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झांसी में बीमारी से परेशान 46 वर्षीय व्यक्ति ने ली खुद की जान
Vidisha, Madhya Pradesh:झांसी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक घटना सामने आई। लोहांगी मोहल्ला गल्ला मंडी रोड निवासी 46 वर्षीय हरलाल ने रविवार रात लगभग 11:30 बजे अपने घर में खुद की जान ले ली। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। सोमवार को पोस्टमार्टम किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, हरलाल लंबे समय से बीमार थे और अकेले रहते थे। माना जा रहा है कि बीमारी से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ACB traps HOD and Professor in Modi University taking 20 thousand rupees bribe
Tonk, Rajasthan:मोदी यूनिवर्सिटी में ACB ने HOD और प्रोफेसर को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया. शिक्षा के मंदिर में चल रहा रिश्वत का खेल, पीड़ित ने इसकी शिकायत ACB को कर दी और ACB ने सत्यापन के बाद ट्रेप की कार्यवाही को अंजाम दिया. टोंक के निवाई स्थित डॉ. केदार नारायण मोदी यूनिवर्सिटी के बीएड विभाग के HOD मीना गगवाल और प्रोफेसर रमेश मीणा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया. बीएड विभाग के HOD और प्रोफेसर दोनों ने एग्जाम सेटल कराने की एवज में रिश्वत की मांग की थी. यह कार्रवाई ACB के ASP ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में की गई, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया. एडिशनल एसपी ऋषिराज मीणा ने कहा कि टोंक के KN मोदी यूनिवर्सिटी में एक छात्र के कुछ समय अनुपस्थित रहने के कारण उसे एग्जाम में एडमिट नहीं करवाया जा रहा था और एग्जाम में बैठाने के लिए 20 हजार रुपये मांगे गए. परिवादी ने हमारे यहाँ परिवाद दिया और सत्यापन के बाद कार्रवाई की. एक छात्रा के बारे में भी जानकारी मिली है जिसे भी एग्जाम में बैठने से रोका गया था; हमने जी रजिस्टर जब्त किया है और आगे जांच में सभी अनियमितताओं की जांच की जाएगी. आज की कार्रवाई में बीएड विभाग की HOD मीना गंगवाल और प्रोफेसर रमेश मीणा को 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया.0
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राजस्थान हाईकोर्ट सिरोही फैक्ट्री के खतरनाक कचरे के तत्काल हटाने का आदेश देता है
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही जिले में एक फैक्ट्री परिसर में पड़े खतरनाक रासायनिक कचरे के मामले को गंभीर मानते हुए उसके तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए हैं।न्यायाधीश जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने कहा कि आईआईटी जोधपुर और अन्य समिति सदस्यों द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक फील्ड रिपोर्ट आंखें खोल देने वाली है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट पाया गया कि निजी प्रतिवादी द्वारा खतरनाक अपशिष्ट छोड़े जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार फैक्ट्री परिसर में पड़ा यह खतरनाक कचरा आसपास के क्षेत्रों में रिसाव और भूजल प्रदूषण का कारण बन सकता है, इसलिए इसे तुरंत हटाना आवश्यक है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या-7 की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एम.एस. सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि अधिकृत एजेंसी आरएएमकेवाई/मैसर्स री सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड, राजस्थान वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, टीएसडीएफ उदयपुर को यह कार्य सौंपा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी प्रक्रिया राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में करवाई जाएगी। खंडपीठ ने इस पर सहमति जताते हुए आदेश दिया कि प्रतिवादी संख्या-7 अधिकृत एजेंसी के माध्यम से फैक्ट्री परिसर से समस्त खतरनाक कचरा हटवाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री परिसर की जब्ती केवल इस सीमा तक शिथिल की जाएगी ताकि अधिकृत एजेंसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वहां प्रवेश कर कचरा हटाने की कार्रवाई कर सकें। कचरा हटाने का पूरा खर्च भी प्रतिवादी संख्या-7 को ही वहन करना होगा। