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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पूर्व मंत्री मीना सिंह ने धरना दिया

Oct 01, 2024 15:19:54
Tala, Madhya Pradesh

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही स्थानीय लोगों के रोजगार को लेकर आक्रोश बढ़ गया है। पूर्व मंत्री और स्थानीय भाजपा विधायक मीना सिंह प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठ गईं। उन्होंने टाइगर रिजर्व प्रबंधन से स्थानीय लोगों को रोजगार में शामिल करने और पर्यटन जिप्सियों के रोस्टर में सुधार की मांग की। जब प्रबंधन ने उनकी मांगें पूरी करने से इनकार किया, तो विधायक ने प्रदर्शनकारियों के साथ धरने में भाग लिया।

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HSHEMANT SANCHETI
Jan 27, 2026 02:31:25
Narayanpur, Chhattisgarh:नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत कोड़नार गांव में संचालित प्राथमिक शाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भवन विहीन यह स्कूल कभी घोटुल में तो अब आंगनबाड़ी भवन में संचालित किया जा रहा है, लेकिन इससे भी बड़ी समस्या यह है कि यहां पदस्थ शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक महीने में महज दो से तीन दिन ही स्कूल आते हैं और शेष दिनों में स्कूल पूरी तरह बंद रहता है। पहले जब स्कूल घोटुल में संचालित होता था, तब भी शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते थे। अब आंगनबाड़ी भवन में आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ प्राथमिक कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की इस लापरवाही के कारण गांव के बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। पढ़ाई ठप होने से बच्चे बुनियादी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल ने कहा है कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि शिक्षक दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिक्षक नियमित रूप से स्कूल जाते ही नहीं हैं, तो उन्हें पूरा वेतन कैसे मिल रहा है? यह मामला केवल कोड़नार गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि अबूझमाड़ क्षेत्र के कई स्कूलों में इसी तरह की स्थिति होने की बात सामने आ रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच के बाद प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है और कब तक बच्चों को उनका शिक्षा का अधिकार सही मायने में मिल पाता है。
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SMSandeep Mishra
Jan 27, 2026 02:30:19
Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी के किसलपुरी गांव में रोज रात के अंधेरे में खनन और ब्लास्टिंग की जा रही है। क्रेशर के आसपास हो रही धमाकों की गूंज इतनी तेज कि मकानों में दरारें पड़ गईं, बच्चे डर के मारे कांप थर्रा उठते हैं। महिलाएं/बुजुर्ग दहशत में हैं? कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। अब गांव पूछ रहा है ..क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? हालाँकि कलेक्टर ने जल्द ही जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है इधर ग्रामीणों की मांग है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगे और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो और गांव को डर नहीं, सुरक्षा मिले। अब देखना ये होगा कि प्रशासन जागता है…या फिर गांव की रातें यूँ ही धमाकों से कांपती रहेंगी!
