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चतरा में नकली विदेशी शराब मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन; 526 बोतल बरामद

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा में अवैध विदेशी शराब की मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन चतरा : उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश पर मुहर्रम त्योहार को देखते हुए जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हाँथ लगी है। उत्पाद विभाग एवं प्रतापपुर थाना की संयुक्त टीम ने गारा गांव में छापामारी कर अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन किया। उत्पाद अधीक्षक प्रेम प्रकाश उरांव ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर गारा गांव के जंगल में बने एक घर में छापेमारी की गई। जांच में खुलासा हुआ कि वहां स्पिरिट में कैरेमल और एसेंस मिलाकर नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी। नामी ब्रांड की बोतलों में नकली शराब भरकर उस पर नकली लेबल एवं होलोग्राम लगाकर बोतलों की पैकिंग की जा रहीं थी। तैयार शराब को सीमावर्ती बिहार राज्य के बाजार में खपाने की तैयारी थी। छापामारी के दौरान छापामारी दल ने 526 बोतल (करीब 259.500 लीटर) बोतलबंद विदेशी शराब, पंचिंग मशीन, रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, इंपीरियल ब्लू, सिग्नेचर प्रीमियर और रॉयल चैलेंज व्हिस्की के ढक्कन, लेबल, 40 लीटर स्पिरिट, एडहैसिव लेबल, बड़ी संख्या में खाली बोतल और एक मोटर साइकिल बरामद किया गया। उक्त कार्रवाई में घटनास्थल से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया जिनके विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई की जा रही है।
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झुंझुनूं के चिराना में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला, अपहरण-लूट की कोशिश CCTV में कैद

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझুনूं के चिराना में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला बदमाशों ने वकील के अपहरण और लूट का किया प्रयास पिस्तौल की नोक पर कैंपर गाड़ी में डालने की कोशिश कोर्ट में पैरवी की रंजिश को लेकर हमला करने का आरोप सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई घटना और कैंपर गाड़ी गोठड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की झुंझुनूं जिले के चिराना गांव में बदमाशों ने एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला कर अपहरण और लूट का प्रयास किया। कोर्ट में मुकदमों की पैरवी करने की रंजिश को लेकर बदमाशों ने पहले वकील के साथ बेरहमी से मारपीट की। फिर पिस्तौल की नोक पर उन्हें गाड़ी में डालकर अपहरण करने की कोशिश की। शोर मचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पीड़ित अधिवक्ता बजरंग लाल सैनी ने गोठड़ा थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वे सीकर और नवलगढ़ न्यायालयों में वकालत करते हैं। 24 जून की रात करीब 8:35 बजे वे अपनी दुकान का चैनल गेट बंद कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद कैंपर गाड़ी और एक अपाचे मोटरसाइकिल वहां आकर रुकी। रिपोर्ट के अनुसार गाड़ी और बाइक से कृष्ण स्वामी, चेतन शर्मा, विक्रम गुर्जर, महेंद्र गुर्जर, बबलू गुर्जर, अनिल गुर्जर सहित कई अन्य युवक नीचे उतरे। बातचीत के बहाने आरोपी उन्हें कॉम्प्लेक्स के अंदर ले गए। जहां कथित रूप से कृष्ण स्वामी और महेंद्र गुर्जर ने उनकी कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया। इसके बाद आरोपियों ने अधिवक्ता के साथ जमकर मारपीट की। हमले में उनके चेहरे, नाक, गर्दन, हाथ और पीठ पर चोटें आईं। आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें जबरन कैंपर गाड़ी में डालने का प्रयास किया और एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछने लगे। इसी दौरान अधिवक्ता ने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और परिजन मौके पर पहुंचे। जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमलावर उनके गले से सोने की चेन, हाथ की अंगूठी, जेब में रखे 7,200 रुपये, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज भी लेकर फरार हो गए। घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई हैं। जिसमें दिख रहा है कि फिल्मी स्टाइल में आकर एक कैंपर गाड़ी रूकती है। जिसमें से कुछ युवक नीचे उतरते है। फिर बीच सड़क पर ही वकील के साथ मारपीट करते हुए भी दिखाई दे रही है। वकील भी पत्थर मारते हुए और आरोपियों के पीछे भागता हुआ दिखाई दे रहा है। इधर, अधिवक्ता का कहना है कि वे अदालतों में कई मामलों में पीड़ित पक्ष की पैरवी करते हैं और इसी रंजिश के चलते उन पर हमला कराया गया। गोठड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है。
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अमरजीत भगत का बड़ा दावा: कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर से BJP का BP बढ़ेगा

