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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow29 Apr 2025, 11:20 am
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राजनांदगांव में दो गिरफ्तार, कोतवाली-बसंतपुर क्षेत्र से सात बाइकें बरामद

Rajnandgaon, Chhattisgarh:राजनांदगांव शहर के कोतवाली और बसंतपुर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी के मामलों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की सात दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। दरअसल, बते दिनों कोतवाली और बसंतपुर थाना क्षेत्र में बाइक चोरी की शिकायतें दर्ज हुई थीं। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने देवाशीष और शेख हबीब को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि देवाशीश दोपहिया वाहनों की चोरी करता था, जबकि शेख हबीब चोरी के वाहनों को बेचने का काम करता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सात चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। राजनांदगांव के उप पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस आरोपियों से आगे भी पूछताछ कर रही है, जिससे वाहन चोरी की अन्य वारदातों और इसमें शामिल दूसरे लोगों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। फि लहाल पुलिस की इस कार्रवाई से कोतवाली और बसंतपुर क्षेत्र में हुई कई वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
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दिल्ली के बॉर्डर इलाके में जल जमाव और लकड़ी के पुल: विकास के दावों पर सवाल

New Delhi, Delhi:दिल्ली के बुराड़ी व बादली विधानसभा के सीमावर्ती इलाके के स्वरूप बिहार में नेताओ के झूठे अस्वाशन से टूटी विकास की उम्मीद , गलियों में जलजमाव , टूटे हुए रास्ते , घरों तक पहुचने के लिए लोगो ने बनाई गई पगडंडिया व लकड़ी के पुल। दिल्ली के स्वरूप विहार पार्ट 1 इलाके की जनता दसवीं सदी की तरह नरकीय जीवन जीने पर लोग मजबूर। तस्वीरों म यह इलाका जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे घरों तक पहुंचाने के लिए लोगों ने लकड़ी की पगडंडिया और लकड़ी के पुल बनाए हैं । इसी पुल के नीचे टूटी हुई खस्ताहाल रास्ते और चारों तरफ जल जमाव को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि है तस्वीर राजधानी दिल्ली की नहीं बल्कि किसी ऐसे पिछड़े राज्य की है । जहां तक आज तक विकास नहीं पहुंचा। देश की राजधानी दिल्ली से पूरे भारत का नेतृत्व करने वाले नेताओं की आँखों से क्या यह इलाका ओझल है। दरअसल आपको बता दे यह इलाका बुराड़ी और बादली विधानसभा के बीच सीमावर्ती इलाका होने के चलते यहां पर नेता विकास नहीं करवा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां तमाम गलियों का निर्माण हुआ लेकिन बीच की करीब एक दर्जन से ज्यादा गलियों को छोड़ दिया गया गलियों में बहुत ज्यादा पानी भर जाने की वजह से लोगों ने घर तक पहुंचाने के गलियों परमानेंट लकड़ी के पुल बना दिए हैं । जिसके माध्यम से लोग बड़े बच्चे अपने घरों तक पहुंचाते हैं। स्थानीय जनता का आरोप है कि वह बुराड़ी से Aap विधायक संजीव झा और बादली से BJP विधायक दीपक चौधरी पास भी गए लेकिन यहां दोनों ही विधायको ने यह कह कर गलियों का निर्माण पर बात करने के बजाए यह कहकर मना कर दिया कि यह इलाका उनके अधीन नहीं आता। बुराड़ी में एक तरफ सांसद मनोज तिवारी दिल्ली सरकार का नाम लेकर 46 करोड रुपए की परियोजना का उद्घाटन करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ उसी बुराड़ी के स्वरूप बिहार के लोग विकास की राह तक रहे हैं। फिलहाल स्थानीय लोगों की मांग है कि स्वरूप बिहार पार्ट वन की एक दर्जन से ज्यादा कालोनियां में विकास नहीं हुआ। जिसकी वजह से लोग आए दिन हादसे की शिकार होते हैं जहरीले कीड़े मकोड़े साँप बिच्छू मासूम बच्चों को दश रहे हैं। जल्द गलियों का निर्माण कार्य करवाया जाए। बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब यहां विधायक काम करने में असमर्थ हैं तो सांसद इस इलाके की सुध ले विकास कराए。
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सतना: टिकुरिया टोला कृष्णा कॉलोनी में कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा

Satna, Madhya Pradesh:Anchor सतना। कोलगवां थाना क्षेत्र के टिकुरिया टोला स्थित कृष्णा कॉलोनी में रविवार को कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा हो गया। एक मकान में चंगाई सभा के जरिए धर्मांतरण कराए जाने की शिकायत पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। सूचना के बाद कोलगवां पुलिस भी पहुंची और मकान में मौजूद लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ शुक्ला के मुताबिक, संगठन को सूचना मिली थी कि मकान में लोगों को एकत्र कर पूजा-पाठ के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर घर में कई महिला-पुरुष मौजूद मिले। पुलिस की मौजूदगी में मकान की जांच की गई, जहां से क्रॉस और धार्मिक पुस्तकें मिलने की बात कही गई है। सात मिशनरी समेत कई लोगों से पूछताछ ऋषभ शुक्ला का दावा है कि पुलिस ने मौके से सात मिशनरी समेत कुछ अन्य महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया है। आरोप है कि लोगों को आर्थिक मदद और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर सभा में बुलाया जाता था। कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने का भी दावा किया गया है। पुलिस ने सभी संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मकान में वास्तव में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही थीं या नहीं। मामले में फिलहाल जांच जारी है।
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झाझा के सीएचसी में लेप्रा केंद्र के लिए कमरा नहीं, पानी टंकी के नीचे केंद्र

Jamui, Bihar:जमुई जिले का झाझा रेफरल अस्पताल इन दिनों अपनी अनोखी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। चर्चा इसलिए भी जायज है, क्योंकि करीब 5 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नई अत्याधुनिक बिल्डिंग बनाई गई, जिसे अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी का नाम दिया गया है। लेकिन विडंबना देखिए कि करोड़ों की नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अस्पताल का एक महत्वपूर्ण विभाग आज भी महज एक कमरे के लिए मोहताज है। दरअसल, कुष्ठ और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए संचालित लेप्रा सोसायटी रेफरल सेंटर आज भी अस्पताल परिसर में नल-जल योजना की पानी टंकी के नीचे गार्ड के लिए बनाए गए छोटे से कमरे में चल रहा है। पिछले करीब दो वर्षों से यह केंद्र इसी अस्थायी व्यवस्था में संचालित हो रहा है। वर्ष 2021 में लेप्रा सेंटर का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था और अप्रैल 2022 में इसका संचालन शुरू किया गया था। उस समय यह केंद्र पुराने रेफरल अस्पताल परिसर में चलता था। पुराने जर्जर भवन को तोड़कर नए सीएचसी भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जून 2024 में लेप्रा सेंटर को अस्पताल परिसर में बनी नल-जल योजना की पानी टंकी के एक छोटे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। तब से आज तक यह केंद्र उसी कमरे में संचालित हो रहा है। लेप्रा सेंटर के जिला समन्वयक सतेंद्र मिश्रा और एमआईएस मो. इरशाद के मुताबिक, महज 8 से 10 फीट के कमरे में मरीजों की जांच, दवा वितरण, कागजात सुरक्षित रखने और फाइलेरिया मरीजों के लिए विशेष चप्पल तैयार करने का काम करना पड़ रहा है। जगह इतनी कम है कि मरीजों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी सीमित संसाधनों में काम करना पड़ रहा है। पुराने अस्पताल भवन को तोड़े जाने के समय तत्कालीन स्वास्थ्य प्रबंधक सुभाष चंद्र ने नए सीएचसी भवन में लेप्रा सेंटर के लिए अलग कमरा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन नया भवन बनकर तैयार होने के बाद भी अब तक सेंटर को अपना अलग कमरा नहीं मिल सका है। चर्चा भी क्यों न हो? 21वीं सदी में, आजादी के इतने वर्षों बाद भी अगर कुष्ठ और फाइलेरिया जैसे गंभीर रोगों के मरीजों का इलाज पानी की टंकी के नीचे बने छोटे से कमरे में हो, तो सवाल उठना लाजिमी है। लिहाजा करोड़ों रुपये की लागत से बनी नई स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच यह तस्वीर व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। बिहार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे और वादे करती है। ऐसे में झाझा का यह रेफरल अस्पताल इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। स्वास्थ्य विभाग के मंत्री निशांत कुमार को भी इस तस्वीर पर गौर करना चाहिए, क्योंकि करोड़ों रुपये की नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अगर मरीजों के इलाज से जुड़े एक विभाग को एक अदद कमरे के लिए इंतजार करना पड़े, तो यह निश्चित तौर पर गंभीर मामला है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। सीएचसी झाझा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवाब अख्तर इकबाल ने कहा कि अस्पताल में कमरों की उपलब्धता को लेकर व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही लेप्रा सोसायटी रेफरल सेंटर को सीएचसी भवन में अलग कमरा उपलब्ध करा दिया जाएगा, ताकि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को लेकर क्या कार्रवाई करता है और पानी की टंकी के नीचे चल रहा यह लेप्रा सेंटर आखिर कब तक अपने अलग कमरे में शिफ्ट हो पाता है।
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संजू देवी की गोल्ड जीत पर पाली में छत्तीसगढ़ी बेटी का भव्य स्वागत