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DDDeepak Dwivedi
Jan 27, 2026 02:19:54
Gwalior, Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल सर्दी और कोहरे के बीच मध्य प्रदेश में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज भोपाल, ग्वालियर समेत 28 जिलों में बारिश होने की चेतावनी जारी की साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से मौसम में बदलाव अगले 2 दिन तक एमपी में भी इसका असर अगले 2 दिन इन जिलों में बारिश 27 जनवरी : भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना 28 जनवरी को इन जिलों में बारिश ग्वालियर श्योपुर, मुरैना, भिंड दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, कटनी उत्तर-पश्चिम भारत में अगला नया सिस्टम 30 जनवरी को एक्टिव फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का रहेगा दौर
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ADAjay Dubey
Jan 27, 2026 02:19:13
Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली जिले के बरगवां रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां रेलवे ट्रैक पर एक बारहवीं कक्षा के छात्र का शव दो हिस्सों में कटा हुआ मिला। सूचना मिलते ही जीआरपी और मोरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। मृतक की पहचान मनिहारी गांव निवासी सत्री गौड़ बैसवार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक स्कूल में पढ़ने वाला छात्र था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पढ़ाई को लेकर पिता से हुए विवाद के बाद वह नाराज होकर घर से निकल गया था। परिजनों के अनुसार डांट के बाद सत्री सीधे बरगवां रेलवे स्टेशन की ओर चला गया। आशंका जताई जा रही है कि उसने मालगाड़ी के सामने लेटकर आत्महत्या कर ली। इसी दौरान वहां से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में आने से उसका शरीर पेट के हिस्से से दो भागों में कट गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर रेलवे प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बरगवां थाना प्रभारी मोहम्मद समीर ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मर्ग कायम कर लिया गया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के समय कोई अन्य परिस्थिति तो नहीं थी। फिलहाल पूरे मामले की विवेचना जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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MDMahendra Dubey
Jan 27, 2026 02:19:00
Sagar, Madhya Pradesh:सेंट्रल जेल से सजा माफी के साथ रिहा हुए 9 कैदी.. एमपी सरकार के जेल विभाग द्वारा लिए गए निर्णय के मुताबिक गणतंत्र दिवस के मौके पर सेंट्रल जेल सागर से हत्या के आरोप में बंद 9 कैदियों को रिहा किया गया है इन सजायाफ्ता कैदियों की 6 साल की सजा माफ करते हुए जेल विभाग ने उन्हें जेल से बाहर किया है। दरअसल सरकार ने ऐसे उम्र कैद के कैदियों जिनकी सजा की 14 साल की अवधि पूरी हो गई है और उनका आचरण जेल के भीतर अच्छा रहा है उसका आंकलन कर के उन्हें रिहा किया गया है। जेल अधीक्षक के मुताबिक ये 9 कैदी सागर सेंट्रल जेल में बीते 14 सालों से बंद थे और इनके आचरण का परीक्षण कर उन्हें 6 साल पहले ही मुक्त किया गया है, जेल में रहते हुए इन्होंने व्यवसायिक गुण भी हासिल किए है और उम्मीद है कि जेल से रिहा होने के बाद उनका शेष जीवन बेहतरीन होगा।
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VKVIJAY KUMAR
Jan 27, 2026 02:17:03