Begun, Rajasthan:रायपुर कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर पूर्व मंत्री अमरजीत का बड़ा बयान.. कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर से BJP का BP बढ़ेगा.. कांग्रेस की विचारधारा से घबराई हुई है बीजेपी.. डॉक्टरों से BJP नेताओं का BP चेक करा कर देखें.. कांग्रेस मजबूत हो रही है, इसलिए BJP बेचैन है.. सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने जमीनी लड़ाई तेज कर दी है.. प्रशिक्षण के बाद जिलाध्यक्षों का नया कलेवर दिखेगा. छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी पर कांग्रेस ने कसा तंज.. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- सत्ता बचाने के लिए भाजपा का प्रपंच है UCC.. UCC देश के लिए पेचीदा विषय है.. "भारत विविधताओं का देश है सभी पर एक कानून उचित नहीं".. जंगल में रहने वाले आदिवासी को UCC की जानकारी तक नहीं.. UCC का जनता पर सकारात्मक असर नहीं होगा.. खाद बीज की कमी और मानसून की बेरुखी पर पूर्व मंत्री भगत का बयान छग धान का कटोरा है. कृषि पर आधारित जीवन है.. अगर खेती नहीं हो रहा है तो समस्या खड़ा हो जाएगा.. किसान को खाद बीज और पानी चाहिए.. कांग्रेस की सरकार ने अच्छी व्यवस्था की थी, लेकिन इस सरकार में खाद नहीं मिल रहा है.. बड़े पैमाने पर काला बाजारी हो रही है..किसान आखिर कहा जायेगा.. पूरी परिस्थिति प्रदेश के किसानों के विरुद्ध है.. कुछ करने में सरकार निसहाय दिख रही है.. बाइट- अमरजीत भगत, पूर्व मंत्री
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अरनेठा में जमीन विवाद: रिश्तेदारों ने युवक पर लाठीचार्ज, एमबीएस अस्पताल में भर्ती

Kota, Rajasthan:अरनेठा कस्बे में जमीन विवाद में युवक पर लाठी से सिर पर हमला गम्भीर घायल एमबीएस अस्पताल में भर्ती कोटा बुंदी जिले के केशोरायपाटन थाना इलाके के अरनेठा में भूमि विवाद में एक युवक टीकमचंद सुमन पुत्र सत्यनारायण पर उसी के रिश्तेदारों ने घर मे घुसकर लाठियों से हमला कर दिया जिसको गम्भीर हालत में कोटा एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया जहाँ उसका इमरजेंसी वार्ड में उपचार चल रहा है। घायल युवक की पत्नी ने शुक्रवार सुबह 7 बजे बताया कि दो दिन पूर्व जमीन विवाद में झगड़ा हुआ था बाद में घर मे घुसकर मेरे पति पर लाठी सेहमला किया गया जिससे सिर में गम्भीर चोट लगी है। थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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शाजापुर में आंधी-तूफान से बुजुर्ग की मृत्यु, पेड़ गिरने से कार दब गई

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर जिले में आंधी तूफान के साथ हुई जोरदार बारिश में एक बुजुर्ग की बिजली गिरने से जंगल में मौत हो गई, वहीं पेड़ गिरने से एक कार दब गई। तेज हवाओं के चलते जिले में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पेड़ धराशाई हुए हैं। शाजापुर जिले के ग्राम बेसरापुर के जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से आत्माराम मालवीय उम्र (64) वर्ष की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार आत्माराम जंगल में बकरियां चराने गए थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी। इसी बीच उन पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शाजापुर शहर के हरायपुरा में स्थित हनुमान मंदिर के समीप वर्षों पुराना पिपल का पेड़ गिर गया, जिससे वहां खड़ी कार चपेट में आ गई। हालांकि यहां कोई जनहानि नहीं हुई। शहर में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया और तेज गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। एक से दो घंटे तक चली बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। अभी भी रुक रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जो बारिश के बाद घटकर 33 से 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आज दिन में भी बारिश की संभावना बताई जा रही है।
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सीएम ने Fortis Hospital Shalimar Bagh की तुरंत जांच के आदेश दिए

