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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow29 Oct 2024, 06:29 am

मोरावन गांव के ग्रामीणों का वोट बहिष्कार का निर्णय, PM आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से नाराज

Vijaypur, Madhya Pradesh:

विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के कराहल जनपद स्थित मोरावन गांव के ग्रामीणों ने आगामी 13 नवंबर को चुनावों में वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला है जिससे वे नाराज हैं। गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर चर्चा की और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर पंचायत और प्रखंड तक अपनी समस्याओं को साझा किया। हालांकि, किसी ने भी उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास नहीं किया, जिसके चलते ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का फैसला लिया है।

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हाजीपुर-बछवाड़ा रेलखंड के महनार रोड स्टेशन पर कैंटीन कर्मी और युवक के बीच मारपीट, वीडियो वायरल

Hajipur, Bihar:हाजीपुर-बछवाड़ा रेलखंड पर स्थित महनार रोड रेलवे स्टेशन परिसर में देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब प्लेटफॉर्म संख्या एक पर कैंटीन दुकान के एक कर्मी और एक युवक के बीच जमकर मारपीट हो गई।मारपीट के दौरान स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों के बीच भी दहशत का माहौल बन गया।बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर कैंटीन कर्मी और युवक के बीच विवाद हो गया जिसके बाद दोनों के बीच प्लेटफॉर्म पर ही मारपीट शुरू हो गई।इसी दौरान कैंटीन कर्मी युवक ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया।आरोप है कि इसके बाद उक्त युवक को खदेड़कर फिर से पीटा गया। मारपीट के कारण कुछ देर के लिए पूरा स्टेशन परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और यात्री सहमे नजर आए।हालांकि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और स्टेशन प्रबंधन की ओर से भी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार किया गया।लेकिन मारपीट का किसी यात्री ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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गुमला में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम से विद्यार्थी और शिक्षकों ने सुरक्षा उपाय अपनाए

Gumla, Jharkhand:साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी : उपायुक्त नगर भवन में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित1930 साइबर हेल्पलाइन सहित डिजिटल सुरक्षा के बताए गए महत्वपूर्ण उपाय गुमला। नगर भवन, गुमला में जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से स्कूली विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। उपायुक्त ने कहा कि मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आधार, बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की। उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने साइबर अपराध के बदलते तरीकों और सोशल मीडिया के बढ़ते खतरे को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल एप्लीकेशन को अनावश्यक कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन की अनुमति देने से बचना चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी फोटो, वीडियो, लोकेशन और दैनिक गतिविधियों को सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी फोटो और वीडियो का दुरुपयोग कर फर्जी सामग्री तैयार कर सकते हैं। यदि किसी विद्यार्थी को ऑनलाइन परेशान किया जाता है या ब्लैकमेल करने का प्रयास होता है, तो डरने के बजाय तुरंत अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। एसडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव ने विद्यार्थियों से अनधिकृत लिंक पर क्लिक नहीं करने और संदिग्ध वेबसाइटों व संदेशों से दूर रहने की अपील की। वहीं, एसडीपीओ बसिया ने भी ऑनलाइन गतिविधियों में सावधानी बरतने और निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लॉटरी, इनाम, नौकरी और सस्ते ऑफर के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। उन्हें जानकारी दी गई कि बैंक या कोई सरकारी अधिकारी कभी भी ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध की शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, आपातकालीन सहायता नंबर 112 और महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए साइबर अपराध की पहचान, उससे बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” का संदेश देते हुए डिजिटल दुनिया में जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत बेटियों को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, एसडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव, एसडीपीओ बसिया, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मी, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे。
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पंचकूला में पीएमआईएस जागरूकता कार्यशाला: 18–25 आयु के युवाओं को छह–नौ माह इंटर्नशिप