Sirsa, Haryana:एंकर रीड सरकारी सुविधाएं न होने का रोना रोकर अपने कर्तव्यों से दूर भागने वाले शिक्षकों को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरोखां के शिक्षाकर्मी आइना दिखा रहे है। भरोखा स्कूल के शिक्षा कर्मियों ने विभाग के फंड पर आश्रित न रहकर बच्चों की सुविधाओं पर अपनी सैलरी से पैसा लगाया। ग्रामीणों को अपनी सोच बताकर बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए शिक्षकों ने जन सहयोग मांगा। ग्रामीणों को प्रेरित कर उनका सहयोग लेकर यहां के अध्यापकों ने स्कूल की सूरत ही बदलकर रख दी है। यह सब क्रांतिकारी बदलाव आया है इसी गांव से, इसी विद्यालय में पढ़कर और अब यहाँ प्रधानाचार्य बनकर आए वेदप्रकाश रोज ने स्कूल की काया ही पलट दी है। वेद प्रकाश ने 1988 में इसी विद्यालय से दसवीं पास की थी। 3 दिसंबर 1997 को गांव भावदीन में वेद प्रकाश रोज ने गणित अध्यापक के रूप में ज्वाइन किया। 17 अगस्त 2005 को मॉडल संस्कृति स्कूल सरसा में नियुक्ति मिली। दो साल गांव पनिहारी स्कूल में भी सेवाएं दीं। 20 नवंबर 2024 को प्रधानाचार्य बनकर भरोखां स्कूल लौटे। उसी दिन गांव के मौजिज लोगों और स्कूल स्टाफ के साथ बैठक की, जिसमें स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी, ग्लोब, मिनी जल घर बनाने और शिक्षा के स्तर को सुधारने पर चर्चा हुई। जिसका परिणाम अब सबके सामने है। वेदप्रकाश रोज बताते है कि उनका सपना है कि उनका स्कूल जिले का सबसे अच्छा स्कूल बने। प्रधानाचार्य वेदप्रकाश रोज बताते हैं कि सरकारी संस्थान से ही पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने बताया कि 1989 में भरोखां स्कूल सीनियर सेकेंडरी बना। 20 नवंबर 2024 को वे इस विद्यालय में प्रधानाचार्य बनकर आए है। वे लगातार जन सहयोग से स्कूल के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए कार्य कर रहे है। वेदप्रकाश रोज का दावा है कि उनके विद्यालय में बनने वाला मिड-डे-मील की पूरे प्रदेश में मिसाल दी जाती है। यहां विद्यार्थियों को मिड-डे-मील खाने के लिए डाइनिंग टेबल की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में अब तक पिछले साल के मुकाबले 100 विद्यार्थियों ने अधिक दाखिला लिया है। 11 लाख रुपये जुटाकर सीसीटीवी से लैस लाइब्रेरी, भौगोलिक पार्क और मिनी जल घर का निर्माण करवा रहे हैं। स्कूल के विकास के लिए 20 से अधिक स्टाफ और ग्रामीणों ने 11 लाख रुपये चंदा एकत्र किया। स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी, सोलर सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, चार अत्याधुनिक शौचालय और शुद्ध पेयजल के लिए जल मंदिर बनाया गया है। लाइब्रेरी में डबल इंटरनेट कनेक्शन दिया गया है। 60 छात्रों के बैठने की क्षमता वाली यह एसी लाइब्रेरी हाई स्पीड इंटरनेट, आरामदायक फर्नीचर, इन्वर्टर बैकअप और सुरक्षा के लिए डिजिटल कैमरों से लैस है। जिसमें स्कूल के अलावा कॉलेज की छात्राएं भी अध्ययन कर सकेंगी। इसके अलावा विद्यालय परिसर में भौगोलिक पार्क भी बनाया जा रहा है, जिसमें हैदराबाद से घास मंगवाकर लगाया है। अब पार्क में बड़ा ग्लोब लगाया जाएगा, जिसे लुधियाना से मंगवाया जाएगा। इससे विद्यार्थी संसार के मानचित्र को देख पाएंगे। स्कूल का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, ताकि अभिभावक खुद बच्चों का दाखिला करवाने आएं। गांव वालों ने अपनी मेहनत की कमाई से स्कूल को 7.5 लाख रुपये दिए। कुल 11 लाख रुपये जुटाए गए। स्कूल के प्रिंसिपल का सपना है कि इसे बेहतरीन बनाया जाए। वे खुद दो से तीन क्लास में गणित पढ़ाते हैं। प्रधानाचार्य वेदप्रकाश रोज बताते है उनके विद्यालय में आस-पास के गांव बरवाली, मुसाहिब वाला, दड़बी व पनिहारी तक बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते है। लेकिन स्कूल में बच्चों को आने-जाने में काफी परेशानी आ रही थी। इसलिए मौजूदा शैक्षणिक सत्र से स्कूल स्टाफ की ओर से अपनी सैलरी से पैसा एकत्रित कर एक स्कूल वैन खरीदी गई और वैन