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मोहनिया टनल में बल्कर वाहन में लगी आग, धुएं से मची अफरा-तफरी
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी और रीवा को जोड़ने वाली मोहनिया टनल में आज दोपहर करीब 1 बजे अचानक काले धुएं से पूरा टनल भर गया जिससे लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। टनल के रीवा की तरफ अंतिम छोर पर एक बल्कर वाहन में आग लग गई जिसके कारण धुआं इतना अधिक हो गया कि लोगों को कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, टनल में धुआं ज्यादा होने के कारण अंदर सांस लेने में मुश्किलें आ रही हैं।
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7.4 भूकंप के बाद वेनेजुएला-कोलंबिया में लाल आसमान, फिनोमिना का सवाल
Noida, Uttar Pradesh:7.4 के भूकंप के बाद आसमान का रंग लाल होने की घटनाएं पहले जुलाई में वेनेजुएला में दिखा अब कोलंबिया में लाल आसमान ये फिनॉमिना कैसे बनता है इसका भूकंप से क्या कनेक्शन है इस पर जियोलॉजिस्ट या किसी साइंटिस्ट की बाइट मंगवा लें.0
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फागी में भीषण सड़क हादसा: एक ही परिवार के चार लोग मारे गए
Dudu, Rajasthan:दूदू (जयपुर) जयपुर के फागी से बड़ी खबर... सड़क हादसे में तीन महिला और एक पुरुष की मौत। बेकाबू बोलेरो चालक ने सड़क पर काम करते हुए लोगों पर चढ़ाई कार। अस्पताल में ग्रामीण हुए एकत्रित, एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं मृतक, फागी से माधोराजपुरा स्टेट हाइवे पर हुआ हादसा। फागी निवासी बताए जा रहे चारों मृतक, तीन महिलाएं और एक पुरुष सड़क पर कर रहे थे काम, इसी दौरान बोलेरो ने मारी टक्कर। पुलिस पहुंची मौके पर, हादसे के बाद मृतकों के शवों को लाया जा रहा है फागी उप जिला अस्पताल।0
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डिजिटल अरेस्ट के डर से बुजुर्ग दंपती को 76 लाख की ठगी, 50 लाख बचाए
Jaipur, Rajasthan:जयपुर में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को पुलिस, ATS और NIA का अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराया और 76 लाख रुपए ठग लिए। ठगी का पता चलते ही राजस्थान की स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और करीब 50 लाख रुपए होल्ड करवाए। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को दिल्ली और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। एडीजी साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि 5 अगस्त को जयपुर निवासी बुजुर्ग दंपती के पास वाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को इंस्पेक्टर रंजीत कुमार, प्रेम कुमार गौतम और ATS लखनऊ के IG विक्रम सिंह बताया। ठगों ने आरोप लगाया कि दंपती के आधार कार्ड का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए के वित्तीय अपराध में हुआ है। गिरफ्तारी और परिवार के दूसरे सदस्यों पर कार्रवाई की धमकी दी गई। इसके बाद ठगों ने वाट्सएप पर कथित NIA नोटिस भेजा और NOC तथा सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने का झांसा दिया। लगातार वाट्सएप वॉइस और वीडियो कॉल के जरिए दंपती पर मानसिक दबाव बनाया गया। यहां तक कि उनके फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी और दस्तावेजों की तस्वीरें भी मंगवाई गईं। ठगों के दबाव में बुजुर्ग दंपती ने अपनी बचत को लिक्विडेट कर अलग-अलग बैंक खातों में 76 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत की गई। स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने तुरंत रकम की ट्रेल खंगालनी शुरू की और करीब 50 लाख रुपये होल्ड करवाने में सफलता हासिल की। पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड खंगाले और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के CDR, CAF ID और IPDR के साथ ट्रांजेक्शन की मनी ट्रेल खोजी। बैंकिंग प्रूफ के आधार पर पुलिस दिल्ली और उत्तर प्रदेश पहुँची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश निवासी अखंड प्रताप सिंह और गाजीपुर, दिल्ली निवासी सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। बैंक खातों का खेल: डीआईजी साइबर शांतनु कुमार के अनुसार सतपाल सिंह ने अपनी कंपनी के कर्मचारी और मैनेजर अखंड प्रताप सिंह के बैंक खातों की जानकारी साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई। इन खातों में साइबर ठगी की रकम पहुंची। पुलिस के अनुसार सतपाल ने रकम निकलवाने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करवाने में सहयोग किया और कमीशन के लालच में इस नेटवर्क का हिस्सा बना। वहीं अखंड प्रताप सिंह ने अपने केनरा बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराई। उसके खाते में 7 लाख रुपए की रकम पहुंची, जिसे आगे RTGS के जरिए दूसरे खाते में ट्रांसफर किया गया। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम को आगे भेजने के लिए बैंकिंग माध्यम उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका सामने आई है। जांच जारी: पुलिस अब वाट्सएप रिकॉर्ड, CDR, CAF ID, IPDR और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की मनी ट्रेल का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। रकम आगे किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच जारी है। राजस्थान साइबर पुलिस ने साफ किया है कि अगर कोई खुद को NIA, पुलिस, ATS, ED या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाए, वीडियो कॉल पर निगरानी रखे या बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो उसके झांसे में न आएं। सरकारी एजेंसियां वाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए तथाकथित डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं देती। साइबर क्राइम पुलिस की सलाह: सतर्क रहें, डरें नहीं, सत्यापन करें और दबाव में पैसा ट्रांसफर न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।0
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राजस्थान में संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए नया राज्य विशेष पुलिस बल
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में अब राजभवन, विधानसभा, हाईकोर्ट, मुख्यमंत्री आवास से लेकर एयरपोर्ट और RBI जैसे संवेदनशील सरकारी और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अलग से राज्य विशेष पुलिस बल गठित किया जाएगा। फिलहाल इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा RAC की अलग-अलग बटालियनों के करीब 1000 जवानों के भरोसे है। लेकिन अब सरकार इन महत्वपूर्ण जगहों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित और दक्ष सुरक्षा बल तैयार करने जा रही है। राज्य सरकार ने राज्य विशेष पुलिस बल गठन को मंजूरी दे दी है। यानी आने वाले समय में राजस्थान में सुरक्षा का एक नया मॉडल देखने को मिल सकता है। राजस्थान सरकार राज्य में एक नई बटालियन के रूप में राज्य विशेष पुलिस बल गठित करने की तैयारी में है। इस पुलिस बल की जिम्मेदारी सामान्य कानून-व्यवस्था से अलग होगी। इसका फोकस राज्य के महत्वपूर्ण, संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का होगा। सरकार का मानना है कि राजस्थान में लगातार बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बढ़ रही है। नए उद्योग और बड़े संस्थान स्थापित होंगे तो उनकी सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त सुरक्षा कर्मियों की जरूरत होगी। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि वर्तमान हालात में राज्य के के महत्वपूर्ण भवनों तथा रिफाइनरी जैसे औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित कार्मिकों की जरूरी है। इनकी सुरक्षा के लिए नई बटालियन गठन होने पर विशेष प्रशिक्षित और दक्ष सुरक्षाकर्मी उपलब्ध होंगे, जिससे इनकी सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी तथा मजबूत होगी。 राज्य विशेष पुलिस बल की संभावित जिम्मेदारियां - राजभवन की सुरक्षा - विधानसभा की सुरक्षा - हाईकोर्ट की सुरक्षा - मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा - एयरपोर्ट सुरक्षा - RBI जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा - रिफाइनरी और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा - भविष्य में चिन्हित होने वाले महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा इसलिए भी विशेष सुरक्षा बल की जरूरत .... एक तरफ इन महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ यही RAC बटालियन राज्य में कानून-व्यवस्था की बड़ी जरूरत भी पूरी करती है। यहीं से अलग विशेष बल की जरूरत महसूस हो रही है। क्यों नहीं हो सकती मौजूदा RAC से स्थायी प्रतिनियुक्ति ?.... राजस्थान में वर्तमान में RAC/MBC की 21 बटालियन है। इनमें से 8वीं, 11वीं और 12वीं बटालियन RAC (IR) VIP ड्यूटी के लिए दिल्ली में तैनात है। 13वीं बटालियन RAC जेल सुरक्षा में लगी है, जबकि 14वीं बटालियन RAC खानन विभाग में तैनात है। यानी इन बटालियानों को सामान्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में नियमित रूप से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। VIP विजिट हो, कोई बड़ा मेला हो, त्योहार हो या अचानक कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो—इन कंपनियों को पूरे राजस्थान में लगाया जाता है। ऐसे में महत्वपूर्ण सरकारी और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए इन्हीं बटालियनों से स्थायी तौर पर अतिरिक्त नफरी उपलब्ध कराना संभव नहीं माना गया है। इसीलिए प्रस्ताव है कि एक अलग नई बटालियन यानी राज्य विशेष पुलिस बल बनाया जाए。 