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि परिसर में पड़े समस्त खतरनाक अपशिष्ट को यथाशीघ्र हटाया जाए और यहकार्य अधिमानतः चार सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशन के तहत अधिकृत स्थान पर ही किया जाए। कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या-7 को तत्काल प्रभाव से ऐसे उपचारात्मक कदम उठाने के लिए भी कहा है, जिससे फैक्ट्री परिसर या आसपास के क्षेत्रों में पहले से मौजूद खतरनाक पदार्थों का और अधिक रिसाव न हो सके। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिकृत एजेंसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस कार्य में पूरा सहयोग दें। खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संबंधित फैक्ट्री को कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना दोबारा संचालित नहीं किया सकेगा। मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता हरिसिंह सोढा की ओर से अधिवक्ता दिग्विजय सिंह जसोल एवं अधिवक्ता राजेश परिहार ने पैरवी की।0
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गाजीपुर बस पोखरे में पलटी: 1 मौत, 7 घायल, राहत कार्य जारी
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर\n\nयात्रियों से भरी बस पोखरे में पलटी, 1 की मौत, कई घायल, अन्य की तलाश जारी- डीएम\n\nघायलों में 7 गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज के अस्पतला में कराया गया भर्ती\n\nसभी घायलों से मिले डीएम अनुपम शुक्ला, जाना सभी का हाल\n\nघटना को लेकर डीएम ने कहा- बस में सवार 30 से 35 यात्री गाजीपुर से बिहार के बक्सर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़े जा रहे थे\n\nभांवरकोल थाना इलाके के पखनपुरा के पास जलन लगने की वजह से बस चालक ने शॉर्टकट रास्ता का किया प्रयोग\n\nशॉर्टकट रास्ते की वजह से पोखरे में बस गिरने से हुआ हादसा, 1 की मौत, कई घायल, 7 गंभीर, अस्पताल में भर्ती\n\nगाजीपुर से बिहार के बक्सर जा रही 35 यात्रियों से भरी बस नेशनल हाइवे 31 पर पखनपुरा के पास पोखरे में पलटी बस\n\nघटना की जानकारी मिलते ही एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, सीओ मोहम्मदाबाद सुधाकर पाण्डेय, एसडीएम हर्षिता तिवारी भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे\n\nसभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल मोहम्मदाबाद पहुंचाया गया\n\nसभी घायलों में 8 की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 1 को किया मृत घोषित, 7 घायलों का इलाज जारी\n\nग़ाज़ीपुर में यात्रियों से भरी एक बस पोखरे में पलट गई। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में सात की हालत गंभीर है, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जाम से बचने के लिए बस चालक ने शॉर्टकट रास्ता चुना और यही फैसला यात्रियों पर भारी पड़ गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। प्रशासन और पुलिस की टीम राहत-बचाव में जुटी रही। दरअसल गाजीपुर से बिहार के बक्सर रेलवे स्टेशन जा रही लगभग 35 यात्रियों से भरी बस नेशनल हाईवे-31 पर भांवरकोल थाना क्षेत्र के पखनपुरा गांव के पास अचानक अनियंत्रित होकर पोखरे में पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार गूंजने लगी।\n\nजानकारी के मुताबिक हाईवे पर जाम लगा हुआ था। जाम से बचने के लिए बस चालक ने शॉर्टकट रास्ता अपनाया, लेकिन रास्ता संकरा और असुरक्षित होने के कारण बस सीधे पोखरे में जा गिरी। हादसे के बाद स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव शुरू किया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, सीओ मोहम्मदाबाद सुधाकर पाण्डेय और एसडीएम हर्षिता तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को एम्बुलेंस के जरिए मोहम्मदाबाद अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में आठ लोगों की हालत गंभीर देख उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था जहां डॉक्टरों ने एक यात्री को मृत घोषित कर दिया। सात अन्य घायलों का इलाज जारी है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे, जो गाजीपुर से बिहार के बक्सर रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने जा रहे थे। जाम की वजह से चालक ने शॉर्टकट रास्ता लिया और इसी दौरान बस पोखरे में पलट गई। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर बस चालक ने जोखिम भरा रास्ता क्यों चुना।0