में तेल इत्यादि भी स्कूल स्टाफ द्वारा डलवाया जा रहा है। यह स्कूल वैन बच्चों को निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। वोल सिरसा के गांव बरुवाली सहित 15 ढाणियों की करीब 40 बेटियां स्कूल की पढ़ाई जारी रख सकेंगी। भरोखां गांव के स्कूल स्टाफ और पंचायत ने मिलकर बेटियों के लिए वैन सेवा शुरू की है। इसका मकसद बेटियों को घर से स्कूल तक सुरक्षित लाना और ले जाना है। कई पेरेंट्स पढ़ाई का खर्च उठाने को तैयार थे। लेकिन स्कूल की दूरी बेटियों की पढ़ाई में बाधा बन रही थी। कुछ पेरेंट्स बेटियों की पढ़ाई छुड़वाने की सोचने लगे थे। यह देख स्कूल स्टाफ ने चंदा इकट्ठा कर एक वैन खरीदी। ग्राम पंचायत ने वैन के डीजल का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली। बेटियां पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें, इसलिए स्कूल के प्रिंसिपल वेद प्रकाश रोज ने खुद वैन चलाने का फैसला किया। अब पेरेंट्स को बेटियों की स्कूल आवाजाही और सुरक्षा की चिंता नहीं रहेगी। वोल प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में पढ़ने आए बच्चों ने बताया कि प्राइवेट स्कूल में मोटी फीस भरने को उनके माता पिता मजबूर थे पढ़ाई ज्यादा नहीं होती थी लेकिन गांव भरोखां के सरकारी स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है यहाँ स्कूल का महोला काफी अच्छा है। बाइट स्कूली बच्चे। वोल वही स्कूल स्टाफ का भी मानना है कि उनके ज्वाइन करने से पहले स्कूल की दिशा अच्छी नहीं थी और उन्होंने स्कूल के आने के बाद प्रिंसिपल के सहयोग से स्कूल में काफी काम करवाए जिसकी बदौलत अब स्कूल की दिशा अच्छी हुई है। बाइट स्कूल स्टाफ। महिला टीचर सुमन बाला भी प्राइवेट संस्थान को छोड़कर अब सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए आई है। प्राइवेट संस्थान की बजाए सरकारी स्कूलों में काफी अच्छी सुविधाएं देखने को मिल रही है। उनके गांव के स्कूल में काफी अच्छा माहौल है जिसके चलते बच्चे भी काफी उत्साहित होकर पढ़ाई करते रहते है। बाइट सुमन बाला , टीचर। बाइट सरोज बाला , टीचर। बाइट अंकु रानी , टीचर। बाइट जितेंद्र गिरी , टीचर।
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RKRANJAN KUMAR
Jan 27, 2026 02:16:19
Katihar, Bihar:कटिहार- डीजे हुआ बंद, ढोल-नगाड़ों की परंपरा बना आकर्षण मां सरस्वती को दी गई पालकी पर विदाई, बना आकर्षण का केंद्र बिहार सरकार द्वारा इस वर्ष डीजे एवं तेज गाना बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था डीजे पर रोक के कारण जहां बच्चों में थोड़ी निराशा देखी गई युवाओं ने मिलकर पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखते हुए ढोल-बाजा और नगाड़े की धुन पर उत्साहपूर्वक विसर्जन निकाला "जय माँ सरस्वती" के उद्घोष के साथ पालकी में विराजमान प्रतिमा को लेकर युवक थिरकते हुए विसर्जन स्थल की ओर रवाना कई लोगों ने इसे लुप्त होती परंपरा की सुंदर झलक बताया और युवाओं के इस प्रयास की सराहना की कटिहार जिला के कुरसेला प्रखंड में माँ सरस्वती की विदाई के समय युवाओं के द्वारा डीजे बंद होने से ढोल नगाड़े की परंपरा को अपनाते हुए नगाड़े की ताप पर उत्साह के साथ मां सरस्वती को पालकी पर विदाई दी गई जो चारों ओर आकर्षण का केंद्र बना रहा । कुर्सेला प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों, मंदिरों एवं विद्यालयों से माँ सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तथा पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच विसर्जन संपन्न कराया गया। Ullेखनीय है कि बिहार सरकार द्वारा इस वर्ष डीजे एवं तेज गाना बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, जिसको लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया。 