486661
गोपाद नदी उफान पर, सीधी-सिंगरौली NH 39 पर आवागमन बाधित
Sidhi, Madhya Pradesh:लगातार हो रही बरसात के कारण गोपाद नदी उफान पर है, जिससे सीधी-सिंगरौली NH 39 पर आवागमन बाधित हो गया है। वर्षों पुरानी पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण देर रात से आवागमन रुक गया है। यात्री पुल में पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। गोपद नदी पर 5 साल से एक बड़ी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। हर साल बरसात के दिनों में इस पुल पर पानी भरने से आवागमन बाधित हो जाता है।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
चौंकाने वाला ड्रामा: शादी के दो दिन बाद प्रेमी पहुँचा ससुराल, मचा हाहाकार
Muju, Jeonbuk State:मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेन्द्रगढ़ इलाके में एक शादी उस वक्त विवाद और हंगामे में बदल गई, जब शादी के महज दो दिन बाद दुल्हन का कथित प्रेमी उसके ससुराल पहुंच गया। प्रेमी ने घर के बाहर जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा किया और दावा किया कि वह युवती के साथ पिछले तीन साल से रिलेशनशिप में है। उसने कहा कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और वह अपनी गर्लफ्रेंड को किसी और के साथ नहीं देख सकता। जानकारी के मुताबिक युवती की हाल ही में पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ शादी हुई थी। परिवार शादी के बाद रिसेप्शन की तैयारियों में जुटा था, तभी बीते शुक्रवार को अचानक प्रेमी मयूर अग्रवाल दुल्हन के ससुराल पहुंच गया। वहां उसने दुल्हन से मिलने की जिद शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों परिवार आमने-सामने आ गए और घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रेमी लगातार यह कहता रहा कि युवती पिछले तीन साल से उसके साथ रिश्ते में थी और परिवार के दबाव में उसकी शादी कहीं और कराई गई है। वहीं ससुराल पक्ष इस पूरे घटनाक्रम से हैरान और नाराज नजर आया। शादी के दो दिन बाद अचानक हुए इस विवाद ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। वहीं लड़की पक्ष को भी बुलाया गया, जिसके बाद दोनों पक्ष मनेन्द्रगढ़ सिटी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने की कोशिश की। विवाद बढ़ता देख पुलिस पति, पत्नी और प्रेमी तीनों को थाने लेकर पहुंची। उनके पीछे-पीछे लड़की के परिजन और दूल्हे पक्ष के लोग भी थाने पहुंचे, जहां देर रात करीब 2 बजे तक समझाइश और पूछताछ का दौर चलता रहा। हालांकि कई घंटों तक चले इस ड्रामे के बावजूद किसी तरह का समाधान नहीं निकल सका। थाना प्रभारी ने दुल्हन के परिजन और दूल्हे पक्ष के बीच बातचीत कराने की भी कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई। दुल्हे ने साफ तौर पर कह दिया कि वह अब दुल्हन को अपने साथ नहीं रखेगा और अपने परिजनों के साथ वहां से चला गया। बताया जा रहा है कि प्रेमी मयूर अग्रवाल थाने में भी अपनी जिद पर अड़ा रहा और युवती के साथ रहने की बात कहता रहा। शांति भंग होने की आशंका के चलते पुलिस ने उसे लॉकअप में बंद कर प्रेमी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद दूल्हा और उसका परिवार बेहद नाराज है। दूल्हे ने दुल्हन को अपनाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शादी के बाद होने वाला रिसेप्शन कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया। हालात ऐसे बने कि दुल्हन को बिना रिसेप्शन थाने से ही अपने मायके लौटना पड़ा। फिलहाल पूरे इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। शादी, प्रेम संबंध और पारिवारिक सहमति को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है। वहीं लड़की पक्ष की ओर से फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, जबकि दूल्हे ने शिकायत देकर कहा है कि उसे गलतफहमी में रखकर शादी कराई गई और अब वह तलाक चाहता है। साथ ही उसने अपना सामान वापस दिलाने की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस मनेंद्रगढ़ कोतवाली मे शिकायत के बाद सभी की पुलिस की कार्यवाही का इंतजार है।0