RAC की उपलब्ध नफरी पर दबाव 16 नियमित RAC/MBC बटालियन 78 कंपनियां - विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था ड्यूटी 14 कंपनियां - रोटेशनल प्रशिक्षण - VIP विजिट, महत्वपूर्ण दौरे, मेले , त्योहार, आपात कानून-व्यवस्था में तत्काल जरूरत नई इंडस्ट्री, नई सुरक्षा चुनौती राजस्थान में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाओं के साथ आने वाले समय में कई नए औद्योगिक संस्थान स्थापित होने की संभावना जताई गई है। रिफाइनरी जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान हों या अन्य महत्वपूर्ण संस्थान-इनकी सुरक्षा सामान्य पुलिसिंग से अलग विशेषज्ञता मांगती है। इसी जरूरत को देखते हुए राज्य विशेष पुलिस बल में ऐसे जवानों को तैयार किया जाएगा, जिन्हें महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण और दक्षता हासिल हो।0
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किशनगंज: आइसक्रीम विक्रेता ने नाबालिग उमर आलम की हत्या कर दी; गिरफ्तार
Kishanganj, Bihar:किशनगंज जिले के कोचाघामन थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बारह वर्षीय उमर आलम को आइसक्रीम बिक्रेता बादशाह ने दिनभर ठेला खिंचवाने के बाद नशे में धुत होकर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बारे में बताया जाता है कि 18 अगस्त को बादशाह ने पैसे का लालच देकर नाबालिग उमर को अपने साथ ले गया और उसे दिनभर चिलचिलाती धूप में आइसक्रीम से भरी ठेला खिंचवाने के बाद रात को जब उमर ने तयशुदा दो सौ रुपये मेहनताना मांगा, तो बादशाह ने सिर्फ उसे पचास रुपये ही दिए। नाबालिग उमर आलम के द्वारा विरोध करने पर दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। वही नशे में धुत बादशाह ने लाठी और तेज धारदार कैंची से उमर पर जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। वही सबूत मिटाने के लिए शव को पास की नहर में फेंक दिया। जब 19 अगस्त को कोचाघामन थाना क्षेत्र के दांतीबस्ती और सुंदरबाड़ी के बीच नहर में शव बरामद होने के बाद परिवार की शिकायत पर पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी बादशाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया गया है। किशनगंज एसपी संतोष कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को बताया कि स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को जल्द सजा दिलवाई जाएगी।0
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बढ़ती चीनी के रेट पर क्या बोले जिले के किसान व व्यापारी।
Lakhimpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में चीनी के बड़े उत्पादक के रूप में पहचाने जाने वाले जिले में न सिर्फ गन्ना उत्पादन में अव्वल रहता है बल्कि इस जिले में अलग-अलग ग्रुप की 9 चीनी मील स्थापित है। अचानक एक महीने में चीनी के दाम में बढ़ोतरी के चलते किसान और व्यापारी अचंभे में है। लखीमपुर खीरी में पिछले वर्ष 355223 हेक्टेयर गन्ने का रकबा था जो इस बार 356825 हेक्टेयर हो गया है। पिछले साल की तुलना में इस बार 1602 हैकटेयर गन्ने की बुवाई में रकबा बढ़ा है। चीनी की अप्रत्याशित वृद्धि के पीछे ज्यादा डिमांड बढ़ाने की बात कही जा रही है। किसानों का कहना है कि बेहतर किस्म के गन्ने से बेहतरीन चीनी की रिकवरी हो रही है। जबकि गन्ने से इथेनॉल सीरा,बैगास,मई के साथ-साथ अन्य कई बाई प्रोडक्ट का निर्माण होता है इसलिए चीनी का रेट अचानक से बढ़ जाना समझ से परे है। ऐसे में जब चीनी का रेट 65 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बाजार में चल रहा है तो बकाया दबाये बैठी चीनी मिलों से किसानों को उम्मीद है कि उनका भुगतान भी अब जल्द हो जाना चाहिए। वहीं जिले के व्यापारी इस त्योहार की वजह से ज्यादा डिमांड से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ किसानों की माने तो गन्ने से कई तरह के प्रोडक्ट का निर्माण किया जाने लगा है बावजूद गन्ने के रेट में अनुपातिक वृद्धि नहीं हुई है जिसका किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। मामले में अगर अधिकारियों की माने तो इथेनॉल बनाए जाने से चीनी की उत्पादन का संबंध नहीं है क्योंकि जिले की चीनी मिल शीरे से एथेनॉल बनाती है । जिससे चीनी के उत्पादन में कोई खास फर्क नहीं पड़ता।0
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गिरिडीह में छात्रों पर जेएमएम के कार्यकर्ताओं की पिटाई, विपक्ष ने सरकार पर हमला