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग द्वारा आज पंचकूला में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) पर राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन ने की। कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना भारत सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को देश की शीर्ष 2,000 कंपनियों में छह से नौ माह की अवधि के लिए इंटर्नशिप का अवसर उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक इंटर्न को प्रतिमाह 9,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसके साथ उन्हें कार्यस्थल पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के साथ-साथ प्रतिष्ठित कंपनियों में नियमित रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। प्रधान सचिव ने बताया कि कक्षा 10वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, स्नातक अथवा स्नातकोत्तर उत्तीर्ण ऐसे अभ्यर्थी, जो वर्तमान में पूर्णकालिक रोजगार में कार्यरत नहीं हैं, वे कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पोर्टल पर आवेदन करने के पात्र हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा अन्य शिक्षण संस्थानों से पात्र विद्यार्थियों एवं उत्तीर्ण युवाओं को योजना में पंजीकरण के लिए प्रेरित करने और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने आगे बताया कि मासिक वित्तीय सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक चयनित इंटर्न को 6,000 रुपये की एकमुश्त आकस्मिक अनुदान राशि भी प्रदान की जाती है, जिसे भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दो किस्तों में जारी किया जाता है। इसके अलावा, इंटर्न को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के समकक्ष जीवन एवं व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों को योजना के उद्देश्यों, पात्रता, पंजीकरण प्रक्रिया एवं प्रभावी क्रियान्वयन रणनीति के प्रति जागरूक करना है। प्रतिभागियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अधिकतम युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा हरियाणा के पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने का आग्रह किया गया।
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हरियाणा ने चार नई अनुबंध श्रेणियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल 31 जुलाई तक पुनः खोल दिया

Chandigarh, Chandigarh:31 जुलाई तक कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीकरण Chandigarh, 22 जुलाई- हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे का विस्तार करते हुए चार अतिरिक्त श्रेणियों के अनुबंध कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पुनः खोल दिया है, ताकि उन्हें भी राज्य की सेवा सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सके। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नई अधिसूचित श्रेणियों के पात्र कर्मचारी www.secureemployees.csharyana.gov.in पोर्टल पर 31 जुलाई तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनके सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा, जिसके उपरांत हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत उनके नामों पर विचार किया जाएगा। पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल की गई नई श्रेणियों में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी एवं कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विभाग (हारट्रॉन को छोड़कर) के माध्यम से कार्यरत अनुबंध कर्मचारी तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी शामिल हैं। ये श्रेणियां पूर्व में चलाए गए पंजीकरण अभियान में शामिल नहीं थीं। आवेदनों के समयबद्ध निपटान के लिए सरकार ने तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित की है। इसके अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण 31 जुलाई तक किया जा सकेगा। इसके बाद संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को 7 अगस्त तक सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा करना होगा। अंतिम जांच एवं अनुमोदन संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा 15 अगस्त तक किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष तथा सभी उपायुक्तों को पत्र भेजा गया है। साथ ही, उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी केवल प्रक्रियागत विलंब के कारण अधिनियम के लाभ से वंचित न रह जाए।
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हिसार के महावीर स्टेडियम के सिंथेटिक कोर्ट की सतह उखड़ी; समिति जांच मांग

Chandigarh, Chandigarh:हिसार के सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट पर विवाद, एक हफ्ते में उखड़ी सतह हिसार के महावीर स्टेडियम में बने सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट की गुणवत्ता पर उठे सवाल。 निर्माण के करीब एक सप्ताह के भीतर कई जगहों से उखड़ने लगी सिंथेटिक सतह。 हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की。 खेल विभाग के प्रधान सचिव को भेजा गया शिकायत पत्र。 निर्माण एजेंसी, इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता मानकों की निष्पक्ष जांच की मांग。 हरियाणा बास्केटबॉल संघ के विशेषज्ञों से स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन कराने का सुझाव。 जाँच में गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों, निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग。 एसोसिएशन का बयान, खिलाड़ियों की सुरक्षा और सरकारी धन से बने खेल ढांचे की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।
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फर्रुखाबाद के कूड़ा निस्तारण पर सवाल, केंद्र के बावजूद सड़क पर कूड़ा क्यों?