0
Report
दूदू में डिप्टी सीएम बैरवा ने रात्रि चौपाल से ग्रामीण समस्याओं का समाधान बताया
Dudu, Rajasthan:दूदू (जयपुर) डिप्टी सीएम डॉ प्रेमचंद बैरवा ने रात्रि चौपाल में लोगों की सुनी समस्या। डिप्टी सीएम ने दूदू के पंचायत पड़ासोली में की रात्रि चौपाल, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। डिप्टी सीएम डॉ प्रेमचंद बैरवा ने कहा - गांवों की प्रगति ही विकसित राजस्थान की मजबूत आधारशिला है। रात्रि चौपाल में ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद हुआ, आमजन की समस्याओं, सुझावों और गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर की चर्चा। रात्रि चौपाल में स्थानीय प्रशासन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।0
0
Report
हाईकोर्ट ने FIR रद्द नहीं किया, धोखाधड़ी केस में पूरी जांच अनिवार्य
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में हस्तक्षेप करने और एफआईआर (FIR) को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि भले ही आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच आर्थिक समझौता हो गया हो, लेकिन मामले की प्रकृति सामाजिक प्रभाव डालने वाली है, इसलिए इसकी पूरी जांच आवश्यक है। प्रकरण के अनुसार, सिविल लाइन थाना बिलासपुर में हेमंत मोदी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शिवम शर्मा और विनीत सिंह सहित पांच लोगों ने उनके बेटे के एडमिशन का झांसा देकर जून से अगस्त 2025 के बीच किस्तों में 30 लाख रुपये की ठगी की। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि दोनों पक्षों के बीच 16 अप्रैल 2026 को समझौता हो चुका है और 24 लाख रुपये की राशि वापस लौटा दी गई है, जिसके आधार पर याचिकाकर्ताओं ने कानूनी कार्यवाही को समाप्त करने की मांग की थी। लेकिन राज्य शासन ने इसका विरोध करते हुए दलील दी कि गलत तरीके से कॉलेज प्रवेश दिलाने की कोशिश केवल एक निजी विवाद नहीं बल्कि समाज से जुड़ा अपराध है। हाईकोर्ट ने इन दलीलों से सहमत होते हुए निर्देश दिया कि दोनों पक्ष जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर समझौता पत्र प्रस्तुत करें। साथ ही, कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि वे इस समझौते को संज्ञान में लेते हुए जांच को पूर्ण करें और कानून के प्रावधानों के अनुरूप ही ट्रायल कोर्ट में अंतिम या क्लोजर रिपोर्ट पेश करें...0
0
Report
Advertisement
मदर्स डे पर रतलाम में बेटी ने मां से मिलवाया, 20 दिनों बाद परिवार में वापस आईं जोगमाया
Ratlam, Madhya Pradesh:पश्चिमी बंगाल की बेटी को 20 दिन बाद मिलायी रतलाम में मां, बेटी के लाइट बना मदर डे यादगार मदर्स डे के खास मौके पर रतलाम से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई, जहां 20 दिनों से अपने परिवार से बिछड़ी एक बुजुर्ग मां आखिरकार अपनी बेटी से मिल पाईं। पारिवारिक कलह से नाराज होकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी बुजुर्ग महिला जोगमाया घर छोड़कर निकल गई थीं और ट्रेनों में भटकते हुए रतलाम पहुंच गईं। 18 अप्रैल को रतलाम रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ने जीआरपी पुलिस को ट्रेन में अकेली भटक रही बुजुर्ग महिला की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जीआरपी ने महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारा और उनसे बातचीत कर उनकी पहचान जानने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद पता चला कि महिला पश्चिम बंगाल के कोलकाता के घुघरू क्षेत्र की रहने वाली हैं और उनका नाम जोगमाया है। महिला की हालत और परिस्थिति को देखते हुए जीआरपी ने जन अभियान परिषद का सहयोग लिया। परिषद की सदस्य मेघा शोत्रीय ने तत्काल पहल करते हुए महिला को वृद्धाश्रम में रखने की अनुमति दिलवाई। वहां महिला के रहने, खाने और स्वास्थ्य की उचित व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन असली चुनौती थी महिला को उनके परिवार से दोबारा मिलवाना। पुलिस और जन अभियान परिषद ने परिवार से संपर्क तो कर लिया, लेकिन शुरुआत में परिवार की ओर से गंभीर प्रतिक्रिया नहीं मिली। लगातार टालमटोल की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद मेघा शोत्रीय और जीआरपी टीम ने हार नहीं मानी। उन्होंने इसे एक जिम्मेदारी की तरह लिया और लगातार परिवार से संपर्क बनाए रखा। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। लगातार समझाइश और संपर्क के बाद महिला की बेटी ने अपने बेटों को रतलाम भेजा। रविवार को परिजन रतलाम पहुंचे, जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई और मदर्स डे के दिन एक बेटी को अपनी मां वापस मिल गई। परिजनों ने बताया कि जोगमया का अपने बेटे प्रशांत से विवाद हो गया था, जिसके बाद वे बिना बताए घर से निकल गई थीं। बेटा उन्हें लेने आने को तैयार नहीं हुआ, तब बेटी ने आगे बढ़कर अपनी मां को वापस लाने की जिम्मेदारी निभाई। जन अभियान परिषद सदस्य मेघा शोत्रीय भी उस वक्त भावुक हो गयी और उनकी आँखे आभार आई, जब अपनी बेटी अपने परिवार के पास लौट रही बुजुर्ग महिला जोगमाया ने मेघा शोत्रीय को गले लगाकर उंगे आर्शीवाद दिया, जन अभियान परिषद मेघा शोत्रीय ने कहा कि मदर्स डे पर एक बुजुर्ग माँ को अपने परिवार और ख़ास अपनी बेटी से मिलवाने का सौभाग्य उन्हें मिला, वो इस मदर्स डे को कभी नाही भूल पाएगी रतलाम जीआरपी, जन अभियान परिषद और संवेदनशील नागरिकों के प्रयासों से यह कहानी मदर्स डे पर रिश्तों, जिम्मेदारी और इंसानियत की मिसाल बन गई।0
0
Report
फडणवीस ने सिंधी समुदाय के लीज वितरण समारोह में सहभागिता निभाई
Noida, Uttar Pradesh:NAGPUR (MAHARASHTRA): MAHARASHTRA CM DEVENDRA FADNAVIS ATTENDS LEASE DISTRIBUTION CEREMONY FOR OCCUPANTS OF SINDHI COMMUNITY AND FELICITATION CEREMONY FOR NEWLY ELECTED CORPORATORS OF SINDHI COMMUNITY FROM VIDARBHA REGION. VIRENDRA KUKREJA/ VISUALS / DEVENDRA FADNAVIS (MAHARASHTRA CM) SPEECH0
0
Report
बिजली कटने पर मशरक सीएचसी में इलाज के दौरान घायल युवक स्ट्रेचर से गिरा
Chapra, Bihar:मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार देर शाम स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां सड़क दुर्घटना में घायल युवक इलाज के दौरान स्ट्रेचर से नीचे गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि उसी समय अस्पताल की बिजली भी कट गई थी और टार्च के उजाले में इलाज किया गया था। घटना का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। जानकारी के अनुसार मशरक थाना क्षेत्र के बंसोही गांव निवासी भुनेश्वर सिंह का 28 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजनों ने बताया कि शाम करीब सात बजे वह एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे आनन-फानन में मशरक सीएचसी लाया गया। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. सुभाष यादव ने प्राथमिक उपचार किया और हालत नाजुक देख सदर अस्पताल छपरा रेफर करने की तैयारी शुरू की गई। इसी दौरान इमरजेंसी वार्ड में रखे स्ट्रेचर से घायल युवक अचानक नीचे गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अस्पताल कर्मियों की लापरवाही और स्ट्रेचर को ठीक से नहीं संभालने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का आरोप है कि युवक कुछ देर तक जमीन पर तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल कर्मी तुरंत मदद के लिए आगे नहीं आए। गिरने से उसके सिर में दोबारा गंभीर चोट लग गई, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। घायल के साथ आए प्रिंस कुमार, राहुल सिंह समेत अन्य परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मशरक सीएचसी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अस्पताल में न पर्याप्त संसाधन हैं और न ही गंभीर मरीजों को सुरक्षित तरीके से संभालने की व्यवस्था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।0