Giridih, Jharkhand:गिरिडीह के झंडा मैदान में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने जा रहे छात्रों पर जेएमएम नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार में आज जिस प्रकार से छात्रों के ऊपर जेएमएम के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा बर्बरतापूर्ण तरीके से पिटाई की गई है, इससे साफ प्रतीत हो रहा है कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार गुंडागर्दी कर रही है. उन्होंने कहा कि जेएमएम पार्टी में गुंडा किस्म के लोग शामिल हैं जिन्होंने इस तरह की हरकत की है. इससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ेगा और आने वाले दिनों में इसका खामियाजा राज्य सरकार को उठाना पड़ेगा. इस तरह की गुंडागर्दी करने वाले लोगों को झारखंड में भागने का भी रास्ता नहीं मिलेगा. गौरतलब है की शुक्रवार को छात्र झंडा मैदान से जुलूस निकालकर टावर चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे थे. इसी दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट कर उन्हें खदेड़ दिया था. उन्होंने कहा की जिस प्रकार से हेमंत सोरेन की सरकार में भ्रष्टाचार हो रहा है और नौकरियां बेची जा रही है इससे राज्य के छात्रों में सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश बढ़ रहा है.0
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पिपरिया गांव में किताब के विवाद पर दो छात्रों के गुटों की भिड़ंत, लाठी-डंडे से हंगामा
Pilibhit, Uttar Pradesh:किताब के विवाद में छात्रों के दो गुट भिड़े, पथराव और मारपीट से मचा हड़कंप एंकर- पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में किताब को लेकर छात्रों के बीच हुआ विवाद अगले दिन हिंसक झड़प में बदल गया। और आज दो छात्र गुट आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ। सड़क पर हुए हंगामे से आसपास के दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।बताया गया कि गांव स्थित एक निजी स्कूल में गुरुवार को दो छात्रों के बीच किताब को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय स्कूल प्रबंधन और अन्य छात्रों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। शुक्रवार शाम पुराने विवाद को लेकर दोनों छात्र अपने साथियों के साथ पिपरिया गांव में आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई, इसके बाद मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और पथराव भी किया गया। घटना का किसी स्थानीय व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।सूचना मिलते ही माधोटांडा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थानाध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान कराई जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।0
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जीवाजी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने नियमितीकरण और सातवें वेतनमान की मांग का धरना तेज किया
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज एक दिवसीय कलमबंद सांकेतिक धरना दिया। कुलगुरु कार्यालय के सामने जमीन पर बैठकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर रविवार तक उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। दरअसल जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मचारी नियमितीकरण समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उच्च न्यायालय के नियमितीकरण संबंधी आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक उन्हें नियमित नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। कर्मचारीयों का कहना है कि वे करीब तीन दशक से कम वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इसी आय से परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। नियमितीकरण में देरी के कारण उनकी आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं, कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण के साथ सातवें वेतनमान का लाभ भी शामिल है, उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश का पालन करने के बजाय उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इस संबंध में कर्मचारी कई बार विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारियों ने कुलगुरु कार्यालय की बिल्डिंग के ठीक सामने जमीन पर बैठकर एक दिवसीय कलमबंद सांकेतिक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि अगर रविवार तक उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय की सेवाओं में योगदान दे रहे हैं और अब उन्हें न्यायालय के आदेश के मुताबिक नियमितीकरण और सातवें वेतनमान का लाभ मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की चेतावनी के बाद क्या कदम उठाता है。0
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अन्नपूर्णा भाँडार नहीं मिलने पर बिराटी स्टेशन पर महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रहीं
North Dumdum, West Bengal:অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার না পাওয়ার কারণে বিরাটি স্টেশন অবরোধ করলো মহিলারা। শুক্রবার দুপুরে বিরাটি স্টেশনের প্রায় এক ঘন্টা অবরোধ করে মহিলারা এরপর রেল পুলিশ তাদের ছড়িয়ে দেয় দীর্ঘক্ষণ স্টেশনে বিক্ষোভের ফলে অসুবিধায় পড়ে সাধারণ যাত্রীরা।0