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में करोड़ों रुपये खर्च कर कूड़ा निस्तारण की योजनाएं चलाई जा रही हैं। नगर पालिका के दावे हैं कि शहर का कचरा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है. हेवतपुर गढ़िया तिराहा पर मात्र चार मीटर चौड़ी सड़क में लगभग आधी सड़क कूड़े के विशाल ढेरों ने घेर रखी है। हैरानी की बात यह है कि यहां से महज दो किलोमीटर दूर कूड़ा निस्तारण केंद्र मौजूद है। सवाल यह है कि जब निस्तारण केंद्र बना हुआ है, तो फिर सड़क ही डंपिंग यार्ड क्यों बन गई है? यह तस्वीरें सिर्फ गंदगी की नहीं, बल्कि व्यवस्था पर उठते गंभीर सवालों की हैं। सड़क पर फैले कूड़े के ढेरों के बीच से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और ग्रामीण रोज जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। बरसात में यही कचरा सड़ता है, दुर्गंध फैलाता है और बीमारियों को न्योता देता है. ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से यही हाल है। शिकायतें हुईं, अधिकारी आए, लेकिन हालात नहीं बदले। कूड़ा जस का तस पड़ा रहा और लोग बीमारी व बदबू झेलते रहे. स्थानीय लोगों का आरोप इससे भी गंभीर है। उनका कहना है कि हर महीने नालों की सफाई के नाम पर हजारों टन कचरा निकाला जाता है, लेकिन उसका स्थायी निस्तारण नहीं किया जाता। कचरे को सड़क किनारे डाल दिया जाता है। फिर बारिश आते ही वही कचरा दोबारा नाले में बह जाता है और कुछ दिन बाद उसे फिर जेसीबी से निकालकर सड़क पर डाल दिया जाता है. यानी वही कचरा... वही प्रक्रिया... और सरकारी खर्च का वही सिलसिला. अगर यह आरोप सही हैं, तो सवाल उठता है कि आखिर जेसीबी, डीजल और सफाई पर खर्च होने वाला सरकारी पैसा किसके हित में खर्च हो रहा है? जनता की सुविधा के लिए या सिर्फ कागजों में काम दिखाने के लिए? जानकार बताते हैं कि एक जेसीबी मशीन प्रति घंटे लगभग पांच लीटर डीजल खर्च करती है और एक छोटे हिस्से के नाले की सफाई में पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में हर महीने होने वाले इस कार्य पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया जाता है। लेकिन यदि कचरा अंततः सड़क पर ही पड़ा रहे, तो इस खर्च का औचित्य क्या है? जिले से प्रतिदिन करीब 97 टन कचरा निकलता है। बड़ा सवाल यह है कि इस कचरे का वास्तविक वैज्ञानिक निस्तारण कहां हो रहा है? यदि निस्तारण केंद्र संचालित है, तो फिर सड़कों पर कूड़े के पहाड़ क्यों दिखाई दे रहे हैं? गांव के लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांवों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। कई ग्रामीणों ने तो यहां तक कह दिया कि यदि हालात नहीं बदले, तो इस बार वोट देने पर भी विचार करेंगे. यह सिर्फ गंदगी का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का भी सवाल है. जब करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद सड़कें ही कूड़ा घर बन जाएं, जब निस्तारण केंद्र होने के बावजूद कचरा लोगों के दरवाजे पर सड़ता रहे, और जब ग्रामीण बीमारी व बदबू के बीच जीने को मजबूर हों, तब सवाल सिर्फ सफाई व्यवस्था का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का बन जाता है. अब देखना यह होगा कि नगर पालिका इन सवालों का जवाब देती है या फिर कूड़े के इन ढेरों की तरह भ्रष्टाचार के आरोप भी यूं ही सड़क पर पड़े रहेंगे.
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चिड़ावा में EWS आरक्षण हेतु 10% प्रस्ताव, आयोग गठन की मांग तेज