0
Report
Advertisement
गोरखपुर में शादी की मिठाई चाशनी में गिरकर 3 वर्षीय बच्ची की मौत
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र में शादी की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। उक्त घर में जहां 12 मई को होने वाली शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं मिठाई बनाने के दौरान खौलती चाशनी में गिरकर तीन साल की मासूम बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। करीब 12 घंटे तक चले इलाज के बाद बच्ची ने अंततः अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मामला बांसगांव थाना क्षेत्र के दोनखर वार्ड संख्या-4 का है। यहां निवासी सुरेश यादव के घर 12 मई को शादी समारोह होना है। शादी को लेकर घर में मेहमानों के लिए मिठाई तैयार की जा रही थी। मिठाई बनाने का ठेका हलवाई राजेंद्र गुप्ता और उनकी टीम ने लिया था। शुक्रवार देर शाम लालमोहन बनाने के लिए बड़े बर्तन में चीनी की चाशनी तैयार की जा रही थी। इसी दौरान हलवाई राजेंद्र गुप्ता की तीन वर्षीय नतिनी अदिति गुप्ता, पुत्री अभिषेक गुप्ता खेलते-खेलते अचानक खौलती चाशनी से भरे बड़े बर्तन में गिर गई। बच्ची के गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। मौक़े पर मौजूद हलवाई और परिजनों ने तत्काल बच्ची को चाशनी से बाहर निकाला। मासूम को बचाने के प्रयास में कई लोगों के हाथ भी गंभीर रूप से झुलस गए। बच्ची को गंभीर हालत में तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। लेकिन शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने के कारण करीब 12 घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गईं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब घर में शादी की तैयारियां चरम पर थीं और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। घटना को लेकर परिजनों का कहना है कि “बच्ची खेलते-खेलते उधर चली गई थी, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। निकालने में कई लोग भी झुलस गए। एक छोटी सी लापरवाही ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। फिलहाल परिवार सदमे में है और पूरे गांव में इस दर्दनाक हादसे की चर्चा हो रही है।0
0
Report
نाबालیک बच्ची اپہارṇ کی کے معاملے میں تھانے پر प्रदर्शन SI پر 20 ہزار کی مانگ
New Delhi, Delhi:नाबालिक बच्ची अपहरण के मामले में थाने पर प्रदर्शन SI पर 20 हजार की मांग0
0
Report
कुरुक्षेत्र में गांधीनगर में सर्च अभियान, नशे के खिलाफ पुलिस की एक साथ कार्रवाई
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा गांधीनगार कुरुक्षेत्र में चलाया सर्च अभियान,नशे के खिलाफ की गई कार्यवाही,कई टीमों ने मिलकर किया सर्च,एसपी के आदेश पर पूरे जिले में चलाया सर्च अभियान कुरुक्षेत्र:- पुलिस द्वारा गांधीनगर कुरुक्षेत्र में आज सर्च अभियान चलाया गया है। यह सर्च अभियान नशे के खिलाफ चलाया गया था। जिसमें कुरुक्षेत्र पुलिस की कई टीम में ने मिलकर एक साथ सर्च किया। पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक के द्वारा सर्च अभियान चलाने के आदेश दिए गए थे। इसी दिशा निर्देश में यह पूरे जिले में आज सर्च अभियान चलाया गया। और कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा गांधीनगर कुरुक्षेत्र में कई टीमों ने मिलकर एक साथ सर्च अभियान चलाया है। और नशे के खिलाफ यह जांच की गई है। और लोगों से अपील भी की गई है अगर कोई आपके आसपास नशा बेचते या नशा लेते हुए दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दे ताकि नशे को जड़ से खत्म किया जा सके.0
0
Report
Advertisement
वसुंधरा राजे ने जनगणना 2027 की स्व-गणना का आह्वान किया