Delhi, Delhi:मुख्यमंत्री जन सुनवाई में मिली शिकायत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग की तुरंत जांच के निर्देश दिए. जिला प्रशासन की टीम ने अस्पताल का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जिसमें कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं. अधिकारियों की रिपोर्ट का अब विस्तार से अध्ययन किया जाएगा. सरकार ने साफ कहा है कि जांच में यदि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी साबित होती है तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों को समय पर और सम्मानजनक इलाज दें. मरीजों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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दमोह कलेक्टर ने राजस्व विभाग की पोल खोली: हजारों फाइलें नागरिकों को भटकातीं

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह कलेक्टर का सनसनीखेज खुलासा, शायद ही इसके पहले किसी कलेक्टर ने खोली हो राजस्व विभाग की पोल... एंकर/ एमपी के सरकारी दफ्तरों की हालत किसी से छिपी नहीं है और मंगलवार को पूरे प्रदेश में होने वाली जनसुनवाई में उमड़ती भीड़ और परेशान लोग ये साबित करते है कि ऑफिसों की अनदेखी आम आदमी को परेशान किए है। इस बीच सिर्फ एक विभाग की असलियत या कहें कि पोल अब एक कलेक्टर ने खोली है और इस रिपोर्ट में आप देखेंगे कि जब आम आदमी सरकारी तंत्र से परेशान होने की बात कहता है तो आपको यकीन न होता हो लेकिन हकीकत दमोह के कलेक्टर बयान कर रहे हैं। देखिये दमोह से ये खास रिपोर्ट.. राजस्व विभाग जिससे अमूमन सूबे के हर नागरिक का सरोकार होता है और कभी न कभी इस विभाग से लोगों का पाला पड़ता ही है। और जो लोग रेवन्यू डिपार्टमेंट या राजस्व विभाग के पल्ले पड़े वो जान सकते है कि यहां काम कराना कितना कठिन काम है, अक्सर लोगों को महीनों तो कई लोगों को तो सालों चक्कर काटने पड़ते है। पटवारी आर आई और तहसीलदार शब्द कानों में सुनाई देते है तो लोगों की आपबीती याद। आ जाती है और जिन लोगों ने इन लोगों के दफ्तरों के चक्कर काटे है वो यही कहते है कि काश दोबारा यहां न जाना पड़े। जमीन का सीमांकन बंटवारा नामांतरण ये प्रक्रिया राजस्व विभाग के जरिए ही होते है। प्रदेश में होने वाली साप्ताहिक जन सुनवाई में 60 से 70 फीसदी मामले इसी विभाग को लेकर आते है जब दूर दूर से किसान ब्लॉक और डिस्ट्रिक हेडक्वार्टर पर आकर सीमांकन बंटवारा नामांतरण जैसे मामलों में शिकायत दर्ज कराकर आला अफसरों से न्याय की गुहार लगाते है। दमोह के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को भी पिछले कुछ महीनों में ऐसी ही शिकायतें ज्यादा मिली और कलेक्टर ने ई। शिकायतों को गंभीरता से लिया, और जब उनके सामने सच्चाई आई तो खुद भौचक्के रह गए। राजस्व विभाग भी जिले में कलेक्टर के अंडर में ही आता है और अपने ही मातहत विभाग की हकीकत ने उन्हें झकझोर दिया और डीएम साहब ने एक एक पोल सार्वजनिक कर दी। कलेक्टर ने पहली पोल खोली और नायब तहसीलदार और तहसीलदारों द्वारा जो सीमांकन के मामलों के कार्यवाही की गई वो लोगों को सालों भटकने के लिए पर्याप्त बताई गई। बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह) वी ओ / अक्सर जमीनों के मामलों कृषि भूमि और आवासीय भूमियों में पटवारी आर आई और तहसीलदार के आदेश ही माने जाते है, सरकार ने इन आदेशों को डिजिटलाइज्ड कर दिया है लिहाजा किसान या भूमि स्वामी को इसी डिजिटल सिस्टम के तहत कागज निकालने होते है और इसी की प्रमाणिक कापी तमाम जगहों पर मानी जाती है लेकिन कलेक्टर यादव बताते है कि अपलोड आर्डर एक दो नहीं बल्कि हजारों की संख्या में गलत या अधूरे अपलोड किए गए है और यही हजारों की संख्या मतलब इतने ही लोगों को भटकना पड़ता है मतलब साफ है कि एक जिले में हजारों लोग सिर्फ व्यवस्था की आदिर्शाही की वजह से परेशान होते है। ये परेशानी कई तरह के नुकसान भी करती है मसलन लोगों का समय बर्बाद होता है, आने जाने में पैसा भी बर्बाद होता है पेट्रोल डीजल भी बेवजह लोग जलाते है और सबसे अहम जरूरत के वक्त जब आम आदमी को दस्तावेज की जरूरत होती है तब उसे वो उपयोग के लायक भी नहीं मिलते। खुद कलेक्टर से जानिए कि आलम क्या है? बाइट/ 2 प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह) वी ओ / मामला इतना ही नहीं है बल्कि सरकार ने किसानों और आम भूमि स्वामियों को ईमानदारी वाला सही सही सीमांकन हो इसके लिए हर जिले में करोड़ो रूपये खर्च कर कीमती मशीने भी दी गई है, इन मशीनों को चलाने के लिए ट्रेनिंग पर करोड़ों रूपये खर्च भी किए गए और मंशा साफ की बिना किसी गलती के नापतोल हो जाए लेकिन कलेक्टर ने हो खुलासा किया उसके मुताबिक दमोह जिले में कीमती और उपयोगी मशीनों का उपयोग साल में महज सात मामलों में किया गया, कलेक्टर खुद बताते है कि जिले में हजारों मामले पेंडिंग पड़े है और सरकारी तंत्र साल भर में महज सात मामलों को निपटा पाया। बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह) वी ओ / कलेक्टर ने खुलासा किया कि कई आदेश जो पोर्टल पर अपलोड है वो खुद वो लोग प्रिंट निकाल कर नहीं पढ़ पाए जिन्होंने खुद उन्हें लिखा है तो फिर आम आदमी कैसे उन्हें पढ़ पाएगा। डीएम यादव ने माना कि एक दो फीसदी नहीं बल्कि 90 प्रतिशत लोगों जिनमें निचले स्तर से लेकर अपर लेवल तक के अधिकारियों कर्मचारियों का काम निराशाजनक है और गलत है जो चिंता का विषय है। थोड़ा बहुत गलत काम या त्रुटि सुधारी जा सकती है लेकिन इतने बड़े स्तर पर सुधार असंभव लगता है लेकिन सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा। इसे लेकर कलेक्टर ने तमाम राजस्व विभाग के अफसरों और उनके अधीनस्थों की मेराथन मीटिंग ली एक एक को आईना दिखाया और एक हफ्ते का समय उन्हें दिया है कि वो इस टाइम पीरियड में अपना काम सुधार लें वरना उन पर बड़ी कार्यवाहीं की गाज गिरेगी। बाइट/ 4 प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह) वी ओ / बहरहाल ये आलम सिर्फ दमोह जिले का नहीं बल्कि सूबे में अधिकांश जगहों पर स्थिति एक सी है और अब सरकार को खास तौर पर राजस्व मंत्रालय को चाहिए कि जब एक जिले से एक बेबाक आय ए एस अफसर ने इस विभाग की वास्तविक स्थिति सब के सामने ला दी है तो विभाग इन्हीं बिंदुओं पर गंभीरता से जांच पड़ताल कराए ताकि आम आदमी किसान और भूमि स्वामी परेशान न हो।
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1992 में मृत आदिवासी महिला की जमीन पर फर्जी रजिस्ट्रेशन: भू माफिया के खिलाफ अदालत में दावा