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बलिया में स्पा सेंटर छापेमारी: 8 लड़कियाँ, 2 लड़के बरामद; नाबालिगों के संकेत
Ballia, Uttar Pradesh:दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने बलिया में स्पा सेंटर पर की छापेमारी, 8 लड़कियों समेत दो लड़के बरामद। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस एक मिसिंग लड़की की तलाश करते हुए गुजरात से एक लड़की को बरामद किया था। गुजरात में बरामद लड़की ने बताया कि बलिया में अवैध रूप से एक स्पा सेंटर चल रहा है जहाँ अन्य लड़कियां भी रैकेट के जरिए वहां पहुंची हुई है। दिल्ली पुलिस के साथ सदर कोतवाली के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट(AHTO) और सिटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में सदर कोतवाली अंतर्गत माल गोदाम के पास कचौड़ी गली में मौजूद स्पा सेंटर पर छापेमारी हुई तो इलाके में हड़कंप मच गया। स्पा सेंटर लड़कियों में कई लड़कियां नाबालिग भी हैं। सभी का मेडिकल कराकर वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। वहीं बताया जा रहा है कि इस हाई प्रोफाइल स्पा सेंटर को चलाने वाला अंबेडकर नगर साउथ दिल्ली का रहने वाला है जो उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्पा सेंटर चलता है और अनैतिक गतिविधियों में शामिल है। हालांकि पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।0
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जोधपुर के जालोरी गेट पर कैंडल मार्च के पश्चात 25–26 मई की हड़ताल रद्द
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर के जालोरी गेट पर AISBISF के आह्वान पर आयोजित कैंडल मार्च में कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकता और संघर्षशीलता का परिचय दिया। मार्च में विभिन्न बैंकों एवं संगठनों के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान UFBU के विभिन्न घटक दलों के नेताओं और पदाधिकारियों ने भी सहभागिता कर आंदोलन को समर्थन प्रदान किया। कर्मचारियों ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और उन्हें शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। कैंडल मार्च के माध्यम से कर्मचारियों ने आमजन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। इस बीच कर्मचारियों के लिए राहत की खबर भी सामने आई। फेडरेशन नेताओं और प्रबंधन के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही, जिसके बाद 25 और 26 मई को प्रस्तावित हड़ताल को रद्द कर दिया गया। संगठन की ओर से सभी कर्मचारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।0
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राजस्थान हाईकोर्ट ने बिलाड़ा तालाब अतिक्रमण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बिलाड़ा स्थित राजोलाव तालाब और उसके कैचमेंट क्षेत्र में कथित अतिक्रमण एवं निर्माण कार्यों को लेकर राज्य सरकार से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई तक तालाब और उससे जुड़े क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व जस्टिस डॉ नुपूर भाटी की डिवीजन बेंच में बिलाड़ा निवासी एवं पूर्व वायुसेना कर्मी ओमप्रकाश राठौड़ की ओर से अधिवक्ता सत्यप्रकाश शर्मा एवं अधिवक्ता अभिमन्यु खत्री ने याचिका दायर की। याचिका में कोर्ट को बताया कि राजोलाव तालाव की भूमि, खसरा संख्या 1236 में स्थित 95 बीघा 14 बिस्वा क्षेत्र में फैली हुई है। इस भूमि तथा उसके आसपास के कैचमेंट और नाड़ी क्षेत्र में कृषि उपज मंडी समिति, नगरपालिका बोर्ड, मोती सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम, तहसील भवन, समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई संस्थानों के लिए आवंटन और निर्माण किए गए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश जवाब पर नाराजगी जताई और कहा कि जवाब में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि तालाब और उसके कैचमेंट क्षेत्र को प्रभावित किया गया है या नहीं। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता एन.एस. राजपुरोहित ने अतिरिक्त शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा। खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह स्पष्ट रूप से बताए कि संबंधित क्षेत्र में कोई अतिक्रमण हुआ है या नहीं। कोर्ट ने मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करते हुए तब तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।0