Dholpur, Rajasthan:पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सफलतापूर्वक की स्व-गणना जिले के सभी नागरिकों से स्व-गणना करने के लिए की अपील धौलपुर जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा स्वयं ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी स्व-गणना सफलतापूर्ण पूर्ण की। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना 2027 के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रिय कार्य में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पहली बार नागरिकों को स्व-गणना करने का अवसर प्रदान किया गया है। जिससे सभी अपनी जानकारी डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्वयं भर सकते है। उन्होंने कहा कि भारत की जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि राष्ट्र के समग्र विकास, प्रभावी नीति-निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की मजबूत आधारशिला है। जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, आधारभूत संरचना एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के बेहतर नियोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों में राजस्थान प्रगति पर है। राज्य सरकार द्वारा 16 मई से 14 जून तक जनगणना 2027 के प्रथम चरण का फील्ड कार्य निर्धारित किया गया है। इसके पूर्व 1 मई से 15 मई तक प्रदेशवासियों को स्व-गणना का अवसर प्रदान किया गया है, जिससे नागरिक स्वयं डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेगें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनगणना 2027 को विकसित भारत 2047 के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया है। पहली बार आयोजित की जा रही डिजिटल जनगणणा देश को तकनीकी रूप से सशक्त एवं पारदर्शी प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि सभी इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा अपनी सही, पूर्ण एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं। आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा विभाग के साथ साझा नहीं की जाती तथा इसका उपयोग केवल देश की जनसंख्या से सम्बन्धित सटीक जानकारी एकत्र कर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास एवं जनकल्यानकारी योजनाओं के प्रभावी नियोजन तथा समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आप सभी की जागरूक भागीदारी ही राजस्थान को अधिक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित बनाने में सहायक सिद्ध होगी। आइए हम सभी मिलकर जनगणना 2027 को सफल बनाएं और विकसित राजस्थान तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं इस दौरान जनगणना-2027 के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी, उपजिला जनगणना अधिकारी एवं उपनिदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग राजेश कुमार, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क राजकुमार मीणा, जिला समन्वयक बृजेश शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे0
0
Report
बिलासपुर के संजीवनी केंद्र में 1.31 लाख के गबन का घोटाला; पुलिस कार्रवाई शुरू
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर में जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन द्वारा संचालित संजीवनी विक्रय केंद्र में वित्तीय अनियमितता और गबन का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। केंद्र की पूर्व संचालिका वंदना यादव पर आरोप है कि उन्होंने विक्रय केंद्र के हर्बल उत्पादों को बेचने के बाद उससे प्राप्त 1.31 लाख रुपये की राशि को शासकीय खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया। स्टॉक मिलान के दौरान इस हेराफेरी का खुलासा होने के बाद विभाग द्वारा बार-बार मोहलत देने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई थी, जिसके बाद अब सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर वनमंडल के अंतर्गत संचालित संजीवनी केंद्र में अस्थायी रूप से कार्यरत वंदना यादव ने उत्पादों की बिक्री में भारी गड़बड़ी की थी। नवंबर 2025 में जब विभाग द्वारा स्टॉक का मिलान किया गया, तो भौतिक रूप