Korba, Chhattisgarh:एंकर: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ के कोरबा की बेटी संजू देवी का गृह ग्राम पाली पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने आतिशबाजी व गाजे-बाजे के साथ उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधायक तुलेश्वर सिंह मरकम ने कहा कि यह संजू देवी और उनके माता-पिता के कड़े संघर्ष का ही परिणाम है, जिसकी बदौलत आज इस बेटी ने पूरे देश में क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विधायक ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव की बेटी ने देश के लिए गोल्ड जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। वहीं, गोल्ड मेडलिस्ट संजू देवी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों, کوच और समर्थकों को देते हुए सभी का आभार जताया।
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नरसिंहपुर SBI ACB शाखा में टिफिन विवाद पर गार्ड ने गोली चलाई

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर नरसिंहपुर में SBI की ACB शाखा में टिफिन को लेकर विवाद, गार्ड ने बंदूक से की फायरिंग घटना बीती रात 9 बजे की है टिफिन सेंटर संचालक और बैंक गार्ड के बीच एक टिफिन कम आने को लेकर विवाद हुआ विवाद बढ़ने पर गार्ड राजकुमार ने अपनी बंदूक से फायरिंग कर दी गोली चलने के बाद बैंक के पास मौजूद लोगों में मची अफरा-तफरी, लोग जान बचाकर छिपे घटना के वक्त बैंक में फर्नीचर का काम चल रहा था, मजदूरों के लिए आया था टिफिन सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, गार्ड को हिरासत में लिया पुलिस ने बंदूक कब्जे में लेकर फायरिंग के कारणों और घटना में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की
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40 डिग्री तापमान में कुरजां लूणकरणसर पहुंचे, रिकॉर्ड प्रवास

Bikaner, Rajasthan:40 डिग्री तापमान के बीच लूणकरणसर पहुंचीं हजारों कुरजां मंगोलिया के अल्ताई पर्वतीय क्षेत्र से करीब 2 हजार किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचीं पक्षी अब तक करीब 20 हजार कुरजां के पहुंचने का अनुमान GPS ट्रैकिंग से सामने आया कुरजां के लंबे प्रवास का रोमांचक सफर मार्च के अंत तक लूणकरणसर में रहने की संभावना बीकानेर जिले के लूणकरणसर में एक बार फिर विदेशी मेहमान कुरजां का आगमन शुरू हो गया है खास बात ये है कि बीकानेर में तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बावजूद हजारों कुरजां अपने तय समय पर लूणकरणसर पहुंच गई हैं अब तक करीब 20 हजार कुरजां के यहां पहुंचने का अनुमान है पक्षी विशेषज्ञ डॉ. दाऊ बोहरा के अनुसार, कुरजां पश्चिमी मंगोलिया के होव्द-उल्गी क्षेत्र के पास से उड़ान भरकर अल्ताई पर्वतमाला, चीन के शिनजियांग और काशगर होते हुए आगे बढ़ती हैं इसके बाद पामीर, काराकोरम और हिमालयी पर्वतीय क्षेत्रों को पार कर उत्तरी भारत में प्रवेश करती हैं और करीब 2 हजार किलोमीटर का सफर तय कर लूणकरणसर पहुंचती हैं लूणकरणसर की झील, जलाशय और आसपास के खुले मैदान कुरजां को पानी, भोजन और रात में ठहरने के लिए अनुकूल वातावरण देते हैं क्षेत्र में कुरजां का मौसमी आगमन दो दशक से अधिक समय से देखा जा रहा है सर्दियों के दौरान यहां प्रवास करने والی कुरजां के मार्च के अंत तक रहने की संभावना है 3 अक्टूबर को टैग की गई कुरजां का यहां पहुंचना भी पक्षी विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माना जा रहा है।
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