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नाना पटोले ने इथेनॉल मुद्दे पर गडकरी को घेरा, पेट्रोल घटा तो चीनी महंगी
Pune, Maharashtra:नाना पटोले जी ने भी इथेनॉल के मुद्दे पर गडकरी पर निशाना साधा... इस केंद्र सरकार ने पेट्रोल के दाम कम किये बल्कि चीनी महंगी कराई...0
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देवयानी पारधी के निलंबन रद्द पर उच्चस्तरीय निर्णय, पुणे जिला परिषद ने दी जानकारी
Pune, Maharashtra:दौंड देवयानी पारधी यांच्यावर झालेली निलंबनाची कारवाई मागे घेण्यात येत आहे.. पुणे जिल्हा परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाळे यांनी ही माहिती दिली.0
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ट timarni में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के विरोध में गेट 208 बंद के खिलाफ धरना जारी
Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:रेलवे गेट 208 को बंद करने के निर्णय के विरोध में वार्ड वासियों ने सांकेतिक धरना दिया। टिमरनी (हरदा) में रेलवे ओवरब्रिज निर्माणाधीन है, जिसके चलते रेलवे विभाग ने स्थानीय प्रशासन व जिला प्रशासन की अनुमति लेकर गेट 208 को बंद करने का निर्णय लिया गया। वार्ड क्रमांक एक एवं दो के रहवासियों ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि रेलवे फुट ओवरब्रिज शीघ्र बने, अंडर ब्रिज में पानी निकासी की व्यवस्था जल्दी हो और पूर्व में बना गेट जो अभी बंद है उसे खोला जाए; इसके बाद ही वर्तमान रेलवे गेट बंद किया जाए। जब तक निर्माण चलता है तब तक आगे का बंद गेट भी खोला जाए—इन बातों को लेकर लगभग 2 घंटे तक धरना चलाया गया। मौके पर तहसीलदार देवशंकर धुर्वे ने लोगों का ज्ञापन लिया और आश्वस्त किया कि समस्याओं का निराकरण होगा। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो त्योहारिक नहीं, बल्कि बृहद स्तर पर रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।0
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रोड बनने के चार दिन बाद खोद दी गई, बच्चों के अभिभावक परेशान
Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा के डंडापुरा क्षेत्र में विकास कार्य के नाम पर बनाई गई नई सड़क के तुरंत बाद ही उसे खोद दिए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पटेल गार्डन के पास मुखर्जीनगर रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण करीब एक महीने से चल रहा था और महज चार दिन पहले ही सड़क बनकर तैयार हुई थी। लेकिन इसके तुरंत बाद पाइपलाइन डालने के लिए सड़क की खुदाई कर दी गई। सड़क किनारे फैली मिट्टी और कीचड़ से आवाजाही मुश्किल हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल में बच्चों को छोड़ने और लेने आने वाले अभिभावकों को हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि कीचड़ के कारण कई बार वाहन फिसलने की स्थिति बन रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पाइपलाइन का काम होना था तो सड़क बनने से पहले इसे क्यों नहीं किया गया।0
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सिकंद्राराऊ में पेट्रोलपंप लाइसेंस नवीनीकरण पर जमीन मालिकों ने उठाएसवाल,मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ-अलीगढ़ रोड स्थित पंत चौराहे के पास बंद पड़े पेट्रोल पंप का संचालन दोबारा शुरू होने पर जमीन मालिकों ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर संचालित पेट्रोल पंप का लाइसेंस बिना वैध भूमि समझौते और उनकी सहमति के नवीनीकृत किया गया है। उन्होंने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों से करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय जाने की बात कही है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नगर पालिका सभासद राज वार्ष्णेय, राहुल वार्ष्णेय और चंद्रेश वार्ष्णेय ने बताया कि जिस भूमि पर पेट्रोल पंप संचालित है, वह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है। उनके अनुसार पूर्व में पेट्रोल पंप संचालक और जमीन मालिकों के बीच भूमि किराये का समझौता हुआ था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से पेट्रोल पंप का संचालन वर्ष 2025 तक चलता रहा। राज वार्ष्णेय ने आरोप लगाया कि बाद में पेट्रोल पंप का लाइसेंस सुरभि माहौर के नाम स्थानांतरित कर दिया गया। उनका कहना है कि जमीन मालिकों से नया समझौता किए बिना और उनकी जानकारी के बिना आवश्यक अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लाइसेंस का नवीनीकरण करा लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व अभिलेखों में एक समय भूमि बंजर दर्ज थी, जिसे बाद में सही कराकर मालिकों के नाम दर्ज कराया गया। आरोप है कि पुराने अभिलेखों के आधार पर एनओसी प्राप्त की गई। जमीन मालिकों का कहना है कि उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे l0
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