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जल संकट के हल के लिए सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर सहित प्रदेश में बढ़ते जल संकट और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर चल रही स्वत: संज्ञान याचिका में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वर्ष 2011 में लागू की गई वर्षा जल संचयन नीति का वर्तमान में कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है और जल संरक्षण के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं। न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश डॉ नुपूर भाटी की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अधिवक्ता अभिषेक मेहता और अदिति मोड ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जल संरक्षण नीति के अनुरूप वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाने के लिए व्यापक नीति लागू की थी। यह नीति नगर निकाय कानूनों और अन्य प्रचलित प्रावधानों के माध्यम से लागू की गई है, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए इसकी वास्तविक स्थिति और प्रभाव का मूल्यांकन आवश्यक है। एमिकस क्यूरी ने कोर्ट के समक्ष कहा कि 7 अप्रैल 2011 को जारी की गई राज्य सरकार की नीति काफी विस्तृत और व्यापक है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि आज के समय में उसका पालन किस स्तर तक हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार जल संकट गहराता जा रहा है, ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर क्या व्यावहारिक प्रयास किए गए हैं। सुनवाई के दौरान पारंपरिक और विरासत जल स्रोतों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अदालत से आग्रह किया गया कि राज्य सरकार प्रदेश के ऐतिहासिक बावड़ी, तालाब, कुंड और अन्य जल स्रोतों का पूरा विवरण रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करे। साथ ही यह भी बताया जाए कि इन जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और रखरखाव के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से तैयार विस्तृत कार्ययोजना को भी रिकॉर्ड पर लाने की मांग की गई। कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास तथा राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण खंडेलवाल, एन.एस. राजपुरोहित और सरकारी अधिवक्ता पी.एस. चुंडावत ने कोर्ट से समय देने का आग्रह किया। सरकारी पक्ष ने कहा कि संबंधित विभागों से विस्तृत निर्देश प्राप्त किए जा रहे हैं और जल्द ही एक समग्र स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसमें प्रदेश में जल संकट की स्थिति, जल संरक्षण नीति का क्रियान्वयन, अब तक हुई प्रगति तथा विरासत जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी। खंडपीठ ने राज्य सरकार को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को तय की है。0
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दिल्ली के लिए पाली से सीधी रात्री रेल सेवा शुरू, वैष्णव ने हरी झंडी
Pali, Rajasthan:केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एकदिवसीय पाली दौरे पर रहे जहां पाली रेलवे स्टेशन पर पाली से दिल्ली के लिए सीधी रात्रि कालीन रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तो वही अपने संबोधन में कहा कि कई वर्षों से पाली वासियों की एक मांग थी कि देश की राजधानी दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो जिसको लेकर स्थानीय नेताओं सहित मेरी स्वयं की भी पैरवी थी कि मेरे गृह जिले में इस तरह की मांग पूरी होनी चाहिए जिसको लेकर आज यह सौगात पाली वासियों को मिल रही है, वही मंत्री वैष्णव ने लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत थी इस दौरान राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, लोकसभा सांसद पीपी चौधरी पाली विधायक भीमराज भाटी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे तो वही पाली रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर जोधपुर रेलवे मंडल के डीआरएम सहित अधिकारी आवश्यक तैयारी में जुटे रहे।0
