया। 12 बजते ही ठाकुरबाड़ी में गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। शहर के गढ़पर स्थित ठाकुरबाड़ी जो कि तीन सौ साल पुराना है। यहां भी लोग कृष्ण के बालस्वरूप को झूले में झुलाया। इस ठाकुरबाड़ी की मान्यता है कि जो सच्चे दिल यहां मन्नत मांगते है मन्नत आवश्य पूरी होती है। सावन माह में इस ठाकुरबाड़ी में झूलन महोत्सव भी मनाया जाता है। इस मंदिर की प्राचीन पौराणिकता है कि यहां माता अनुपमा बाई द्वारा इस मंदिर की स्थापना किया गया था। माता अनुपमा बाई के भक्ति से खुशकर भगवान श्रीकृष्ण खुद प्रकट होकर प्रसाद ग्रहण करते थे। तब से यह परम्परा चली आ रही है।
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सर्किट हाउस में नमाज खुले में: सपा नेता के खिलाफ एफआईआर, वीडियो वायरल

Moradabad, Uttar Pradesh:सरकारी सर्किट हाउस के परिसर मे सपा विधायक के चचा एवं सपा के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान की ग्राउंड मे खुले मे नमाज की वीडियो वायरल, Pwd विभाग ने कराई सपा विधायक के चचा एवं सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज, सपा नेता ने खुद ने नमाज पढ़ी, अपने एक समर्थक से इसकी वीडियो बनवाई और फिर उसके फेसबुक अकाउंट से ही वायरल भी करवाई.... लेकिन ज़ब बवाल बढ़ा और नौबत एफआईआर तक आयी तो फेसबुक से डिलीट करा दी नमाज पढ़ने वाले नेता जी का नाम हाजी मोहम्मद उस्मान है जो खुद बड़े मुस्लिम स्कॉलर है और इसके साथ ही समाजवादी पार्टी की जिले की इकाई के जिला उपाध्यक्ष भी है, फिलहाल PWD के सर्किट हाउस के प्रभारी अवर अभियंता अनित कुमार ने मामले मे सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ मुरादाबाद के मझोला थाना मे बीएनएस की धारा 285 एवं 292 मे नामजद मुकदमा दर्ज करा दिया है, पूरा वाक्या बीती 3 सितंबर का उस वक्त का है जब विधान परिषद मे नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव मुरादाबाद सर्किट हाउस पहुंचे थे जहाँ उन्होंने मीटिंग भी ली थी, उसी समय वहां पहुंचे सपा के जिला उपाध्यक्ष एवं सपा के बिलारी विधानसभा से विधायक हाजी मोहम्मद फहीम के चचा হाजी मोहम्मद उस्मान ने सरकारी सर्किट हाउस परिसर मे ही ग्राउंड मे अपनी गाड़ी लगवाई और उसके पीछे खड़े होकर नमाज अदा की, अब 27 चुनाव से पहले विधायक जी के चचा की ऐसे सरकारी सर्किट हॉउस मे खुले मे नमाज पढ़ने के कई मायने निकाले जा रहे है, क्योंकि अक्सर अपने बयानो को लेकर चर्चाओं में बने रहते है सपा विधायक के चाचा मोहम्मद उस्मान, अब सर्किट हाउस में नमाज पढ़ते हुए अपनी वीडियो बनवा कर खुद ही वायरल कराने वाले सपा नेता खुद घिर गये गए है अब देखना होगा आगे पुरे मामले मे पुलिस की क्या कार्यवाही होती है, फिलहाल पुलिस ने नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जाँच मे जुट गयी है, मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस का पूरा मामला।
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मैनपुरी-करहल वनखंडेश्वर मंदिर पर धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व,कृष्णमय हुआ माहौल।

Ajay KumarAjay KumarFollow45m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी मैनपुरी के करहल कस्बे के प्रसिद्ध वनखंडेश्वर मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर मंदिर को फूलों,रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों से भव्य रूप से सजाया गया तथा आकर्षक झांकियां सजाई गईं। जन्मोत्सव और आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होने के समय मंदिर परिसर में भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। दिनभर और देर रात तक मंदिर में भजन-कीर्तन,पूजन-अर्चन और जयकारों का दौर चलता रहा जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।
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पटना़ जिले में पुनपुन-दरघा नदी का उफान, मसौढ़ी के कई गांव बाढ़ में डूबे