Karhi, Chhattisgarh:गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में भू माफियाओं का अनोखा कारनामा भूत आकर कर रहे हैं जमीन की रजिस्ट्री। 1992 में मृत आदिवासी महिला को जीवित बताते हुए 19 मई 2026 को रायपुर की सफायर बायो एनर्जी एवं मलका पावर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर के नाम पर जमीन की फर्जी बिक्री हो गई। मामले में मृतक महिला के पीड़ित आदिवासी पुत्र शासन प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है, पूरे मामले में राजस्व विभाग सहित रजिस्टार की भूमिका संदेह के दायरे में है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम नेवरी नवापारा के पटवारी हल्का नंबर 23 में स्थित लगभग 15 एकड़ भूमि सफायर बायो एनर्जी रायपुर एवं मलका पावर प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर कंपनी के महा प्रबंधक रोहित राज श्रीवास्तव ने खरीद ली। मामले में हड़कम्प तब मचा जब यह पता चला कि उक्त जमीन आदिवासी महिला की है जिसकी मृत्यु सन 1992 में हो चुकी है, अब जो महिला 33 साल पहले ही मर गई वह जिंदा होकर वापस कैसे आई और कैसे अपने जमीन की रजिस्ट्री दो अलग-अलग कंपनियों को कर दी गई। 1954-55 का अधिकार अभिलेख प्रमुख दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है जिसमें नारबदिया बाई का नाम भू स्वामी के रूप में दर्ज है। इस दस्तावेज़ के अनुसार नरबदिया की उम्र उस समय कम से कम 18 वर्ष थी जिससे 2026 में उनकी उम्र 91 वर्ष होनी चाहिए, पर जो महिला को नरबदिया बाई के रूप में प्रस्तुत किया गया है उसकी उम्र 60 वर्ष दर्शाई गई है। नरबदिया बाई आदिवासी थीं पर जिस महिला को यादव बताकर भूमि खरीदी गई है वह यादव है, और वह गाड़ी दादर तहसील पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर की निवासी है। नरबदिया बाई की शादी पेंड्रा के डोगरिया गांव में गोंड समाज नारायण सिंह से ही हुई थी। उनके तीन बेटे थे जिनमें दो की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ा बेटा रामावतार आर्मो जीवित है जिसकी उम्र लगभग 56 वर्ष है। जब नरबदिया बाई के पुत्रों को यह पता चला कि उनकी मां फिर से जीवित होकर आई और अपनी भूमि की रजिस्ट्री कर कर चली गई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई कि जो मां 1992 में मृत हो चुकी है वह वापस कैसे आई। नर्मदा बाई के बड़े पुत्र की उम्र इस समय 56 वर्ष है और वह भी रजिस्ट्री करने वाली महिला से सिर्फ 4 वर्ष छोटा है। पूरे मामले पर अब आदिवासी परिवार शासन प्रशासन की ओर देख रहा है कि उन्हें इस पूरे मामले में न्याय दिलाया जाए। बाइट - राम अवतार सिंह मृतक का पीड़ित बेटा, बाइट हीरालाल मृतक नरबदिया का भाई एवं राम अवतार का मामा ग्राम पंचायत नेवरी पूर्व ग्राम पटेल - जहां भूमि स्थित है। जिन दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री हुई है उसे जब पीड़ित परिवार ने दिखाया तो उन दस्तावेजों में गंभीर कमी थी, मतलब साफ था कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत या दस्तावेजों के टूटी-फूटी सुधार एवं दस्तावेजों के प्रमाणीकरण के रजिस्ट्री होना संभव नहीं था। जैसे अधिकार अभिलेख में महिला का नाम दर्ज होने के बाद उम्र का मिलान नहीं किया गया, न ही उम्र से संबंधित कोई दस्तावेज लिए गए। 2 भूमि खरीद-फरोख्त के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों को किसी अधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया जबकि जमीन की रजिस्ट्री एवं खरीद बिक्री के लिए कम से कम अधिकार अभिलेख की तहसीलदार द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक है। भूमि की खरीदी के लिए बनाए गए दस्तावेजों एवं हल्का पटवारी द्वारा दिए गए चौहद्दी में बड़े अंतर नजर आता है। प्रस्तुत दस्तावेजों में पश्चिम की ओर विष्णु राठौर की भूमि दर्शाई गई है जबकि जो चौहद्दी प्रस्तुत की गई है उसमें शासकीय भूमि दर्ज है। हल्का पटवारी ने कहा कि यह चौहद्दी उसने नहीं बनाई है और न ही हस्ताक्षर हैं। उप पंजीयन ने खुद को पाक साफ बताते हुए कहा कि जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं उनके आधार पर ही रजिस्ट्री की कार्रवाई की गई। मृत आदिवासी महिला को पुनः यादव बनाकर जीवित कर आदिवासी की जमीन बेचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंजीयन के अधिकार सीमित हैं, फिर भी जो दस्तावेज पंजीयन कार्यालय में जमा किए गए हैं उसके आधार पर कोर्ट में इस मामले को चलाया जा सकता है। पूरी जमीन की खरीद-फरोख्त में दो गवाह के नाम भी सामने आए, جو दोनों ही रजिस्ट्री में समान रूप से हैं: जुनैद गनी उम्र 43 वर्ष रायपुर श्री Ram नगर शंकर नगर, और बाबूलाल उम्र 40 वर्ष ग्राम लखौरा तहसील पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर के निवासी हैं। बाइट 01 रोहित भगत (पटवारी), बाइट 02 आशुतोष अग्रवाल (उप पंजीयक) से लेकर यह तय किया गया कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार चला कर प्रशासनिक कसावट लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि भू माफिया अधिकारियों से साठ गांठ कर आदिवासियों की जमीन वापस की जाए और फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचने वालों पर कार्रवाई हो सके।
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चमोली के नारायणबगड़ में भारी मूसलाधार वर्षा से मलबा—हाईवे बाधित, नुकसान