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ANTF द्वितीय अभिनंदन समारोह: जालोर के कर्मचारियों को सम्मान
Jalore, Rajasthan:जिला-जालोर विधानसभा-सांचौर ANTF का द्वितीय अभिनंदन समारोह का आयोजन, कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारीयों और कर्मचारियों को किया गया सम्मानित, समारोह में 126 कार्मिकों को 55 टोकन और 278 कैश रिवॉर्ड देकर किया सम्मानित, जालोर ANTF चौकी के कांस्टेबल मांगीलाल बिश्नोई ने 5 टोकन व 4 कैश रिवॉर्ड प्राप्त कर हासिल किया द्वितीय स्थान, कार्यक्रम में एडिजी दिनेश एम एन, आईजी विकास कुमार सहित अधिकारी रहे उपस्थित, एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर में हुआ कार्यक्रम का आयोजन0
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भीमगढ़ साधु हत्या केस: आरोपी को आजीवन कारावास और अर्थदंड
Dholpur, Rajasthan:एडीजे कोर्ट बाड़ी ने सुनाया फैसला, माता के मंदिर में साधु की हत्या का मामला भीमगढ़ गांव में चढ़ावे को लेकर दो मंदिरों के साधुओं में झगड़ा हुआ था आरोपी ने पुजारी का सिर काटकर कट्टे में भर नदी में फेंक दिया था बाड़ी शहर की एडीजे कोर्ट ने वर्ष 2022 में हुए एक साधु की निर्मम हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी साधु महेश दास उर्फ जालिम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला कंचनपुर थाना क्षेत्र के भीमगढ़ गांव का है। अपर लोक अभियोजक एडवोकेट मनोज सिंह परिहार ने बताया कि यह घटना 21 दिसंबर 2022 को भीमगढ़ गांव में पार्वती नदी किनारे स्थित माता मंदिर पर हुई थी। गांव के माता मंदिर पुजारी महाबुद्दीन की दूसरे मंदिर के साधु ने धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी थी। आरोपी ने साधु के सिर को धड़ से अलग कर दिया और धड़ के भी कई टुकड़े किए। हत्या के बाद, आरोपी ने शव के टुकड़ों को दो प्लास्टिक के कट्टों में बांधकर नदी में फेंक दिया था। कई दिनों बाद जब ये कट्टे नदी में ऊपर आए, तब ग्रामीणों को घटना का पता चला। सूचना मिलने पर कंचनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पाया कि पास के मंदिर का साधु गायब था, जिस पर शक गहराया। पुलिस ने आरोपी महेश दास उर्फ जालिम सिंह को यूपी के कासगंज से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि माता मंदिर का पुजारी महाबुद्दीन लगातार मंदिर पर आस्था बढ़ा रहा था, जिससे उसके यहां भीड़ और चढ़ावा बढ़ने लगा था। इसी बात से चिढ़कर उसने महाबुद्दीन की हत्या कर दी। साधु की इस निर्मम हत्या का मामला एडीजे कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान राजकीय अभिभाषक परिहार ने 55 सबूत और दस्तावेज पेश किए। आज न्यायाधीश सुनील कुमार गुप्ता ने मामले में फैसला सुनाते हुए महेश दास उर्फ जालिम सिंह को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाना) के तहत दोषी माना और आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई0
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जनगणना ड्यूटी को लेकर भड़के पंचायत सहायक, बहेड़ी तहसील में किया प्रदर्शन
Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। जनगणना ड्यूटी में तैनाती को लेकर बहेड़ी विकास खंड के पंचायत सहायकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में पंचायत सहायक तहसील पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए अपनी ड्यूटी अपनी ही ग्राम पंचायतों में लगाए जाने की मांग की। पंचायत सहायकों का आरोप है कि विकास खंड की 108 ग्राम पंचायतों में कार्यरत सहायकों को दूर-दराज क्षेत्रों में ड्यूटी दी गई है, जबकि शिक्षकों को उनकी सुविधा के अनुसार तैनाती मिली है। इससे पंचायत सहायकों में असंतोष व्याप्त है। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय स्थानीय ग्राम पंचायत में कार्य कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब उस आश्वासन को नजरअंदाज किया जा रहा है। तहसील परिसर पहुंचे पंचायत सहायकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि उनकी ड्यूटी उनकी स्वयं की पंचायतों में नहीं लगाई गई, तो वे सामूहिक रूप से जनगणना कार्य का बहिष्कार करेंगे। पंचायत सहायकों ने इसे उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने पंचायत सहायकों को समझाने का प्रयास किया और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आपसी सहमति से ड्यूटी परिवर्तन का विकल्प अपनाया जा सकता है। फिलहाल पंचायत सहायकों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और गर्मा सकता है।0