डीजे पर रोक के कारण जहां बच्चों में थोड़ी निराशा देखी गई, वहीं युवाओं ने मिलकर पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखते हुए ढोल-बाजा और नगाड़े की धुन पर उत्साहपूर्वक विसर्जन निकाला। “जय माँ सरस्वती” के उद्घोष के साथ पालकी में विराजमान प्रतिमा को लेकर युवक थिरकते हुए विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुए。 ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनते ही सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग इस दृश्य को देखने के लिए रुक गए। कई लोगों ने इसे लुप्त होती परंपरा की सुंदर झलक बताया और युवाओं के इस प्रयास की सराहना की।
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RNRandhir Nidhi
Jan 27, 2026 02:16:05
Gumla, Jharkhand:गुमला के चैनपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत ग्राम भठौली में बीती शाम लगभग 7:30 बजे एक 60 वर्षीय विधवा महिला शांति देवी की अज्ञात अपराधियों ने पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। घटना की जानकारी चैनपुर पुलिस को लगभग 12 घंटे बाद सुबह मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। यह वारदात गांव की बस्ती के बीचों-बीच हुई, जिससे अनेक सवाल खडे होते हैं। इतने लंबे समय बाद सूचना मिलना और अब तक मुख्य आरोपियों का पता न چلना भी जांच पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। पुलिस ने शक के आधार पर गांव के तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। स्रोतों के अनुसार, हत्या के पीछे डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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PSPrasenjit Sardar
Jan 27, 2026 02:15:48
Baruipur, West Bengal:ভাঙ্গড়ে আবারও আইএসএফ তৃণমূল উত্তেজনা ঘটনাস্থলে উত্তর কাশিপুর থানার পুলিশ। ভাঙ্গড়ের চালতাবেড়িয়া অঞ্চলের দক্ষিণ বামুনিয়া এলাকায় রাতে আইএসএফ তৃণমূলের মধ্যে উত্তেজনা ঘটনার স্থানেও আসে উত্তর কাশিপুর থানার পুলিশ। পুলিশ আসলে পুলিশের সঙ্গে বচসায় জড়িয়ে পড়ে আইএসএফ কর্মী সমর্থকরা। আইএসএফের অভিযোগ, এক আইএসএফ সমর্থকে পাগলাহাট বাজারে মারধর করে তৃণমূল নেতা ওইদুল ইসলাম। পাল্টা তৃণমূলের অভিযোগ দক্ষিণ বামুনিয়া এলাকা থেকে তৃণমূল নেতা ওহিদুল ইসলামের ফোনে আগ্নেয় অস্ত্র সহ ধারালো অস্ত্রের ফটো পাঠায় একজন আইএসএফ কর্মী。 তারপরেই চালতাবেড়িয়া অঞ্চলের দক্ষিণ বামুনিয়া এলাকায় শুরু হয় আইএসএফ এবং তৃণমূলের মধ্যে উত্তেজনা। ঘটনার স্থানেও উত্তর কাশিপুর থানার পুলিশ এসে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনে রাতে। তবে পুরো ঘটনা নিয়ে তদন্ত শুরু করেছে উত্তর কাশিপুর থানার পুলিশ, বাইট: ১) ওহিদুল ইসলাম (তৃণমূল নেতা) ২) মতিয়ার রহমান মোল্লা (আইএসএস কর্মী) ৩) আসাদুল মোল্লা (আইএসএস কর্মী)
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VKVISHAL KAROLE
Jan 27, 2026 02:15:20
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजीनगर नांदेड पुणे एक्स्प्रेस २६ जानेवारीपासून हडपसरपर्यतच सुरू झाली आहे. शुक्रवारी नांदेडहून पुण्यापर्यंत धावलेली अखेरची रेल्वे ठरली. ही रेल्वे पुणे जंक्शनऐवजी हडपसर स्थानकावरच टर्मिनेट करण्यात येईल. या निर्णयावर मध्य रेल्वे ठाम राहिली. हा निर्णय मराठवाड्यातील प्रवाशांसाठी अन्यायकारक आहे. यासंदर्भात लोकसभा व राज्यसभेच्या सहा खासदारांनी पत्र देऊनही मध्य रेल्वेने या पत्रांना केराची टोपली दाखवली, असे रेल्वे संघटनांतर्फे सांगण्यात आले. नोकरी, व्यवसाय, शिक्षणनिमित्त छत्रपती संभाजीनगरसह मराठवाड्यातून पुण्याला ये-जा करणाऱ्यांची संख्या मोठी असते या निर्णयाचा सगळ्याना फटका बसलाय..
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