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:चमोली/ उत्तराखंड चमोली जनपद में मानसून सीजन शुरू होने से पहले ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। नारायणबगड़ क्षेत्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। तेज बारिश के बाद भारी मात्रा में मलबा बाजार, स्कूल, दुकानों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए, जिससे हाईवे घंटों बाधित रहा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई。 बृहस्पतिवार देर रात हुई अतिवृष्टि के बाद नारायणबगड़ बाजार में पत्थर और मिट्टी का भारी मलबा भर गया। राजकीय इंटर कॉलेज परिसर, कई दुकानों और खड़े वाहनों में मलबा घुस गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह मलबे से पट गया, जिससे यातायात ठप हो गया। सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची और मार्ग को खोलने का कार्य शुरू किया। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले 8 से 10 वर्षों से हर बारिश में इसी स्थान पर मलबा आने की समस्या बनी हुई है। यहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी लगातार खतरे की जद में है, लेकिन अब तक कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र के लिए अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। गौरतलब है कि चमोली जिला आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। पिछले वर्ष थराली और चेपड़ों क्षेत्र में आई आपदा में भी भारी नुकसान हुआ था। कई दुकानों में मलबा घुस गया था, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ। चेपड़ों गांव के निवासी गंगादत्त जोशी इस आपदा में बह गए थे, जिनका आज तक कोई पता नहीं चल पाया है।
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श्रावस्ती में मोहर्रम दौरान डीएम-एसपी ने फ्लैग मार्च से शांति बनाए रखने की अपील