Jhunjhunu, Rajasthan:चिड़ावा में EWS राजनीतिक आरक्षण की उठी मांग विप्र फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन निकाय-पंचायत चुनावों में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रदेश में EWS आयोग गठन की भी उठाई मांग पूर्व चेयरमैन सुभाष शर्मा के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन खर्चीले चुनावों से EWS वर्ग हो रहा दूर— शर्मा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिले राजनीतिक प्रतिनिधित्व झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में विप्र फाउंडेशन की ओर से एसडीएम किरणपाल को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में प्रस्तावित निकाय एवं पंचायत चुनावों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण देने तथा EWS आयोग के गठन की मांग उठाई गई। पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सुभाष शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आरक्षण के माध्यम से राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाता है। इसी प्रकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 10 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण का प्रावधान किया जाना चाहिए। सुभाष शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में चुनाव अत्यधिक खर्चीले हो चुके हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई योग्य और सक्षम लोग संसाधनों के अभाव में चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते हैं। यदि EWS वर्ग को राजनीतिक आरक्षण मिलेगा तो उन्हें भी जनप्रतिनिधि बनने और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा। ज्ञापन में प्रदेश सरकार से EWS आयोग के गठन की भी मांग की गई, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों की सुरक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान तथा विभिन्न योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की सके। विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने की अपील की।
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संतकबीरनगर में एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत वाले लेखपाल अभय सिंह को गिरफ्तार किया

Uska Khurd, Uttar Pradesh:संतकबीरनगर में एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी लेखपाल अभय सिंह को 10 हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है । लेखपाल अभय सिंह क्षेत्र के जिगिना गांव में तैनात है। गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इसने गांव के किसान कन्हैया लाल से जमीन के मामले के निस्तारण के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित किसान ने इस मामले में एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। मामले को संज्ञान में लेकर एंटी करप्शन टीम धनघटा तहसील परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय पहुंची जहां से टीम ने लेखपाल अभय सिंह को किसान से 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एंटी करप्शन टीम लेखपाल को लेकर महुली थाना पहुंची जहां रिश्वतखोर लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया ।
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हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन: 140 महाभ्रष्ट अधिकारियों की पहचान

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा में भ्रष्टाचारियों पर बड़ा एक्शन, 140 'महाभ्रष्ट' अधिकारियों-कर्मचारियों की लिस्ट तैयार जिनके खिलाफ मिली लगातार शिकायतें हरियाणा विजिलेंस का भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान। 140 कथित 'महाभ्रष्ट' अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान। एसीबी प्रमुख अरशिन्दर सिंह चاؤला ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश। सूची में शामिल सभी आरोपियों पर कार्रवाई का लक्ष्य। जनवरी 2022 से जून 2026 तक 92 सफल ट्रैप और रेड। शिकायतकर्ता को बताया विजिलेंस की सबसे बड़ी ताकत। रिश्वत लेने वालों पर बिना किसी भेदभाव के होगी कार्रवाई। 2 लाख रुपये या उससे अधिक की रिश्वत के सफल ट्रैप पर अधिकारियों को मिलेगा 'क्लास-1 सर्टिफिकेट'। ट्रैप ऑपरेशन में हाई-टेक उपकरणों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर। भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1800-180-2022 और 1064 के प्रचार के निर्देश। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वर्ण एवं रजत पदकों से सम्मानित किया गया। अरशिन्दर सिंह चावला ने कहा कि "हरियाणा में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं, जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"
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अंता के ट्रॉमा सेंटर में दरारें, घटिया निर्माण की पोल खुली

Baran, Rajasthan:बारां जिले के अंता में 2 करोड़ की लागत से बनाए गए ट्रॉमा सेंटर भवन में आई दरारें घटिया निर्माण की पोल खोल रही हे वही निर्माण कार्य की गुणवक्ता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हे। बताए राज्य सरकार द्वारा सीएडी कॉलोनी परिसर में 2 करोड़ की लागत से कस्बे में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य कराया गया हे जिसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका हे साथ ही चिकित्सा विभाग को सुपुर्द किया गया हे परन्तु उद्घाटन से पूर्व ही भवन में जगह जगह दरारें दिखाई देने लगी हे ऐसे में विभाग के अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही हे जिनकी देख रेख में इसका निर्माण कार्य करवाया गया हे। अभी हाल ही में जिला कलेक्टर बाल मुकुंद असावा द्वारा ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान नव निर्मित भवन की दरारें सामने आई। दूसरी ओर उप जिला चिकित्सालय प्रभारी हरिश मीणा का कहना हे कि ट्रॉमा सेंटर का घटिया निर्माण के चलते ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा
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