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यूपी में बम्पर PCS तबादले: क्या बदलेगा आपका ड्यूटी क्षेत्र
Noida, Uttar Pradesh:यूपी में बम्पर पीसीएस तबादले0
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डिंडोरी में सरकारी कुएँ पर भूमि विवाद में मारपीट, पुलिस ने केस दर्ज किया
Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी डिंडोरी जिले के गाड़ासरई थानाक्षेत्र से शासकीय जमीन पर बने कुएं को लेकर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। ग्राम गन्नागुड़ा में दो पक्षों के बीच हुए इस विवाद का वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि गन्नागुड़ा में शासकीय भूमि पर ग्रामीणों के उपयोग और निस्तार के लिए करीब तीन साल पहले एक कुआं खुदवाया गया था। लगातार मिट्टी झरने के कारण कुएं की मरम्मत और जुड़ाई का काम कराया जा रहा था। पीड़िता का आरोप है कि विवाद के दौरान अजमेर पट्टा ने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और घसीटते हुए थप्पड़ मारे। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का वीडियो भी पीड़ित परिवार ने बनाया है। पीड़ितों ने मामले की शिकायत गाड़ासरई थाने के साथ-साथ की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।0
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गुरुग्राम में बिजली संकट: ट्रांसफार्मर फूंक, कई सेक्टर प्रभावित
Noida, Uttar Pradesh:गुरुग्राम में बड़ा बिजली संकट सेक्टर-72 के 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फूंकने से 7 बिजली घर ठप रैपिड मेट्रो की सेवा पिछले एक घंटे से सेवा बाधित रैपिड मेट्रो में हजारों लोग करते है सफ़र सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति 66KVA बिजली घर प्रभावित सेक्टर-38 से 57 तक, सेक्टर-15 पार्ट-1/2 और सेक्टर-18 में बिजली गुल ट्रांसफार्मर ठीक होने में लगेंगे 8 से 10 घंटे, देर रात तक सप्लाई बहाल होने की उम्मीद0
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गांव के जंगल में प्लास्टिक डिब्बा फंसे कवर बिज्जू की रेस्क्यू टीम ने जान बचाई
Narmadapuram, Madhya Pradesh:मुंह में फंसे प्लास्टिक डिब्बे से तड़प रहा था कवर बिज्जू, रेस्क्यू टीम ने बचाई जान एंकर नर्मदापुरम- जिले के गोंची-तरोंदा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के एक तबेले में खतरनाक कवर बिज्जू दिखाई दिया। लेकिन जैसे ही लोग करीब पहुंचे, नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। बिज्जू के मुंह में प्लास्टिक का डिब्बा बुरी तरह फंसा हुआ था। हालत इतनी खराब थी कि वह न ठीक से देख पा रहा था, न सांस ले पा रहा था। दर्द से तड़पता यह वन्यजीव तबेले में दुबका बैठा था और उसकी हर सांस जिंदगी की जंग लड़ रही थी। सूचना मिलते ही वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक शर्मा के निर्देश पर सर्प विशेषज्ञ अभिजीत यादव के मार्गदर्शन में रेस्क्यू टीम के सदस्य अभय चौरे और मोहित मेहरा मौके पर पहुंचे。 मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू किया। मुंह में डिब्बा फंसे होने के कारण कवर बिज्जू बुरी तरह घबराया हुआ था और लगातार छटपटा रहा था, जिससे रेस्क्यू बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। टीम ने जान जोखिम में डालकर उसे काबू किया और काफी मशक्कत के बाद उसके मुंह में फंसा प्लास्टिक का डिब्बा बाहर निकाल लिया। जैसे ही डिब्बा निकला, बिज्जू ने राहत की लंबी सांस ली और वहां मौजूद लोगों ने भी चैन की सांस ली। रेस्क्यू के बाद वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर प्लास्टिक कचरे के खतरनाक दुष्परिणामों को उजागर कर दिया। अगर समय रहते सूचना नहीं मिलती, तो दम घुटने से इस बेजुबान की मौत तय थी। वन विभाग और रेस्क्यू टीम की तत्परता ने एक मासूम वन्यजीव की जिंदगी बचा ली।0
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