Shravasti, Uttar Pradesh:श्रावस्ती जिले में मोहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पुलिस बल के साथ भिनगा नगर में फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। मोहर्रम को लेकर श्रावस्ती पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भारी पुलिस बल के साथ भिनगा नगर के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग marcher किया। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। फ्लैग मार्च के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या कानून व्यवस्था से जुड़ी सूचना तत्काल संबंधित मजिस्ट्रेट या थाना प्रभारी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने साफ किया है कि उपद्रवियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। वहीं सोशल मीडिया पर भड़काऊ या सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वालों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि मोहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
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DSPMU रांची सिंडिकेट ने नई योजनाओं को मंजूरी देकर सुधार का रास्ता साफ किया

Ranchi, Jharkhand:लंबे समय के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची में सिंडिकेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुलपति प्रो. राजीव मनोहर, रजिस्ट्रार, सिंडिकेट सदस्य डी.के. सिंह समेत कई सदस्य मौजूद रहे। इस बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, वित्तीय और शैक्षणिक मामलों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में फाइनेंस कमेटी और एकेडमिक काउंसिल की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों को सिंडिकेट के समक्ष रखा गया। इन प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की नई योजनाओं पर भी सहमति बनी। छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए शोधार्थियों के लिए रिवॉर्ड स्कीम, टॉपर छात्रों को टीचिंग असिस्टेंट के रूप में प्रशिक्षण देने की योजना तथा मेंटर-मेंटी स्कीम को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा "विश्वास" और "शाइन" जैसी नई पहल के तहत पढ़ाई में पीछे रह जाने वाले छात्रों के लिए प्रत्येक विभाग में विशेष कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद कुलपति प्रो. राजीव मनोहर ने बताया कि पिछले छह से आठ महीनों से सिंडिकेट, फाइनेंस कमेटी और एकेडमिक काउंसिल की बैठकें लंबित थीं। अब सभी लंबित मामलों का निपटारा कर नए प्रस्तावों को सिंडिकेट से स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन फैसलों से विश्वविद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से संचालित होगा。
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