Masaurhi, Bihar:धनरूआ और पुनपुन में नदियों के उफान का रौद्र रूप। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे। बाढ़ पीड़ित गांव का आवागमन ठप। ग्रामीण सड़कों के ऊपर से बह रहा पानी। देवधा, वीर, लखना पूर्वी, लखना उतरी पश्चिम और बरावा पंचायत प्रभावित। मसौढ़ी। पटना जिले में पुनपुन और दरघा नदी जबरदस्त उफान पर है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पुनपुन नदी खतरे के निशान को पार कर 53.16 मीटर तक पहुंच चुकी है। वहीं दरघा नदी भी खतरे के निशान को पार कर 56.12 मीटर तक पहुंच चुकी है। नदी में लगातार वृद्धि 1976 में आई बाढ़ की याद दिलाने लगा है। पुनपुन नदी रेलवे ब्रिज को छूने लगी है। नदी का उफान लोगों को डराने लगा है। नदी के बढ़ते दबाब के कारण नदी से सटे तटबंधों से पानी ओवर फ्लो करता हुए खेतों से होकर गांव में प्रवेश कर चुका है। वीर के पास नदी का तटबंध टूटने से नदी का पानी तेजी से खेतों और गांव में प्रवेश कर चुका है। धनरूआ के देवधा और वीर में दरधा नदी का पानी सड़कों के ऊपर से बह रहा है। देवधा के पास ग्रामीण सड़क का सौ फीट से ऊपर का हिस्सा पानी में बह गया। जिससे दो गांव का संपर्क टूट गया। वहीं बरावा पंचायत के भी कई गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। उनका संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। हालांकि जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखने के दावे कर रहा है। लेकिन ग्रामीणों के आरोप कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। उनका विरोध देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मदद के रूप में सिर्फ एसडीआरएफ की वोट मिली है। चार दिनों से गांव के लोग अपने घरों में कैद है। चारों तरफ पानी ही पानी है। भोजन के लिए भी लोग मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने कम्युनिटी किचेन, चिकित्सा के साथ स्थाई नाव की मांग है। नदियों के उफान पर पदाधिकारियों की टीम ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। जिसमें मसौढी एसडीएम के साथ सीडीपीओ और सीओ शामिल रहे। उनके द्वारा स्थिति पर नजर रखने के दावे के साथ पीड़ित गांव में मदद पहुंचाने की बात कही गई। बाइट 1 ग्रामीण बरावा पंचायत, बाइट 2 ग्रामीण बरावा पंचायत, बाइट 3 धनराज कुमार एसडीएम मसौढ़ी
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डूंगरपुर में जन्माष्टमी पर कान्हा के जन्मोत्सव की रात मटकी फोड़ धूम

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर लोकेशन डूंगरपुर जन्माष्टमी पर गूंजे नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल के जयकारे; आधी रात आतिशबाजी के साथ मनाया कान्हा का जन्मोत्सव, दर्जीवाड़ा में हुआ मटकी फोड़ कार्यक्रम शहर में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। गेपसागर की पाल स्थित श्रीनाथजी मंदिर सहित अन्य कृष्ण मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के लिए विशेष पालना सजाया गया, जिसमें भक्तों ने कान्हा को झुलाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ के जयकारों से गूंजते रहे। वही रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया । इधर शहर के दर्जीवाड़ा में आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। दर्जीवाड़ा में डीजे पर जमकर थिरके युवा-महिलाएं दर्जीवाड़ा क्षेत्र में मटकी फोड़ कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। डीजे की धुन पर युवा और महिलाएं जमकर नाचंे। देर रात तक यहां जन्माष्टमी का उल्लास बना रहा। श्रीकृष्ण के भजनों और जयकारों के बीच लोगों ने नाच-गाकर जन्मोत्सव मनाया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय होते ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। आधी रात को आतिशबाजी के बीच कान्हा के जन्म की खुशियां मनाई गईं। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई दी और भगवान श्रीकृष्ण से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शहर में देर रात तक भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
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सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को लेकर विवाद गहरा, सभी गेट बंद

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। कलेक्ट्रेट के सारे गेट बंद किए गए हैं। यह विवादित ढांचा कलेक्ट्रेट परिसर में लगभग 70 साल पुराना बताया जा रहा था। साहरनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। देर रात शुक्रवार को एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ मस्जिद पर सील लगाने के लिए पहुंचे। एहतियातन कलेक्ट्रेट परिसर के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं और मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। आपको बता दें कि जिला न्यायालय से दूसरे पक्ष की अपील खारिज कर दी गई थी और सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को सही ठहराया। सहारनपुर में कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। कलेक्ट्रेट के सारे गेट बंद किए गए हैं। यह विवादित ढांचा कलेक्ट्रेट परिसर में लगभग 70 साल पुराना बताया जा रहा था।
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