से उत्पादों की कमी पाई गई। इस गड़बड़ी की पुष्टि के लिए 2 दिसंबर 2025 को आरोपी संचालिका और उनके परिजनों की उपस्थिति में दोबारा सत्यापन कराया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बड़ी संख्या में हर्बल उत्पाद केंद्र से गायब थे, जिनकी न तो विक्रय रजिस्टर में कोई एंट्री की गई थी और न ही उन्हें विभाग के 'मार्ग' सॉफ्टवेयर में दर्ज किया गया था। कुल 1 लाख 31 हजार 939 रुपये की शासकीय राशि का अंतर पाए जाने के बाद विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही और गबन माना है। विभाग की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, वंदना यादव ने शुरू में अपनी गलती स्वीकार करते हुए राशि जमा करने के लिए समय मांगा था। जनवरी 2026 में उन्होंने विभाग को प्रस्ताव दिया था कि उन्हें नौकरी पर वापस रखा जाए और वे अपनी आधी सैलरी से किश्तों में गबन की राशि चुका देंगी। इस पर 3 फरवरी 2026 को नोटरी के माध्यम से बकायदा एक समझौता और करारनामा भी तैयार किया गया था, लेकिन समझौते के बाद भी आरोपी महिला ने एक भी किश्त जमा नहीं की। अधिकारियों का आरोप है कि जब भी उनसे राशि जमा करने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को झूठे केस में फंसाने और आत्मघाती कदम उठाने की धमकी दी। फिलहाल, उप वनक्षेत्रपाल की शिकायत पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है。0
0
Report
मंदसौर के सीतामऊ में किराने की दुकान में भीषण आग, दमकल की देरी ने हालात बिगाड़े
Mandsaur, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मंदसौर के सीतामऊ थाना क्षेत्र के बस स्टैंड इलाके पर स्थित एक किराने की दुकान में अचानक आग लग गई देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपने आगोश में ले लिया, आग लगने के आधे घंटे बाद तक दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंची, और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी और अन्य लोग टैंकर्स और दूसरे संसाधनों के जरिए आग बुझाने का प्रयास करते दिखे इस दौरान आसपास की दो दुकानों में भी आग की लपट पहुंचने लगी, सीतामऊ के इस शॉपिंग कांप्लेक्स में 50 से ज्यादा दुकान है ऐसे में यह लापरवाही बड़े हादसे को निमंत्रण देती दिखाई दी0
0
Report
Advertisement
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने रमेश ईनाणी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रमता राम को गिरफ्तार किया
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ के बहुचर्चित रमेश ईनाणी हत्याकांड में आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिसका पूरे जिले को इंतजार था। छह महीने तक लगातार फरार चल रहे और पुलिस की वांटेड सूची में शामिल मुख्य आरोपी रमता राम को चित्तौड़गढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने सिर्फ आरोपियों को पकड़ने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल एविडेंस, कॉल डिटेल्स और लगातार की गई गहन पूछताछ के जरिए हत्या की पूरी साजिश की परतें खोल दीं। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठित व्यापारी और भाजपा नेता रमेश ईनाणी की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि वर्षों पुराने जमीन विवाद को लेकर रची गई सुनियोजित साजिश थी। घटना के बाद मुख्य आरोपी लगातार अपनी पहचान छुपाकर अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलता रहा, लेकिन चित्तौड़गढ़ पुलिस ने हार नहीं मानी और आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को जिले की पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वीओ 1 11 नवंबर 2025 को शहर के बीचोंबीच भाजपा नेता और व्यापारी रमेश ईनाणी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल बन गया था। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में शूटर मनीष दुबे को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि हत्या के पीछे वर्षों पुराना जमीन विवाद था। इसके बाद पुलिस ने मामले में भजनाराम सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उत्तर प्रदेश तक जाकर हथियार सप्लायरों के नेटवर्क को भी ट्रेस किया। लगातार तकनीकी जांच और सस्टेंड इंटरोगेशन के जरिए पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की एक-एक कड़ी जोड़ते हुए मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंच बनाई। बाईट - मनीष त्रिपाठी .......... पुलिस अधीक्षक वीओ 2 पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी रमता राम को पूछताछ के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन नोटिस मिलने के बाद उसने मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गया। पिछले छह महीनों में चित्तौड़गढ़ पुलिस ने गुजरात, मध्यप्रदेश और दक्षिण भारत तक उसकी तलाश में लगातार दबिश दी। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थीं। आखिरकार सूचना मिली कि आरोपी चित्तौड़गढ़ के संगम क्षेत्र स्थित एक मंदिर परिसर में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि फरारी के दौरान आरोपी की मदद करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाईट - मनीष त्रिपाठी .......... पुलिस अधीक्षक वीओ - 3 रमेश ईनाणी हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे षड्यंत्र से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में जुटाए गए डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य बेहद मजबूत हैं और जल्द ही पूरी चार्जशीट न्यायालय में पेश की जाएगी। फिलहाल छह महीने तक लगातार प्रयासों के बाद मिली इस सफलता से चित्तौड़गढ़ पुलिस की कार्यशैली और प्रोफेशनल जांच की जिलेभर में सराहना हो रही है। पिटीसी - अभिषेक शर्मा ......... जी मीडिया चित्तौड़गढ़0
0
Report
हरदा बुजुर्ग की मौत पर धरना: पैसे लौटाने की मांग पर प्रदर्शन
Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा बुजुर्ग की मौत का मामला, लगातार 8 घंटों से धरना जारी परिजनों के साथ हरदा विधायक डॉ रामकिशोर दोगने, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित मोहन साईं बैठे धरने पर हेड कांस्टेबल कंचन सिंह को निलंबन और मृतक बुजुर्ग से लिए पैसे लौटाने की कर रहे मांग बुजुर्ग का शव रखकर दिया जा धरना जिला प्रशासन मौक़े पर मौजूद0
0
Report
रतलाम में मदर्स डे पर बेटी ने मां को लौटाकर दिया ख़ुशी का मिलन
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में मदर्स डे पर एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां एक बेटी को अपनी मां पूरे 20 दिन बाद वापस मिल गई। पारिवारिक विवाद से नाराज होकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी बुजुर्ग महिला जोगमाया घर छोड़कर निकल गई थीं और ट्रेनों में भटकते हुए रतलाम पहुंच गईं। 18 अप्रैल को रतलाम रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस को एक यात्री से सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारा और उनकी पहचान जुटाई। जांच में पता चला कि महिला कोलकाता के घुघरू क्षेत्र की रहने वाली हैं। इसके बाद जीआरपी ने जनअभियान परिषद का सहयोग लिया। परिषद की सदस्य मेघा श्रोत्रीय ने महिला को अस्थायी रूप से वृद्धाश्रम में ठहराने की व्यवस्था करवाई। सबसे बड़ी चुनौती थी परिवार को तैयार करना। पुलिस और परिषद लगातार संपर्क करते रहे, लेकिन परिवार की ओर से टालमटोल किया जाता रहा। आखिरकार महिला की बेटी आगे आई और अपने बेटों को रतलाम भेजा। रविवार को सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मदर्स डे के दिन मां-बेटी का मिलन हुआ। परिजनों ने बताया कि महिला का अपने बेटे प्रशांत से विवाद हुआ था, जिसके बाद वे बिना बताए घर छोड़कर निकल गई थीं। बेटे के नहीं आने पर बेटी ने जिम्मेदारी निभाई और मां को वापस घर ले गई। बाइट - मेघा शोत्रीय ( जन अभियान परिषद सदस्य बाइट - जोगेन्दर सिंह ( जिआरपी पूलिस आरक्षक बाइट - कपिल कुमार ( बुजर्ग महिला परिजन रतलाम0
0
Report
Advertisement
